Wednesday, July 8, 2026 8:25 pm

दिवाली पर घर आते समय हादसा, राजस्थान-झुंझुनूं में सीआरपीएफ जवान की सड़क हादसे में मौत

झुंझुनूं. दीपावली पर बड़े अरमानों के साथ अपने परिवार से मिलने घर आ रहा सीआरपीएफ जवान एक सड़क हादसे का शिकार हो गया। झुंझुनूं जिले के पिलानी में गुरुवार देर शाम एक सड़क हादसा हो गया, जिसमें सीआरपीएफ जवान की मौके पर ही मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जसवीर सिंह ने पिलानी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई, जिसमें बताया है कि मेरे बहनोई रामकिशन पुत्र गुलाब सिंह उम्र 40 वर्ष निवासी दोबडा जो कि सीआरपीएफ के ग्रुप सेंटर-2 में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात थे। जसवीर सिंह ने पिलानी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि सीआरपीएफ के ग्रुप सेंटर-2 में कॉन्स्टेबल 31 अक्तूबर को छुट्टी लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान शाम 7:15 बजे डूलानिया पीपली के बीच फौजी धर्म कांटा के पास एक ट्रक सड़क के बीच खड़ा हुआ था। ट्रक ड्राइवर ने लापरवाही बरतते हुए इस ट्रक को खड़ा कर रखा था, जिसके पीछे न ही कोई रिफलेक्टर पट्टी ओर न ही इंडीकेटर जला हुआ था, जिसके कारण ट्रक दिखाई नहीं दिया और बाइक ट्रक से जा टकराई। उसके बाद किसी राहगीर ने फोन पर हादसे की जानकारी घर वालों को दी, जिसके बाद घायल जवान को पिलानी के निजी अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने दोबडा निवासी सीआरपीएफ जवान रामकिशन मेघवाल पुत्र गुलाब सिंह को मृत घोषित कर दिया। उसके बाद शव को अस्पताल मोर्चरी में रखवाया गया। शव परिजनो को सौंप दिया। सीआरपीएफ जवान रामकिशन का उनके पैतृक गांव पिलानी के दोबडा में सैन्य सम्मान के साथ अन्तिम संस्कार किया गया। recent visitors 79

अडानी कंपनी का बांग्लादेश पर 846 मिलियन डॉलर का बकाया, आधी की सप्लाई!

ढाका  दिवाली के बाद बांग्लादेश की बत्ती गुल होने के आसार बन रहे हैं। दरअसल, अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी पावर झारखंड लिमिटेड ने बांग्लादेश को बिजली की सप्लाई आधी कर दी है। सप्लाई रोकने का कारण बिजली के बकाया बिलों का पेमेंट नहीं होना है। यदि मसला हल नहीं हुआ तो हो सकता है कि आने वाले दिनों में बांग्लादेश में अंधेरा छा जाए। 846 मिलियन डॉलर का है बकाया स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अडानी पावर की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी अडानी पावर झारखंड लिमिटेड (APJL ) ने बांग्लादेश को अपनी आधी बिजली की सप्लाई रोक दी है। कंपनी का उसके ऊपर 846 मिलियन डॉलर का बकाया है। द डेली स्टार अखबार के मुताबिक पावर ग्रिड बांग्लादेश पीएलसी के आंकड़ों से पता चला है कि अडानी प्लांट ने गुरुवार रात को आपूर्ति कम कर दी। अखबार ने बताया कि बांग्लादेश ने गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात को 1,600 मेगावाट (MW) से अधिक की कमी की सूचना दी, क्योंकि 1,496 मेगावाट का प्लांट अब एक यूनिट से 700 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रहा है। 30 अक्टूबर तक बकाया भरने को कहा था इससे पहले अडानी कंपनी ने ऊर्जा सचिव को पत्र लिखकर बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (PDB) से 30 अक्टूबर तक बकाया राशि का भुगतान करने को कहा था। 27 अक्टूबर को लिखे पत्र में कहा गया था कि यदि बिलों का भुगतान नहीं किया गया तो कंपनी 31 अक्टूबर को बिजली आपूर्ति बंद कर पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) के तहत सुधारात्मक कार्रवाई करने को बाध्य होगी। कंपनी ने कहा कि पीडीबी ने न तो बांग्लादेश कृषि बैंक से 170.03 मिलियन अमरीकी डालर की राशि के लिए लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) उपलब्ध कराया है और न ही 846 मिलियन अमरीकी डालर की बकाया राशि का भुगतान किया है। अडानी भेज रहा है ज्यादा बिल? अखबार ने पीडीबी के एक अधिकारी के हवाले से कहा कि उन्होंने पहले पिछले बकाए का एक हिस्सा चुका दिया था, लेकिन जुलाई से अडानी पिछले महीनों की तुलना में अधिक पैसे ले रहा है। उन्होंने कहा कि पीडीबी करीब 18 मिलियन अमरीकी डालर का साप्ताहिक भुगतान कर रहा है, जबकि शुल्क 22 मिलियन डालर से अधिक है। उन्होंने कहा, "इसी कारण से बकाया भुगतान फिर से बढ़ गया है।" बकाया भुगतान का दवाब तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के हटने के बाद जब से नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार का कार्यभार संभाला है, तभी से अडानी बकाया भुगतान करने का दबाव बना रहे हैं। अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी ने भी मुख्य सलाहकार यूनुस को इस बारे में पत्र लिखा था। recent visitors 85

