Wednesday, July 8, 2026 7:13 pm

अब छह माह तक मां गंगा मुखीमठ में मुखबा स्थित गंगा मंदिर में श्रद्धालुओं काे देंगी दर्शन

उत्तराखंड में गंगाेत्री धाम के कपाट बंद, शीतकालीन पड़ाव के लिए निकली मां गंगा की उत्सव डोली गंगाेत्री  :इस वर्ष यात्रा काल में आठ लाख 11 हजार 542 तीर्थयात्रियाें ने गंगोत्री धाम में नवाए शीश  अब छह माह तक मां गंगा मुखीमठ में मुखबा स्थित गंगा मंदिर में श्रद्धालुओं काे देंगी दर्शन उत्तरकाशी जगविख्यात गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट पर्व पर विधि-विधान पूर्वक शनिवार काे दाेपहर 12:14 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। कपाट बंद हाेने के बाद अब छह माह तक मां गंगा अपने मायके मुखीमठ में मुखबा स्थित गंगा मंदिर में श्रद्धालुओं काे दर्शन देंगी। मां गंगा की उत्सव डोली शनिवार काे मुखीमठ के लिए रवाना हो गई है, जाे शीतकालीन पड़ाव मुखबा पहुंचेगी। गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के मौके पर धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। हर-हर गंगे… जय मां गंगे के जयकारों से गंगाेत्री धाम गूंज उठा। पंच गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने कहा कि शुक्रवार को दीपोत्सव के साथ मां भगवती गंगा के गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। उन्हाेंने कहा कि मां गंगा की उत्सवडोली शनिवार काे मुखीमठ के लिए रवाना हो गई है। मां गंगा की डोली मुखीमठ से तीन किलोमीटर पहले मारकंडे मंदिर में रात्रि विश्राम करेगी। तीन नवंबर रविवार को भैया दूज पर मां गंगा की डोली मुखीमठ गांव पहुंचेगी, फिर मां गंगा की उत्सव मूर्ति को डोली यात्रा के साथ शीतकालीन पड़ाव मुखबा लाया जाएगा। ऐस ेमें अब शीतकाल तक श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन उनके मायके मुखीमठ में कर सकेंगे। यहां छह माह तक मां गंगा की पूजा होगी। उल्लेखनीय है कि इस बार चारधाम यात्रा पर आए आठ लाख 11 हजार 542 तीर्थयात्रियाें ने गंगोत्री धाम के दर्शन कर पुण्य अर्जित किए। इस माैके पर हर्षिल राजपुताना रेजीमेंट की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारा का आयोजन किया। इस दौरान श्रीपंच मंदिर समिति गंगोत्री के अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल, उपाध्यक्ष अनुज, कोषाध्यक्ष सुशील, सह सचिव जय कृष्ण, सदस्य चंडी प्रसाद, सतीश, अभिषेक, संतोष, प्रेमदेव, प्रदीप, सुनील, रावल रविंद्र सेमवाल, राजेश, क्षेत्रीय विधायक सुरेश चौहान, ब्लॉक प्रमुख विनीता रावत, जगमोहन सिंह रावत, राजेंद्र, विजय प्रताप समेत सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे।       recent visitors 125

