व्हाइट हाउस के मुताबिक राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर होने के फैसले को सही मानते हैं बाइडेन !

वाशिंगटन व्हाइट हाउस के मुताबिक प्रेसिडेंट जो बाइडेन का मानना है कि राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर होने का उनका फैसला 'सही' था। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन-पियरे ने एक ब्रीफिंग के दौरान यह बात कही। यह राष्ट्रपति-चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत की घोषणा के बाद पहली ब्रीफिंग थी। बता दें इस चुनाव में बाइडेन की जगह डेमोक्रेट उम्मीदवार बनीं कमला हैरिस जीत दर्ज नहीं कर सकी। पियरे ने कहा, "उन्हें (बाइडेन) बहुत गर्व था। जब उन्होंने मशाल उपराष्ट्रपति को सौंपने का फैसला किया, तो उन्हें लगा कि उस समय यह सही फैसला था। उन्हें (बाइडेन) विश्वास था कि वह (कमला हैरिस) तैयार थीं।" पियरे ने सीधे तौर पर यह जवाब नहीं दिया कि क्या बाइडेन को अमेरिकी राष्ट्रपति पद की दौड़ से हटने का अफसोस है या नहीं? जीन-पियरे ने राष्ट्रपति के रूप में बाइडेन की उपलब्धियों का बखान करने की कोशिश की, जबकि डेमोक्रेट्स की हार के लिए कोई सीधा कारण नहीं बताया। व्हाइट हाउस अधिकारी ने कहा, "हम जो भी उपलब्धियां हासिल कर सके, उसके बावजूद, कोविड-19 महामारी के कारण वैश्विक स्तर पर प्रतिकूल परिस्थितियां रहीं, जाहिर है, कोविड-19 के कारण सप्लाई चेन में व्यवधान उत्पन्न हुआ, और इसका राजनीतिक प्रभाव कई पदाधिकारियों पर पड़ा।" इससे पहले राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ऐलान किया कि उपराष्ट्रपति कमला हैरिस 'लड़ाई जारी रखेंगी' भले ही वह राष्ट्रपति पद का चुनाव हार गई हों। उन्होंने हैरिस को 'पीढ़ियों का नेता' करार दिया। बाइडेन ने बुधवार को एक बयान में कहा, "वह उद्देश्य, दृढ़ संकल्प के साथ लड़ाई जारी रखेंगी। वह सभी अमेरिकियों के लिए चैंपियन बनी रहेंगी।" उन्होंने कहा, "सबसे बढ़कर, वह एक ऐसी नेता बनी रहेंगी, जिन्हें हमारी पीढ़ियां याद रखेंगी।' बाइडेन ने कहा, "आज अमेरिका ने उस कमला हैरिस को देखा, जिन्हें मैं जानता हूं और जिनका मैं प्रशंसक हूं।" बाइडेन ने कहा कि 2016 में अपनी पार्टी का नामांकन प्राप्त करने के बाद कमला को अपना उपराष्ट्रपति चुनना उनका पहला फैसला था और यह 'मेरा सबसे अच्छा निर्णय था।' अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "उनकी दास्तां अमेरिका की सबसे अच्छी कहानी का प्रतिनिधित्व करती है। और जैसा कि उन्होंने आज स्पष्ट किया, मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि वह उस कहानी को लिखना जारी रखेंगी।" recent visitors 68

