Saturday, July 4, 2026 7:52 am

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में होगा मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में मध्यप्रदेश स्थापना के 69वें वर्ष को उत्साहपूर्वक मनाने राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन 30 अक्टूबर को प्रातः 9:45 बजे लाल परेड ग्राउंड में किया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा ध्वजारोहण से होगी। इसके बाद राष्ट्रगान होगा। समारोह में आर्मी उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा। समारोह में मध्यप्रदेश राज्य गान और मध्यप्रदेश के राज्यीय खेल मल्लखंब का प्रदर्शन भी किया जाएगा। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन के साथ बैंड की प्रस्तुति भी दी जाएगी। सुगम संगीत की प्रस्तुति एक नवम्बर को मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को अपने राज्य की स्थापना का गौरवपूर्ण अनुभव कराने, वैभव और विविधता से परिचित कराने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी मध्यप्रदेश शासन द्वारा संस्कृति संचालनालय के संयोजन में ''मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह'' का आयोजन कर रहा है। प्रदेश की 69 वर्षों की यात्रा को विविध रंगों में समेटे विभाग का यह प्रतिष्ठित आयोजन 01 नवम्बर, 2024 को सायं 06:30 बजे से रवीन्द्र भवन स्थित हंसध्वनि सभागार में आयोजित किया जाएगा। संचालक, संस्कृति संचालनालय एन.पी. नामदेव ने बताया कि स्थापना दिवस समारोह में इस वर्ष सर्वप्रथम मध्यप्रदेश की सुप्रसिद्ध गायिका सुसुहासिनी जोशी, भोपाल द्वारा मध्यप्रदेश गान की प्रस्तुति दी जावेगी। तत्पश्चात मुख्य प्रस्तुति होगी, जिसमें सुप्रसिद्ध पार्श्वगायक अंकित तिवारी एवं साथी, मुम्बई द्वारा संगीतमय प्रस्तुति से स्थापना के उत्सव में सुरों के सुन्दर रंगों से सराबोर किया जाएगा। गौरतलब है कि अंकित तिवारी देश के जाने-माने संगीतकार एवं गायक हैं। उनको 2013 में बनी आशिकी 2 फिल्म का गीत "सुन रहा है" के लिये बहुत प्रसिद्धि मिली। इस फिल्म के संगीत के लिए उन्हें वर्ष 2014 के फिल्मफेयर अवॉर्ड में बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसके बाद वर्ष 2015 के फिल्मफेयर अवॉर्ड में ''गलियां'' गीत के लिए बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। तिवारी ने दिल चीज तुझे दे दी, सनम तेरी कसम, तू है कि नहीं जैसे कई लोकप्रिय गीत गाये हैं। कार्यक्रम में प्रवेश नि:शुल्क रहेगा।   recent visitors 52

त्यौहार पर स्थानीय कारीगरों से सामान खरीद कर उन्हें प्रोत्साहित करें- मंत्री सारंग

मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने स्थानीय विक्रेता से मिट्टी के दीपक खरीद कर दिया ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश मंत्री सारंग ने ‘वोकल फॉर लोकल’ के लिये नागरिकों को प्रेरित किया त्यौहार पर स्थानीय कारीगरों से सामान खरीद कर उन्हें प्रोत्साहित करें- मंत्री सारंग भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को धनतेरस के शुभ अवसर पर नरेला विधानसभा अंतर्गत छोला स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर के समीप स्थानीय कारीगर से दीपक खरीदे और डिजिटल पेमेंट यूपीआई के माध्यम से भुगतान किया। इस दौरान मंत्री सारंग ने ‘वोकल फॉर लोकल’ के लिये नागरिकों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से आज देशवासियों में ‘स्वदेशी’ की भावना जागृत हुई है, वोकल फॉर लोकल से स्थानीय कारीगरों को नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि स्थानीय कारीगरों से सामान खरीदने पर देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। “वोकल फॉर लोकल” की भावना त्यौहारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह जीवन की सभी आवश्यकताओं के लिए अपनाई जानी चाहिए। साथ ही, उन्होंने नागरिकों को दीपावली की शुभकामनाएं भी दी। मंत्री सारंग ने लाला लाजपत राय कॉलोनी में सड़क निर्माण व सौंदर्यीकरण का किया भूमिपूजन मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने नरेला विधानसभा अंतर्गत लाला लाजपत राय कॉलोनी के रहवासियों को विकास कार्यों की सौगात देते हुए सड़क निर्माण कार्य व सौंदर्यीकरण का भूमिपूजन किया। नागरिकों ने सड़क के नवीनीकरण के लिये मंत्री सारंग के समक्ष अपनी समस्या रखी। जिस पर मंगलवार को मंत्री सारंग ने सड़क का निरीक्षण किया, इसके साथ ही उन्होंने तत्काल सड़क निर्माण कार्य व सौंदर्यीकरण का भूमिपूजन भी किया। इस सौगात के लिये रहवासियों ने मंत्री सारंग का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों को धनतेरस व दीपोत्सव की शुभकामनाएं प्रेषित की। सारंग ने कहा कि नरेला विधानसभा में नागरिकों की सुविधाओं में निरंतर वृद्धि कर रहे हैं। इस सड़क निर्माण कार्य से कॉलोनी के रहवासियों का आवागमन सुगम होगा। इस दौरान भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, स्थानीय जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में रहवासी उपस्थित रहे।   recent visitors 54

एनएमडीसी ने सत्यनिष्ठा और नैतिक आचरण पर, आधारित भविष्य का संकल्प लेते हुए सतर्कता जागरूकता सप्ताह मनाया

