जबलपुर कृषि उपज मंडी में खाद्य विभाग का छापा, भारी मात्रा में मिला चाइनीज लहसुन जप्त

जबलपुर मध्य प्रदेश के जबलपुर कृषि उपज मंडी में आज सुबह-सुबह खाद्य विभाग ने छापा मार करवाई कर भारी मात्रा में चाइनीज लहसुन बरामद किया है। मंडी में खाद्य विभाग का छापा पड़ने से हड़कंप मच गया। खाद्य विभाग ने व्यापारियों के यहां छापा मार कुछ लहसुन भी जब्त किया है। जिसे जांच के लिए भोपाल भेजा जाएगा। दरअसल खाद्य विभाग को जानकारी मिली थी कि बाजार में चाइनीज लहसुन बेचा जा रहा है। सूचना के आधार पर खाद्य विभाग की टीम ने मौके पर जाकर कई दुकानों पर एक साथ छापामार कार्रवाई की। टीम ने मौके से लहसुन भी जब्त किया है। जिसे जांच के लिए भोपाल भेजा जा रहा है। खाद्य विभाग का कहना है की जांच रिपोर्ट के आने के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बतादें कि मार्केट में लहसुन के दाम ज्यादा होने पर चाइनीज लहसुन भी मार्केट में आ गया है। खाद्य विभाग का कहना है कि चाइनीज लहसुन के खिलाफ उनकी छापा मार कार्रवाई निरंतर जारी की जाएगी। खाद्य विभाग इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि आखिर मार्केट में चाइनीज लहसुन आया कहां से है और इसमें कौन लोग शामिल है। recent visitors 117

आयुक्त लोक शिक्षण राज्य स्तरीय बैण्ड प्रतियोगिता में हुई शामिल

भोपाल बैण्ड गतिविधियां, विद्यार्थियों में लयबध्द संगीत के साथ अनुशासन और टीम भावना विकसित करती है । स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहना चाहिए। इससे उनका समग्र रूप से विकास होता है। मध्यप्रदेश के स्कूलों ने राष्ट्रीय स्तर की बैण्ड प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन कर देश भर में अपने राज्य का नाम रौशन किया है। उन्होंने कहा कि बैण्ड गतिविधियों का अधिक से अधिक विद्यालयों में विस्तार किया जायेगा। आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता राजधानी भोपाल के अरेरा कॉलोनी स्थित केम्पियन स्कूल में राज्य स्तरीय बैंड प्रतियोगिता के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रही थी। उन्होंने गुब्बारे उड़ाकर बैण्ड प्रतियोगिता के शुभारंभ की उद्घोषणा की। आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती गुप्ता ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के गुणात्मक सुधार के साथ साहित्यिक, गीत-संगीत, खेलकूद और योग से जुड़ी गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है। मैदान में उपस्थित दर्शकों ने प्रदेश के सभी से संभागों से शामिल हो रहे ब्रास बैंड और पाइप बैंड की 19 विजेता टीमों के सहभागी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर संचालक लोक शिक्षण डी.एस. कुशवाहा भी मौजूद थे। प्रतियोगिता में ब्रास बैंड और पाइप बैंड श्रेणियों की विजेता टीमों के द्वारा राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सेदारी की जायेगी। राष्ट्रीय स्तर की विजेता और उप विजेता टीम को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली वर्ष 2025 की गणतंत्र दिवस परेड में सहभागिता करने का अवसर मिलेगा। उल्लेखनीय है कि पिछले दो वर्षों से मध्यप्रदेश की बैण्ड टीम को गणतंत्र दिवस परेड में सहभागिता का अवसर मिल रहा है। प्रदेश में इस वर्ष स्कूल बैण्ड प्रतियोगिता संभागीय स्तर और इसके बाद राज्य स्तर पर आयोजित की जा रही है। वर्ष 2023 में वेस्टर्न जोन बैण्ड प्रतियोगिता का आयोजन शिव छत्रपति स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पुणे में आयोजित किया गया था। प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश से बालिका ब्रास बैण्ड प्रतियोगिता में भोपाल के कार्मल कॉन्वेन्ट स्कूल बीएचईएल और मॉडल स्कूल टीटी नगर, बालक पाइप बैण्ड प्रतियोगिता में ओलम्पस स्कूल विदिशा, ब्रास बैण्ड बाल प्रतियोगिता में सेंट जोसफ कॉन्वेंट स्कूल इटारसी ने श्रेष्ठ प्रदर्शन किया था।   recent visitors 53

