एक ही परिवार के 4 लोगों की सामूहिक हत्या, वाराणसी में दिल दहलाने वाली घटना

वाराणसी वाराणसी में भेलूपुर के भदैनी इलाके में तांत्रिक के कहने पर शराब कारोबारी राजेंद्र गुप्ता ने अपने पूरे परिवार का खात्मा कर दिया है। पत्नी नीतू गुप्ता (42), बेटा नवनेंद्र (20) और सुबेंद्र (15), बेटी गौरांगी (16) की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस कारोबारी की तलाश कर ही रही थी कि उसकी भी लाश दूसरे घर के पास मिल गई। बगल में पिस्टल भी मिला है। माना जा रहा है कि उसने आत्महत्या कर ली है। जघन्य हत्याकांड की जानकारी मिलते ही सनसनी फेल गई। बताया जाता है कि इस घर में इससे पहले भी पांच हत्याएं हो चुकी हैं। पिता, दो गार्ड, भाई और उसकी पत्नी की भी हत्या हुई थी। पड़ोसियों की मानें तो हत्या में कारोबारी जेल भी गया था। पुलिस अब उस तांत्रिक की तलाश कर रही है जिसके कहने पर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया है। पड़ोसियों के अनुसार तांत्रिक ने कारोबारी से कहा था कि उसकी पत्नी कारोबार में बाधा है। इस कारण वह दूसरी शादी के चक्कर में भी पड़ा था। अक्सर इसे लेकर पति-पत्नी में झगड़ा होता था। घर में कारोबारी की मां भी थी लेकिन काफी बुजुर्ग होने के चलते वह ठीक से न तो बोल पा रहीं और न चल-फिर पाती हैं। अब वह ही अकेली बची हैं। कारोबारी राजेंद्र गुप्ता को पैसे की कोई कमी नहीं थी। उसके पास शहर में कुल चार घर हैं। दो घर तो 50-50 कमरों के हैं। जिस घर में हत्यकांड को अंजाम दिया गया है उसमें 20 कमरे का किराया 80 हजार आता था। 30 कमरों का रेंट दो लाख से ज्यादा था। इसके अलावा भदैनी में ही दूसरे घर से भी करीब दो लाख से ज्यादा रेंट मिलता था। इसके अलावा उसके पास देसी शराब के ठेके और रिक्शा का गैराज है। 100 रिक्शा से ज्यादा है। जघन्य वारदात का पता मंगलवार की दोपहर तब लगा जब नौकरानी रेनू वर्मा घर पर काम करने के लिए आई। नौकरानी ने बताया कि मैं यहां 5 साल से काम कर रही हूं। सबकुछ अच्छा चल रहा था। सोमवार शाम को मैं खाने बनाने आई तो घर में सिर्फ दो बच्चे थे। मैं खाना बनाकर करीब 6.30 बजे चली गई। इसके बाद सबरे सबसे पहले सफाई करने वाली रीता पहुंची। उसने आवाज दी लेकिन किसी का जवाब नहीं मिलने पर उसने दरवाजा खटखटाया। हल्के से धक्के में दरवाजा खुल गया। देखा तो कमरे में चारों लोगों की लाश पड़ी है। आसपास खून बिखरा था। यह देखते ही रीता बेहोश हो गई। तत्काल पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। बताया जाता है कि मारा गया बड़ा बेटा नवनेंद्र बेंगलुरु में मल्टीनेशनल कंपनी में इंजीनियर था। वह दिवाली पर छुट्‌टी लेकर घर आया था। घर पर छठ मनाने की तैयारियां चल रही थीं। छोटा बेटा और बेटी डीपीएस में पढ़ते थे। recent visitors 60

हिन्दू मंदिर पर हमला, सबूत है कि कनाडा में भारत विरोधी उग्रवादी ताकतों को राजनीतिक स्थान मिला है : जयशंकर