हैदराबाद  भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक एनएमडीसी लिमिटेड ने इस वर्ष की थीम, "सत्यनिष्ठा की संस्कृति से राष्ट्र की समृद्धि" के साथ संरेखित करते हुए सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और नैतिक प्रथाओं के लिए एक नई प्रतिबद्धता के साथ सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2024 मनाना शुरू किया। कार्यक्रम की शुरुआत एनएमडीसी के सीएमडी (अतिरिक्त प्रभार) श्री अमिताभ मुखर्जी द्वारा हैदराबाद में एनएमडीसी मुख्यालय में सत्यनिष्ठा शपथ दिलाने के साथ हुई।  उनके साथ श्री विनय कुमार, निदेशक (तकनीकी) और (कार्मिक, अतिरिक्त प्रभार), एनएमडीसी और श्री बी. विश्वनाथ, मुख्य सतर्कता अधिकारी, एनएमडीसी, वरिष्ठ प्रबंधन और कर्मचारी शामिल हुए, जिन्होंने इस समारोह में सक्रिय रूप से भाग लिया।  इसके साथ ही, एनएमडीसी के परियोजना स्थालों पन्ना, दोणिमलै, बचेली, किरंदुल, जगदलपुर, नगरनार और अन्य क्षेत्रीय कार्यालयों में भी पारदर्शिता और जवाबदेही की कंपनी-व्यापी संस्कृति को मजबूत बनाते हुए सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा ली गई। प्रतिज्ञा के दौरान, भारत के माननीय राष्ट्रपति, भारत के माननीय उपराष्ट्रपति, भारत के माननीय प्रधान मंत्री और केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के संदेशों को दोहराया गया, जिसमें सार्वजनिक सेवा में सत्यनिष्ठा के महत्वपूर्ण महत्व पर प्रकाश डाला गया। 16 अगस्त से 15 नवंबर, 2024 तक चलने वाले तीन महीने के अभियान के हिस्से के रूप में, एनएमडीसी ने संगठन के भीतर और बाहर नैतिक प्रथाओं को विकसित करने के लिए अनेक कार्यक्रम प्रारम्भ किए हैं।  अभियान में कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र शामिल हैं, जो नैतिक शासन, खरीद प्रक्रियाओं, सीडीए नियमों और निवारक सतर्कता के महत्व पर ध्यान केंद्रित करते हैं, और परिचालन के प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करते हैं।  इस अभियान का मुख्य आकर्षण एनएमडीसी की समुदाय तक पहुंच है।  कंपनी ने हैदराबाद, बैलाडिला, जगदलपुर, नगरनार, पन्ना और दोणिमलै में 28 से अधिक स्कूलों और कॉलेजों में सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए हैं, जिसमें 1,800 से अधिक छात्रों को शामिल किया गया है। अकेले हैदराबाद में, पाँच स्कूलों और चार कॉलेजों के 1,000 से अधिक छात्रों ने निबंध लेखन, पोस्टर मेकिंग और भाषण प्रतियोगिताओं में सक्रिय रूप से भाग लिया। छात्रों के प्रयासों को सराहने और प्रोत्साहित करने के लिए, एनएमडीसी मुख्यालय में उद्घाटन समारोह में इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं के लिए एक पुरस्कार वितरण समारोह रखा गया, जो युवाओं के बीच सत्यनिष्ठा और ईमानदारी जैसे नैतिक मूल्यों के पोषण के लिए एनएमडीसी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। इस अवसर पर बोलते हुए, एनएमडीसी के सीएमडी (अतिरिक्त प्रभार) श्री अमिताभ मुखर्जी ने कहा, “एनएमडीसी न केवल संगठन के भीतर बल्कि उन समुदायों में भी पारदर्शिता की संस्कृति को बढ़ावा देने के अपने मिशन में प्रतिबद्ध है, जिनकी हम सेवा करते हैं।  छात्रों के साथ जुड़कर और जागरूकता बढ़ाकर, हम नैतिक आचरण और जिम्मेदार प्रथाओं पर आधारित भविष्य की नींव रख रहे हैं।  हमारे सामूहिक प्रयासों का उद्देश्य भ्रष्टाचार मुक्त भारत के विजन को साकार करना है, जहां पारदर्शिता और जवाबदेही राष्ट्रीय समृद्धि के स्तंभ बनें।" पूरे सतर्कता जागरूकता सप्ताह के दौरान, एनएमडीसी परिचालन के सभी स्तरों पर पारदर्शिता, सत्यनिष्ठा और नैतिक प्रथाओं के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगा। recent visitors 67