टेक्निकल विंग के लिये 177 पद मंजूर, ट्राईबल टेक्निकल विंग सेट-अप को मंजूरी

अब ट्राइबल का खुद का टेक्निकल विंग बनायेगा जनजातीय विकास की अधोसंरचनाएँ प्रदेश में जनजातियों के विकास से जुड़ी सभी प्रकार की अधोसंरचनाएँ अब जनजातीय कार्य विभाग का खुद का टेक्निकल विंग बनायेगा टेक्निकल विंग के लिये 177 पद मंजूर, ट्राईबल टेक्निकल विंग सेट-अप को मंजूरी भोपाल प्रदेश में जनजातियों के विकास से जुड़ी सभी प्रकार की अधोसंरचनाएँ अब जनजातीय कार्य विभाग का खुद का टेक्निकल विंग बनायेगा। विभाग में नये टेक्निकल विंग की स्थापना की गई है। राज्य शासन द्वारा ट्राईबल टेक्निकल विंग सेट-अप को मंजूरी दे दी गई है। इसके लिये 177 नये पद भी शासन ने स्वीकृत किये हैं। इसमें अधीक्षण यंत्री (एस.ई) का एक पद, कार्यपालन यंत्री (ई.ई) के 6, सहायक यंत्री (सिविल) के 25, सहायक यंत्री (विद्युत) के 3, उपयंत्री (सिविल) के 123, उपयंत्री (विद्युत) के 9, प्रगति सहायक के 7 तथा निर्माण सहायक, सहायक मानचित्रकार एवं अनुरेखक के एक-एक पद को मंजूरी दी गई है। पदों की मंजूरी मिलने के बाद अब जनजातीय कार्य विभाग द्वारा विभागीय स्तर या अन्य शासकीय भर्ती एजेन्सीज के माध्यम से टेक्निकल विंग स्टॉफ की भी जल्द से जल्द भर्ती की जायेगी। ट्राईबल टेक्निकल विंग के हेड अधीक्षण यंत्री (एसई) होंगे, जो जनजातीय कार्य मुख्यालय से विभागीय निर्माण कार्यों का सुपर विजन करेंगे। इनके अधीन 6 ईई होंगे। एक ईई मुख्यालय के कार्यों के अलावा भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग के सभी जिलों का काम देखेंगे। एक ईई इंदौर मुख्यालय से इंदौर एवं उज्जैन संभाग के सभी जिलों का काम संभालेंगे। सागर और जबलपुर संभाग के जिलों के कार्यों के लिये भी एक-एक ईई को दायित्व सौंपा गया है। ग्वालियर के ईई ग्वालियर के साथ-साथ चंबल संभाग तथा शहडोल में पदस्थ ईई शहडोल सहित रीवा संभाग के सभी जिलो में विभागीय निर्माण कार्यों को समय पर पूरा कराने तथा मॉनीटरिंग के लिये उत्तरदायी होंगे। उल्लेखनीय है कि अब तक जनजातीय कार्य विभाग के अधीन स्कूल, छात्रावास, आश्रम शालाएँ, क्रीड़ा परिसर, कन्या शिक्षा परिसर, प्रशासनिक भवन आदि विभागीय संरचनाएँ पीडब्ल्यूडी, पीआईयू, भवन निर्माण इकाई, एम.पी. हाऊसिंग बोर्ड जैसी निर्माण एजेंसियों से कराये जाते थे। इसमें बहुत समय ज्यादा लग जाता था और निर्माण कार्य की लागत भी बढ़ जाती थी। अब जनजातीय कार्य विभाग अपने खुद के टेक्निकल विंग के जरिये निर्धारित लागत तक के विकास एवं उन्नयन कार्य ओपन टेण्डर के जरिये अपने नियम-शर्तों एवं तय समय-सीमा में ही करा सकेगा। इस टेक्निकल विंग कितनी लागत के निर्माण कार्य कराये जाने हैं, यह जनजातीय कार्य विभाग तय करेगा।   recent visitors 56

