Tuesday, July 7, 2026 2:22 am

देश में इस साल 7.3 करोड़ लोगों ने आईटीआर फाइल किया, मार्च 2025 तक यह संख्या 9 करोड़ को पार ……

8 लाख रुपये तक की इनकम हो सकती है टैक्स फ्री, 9 करोड़ लोग भर सकते हैं आईटीआर  सरकार का 8 लाख रुपये तक की सालाना इनकम को टैक्स फ्री करने का फैसला! देश में इस साल  7.3 करोड़ लोगों ने आईटीआर फाइल किया, मार्च 2025 तक यह संख्या 9 करोड़ को पार …… नई दिल्ली हर साल इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भरने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इस साल करीब 7.3 करोड़ लोगों ने आईटीआर फाइल किया है और मार्च 2025 तक यह संख्या 9 करोड़ को पार कर सकती है। यदि सरकार 8 लाख रुपये तक की सालाना इनकम को टैक्स फ्री करने का फैसला लेती है, तो यह आंकड़ा और भी तेजी से बढ़ सकता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस छूट की मांग जोर पकड़ रही है और ऐसी संभावना है कि सरकार 60 से 80 साल के वरिष्ठ नागरिकों को यह राहत दे सकती है। 2 करोड़ ज्यादा आईटीआर फाइल होने की संभावना स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के आर्थिक विभाग की रिसर्च रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर सरकार असेसमेंट ईयर 2024-25 में आईटीआर की संख्या बढ़ाना चाहती है, तो उसे ऐसे कदम उठाने की जरूरत है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वरिष्ठ नागरिकों को यह छूट दी जाती है, तो रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या में काफी बढ़ोतरी होगी। अनुमान है कि इस साल करीब 2 करोड़ और आईटीआर फाइल होंगे, जिससे वित्तीय वर्ष के अंत तक यह संख्या 9 करोड़ को पार कर सकती है। अगले साल यह आंकड़ा 10 करोड़ के पार भी पहुंच सकता है। टीडीएस कटौती और सर्टिफिकेट में बदलाव की सिफारिश रिपोर्ट के अनुसार, असेसमेंट ईयर 2022 में कुल 7.3 करोड़ आईटीआर फाइल किए गए थे, जो असेसमेंट ईयर 2024 में बढ़कर 8.6 करोड़ हो गए। तय तारीख के बाद आईटीआर भरने वालों की संख्या में गिरावट आ रही है, जिससे यह स्पष्ट है कि लोग समय पर आईटीआर फाइल करने के अनुशासन का पालन कर रहे हैं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने भी प्रक्रिया और फॉर्म को आसान बना दिया है, जिससे आईटीआर भरना सरल हो गया है। रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया गया है कि सरकार को टीडीएस कटौती के दायरे में सुधार करना चाहिए और टीडीएस सर्टिफिकेट में भी बदलाव करने चाहिए।   recent visitors 120

आईआईसीटी निदेशक ने बताया- भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव 2024 का आयोजन गुवाहाटी में होगा