मंदी की चपेट में आया ड्रैगन! $1.07 ट्रिलियन के पैकेज का नहीं दिखा असर

बीजिंग चीन ने अपनी इकॉनमी में जान फूंकने के लिए हाल में $1.07 ट्रिलियन के भारी-भरकम पैकेज की घोषणा की थी। इसके बाद उसके शेयर बाजारों में काफी तेजी देखने को मिली। कुछ विदेशी निवेशक भारत जैसे देशों से अपना पैसा निकालकर चीन के बाजार में डाल रहे हैं। लेकिन कुछ निवेशकों ने चीन के इस पैकेज की सफलता पर संदेह जताया था और उनकी आशंका सही होने जा रही है। अब तक इस पैकेज का जमीन पर कोई असर होता नहीं दिख रहा है। देश में तीसरी तिमाही में कंज्यूमर प्राइस में गिरावट आई है। लगातार छठी तिमाही में ऐसा हुआ है और यह साल 1999 के बाद इस गिरावट का सबसे लंबा दौर है। माना जा रहा है कि चीन की इकॉनमी पहले ही मंदी में फंस चुकी है और इससे बाहर निकलने के लिए उसे लंबा समय लग सकता है। चीन में डिफ्लेशन की स्थिति बनी हुई है। 2008 में देश में लगतार पांच तिमाहियों तक डिफ्लेशन की स्थिति रही थी लेकिन इस बार यह उससे भी आगे निकल गया है। पूरी दुनिया महंगाई से त्रस्त है लेकिन चीन में उल्टी गंगा बह रही है। दिक्कत यह है कि डिफ्लेशन को इनफ्लेशन भी बदतर माना जाता है। इसमें चीजों की कीमत में गिरावट आती है। यह इकॉनमी में धन की आपूर्ति और क्रेडिट में गिरावट से जुड़ी होती है। इकॉनमी की परेशानी डिफ्लेशन को इकॉनमी के लिए अच्छा संकेत नहीं माना जाता है। अगर आपको पता है कि कल चीजों की कीमत गिरनी है तो आप आज क्यों खरीदारी करेंगे? इस तरह एक प्रकार से इकॉनमी फ्रीज हो जाती है। जापान के साथ 1990 के दशक में यही हुआ था। आज भी जापान उस स्थिति से बाहर नहीं निकल पाया है। चीन की इकॉनमी कई मोर्चों पर संघर्ष कर रही है। बेरोजगारी कई दशक के चरम पर पहुंच गई है, मैन्युफैक्चरिंग में गिरावट आई है और रियल एस्टेट सेक्टर संघर्ष कर रहा है। कंज्यूमर डिमांड कमजोर है। चीन के ग्राहक इस तरह व्यवहार कर रहे हैं जैसे कि देश मंदी में है। दुनिया के लिए खतरे की घंटी अमेरिका और चीन के बीच रिश्ते पिछले कुछ साल से ठीक नहीं चल रहे हैं। दोनों देश एकदूसरे की कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने में लगे हैं। अमेरिका ने चीन से आयात होने वाली कई वस्तुओं पर ड्यूटी बढ़ा दी है जो अगले चरणों में लागू होगी। चीन में मंदी आने से पूरी दुनिया प्रभावित होगी। इसकी वजह यह है कि पिछले करीब तीन दशक से चीन ग्लोबल इकॉनमी का इंजन बना हुआ है। यही वजह है कि चीन में मंदी की आशंका ग्लोबल इकॉनमी के लिए खतरे की घंटी है। recent visitors 59

JIO फाइनेंस को आरबीआई से ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने की मंजूरी मिली

मुंबई मुकेश अंबानी की कंपनी- Jio फाइनेंशियल सर्विसेज को एक बड़ी सफलता मिली है। दरअसल, इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Jio पेमेंट सॉल्यूशंस लिमिटेड (जेपीएसएल) ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया कि उसे ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से मंजूरी मिल गई है। इस खबर के बीच Jio फाइनेंशियल के शेयर पर निवेशक टूट पड़े और भाव में 2 फीसदी उछाल आ गया। ट्रेडिंग के दौरान शेयर की कीमत 325.75 रुपये के स्तर तक पहुंच गई। बता दें कि शेयर के 52 हफ्ते का हाई 395 रुपये है। विस्तार का है मौका यह मंजूरी ऐसे समय में मिली है जब दिग्गज फिनटेक फर्म पेटीएम को आरबीआई की नियामक कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। ऐसे माहौल में जियो के पास डिजिटल वित्तीय सेवा बाजार में हिस्सेदारी हासिल करने का मौका है। बता दें कि जियो पेमेंट्स बैंक, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का हिस्सा है। यह वर्तमान में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और एक फिजिकल डेबिट कार्ड के साथ डिजिटल सेविंग अकाउंट प्रोवाइड करता है। इसमें 1.5 मिलियन से अधिक सक्रिय यूजर हैं। हाल ही में जियो फाइनेंशियल सर्विसेस ने अपना नया और बेहतर जियो फाइनेंस ऐप लॉन्च करने की घोषणा की है। इस ऐप का बीटा संस्करण 30 मई, 2024 को लॉन्च किया गया था। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज की गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) जियो फाइनेंस लिमिटेड ने बताया कि वह होम लोन सर्विस शुरू करने के अंतिम चरण में है। इसे परीक्षण के तौर पर (बीटा) शुरू किया गया है। इसके अलावा, कंपनी संपत्ति पर ऋण और प्रतिभूतियों पर ऋण जैसे अन्य उत्पाद भी पेश करने जा रही है। कैसे रहे सितंबर तिमाही के नतीजे जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का सितंबर 2024 को समाप्त दूसरी तिमाही में मुनाफा मामूली तीन प्रतिशत बढ़कर 689 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने एक साल पहले इसी तिमाही में 668 करोड़ रुपये का मुनाफा अर्जित किया था। कुल आय तिमाही में बढ़कर 694 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 608 करोड़ रुपये थी। हालांकि, पिछले वर्ष की समान अवधि में 71 करोड़ रुपये के मुकाबले कुल खर्च दोगुना होकर 146 करोड़ रुपये हो गया। recent visitors 104