कैनबरा/नई दिल्ली विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आज कहा कि कनाडा के ओंटारियो में एक हिंदू मंदिर में खालिस्तानी उग्रवादियों द्वारा की गई हिंसा की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और घटना के वीडियो फुटेज इस बात का पुख्ता प्रमाण हैं कि कनाडा सरकार द्वारा उग्रवादी तत्वों को राजनीतिक तवज्जो दी जा रही है। डॉ. जयशंकर ने यहां ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में पिछले साल खालिस्तानी उग्रवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय संलिप्तता के कनाडा सरकार के आरोपों पर एक सवाल का जवाब देते हुए, विदेश मंत्री ने कहा कि कनाडा ने विवरण दिए बिना आरोप लगाने की एक शैली विकसित की है। उन्होंने यह भी कहा कि एक सच्चाई यह भी है कि कनाडा भारतीय राजनयिकों को निगरानी में रख रहा है जो हमें एकदम अस्वीकार्य है। ब्रैम्पटन घटना पर उनकी प्रतिक्रिया पूछे जाने पर विदेश मंत्री ने कहा कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक बयान जारी किया है और प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा, “कल हिंदू मंदिर में जो हुआ वह बेहद चिंताजनक है। आपने कल भारत के विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता का बयान और हमारे प्रधानमंत्री मोदी की चिंता की अभिव्यक्ति देखी होगी। इससे आपको पता चल जाएगा कि हम इसके बारे में कितनी गहराई से महसूस करते हैं।” डाॅ. जयशंकर ने कहा ओंटारियो के ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर परिसर के अंदर हुई हिंसा के वीडियो प्रसारित हुए हैं जो यह दर्शाते हैं कि आज वहां भारत विरोधी उग्रवादी ताकतों को कितनी राजनीतिक जगह दी जा रही है। ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग के यह कहने पर कि ऑस्ट्रेलिया शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार में विश्वास करता है, विदेश मंत्री ने इसका जवाब देते हुए कहा कि भारत स्वतंत्रता में विश्वास करता है, लेकिन हम यह भी मानते हैं कि स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि बैठक में उन्होंने सुवोंग से इस बारे में खुल कर बात की है, बिल्कुल उसी तर्ज पर जिस पर वह यहां मंच पर कर रहे हैं। कनाडा की घटना के बारे में सुवोंग ने कहा, “उनकी आस्था, संस्कृति, वे कौन हैं और कहां हैं, इसकी परवाह किए बिना सभी लोग सुरक्षित और सम्मानित होने के हकदार हैं। यह भारतीय समुदाय के लिए बहुत परेशान करने वाली बात है। बर्बरता, तोड़फोड़ की घटनाओं से सुरक्षा एजेंसियों द्वारा समुचित रूप से निपटा जाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “हमने उन आरोपों के बारे में अपनी चिंताओं को स्पष्ट कर दिया है जिनकी जांच चल रही है; हमने कहा है कि हम कनाडा की न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं; हमने भारत को अपने विचारों से अवगत करा दिया है, और कानून के शासन और न्यायपालिका की स्वतंत्रता के साथ-साथ सभी देशों की संप्रभुता पर भी हमारी सैद्धांतिक स्थिति है।” ऑस्ट्रेलिया में दो हिंदू मंदिरों को तोड़े जाने की खबरों पर कहा सुवोंग ने कहा, लोगों को सुरक्षित रहने और सम्मान पाने का अधिकार है, चाहे वे हमारे देश में कोई भी हों, यही हमारे बहुसांस्कृतिक लोकतंत्र का सार है।”   recent visitors 59