सॉफ्टवेयर के बगैर पेन ड्राइव पर लगाएं पासवर्ड

स्मार्टफोन गुम होने या चोरी होने पर उसका डाटा एंड्रॉयड डिवाइस मैनेजर का इस्तेमाल कर रिमोट एक्सेस से डिलीट कर सकते हैं मगर पेन ड्राइव खो जाए तब क्या करेंगे। ऐसी समस्या से बचने के लिए आप सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर पेन ड्राइव पर पासवर्ड सेट कर देते हैं। मगर क्या आपको पता है कि पेन ड्राइव पर बिना सॉफ्टवेयर के भी पासवर्ड लगाया जा सकता है। वहीं स्मार्टफोन में भी बिना एप के अपने निजी फोल्डर ओर फोटो को छिपा सकते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में… पेन ड्राइव पर पासवर्ड सेट करना बहुत ही आसान है। पासवर्ड सेट करने के लिए कंप्यूटर या लैपटॉप में दिए गए ‘स्टार्ट’ पर क्लिक करें। इसके बाद  ‘कंप्यूटर पैनल’ में जाएं। यहां दाईं तरफ ऊपर की ओर ‘व्यू बाई’ लिखा मिलेगा, उस पर क्लिक करके  ‘लार्ज आइकन’ का चुनाव करें। इसके बाद बिटलाकर ड्राइव एनएन्क्रिप्सन पर क्लिक करें। नई स्क्रीन खुलने के बाद उसमें कंप्यूटर से जुड़ी हुई ड्राइव दिखाई देंगी। इसमें ‘पेन ड्राइव’ का विकल्प भी होगा जिसके सामने बिटलाकर लिखा मिलेगा, उस पर क्लिक करें। ऐसा करने से नई विंडो स्क्रीन खुलेगी, जिसमें पेन ड्राइव के लिए पासवर्ड टाइप करना होगा। इसके बाद उस स्क्रीन पर ‘नेक्स्ट’ का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक कर दें और आगे बढ़ें। अब स्क्रीन पर दो विकल्प आएंगे जिसमें से ऊपर की ओर सेव द पासवर्ड लिखा मिलेगा उसे चुनें। इस प्रक्रिया के बाद यूजर की पेन ड्राइव आसानी से सुरक्षित हो जाएगी। बिना सॉफ्टवेयर के छिपाएं फोन के फोल्डर स्मार्टफोन में जितने एप होते हैं, उनकी संख्या शायद ही किसी यूजर को पता हो। फोन हैंग होने की असली वजह ज्यादा एप होना भी है। अगर आपके फोन में भी ऐसा ही है तो अपने फोन में से एक एप्लीकेशन एप लॉकर या फोल्डर लॉकर  डिलीट कर दें क्योंकि यूजर बिना ‘एप लॉकर’ से भी निजी फोल्डर फोन में छिपा सकते हैं। इसके लिए फोन के एप मेन्यू में जाएं। वहां दिए गए ‘फाइल मैनेजर’ पर क्लिक करके उसके अंदर जाएं। यहां आप एसडी कार्ड और इंटरनल मेमोरी का भी चयन कर सकते हैं, जहां पर अपनी फाइलों को छिपाना चाहते हैं। मेमोरी का चयन करने के बाद फोल्डर बनाएं। फोल्डर बनाने के लिए ऊपर दाईं ओर दिए गए तीन बिन्दुओं वाले ‘सेटिंग’ के आइकन पर क्लिक करें। इसके बाद एक नई विंडो खुलेगी जिस पर ‘न्यू फोल्डर’ लिखा होगा उस पर क्लिक करते ही नया फोल्डर बन जाएगा और उस पर नाम देने का विकल्प आएगा। ध्यान रहे कि फोल्डर का नाम देने से पहले पहले डॉट (.) अवश्य लगा दें। इसके बाद ‘ओके’ का विकल्प दबाएं। फोल्डर बनाते ही वह छिप जाएगा। फोल्डर को दोबारा देखने के लिए फोल्डर बनाने वाली जगह पर जाएं और वहां ऊपर की तरफ दिए गए ‘सेटिंग’ में जाकर शो हिडन फाइल का चुनाव करें। काम होने के बाद फोल्डर को दोबारा छिपाने के लिए सेटिंग में दिए गए हाईड हिडेन फाइल पर क्लिक करना होगा।     recent visitors 88

Parliament Winter Session की तारीख का एलान, जानें कब से शुरू होगा?