हरभजन के अनुसार टर्निंग पिचों पर बल्लेबाज स्पिनरों के खिलाफ सहज नजर नहीं आते हैं

स्पिनरों के खिलाफ आजकल सहज नजर नहीं आते हमारे बल्लेबाज : हरभजन टीम के प्रमुख बल्लेबाज पिछले कुछ समय से स्पिनरों का सही तरीके से सामना नहीं कर पा रहे : हरभजन हरभजन के अनुसार टर्निंग पिचों पर बल्लेबाज स्पिनरों के खिलाफ सहज नजर नहीं आते हैं नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह का मानना है कि टीम के प्रमुख बल्लेबाज पिछले कुछ समय से स्पिनरों का सही तरीके से सामना नहीं कर पा रहे जिससे उनका मनोबल भी कमजोर हुआ है। हरभजन के अनुसार टर्निंग पिचों पर बल्लेबाज स्पिनरों के खिलाफ सहज नजर नहीं आते हैं। इससे इनका बल्लेबाजी औसत भी नीचे आया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ पुणे की टर्निंग पिच पर भारतीय बल्लेबाज स्पिनरों के सामने टिक नहीं पाये थे। ऐस में न्यूजीलैंड के मुख्य स्पिनर मिशेल सैंटनर को 13 विकेट मिले थे। हरभजन ने कहा, ‘‘हमारा घरेलू मैदान पर लंबे समय तक शानदार रिकॉर्ड रहा है और इसके बाद भी अगर आप हार जाते हैं तो जाहिर है कि आलोचना होगी ही। न्यूजीलैंड जिस तरह से खेला, उसे उसका श्रेय जाता है और ये विदेशी हालात और पिच भी नहीं थी जिसमें ज्यादा दरार हो।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पुणे में स्पिनरों के लिए अनुकूल हालात थे, जहां गेंद को पहले घंटे से ही टर्न लेना चाहिए था।’’ जिससे भारतीय बल्लेबाज दबाव में आ गये। उन्होंने भारतीय टीम की सोचने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘‘पिछले दशकों के चलन को देखें। हम पिछले दशक में ज्यादातर टर्न लेती पिचों पर इस उम्मीद के साथ खेल रहे हैं कि हम टॉस जीतेंगे और 300 रन बनाएंगे और मैच पर अपना दबदबा बनायेंगे। वहीं जब ऐसा नहीं होत और दांव उल्टा पड़ जाता है तो टर्निंग पिच पर हमारी बल्लेबाजी चल नहीं पाती। इसका कारण है कि हमारे बल्लेबाजों ने इन पिचों पर खेलने का आत्मविश्वास खो दिया है, इसी कारण बल्लेबाजी धवस्त हुई है। अनुभवी खिलाड़ी तक गलती करते दिखे हैं।     recent visitors 61

