Saturday, July 4, 2026 5:22 pm

आरोपी और पीड़ित के बीच सिर्फ समझौते के आधार पर केस को रद्द नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली यौन उत्पीड़न केस पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है। गुरुवार को अदालत ने कहा कि आरोपी और पीड़ित के बीच सिर्फ समझौते के आधार पर केस को रद्द नहीं किया जा सकता है। इस संबंद में शीर्ष न्यायालय ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया, जिसमें कोर्ट ने केस को रद्द करने के लिए CrPC की धारा 482 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल किया था। क्या था मामला दरअसल, राजस्थान हाईकोर्ट ने नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न के दोषी शिक्षक विमल कुमार गुप्ता को राहत दे दी थी। यह मामला 2022 का गंगापुर का है। खबर है कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था, जिसे शुरुआत में निचली अदालत ने मानन से इनकार कर दिया था, लेकिन हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। इसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता रामजी लाल बैरवा ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। 2022 में नाबालिग दलित लड़की ने सरकारी स्कूल के शिक्षक के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद केस दर्ज हुआ था। जांच के दौरान नाबालिग का बयान भी दर्ज किया गया था। इसके बाद गुप्ता ने लड़की के परिवार का बयान एक स्टांप पेपर पर हासिल कर लिया था। इसमें कहा गया था कि उन्होंने गलतफहमी के चलते पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी थी और अब वह शिक्षक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ अब एपेक्स कोर्ट में इस मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस सीटी रविकुमार और जस्टिस पीवी संजय कुमार की बेंच ने हाईकोर्ट के आदेश को पलट दिया। साथ ही आरोपी शिक्षक के खिलाफ मुकदमा चलाने का भी रास्ता साफ कर दिया है। recent visitors 101

Ladli Behna Yojana: जल्द आएगी लाड़ली बहना योजना की 18 वीं किस्त, खाते में आएंगे 1250 रुपये

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की किस्त जल्द ही पात्र महिलाओं के खाते में आएगी। सरकार हर महीने की 9तारीख को और कभी इससे पहले भी लाड़ली बहनों के खाते में 1250 रुपये की किस्त जारी करती है। नवंबर की 9 तारीख अब पास आ रही है, ऐसे में जल्द महिलाओं के खाते में योजना की किस्त आ सकती है। मध्य प्रदेश में 1 करोड़ 29 लाख से ज्यादा महिलाएं लाड़ली बहना योजना का लाभ उठा रही हैं। पिछले महीने दमोह जिले के सिंग्रामपुर से सीएम ने महिलाओं के खाते में 1574 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक के जरिए भेजी थी। इस बार किस्त जल्दी आने के कयास थे राखी के समय में एमपी सरकार द्वारा लाड़ली बहनों को 1250 रुपये की किस्त के साथ 250 रुपये अलग से दिए गए थे। इस बार लाड़ली बहना यह कयास लगाए हुई थी कि दीपावली और छट पूजा को देखते हुए किस्त जल्दी जारी की जा सकती है। मध्य प्रदेश मार्च 2023 में हुई थी योजना की शुरुआत मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना की शुरुआत विधानसभा से पहले 5 मार्च 2023 को हुई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने के साथ उनके पोषण और स्वास्थ्य में सुधार करना है। इसके जरिए परिवार में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करना भी एक उद्देश्य है। ऐसे चेक करें किस्त मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ ले रही महिलाओं को www.cmladlibahna.mp.gov.in वेबसाइट पर जाकर अपने आवेदन की स्थिति को देखना होगा। इसे देखने के लिए आवेदन नंबर या सदस्य समग्र आईडी डालकर सबमिट करना होगा। इसके बाद समग्र आईडी से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आए, जिसे साइट पर डालना होगा। इसके बाद किस्त की जानकारी सामने आ जाएगी। महिलाओं को इस योजना से मिला बल लाड़ली बहना योजना का सबसे ज्यादा लाभ ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली महिलाओं को मिला है। 1250 रुपये से वे अपनी जरूरत का सामान लेने के साथ, इन रुपयों की बचत भी कर रही हैं। सरकार द्वारा दी जा रही इस राशि से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं। recent visitors 88