पंजाब: नायलॉन-सिंथैटिक-प्लास्टिक से बनी पतंगें उड़ाने वाली डोर पर लगी रोक

नवांशहर जिला मैजिस्ट्रैट राजेश धीमान ने भारतीय नागरिक सुरक्षा एक्ट 2023 की धारा 163 के तहत शक्तियों का उपयोग करते हुए जिले के शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस स्टेशनों के क्षेत्रों के भीतर नायलॉन-सिंथैटिक-प्लास्टिक से बनी पतंगें उड़ाने वाली डोर पर रोक लगा दी है। चाइना डोर के निर्माण, बिक्री, भंडारण, खरीद, सप्लाई, आयात और उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। नगर परिषदों के समूह कार्यकारी अधिकारी व डी.डी.पी.ओ. इस आदेश को अपने-अपने दायरे में लागू करने के लिए वे अपने-अपने क्षेत्र में मुनादी कराएंगे और इन आदेशों के कार्यान्वयन की जांच कर रिपोर्ट डिप्टी कमिश्नर कार्यालय को भेजने के लिए जिम्मेदार होंगे। सीनियर पुलिस कप्तान, शहीद भगत सिंह नगर परिषदों के ग्रुप एक्शन अधिकारी और ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक विकास व पंचायत अधिकारी इन आदेशों को सही तरीके से लागू करने के लिए जिम्मेदार होंगे। आदेशों में कहा गया है कि सिंथैटिक/प्लास्टिक डोर बहुत मजबूत है। यह न तो नरम है और न ही टूटने योग्य है। इस डोर से साइकिल, स्कूटर और मोटर साइकिल चालकों के गले और कान कट जाते हैं, उड़ते हुए पक्षियों के फंसने से मरने की भी कई घटनाएं होती हैं। इसलिए जब इस सिंथैटिक/प्लास्टिक डोर का उपयोग पतंग उड़ाने के लिए किया जाता है तो यह मानव जीवन, राहगीरों व पक्षियों के लिए घातक सिद्ध होता है, इसलिए इस डोर पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक है। यह आदेश 22 अप्रैल तक लागू रहेगा। recent visitors 106

एशिया को मजबूत बनाने में बौद्ध धर्म की भूमिका पर चर्चा की आवश्यकता : राष्ट्रपति

नई दिल्ली  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एशिया को मजबूत बनाने में बौद्ध धर्म की भूमिका को लेकर कहा कि हमें इस बात पर चर्चा की आवश्यकता है कि बौद्ध धर्म एशिया और दुनिया में वास्तविक शांति कैसे ला सकता है। एक ऐसी शांति जो न केवल शारीरिक हिंसा से मुक्त हो बल्कि सभी प्रकार के लालच और घृणा से भी मुक्त हो। राष्ट्रपति ने मंगलवार को नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) के सहयोग से भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रथम एशियाई बौद्ध शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि शिखर सम्मेलन बुद्ध की शिक्षाओं की हमारी साझा विरासत के आधार पर हमारे सहयोग को मजबूत करने में एक लंबा रास्ता तय करेगा। उन्होंने कहा कि भारत धर्म की पवित्र भूमि है। हर युग में भारत में महान गुरु और रहस्यवादी, द्रष्टा और साधक हुए हैं जिन्होंने मानवता को अंदर शांति और बाहर सद्भाव खोजने का मार्ग दिखाया है। इन पथ प्रदर्शकों में बुद्ध का अद्वितीय स्थान है। बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे सिद्धार्थ गौतम का ज्ञान प्राप्त करना इतिहास में अद्वितीय घटना है। उन्होंने न केवल मानव मन के कामकाज के बारे में अतुलनीय समृद्ध अंतर्दृष्टि प्राप्त की, बल्कि उन्होंने बहुजन सुखाय बहुजन हिताय की भावना से सभी लोगों के साथ इसे साझा किया। राष्ट्रपति ने कहा कि सदियों से यह स्वाभाविक ही रहा है कि अलग-अलग साधकों ने बुद्ध के प्रवचनों में अलग-अलग अर्थ निकाले और इस तरह कई तरह के संप्रदाय उभरे। व्यापक वर्गीकरण में, आज हमारे पास थेरवाद, महायान और वज्रयान परंपराएं हैं, जिनमें से प्रत्येक में कई विचारधारा व संप्रदाय हैं। इसके अलावा, बौद्ध धर्म का ऐसा उत्कर्ष इतिहास के विभिन्न कालखंडों में कई दिशाओं में हुआ। एक विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र में धम्म के इस प्रसार ने एक समुदाय, एक बड़ा संघ बनाया। एक तरह से बुद्ध के ज्ञान की भूमि भारत इसका केंद्र है। लेकिन, ईश्वर के बारे में जो कहा जाता है, वह इस बड़े बौद्ध संघ के बारे में भी सच है, इसका केंद्र हर जगह है और परिधि कहीं नहीं है। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया कई मोर्चों पर अस्तित्व के संकट का सामना कर रही है, न केवल संघर्ष बल्कि जलवायु संकट भी तो एक बड़े बौद्ध समुदाय के पास मानव जाति को देने के लिए बहुत कुछ है। बौद्ध धर्म के विभिन्न संप्रदाय दुनिया को दिखाते हैं कि संकीर्ण संप्रदायवाद का मुकाबला कैसे किया जाए। उनका मुख्य संदेश शांति और अहिंसा पर केंद्रित है। यदि कोई एक शब्द बौद्ध धम्म को व्यक्त कर सकता है, तो वह है 'करुणा' जिसकी आज दुनिया को जरूरत है। राष्ट्रपति ने कहा कि बुद्ध की शिक्षाओं का संरक्षण हम सभी के लिए महान सामूहिक प्रयास रहा है। उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि भारत सरकार ने अन्य भाषाओं के साथ-साथ पाली और प्राकृत को भी ‘शास्त्रीय भाषा’ का दर्जा दिया है। उन्होंने कहा कि पाली और प्राकृत को अब वित्तीय सहायता मिलेगी, जो उनके साहित्यिक समृद्धि के संरक्षण और उनके पुनरुद्धार में महत्वपूर्ण योगदान देगी।     recent visitors 73