हैदराबाद भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ) 2024 का आयोजन असम के गुवाहाटी में किया जाएगा। सीएसआईआर-भारतीय रासायनिक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) के निदेशक डॉ. श्रीनिवास रेड्डी ने यह जानकारी दी। उन्होंने मंगलवार को यहां आईआईएसएफ के कर्टेन रेज़र कार्यक्रम के साथ-साथ 9वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर अपने स्वागत भाषण में कहा कि कर्टेन रेज़र कार्यक्रम ने 30 नवंबर से 03 दिसंबर तक आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए मंच तैयार किया है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव वैज्ञानिक और गैर-वैज्ञानिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को विज्ञान के साथ गहराई से जुड़ने और इसे सभी के लिए सुलभ बनाने के लिए एक साथ लाता है। उन्होंने कहा कि 2016 से, आयुर्वेद को हमारी स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली के एक अभिन्न अंग के रूप में बढ़ावा देने के लिए यह दिन पूरे देश में मनाया जाता है। इस वर्ष का थीम 'वैश्विक स्वास्थ्य एवं नवाचार के लिए आयुर्वेद' है। उन्होंने कहा कि अगर भारत को वैश्विक मान्यता चाहिए तो उसे आयुर्वेद पद्धतियों की क्षमता को मान्य करने के लिए साक्ष्य आधारित डेटा प्राप्त करने की दिशा में काम करना चाहिए। डॉ. श्रीनिवास ने कहा कि यह विज्ञान को आकर्षक रूप से लोगों के सामने लाने की एक कोशिश है। उन्होंने स्वस्थ जीवन जीने के लिए हमारे पूर्वजों की समग्र जीवन शैली को अपनाने पर भी बल दिया। सीएसआईआर- सेलुलर एवं आणविक जीवविज्ञान केंद्र (सीएसआईआर-सीसीएमबी) के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. मंदरा देशमुख ने आईआईएसएफ के संदर्भ में अपने संबोधन में आईआईएसएफ के आयोजन में शामिल विभिन्न संगठनों के बारे में बातचीत की, जबकि वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सैबल दास ने आईआईएसएफ और इस वर्ष के विषयगत आयोजनों का परिचय दिया। सीएसआईआर-आईआईसीटी में आयुर्वेद दिवस 2024 समारोह छात्रों के बीच आयुर्वेद को बढ़ावा देने और वैश्विक स्वास्थ्य एवं नवाचार के लिए इसे आधुनिक प्रथाओं के साथ एकीकृत करने पर ध्यान केंद्रित करने की दिशा में एक कदम है।   recent visitors 113

महाकुंभ: मेला प्रशासन और जिला प्रशासन दोनों ने क्राउड मैनेजमेंट की तैयारी पर विशेष फोकस

