2 लाख का चारा जला, राजस्थान-केकड़ी में बाड़े में आग से दहशत

केकड़ी. केकड़ी जिले के ग्राम सांपला में मंगलवार को राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल के पीछे एक बाड़े में आग लगने से 2 लाख रुपए का चारा जल कर राख हो गया। अचानक आग की लपटें देखकर हड़कंप मच गया और ग्रामीण आग बुझाने दौड़ पड़े। जिसके हाथ, जो बाल्टी, बर्तन आया, उसमें पानी भर-भरकर आग बुझाने के जतन किये गए। इसी दौरान पता चलते ही गांव के पानी सप्लाई करने वाले टैंकर भी मौके पर पहुंच गए, जिनकी मदद से आखिरकार आग पर काबू पा लिया गया। अन्यथा आग फैलने का खतरा पैदा हो गया था। समीप ही स्थित हायर सेकंडरी स्कूल में भी आग पहुंचने व फर्नीचर वगैरह जलने से बड़ा नुकसान होने की आशंका बन गई थी। दोपहर का समय होने के कारण ग्रामीणों को आग बुझाने के इंतजाम जुटाने में आसानी रही। दीपावली पर्व की तैयारियों में अपने-अपने घरों की साफ सफाई व सजावट करने में जुटे लोग अचानक आग लगने की इस घटना से अस्त व्यस्त हो गए। ग्रामीणों की सजगता के कारण समय रहते आग बुझा लेने से आग विकराल रूप धारण न कर सकी, जिससे आसपास के मकानों में नुकसान होने से बच गया। आग लगने की चपेट में आये बाड़े के समीप ही अन्य बाड़े व आवासीय मकान बने हुए हैं। आग यदि बेकाबू हो जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था, लेकिन आग लगते ही उसका पता चल गया और ग्रामीण तुरन्त मौके पर आग बुझाने में जुट गए, फिर भी आग की चपेट में करीब 2 लाख रुपये का चारा जलकर राख हो गया। बाड़े में बहुत मात्रा में चारा मौजूद था, मगर थोड़ी देर में ही आग बुझा ली गई, जिससे आग फैलने से बच गई। recent visitors 79

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि लोग अच्छे से दिवाली मनाएं, दो तरह की बातें करने वालों पर रख दें सुतली बम

छतरपुर  दिवाली पर पटाखा छोड़ने को लेकर कई लोग सवाल उठा रहे हैं। साथ ही प्रदूषण की वजह से पटाखा नहीं छोड़ने की सलाह दे रहे हैं। इसे लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कड़क तेवर दिखाए हैं। उन्होंने कहा है कि हम दोपक्षीय बात करने वालों पर ही सुतली बम रख देंगे। बागेश्वर बाबा ने कहा है कि लोग जमकर दिवाली पर पटाखे फोड़ें। हिंदू धर्म के त्यौहार पर होने लगती है ऐसी बात बाबा बागेश्वर ने पहले लोगों को दिवाली की शुभकामनाएं दी हैं। इसके बाद कहा है कि दिवाली को अच्छे से मनाओ। पटाखों को लेकर उठ रहे सवाल पर बागेश्वर बाबा ने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है। उन्होंने कहा कि जब भी हिंदू धर्म की बात आती है तो उनके त्यौहार पर लोग सवाल उठाने लगते हैं। कभी कानून की बात होने लगती है तो कभी रोक लगाने की बात। गरीबों में बांट दें तो भला हो जाएगा इसके साथ ही पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हमने कल ही एक खबर देखी कि दिवाली पर दीए में इतने तेल और घी जलाए जाते हैं। इसे अगर गरीबों में बांट दें तो भला हो जाएगा। अब महा मूर्खानंद को कहना चाहते हैं कि इस देश में बकरीद भी तो होती है। बकरीद को भी बंद करवा दो। लाखों रुपए के जो बकरे काटे जाते हैं उन रुपए को गरीबों में बांट दो। इससे जीव हिंसा पर भी रोक लगेगी। न्यू ईयर पर भी तो फोड़ते हैं पटाखा इसके साथ ही बागेश्वर बाबा ने कहा कि दिवाली के पटाखे पर लोग सवाल उठा रहे हैं। लेकिन वे लोग हैप्पी न्यू ईयर के नाम पर जो पटाखे छोड़े जाते हैं, उन पर तो कई सवाल नहीं उठाता है। पूरी दुनिया में उस समय पटाखे फूटते हैं ये ज्ञान देने वाले लोग चुप क्यों रहते हैं। उस समय का क्या कोई प्रदूषण नहीं होता है लेकिन दिवाली आते ही सारी चीजें शुरू हो जाती हैं। होली में पानी खराब होने लगता है। खून खराबा होता है तो ये लोग ज्ञान नहीं देते हैं। ऐसे लोग उस समय कानून लाने की बात नहीं करते हैं। दोपक्षीय बात करने वालों पर सुतली बम रख दें पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि ऐसे दो पक्षीय लोगों पर सुतली बम रख दें। मैं सुतली बम खरीदकर लाया हूं। उन्होंने कहा कि हम तो सुतली बम खरीदकर लाए हैं। हम सभी लोग अच्छे से दिवाली मनाएं। recent visitors 76

