69वें स्थापना दिवस पर मध्य प्रदेश का जश्न, मुख्यमंत्री करेंगे समारोह का शुभारंभ

Madhya Pradesh celebrates 69th foundation day, Chief Minister will inaugurate the function मध्य प्रदेश का 69वां स्थापना दिवस: धूमधाम से मनाया जाएगा राज्य का जन्मदिन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन करेंगे समारोह का शुभारंभ भोपाल। आज मध्य प्रदेश अपना 69वां स्थापना दिवस पूरे उत्साह और गर्व के साथ मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आतिथ्य में भव्य राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया जाएगा। स्थापना दिवस का मुख्य कार्यक्रम भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में सुबह 9:45 बजे शुरू होगा, जिसमें मुख्यमंत्री ध्वजारोहण कर इस कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ समारोह को आगे बढ़ाया जाएगा। स्थापना दिवस के प्रमुख आकर्षण समारोह में प्रदेश की संस्कृति और गौरव को प्रदर्शित करने के लिए कई खास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें मध्यप्रदेश का राज्य गान, पारंपरिक खेल मलखंब का प्रदर्शन और आर्मी के उपकरणों की प्रदर्शनी प्रमुख हैं। आर्मी उपकरणों का प्रदर्शन सुरक्षा और साहस का प्रतीक होगा, जो देश की रक्षा में सेना की भूमिका को दर्शाएगा।  मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को ध्यान में रखते हुए इस अवसर पर कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में बैंड की प्रस्तुति, पारंपरिक नृत्य और संगीत शामिल होंगे, जो राज्य की अनूठी सांस्कृतिक विविधता को उजागर करेंगे। राज्य की गौरवशाली विरासत का उत्सव मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस को पूरे राज्य में खास अंदाज में मनाया जा रहा है। राज्य ने 69 वर्षों की यात्रा में विकास और समृद्धि की दिशा में कई मील के पत्थर हासिल किए हैं। इस अवसर पर प्रदेशवासी अपने राज्य की प्रगति और उपलब्धियों पर गर्व महसूस कर रहे हैं।  कार्यक्रम का उद्देश्य और भाव इस समारोह का उद्देश्य राज्य की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सामाजिक धरोहर को संजोते हुए आने वाली पीढ़ियों को इसे संरक्षित रखने की प्रेरणा देना है। साथ ही, यह आयोजन प्रदेशवासियों में एकता और समर्पण का भाव उत्पन्न करता है, जो राज्य के उज्जवल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस, न केवल राज्य के लिए एक विशेष दिन है बल्कि पूरे देश के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत है। recent visitors 152

फोटोयुक्त मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2025 के संबंध में दी जानकारी

सभी राजनीतिक दल कर दें बीएलए की नियुक्ति : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सिंह मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक फोटोयुक्त मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2025 के संबंध में दी जानकारी भोपाल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुखवीर सिंह ने  निर्वाचन सदन में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और उन्हें फोटोयुक्त मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2025 के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन की सीडी भी प्रदान की गई। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सिंह ने बताया कि 29 अक्टूबर को मतदाता सूची के प्रारूप का प्रारंभिक प्रकाशन किया गया है। इसी दिन से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, वोटर आईडी कार्ड में संशोधन कराने और मृत मतदाताओं के नाम हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह प्रक्रिया 28 नवंबर 2024 तक चलेगी। आगामी 9, 10 एवं 16, 17 नवंबर 2024 को पूरे प्रदेश में विशेष कैम्प लगाकर अभियान चलाया जाएगा। प्रदेश के सभी 65 हजार 15 मतदान केंद्रों पर कार्यालयीन समय में बीएलओ उपस्थित रहेंगे। प्राप्त सभी दावे आपत्तियों का 24 नवंबर तक निराकरण किया जाएगा। 6 जनवरी 2025 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। बैठक में सीईओ सिंह ने सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे सभी मतदान केंद्रों के लिये अपने-अपने बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) की नियुक्ति अवश्य कर दें। यदि बीएलए नियुक्त हैं, तो उन्हें और अधिक सक्रिय होने के लिये निर्देशित करें। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजेश कुमार कौल, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बसंत कुर्रे, विवेक श्रोतिय, भारतीय जनता पार्टी से एस.एस. उप्पल, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी से जे.पी. धनोपिया, आम आदमी पार्टी से सुमित चौहान एवं बहुजन समाज पार्टी से पूर्णेंद्र अहिरवार उपस्थित रहे। एक जनवरी 2025 को 18 साल की आयु पूरी करने वाले मतदाता सूची में नाम जुड़वाने करें आवेदन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुखवीर सिंह ने बताया कि जो युवा 1 जनवरी 2025 को 18 साल की आयु पूरी कर रहे हैं, वे मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए अग्रिम रूप से आवेदन कर सकते हैं। नये मतदाताओं का वोटर आईडी कार्ड स्पीड पोस्ट के जरिये आसानी से उनके घर तक पहुंच जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सिंह ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार की नि:शुल्क सुविधाएं प्रदान की गई हैं। ऑनलाइन आवेदन वोटर हेल्पलाइन एप और https://voters.eci.gov.in/ के माध्यम से किया जा सकता है। ऑफलाइन आवेदन के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) से संपर्क किया जा सकता है। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के संबंध में किसी भी प्रकार की शंका या जानकारी के लिये निर्वाचन हेल्पलाईन के टोल फ्री नं.- 1950 में कार्यालयीन समय पर कॉल करके समाधान प्राप्त किया जा सकता है।   recent visitors 81

