हाईकोर्ट ने अरपा नदी में हो रहे अवैध उत्खनन पर जाहिर की कड़ी नाराजगी

बिलासपुर हाईकोर्ट ने बिलासपुर में अवैध रेत उत्खनन के मामले को गंभीर माना है. कोर्ट ने अरपा नदी में हो रहे अवैध उत्खनन पर कड़ी नाराजगी भी जाहिर की है. रेत के अवैध उत्खनन को लेकर लगी याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डबल बैंच में बुधवार को सुनवाई हुई. इस दौरान मुख्य न्यायाधीश ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कैसे पर्यावरण का संरक्षण हो पाएगा जब पर्यावरण की धज्जियां उड़ाई जा रही है. उन्होंने कहा की विभाग आंखें बंद कर बैठा हुआ है. वहीं इस मामले में खनिज विभाग के सचिव से शपथपत्र में जवाब भी तलब किया है. उन्होंने बेहद स्पष्ट और सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि शपथ पत्र में यह स्पष्ट करें कि अवैध उत्खनन से व्यक्तिगत कार्रवाई और संबंधित व्यक्ति पर जुर्माना की क्या कार्रवाई की गई है? दरअसल, अरपा अर्पण महा अभियान समिति और अन्य याचिका पर लगातार सुनवाई चल रही है. अरपा अर्पण महाअभियान के वकील अंकित पांडे ने 1 जनवरी 2024 से लेकर 7 सितंबर 2024 तक की खबर का कवरिंग मेमो डीबी के सामने पेश किया. वहीं चीफ जस्टिस की डबल बेंच ने भी लोखंडी में अवैध उत्खनन की खबर पर संज्ञान लिया. इस मामले में अगली सुनवाई 9 दिसंबर को होगी. recent visitors 83

आईपीएल 2025: ऑक्शन 24 और 25 नवंबर को सऊदी अरब के जेद्दाह में आयोजित किया जाएगा, 1574 खिलाड़ियों का रजिस्ट्रेशन