28 वर्षों में पहली बार होगा जब अफगानिस्तान के खिलाफ जिम्बाब्वे बॉक्सिंग डे टेस्ट की मेजबानी करेगा

हरारे जिम्बाब्वे और अफगानिस्तान बुलावायो में दो टेस्ट मैच खेलेंगे – पहला बॉक्सिंग डे (26 दिसंबर) से शुरू होगा और दूसरा नए साल की शुरुआत में (2 जनवरी), दोनों देशों के बोर्ड ने एक संयुक्त बयान में घोषणा की। यह 28 वर्षों में पहली बार होगा जब जिम्बाब्वे बॉक्सिंग डे टेस्ट की मेजबानी करेगा। अफगानिस्तान का दौरा हरारे में तीन टी20आई और इतने ही वनडे मैचों के साथ शुरू होगा, जिसके बाद अफगानी टीम दो टेस्ट मैचों के लिए बुलावायो जाएगी। जिम्बाब्वे क्रिकेट के अध्यक्ष तवेंग्वा मुकुहलानी ने एक बयान में कहा, बॉक्सिंग डे और नए साल के टेस्ट मैच प्रतिष्ठित क्रिकेट मैच हैं जिन्हें हम इस त्यौहारी सीजन में अपने कैलेंडर में जोड़कर खुश हैं और हम खेल के लंबे इतिहास की सबसे बेहतरीन परंपराओं में से एक को शानदार तरीके से मनाने के लिए उत्सुक हैं। बुलावायो में होने वाली टेस्ट सीरीज़ से पहले, हम पूरे दौरे को पूरा करने के लिए हरारे में कुछ टी20आई और वनडे मैचों के साथ शुरुआत करेंगे, जो सभी प्रारूपों में अपने खेल को बेहतर बनाने की हमारी प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रदर्शन है। सीरीज की घोषणा पर अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मीरवाइस अशरफ ने कहा, जिम्बाब्वे का सभी प्रारूपों का दौरा हमारे लिए एक महत्वपूर्ण घटना है। जिम्बाब्वे के साथ हमारा समृद्ध इतिहास रहा है, और वहां खेलना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन मुझे विश्वास है कि यह एक ऐसी चुनौती है जिसका सामना अफगान अटलान आत्मविश्वास के साथ कर सकता है। दौरे का कार्यक्रम: 9 दिसंबर – पहला टी20 मैच, हरारे 11 दिसंबर – दूसरा टी20 मैच, हरारे 12 दिसंबर – तीसरा टी20 मैच, हरारे 15 दिसंबर – पहला वनडे, हरारे 17 दिसंबर – दूसरा वनडे, हरारे 19 दिसंबर – तीसरा वनडे, हरारे 26-30 दिसंबर – पहला टेस्ट, बुलावायो 2-6 जनवरी – दूसरा टेस्ट, बुलावायो   recent visitors 63