प्रयागराज महाकुंभ 2025 को सभी के लिए सुगम बनाने हेतु सरकार लगातार कार्य कर रही है। इस महाआयोजन के दौरान 40 करोड़ से अधिक लोगों के प्रयागराज आने का अनुमान है। इसको लेकर मेला प्रशासन और जिला प्रशासन दोनों ने क्राउड मैनेजमेंट की तैयारी की है। खासतौर पर पीक डेज (प्रमुख स्नान) के दौरान अत्यधिक भीड़ के कारण कहीं कोई अव्यवस्था न हो, इसके लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। आने-जाने के अलग-अलग रास्ते निर्धारित किए गए हैं, जबकि मोबिलिटी जारी रहे, इसकी भी व्यवस्था की गई है। रास्ता जाम न हो, इसके लिए भी विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। कुल मिलाकर जो योजना बनी है, उसके अनुसार, श्रद्धालुओं को पीक डेज में एक से 5 किमी. और सामान्य दिनों में एक किमी. से ज्यादा पैदल यात्रा नहीं करनी होगी। प्रयागराज के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बताया कि इस सबसे बड़े धार्मिक आयोजन में सिर्फ प्रदेश और देश से ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया से श्रद्धालुओं का बड़ा जत्था प्रयागराज पहुंचने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। ऐसे में क्राउड मैनेजमेंट को लेकर एक कार्ययोजना बनाई गई है, जिसके अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि महाकुंभ के दौरान सर्वाधिक श्रृद्धालु सड़क मार्ग से प्रयागराज पहुंचेंगे। प्रशासन की ओर से सभी शहर के दिशाओं में पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जहां वाहन खड़ा कर श्रद्धालु आगे का रास्ता तय करेंगे। मेला क्षेत्र में हमने आने और जाने के अलग-अलग रास्ते निर्धारित किए हैं। आस्था की डुबकी लगाने वाले जिस रास्ते से जाएंगे, उस रास्ते से वापस नहीं लौटेंगे। उन्हें दूसरे रास्ते से होकर जाना होगा, ताकि कहीं भी श्रद्धालु आमने-सामने नहीं आ सकें। मंडलायुक्त ने बताया कि ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि श्रद्धालु कहीं एक साथ रुकें नहीं, वो चलते रहें। कहीं भी जाम की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी। हमारा उद्देश्य है कि मेला क्षेत्र के साथ-साथ शहर में भी श्रद्धालुओं की मोबिलिटी को बरकरार रखा जाए, ताकि स्नान और दर्शन आदि करने के बाद वो सीधे पार्किंग स्थल पहुंचें और अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करें। इसी तरह, रेलवे से भी रिक्वेस्ट की गई है कि वो समय पर और अधिक स्पेशल ट्रेनें संचालित करें, ताकि श्रद्धालु अपना समय गंवाए बिना यात्रा को बरकरार रख सकें। रेलवे की ओर से पॉजिटिव रिस्पॉन्स भी मिला है और उन्होंने कई अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें संचालित करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि यदि श्रद्धालु कुछ देर विश्राम करना चाहेंगे, तो उनके लिए कुछ होल्डिंग एरियाज भी चिह्नित किए गए हैं। महाकुंभ की शुरुआत के साथ ही प्रयागराज में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो जाएगा। प्रमुख स्नान के दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या कई करोड़ तक होगी। अनुमान है कि मौनी अमावस्या को सर्वाधिक 4 से 5 करोड़ श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के लिए संगम नगरी आ सकते हैं। इसकी भी तैयारी की गई है। विजय विश्वास पंत ने बताया कि मौनी अमावस्या सबसे डेंसिटी वाला दिन होने की संभावना है। इसमें भी सुबह 3 से दोपहर 12 बजे का समय बहुत क्रिटिकल होगा, जब श्रद्धालु संगम का रुख करेंगे। वहीं 12 बजे के बाद उनका लौटना शुरू हो जाएगा। हमारी कोशिश उन्हें सुगमता से संगम क्षेत्र तक पहुंचाने और फिर पार्किंग स्थल तक वापस आने की सुविधा प्रदान करने की है। संगम में पवित्र डुबकी लगाने के बाद उन्हें तुरंत वापस भेजने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि जाम की स्थिति न बने। उन्हें पार्किंग स्थल तक पहुंचाने के बाद गंतव्य की ओर रवाना किया जाएगा। हमारी विभिन्न ट्रैफिक स्कीम तैयार है, इससे न ही श्रद्धालुओं को अव्यवस्था का सामना करना पड़ेगा और न ही मेला और शहर क्षेत्र में ट्रैफिक पैनिक की स्थिति होगी। मंडलायुक्त ने बताया कि इस महाकुंभ को स्वच्छ कुंभ बनाने के मुख्यमंत्री के संकल्प को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि पूरे मेला क्षेत्र में किसी भी तरह की प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया जाएगा। इनके रिप्लेसमेंट ऑप्शन पर विचार किया जा रहा है। खासतौर पर इंदौर की बायो फ्रेंडली थैलियों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसको लेकर हम व्यापारियों से भी संवाद करने वाले हैं। साथ ही लोगों और अधिकारियों को प्लास्टिक की बजाय, विभिन्न प्रकार के झोलों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।   recent visitors 76

हमीदिया अस्पताल में नवंबर माह पहला बोनमैरो प्रत्यारोपण भी हो सकता है, पांच लाख रुपये में हो सकेगा

