नगर निगम आयुक्त ने सफाई मित्रो के साथ मनाई दिवाली, सफाई मित्रो को दी शुभकानाएं वितरित किये मिष्ठान

सिंगरौली नगर पालिक निगम सिंगरौली के आयुक्त श्री डी.के शर्मा ने आज निगम के सभी जोनो मोरवा, नवजीवन विहार, ग्रामीण एवं बैढ़न जो संलग्न सफाई मित्रो के बीच पहुचकर उनके साथ दीपावली त्योहार की खुशियां बाटी साथ ही निगमायुक्त के द्वारा सफाई मित्रो को मिष्ठान के पैकेट, दिया एवं बाती का वितरण कर सफाई मित्रो को रोशनी के त्योहार दीपावली की शुभकामना प्रेषित की।   इस अवसर पर निगमयुक्त ने सफाई मित्रो को संबोधित करते हुये कहा कि  किसी भी नगर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सफाईकर्मी नींव के पत्थर होते हैं। किसी भी नगर को सुन्दर बनाने का सर्वाधिक श्रेय स्वच्छता के वाहक सफाई मित्रो को ही जाता है। आप सब के अभिवन प्रयासो का ही परिणाम है कि हमारा नगर साफ एवं सुन्दर दिखता है। आज हम सब रोशनी के पर्व दीपावली पर एक साथ सकल्प ले कि आगे भी अपने नगर को स्वच्छ सुन्दर बनाने के लिए वर्ष भर पूरी कर्तव्य निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन करेगे।  इस अवसर पर नगर निगम के उपायुक्त आरपी बैस, स्वक्षता निरीक्षक संतोष तिवारी, राजीव सिंह, रामदरश पाण्डे, कैलाश शाह सफाई दरोगा लखमीचंद, छोटू, रामशरण, अशोक त्रिपाठी, राजू, कमलेश भंडारी, दिनेश, रामप्रकाश आईसीमैनेजर आशीष शुक्ला एवं रोहित चौरसिया तथा सफाई मित्र उपस्थित रहे। recent visitors 54