नई दिल्ली संसद का शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से शुरू होगा. यह 20 दिसंबर तक चलेगा. इस दौरान कई अहम बिलों पर चर्चा होगी. शीतकालीन सत्र के दौरान वन नेशन-वन इलेक्शन और वक्फ विधेयक बिल पर भारी हंगामा होने के आसार है. वन नेशन-वन इलेक्शन पर रिपोर्ट को कैबिनेट से मंजूरी के बाद बिल को शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा. बता दें कि विपक्षी दल वन नेशन-वन इलेक्शन का विरोध कर रहे हैं और देश में एक साथ चुनाव के पक्ष में नहीं हैं. इसके अलावा वक्फ विधेयक पर गठित जेपीसी संसद के शीतकालीन सत्र में अपनी रिपोर्ट पेश कर सकती है. इस पर भी हंमामे के आसार हैं. बता दें कि हाल ही में गृहमंत्री अमित शाह ने वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पर बोलते हुए कहा था कि यह विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान पारित किया जाएगा. संसद के शीतकालीन सत्र में वन नेशन वन इलेक्शन और वक्फ विधेयक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। इन दोनों मुद्दों को लेकर सत्र के काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं। वन नेशन वन इलेक्शन पर कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है, अब इस बिल को शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। हालांकि विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं। ऐसे में सरकार के लिए यह बिल पास कराना काफी मुश्किल होगा। शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से शुरू होगा, जिसमें विशेष संयुक्त बैठक संविधान सदन (पुरानी संसद भवन) के केंद्रीय हॉल में आयोजित होने की सकती है. इसी स्थान पर 1949 में संविधान को अंगीकृत किया गया था. संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था।पहले, 26 नवंबर को राष्ट्रीय कानून दिवस के रूप में मनाया जाता था, लेकिन 2015 में मोदी सरकार ने इसे संविधान दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की, जिसमें डॉ. भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती को याद किया गया। सूत्रों ने बताया कि संविधान के महत्व को रेखांकित करने के लिए व्यापक योजना बनाई जा रही है, जिसमें डॉक्यूमेंट्री बनाना, संविधान सभा की बहसों का लगभग दो दर्जन भाषाओं में अनुवाद करना, और सार्वजनिक मार्च का आयोजन शामिल है।एनडीए और इंडी गठबंधन दोनों ही खुद को संविधान के “रक्षक और अनुयायी” के रूप में प्रस्तुत करने की राजनीति में लगे हुए हैं। कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडी गठबंधन ने बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन पर संविधान और संवैधानिक मूल्यों को “नष्ट” करने का आरोप लगाया है, जबकि बीजेपी और उसके सहयोगी कांग्रेस को निशाना बना रहे हैं. इस साल जुलाई में सरकार ने आपातकाल की याद में 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में अधिसूचित किया था। recent visitors 83

हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में वायु गुणवत्ता अब भी ‘खराब’ श्रेणी में

चंडीगढ़  हरियाणा और पंजाब के कई स्थानों पर शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का प्रति घंटा अपडेट देने वाले ‘समीर’ ऐप के अनुसार, दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में भी एक्यूआई ‘खराब’ श्रेणी में रहा। हरियाणा के गुरुग्राम, जींद, अंबाला और कुरुक्षेत्र समेत कुछ जगहों पर वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार तो हुआ, लेकिन तब भी यह ‘खराब’ श्रेणी में ही दर्ज किया गया। दिवाली के अगले दिन यानी शुक्रवार को इन जगहों पर एक्यूआई ‘बहुत खराब’ श्रेणी में था। शनिवार सुबह नौ बजे गुरुग्राम में एक्यूआई 212, जींद में 285, अंबाला में 224 और कुरुक्षेत्र में 262 दर्ज किया गया, जबकि 24 घंटे पहले यह क्रमश: 344, 340, 308 और 304 था। हरियाणा के अन्य स्थानों जैसे बहादुरगढ़ में वायु गुणवत्ता सूचकांक 218, भिवानी में 224, चरखी दादरी में 229, फतेहाबाद में 224, हिसार में 204, करनाल में 277, सिरसा में 251 और यमुनानगर में 243 दर्ज किया गया। हरियाणा के सोनीपत में एक्यूआई 324 रहा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच को ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’, 401 से 450 के बीच ‘गंभीर’ और 450 से ऊपर एक्यूआई को ‘बेहद गंभीर’ माना जाता है। चंडीगढ़ में शनिवार को एक्यूआई 289 रहा जबकि शुक्रवार को यह 303 था। पंजाब के अमृतसर में वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बना हुआ है। यह शुक्रवार सुबह नौ बजे 314 से बिगड़कर शनिवार को 346 पर पहुंच गया है। हालांकि, मंडी गोबिंदगढ़ में एक्यूआई 24 घंटे में सुधरकर 206 रहा जबकि शुक्रवार को यह 331 था। जालंधर में एक्यूआई 239, खन्ना में 206, लुधियाना में 291 और पटियाला में 231 दर्ज किया गया। पंजाब में शुक्रवार को पराली जलाने के कुल 587 मामले दर्ज किए गए, जो इस मौसम में सबसे अधिक है।   recent visitors 61

लोगों ने एक-दूसरे पर फेंके जलते पटाखे, राजस्थान-केकड़ी में निकली घास भैरू की परंरागत सवारी