भोपाल हमीदिया अस्पताल में किडनी के बाद बोनमैरो प्रत्यारोपण नवंबर माह तक शुरू करने की उम्मीद है। अगले माह तक यहां पहला बोनमैरो प्रत्यारोपण भी हो सकता है। इसके शुरू होने पर इंदौर के बाद हमीदिया प्रदेश का दूसरा सरकारी अस्पताल होगा, जहां यह सुविधा उपलब्ध मरीजों की दी जाएगी। इसके लिए बकायदा अस्पताल के एच-1 ब्लाक की चौथी मंजिल पर 12 कमरों की स्वीकृति भी मिल गई है। जिसमें मरीजों के लिए 24 बिस्तर का वार्ड तैयार किया जाएगा। यह सुविधा शुरू होने से ब्लड कैंसर और खून की कमी से होने वाली बीमारियों-थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया का स्थायी इलाज किया जा सकेगा। करीब 16 करोड़ रुपये की आएगी लागत जानकारी अनुसार इस यूनिट को जमाने के लिए प्रबंधन को करीब 16 करोड़ खर्च करने होंगे। निजी अस्पतालों में बोनमैरो प्रत्यारापेण पर करीब 24 लाख तक खर्च आता है। यहां करीब पांच लाख तक आएगा। अमेरिका के कोलंबिया विवि के बोनमैरो ट्रांसप्लांट एक्सपर्ट डा. प्रकाश सतवानी से इसके लिए एमओयू हो गया है। आठ महीने बाद फिर शुरू होगा किडनी प्रत्यारोपण वहीं हमीदिया अस्पताल में करीब आठ महीने बाद दोबारा किडनी प्रत्यारोपण करने की तैयारी भी की जा रही है। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं। बतादें कि हमीदिया प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल है, जहां सात किडनी प्रत्यारोपण हो चुके हैं। गांधी मेडिकल कालेज के यूरोलाजी विभाग के डा. अमित जैन ने बताया कि दो मरीजों के किडनी ट्रांसप्लांट होने हैं। इसके लिए अंगदान समिति ने मंजूरी दे दी है।   recent visitors 93

WWF की रिपोर्ट: भारतीय जिस तरीके से खाते हैं, वो धरती के लिए सबसे अच्छा आहार

नई दिल्ली वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड (WWF) लिविंग प्लैनेट रिपोर्ट के अनुसार, भारत के फूड कंजप्शन पैटर्न को G20 अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक टिकाऊ माना गया है. रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि अगर ग्लोबल फूड कंजप्शन भारत के समान हो जाए, तो 2050 तक जलवायु प्रभाव काफी कम हो जाएगा. वहीं, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त राज्य अमेरिका टिकाऊ उपभोग के मामले में सबसे खराब स्थान पर हैं. उसके बाद ऑस्ट्रेलिया (6.8), यूएसए (5.5), ब्राजील (5.2), फ्रांस (5), इटली (4.6), कनाडा (4.5) और यूके (3.9) का स्थान है। बेहतर देशों में इंडोनेशिया (0.9) भारत (0.84) के बाद आता है और चीन (1.7), जापान (1.8) और सऊदी अरब (2) से आगे है. भारत का सस्टेनेबल कंजप्शन पैटर्न WWF की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर दुनिया में हर कोई 2050 तक दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के मौजूदा खाद्य कंजप्शन पैटर्न को अपना ले, तो हम खाद्य-संबंधित ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के लिए 1.5 डिग्री सेल्सियस जलवायु लक्ष्य को 263 फीसदी तक पार कर जाएंगे और हमें सहारा देने के लिए एक से सात पृथ्वी की आवश्यकता होगी. भारत का बाजरा-केंद्रित खाना एक अपवाद के रूप में सामने आता है, जिसमें देश को स्थिरता के लिए एक मॉडल के रूप में स्थापित किया गया है. अगर सभी देश भारत के कंजप्शन मॉडल को देखें, तो रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि फूड प्रोडक्शन को बनाए रखने के लिए 2050 तक एक पृथ्वी (0.84) से भी कम की आवश्यकता होगी. यह भोजन के लिए ग्रहीय जलवायु सीमा से बेहतर है, यह सुझाव देता है कि भारत की फूड सिस्टम ग्लोबल तापमान को 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा के भीतर रख सकती है. recent visitors 126

नवंबर में पड़ेगी कड़ाके की ठंड, निकाल लें गर्म कपड़े, जानिए IMD की लेटेस्ट रिपोर्ट