नवगठित जिले पांढुर्ना, मऊगंज और मैहर में खुलेंगे नागरिक आपूर्ति निगम के कार्यालय

भोपाल नवगठित जिले पांढुर्ना, मऊगंज और मैहर में नागरिक आपूर्ति निगम के जिला कार्यालय खोले जायेंगे। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री और निगम के अध्यक्ष गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि इससे जिले के पात्र उपभोक्ताओं को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सकेगा। मंत्री राजपूत ने बताया कि निगम के अधिकारियों को गृह भाड़ा भत्ता भी अब राज्य शासन के अधिकारी-कर्मचारियों की तरह मिलेगा। द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के सीधी भर्ती के पदों में दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित पदों को वाक-इन, इंटरव्यू के माध्यम से भरा जायेगा। निगम में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटर्स को सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिये 7 माह का अतिरक्ति समय दिया गया है। उन्हें अभी कुशल श्रमिक का वेतन दिया जायेगा। परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद 17 हजार 500 रूपये प्रति माह दिये जायेंगे। वर्ष 2023-24 के उपार्जन कार्य में सक्रिय योगदान के लिये एक माह के मूल वेतन के बराबर प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। इससे लगभग 800 अधिकारी-कर्मचारी लाभान्वित होंगे।   recent visitors 50

इटली की एक कंपनी ने चीन को नजरअंदाज करते हुए भारत में पहला डिजिटल बुटीक लॉन्च किया

नई दिल्ली  चीन की धीमी अर्थव्यवस्था से अब दुनिया की कई बड़ी-बड़ी कंपनियां मुंह मोड़ रही हैं। वहीं ये भारत में अब अपना भविष्य देख रही हैं। यही कारण है कि इटली की एक कंपनी ने चीन को छोड़ भारत का रुख किया है। लग्जरी प्रोडक्ट बनाने वाली इस कंपनी ने टाटा के साथ मिलकर भारत में अपना पहला डिजिटल बुटीक लॉन्च करने की घोषणा की है। दरअसल, पिछले कुछ समय से लग्जरी चीजों को लेकर भारत का मार्केट लगातार बढ़ रहा है। कई नामी-गिरामी ब्रांड अपना बेहतर भविष्य अब भारत में देख रहे हैं। देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था भी इस कंपनी के लिए भारत में नए रास्ते खोल रही है। शायद इसी को ध्यान में रखते हुए इटली के लग्जरी ब्रांड बुल्गारी (Bvlgari) ने भारत को चुना है। टाटा क्लिक के साथ लॉन्चिंग बुल्गारी के चीफ एग्जीक्यूटिव जीन-क्रिस्टोफ बेबिन ने कहा कि उनकी प्राथमिकता अभी भारत है। बुल्गारी ने टाटा क्लिक लग्जरी के साथ पार्टनरशिप में भारत में अपना पहला डिजिटल बुटीक लॉन्च करने की घोषणा की। बेबिन ने एक इंटरव्यू में कहा कि लग्जरी प्रोडक्ट के लिए भारत तेजी से उभर रहा है। भारत का आकार और क्षमता वेस्टर्न लग्जरी चीजों के लिए परफेक्ट है। 'चीन में अब वह बात नहीं रही' बेबिन ने कहा कि पिछले दशक में लग्जरी मार्केट में काफी वृद्धि हुई है। इसमें चीन का भी अहम योगदान रहा है। लेकिन अब चीन में वह बात नहीं रही। वहां मार्केट लगभग खत्म हो चुकी है। यह मंदी से गुजर रहा है। उन्होंने कहा वे अब इससे बाहर निकल जाएंगे। भारत को बताया इकनॉमिक बूस्टर बेबिन ने इंटरव्यू में भारत को इकनॉमी का बूस्टर बताया। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी को इंजन बूस्टर की जरूरत है ताकि ग्लोबल लेवल पर ग्रोथ दोहरे अंकों में हो। उन्होंने कहा कि भारत उनके लिए वह बूस्टर है। बेबिन ने कहा कि उनके लिए भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ता बाजार है। उन्होंने कहा कि यहां लोगों की आय बढ़ रही है। ऐसे में भारत में लग्जरी ईकॉमर्स की संभावना चीन की तुलना में कहीं अधिक आशाजनक हो सकती है। कई प्रोडक्ट बेचेगी बुल्गारी बुल्गारी डिजिटल बुटीक टाटा क्लिक लक्जरी प्लेटफॉर्म पर कई लग्जरी प्रोडक्ट बेचेगी। इनमें बी.जीरो1 कड़ा ब्रेसलेट, बुल्गारी मंगलसूत्र, सर्पेंटी वाइपर ब्रेसलेट, बी.जीरो1 रिंग्स, ऑक्टो रोमा घड़ियां आदि शामिल हैं। recent visitors 67

