Tuesday, July 7, 2026 12:19 am

उज्जैन में महाकाल मंदिर तक रोप-वे सेवा: रेलवे स्टेशन से 1.76 किमी तक सफर होगा आसान

Ropeway service to Mahakal temple in Ujjain: Travelling for 1.76 km from the railway station will be easy उज्जैन रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक आप रोप-वे से आ-जा सकेंगे। इसके लिए ओडिशा की एमएस इंफ्रा इंजीनियर कंस्ट्रक्शन कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कंपनी ने इनिशियल वर्क भी शुरू कर दिया है। उज्जैन रेलवे स्टेशन से नूतन स्कूल-महाकाल मंदिर प्रशासक कार्यालय तक बनने वाला यह रोप-वे 1.76 किलोमीटर लंबा होगा। मोनोकेबल डिटैचेबल गोंडोला (MDG) सिस्टम से ऑपरेट होने वाले रोपवे में रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक 3 स्टेशन बनाए जाएंगे। रोप-वे में 48 केबिन होंगे। हर 1 केबिन में एक समय में 10 लोग आ-जा सकेंगे। रोप-वे 16 घंटे चालू रहेगा। इस हिसाब से मोटे तौर पर माना जा रहा है कि 16 घंटे में 64 हजार श्रद्धालु इसमें आना-जाना कर सकेंगे। रेलवे स्टेशन से आखिरी स्टेशन तक पहुंचने में करीब 6 मिनट का समय लगेगा। रोपवे 2026 तक शुरू हो जाएगा। recent visitors 300

झारखंड की नई मुख्य सचिव बनीं अलका तिवारी, जानिए कौन है महिला आईएएस

Alka Tiwari became the new Chief Secretary of Jharkhand, know who is the female IAS रांची। झारखंड सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अलका तिवारी को राज्य की नई मुख्य सचिव नियुक्त किया है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने इस नियुक्ति की पुष्टि की है और कार्मिक विभाग ने इसे लेकर आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी है. अलका तिवारी 1988 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और उनके रिटायरमेंट की तिथि 30 सितंबर 2025 है. गौरतलब है कि एल खियांग्ते, जो लगभग 11 महीने तक मुख्य सचिव के पद पर रहे, 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हो गए थे. राज्य सरकार ने उन्हें तीन महीने का एक्सटेंशन देने का प्रस्ताव चुनाव आयोग को भेजा था, लेकिन इस पर कोई आदेश नहीं आया एल खियांग्ते के रिटायरमेंट के बाद मिली जिम्मेदारी एल खियांग्ते के रिटायर होने के बाद वरिष्ठता के आधार पर अलका तिवारी को मुख्य सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है. अलका तिवारी हाल ही में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से मुक्त होकर वापस झारखंड आईं और राज्य के अपर मुख्य सचिवों में सबसे वरिष्ठ होने के नाते उन्हें इस पद के लिए चुना गया. कौन हैं आईएएस अलका तिवारी? अलका तिवारी 1988 बैच की आईएएस अधिकारी हैं, जिनका कार्य अनुभव काफी व्यापक है. वे भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव और वित्तीय सलाहकार के पद पर कार्य कर चुकी हैं. इसके अलावा, वे जनजाति आयोग में सचिव के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं recent visitors 143