केकड़ी. दिवाली पर्व पर केकड़ी शहर में पटाखे जलाकर एक दूसरे पर फेंकने की विकृत परंपरा हर साल की तरह इस बार भी बदस्तूर जारी रही है। पुलिस के तमाम बड़े-बड़े दावों के बावजूद शुक्रवार रात केकड़ी के मुख्य बाजार में शरारती तत्त्व एक दूसरे पर पटाखे फेंकने से बाज नहीं आए। पटाखेबाजी का यह रूप आज शनिवार को घास भैरू की सवारी के दौरान कई गुना अधिक विकराल होकर सामने आने का अनुमान जताया जा रहा है। जलते पटाखे फेंकने का यह सिलसिला दोपहर से ही शुरू हो जाता है, जो देर रात तक चलता है। दिवाली मनाने के दिन को लेकर इस बार अन्य स्थानों की तरह केकड़ी शहर में भी असमंजस बना रहा, जिसके चलते कई लोगों ने गुरुवार को लक्ष्मी पूजन किया, तो कई ने शुक्रवार को। पूजन भले ही अलग-अलग दिन किये हो, मगर सभी लोगों ने दो दिन तक दिवाली के त्योहार की खुशी मनाई। गुरुवार को तो शहर में पटाखेबाजी नहीं होने से शांति बनी रही, मगर शुक्रवार को यहां रात्रि आठ बजते-बजते युवाओं की कुछ टोलियों ने शहर के हृदय स्थल घंटाघर व इससे जुड़ी गलियों के साथ-साथ अजमेरी गेट व तीन बत्ती चौराहे पर मोर्चा जमाकर पटाखा युद्ध शुरू कर दिया। जो रात 11 बजे तक रह-रह कर चलता रहा। हालांकि, माहौल भांपकर लोगों ने जल्दी ही पर्व से संबंधित पूजा-अनुष्ठान आदि निपटा लिए, जिससे उस समय तक बाजारों में चहल-पहल भी कम हो गई। पुलिस थाने से कुछ ही कदम दूर स्थित यह इलाका शरारती तत्त्वों के सक्रिय होते ही कुछ घण्टों तक अंगारों की बारिश व धुएं के गुबार से भरा रहा, पर पुलिस प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली। यहां तक कि इस दौरान पर्व के मद्देनजर एहतियातन मौके पर तैनात किए गए। पुलिस के जवान भी मूकदर्शक की तरह खड़े दिखाई दिए। इससे पूर्व अजमेर रोड़ पर कल्याण कॉलोनी के समीप भी इस तरह की पटाखेबाजी दोपहर को ही शुरू कर दी गई, जो रात होने तक चलती रही। बहरहाल, शुक्रवार को हुई पटाखेबाजी तो सिर्फ एक बानगी थी, असली अग्नि परीक्षा आज शनिवार को है, पुलिस व प्रशासन की भी और शहरवासियों की भी। गोवर्धन पर्व पर शाम होने के बाद शहर में निकाली जाने वाली घास भैरू की सवारी कई बरसों से इस तरह की पटाखेबाजी का मुख्य निशाना बनती आई है, जिसमें शरारती तत्त्व पटाखें जलाकर एक-दूसरे पर फेंकते हैं और जमकर तांडव मचाते है। यह सिलसिला दोपहर से ही शुरू हो जाता है, जो देर रात्रि घास भैरू की नगर परिक्रमा पूरी होने तक चलता है। इस बार भी फेंकने में प्रयोग किये जाने वाले प्रतिबंधित पटाखे शहर में जमकर बिके हैं, जिससे अनुमान लगाया जा सकता है कि घास भैरू की सवारी के दौरान हमेशा की तरह ही पटाखेबाजी का वही मंजर देखने को मिलेगा, जिसे अंगारों की होली कहा जाए, तो अतिशियोक्ति नहीं होगी। कहने को तो पुलिस प्रशासन ने इस बार भी कमर कसी है और शहर में एक-दूसरे पर पटाखे फेंककर उपद्रव मचाने वाले असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है। मगर धरातल पर पुलिस के ये इरादे व जज्बा कितना असर दिखायेगा, यह देखने वाली बात होगी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक केकड़ी रामचंद्र सिंह ने कहा है कि बैल पूजन व घास भैरू की सवारी के दौरान परंपरा की आड़ में एक-दूसरे पर पटाखे फेंकने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस सख्ती से पेश आएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस शहर की शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के हर संभव प्रयास करेगी। गोवर्धन पूजा के दिन एक-दूसरे पर पटाखे फेंकने की दूषित परंपरा है। इसे रोकना जरूरी है ताकि किसी प्रकार की जनहानि ना हो। उन्होंने कहा कि बैल पूजन के दिन किसी भी प्रकार का उपद्रव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में गत शनिवार को केकड़ी शहर थाना प्रांगण में आयोजित सीएलजी व शांति समिति की बैठक में भी गंभीरता से चर्चा की गई। बैठक में एसडीएम सुभाष चंद्र हेमानी, डीएसपी हर्षित शर्मा, थानाधिकारी कुसुमलता मीणा, डिस्कॉम एईएन मुकेश मीणा, नगर परिषद के स्वास्थ्य निरीक्षक आशीष खैराल आदि ने भी इस संबंध में सुझाव दिए थे। अब देखना ये है कि पुलिस पटाखे जलाकर लोगो पर फेंकने वाले तत्त्वों से निपटने के लिए क्या रणनीति अपनाएगी। recent visitors 174