हनीमून के नए अंदाज और नई जगहें

अक्सर नवविवाहित जोड़े चाहते हैं कि उन्हें अकेले में वक्त बिताने का समय मिले और हनीमून के लिए भी जगह ऐसी हो जहां भीड़ न हो, शहर के शोर से कहीं दूर और बस वो दोनों और प्यार ही प्यार हो। गोवा, पेरिस, स्विट्जरलैंड, डिज्नी वल्र्ड ये सब पुराने हनीमून ट्रिप हो गए लेकिन अपने पार्टनर के साथ पहली ट्रिप के लिए आप अलग सी जगहें जा सकते हैं। कोस्टा रिका व बेलिज इन्हें दुनिया में सबसे तेजी से उभरते हनीमून स्थलों के रूप में बताया जा रहा है। चूंकि नए जोड़े अब बीच पर मस्ती के अलावा भी कुछ तलाश रहे हैं इसलिए मध्य अमेरिका में स्थित कोस्टा रिका व बेलिज तमाम तरह की गुंजाइश उपलब्ध कराते हैं। चाहे वह घने जंगल में पेड़ की सबसे ऊंची डाल पर मचान से नीचे लटकने का आनंद हो या फिर झरने में नहाने का या माया सभ्यता के अवशेषों को देखने का। बीच तो खैर यहां एक से बढ़कर एक हैं ही। यहां आपको चार सौ डॉलर रोजाना की दर में हनीमून कॉटेज मिल सकती है। ट र्क्स एंड काइकोस अमेरिका में मियामी से एक छोटी सी उड़ान आपको यहां ले जाती है। सैलानियों के लिए यह जगह अपेक्षाकृत नई है। यहां के सफेद महीन रेत वाले बीच आपको ज्यादा सुकूनभरे लगेंगे। यहां के पानी के भीतर की कोरल रीफ भी आपको ज्यादा छेड़छाड़-मुक्त मिलेगी। यहां का पैरट के रिसॉर्ट तमाम सेलेब्रिटीज की पसंद है। यहां आपको 315 डॉलर प्रतिदिन की दर से कमरे मिल जाएंगे। यहां शैम्पेन की मस्ती के बीच गुलाब की पंखुड़ियां पर आप हनीमून मना सकते हैं। यह जगह सुकून से कुछ दिन बिताने के लिए उपयुक्त है। क्रोएशिया इसे हमेशा से यूरोप के सबसे खूबसूरत इलाकों में माना जाता रहा है। नब्बे के दशक में युद्ध ने इसे उजाड़ बना दिया था। लेकिन अब सैलानी फिर से एड्रियाटिक तट पर स्थित इस देश का रुख कर रहे हैं। इसका लंबा तट ही इसकी सबसे बड़ी खूबसूरती है। यहां आपको साइक्लिंग, गोल्फ, कैंपिंग, घुड़सवारी, क्लाइंबिंग, डाइविंग, फिशिंग, राफ्टिंग, कयाकिंग, एडवेंचर रेसिंग, गुब्बारे में उड़ान, आदि के लिए पूरा अवसर मिलेगा। धार्मिक पर्यटन और हेल्थ पर्यटन के भी यहां बड़ी संख्या में सैलानी आते हैं। सेंट लूसिया कैरेबियाई समुद्र के सबसे खूबसूरत इलाकों में से एक। पिछले कुछ समय से यह पसंदीदा टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में रहा है लेकिन सैलानियों की संख्या अभी इतनी नहीं हुई है कि यहां की शक्लो-सूरत बदल दे। दरअसल अब भी यहां केले का व्यवसाय पर्यटन से बड़ा माना जाता है। यहां लोग सिर्फ और सिर्फ सुकून के लिए आते हैं। आपको ऐसे रिसॉर्ट मिल जाएंगे जिनमें न फोन है, न रेडियो और न ही टीवी। जेड माउंटेन रिसॉर्ट के कमरों में तो केवल तीन दीवारें हैं और चैथी दिशा में कमरा आपके निजी अंतहीन पूल में खुलता है जो आपको बेरोकटोक नजारा देता है। ऐसे कमरे आपको कई अन्य रिसॉर्ट में भी मिल जाएंगे। बोरा बोरा प्रशांत महासागर में स्थित फ्रांसीसी आधिपत्य वाला यह द्वीप कई दशकों से एक पसंदीदा हनीमून डेस्टिनेशन रहा है। इसे सबसे लोकप्रिय द्वीप के तौर पर भी माना जाता है। यहां आने पर जन्नत का सा अहसास होता है। लैगून में पानी के बीच में बने बंगले बोरा-बोरा के ज्यादातर रिसॉर्ट की खासियत हैं। यहां से मिलने वाला नजारा और यहां की प्राइवेसी, दोनों ही दुर्लभ हैं। इस द्वीप की कुल आबादी नौ हजार से भी कम है। जाहिर है कि यहां के तमाम रिसॉर्ट में हनीमून पर आए जोड़ों को सहूलियतें देने की होड़ सी रहती है। कोई नाव से मुफ्त में लाने-ले जाने की सुविधा देता है तो कोई शैम्पेन के साथ कैंडललाइट डिनर। कोई क्रूज का आकर्षण पेश करता है तो कोई जोड़े के लिए बॉडी ट्रीटमेंट का। लेकिन सुविधाओं की कीमत भी है। आपकी सारी चीजें चाहिए तो तीन रात का पैकेज चार हजार डॉलर तक आपकी जेब हल्की कर सकता है। थाईलैंड यूं तो थाईलैंड अपने तटों के लिए दुनियाभर में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है। खास तौर पर फुकेट द्वीप में सैलानी उमड़े पड़े रहते हैं। लेकिन जो लोग समुद्र तट से उकता चुके हों, उनके लिए भी थाईलैंड में काफी कुछ हैं। जैसे कि गोल्डन ट्राइएंगल इलाका जहां थाईलैंड, बर्मा व लाओस मिलते हैं। यहां बीच भले ही न हो लेकिन जोड़े यहां नाव पर बैठकर नदी के रास्ते रिसॉर्ट में पहुंचते हैं, पूल व स्पा का मजा ले सकते हैं, मेकोंग नदी में क्रूज कर सकते हैं, पिकनिक मना सकते हैं या हाथियों के साथ खेल सकते हैं। रात में नदी किनारे कैम्पफायर करते-करते डिनर कर सकते हैं। यहां पुराने शहर हैं, प्राचीन मंदिर हैं, शॉपिंग के लिए बर्मा जाया जा सकता है। यहां के कई रिसॉर्ट में टेंटनुमा स्यूट का किराया प्रतिदिन हजार डॉलर से शुरू होता है। न्यूजीलैंड न्यूजीलैंड आकार-प्रकार में ब्रिटेन व जापान सरीखा भले ही हो लेकिन इसकी आबादी महज चालीस लाख है। इस लिहाज से इसे दुनिया के सबसे कम भीड़-भाड़ वाले देशों में माना जा सकता है। लेकिन प्रकृति व संस्कृति के मामले में यह अपार है। ऐसी जगह, जहां आप साल में कभी-भी मौज-मस्ती के लिए जा सकते हैं, आपको चाहे सुकून भरे पल चाहिए हों या फिर रोमांचकारी रोमांस। यहां कई द्वीप ऐसे हैं जो आपको ऐसी प्राइवेसी देते हैं जो आपको शायद कहीं न मिले। बानगी देखिए कि बे ऑफ आईलैंड्स में एक रिसॉर्ट में केवल चार विला हैं और हर विला अपने आपमें एक मिनी होटल सरीखा है जहां किसी और को आने-जाने की इजाजत नहीं है। रोजाना 650 डॉलर में आपको अपना अलग पूल, जैक्वेजी, और चारों तरफ कांच लगा स्नानघर मिलेगा। स्कॉटलैंड अगर आप ठेठ अंदाज और महलों-किलों के शौकीन है तो आपके हनीमून के लिए स्कॉटलैंड से बेहतर जगह कुछ नहीं.. खास तौर पर यदि आपको वहां के कुछ चुनिंदा कैसल यानी पुराने महलों में टिकने की जगह मिल जाए जो अब होटलों में तब्दील हो चुके हैं। इनके किराये प्रति रात 600 डालर से शुरू होते हैं। स्कॉटिश हाईलैंड्स में स्कीबो कैसल में तो मैडोना व गाय रिची ने शादी रचाई थी। यह कैसल इतना खास है कि इसमें महज 21 बेडरूम हैं और कोई मेहमान इनमें से किसी एक बेडरूम में जीवनकाल में … Read more