नई दिल्ली आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन के लिए जिन 1574 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन किया है, उस सूची में बेन स्टोक्स का नाम शामिल नहीं हैं। यह आईपीएल ऑक्शन 24 और 25 नवंबर को सऊदी अरब के जेद्दाह में आयोजित किया जाएगा। फ्रेंचाइजियों से इनपुट मिलने के बाद आईपीएल इस लंबी सूची के खिलाड़ियों की छंटनी करेगा। इस लिस्ट में उन सभी प्रमुख भारतीय खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्हें उनकी फ्रेंचाइज़ी ने रिटेन नहीं किया है। ऋषभ पंत, के एल राहुल, श्रेयस अय्यर ने अपना बेस प्राइस 2 करोड़ रूपए रखा है। इस लिस्ट में आर. अश्विन और युज़वेंद्र चहल भी हैं, जिन्हें राजस्थान रॉयल्स ने रिलीज़ कर दिया था। मोहम्मद शमी ने पिछले साल नवंबर में 2023 वनडे वर्ल्ड कप फ़ाइनल के बाद से चोटों के कारण कोई क्रिकेट नहीं खेला है, उन्हें भी गुजरात टाइटन्स द्वारा रिटेन नहीं किए जाने के बाद 2 करोड़ के बेस प्राइस पर सूचीबद्ध किया गया है। 2 करोड़ के अधिकतम बेस प्राइस के साथ अन्य भारतीय खिलाड़ियों में खलील अहमद, दीपक चाहर, वेंकटेश अय्यर, आवेश ख़ान, ईशान किशन, मुकेश कुमार, भुवनेश्वर कुमार, प्रसिद्ध कृष्णा, टी नटराजन, देवदत्त पड़िक्कल, क्रुणाल पांड्या, हर्षल पटेल, अर्शदीप सिंह, वॉशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, मोहम्मद सिराज और उमेश यादव शामिल हैं। पृथ्वी शॉ और सरफ़राज़ ख़ान, जो पिछले ऑक्शन में नहीं बिके थे, उन्होंने 75 लाख के बेस प्राइस पर रजिस्ट्रेशन किया है। इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ जेम्स एंडरसन ने 2014 के बाद से कोई टी20 मैच नहीं खेला है और कभी भी आईपीएल का हिस्सा नहीं रहे हैं, उन्होंने 1.25 करोड़ के बेस प्राइस पर ऑक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन किया है। एंडरसन ने इस इंग्लिश समर में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था और इंग्लैंड की टीम के साथ गेंदबाज़ी कोच की भूमिका निभानी शुरू की थी। मिचेल स्टार्क, जो 2024 में केकेआर द्वारा 24.50 करोड़ में ख़रीदे जाने के बाद आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बने थे, वह 2 करोड़ के बेस प्राइस के साथ फिर से ऑक्शन पूल में हैं। जोफ़्रा आर्चर भी उसी बेस प्राइस पर सूची में हैं। आर्चर ने 2023 में मुंबई इंडियंस के लिए केवल पांच मैच खेले थे और फिर चोटों के कारण आईपीएल से बाहर हो गए थे। इस लंबी सूची में इटली के एक खिलाड़ी थॉमस ड्राका भी शामिल हैं, जिन्होंने कनाडा के ग्लोबल टी20 में ब्रैम्पटन के लिए खेला था। 24 वर्षीय ड्राका को हाल ही में यूएई में आईएल टी20 के आगामी सीज़न के लिए एमआई एमिरेट्स ने चुना है। एक टीम अपने दल में अधिकतम 25 खिलाड़ियों को शामिल कर सकती है, इसका मतलब है कि नीलामी में कुल 204 स्लॉट उपलब्ध होंगे क्योंकि तमाम फ्रेंचाइजी ने कुल 46 खिलाड़ियों को रिटेन किया है। हर टीम के पास कुल 120 करोड़ का पर्स है लेकिन रिटेंशन के चलते बड़ी नीलामी में पंजाब किंग्स 110.5 करोड़ रुपये के सबसे बड़े पर्स के साथ उतरेगी। इसके बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 83 करोड़, दिल्ली कैपिटल्स 73 करोड़, गुजरात टाइटंस 69 करोड़, लखनऊ सुपर जायंट्स 69 करोड़, चेन्नई सुपर किंग्स 55 करोड़, कोलकाता नाइट राइडर्स 51 करोड़, मुंबई इंडियंस 45 करोड़, सनराइज़र्स हैदराबाद 45 करोड़ और राजस्थान रॉयल्स 41 करोड़ के पर्स के साथ उतरेगी।   recent visitors 134

राज्योत्सव 2024 में अनोखी पहल : किसानों और आमजनों ने ग्रामोद्योग विकास विभाग की योजनाओं की विस्तृत जानकारियां