कमलनाथ ने बताया नोटबंदी भारतीय अर्थव्यवस्था का काला दिन

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आठ साल पहले आज ही के दिन नौ नवंबर 2016 को लागू की गई नोटबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि नोटबंदी ने देश की अर्थव्‍यवस्था की कमर तोड़ दी थी। इतिहास में इसका उल्‍लेख भारतीय अर्थव्यवस्था के काले दिन के रूप में हमेशा होता रहेगा। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को कहा, आज ही के दिन आठ नवंबर 2016 को नरेंद्र मोदी सरकार ने नोटबंदी लागू कर देश की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी थी। नोटबंदी के आठ वर्ष बाद भी आज तक देश उसकी मार से उबर नहीं पाया है। जिन उद्देश्यों को लेकर नोटबंदी की गई थी, उसका भी कहीं अता पता नहीं है। कमलनाथ ने नोटबंदी के चलते बैंको तक वापस आई रकम का हवाला देते हुए कहा, एक आंकड़े के मुताबिक नोटबंदी के बाद लगभग 99 प्रतिशत पैसा वापस बैंकों में आ गया, जो साबित करता है कि नोटबंदी से कालेधन पर वार करने का सरकार का दावा झूठा निकला। नोटबंदी से आतंकवाद की कमर तोड़ने की भी बात कही गई थी, लेकिन हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। देश में आतंकी घटनाएं नोटबंदी के बाद भी लगातार जारी हैं। उन्होंने कहा, नोटबंदी से सिर्फ गरीबों की जेब और देश की अर्थव्यवस्था पर डाका डाला गया। गरीबों की छोटी-छोटी बचत नोटबंदी से खत्म हो गई। सैकड़ों लोग कतार में मर गए, कई शादियां टूट गईंं, लेकिन इस सरकार के पास नोटबंदी की सफलता के नाम पर सिर्फ झूठे दावे और आंकडे़ ही हैं। 1000 रुपये के नोट बंद कर 2000 रुपये के नोट चलन में लाना और फिर ये कहना कि बडे़ नोट भ्रष्टाचार रोकने के लिए बंद किए गए, सरकार का हास्यास्पद तर्क नजर आया। 2000 रुपये का नोट क्यों लाया गया था, और क्यों वापस लिया गया, आज तक इसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ज्ञात हो कि काले धन पर रोक, आतंकवाद पर अंकुश, भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के मकसद से नौ नवंबर 2016 को नोटबंदी अमल में लाई गई थी। recent visitors 70