पहली बार सेना ने मोबिलिटी के लिए BMP-2 का इस्तेमाल किया, आतंकियों के खात्मे के लिए बड़ी प्लानिंग

सुंदरबनी  जम्मू के सुंदरबनी सेक्टर के असन इलाके में आतंकियों के खिलाफ किया ऑपरेशन इस लिहाज से खास रहा, कि पहली बार सेना ने मोबिलिटी के लिए BMP-2 का इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया में कुछ लोग BMP की तस्वीरें डाल इसे टैंक बता रहे हैं, लेकिन टैंक और BMP में काफी फर्क होता है। BPM सैनिकों को कैरी करने वाला वीइकल है, जिसके आगे एक कैनन लगा होता है। कैनन का इस्तेमाल नहीं किया गया। ऑपरेशन के दौरान सैनिकों की सुरक्षा के लिए BPM का इस्तेमाल एक सिक्योर वीइकल की ही तरह किया गया। दो दिन में खत्म हो गया ऑपरेशन जिस जगह सेना आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन चला रही थी वह जंगल के बीच एक खुला मैदान वाला इलाका है। वहां किसी और वीइकल से मूवमेंट में दिक्कत होती इसलिए BMP का इस्तेमाल किया गया। इसमें सैनिक आतंकियों की फायरिंग से सुरक्षित भी रहते हैं। BMP-2 का इस्तेमाल कर सेना ने ऑपरेशन को दो दिन में खत्म कर दिया। अगर ऑपरेशन अर्बन इलाके में होता है तो सेना बख्तरबंद गाड़ियों जैसे कैस्पर का इस्तेमाल करती है। BMP इंफ्रेंट्री कैरियर वीइकल (ICV) है, जो सैनिकों को ले जाते हैं और इनमें हथियार भी लगे होते हैं। भारतीय सेना की मैकेनाइजड इंफ्रेंट्री में अभी 2000 के करीब ICV हैं। ये रूसी ICV BMP-2 हैं। ये दो तरह के हैं। एक ट्रैक्ड यानी की टैंक की तरह ट्रैक पर चलने वाले और दूसरे वीइल्ड यानी टायरों पर चलने वाले। BMP-2 एंफीबियस हैं यानी ये नदी-नाले को भी आसानी से पार कर सकते हैं। BMP और टैंक में फर्क बीएमपी और टैंक दोनों अलग अलग होते हैं। दोनों ही बख्तरबंद हैं। ट्रैक्ड BMP और टैंक के चलने का तरीका एक जैसा है। आपने इनके चेन से लगे पहिए देखें होंगे। लेकिन दोनों की खासियत और उनका इस्तेमाल अलग अलग है। बीएमपी को आर्मी की मैकेनाइज्ड इंफ्रेंट्री इस्तेमाल करती है और टैंक आर्मी की आर्मर्ड यानी टैंक रेजिमेंट का हिस्सा है। टैंक को आर्मर्ड फाइटिंग वीइकल यानी एएफवी भी कहा जाता है। जबकि बीएमपी हैं इंफ्रेंट्री कैरियर वीइकल यानी आईसीवी। बीएमपी का फुल फॉर्म वैसे Boyevaya Mashina Pekhoty है, यह रशियन शब्द है जिसका मतलब होता है इंफ्रेंट्री फाइटिंग वीइकल। इंफ्रेंट्री सैनिकों की स्पीड भी टैंक जितनी ही रखने के लिए आर्मर्ड के दस्ते के साथ मैकेनाइज्ड इंफ्रेंट्री की जरूरत होती है। इसके लिए बीएमपी चाहिए। टैंक की जितनी मोटी चादर यानी लेयर होती है उतनी बीएमपी की नहीं होती। इसे छोटे हथियारों से प्रोटेक्शन के हिसाब से बनाया गया है। बीएमपी में फायरिंग का सिस्टम टैंक से अलग है। बीएमपी कैनन फायर करते हैं। कैनन का राउंड नॉर्मल हथियार से थोड़ा बड़ा होता है। बीएमपी की गन छोटी और पतली होती है जबकि टैंक की बड़ी और चौड़ी होती है। इंडियन आर्मी के पास बीएमपी-1 और बीएमपी-2 हैं। बीएमपी -2 अपग्रेडेड वर्जन है. recent visitors 61