निजी संपत्ति अधिग्रहण मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला, कहा कि सरकार निजी संपत्ति का अधिग्रहण नहीं कर सकती

नई दिल्ली  निजी संपत्ति का सरकार सार्वजनिक हितों के लिए अधिग्रहण कर सकती है या नहीं, इस मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट की 9 सदस्यीय संविधान पीठ ने बहुमत से अपने फैसले में कहा है कि सभी निजी संपत्ति को सरकार नहीं ले सकती है। पीठ ने 8-1 के बहुमत से ये फैसला सुनाया है। 9 जजों की पीठ ने सुनाया फैसला चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली 9 जजों की संविधान पीठ ने 8-1 के बहुमत से फैसला सुनाया है। पीठ में चीफ जस्टिस के अलावा जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा, जस्टिस मनोज मिश्रा, जस्टिस सुधांशु धूलिया, जस्टिस ऋषिकेश रॉय, जस्टिस बी वी नागरत्ना, जस्टिस जे बी पारदीवाला, जस्टिस राजेश बिंडल और जस्टिस ए जी मसीह शामिल हैं। सीजेआई ने 9 जजों की बेंच के मामले में बहुमत से फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति कृष्णा अय्यर के पिछले फैसले को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि सभी निजी स्वामित्व वाले संसाधनों को राज्य द्वारा अधिग्रहित किया जा सकता है। जस्टिस अय्यर के विचार से सहमत नहीं सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था का मकसद विकासशील देश की चुनौतियों से निपटना है, ना कि किसी एक आर्थिक ढांचे में बंधे रहना। कोर्ट ने माना कि बीते 30 सालों में बदली हुई आर्थिक नीतियों के कारण भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना है। जस्टिस अय्यर के इस विचार से सुप्रीम कोर्ट सहमत नहीं है कि निजी संपत्ति को भी सामुदायिक संपत्ति माना जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि भारत की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य किसी खास आर्थिक मॉडल को फॉलो करना नहीं है। बल्कि, उसका उद्देश्य एक विकासशील देश होने के नाते आने वाली चुनौतियों का सामना करना है। सीजेआई बोले- तीन जजमेंट हैं सुप्रीम कोर्ट ने निजी संपत्ति से जुड़ी 16 याचिकाओं पर फैसला सुनाया है। जिसमें मुंबई के प्रॉपर्टी मालिकों की याचिका भी शामिल है। मामला 1986 में महाराष्ट्र में हुए कानून संशोधन से जुड़ा है, जिसमे सरकार को प्राइवेट बिल्डिंग को मरम्मत और सुरक्षा के लिए अपने कब्जे में लेने का अधिकार मिला था। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह संशोधन भेदभावपूर्ण है। CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने बताया कि इस मामले में तीन जजमेंट हैं – उनका और छह अन्य जजों का, जस्टिस नागरत्ना का आंशिक सहमति वाला और जस्टिस धुलिया का असहमति वाला। recent visitors 79