नए एंड्रायड फोन की परफॉर्मेंस बरकरार रखने के लिए करें ये जरूरी उपाय

आपने बेस्ट स्पेसिफिकेशन वाला नया फोन खरीद तो लिया, लेकिन यह सालो साल चलें इसके लिए जरूरी है कुछ बातों का ख्याल रखा जाएं। आज आपको इसके बारे में कुछ आसान टिप्स देते हैं। फोन के सेटअप को देखें आपने फोन खरीद तो लिया, लेकिन लेते समय उसके सेटअप चेक करना जरूरी है। फोन के सेटअप के लिए सबसे पहले उसमें सिम लगाकर ऑन करें और जो भी स्वीकृति वह मांगे उसे देकर सेटअप का प्रोसेस आगे बढ़ाएं। अब मोबाइल नेटवर्किंग सेटिंग और वाइ-फाइ के ऑप्शन पर जाएं। अगर वाइ-फाइ उपलब्ध है तो जरूर कनेक्ट करके देखें, इससे कनेक्टिविटी की समस्या का अंदाजा हो जाएगा। अगर कोई इशू दिखें तो अपनी डिवाइस को आप समय रहते चेंज करा सकते हैं। मोबाइल नेटवर्क पर इंटरनेट कनेक्टिविटी का कोई इशू तो नहीं यह भी चेक करें। चार्जर चेक करें आपके नए फोन का चार्जर ठीक तरह से काम कर रहा है या नहीं चेक करें। इसके लिए इसे खरीदते समय शॉप पर ही चार्ज करके देखें, साथ ही ध्यान दे कि ठीक से कनेक्ट हो रहा है या नहीं। चार्जिंग में कोई भी परेशानी दिखें तो फौरन विक्रेता से शिकायत करें। सभी एक्सेसरीज चेक करें आपको फोन के साथ सभी एक्सेसरीज मिली है या नहीं। इस बात को सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल फोन के सेल्स पैक पर प्रिंटेड एक्सेसरीज लिस्ट को चेक करें और अपने सेल्स पैक के अंदर देखें कि वहीं सारी एक्सेसरीज है या नहीं। फोन का डिस्प्ले व कैमरा या अन्य किसी जगह कोई स्क्रैच या टूट फूट दिखें तो उसी समय वापिस कर दें।अगर फोन ऑनलाइन लिया है तो 24 घंटे के अंदर कंप्लेंट रजिस्टर करें। कॉलिंग चेक करें नए फोन में कॉलिंग चेक करने की क्या जरूरत है? ऐसा सोचकर हम इसे चेक नहीं करते, लेकिन यह सबसे बड़ी परेशानी बन सकता है। फोन का मुख्य काम तो कॉलिंग ही होता है इसलिए कॉल करके देखें कि आपकी कॉल में स्पीकर से आवाज क्लियर आ रही है, आवाज में कोई डिस्टर्बेंस तो नहीं, डबल वॉयस तो नहीं आ रही आदि। अगर ऐसी कोई भी परेशानी महसूस हो तो शिकायत करें। जब आप कॉल करके देखेंगे तभी सभी परेशानियों का सटीक रूप से पता चलेगा। प्रीलोडेड अनवांटेड एप्स को डिसेबल करें आजकल सभी स्मार्टफोन में कुछ प्रीलोडेड एप्स आते हैं। इनमें से जिनका आप इस्तेमाल नहीं करते, उन्हें हटा सकते है। इसके लिए सेटिंग में जाकर एप को अनइंस्टॉल करें, अगर अनइंस्टॉल नहीं हो रहा तो डिसेबल कर दे। ऐसा करने का फायदा यह होगा कि मैमोरी खाली हो जाएगी और स्टोरेज कैपेसिटी बढ़ जाएगी। नए फोन में जीमेल अकाउंट को एक्टिवेट करें नए स्मार्टफोन में जीमेल अकाउंट को एक्टिवेट करें। इससे आप फोन में न केवल मेल चेक कर सकेंगे बल्कि अपने सभी जरूरी कॉन्टैक्ट्स को सिंक भी कर सकेंगे। आप गूगल प्ले स्टोर से भी जरूरी एप्स डाउनलोड कर सकेंगे। इसलिए फोन में जीमेल का सेटअप होना जरूरी है। सॉफ्टवेयर अपडेट करें भले ही आपका फोन नया है लेकिन इसे भी अपडेट करते रहने की जरूरत है और निर्माता कंपनियां समय-समय पर अपडेट नोटिफिकेशन भेजती रहती है क्योंकि आपका फोन फैक्ट्री से बनने के फौरन बाद आपको नहीं मिल जाता और जब तक यह बिकता है तब तक बहुत से एप्स में नए अपडेट आ चुके होते है।जब आप अपने स्मार्टफोन का सेटअप कर लें तो सॉफ्टवेयर अपडेट को भी चेक करें। अगर किसी नए अपडेट का नोटिफिकेशन दिखें तो फौरन अपडेट करें। फोन में सॉफ्टवेयर अपडेट करते रहने से उसकी परफॉर्मेंस बढ़ती है। खरीदते समय कुछ एप्स भी डाउनलोड करके देखें अगर कोई परेशानी आएं तो फोन को चेंज करा दें क्योंकि बहुत से फोन में गूगल प्ले स्टोर क्रैश होने की शिकायत मिलती है। डिवाइस मैनेजर आपके एंड्रायड फोन में एक फीचर एंड्रायड डिवाइस मैनेजर होता है, अगर फोन खो जाएं तो एंड्रायड डिवाइस मैनेजर आपको इंफॉर्म करेगा कि डिवाइस कहां है, इतना ही नहीं फोन चोरी हो गया तो आप इस फीचर को इनेबल करने के बाद डाटा को डिलीट भी कर सकते है। इसलिए फोन की सेटिंग में जाकर एंड्रायड डिवाइस मैनेजर को इनेबल जरूर करें। फोन में बैकअप और नोटिफिकेशन की सेटिंग करें फोन में नोटिफिकेशन और बैकअपक की सेटिंग करके देखें। आपको जिन एप्स के नोटिफिकेशन नहीं चाहिए, उन्हें टिक कर दें। इससे बैटरी और मैमोरी दोनों बचेंगे। फोन में डाटा बैकअप की सेटिंग करे,ऐसा करने से डाटा सेव होगा। नए फोन में फेसबुक, व्हाट्स एप चलाकर देखें। बहुत बार इन एप्स के क्रैश होने की समस्या भी नजर आई है।   recent visitors 71