कलेक्टर ने नागरिकों को दी दीपावली और गोवर्धन पूजा की बधाई

सिंगरौली कलेक्टर  श्री चन्द्रशेखर शुक्ला जिले के सभी निवासियों को दीपोत्सव और गोवर्धन पूजा की बधाई और शुभकामनाएं दी है । अपने बधाई संदेश में श्री शुक्ला ने नागरिकों के सुखी और समृद्ध जीवन की कामना करते हुये कहा कि रोशनी का यह पर्व सभी के जीवन को ज्ञान, ऊर्जा और आरोग्य से आलोकित करे।आप सबको मेरी एवं जिला प्रशासन की ओर से दीपोत्सव एवं गोवर्धन पूजा की हार्दिक शुभकामनए। recent visitors 69

विवेक रामास्वामी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया स्वरूप सड़क पर कचरा उठाया, दिखाई एकजुटता

न्यूयॉर्क फार्मास्युटिकल उद्योगपति और रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया स्वरूप सड़क पर कचरा उठाया। बाइडेन ने अपने बयान में ट्रंप समर्थकों को "कचरा" कहा था, जिसे लेकर रामास्वामी ने विरोध जताया। उन्होंने उत्तरी कैरोलिना के शार्लोट में एक ट्रंप अभियान कार्यक्रम से पहले कचरा ट्रक के कर्मचारियों के साथ मिलकर सड़कों की सफाई की। रामास्वामी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक तस्वीर साझा की जिसमें उन्होंने लिखा, "हम कचरा नहीं हैं, हम वो देशभक्त हैं जो अमेरिकी सपने को फिर से संवार रहे हैं।" उन्होंने कचरा कलेक्टर की जैकेट पहनी और कचरा ट्रक कर्मचारियों से काम के बारे में सीखा। रामास्वामी, जो राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार थे और अब ट्रंप का समर्थन कर रहे हैं, ने बाइडेन की टिप्पणी की तुलना 2016 में हिलेरी क्लिंटन की टिप्पणी से की, जिसमें उन्होंने ट्रंप समर्थकों को "असभ्य" कहा था। यह टिप्पणी डेमोक्रेटिक पार्टी के खिलाफ कामकाजी वर्ग के गुस्से का कारण बनी थी। उप राष्ट्रपति कमला हैरिस ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह किसी भी मतदाता को निशाना बनाए जाने के विचार से असहमत हैं। recent visitors 74