जैरी पर जीत के साथ पेरिस मास्टर्स के तीसरे दौर में पहुंचे अल्काराज

पेरिस कार्लोस अल्काराज़ ने पेरिस मास्टर्स में निकोलस जैरी पर 7-5, 6-1 से जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की और तीसरे दौर में प्रवेश किया। एटीपी स्टैट्स के अनुसार, फरवरी में ब्यूनस आयर्स सेमीफाइनल में चिली के खिलाड़ी से हारने वाले अल्काराज़ ने वापसी पर अपनी क्लास का प्रदर्शन करते हुए 80 प्रतिशत (4/5) ब्रेक पॉइंट्स को कन्वर्ट किया। चूंकि स्पैनियार्ड लगातार तीसरे सीजन में पांच या उससे अधिक एटीपी टूर खिताब जीतने की अपनी खोज जारी रखता है, इसलिए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के लिए उसका सामना घरेलू उम्मीद उगो हम्बर्ट या क्वालीफायर मार्कोस गिरोन से होगा।अल्काराज़ ने बढ़त लेने में बहुत कम समय बर्बाद किया, दूसरे गेम में जैरी की सर्विस तोड़ने के लिए 0/40 से लगातार पांच पॉइंट्स बनाए। एटीपी टूर की रिपोर्ट के अनुसार, 21 वर्षीय खिलाड़ी 5-4 के स्कोर पर दबाव में आ गए, लेकिन फिर से वापसी करते हुए ओपनर को सील कर दिया। इंफोसिस एटीपी स्टैट्स के अनुसार, जैरी ने दूसरे सेट में वापसी करते हुए दबाव बनाया, जिसके दौरान उसने चार ब्रेक के अवसर बनाए। हालांकि, अल्काराज़ ने दृढ़ता दिखाई और एक घंटे, 30 मिनट में जीत हासिल की। अल्काराज ने जीत के बाद कहा, ”मुझे लगता है कि मैंने पहले सेट में वास्तव में अच्छा टेनिस खेला, लेकिन अंत में यह जटिल था। मैं शुरुआती सेट को पार करके वास्तव में खुश हूं, मेरे लिए दूसरे सेट में अधिक आत्मविश्वास के साथ आना वास्तव में महत्वपूर्ण था। मुझे कोर्ट की गति के अभ्यस्त होने के लिए समय चाहिए। मुझे पेरिस-बर्सी में मैच जीते हुए दो साल हो गए हैं, इसलिए जब भी मैं आगे बढ़ता हूं तो यह मेरे लिए एक उपहार है। ”   recent visitors 70

पुनेरी पल्टन और बंगाल वारियर्स ने खेला सीजन का तीसरा टाई

हैदराबाद पुनेरी पल्टन और बंगाल वॉरियर्स ने प्रो कबड्डी लीग के 11वें सीजन का तीसरा टाई खेला। फजल अतराचली ने जहां 500वां टैकल प्वाइंट हासिल कर इसे यादगार बनाया। वहीं, दोनों टीमों ने 32-32 के स्कोर पर मामला सैटल करने का फैसला किया। बंगाल के डिफेंस ने पहली रेड पर असलम को लपका तो पल्टन के डिफेंस ने मनिंदर का शिकार कर हिसाब चुकता किया। नितिन ने उन्हें रिवाइव करा लिया। मनिंदर दूसरी रेड पर भी लपके गए। पांच मिनट के बाद पल्टन ने 5-2 की लीड बनाकर बंगाल को सुपर टैकल सिचुएशन में डाल दिया। प्रवीण ने मोहित को डबल थाई होल्ड कर स्कोर 4-5 किया। नितेश रिवाइव चुके थे। इस बीच विश्वास ने रनिंग बोनस के साथ स्कोर बराबर कर दिया। रिवाइव होने के बाद असलम डू ओर डाई रेड पर आए लेकिन फजल द्वारा लपक लिए गए। 10 मिनट के खेल के बाद बंगाल ने 7-6 की लीड ले ली थी। पल्टन ने हालांकि ब्रेक के बाद मनिंदर को लपक बराबरी कर ली। बंगाल के लिए अब सुपर टैकल आन था। वह इसका फायदा नहीं उठा सके। उसने बंगाल को आलआउट कर 12-8 की लीड ले ली। इस बीच नितिन ने फजल को रिवाइव करा लिया। आते ही फजल ने मोहित के डैश को इनिशिएट कर ऐतिहासिक 500वां टैकल प्वाइंट हासिल किया। आलइन के बाद पल्टन ने लगातार चार अंक लेकर फासला 4 का कर लिया। फिर पल्टन ने बंगाल को सुपर टैकल सिचुएशन में डाला। सुशील ने हालांकि दो अंक की रेड के साथ स्कोर 26-29 कर करियर का पहला सुपर-10 पूरा किया। इसी बीच बंगाल ने सुपर टैकल के साथ फासला 2 का किया और फिर विश्वास ने दो अंक लेकर स्कोर बराबर कर दिया। 18वें मिनट में आकाश डू ओर डाई रेड पर आए लेकिन वापस नहीं जा सके। अब वारियर्स 1 अंक की लीड पर थे लेकिन गौरव ने सुशील को लपक स्कोर 32-32 कर दिया। यहां से किसी टीम ने जोखिम नहीं लिया और इस तरह यह मुकाबला टाई पर समाप्त हुआ।   recent visitors 64