2030 तक चीन के पास 1000 पार करेगी परमाणु हथियारों की संख्या: रिपोर्ट

बीजिंग  चीन तेजी से अपने परमाणु हथियारों को बढ़ा रहा है और अगले छह साल में इनकी संख्या एक हजार को पार कर जाएगी। अमेरिकी रक्षा खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट में ये दावा किया गया है। अमेरिकी एजेंसी की 'परमाणु चुनौतियां: रणनीतिक प्रतिस्पर्धियों और क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों की बढ़ती क्षमताएं' शीर्षक से आई इस रिपोर्ट कहा गया है कि चीन नई परमाणु क्षमताओं की पूरी सीरीज विकसित कर रहा है। इसमें परमाणु मिसाइल साइलो का सबसे बड़ा निर्माण भी शामिल है। द वीक की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन अपनी रणनीतिक महत्वाकांक्षाएं और सुरक्षा हित के लिए परमाणु हथियारों का आधुनिकीकरण कर रहा हैं। चीन जिन हथियारों पर काम कर रहा है, उनमें न्यूक्लियर मिसाइलों पर खास ध्यान है। इसमें ग्राउंडमोबाइल, पनडुब्बी-प्रक्षेपित हथियार: परमाणु-सक्षम हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन (एचजीवी) क्षमताएं शामिल हैं। चीन के परमाणु हथियार चिंता का सबब रिपोर्ट कहती है कि चीन तेजी से अपने परमाणु हथियार भंडार का विस्तार कर रहा है। ये अगले दशक में यथास्थिति को अस्थिर करने की क्षमता रखता है क्योंकि यह नई प्रणालियों के उपयोग के लिए अवधारणाओं को विकसित करता है। अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, चीन का अनुमानित परमाणु हथियार भंडार 2030 तकदोगुना होने की उम्मीद है। बीजिंग के परमाणु भंडार में फिलहाल 500 से ज्यादा परिचालन परमाणु हथियार हैं। रिपोर्ट में अनुमान जाहिर किया गया है कि 2030 तक चीन के पास 1,000 से अधिक परिचालन परमाणु हथियार होंगे, जिनमें से अधिकांश महाद्वीपीय अमेरिका तक पहुंचने में सक्षम प्रणालियों पर तैनात किए जाएंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन अपने शस्त्रागार में आईसीबीएम-रेंज परमाणु-सशस्त्र एचजीवी सहित पूरी तरह से नई परमाणु क्षमताओं को पेश करने के लिए भी काम कर रहा है, जिनमें से कुछ को निकट भविष्य में मैदान में उतारा जाएगा, अगर पहले से ही मैदान में नहीं उतारा गया है। किस देश के पास कितने परमाणु हथियार स्वीडिश थिंक टैंक स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट यानी सिपरी (SIPRI) की इस साल जून में आई रिपोर्ट में चीन के पास 500 न्यूक्लियर वॉरहेड होने की बात कही गई थी। जनवरी 2023 में चीन के पास 410 न्यूक्लियर वॉरहेड का जखीरा था लेकिन एक साल यानी जनवरी 2024 तक इनकी संख्या 500 हो गई। रिपोर्ट कहती है कि अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इजरायल लगातार अपने परमाणु हथियार भंडारों का आधुनिकीकरण कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2024 में पूरी दुनिया में 12,221 वॉरहेड थे। इनमें से 9585 संभावित इस्तेमाल के लिए हथियार भंडार में रखे गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक रूस और अमेरिका के पास दुनिया के कुल परमाणु हथियारों का 90 फीसदी स्टॉक है। दोनों के परमाणु हथियारों की संख्या पांच-पांच हजार के ऊपर हैं। रूस और अमेरिका के बाद चीन का नंबर आता है। हालांकि रूस और अमेरिका की तुलना में चीन के हथियारों का भंडार काफी छोटा है। recent visitors 126