Govardhan Puja 2024: गोवर्धन पूजा के दिन करें मथुरा-वृंदावन के मंदिरों में दर्शन

दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। इस दिन को कुछ जगहों पर अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता है। गोवर्धन पूजा में गोवर्धन यानी की गायों के गोबर या गोधन की पूजा की जाती है। हिंदू धर्म में गायों को पूजनीय माना गया है। इस साल गोवर्धन पूजा 2 नवंबर को मनाई जा रही है। इस दिन महिलाएं गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाती हैं। गोवर्धन का त्योहार श्री कृष्ण से जुड़ा है और इस दिन लोग गोवर्धन पर्वत की पूजा करते हैं। गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करते हैं और ऐसी मान्यता है कि गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने से उनकी मनोकामना पूरी होती है। ये भी माना जाता है कि गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने से चार धाम यात्रा करने जितना पुण्य प्राप्त होता है। अगर आप भी इस गोवर्धन पूजा के लिए गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने की योजना बना रहे हैं तो मथुरा वृंदावन की सैर करें। आइए जानते हैं इस गोवर्धन पूजा पर कैसे मथुरा-वृंदावन की बजट यात्रा कर सकते हैं। गोवर्धन पूजा के दिन करें मथुरा वृंदावन के दर्शन श्रीकृष्ण की नगरी की यात्रा की शुरुआत मथुरा से करें। दिल्ली से मथुरा की दूरी लगभग 162 किमी है। सफर तय करने में 3 घंटे का समय लग सकता है। देर रात या भोर के वक्त निकलेंगे तो सुबह की आरती के वक्त मथुरा पहुंच जाएंगे। मथुरा दर्शन के बाद वृंदावन और गोकुल बरसाना की यात्रा कर सकते हैं। इसके अलावा यमुना घाट पर स्नान के लिए जा सकते हैं। मथुरा वृंदावन में घूमने की जगह मथुरा में आप श्री कृष्ण जन्मभूमि के दर्शन के लिए जा सकते हैं। इसके अलावा द्वारिकाधीश मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। वृंदावन में श्री राधारमण, श्री राधा दामोदर, राधा श्याम सुंदर ,रंगनाथ जी का मंदिर, प्रेम मंदिर, श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर, अक्षय पात्र, वैष्णो देवी मंदिर के भी दर्शन करें। निधिवन ,श्री रामबाग मंदिर, गोपीनाथ, गोकुलेश, श्री कृष्ण बलराम मंदिर के भी दर्शन कर सकते हैं। यहां आप गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा जरूर करें और गोवर्धन पर्वत की पूजा करें और यहां  दानघाटी मंदिर के दर्शन जरूर करें। मथुरा वृंदावन का बजट ट्रिप मथुरा वृंदावन की यात्रा के लिए दिल्ली से बस का किराया लगभग 300 रुपये हो सकता है। इसके अलावा अगर आप निजी टैक्सी बुक करते हैं तो 3000 से 5000 रुपये में यात्रा पर जा सकते हैं। यहां रहने के लिए 1000-1200 तक होटल में कमरा मिल जाएगा। स्थानीय जगहों की सैर के लिए ऑटो रिक्शा बुक करें।  से प्रतिदिन लगभग 400-500 रुपए में कई मंदिरों की सैर का मौका मिल जाएगा। टैक्सी से सफर का मजा ले रहे हैं तो यहां लगभग 1500-1800 रुपए में पूरा शहर घूम सकते हैं। वहीं अगर आप टूर पैकेज ले रहे हैं तो आपको लगभग 7000 रुपए / व्यक्ति(2 रात 3 दिन ) का मिल सकता है। recent visitors 182