50 किमी की नर्मदा परिक्रमा ओंकारेश्वर से शुरू होगी, यात्रा 11 से 15 नवम्बर तक

बड़वाह निमाड़ एवं मालवा के ग्रामीणों की आस्था और विश्वास से जुडी मां नर्मदा की पांच दिवसीय 49वीं धार्मिक ओंकारेश्वर नर्मदा लघु परिक्रमा पंचक्रोशी यात्रा 11 नवंबर से शुरू होगी। करीब 50 किमी की दुर्गम यात्रा में हजारों श्रद्धालु ओंकारेश्वर से अंजरुद, सनावद, टोकसर, सेमरला, बड़वाह, सिद्धवरकूट होते हुए वापस 15 नवंबर को ओंकारेश्वर पहुंचकर नर्मदा परिक्रमा पूर्ण करेंगे। इस संबंध में एसडीएम प्रताप सिंह अगास्या एवं एसडीओपी अर्चना रावत ने जनपद पंचायत सभा ग्रह में ब्लाक स्तरीय अधिकारियों और सरपंचों की बैठक ली। एसडीएम ने कहा कि पंचकोशी यात्रा हमारे क्षेत्र की सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा है। यात्रा प्रारंभ होने के पहले व्यवस्थाएं पुख्ता करें। पंचकोसी नर्मदा यात्रा में ऐसी होंगी व्यवस्थाएं एसडीओपी अर्चना रावत ने कहा कि संबंधित विभाग को नाव की सूची जल्द उपलब्ध कराएं, नावों की जांच करके उन्हें अनुमति पत्र दिए जाएंगे। यात्रा मार्ग के समस्त ग्राम पंचायतों के सरपंच/सचिव तथा विभागीय अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत क्षेत्रान्तर्गत यात्रा मार्ग पर मुरम, कंटीली झाड़िया हटाना, साफ-सफाई कराई जाए।     लाइट की व्यवस्था के लिए निर्देश दिए हैं। टैंकर, टेंट, प्रकाश तथा अस्थाई शौचालय की व्यवस्था भी करके रखें। यात्रा गुजरने के पश्चात आवश्यक साफ-सफाई की जाए। स्वास्थ्य विभाग को जगह-जगह स्वास्थ्य परीक्षण कैंप लगाने को कहा गया है। – अर्चना रावत, एसडीओपी लोहे से बनी नावों पर प्रतिबंध, क्षमता से ज्याता सवारी न बैठाए नाविक बाबूलाल केवट ने कहा- टोकसर से 25 नाव श्रद्धालुओं को पार कराते हैं। एसडीएम ने कहा, सभी का एस्टीमेट बनाकर दे। नाव में क्षमता से ज्यादा सवारी को न बैठाई जाए। अच्छी नाव केवल चलना चाहिए, जो टूटी हो वह नहीं चलेगी। उन्होंने कहा, लोहे की नाव से श्रद्धालुओं को पार नहीं कराने दिया जाएगा और नावों में चालक के साथ यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य रहेगा। किस दिन कहां पर क्या व्यवस्था     पहला दिन 11 नवंबर: श्रद्धालु ओंकारेश्वर से शुरू होगी। ग्राम अंजरुद में बाघेश्वरी माता के दर्शन करेंगे। मंदिर के आसपास गंदगी दूर करने एवं लाइट व्यवस्था के लिए सचिव को कहा। रात्रि विश्राम सनावद में होगा। धर्मशाला, मंडी परिसर, शासकीय भवनों आदि में यात्रियों के लिए पेयजल, रौशनी, शौचालय की व्यवस्थाओं के लिए कहा।     दूसरा दिन 12 नवंबर: यात्री बडूद से टोकसर गोमुख घाट पहुचेंगे। कई यात्रियों को नर्मदा पार कर सेमरला भेजा जाएगा। दोनी घाटों पर बेरिकेड्स के लिए पीडब्ल्यूडी को जिम्मेदारी,नाव में सुरक्षा उपकरण,स्वास्थ्य विभाग कैंप लगाएगी। पुलिस सहायता केंद्र रहेंगे। गोताखोरों की तैनाती रहेगी।         तीसरा दिन 13 नवंबर: यात्रा बड़वाह पहुंचेगी। टोकसर एवं सेमरला में रुके यात्री बड़वाह पहुंचेंगे। मंडी, नागेश्वर सहित अन्य स्थानों पर नगर पालिका, लाइट, पानी, शौचालय एवं साफ-सफाई की व्यवस्था करेगी। नपा दिन में दो बार सफाई करवाएगी। मेडिकल कैंप लगाएंगे।     चौथा दिन 14 नवंबर: सुबह बड़वाह से प्रस्थान होगा। कोठावां, मोदरी में रात्रि विश्राम। चिकित्सक कैंप लगाकर स्वास्थ्य संबंधी दवाइयां रखेंगे। पानी के टैकर रखे जाएंगे। वन विभाग के कर्मचारी यात्रा संबन्धित व्यवस्थाए लगाने में सहयोग देंगे। महोदरी,कड़ियांकुंड, सिद्ध्वरकूट में रात्रि विश्राम।     पांचवां दिन 15 नवंबर : बांध द्वारा सिद्धवरकूट से ओंकारेश्वर पहुंचेंगे। ओंकारेश्वर दर्शन कर यात्रा समाप्त होगी। एनएसडीसी को पत्र लिखकर बांध से निकलने की अनुमति मांगी जाएगी। यात्रा की तैयारियों पर चर्चा एसडीएम प्रताप सिंह अगास्या और एसडीओपी अर्चना रावत ने यात्रा की तैयारियों के लिए ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों और ग्राम पंचायतों के सरपंचों के साथ बैठक की। एसडीएम ने कहा कि यह क्षेत्र की सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा है, इसलिए सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी होनी चाहिए। एसडीओपी अर्चना रावत ने नावों की सुरक्षा और उनकी स्थिति जांचने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। यात्रा व्यवस्थाएं नावों की सुरक्षा: सभी नाविकों को लाइफ जैकेट पहनने और क्षमता से अधिक सवारी न बैठाने के निर्देश दिए गए हैं। लोहे की नावों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। सफाई और स्वास्थ्य: यात्रा मार्ग पर साफ-सफाई, स्वास्थ्य शिविर और पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस सहायता केंद्र और गोताखोरों की तैनाती भी की जाएगी।   recent visitors 198