एमपी हाईकोर्ट ने सीजी के लोहारीडीह हत्याकांड मामला में रिपोस्टमार्टम की दी अनुमति

जबलपुर छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के लोहारीडीह में संदिग्ध मौत के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है। कोर्ट ने मृतक शिवप्रसाद साहू की बेटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए रिपोस्टमार्टम की अनुमति दी है। साथ ही अदालत ने छत्तीसगढ़ सरकार को सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस की डबल बैंच में हुई। दरअसल, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को मध्यप्रदेश के जूरिडिक्शन में केस फाइल करने की छूट दी थी। याचिकाकर्ता ने रिपोस्टमार्टम की मांग को लेकर एमपी की जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। डिवीजन बेंच ने नाराजगी जताते हुए कब्र खोदकर शव को निकालने और दोबारा पोस्टमार्टम कराने का निर्देश दिया। इससे पहले इस मामले को सिंगल बेंच ने खारिज कर दिया था। सिंगल बेंच के निर्णय को चुनौती देते हुए डिवीजन बेंच में याचिका दायर की गई थी। ये है पूरा मामला छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के लोहारीडीह में एक सप्ताह के अंदर 3 लोगों की अलग-अलग वजह से जान चली गई। 14 सितंबर की दरमियानी रात शिवप्रसाद साहू की लाश मध्यप्रदेश के बिरसा थाने के क्षेत्र में पेड़ से लटकती मिली थी। शव मिलने के बाद ग्रामीणों ने हत्या के शक पर पूर्व सरपंच रघुनाथ साहू के घर को आग लगा दी, जिससे रघुनाथ साहू की जलने से मौत हो गई। वहीं इस मामले में पुलिस ने 33 महिला समेत 69 ग्रामीणों को हत्या के शक में गिरफ्तार किया था। इसी बीच 19 सितंबर को हत्या के आरोप में बंद प्रशांत साहू की जेल में मौत हो गई थी। मृतक के बॉडी में गहरे चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशांत साहू की मौत पुलिस पिटाई के चलते जेल में मौत हुई है। इसके बाद सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए कबीरधाम जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ आईपीएस विकास कुमार को निलंबित किया। वहीं रेंगाखार थाने के निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक सहित वहां पदस्थ कुल 23 पुलिसकर्मियों को भी हटा दिया गया। इसके अलावा कबीरधाम एसपी और कलेक्टर पर भी गाज गिरी। दोनों का ट्रांसफर कर दिया गया। SIT कर रही जांच लोहारीडीह मामले की जांच को लेकर एसआईटी का गठन किया गया है। जिले के एएसपी पंकज पटेल के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम गठित की गई है। यह टीम मामले की जांच कर रही है। इस मामले में छत्तीसगढ़ और मध्‍य प्रदेश की पुलिस भी जांच कर रही है। मध्‍य प्रदेश की पुलिस इस मामले में इसलिए जुड़ गई है, क्‍योंकि शिवप्रसाद साहू की लाश एणपी की सीमा पर मिली थी। जिसके चलते मध्‍य प्रदेश की हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई हो रही है। recent visitors 63