नेशनल हाइवे पर ट्रक चालकों से रात में करता है लूट, राजस्थान-सिरोही में लुटेरा गिरफ्तार

सिरोही. सिरोही जिले में सरूपगंज पुलिस द्वारा नेशनल हाइवे पर रात में ट्रक चालकों के साथ लूट की वारदात में सम्मिलित आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी जिलास्तर पर टॉप-10 अपराधियों में सम्मिलित था तथा उस पर दो हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। सरूपगंज थानाधिकारी कमल सिंह की अगुवाई में कारवाई की गई। इसमें सिलवाफली, वालोरिया, पुलिस थाना रोहीडा, जिला सिरोही निवासी किरीया पुत्र मंछीराम गमेती भील को गिरफ्तार किया गया। आरोपी घटना के बाद से पुलिस से बचने के लिए लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। कई बार आरोपी के घर दबिश दी गई। लेकिन, वह नहीं मिला। दीपावली के त्योहार पर आरोपी के घर आने की संभावना होने पर पुलिस टीम मुखबिरी तंत्र के संपर्क में रही। जैसे ही आरोपी के घर आने की सूचना मिली पुलिसकर्मियों द्वारा उसके घर के चारो ओर घेरा डालकर गिरफ्तार किया गया। इस मामले में अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार कर जेल भिजवाए जा चुके हैं। आरोपी के खिलाफ सरूपगंज थाने में विभिन्न धाराओं में तीन मामले दर्ज हैं। कार्रवाई में पुलिस थाना सरूपगंज के कांस्टेबल गोविंदराम, दिनेश कुमार, वागाराम, बखतराम, पुखराज, बजरंगलाल, रामलाल, दिनेश कुमार, पुनाराम, सुरेश कुमार, तेजाराम, मोरमुकुट सिंह एवं दलपत सिंह की टीम सम्मिलित रही। गौरतलब है कि आरोपी द्वारा अपने सहयोगी के साथ मिलकर आठ मई 2024 की रात को उडवारिया के पास खाना बना रहे एक ट्रेलर ड्राइवर पर पत्थरबाजी करते हुए डीजल चोरी कर भाग गए था। इस मामले में ड्राइवर की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। recent visitors 70