मंत्री जायसवाल बोले- इस बार भी प्रचंड बहुमत से जीतेगी भाजपा

रायपुर चुनाव की तारीख करीब आते-आते रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र का सियासी माहौल गर्म होने लगा है. चुनाव को लेकर उत्साह से लबरेज स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि 40 साल से दक्षिण में बीजेपी जीत रही है. बीजेपी को कोई डर नहीं है. इस बार भी बीजेपी प्रचंड मतों से जीतेगी. मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मीडिया से चर्चा में रायपुर दक्षिण में प्रचार के दौरान विधायक कवासी लखमा का डांस करते हुए वीडियो सामने आने पर कहा कि पारंपरिक त्योहार के समय नाच-गाना, उत्सव का माहौल है. कवासी लखमा अगर नाच रहे हैं तो कोई नई बात नहीं है, वह वैसे भी नाचते ही रहते हैं. वहीं एक वोट की अपील पर कांग्रेसियों के तंज पर मंत्री ने कहा कि वे इस बात को नहीं समझते कि एक वोट की कीमत क्या है. एक वोट से विधानसभा का विधायक तय होता है, एक वोट से सरकार बनती है, इसलिए बीजेपी एक वोट की अपील कर रही है, कांग्रेस चाहती है कि हमारी योजनाएं चल नहीं पाए, एक वोट के दम पर योजना चल सकती है. वहीं कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट के छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान रायपुर दक्षिण में प्रचार करने के सवाल पर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि चाहे सचिन पायलट दौरा करें, या कोई और करे. इससे बीजेपी को फर्क नहीं पड़ता. recent visitors 51