इंटरव्यू देने से पहले दिल और दिमाग दोनों पर काबू रखना होगा

कॅरियर बनाने के क्रम में जैसे ही इंटरव्यू का नाम आता है। बहुत से लोगों के पसीने छूट जाते हैं। कारण किसी को यह नहीं पता होता कि सामने वाला शख्स क्या पूछेगा। बहुत से लोग लिखित परीक्षा तो कई बार पास कर लेते हैं, लेकिन इंटरव्यू में जाने से पहले ही इस कदर घबरा जाते हैं कि साधारण सवालों का जवाब नहीं दे पाते हैं। नतीजा यह होता है कि सब कुछ आते हुए भी आप इंटरव्यू में रिजेक्ट हो जाती हैं। आप इंटरव्यू इत्मीनान से दे सकें, इसके लिए अपने दिल और दिमाग दोनों पर काबू रखना होगा। सबसे जरूरी है अध्ययन विभिन्न प्रकार की सामान्य ज्ञान की किताबें पढ़ने के साथ ही प्रतिदिन समाचार पत्र अवश्य पढ़ें। साथ ही टीवी, रेडियो और इंटरनेट पर भी नजर रखें। ताकि आपको देश-विदेश की ताजा घटनाओं की जानकारी हो सके। इसके अतिरिक्त इंटरनेट और ऐसी पुस्तकों की सहायता लें जिससे अलग-अलग प्रकार की शख्सियतों के बारे में जानकारी हो सके। जिस संस्थान में आपको इंटरव्यू के लिए जाना है, वहां से संबंधित आवश्यक जानकारी इंटरनेट एवं परिचितों की सहायता से अवश्य प्राप्त कर लें। संस्थान से जुड़ी जानकारी आपके आत्मविश्वास को मजबूत करेगी। फस्र्ट इंप्रेशन इज… यह तो आपने भी सुना होगा कि फस्र्ट इंप्रेशन इज द लास्ट इंप्रेशन। इसलिए साक्षात्कार के लिए जाने से पहले अपने मन से घबराहट और हिचकिचाहट जैसे शब्दों को निकाल दें। अगर आप इंटरव्यू देने से पहले ही घबराएंगी तो इसका असर चेहरे पर तो नजर आएगा ही। साथ ही आपका आत्मविश्वास भी डगमगाएगा। अतः जरूरी है कि इंटरव्यू रूम में जाने से पहले पूरी तरह रिलैक्स हो जाएं। आपकी ड्रेस बहुत सारे संस्थानों में इंटरव्यू के लिए बुलाने से पहले कॉल लेटर में यह भी लिखा होता है कि इंटरव्यू के दौरान इस तरह की ड्रेस में आना है। यदि इस बात का जिक्र किया गया है तो उसी के अनुसार कपड़े पहनकर जाएं। यदि इस तरह की कोई पाबंदी नहीं है तो भी वस्त्रों का चुनाव सोच-समझकर करें। कहा भी गया है कि आपके कुछ बोलने से पहले आपके परिधान आपके व्यक्तित्व को बयां कर देते हैं। आपके कपड़े नौकरी एवं पद के अनुकूल होने चाहिए। ड्रेस कोड न होने की स्थिति में यह ध्यान रखें कि आपके परिधान न तो बहुत भड़कीले या टाइट हों और न ही बहुत ढीले-ढाले। याद रखिए गरिमामय परिधान अपनी अलग छाप छोड़ते हैं। पर्सनल ग्रूमिंग अपनी सेहत और सौंदर्य पर भी थोड़ा ध्यान दें। ऐसा न हो कि जब आप इंटरव्यू के लिए जाएं तो आपका चेहरा बुझा-बुझा सा और आपके कंधे ढीले-ढाले नजर आएं। इसके लिए जरूरी है कि अपने खानपान पर ध्यान दें। साथ ही शारीरिक सफाई का भी ध्यान रखें। अगर आप देखने में चुस्त-दुरुस्त नजर आती हैं तो समझिए कि आधी जंग तो आपने पहले से ही जीत ली है। कॅरियर काउंसलर्स का कहना है कि जितना जरूरी अध्ययन करना है, उतना ही जरूरी है कि आपकी पर्सनैलिटी दिखने में भी अच्छी हो। आप चाहें तो कुछ समय पूर्व से ही प्रतिदिन आईने के सामने बैठकर अपनी भाव-भंगिमाएं परखें। साथ ही स्वयं से सवाल-जवाब करें। इस कार्य के लिए आप घर के किसी सदस्य या अपने किसी करीबी की मदद ले सकती हैं, जो आपको सही-सही बताए कि बात करते समय आपकी भाव-भंगिमाएं कैसी होती हैं। करें फाइल तैयार इंटरव्यू देने जाने से पहले अपने सभी जरूरी कागजातों को एक फाइल में सलीके से लगाकर रखें। बहुत से लोगों की आदत होती है कि वे बेतरतीब तरीके से फाइल बनाते हैं। ध्यान रखिए इंटरव्यू लेने वाला शख्स छोटी-छोटी बातों पर भी गौर करता है। इसलिए अपने शिक्षा संबंधी कागजातों को सलीके से और क्रमानुसार लगाकर रखें। इंटरव्यू में जाने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि सभी महत्वपूर्ण कागजातों की फोटोकॉपी अवश्य करवा लें और इन्हें भी अपनी फाइल में लगाकर रखें। ताकि साक्षात्कारकर्ता के मांगने पर आप फोटोकॉपी तुरंत दे सकें।   recent visitors 84