ओडिशा के सुंदरगढ़ में दर्दनाक सड़क हादसे में 7 लोगों की मौत

सुंदरगढ़ ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में शनिवार सुबह कोहरे के कारण ट्रेलर में टक्कर लगने से एक भजन मंडली के कम से कम सात सदस्यों की मौत हो गई है। इस हादसे में पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सुंदरगढ़ के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भजन मंडली के गायक शनिवार सुबह अंतिम संस्कार में हिस्सा लेकर अपने-अपने गांव वापस जा रहे थे तभी चालक ने पीछे से खड़े ट्रेलर में टक्कर मार दी जिससे छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक अन्य ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इससे पहले सुंदरगढ़ के कंदाधुडा और समरपिंडा गांवों की भजन मंडली श्राद्ध कर्म के लिए छत्तीसगढ़ के चकबहाल गई थी और सभी एक मारुति वैन में वापस लौट रहे थे। दक्षिण पश्चिमी रेंज के डीआईजी बृजेश राय ने घटना की जानकारी देते हुए कहा, “यह दुर्घटना देर रात लगभग 2 बजे के बीच हुई। वे मारुति वैन में यात्रा कर रहे थे जो एमसीएल-टोपरिया रोड पर खड़े एक ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि चालक समेत सात लोगों की वहीं मौत हो गई। पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को हेमगिर के एक स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया है। चालक भजन मंडली को अपने पिता के श्राद्ध समारोह में ले गया था।” फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। दुर्घटना के पीछे का सही कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है लेकिन संदेह है कि इलाके में कोहरे की वजह से विजन कम था और वैन चालक ट्रेलर को नहीं देख पाया जिसके बाद यह टक्कर हुई। recent visitors 78

दीपावली के दो दिन बाद भी पटाखों पर लगी रोक के बाद हुआ, दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में बरकरार

नई दिल्ली शनिवार सुबह दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग की एक परत छा गई, जिससे एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) में ‘खराब’ स्तर दर्ज किया गया। दीपावली के दो दिन बाद भी पटाखों पर लगी सरकारी रोक के बावजूद ऐसा हुआ। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शनिवार सुबह 7:30 बजे दिल्ली का औसत एक्यूआई 294 था, जिसमें 18 इलाकों में एक्यूआई 300 से ऊपर था, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। सबसे प्रभावित इलाकों में आनंद विहार (380), आईजीआई एयरपोर्ट (341), आरके पुरम (340), और पंजाबी बाग (335) शामिल थे। इसके अलावा, 19 अन्य इलाकों में एक्यूआई 200-300 के बीच था, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है, जिनमें अलीपुर (295), जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (284) और मुंडका (288) भी शामिल हैं। दिल्ली के पड़ोसी शहरों में, हरियाणा के फरीदाबाद में एक्यूआई 165 था जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है, जबकि गुरुग्राम में एक्यूआई 219 था, जो ‘खराब’ श्रेणी में गिना गया। उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में एक्यूआई 308 रहा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है; ग्रेटर नोएडा में 202, जो ‘खराब’ श्रेणी में है; और नोएडा में एक्यूआई 250 पर था, जो समान रूप से ‘खराब’ वायु गुणवत्ता को दर्शाता है। शुक्रवार को, दिल्ली और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में ही रही, क्योंकि कई लोगों ने पटाखा बैन और सरकारी अपीलों के बावजूद शुक्रवार रात तक पटाखे जलाए। पिछले कुछ हफ्तों में दिल्ली की वायु गुणवत्ता में गिरावट देखी गई है, जिसका मुख्य कारण पराली जलाना और हवा का धीमा होना है। दिल्ली सरकार ने 14 अक्टूबर से 1 जनवरी, 2025 तक पटाखों पर रोक लगाई थी और इस नियम को सख्ती से लागू करने के लिए 377 प्रवर्तन टीमें तैनात की थीं। हालांकि, कई निवासियों ने इस रोक की अनदेखी कर दीपावली का जश्न मनाया, जिससे क्षेत्र की वायु गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ा। एक्यूआई के मापदंडों के अनुसार: 0-50 ‘अच्छा’, 51-100 ‘संतोषजनक’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘बहुत खराब’ और 401-500 ‘गंभीर’ श्रेणियों में आता है।   recent visitors 67