गूगल पर कोर्ट ने लगाया 2.4 मिलियन का जुर्माना, दंपति को मिली बड़ी कामयाबी

लंदन 15 साल से चले आ रहे एक मामले में टेक दिग्गज गूगल को हार का सामना करना पड़ा है। इस मामले में इंग्लैंड के एक दंपति को जीत मिली है और गूगल पर 26,000 करोड़ रुपये (2.4 मिलियन) का जुर्माना लगाया गया है। इंग्लैंड के शिवॉन और एडम रैफ नामक दंपति ने 2006 में "पाउंडम" नाम की एक वेबसाइट शुरू की थी। यह एक मूल्य तुलना (Price Comparison) वेबसाइट थी, लेकिन लाइव होते ही इसकी विजिबिलिटी लगातार गिरने लगी। खासकर Google पर ‘मूल्य तुलना’ और ‘खरीदारी’ जैसे शब्दों में वेबसाइट सर्च की जा रही थी। बाद में दंपति को पता चला कि गूगल के ऑटोमैटिक स्पैम फ़िल्टर के सर्च पेनल्टी की वजह से वेबसाइट की विजिबिलिटी कम हो गई है। गूगल की वजह से अपनी वेबसाइट के पतन की बात जानकर दंपति हैरान रह गए। पाउंडम वेबसाइट के संस्थापक के अनुसार, गूगल के ऑटोमैटिक स्पैम फ़िल्टर के सर्च पेनल्टी की वजह से यूजर्स तक हमारी पहुँच मुश्किल हो गई। यूजर्स हमारी वेबसाइट पर आने में असमर्थ थे। इस वजह से रेवेन्यू जेनरेट करना हमारे लिए एक बड़ी समस्या बन गया। शुरुआत में वेबसाइट की विजिबिलिटी कम होने का कारण तकनीकी खराबी समझा गया। बीबीसी से बात करते हुए एडम ने बताया, "हमारे पेज और रैंकिंग को देखते हुए वेबसाइट पर आने वाले लोगों की संख्या घटने लगी। हमने सोचा कि हमें सही तरीके से काम करना होगा और विशेषज्ञों से संपर्क करना होगा। दो साल बाद, कई कोशिशों के बावजूद, Google ने पेनल्टी नहीं हटाई। फाउंडम का ट्रैफिक भी धीरे-धीरे कम होता रहा। लेकिन अन्य सर्च इंजन इसे सामान्य रूप से रैंक करते रहे।" आखिरकार 2010 में एडम ने यूरोपियन कमीशन से संपर्क किया, जिसके बाद मामले ने गति पकड़ी। एंटीट्रस्ट जांच में पाया गया कि फाउंडम की प्रतिस्पर्धा की तुलना में गूगल अपनी शॉपिंग सेवा को बढ़ावा दे रहा था। 2017 में, जांच रिपोर्ट के आधार पर फैसला सुनाते हुए यूरोपियन कमीशन ने कहा कि गूगल ने बाजार पर अपने नियंत्रण का दुरुपयोग किया है। इसके बाद गूगल पर 2.4 बिलियन पाउंड (लगभग 26,172 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया गया। यूरोपियन कमीशन के फैसले को चुनौती देते हुए गूगल ने यूरोपियन कोर्ट में अपील दायर की थी। कोर्ट में पूरे सात साल तक मामले की सुनवाई चली। आखिरकार 2024 में यूरोपियन कोर्ट ने यूरोपियन कमीशन के फैसले को बरकरार रखा। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एडम की पत्नी शिवॉन ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "हम दोनों शायद इस भ्रम में पले-बढ़े हैं कि हम बदलाव ला सकते हैं। हमें वास्तव में बदमाश पसंद नहीं हैं।" दंपति ने गूगल के खिलाफ नागरिक क्षतिपूर्ति का दावा भी दायर किया है। इस दावे पर सुनवाई 2026 में होगी। बताया जा रहा है कि 2016 में दंपति ने फाउंडम वेबसाइट को बंद करने का फैसला किया था, लेकिन बाद में उन्होंने कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला किया। recent visitors 89