शाइना एनसी पर अपने बयान के लिए शिवसेना (यूबीटी) के नेता अरविंद सावंत ने मांगी माफी

मुंबई उद्धव ठाकरे की पार्टी यूबीटी के सांसद अरविंद सावंत ने पूर्व बीजेपी नेता और शिवसेना उम्मीदवार शाइना एनसी को लेकर दिए गए 'इम्पोर्टेड माल' वाले बयान पर माफी मांगी है। अरविंद सावंत ने कहा कि उनके बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया। उनका इरादा किसी महिला को अपमान करने का नहीं था। अगर किसी को उनके बयान से ठेस पहुंची है तो वह माफी मांगते हैं। यूबीटी सांसद ने कहा कि अपने 55 साल की राजनीति में उन्होंने कभी किसी महिला का अपमान नहीं किया है। माफी के साथ बीजेपी पर सवाल भी उठाए शिवसेना(यूबीटी) सांसद ने कहा कि उन्होंने अपने बयान में किसी नेता का नाम नहीं लिया था। केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए बयान को तोड़ मरोड़कर बताया गया। उन्होंने कहा कि वह हमेशा से ही महिलाओं का सम्मान करते रहे हैं। उन्होंने अन्य दलों के नेताओं के बयान पर भी सवाल उठाए। अरविंद सावंत ने कहा कि बीजेपी नेता आशीष शेलार ने किशोरी पेडनेकर के बारे में क्या कहा? अब्दुल सत्तार ने सुप्रिया सुले के बारे में क्या कहा? क्या सभी घटनाओं में एफआईआर दर्ज की गई? उन्होंने इन नेताओं के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की। इस बीच यूबीटी नेता संजय राउत ने भी अरविंद सावंत का बचाव किया। संजय राउत ने कहा कि शाइना बीजेपी से इम्पोर्ट होकर शिवसेना में आई हैं, इसलिए उन्होंने गलत नहीं कहा। कल बोला था यहां इम्पोर्टेड नहीं चलेगा… बता दें कि उद्धव सेना के सांसद अरविंद सांसद ने शुक्रवार को मुंबा देवी सीट से शाइना एन सी की उम्मीदवार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यहां इम्पोर्टेड नहीं चलेगा। अमीन पटेल को ओरिजिनल माल है। हमारे यहां ऑरिजनल माल चलता है। इसके बाद मुंबई की सियासत गरमा गई। शाइना एन सी ने इस मामले में नागपाड़ा पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराया। साथ ही, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जवाब दिया कि , महिला हूं, माल नहीं हूं। शाइना एन सी बीजेपी की प्रवक्ता रही हैं। एकनाथ शिंदे ने जब शाइना को उम्मीदवार बनाया तब वह बीजेपी छोड़कर शिवसेना में शामिल हो गईं। 29 अक्टूबर को उन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया। मुंबादेवी में उनका मुकाबला कांग्रेस के अमीन पटेल से है। recent visitors 57

LAC पर मिठाई ने दूर की भारत-चीन सेना के बीच की खटास, एक दूसरे को बांटी गई मिठाइयां