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के मौके पर राज्योत्सव-2024 में ग्रामोद्योग विकास विभाग द्वारा शिल्पग्राम में लगाए गए स्टॉल में रेशम उत्पादन की प्रक्रिया समझने और रेशम की खेती के लिए किसानों और आमनागरिक बड़ी संख्या में ठहर रहे। विभागीय स्टॉल में प्राकृतिक स्वरुप में रेशम के कीड़ों को देखने के लिए हर वर्ग के लोगों में विशेषकर बच्चे विशेष रूचि दिखा रहे| इस अवसर पर स्टॉल में तरह-तरह के रेशम बीजों का भी प्रदर्शन किया गया है, जिनमें विशेष रूप से मलबरी सफेद कोया, मलबरी रंगीन कोया, मलबरी पीला मैसूर, मलबरी सफेद रिल्ड, टसर स्पन धागा, टसर बाना धागा, डाबा पालित कोसा एवं रैली साबू बीजों को प्रदर्शित किया गया है| जिनसे कोसा सिल्क, मलबरी सिल्क, बनारसी, कांजीवरम की साड़ियां बनाई जाती हैं। विभागीय स्टाल में आए किसानों और आमजनों ने ग्रामोद्योग विकास विभाग की योजनाओं के बारे में भी विस्तृत जानकारियां ली| गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ कोसा उत्पादन एवं कोसा वस्त्र निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वन आधारित ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के संकल्प को पूरा करते हुए छत्तीसगढ़ टसर उत्पादन के क्षेत्र में परम्परागत रूप से विशिष्ट स्थान रखता है। रेशम प्रभाग के योजनाओं के जरिए ग्रामीण अंचल में निवासरत जरूरतमंद परिवारों को रोजगार, स्व-रोजगार उपलब्ध हो रहे हैं। टसर रेशम विकास एवं विस्तार कार्यक्रम, पालित डाबा टसर ककून उत्पादन योजना, नैसर्गिक बीज प्रगुणन एवं कोसा उत्पादन योजना, टसर धागाकरण जैसी योजनाओं का संचालन कर मलबरी रेशम विकास एवं विस्तार कार्यक्रम लघु निर्माण अंतर्गत रेशम एवं टसर केंद्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इस अवसर पर स्टॉल में आए लोगों ने निजी क्षेत्र में एक एकड़ शहतूत पौधरोपण एवं कीटपालन को बढ़ावा देने के लिए संचालित नवीन शहतूत रेशम बाड़ी योजना के बारे में भी जाना। प्रदेश में शहतूत रेशम को बढ़ावा देने एवं ग्रामीण क्षेत्र में रेशम पालन के जरिए स्थायी रोजगार सृजन करने के उद्देश्य से निजी क्षेत्र के लघु एवं सीमांत किसानों के लिए एक एकड़ शहतूत पौधरोपण एवं कीटपालन के लिए नवीन योजना शहतूत रेशम बाड़ी योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत शहतूत का पौधरोपण एवं संधारण, कीटपालन भवन एवं उपकरण और सिंचाई सुविधा के अंतर्गत उपकरण के लिए सहायता राशि प्रदान किया जाएगा, जिससे कृषक शहतूती रेशम उद्योग की स्थापना कर एवं अपने जीविकोपार्जन के लिए स्थायी रोजगार कर सके। इस योजना से जुड़े कृषकों को उनके निजी भूमि में पौधरोपण के उपरांत उन्हें पौधरोपण एवं रेशम कीटपालन से संबंधित सभी तकनीक की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एक माह का निःशुल्क प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस योजना में प्रवधानित राशि लगभग 5 लाख रुपए है, जिन्हें मदवार प्रदान किया जाता है। इस तरह से छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाएं सुदूर वनांचल से शहरी क्षेत्रों तक आम जनजीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं और उन्हें आर्थिक और सामाजिक स्तर पर मजबूत बना रहे हैं।   recent visitors 67

’अनुपम खेर जैसा कोई नहीं’ : सूरज बड़जात्या

मुंबई, बॉलीवुड फिल्मकार सूरज बड़जात्या ने दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर की तारीफ करते हुये कहा है कि उनके जैसा कोई नहीं है। फिल्म निर्माता सूरज बड़जात्या और अनुपम खेर पिछले चार दशकों से रचनात्मक सहयोगी और दोस्त रहे हैं! बहुत कम लोग जानते हैं कि सूरज और अनुपम की पहली मुलाकात महेश भट्ट निर्देशित फिल्म सारांश के सेट पर हुई थी। यह अनुपम का डेब्यू था, और उस समय सूरज बड़जात्या इस राजश्री प्रोडक्शंस की क्लासिक फिल्म में चौथे सहायक निर्देशक के रूप में काम कर रहे थे। राजश्री प्रोडक्शंस के आधिकारिक सोशल मीडिया पर, सूरज बड़जात्या ने अपने दोस्त और सहयोगी अनुपम खेर के लिए प्रशंसा पत्र लिखा है, जो उनके 40 साल के फिल्मी सफर को सलाम करता है।सूरज बड़जात्या ने लिखा, मैंने हिंदी सिनेमा में अनुपम सर के 40 साल लंबे सफर को करीब से देखा है। सारांश के सेट पर मैं चौथा सहायक निर्देशक था, और वहीं से हमारी दोस्ती और साथ का सफर शुरू हुआ। उन्होंने मुझे मेरा पहला काम दिया, जो था उन्हें सारांश की स्क्रिप्ट लाकर देना।मैंने उन्हें हम आपके हैं कौन, विवाह, प्रेम रतन धन पायो और हाल ही में ऊंचाई में निर्देशित किया। अनुपमजी मेरे करियर के महत्वपूर्ण पलों का हिस्सा रहे हैं और शायद मैं भी उनके सफर का हिस्सा रहा हूं। शायद यही कारण है कि हमारा बंधन इतना खास है। हम दोनों ने एक-दूसरे को बढ़ते हुए देखा है, अपने ऊंच-नीच साझा किए हैं, और हमारी दोस्ती ने समय की हर कसौटी को पार किया है।” सूरज बड़जात्या ने लिखा,अनुपमजी मेरे लिए अभिनय की एक संस्था हैं। जितना अधिक आप उन्हें गौर से देखते हैं, उतनी ही बारीकियां और परतें नज़र आती हैं। इस पीढ़ी के सभी उभरते और सफल अभिनेता अनुपमजी के अभिनय को देखकर बहुत कुछ सीख सकते हैं।विजय 69 का ट्रेलर देखकर मैं स्तब्ध रह गया। 69 साल की उम्र में भी अनुपमजी की भूख बरकरार है, वह आज भी नए मानक स्थापित करने की चाह रखते हैं। मैं उन्हें देखकर प्रेरित होता हूं और विजय 69 में उनकी उत्कृष्टता के सफर को देखकर उनका समर्थन करता हूं। अनुपमजी जैसा कोई नहीं है। मुझे यकीन है कि अपने 40वें साल में सिनेमा में वह एक और यादगार प्रदर्शन के साथ हमें भावुक करेंगे। हम सब भाग्यशाली हैं कि उनके इस अद्भुत सफर के गवाह हैं।   recent visitors 127