देश में 10 लाख रुपए से कम कीमत वाली कारों की बिक्री में कमी आई

मुंबई मारुति सुजुकी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने बताया कि 10 लाख रुपए से कम कीमत वाली कारों की बिक्री में कमी आई है। इसे उन्‍होंने चिंता का विषय बताया है। एक समय कुल बिक्री में इन कारों की हिस्सेदारी 80% होती थी। हालांकि, अब यह लगातार घट रही है। उन्होंने कहा कि इसका कारण लोगों के पास खर्च योग्य आय का कम होना है। भार्गव ने कहा कि इसका लगातार घटना दिखाता है कि लोगों के पास डिस्‍पोजेबल इनकम कम है। उन्होंने ये बात कंपनी के तिमाही नतीजों पर कॉन्फ्रेंस के दौरान कही। भार्गव ने कहा कि कुल मिलाकर इस सेगमेंट में बिक्री में कमी के चलते ऑटोमोबाइल मार्केट में समग्र ग्रोथ नहीं हो रही है। बाजार में इस स्तर में ग्रोथ को वापस लेने के लिए लोगों के पास अधिक खर्च योग्य आय की जरूरत है। हालांकि, कंपनी को उम्मीद है कि त्योहारों के दौरान कुल खुदरा बिक्री में 14% की ग्रोथ होगी। सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्‍यूफैक्चरर्स (SIAM) के आंकड़ों के अनुसार बाजार में 10 लाख रुपए कम कीमत वाले कारों की हिस्सेदारी 2018-19 में 80% थी। उस दौरान यात्री वाहनों की थोक बिक्री भारत में 33,77,436 इकाई थी। 10 लाख रुपए से कम के यात्री वाहनों की हिस्सेदारी अब बाजार में 50% से भी कम है। वित्त वर्ष 2023-24 में देश में यात्री वाहनों की थोक बिक्री 42,18,746 इकाइयों की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी। भार्गव ने कहा कि इस सेगमेंट का बाजार फिलहाल नहीं बढ़ रहा है। यह चिंता का कारण है। सच यह है कि ग्रोथ केवल महंगी कारों में हो रही है। मुझे लगता है कि इससे मुझे बहुत ज्यादा खुशी नहीं मिलती। उनसे यह पूछा गया था कि क्या घरेलू यात्री वाहन बाजार में नरमी चिंता का कारण है। मारुति सुजुकी इंडिया परंपरागत रूप से छोटी और कॉम्पैक्ट कार बाजार में अगुवा रही है। अब 10 लाख रुपए से कम कीमत वाले वाहन सेगमेंट में बिक्री नहीं बढ़ रही है। कार बिक्री में गिरावट पप उन्होंने कहा कि इसका कारण ‘किफायत’ का मामला है। खर्च योग्य आय कम होने के कारण लोग खरीद नहीं पा रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या इस क्षेत्र में बिक्री को बढ़ावा देने के लिए सरकार से कुछ प्रोत्साहन की आवश्यकता है, उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि क्या आवश्यक है, लेकिन हमें ऐसे लोगों की जरूरत है जिनके पास अधिक खर्च योग्य आय हो। त्योहारों के दौरान बिक्री के बारे में कहा कि यह ‘काफी अच्छी’ रही है। recent visitors 75