जम्मू-कश्मीर : सोपोर में सेना ने 2 आतंकियों को किया ढेर, हथियार और गोला-बारूद बरामद

सोपोर जम्मू-कश्मीर के सोपोर में सेना ने 2 आतंकवादियों को मार गिराया है। इनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए हैं। मारे गए दहशतगर्दों की पहचान की जा रही है। छिपे हुए कुछ और आतंकियों के खिलाफ आतंकवाद विरोधी अभियान शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी है। अधिकारियों ने कहा कि मुठभेड़ गुरुवार शाम को उस समय शुरू हुई, जब संयुक्त बलों ने दहशतगर्दों की मौजूदगी की सूचना के बाद सोपोर के पानीपोरा इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने कहा, 'तलाशी अभियान के दौरान गोलीबारी हुई। इस दौरान 2 आतंकियों को ढेर कर दिया गया।' उन्होंने बताया कि प्रारंभिक गोलीबारी के बाद अतिरिक्त बलों को क्षेत्र में भेजा गया था। पूरी रात सुरक्षा बलों ने इलाके के चारों ओर कड़ी घेराबंदी बनाए रखी और शुक्रवार तड़के भी गोलीबारी हुई थी। पुलिस ने गुरुवार को सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच गोलीबारी की पुष्टि कर दी थी। उत्तरी कश्मीर में मंगलवार के बाद से यह तीसरी मुठभेड़ है। इससे पहले 2 मुठभेड़ों में कुपवाड़ा और बांदीपोरा जिलों में अलग-अलग मुठभेड़ों में दो आतंकवादी मारे गए थे। 2 ग्राम रक्षा गार्ड को अगवा करने के बाद हत्या वहीं, जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के ऊपरी इलाकों में गुरुवार को आतंकवादियों ने दो ग्राम रक्षा गार्ड को अगवा करने के बाद उनकी हत्या कर दी। सनातन धर्म सभा संगठन ने इन हत्याओं के विरोध में शुक्रवार को किश्तवाड़ में पूर्ण बंद का आह्वान किया। हत्या की इस घटना के बाद पुलिस और सेना ने घने जंगल वाले इलाके में व्यापक संयुक्त तलाश अभियान शुरू किया। ओहली-कुंतवाड़ा निवासी नजीर अहमद और कुलदीप कुमार बृहस्पतिवार सुबह अधवारी क्षेत्र के मुंजला धार जंगल में अपने मवेशियों को चराने गए थे, लेकिन वे वापस नहीं लौटे। आतंकवादियों की ओर से उनका अपहरण कर हत्या किए जाने की खबरों के बीच पुलिस दल उन्हें खोजने निकले थे।   recent visitors 76