केन्द्र सरकार देशभर में 100 ट्रायबल मल्टी-पर्पज मार्केटिंग सेंटर्स ‘ तैयार करने की योजना : डॉ. शाह

प्रदेश के 19 जिलों में ट्रायबल मल्टी-पर्पज मार्केटिंग सेंटर्स की स्थापना के लिये प्रस्ताव भेजा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत बनेंगे टीएमएमसी  केन्द्र सरकार देशभर में 100 ट्रायबल मल्टी-पर्पज मार्केटिंग सेंटर्स ' तैयार करने की योजना : डॉ. शाह भोपाल जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुर्नवास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा है कि देश के सभी जनजातीय बहुल गांवों के समग्र विकास एवं जनजातियों को देश में हो रहे चहुंमुखी विकास के प्रकाश का लाभ देने के लिये केन्द्र सरकार द्वारा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में प्रदेश के 51 जिलों के 267 विकासखंडों में स्थित 11 हजार 377 जनजातीय बहुल गांवों का संर्वागीण विकास किया जायेगा। इन 51 जिलों में 43 जनजातीय समुदायों के 18 लाख 58 हजार परिवार निवास करते हैं, जिनकी कुल 93 लाख 23 हजार आबादी इस अभियान से सीधे तौर पर लाभान्वित होगी। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि अभियान में केन्द्र सरकार द्वारा देशभर में 100 ट्रायबल मल्टी-पर्पज मार्केटिंग सेंटर्स (टीएमएमसी) या कहें 'जनजातीय ग्रामीण हाट बाजार' तैयार करने की योजना है। इसमें ‘पहले आयें-पहले पायें’ की तर्ज पर केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय को जिस राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश से सबसे पहले प्रस्ताव मिलेंगे, उन्हें प्राथमिकता से यह टीएमएमसी आवंटित किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने इस दिशा में त्वरित एवं प्रगतिशील कदम उठाते हुए केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के सचिव को वित्त वर्ष 2024-25 में प्रदेश के 19 जिलों में एक-एक टीएमएमसी स्थापित करने का अधिकृत प्रस्ताव भेज दिया है। प्रमुख सचिव, जनजातीय कार्य विभाग डॉ. ई. रमेश कुमार ने बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में राज्य सरकार की ओर से केन्द्र सरकार को प्रदेश के 19 जिलों में एक-एक टीएमएमसी (जनजातीय ग्रामीण हाट बाजार) स्थापना के लिये विधिवत् प्रस्ताव भेज दिया गया है। प्रस्ताव के अनुसार 19 जिलों में यह टीएमएमसी एक-एक करोड़ रूपये लागत से लगभग 2000 स्क्वायर मीटर लैंड एरिया में बनाये जायेंगे, जिसका बिल्ट-अप लैंड एरिया करीब 367.80 स्क्वायर मीटर होगा। प्रमुख सचिव डॉ. कुमार ने बताया कि यह टीएमएमसी राज्य सरकार के जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित किये जायेंगे। टीएमएमसी की स्थापना के लिये धनराशि केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराई जायेगी। टीएमएमसी में जनजातियों की पुरातन कला, संस्कृति के प्रतीक, शिल्पकारी, चित्रकारी, खिलौने, मिट्टी व बांस से निर्मित उत्पाद आदि का विक्रय भी किया जायेगा। इससे जनजातीय समुदाय को आजीविका के नये साधन मुहैया होंगे और इन्हें अतिरिक्त आय उपार्जन भी हो सकेगा। टीएमएमसी स्थापना का मुख्य उद्देश्य जनजातियों द्वारा एकत्रित की जाने वाली लघु वनोपजों व गैर लघु वनोपजों का एक ही छत के नीचे प्रदर्शन, इनकी गुणवत्ता संवर्धन एवं इन वनोपजों के विक्रय के लिये जनजातीय बंधुओं को स्थायी प्लेटफार्म उपलब्ध कराना है। इससे जनजातियों की आजीविका में तेजी से सुधार के साथ इन्हें अपने स्व-निर्मित उत्पादों के प्रमोशन के लिये स्थानीय स्तर पर आऊटलेट की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके अलावा इन टीएमएमसी की स्थापना से जनजातीय वर्ग के किसानों की फसल लगाने से पूर्व एवं उपज के उपरांत मौसमी हानियों को भी बेहद कम किया जा सकेगा।   recent visitors 86