There will be severe cold in November, take out warm clothes, know the latest report of IMD MP Weather News: मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट बदली है. ज्यादातर जिलों में रातें सर्द हो गई हैं और तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है. मौसम वैज्ञानिकों ने बताया है कि अगले एक हफ्ते यानी 5 नवंबर के बाद कड़ाके की ठंड शुरू हो जाएगी. इन दिनों प्रदेश में सबसे कम रात का तापमान पचमढ़ी में दर्ज किया जा रहा है. कई दिनों से पचमढ़ी में रात का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है.  जबकि खजुराहो में 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और गुना में 37.1 डिग्री और नौगांव में 36.5 डिग्री दर्ज किया गया आज कैसा रहेगा मध्यप्रदेश का मौसम मौसम विभाग के अनुसार आज मध्य प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर मौसम सुहाना रहने की संभावना है. दिन में धूप खिली रहेगी और रातें हल्की ठंडी हो सकती हैं, खासकर उत्तरी मध्य प्रदेश में. इंदौर में दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. रात में तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. भोपाल में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. रात में तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. ग्वालियर में दिन में धूप खिली रहेगी. अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. रात में तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. जबलपुर में भी मौसम सुहाना रहेगा. अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. नवंबर में पड़ेगी कड़ाके की ठंड मौसम विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार बताया गया है कि मंगलवार से राज्य के 15 जिलों में हल्की ठंड शुरू हो गई है. छिंदवाड़ा, मंडला, टीकमगढ़, बैतूल, भोपाल, गुना, ग्वालियर, इंदौर, खंडवा, खरगोन, पचमढ़ी, रायसेन, राजगढ़, रतलाम और उज्जैन का पारा 20 डिग्री से नीचे पहुंच गया है. मौसम विज्ञानियों ने संभावना जताई है कि अगले एक सप्ताह यानी 5 नवंबर के बाद कड़ाके की ठंड शुरू हो जाएगी. आपको बता दें कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती सर्कुलेशन सिस्टम के कारण नवंबर में मध्य प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा. recent visitors 208

खुशखबरी: छठ पर सार्वजनिक छुट्टी का प्रस्ताव, राज्यपाल के प्रस्ताव पर सीएम ने लगाई मोहर 

Good news: Proposal for public holiday on Chhath, CM approves Governor’s proposal  दिल्ली की सीएम आतिशी ने छठ के मौके पर दिल्ली वासियों को बड़ा तोहफा दिया है। दिल्ली में छठ के पावन अवसर पर 7 नवंबर को सार्वजनिक छुट्टी रहने वाली है। यह फैसला दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना के प्रस्ताव रखने के बाद पारित किया गया है। एलजी ने आतिशी को एक चिट्ठी लिखकर दिल्ली वासियों के लिए सार्वजनिक छुट्टी की मांग की थी, जिसे आतिशी ने स्वीकार कर लिया है। ऐसे में 7 नवंबर को दिल्ली में सार्वजनिक छुट्टी रहने वाली है। इससे लोग ऑफिस की टेंशन ना लेकर अपने परिवार के साथ इस ऐतिहासिक त्योहार को मना सकेंगे। एलजी ने पत्र में क्या लिखा बता दें कि 7 नवंबर को सूर्व देवता को पहला अर्ध्य दिया जाएगा। अभी तक छठ त्योहार दिल्ली सरकार के प्रतिबंधित छुट्टियों की सूची में शामिल थी। एलजी ने सीएम को चिट्ठी लिखते हुए कहा कि अगले कुछ दिनों में छठ पूजा आने वाली है। यह पर्व चार दिनों तक मनाया जाता है, इस पर्व का तीसरा दिन सबसे खास होती है, जब डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। यह दिन पहले से ही दिल्ली सरकार के प्रतिबंधित अवकाशों की सूची में शामिल है। इसलिए मैं राज्य सरकार से अनुरोध करता हूं कि इस दिन दिल्ली में सार्वजनिक छुट्टी घोषित करने के लिए संबंधित जरूरी फाइल को तुरंत आगे बढ़ाएं। आतिशी ने अपने फैसले में क्या कहा सीएम आतिशी ने इसको लेकर एक ट्विट किया है। उन्होंने अपने ट्विट में संबंधित आदेश पत्र को पोस्ट करते हुए लिखा कि मुझे यह बताते हुए खुशी है कि दिल्ली सरकार ने फैसला लिया है कि 7 नवम्बर को छठ के त्यौहार की छुट्टी होगी कि सभी पूर्वांचली भाई-बहन धूम-धाम से छठ का त्यौहार मना सकें। ऐसे में आप भी 7 तारीख को अपने परिवार के साथ छठ त्योहार मना सकेंगे।  recent visitors 234