लोमड़ी का आतंक: बच्चों और बुजुर्ग समेत 6 लोगों पर हमला कर किया घायल

कोरबा जिले में एक बार फिर लोमड़ी का आतंक देखने को मिला है। इस बार विकासखंड पाली के ग्राम बतरा और पोड़ी में लोमड़ी ने 6 लोगों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया है, जिनमें बच्चे, महिला और वृद्ध शामिल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। वहीं, लोमड़ी के हमले से दोनों गांवों के ग्रामीणों में वन विभाग को लेकर काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि विभाग उत्पाती लोमड़ी को पकड़ नहीं पा रहा है। बता दें कि ताजा मामला गुरुवार रात का है। पोड़ी निवासी गीता बाई जंगल की ओर गई थीं, जहां उन पर अचानक लोमड़ी ने हमला कर दिया। इसी तरह अलग-अलग घटनाओं में अब तक 5 अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनमें नगराहीपारा निवासी योगेश कुमार राज (11), अंश वीर मरावी (11) और बुजुर्ग लाला राम मरावी (75) पर लोमड़ी ने हमला किया। सोनसरी में नदी किनारे राजेंद्र कुमार टेकाम (13) और रितु कुमारी (11) पर भी हमला हुआ। इस घटना से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी है, जो लोमड़ी को पकड़ने में अब तक असमर्थ रहा है। इससे पहले लोमड़ी के हमले में 17 लोग हुए थे घायल गौरतलब है कि इससे पहले कुछ हफ्तों से जंगल से बस्ती के नजदीक नर्सरी में लोमड़ी विचरण कर रही है, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत है। बिलासपुर, मुंगेली और कोरबा के राजीव नगर में लोमड़ी के हमलों में अब तक कुल 17 लोग घायल हो चुके हैं और अब एक बार फिर कोरबा में एक साथ 6 लोगों पर लोमड़ी के हमले का मामला सामने आया है। recent visitors 76

प्रदेश में धार्मिक स्थलों में खुलेंगे वृद्धाश्रम, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुजुर्गों संग मनाई दिवाली

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को दीपावली के पावन पर्व पर राजधानी के शिवाजी नगर में स्थित सेवा भारती आनंद धाम पहुंचकर वृद्धजनों के साथ दीपोत्सव का जश्न मनाया। सीएम ने बुजुर्गों को दीपावली की बधाई दी और उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने बुजुर्गों के साथ फुलझड़ी भी जलाई और उन्हें मिष्ठान एवं उपहार भेंट कर दीप-पर्व की खुशियां बांटी। इस अवसर पर अनेक बच्चों के साथ-साथ अनेक समाजसेवी भी उपस्थित थे। इस दौरान बुजुर्गों ने सुरीले भजन भी गाए। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कि ईश्वर के पश्चात माता-पिता का स्थान होता है। हमारी प्राचीन संस्कृति श्रवण कुमार वाली संस्कृति है। मेरे माता-पिता देवलोक गमन कर चुके हैं। लेकिन आज आनंद धाम में आकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि अपने माता-पिता के बीच में आया हूं। मध्य प्रदेश सरकार सबको साथ लेकर चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एमपी में डबल इंजन की सरकार है। बुजुर्गों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराएगी सरकार इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के धार्मिक महत्व के स्थान पर इस तरह के धाम और आश्रम प्रारंभ किए जाएंगे। इससे बुजुर्गजन इन कार्यक्रमों से जुड़ सकेंगे। इसके साथ ही वृद्धजन की सहायता और उपचार में मदद के लिए विशेष पहल की जाएगी। जिन बुजुर्गों के बच्चे विदेश में नौकरी कर रहे, उन्हें यहां आनंद धाम या वृद्धाश्रम में रहने पर यदि स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत होती है तो उनके लिए व्यवस्था की जाएगी। ऐसे बुजुर्गों को अस्पताल में दाखिल करवाया जा सके, इसके लिए अस्पताल में बेड भी आरक्षित किए जाएंगे। इन जगहों पर खुलेंगे वृद्धाश्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के आयुक्त को उज्जैन, ओरछा, ओंकारेश्वर एवं चित्रकूट में वृद्धजन के लिये वृद्धश्रम संचालित करने तथा उनमें वृद्धजन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। 80 से ज्यादा वृद्धाश्रम चला रहा विभाग यहां पर यह बता दें कि सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा प्रदेश में 83 वृद्धाश्रमों का संचालन किया जा रहा है। इन वृद्धाश्रमों में वृद्धजन को आवास, भरण-पोषण, मनोरंजन, स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। वृद्धजन के लिये प्रदेश में 11 नवीन 50 सीटर वृद्धाश्रम भवन बैतूल, गुना, झाबुआ, मुरैना, सिंगरौली, उमरिया, सतना, जबलपुर, खरगौन, टीकमगढ़ एवं सीधी में संचालित हैं। उज्जैन के कुष्ठ धाम भी पहुंचे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने गृहनगर उज्जैन में कुष्ठ धाममें आयोजित दीपावली उत्सव कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया और दीपोत्सव मनाया। उन्होंने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। वृद्धजनों की मुस्कराहट और उनके आशीर्वाद ने आज दीपोत्सव के पावन पर्व दीपावली का आनंद दोगुना कर दिया। recent visitors 67