मंत्री तोमर ने अस्पताल में व्याप्त गंदगी और ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों की गैर मौजूदगी पर गहरी नाराजगी की व्यक्त

करैना करैना सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती मरीज रात में अचानक अपने बीच शिवपुरी जिले के प्रभारी और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को देखकर अचंभित हो गये। उन्होंने आश्चर्यचकित भाव से प्रभारी मंत्री को अपनी बीमारी के संबंध में जानकारी दी। तोमर ने अस्पताल में व्याप्त गंदगी और ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों की गैर मौजूदगी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं में जल्द सुधार नहीं किया तो सम्बन्धित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी। प्रभारी मंत्री तोमर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने करैरा कृषि उपज मंडी पहुंचकर किसानों को खाद वितरण में आ रही समस्याओं पर तुरंत संज्ञान लिया और किसानों को सुचारू एवं बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। तोमर ने किसानों को भरोसा दिलाया कि आपकी हर समस्या का समाधान आपके सेवक की पहली प्राथमिकता है। तोमर ने करैरा शहर में मोटर साइकिल से भ्रमण कर सफ़ाई व्यवस्था का निरीक्षण किया और जन समस्याएँ सुनीं। साथ ही पीने के पानी की आपूर्ति के लिये संचालित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण कर अधिकारियों को सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिए। जिला प्रशासन, पुलिस तथा स्थानीय निकाय और विद्युत वितरण कम्पनी के अधिकारी भी ऊर्जा मंत्री के निरीक्षण के दौरान उपस्थित रहे।   recent visitors 59

महाकुंभ में गैर-ह‍िंदुओं के प्रवेश पर द‍िए गए बयान को आनंद महाराज ने बताया सही

सीहोर मध्य प्रदेश में सीहोर बढियाखेड़ी स्थित श्रीराम जानकी अधिकारी मंदिर अन्नकूट महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें संयुक्त राष्ट्रीय महामंत्री अखिल भारतीय संत समिति के महामंडलेश्वर श्री राधे राधे बाबा शामिल हुए। इस दौरान श्री राधे राधे बाबा ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के महाकुंभ में गैर-ह‍िंदुओं के प्रवेश पर द‍िए गए बयान को सही बताया है। उन्होंने कहा महाकुंभ में गैर-ह‍िंदुओं पर रोक लगनी चाहिए। कार्यक्रम में कार्यकारीअध्यक्ष म.प्र.अ.भा. संत समिति स्वामी अनिल आनंद महाराज ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के महाकुंभ में गैर-ह‍िंदुओं के प्रवेश पर द‍िए गए बयान को लेकर कहा कि पवित्र नगरी में पवित्र कुंभ लगाया जाता है। पूरे साधु संत उसमें मौजूद रहते हैं, अगर सिंहस्थ में गैर-ह‍िंदुओं पर वेन नहीं लगते तो आप भी हमें मक्का मदीना जाने की आजादी दीजिए। हमारे हिंदुओं को वहां जाने नहीं दिया जाता। तो संत समाज यहां मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित कर रहा है। कार्यकारी अध्यक्ष, मध्य प्रदेश अखिल भारतीय संत समिति सनातन धर्म के प्रखर वक्ता और आतंकवादियों पर खुलकर बयान देने वाले महामंडलेश्वर राधे राधे बाबा स्वामीअनिल आनंद जी हाल ही में इंदौर में पटाखे फोड़ने की बात पर हुए विवाद में पत्थरबाजी की घटना सहित अन्य मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रख चुके हैं। एक बार फिर उन्होंने कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के दिए गए बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है उन्होंने कहा, धीरेंद्र शास्त्री सनातन धर्म के ध्वजवाहक हैं। उनके द्वारा दिया गया बयान उचित है। क्योंकि जब आप थूक-जिहाद कर सकते हो, बाथरूम करके आटा गूंधकर लोगों को रोटी खिला सकते हो, फलों में थूक थूक कर दे रहे हो, तो संत इसे स्वीकार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा संतों ने बहुत अच्छा कदम उठाया है। गैर-ह‍िंदुओं को सिंहस्थ में प्रवेश से वर्जित किया जाना चाहिए, क्योंकि यह पवित्र नगरी है, और यहां पवित्र कुंभ आयोजन होता है। पूरे साधु-संत उसमें शामिल होते हैं। अगर हम सिंहस्थ में मुसलमानों पर प्रतिबंध नहीं लगाते, तो आप हमें मक्का-मदीना जाने की आजादी दीजिए, जहां हिंदुओं को वहां जाने की अनुमति नहीं मिलती। अगर संत समाज यहां मुसलमानों का प्रवेश वर्जित कर रहा है तो इसमें गलत क्या है? इसलिए मैं इस बात का समर्थन करता हूं, और धीरेंद्र शास्त्री जी ने जो कहा वह बिल्कुल सही है। recent visitors 148