पद के लिए परिवार तोड़ा ? अब शरद पवार ने भतीजे अजित पर लगाया आरोप

मुंबई राकांपा (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने अपने भतीजे और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए परिवार को तोड़ने का आरोप लगाया। बारामती के पास कन्हेरी शहर में अपने पोते और राकांपा (एसपी) प्रत्याशी युगेंद्र पवार के समर्थन में प्रचार करते हुए शरद पवार ने अजित की नकल की। एक दिन पहले क्षेत्र में आयोजित एक रैली में युगेंद्र की उम्मीदवारी को लेकर अजित पवार भावुक हो गए थे। शरद पवार भाषण के बीच में रूमाल निकालकर आंसू पोंछने का नाटक करने लगे, जिसे देख रैली में मौजूद लोग हंस पड़े।  बारामती में एक रैली के दौरान अजित पवार ने युगेंद्र की उम्मीदवारी की तरफ इशारा करते हुए कहा था कि बड़े-बुजुर्गों को यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि बारामती का चुनावी समर पारिवारिक लड़ाई में न तब्दील हो। शरद पवार ने कहा, “मेरे माता-पिता और भाइयों ने मुझे कभी भी घर (परिवार) तोड़ने का पाप नहीं सिखाया।” उन्होंने कहा, “लोगों ने बहुत समय पहले मुझे महाराष्ट्र का नेतृत्व करने का जिम्मा सौंपा था। मैं अब एक संरक्षक हूं और मैंने पार्टी से जुड़े मामले नयी पीढ़ी को सौंप दिए हैं।” राजनीति की दुनिया की अनिश्चितताओं को रेखांकित करते हुए राकांपा (एसपी) प्रमुख ने कहा कि खुद के लिए सत्ता हासिल करने के फेर में किसी को भी अपने सहयोगियों का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा, “दुर्भाग्य से जब हम (अविभाजित राकांपा) सत्ता में नहीं थे, तब हमारे कुछ सहयोगी सुबह उठे और अचानक शपथ ले ली। वह सरकार चार दिन भी नहीं चली।” गौरतलब है कि 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद सरकार गठन को लेकर सियासी रस्साकशी के बीच अजित पवार ने राजभवन में उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उस समय अजित विपक्षी दल राकांपा (अविभाजित) के सदस्य थे। शरद पवार ने सवाल किया, “चार बार उपमुख्यमंत्री के रूप में सेवाएं देने के बावजूद वह (अजित पवार) अपने लिए उपमुख्यमंत्री पद सुरक्षित करने के वास्ते दूसरे पाले में चले गए। आपको अधिकांश बार यह पद हासिल हुआ। अगर आपको एक बार पद न मिल पाए, तो क्या आप घर (परिवार) तोड़ दोगे?” उन्होंने कहा, “अब यह कहा जा रहा है कि मैंने परिवार तोड़ा। यह सुनकर हंसी आती है।” राकांपा (एसपी) प्रमुख ने कहा कि उन्होंने पवार कुनबे में कभी दरार पैदा नहीं की और परिवार के मुखिया के रूप में हर कोई उनकी बात सुनता था। उन्होंने कहा, “मैंने कभी किसी के खिलाफ जाकर कुछ नहीं किया और न ही करूंगा। भविष्य में कोई भी व्यक्ति चाहे जो भी कदम उठाए, मैं गलत रास्ते पर नहीं जाऊंगा। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि मेरा परिवार एकजुट रहे।” अजित पर निशाना साधते हुए शरद पवार ने एक रैली में दिए उनके भाषण का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “ऐसा कहा गया कि मैंने परिवार में फूट डाली। मेरे माता-पिता या भाइयों ने मुझे कभी परिवार तोड़ने का पाप नहीं सिखाया। अनंतराव पवार (अजित पवार के पिता) सहित मेरे सभी भाई मेरे साथ रहे।” शरद पवार ने याद किया कि कैसे उन्होंने महाराष्ट्र और राष्ट्रीय स्तर की राजनीति पर ध्यान केंद्रित किया, जबकि घरेलू मुद्दों और खेती की देखभाल की जिम्मेदारी उनके परिवार के अन्य सदस्य संभालते थे। उन्होंने कहा, “मैं अपने भाइयों के आशीर्वाद के कारण ही अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर सका। मैं उनके बच्चों के साथ भेदभाव नहीं करूंगा।” शरद पवार ने बारामती लोकसभा क्षेत्र में सुनेत्रा पवार के लिए चुनाव प्रचार से लेकर युगेंद्र की उम्मीदवारी को लेकर दिए गए भावुक भाषण तक, अजित पवार की भाषा में आए बदलाव को रेखांकित किया। बारामती लोकसभा क्षेत्र में अजित ने पत्नी सुनेत्रा को अपनी चचेरी बहन सुप्रिया सुले के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारा था। हालांकि, सुनेत्रा चुनाव जीतने में असफल रही थीं। शरद पवार ने कहा, “लोकसभा चुनाव के दौरान (अजित द्वारा) लोगों से कहा गया था कि वे भावनाओं में न बहें। लोगों को बताया गया कि पवार साहब (शरद पवार) आंसू बहाएंगे और (अपनी बेटी सुप्रिया सुले के लिए) वोट मांगेंगे।” उन्होंने अजित की नकल उतारते हुए रूमाल निकाली और आंसू पोंछने का नाटक करते हुए कहा, “आपने कल के भाषण में देखा होगा…।” शरद पवार ने दावा किया कि उन्होंने कई नेताओं को मंत्री पद की पेशकश की, लेकिन सुप्रिया सुले को एक भी पद नहीं सौंपा। राकांपा (एसपी) प्रमुख ने कहा कि उन्हें अदालत में घसीटा गया, क्योंकि उन्होंने जिस राकांपा की स्थापना की थी, उसका नाम और चुनाव चिह्न दूसरे गुट को आवंटित कर दिया गया था। बता दें महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव 20 नवंबर को होगा, जबकि वोटों की गिनती 23 नवंबर को की जाएगी। recent visitors 102