अक्टूबरने बनाया गर्मी का नया रिकॉर्ड, 1951 के बाद सबसे गर्म रहा महीना

नई दिल्ली  गुलाबी ठंड आमतौर पर अक्टूबर में शुरू होती है, लेकिन इस साल इस महीने में एक खास रिकॉर्ड बना। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने शुक्रवार (1 नवंबर, 2024) को घोषणा की कि इस साल अक्टूबर देश के इतिहास का सबसे गर्म महीना था। मध्य भारत (मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों) में अक्टूबर का सबसे गर्म औसत तापमान रिकॉर्ड किया गया , और उत्तर पश्चिम भारत ने 1901 के बाद से अपना दूसरा सबसे गर्म महीना अनुभव किया है। मौसम विभाग के अनुसार यह महीना 1901 के बाद से भारत का सबसे गर्म अक्टूबर था। इस महीने औसत तापमान सामान्य से 1.23 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि अक्टूबर में औसत तापमान 26.92 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 1901 के बाद से सबसे अधिक है, जबकि सामान्य तापमान 25.69 डिग्री सेल्सियस था। सबसे गर्म महीना रहा अक्टूबर देशभर में सामान्य तापमान 20.01 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले न्यूनतम तापमान भी 21.85 डिग्री सेल्सियस मापा गया। दिल्ली की बात करें तो अक्टूबर की गर्मी ने पिछले 73 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दिल्ली के सफदरजंग मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक इस साल अक्टूबर 1951 के बाद सबसे गर्म महीना था। इस साल अक्टूबर में राजधानी का अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस था। 1951 की शुरुआत में, उच्चतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिन के साथ रात भी रही गर्म बता दें कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD)  ने कहा है कि नवंबर के पहले दो हफ्ते में देश के बहुत से हिस्सों में सामान्य से ज्यादा तापमान का दौर जारी रहने की उम्मीद है। इसके साथ ही दूसरे सप्ताह में मामूली गिरावट और महीने के बाकी दिनों में तापमान में धीरे-धीरे गिरावट होने की संभावना है। आखिर ठंड न आने का क्या है कारण IMD का कहना है कि ठंड न आने का कारण ला नीना का न बनना है। हलांकि यह मध्य और पूर्व-मध्य भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्र की सतह के तापमान के समय-समय पर ठंडा होने से जुड़ी एक जलवायु घटना है, जो अभी तक कुछ खास विकसित नहीं हुई है। उम्मीद है कि नवंबर के लास्ट और दिसंबर की शुरुआत में ला नीना बन सकती है। अगर होगा तो आगे (दिसंबर-फरवरी) कड़ाके की सर्दी पड़ने की उम्मीद है। वायु गुणवत्ता की चुनौती: दिल्ली की मौजूदा मौसम की स्थिति के साथ-साथ, शहर में वायु प्रदूषण भी एक गंभीर मुद्दा बना हुआ है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शनिवार सुबह 7:30 बजे औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 294 दर्ज किया गया, जो अलार्मिंग स्तर पर है. दिल्ली एनसीआर के अन्य शहरों में AQI भी कम नहीं है. फरीदाबाद में 165, गुरुग्राम में 219, गाजियाबाद में 308, ग्रेटर नोएडा में 202 और नोएडा में 250 अंक दर्ज किए गए हैं. दिल्ली के 18 इलाकों में AQI स्तर 300 से ऊपर और 400 के बीच बना हुआ है. उदाहरण के लिए, आनंद विहार में AQI 380, IGI एयरपोर्ट पर 341, जबकि रोहिणी में 304 अंक दर्ज किया गया है. दूसरी ओर, दिल्ली के 19 इलाकों में AQI स्तर 200 से ऊपर 300 के बीच है. नतीजतन, यह प्रदूषण का स्तर न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है बल्कि लोगों की सामान्य दिनचर्या पर भी प्रभाव डाल रहा है. recent visitors 54