भोपाल के वन विहार में शेर और चीता का दीदार करना हुआ महंगा, चार गुना बढ़ गई फीस

Visiting lions and buffaloes in Bhopal’s Van Vihar has become expensive, now you will have to pay four times more  भोपाल। (Van Vihar National Park) मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित वन विहार नेशनल पार्क में आज गुरुवार से भ्रमण महंगा हो गया है। सफारी वाहन बुकिंग में 300 की जगह अब 1000 रुपए लगेंगे। जबकि 6 से 12 वर्ष के बच्चों के लिए सफारी फीस 150 रुपए निर्धारित की गई है। वहीं पैदल जाने वालों को 25 रुपए देने होंगे। इंदौर के रालामंडल अभ्यारण और मुकुंदपुर की व्हाइट टाइगर सफारी के भी दाम बढ़ गए है। वन विहार नेशनल पार्क में वन्य प्राणियों की झलक के लिए नई फीस जारी की गई है। पैदल भ्रमण प्रति व्यक्ति 25 रुपये देना होगा। अभी प्रति व्यक्ति 20 रुपए शुल्क था। इसके अलावा नई दरों में स्वयं की साइकल से 30 रुपये, उद्यान की साइकिल से 40 रुपये, दोपहिया मोटर वाहन 2 व्यक्ति 80 रुपये देना होगा। ऑटो रिक्शा चालक सहित अधिकतम 4 व्यक्ति 120 रुपये, हल्के 4 पहिया वाहन अधिकतम 5 व्यक्ति 300 रुपये, हल्के 4 पहिया वाहन 5 व्यक्ति से अधिक क्षमता वाले 500 रुपये, मिनी बस अधिकतम 20 व्यक्ति 1100 रुपये, बस 20 से अधिक व्यक्ति 2200 रुपये, गोल्फ कॉर्ट से भ्रमण (प्रवेश शुल्क के अतिरिक्त) प्रति व्यक्ति 60 रुपये लगेगा। वहीं 5 वर्ष से अधिक 12 वर्ष तक की आयु के बच्चे 40 रुपये, 5 वर्ष तक की आयु के बच्चे नि:शुल्क, पूरी गोल्फ कॉर्ट अधिकतम 6 व्यक्ति 400 रुपये और प्रबंधन द्वारा उपलब्ध कराए गए वाहन से सफारी भ्रमण (प्रति ट्रिप) प्रति व्यक्ति 100 रुपये, 5 वर्ष से अधिक 12 वर्ष तक की आयु के बच्चे 30 रुपये, 5 वर्ष तक की आयु के बच्चे नि:शुल्क तथा संपूर्ण वाहन (अधिकतम छह व्यक्ति) 1000 रुपये देय होगा। recent visitors 700