भारत ने सऊदी अरब को पीछे छोड़ यूरोप का सबसे बड़ा रिफाइंड ईंधन आपूर्तिकर्ता बनने का गौरव हासिल किया

नई दिल्ली  भारत अपनी जरूरत की तेल का अधिकतर हिस्सा दूसरे देशों से आयात करता है। इसके बाद भी साफ तेल निर्यात करने के मामले में हमारा देश दुनिया में प्रमुख स्थान रखता है। रूस और यूक्रेन के बीच लड़ाई से बदली हुई वैश्विक परिस्थिति का असर है कि भारत सऊदी अरब को पीछे छोड़कर यूरोप का सबसे बड़ा इंधन सप्लायर बन गया है। भारत रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीद रहा है और इसे रिफाइन कर यूरोप के देशों को बेच रहा है। व्यापार खुफिया फर्म केप्लर के आंकड़ों के अनुसार अब भारत सऊदी अरब को पीछे छोड़ते हुए यूरोप का सबसे बड़ा रिफाइंड ईंधन आपूर्तिकर्ता बन गया है। भारत से यूरोप का तेल आयात 360,000 बैरल प्रति दिन पार कर गया है। ऐतिहासिक रूप से सऊदी अरब वैश्विक तेल आपूर्ति में प्रीमियम स्थिति रखता है। वह दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादकों में शामिल है। रूस पर प्रतिबंधों के कारण तेल की कीमत बढ़ी है। इसके चलते यूरोप के देश वैकल्पिक स्रोतों की तलाश कर रहे हैं। ऐसे में भारत ने तेजी से अपनी पहुंच का विस्तार किया है। 20 लाख बैरल प्रतिदिन तक बढ़ सकता है रूस से भारत का तेल आयात रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार रूस और यूक्रेन के बीच लड़ाई शुरू होने से पहले यूरोप भारतीय रिफाइनरियों से प्रतिदिन औसतन 154,000 बैरल तेल आयात करता था। यूरोपीय संघ द्वारा 5 फरवरी को रूसी तेल पर प्रतिबंध लगाने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 200,000 बैरल प्रतिदिन हो गया था। केप्लर का अनुमान है कि अगले साल अप्रैल तक भारत का रूसी तेल आयात 20 लाख बैरल प्रतिदिन से अधिक हो सकता है। यह भारत के कुल तेल आयात का 44% होगा। रूस पर अमेरिका के कड़े प्रतिबंधों से भारत के लिए खुले नए दरवाजे यूक्रेन पर अटैक करने के चलते अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने रूसी तेल पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। इससे भारत के लिए नए दरवाजे खुले हैं। भारत को रियायती दरों पर रूसी तेल प्राप्त करने में मदद मिली है। इससे भारत को 2022 और 2024 के बीच लगभग 7 बिलियन डॉलर की बचत हुई है। रूस से तेल खरीदने पर भारत अमेरिकी डॉलर के बजाय स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन करता है। तेल निर्यात को लेकर भारत ने अपनी स्थिति मजबूत की है। इसे देख सऊदी अरब अपनी तेल उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए कदम उठा रहा है। दिसंबर में सऊदी अरब के नेतृत्व में OPEC+ ने प्रतिदिन 180,000 बैरल जोड़ने की योजना बनाई है। 2025 तक तेल उत्पादन में और वृद्धि होने का अनुमान है। recent visitors 75