किसानों को केंद्र सरकार का बड़ा झटका, किसानों को पराली जलाने पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति के लिए पैसे देने पड़ेंगे

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों के किसानों की जेब पर असर पड़ने वाला है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग लागू होने के बाद किसानों को पराली जलाने पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति के लिए पैसे देने पड़ेंगे। इसके लिए जिसके पास जितनी जमीन होगी, उसी हिसाब से पैसे चुकाने पड़ेंगे। इसके लिए वन मंत्रालय की तरफ से नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इसमें 5 हजार, 10 हजार और 30 हजार तक किसानों को चुकाने पड़ेंगे। आइए जानते हैं किस किसान को कितना जुर्माना चुकाना पड़ेगा। मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के वो किसान जिनके पास 2 एकड़ से कम जमीन है, उन्हें पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में 500 रुपए देने होंगे। इसके अलावा जिन किसानों के पास 2 एकड़ से 5 एकड़ तक जमीन है, उन्हें 10 हजार रुपए चुकाने पड़ेंगे। नोटिफिकेशन के मुताबिक 5 एकड़ से ज्यादा जमीन वाले किसानों को 30 हजार रुपए चुकाने पड़ेंगे। इससे किसानों की जेब पर असर पड़ेगा। ठंड बढ़ने के साथ ही दिल्ली-एनसीआर में पर्यावरण की चर्चाएं बढ़ जाती हैं। बढ़ती पर्यावरण की चर्चाओं के बीच सबसे बड़ा मुद्दा बन जाता है किसानों के पराली जलाने का। बीते कई सालों से चली आ रही इस चर्चा के बाद केंद्र सरकार ने किसानों को पर्यावरण शुल्क अदा करने के लिए एक आयोग को जिम्मेदारी सौंपी है। इसमें किसानों से उनकी मलिकाना जमीन के अनुसार, पर्यावरण शुल्क वसूला जाएगा। जिसके पास जितनी जमीन होगी, उससे उतना ही ज्यादा पर्यावरण शुल्क वसूला जाएगा। केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन में यह बात कही गई है। इस नए नोटिफिकेशन को किसानों को झटके के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि अब उनकी जेब पर ज्यादा असर पड़ेगा। छोटे किसानों 5 हजार जब कि बड़े किसानों को 10-30 हजार रुपए तक पर्यावरण शुल्क अदा करना होगा। इसके लिए केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। recent visitors 65

किरोड़ी ने की मोटर साइकिल की सवारी, राजस्थान-दौसा के चुनावी रंग में सचिन बने ट्रैक्टर पायलट

दौसा. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का एक बयान दौसा का पूरे चुनाव की दिशा ही बदल गया है। गहलोत ने दौसा चुनाव को मैच फिक्सिंग के आरोप मे क्या घेरा कि प्रदेश की राजनीति में एक हलचल पैदा हो गई और ठंडा पड़ा दौसा का चुनाव एकाएक गरमा गया। कांग्रेस के दौसा सांसद मुरारी मीणा तुरंत ही एक्टिव होते हुए मैदान में उतर गये और साथ मिला कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट का। दीनदयाल बैरवा को तो मानों संजीवनी ही मिल गई। पायलट सैथल मे बैरवा के कार्यालय उद्घाटन करने पहुचे तो भीड़ को देखते कर लगा कि मानों पूरा दौसा ही उमड़ा आआ हो। पायलट ने ट्रैक्टर पर सवार होकर चुनावी फसल को जोतना शुरू किया तो विपक्ष के प्रत्याशी के होश उड़ गये। परंतु डॉ किरोड़ी लाल मीणा भी इन हथकंडों के जनक मानें जाते हैं। वो भी अपने समर्थकों के साथ मोटर साइकिल पर रवाना होकर निकल पड़े। दौसा का चुनाव सीधे रूप में अब सचिन पायलट और डॉ किरोड़ी लाल मीणा के बीच नजर आने लगा है। दोनों दिग्गजों के बीच अपनी अस्मिता की लड़ाई शुरू हो चुकी है। एक तरह बाबा अपने भाई के लिए केंद्रीय आलाकमान से टिकट इस भरोसे पर लाए है कि जीत भाजपा की होनी तय है। वहीं दूसरी और अशोक गहलोत के बयान के बाद सचिन पायलट अपने गढ़ दौसा को हारकर कांग्रेस आलाकमान के आगे कमजोर नहीं दिखना चाहते है। पायलट दौसा को खोकर गहलोत को कोई मौका नहीं देना चाहते हैं। recent visitors 167

विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम के तहत ई-कॉमर्स कंपनियों से जुड़े कुछ विक्रेताओं पर ईडी ने छापेमारी की

नई दिल्ली ऐमजॉन और फ्लिपकार्ट जैसी नामी ई-कॉमर्स कंपनियों से जुड़े कुछ विक्रेताओं पर ईडी ने छापेमारी की है। यह छापेमारी देश भर में 15 से 16 ठिकानों पर की गई है। विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की गई है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि एजेंसी ने कॉम्पटिशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया की जांच के बाद यह ऐक्शन लिया है। सीसीआई ने अपने ऐक्शन में पाया था कि दनों कंपनियों ने स्थानीय प्रतिस्पर्धी नियमों का उल्लंघन किया है और गलत तरीके से सेलर्स को प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने की परमिशन दी है। प्रतिस्पर्धा आयोग ने अपनी जांच में पाया था कि इन कंपनियों ने ऐसे सेलर्स को छूट देकर नियमों का उल्लंघन किया है। इन सेलर्स ने बड़े पैमाने पर डिस्काउंट दिए और कई नियमों का उल्लंघन किया। इससे दूसरी कंपनियों को नुकसान पहुंचा। वहीं पीटीआई का कहना है कि ऐसे कुछ सेलर्स को लेकर जांच की जा रही है, जिन्होंने ऐमजॉन और फ्लिपकार्ट का इस्तेमाल किया। वहां पर उन्होंने नियमों का उल्लंघन करते हुए डिस्काउंट दिए। इन सेलर्स के वित्तीय लेनदेन पर एजेंसियों की नजर है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली-एनसीआर के अलग शहरों में छापेमारी हुई है। इसके अलावा कुछ और इलाकों में भी हुई है। दिल्ली, गुरुग्राम, हैदराबाद, बेंगलुरु समेत कई शहरों में रेड मारी गई है। यह जांच फॉरेंस एक्सचेंज मैनेजमेंट ऐक्ट यानी फेमा के तहत की जा रही है। ईडी इस ऐंगल से जांच कर रही है कि कहीं उन सेलर्स ने अवैध वित्तीय लेनदेन तो नहीं किया है, जिन पर फ्लिपकार्ट और ऐमजॉन के गलत इस्तेमाल के आरोप लगे हैं। इनमें से ज्यादातर सेलर्स पर अवैध वित्तीय गतिविधियां करने का आरोप लगा है। फिलहाल इस मामले में ईडी या अन्य किसी सरकार एजेंसी की ओर से बयान नहीं आया है। इसके अलावा ऐमजॉन और फ्लिपकार्ट ने भी इस पर कोई स्टेटमेंट जारी नहीं किया है। recent visitors 76

नगदी-जेवरात छीनकर बनाया अर्धनग्न वीडियो, राजस्थान-नागौर में महिला को घर बुलाकर मारपीट