आयुष्मान योजना में कैंसर पीड़ितों को राहत, देश में अबतक 25 लाख रोगियों ने करवाया उपचार

भोपाल  सितंबर 2018 में प्रारंभ आयुष्मान भारत योजना के छह साल पूरे हो गए हैं। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने 29 अक्टूबर को 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को पांच लाख रुपये प्रतिवर्ष का अतिरिक्त बीमा कवर देना शुरू किया है। योजना के पिछले छह वर्ष के आंकड़े देखें तो कैंसर रोगियों के लिए यह योजना बड़ा संबल बनी है। देशभर में अभी तक सात करोड़ से अधिक लोगों का उपचार इस योजना के अंतर्गत हुआ है, इनमें 25 लाख कैंसर के हैं। स्पेशियलिटी के हिसाब से उपचार कराने वाला का यह चौथा बड़ा आंकड़ा है। रेडिएशन ऑन्कोलॉजी यानी सिकाई कराने वाले रोगियों को मिला लें तो यह संख्या और अधिक होगी। गुजरात में तो आयुष्मान योजना का लाभ लेने वाले में ही सर्वाधिक कैंसर रोगी हैं। मप्र में एक लाख 62 हजार रोगियों ने कैंसर का उपचार कराया है। 'पीएमजय' डैशबोर्ड से मिली जानकारी     मप्र में जनरल मेडिसिन के बाद योजना का लाभ लेने वालों की सर्वाधिक संख्या कैंसर रोगियों की है। उप्र में 88 हजार कैंसर रोगियों ने योजना से उपचार कराया है।     यहां योजना का लाभ लेने वाले रोगियों की सर्वाधिक संख्या के मामले में कैंसर चौथे नंबर पर है। यह जानकारी 'पीएमजय' डैशबोर्ड के अनुसार है।     सामान्य तौर पर निजी और सरकारी अस्पतालों में मेडिसिन के बाद आर्थोपेडिक्स, स्त्री एवं प्रसूति रोग, शिशु रोग आदि के रोगी अधिक रहते हैं।     जब आयुष्मान योजना से उपचार लेने वालों की संख्या बात आती है तो मेडिकल आंकोलाजी किसी राज्य में पहले तो कहीं दूसरे, तीसरे और चौथे नंबर पर है।     देश में सबसे ऊपर क्रमश: मेडिसिन, संक्रामक रोग और सर्जरी है। अब प्रोसीजर के आंकड़े देखें तो रोगियों ने सबसे अधिक लाभ हीमोडायलिसिस का लिया है।     देश भर में 64 रोगियों ने अभी तक आयुष्मान योजना से डायलिसिस कराई है, जिसमें मध्य प्रदेश के पांच लाख 43 हजार हैं।     दूसरे नंबर पर मल्टीपल पैकेज यानी जिसमें कई तरह प्रोसीजर शामिल हैं, तीसरे क्रम में 57 हजार मामलों के साथ सीजर डिलीवरी है। मप्र में किस बीमारी के कितने रोगियों ने उपचार कराया     मेडिसिन 10 लाख     मेडिकल ऑन्कोलॉजी (कैंसर, जिसमें सर्जरी शामिल नहीं ) 1.62     आर्थोपेडिक 1. 62     स्त्री एवं प्रसूति रोग 1.33     हड्डी रोग 1.04 एक्सपर्ट ने बताया कारण प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के जीएम ऑपरेशन रहे सेवानिवृत्त अधिकारी डॉ. ओपी तिवारी का कहना है कि कैंसर का उपचार एक तो महंगा है। दूसरा यह कि इसका उपचार दो से तीन वर्ष और कुछ का तो इससे भी अधिक समय तक चलता है। यही कारण है कि अधिकतर रोगी आयुष्मान भारत योजना से ही उपचार कराते हैं। वह कहते हैं कि यह बात भी सही है सरकारी अस्पतालों की तुलना में योजना के अंतर्गत अनुबंधित निजी अस्पतालों और निजी मेडिकल कॉलेजों में इसके उपचार की अच्छी सुविधाएं हैं। प्रोसीजर के मामले में रेडिएशन ओंकोलॉजी और कीमोथेरेपी का लाभ लेने वाले रोगियों की संख्या भी अन्य प्रोसीजर की तुलना अधिक है। recent visitors 71