नईदिल्ली पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले दो बिंदुओं से भारतीय और चीनी सैनिकों की पूरी तरह वापसी के कुछ दिन बाद भारतीय सेना ने शुक्रवार को डेमचोक में गश्त शुरू कर दी। सेना के सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देपसांग में गश्त जल्द ही फिर शुरू हो सकती है। सेना के सूत्रों ने बुधवार को बताया था कि भारत और चीन के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते के बाद पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गतिरोध वाले दो स्थानों-डेमचोक और देपसांग में सैनिकों की वापसी पूरी हो गई है और जल्द ही इन जगहों पर गश्त शुरू कर दी जाएगी। इसके एक दिन बाद दिवाली के मौके पर एलएसी पर कई सीमा बिंदुओं पर भारत और चीन के सैनिकों ने मिठाइयों का आदान-प्रदान किया। मिठाइयों के परंपरागत आदान-प्रदान से एक दिन पहले दोनों देशों के सैनिकों ने टकराव वाले दोनों बिंदुओं से वापसी की प्रक्रिया पूरी की थी जिसे चीन-भारत संबंधों में नये सकारात्मक आयाम के रूप में देखा जा रहा है। सेना के सूत्रों ने बताया कि डेमचोक में गश्त शुरू हो गई है। सूत्रों ने पहले कहा था कि क्षेत्रों और गश्त का स्तर अप्रैल 2020 के पहले के स्तर पर पहुंच सकता है। सूत्रों ने बुधवार को कहा था कि सैनिकों के पीछे हटने के बाद सत्यापन प्रक्रिया जारी है और कमांडरों के बीच गश्त के तौर-तरीकों पर फैसला किया जाना है। सूत्रों ने कहा था, ‘‘स्थानीय कमांडर स्तर पर बातचीत जारी रहेगी।’’ विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 21 अक्टूबर को दिल्ली में कहा कि पिछले कई हफ्तों की बातचीत के बाद भारत और चीन के बीच एक समझौते को अंतिम रूप दिया गया है और इससे 2020 में उपजे मुद्दों का समाधान निकलेगा। पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर गश्त और सैनिकों को पीछे हटाने के लिए दोनों देशों के बीच बनी सहमति को चार साल से अधिक समय से जारी गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। जून 2020 में गलवान घाटी में हुई भीषण झड़प के बाद से पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर गतिरोध बरकरार था और भारत-चीन संबंध निचले स्तर पर पहुंच गए थे। सैनिकों की वापसी हुई, जल्द शुरू होगी गश्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 23 अक्टूबर को रूस के कजान शहर में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर हुई मुलाकात में पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर गतिरोध वाले शेष स्थानों से सैनिकों की वापसी और गश्त को लेकर भारत-चीन में बनी सहमति का स्वागत किया था. दोनों नेताओं ने विभिन्न द्विपक्षीय वार्ता तंत्र को पुनर्जीवित करने के निर्देश दिए थे. वहीं आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तवांग में सरदार वल्लभभाई पटेल की एक प्रतिमा का अनावरण किया और मेजर रालेंगनाओ 'बॉब' खटिंग वीरता संग्रहालय का उद्घाटन करते हुए कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) पर कुछ क्षेत्रों में विवादों का समाधान करने के लिए भारत और चीन के बीच कूटनीतिक और सैन्य, दोनों ही स्थर पर  बातचीत होती रही है. रक्षा मंत्री ने कहा कि अभी हाल की बातचीत के बाद, जमीनी हालात को रिस्टोर करने के लिए, आपस में व्यापक सहमति हुई है. यह सहमति, समानता और पारस्परिक सुरक्षा के आधार पर विकसित हुई है. जो सहमति बनी है, उसके अंतर्गत पारंपरिक क्षेत्रों में गश्त और ग्रेजिंग का अधिकार भी शामिल है. रिश्तों को बेहतर करने में मिलेगी मदद भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने कल उम्मीद जताई थी कि पूर्वी लद्दाख से लगती भारत-चीन सीमा से दोनों देशों के सैनिकों की वापसी पूरी होने से रिश्तों को बेहतर करने और आने वाले दिनों में दोनों पड़ोसियों के बीच बेहतर समझ बनाने में मदद मिलेगी. चीनी राजनयिक ने यहां ‘मर्चेंट चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री' (एमसीसीआई) द्वारा आयोजित एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि रूस के कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हुई हालिया बैठक ‘‘बहुत महत्वपूर्ण'' थी. recent visitors 68