चार ट्रेनें रद्द और 12 ट्रेनों का बदलेगा मार्ग, राजस्थान-जयपुर जंक्शन पर इसी महीने बदलाव

जयपुर. राजधानी जयपुर से रेल का सफर करने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। जयपुर रेलवे में कुछ डेवलपमेंट के कामों की वजह से 29 नवंबर से ट्रेन रूट बदले जाएंगे। काम की वजह से रूट बाधित रहने के चलते कुछ ट्रेनों का संचालन दो महीने तक जयपुर जंक्शन से नहीं होगा। राजधानी जयपुर से रेल यात्रा की टिकट बुक करवा चुके यात्रियों के लिए यह खबर बेहद महत्वपूर्ण है। रेलवे ने जयपुर से चलने वाली कुछ ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है। कुछ ट्रेन रूट दो महीने के लिए रद्द होंगे, जबकि दर्जन भर ट्रेनों के रूट में बदलाव किया गया है। स्टेशन के डेवलपमेंट का काम करीब दो महीने चलने वाला है। ऐसे में यह स्थिति 29 नवंबर से 13 जनवरी तक बनी रहेगी। यहां शॉपिंग जोन भी बनाया जा रहा है। चार ट्रेन रद्द और 12 ट्रेनों का बदलेगा रूट जयपुर रेलवे स्टेशन के डेवलपमेंट काम की वजह से जयपुर से चलने वाली चार ट्रेन रद्द की जाएगी। इन्हें दूसरे स्थान से चलाया जाएगा। वहीं, 12 ट्रेनों के रूट भी बदले जाएंगे। जानकारी के मुताबिक, 29 नवंबर से 13 जनवरी तक बठिण्डा-जयपुर-बठिण्डा ट्रेन, मदार-रेवाड़ी-मदार ट्रेन का संचालन प्रारिम्भक स्टेशन से रद्द रहेगा। जबकि 28 नवंबर से नौ जनवरी तक बाड़मेर-दिल्ली ट्रेन, शोलापुर-अजमेर ट्रेन, श्रीगंगानगर-बान्द्रा टर्मिनस ट्रेन और 28 नवंबर से 12 जनवरी तक बान्द्रा टर्मिनस-श्रीगंगानगर ट्रेन, काठगोदाम-जैसलमेर 29 नवंबर से 10 जनवरी तक दिल्ली-बाड़मेर ट्रेन, 29 नवंबर से 13 जनवरी तक दिल्ली-जोधपुर सुपरफास्ट ट्रेन, जैसलमेर-काठगोदाम ट्रेन, 30 नवंबर से सात जनवरी तक रामेश्वरम-फिरोजपुर कैंट ट्रेन और चार दिसम्बर से आठ जनवरी तक अजमेर-शोलापुर टे्रन बदले रूट से चलेगी। वहीं, 18 नवंबर से 12 जनवरी के मध्य अलग-अलग समयावधि में जयपुर-हिसार, जयपुर-बठिण्डा, जयपुर-बयाना-बयाना, जयपुर-मथुरा-जयपुर और जयपुर-हिसार ट्रेन, जयपुर-बान्द्रा टर्मिनस, जयपुर-भोपाल, भोपाल-जयपुर ट्रेन भी जयपुर जंक्शन नहीं आएगी। प्लेटफॉर्म नंबर दो और तीन को एयरकोन कॉर्स बनेंगे जयपुर रेलवे स्टेशन को विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस करने के लिए 700 करोड़ की लागत से री-डेवलपमेंट का काम चल रहा है। इसके तहत प्लेटफॉर्म नंबर दो और तीन को एयरकोन कॉर्स बनाया जा रहा है। इससे यात्रियों को कई अच्छी सुविधाएं मिलने वाली हैं। recent visitors 125