नागौर. नागौर जिले के गोठन थाना इलाके में हनीट्रैप का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पहले महिला को घर पर बुलाया उसके बाद एक महिला और आरोपियों ने मिलकर महिला के साथ जमकर मारपीट की। उसके बाद उसके शरीर के अर्धनग्न के करीब आधा दर्जन से अधिक वीडियो बना लिया। वीडियो वायरल की धमकी देकर पीड़ित महिला से रुपए नगदी और सोने चांदी के आभूषण और लाइसेंस भी छीन लिया। फिर वीडियो वायरल करने की धमकी दे दी। पीड़िता ने गोठन थाने में पहुंचकर सारी आपबीती बताई। पीड़िता की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर 01 महिला आरोपी और 03 पुरुष आरोपियों की गिरफ्तार कर लिया गया है। सुरेश चौधरी पुलिस निरीक्षक ने बताया कि 25 सितंबर को दोपहर में एक पीड़िता ने लिखित में रिपोर्ट देकर पूरी आप बीती बताई, जिसमें उसने बताया की उसको महिला ने फोन कर अपने घर पर बुलाया। वहां पहले से मौजूद 03 लोगों और उस महिला ने पहले उसके साथ मारपीट की। फिर उसके आधा दर्जन से अधिक अर्धनग्न के वीडियो बनाया और उससे वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे 20 हजार रुपए नगद, सोने-चांदी की बलियां और लाइसेंस की छीन लिया। पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने धारा 115 (2), 126(2), 127(2) 111(3), 119(1), 307, 308 बीएनएस तहत प्रकरण दर्ज कर एक महिला वह तीन और आरोपी कुनाराम मेघवाल, मनीष पुत्र गुदाराम हरिजन, महेंद्र पुत्र भयाम लाल को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कई सारी चीजें बरामद की गई है। recent visitors 110

घोषणा पत्र में उद्धव ठाकरे का बड़ा वादा, ‘रद्द कर दूंगा अडाणी का प्रोजेक्ट’, MVA टूटने पर भी ली चुटकी

मुंबई महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए आज (गुरुवार, 7 नवंबर) को अपनी पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया, जिसमें सभी छात्रों को मुफ्त शिक्षा और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को स्थिर करने के आश्वासन दिया गया है। इसके साथ ही ठाकरे ने अपने घोषणा पत्र में अडाणी समूह को दिए गए धारावी पुनर्विकास परियोजना को भी रद्द करने का वादा किया है। ठाकरे ने कहा कि ज्यादातर चुनावी वादे विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाडी (एमवीए) के घोषणापत्र का हिस्सा हैं, लेकिन कुछ बिंदु हैं जिन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिवसेना, कांग्रेस और शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) वाला एमवीए गठबंधन 20 नवंबर को होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र भी जारी करेगा। ठाकरे ने आश्वासन दिया कि जिस तरह से राज्य में छात्राओं को सरकारी नीति के तहत मुफ्त शिक्षा मिल रही है, अगर एमवीए सत्ता में आता है तो इसे सभी छात्रों के लिए भी लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एमवीए आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को भी स्थिर रखेगा। धारावी पुनर्विकास परियोजना के बारे में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे रद्द कर दिया जाएगा क्योंकि इसका बुरा प्रभाव मुंबई पर होगा। उन्होंने कहा कि तेजी से हो रहे शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र और मुंबई में भी आवास नीति होगी। ठाकरे ने कहा कि अगर एमवीए सत्ता में आता है तो वह कोलीवाड़ा और गौठानों के क्लस्टर विकास को रोक देगा और यह निवासियों को विश्वास में लेने के बाद किया जाएगा। शिवसेना प्रमुख ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी रोजगार सृजन की दिशा में काम करेगी। ठाकरे ने विपक्ष की सियासी साजिशों और अफवाह फैलाने पर कहा, "मैं चुनाव प्रचार के लिए मुंबई से बाहर जा रहा हूं, इसलिए मुंबई में महा विकास अघाड़ी की आगामी प्रेस कॉन्फ्रेंस में अगर मैं शामिल नहीं होता हूं, तो कृपया यह नहीं समझना कि गठबंधन टूट गया है। हमने अब तक अपने सभी वादे पूरे किए हैं, चाहे वह बीएमसी से जुड़े रहे हों या राज्य सरकार से..।" शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी रोजगार सृजन की दिशा में काम करेगी। ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार की प्रमुख लड़की बहन योजना का भी जिक्र किया, लेकिन इस बारे में ब्योरा देने से इनकार कर दिया कि चुनाव के बाद एमवीए के सत्ता में आने पर यह योजना जारी रहेगी या नहीं।  recent visitors 100