देवउठनी एकादशी: योग निद्रा से जागेंगे श्रीहरि विष्णु, जाने शुभ मुहूर्त

देवउठनी एकादशी को प्रबोधिनी एकादशी या देवोत्थान एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु अपनी योग निद्रा से जागते हैं। आइए जानते हैं कि इस वर्ष नवंबर में देवउठनी एकादशी कब है और इसका धार्मिक महत्व क्या है। सनातन धर्म में देवउठनी एकादशी का विशेष महत्व है। यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं, जिससे चातुर्मास का समापन होता है। इसके बाद विवाह, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य फिर से आरंभ हो जाते हैं और इस दिन से शुभ मुहूर्त भी देखे जाते हैं। देवउठनी एकादशी की तिथि वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 11 नवंबर को शाम 6:40 बजे से शुरू होगी और 12 नवंबर को शाम 4:04 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, देवउठनी एकादशी का पर्व 12 नवंबर को मनाया जाएगा। देवउठनी एकादशी पूजा विधि देवउठनी एकादशी के इस पावन दिन पर भक्त ब्रह्म मुहूर्त में उठकर, सूर्योदय से पहले स्नान कर भगवान विष्णु के व्रत का संकल्प लेते हैं। इसके बाद घर के मंदिर की सफाई कर, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का ध्यान करते हैं। भगवान को पंचामृत से स्नान कराकर हल्दी या गोपी चंदन का तिलक लगाते हैं। भगवान विष्णु को पीले फूलों की माला, मिठाई, फल और तुलसी के पत्ते अर्पित करते हैं। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का श्रद्धा से जाप करते हैं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करते हैं। दिनभर व्रत का पालन करते हुए रात में भजन-कीर्तन और जागरण किया जाता है, और अगले दिन सुबह पूजा के बाद व्रत का पारण किया जाता है। देवउठनी एकादशी के मंत्र – वन्दे विष्णुं भव भय हरं सर्वलोकैक नाथम्। – ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि, तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्। – ॐ नमो नारायणाय। – ॐ नमो भगवते वासुदेवाय। – मङ्गलम् भगवान विष्णुः मङ्गलम् गरुणध्वजः। मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः मङ्गलाय तनो हरिः॥ देवउठनी एकादशी का महत्व देवउठनी एकादशी के साथ शुभ कार्यों का आरंभ हो जाता है। इस दिन शालिग्राम और तुलसी का विवाह भी होता है, जो तुलसी पूजा के महत्व को बढ़ाता है। तुलसी और शालिग्राम की पूजा करने से पितृ दोष समाप्त होता है। इस व्रत से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति भी मजबूत होती है, जो मानसिक शांति और समृद्धि लाने में सहायक है। recent visitors 64

सर्दियों में ऐसे रखें डायबिटिज नियंत्रित

अपनी सेहत को सर्दियों में बचाकर रखना पडता है। क्योंकि इस मौसम में रक्त में शर्करा (ब्लड शुगर) के स्तर पर मौसम सीधा असर डालता है। सर्दियों में रक्त गाढ़ा हो जाता है और इस वजह से ब्लड शुगर का स्तर बदलता रहता है। मधुमेह पीड़ितों को चिकित्सकों की सलाह है कि वे सर्दियों में खुद को गर्म रखें और पौष्टिक आहार लें। मौसम में ठंडक आ जाने से पसीने छुड़ा देने वाली गर्मी से तो राहत मिलती है, लेकिन जो लोग मधुमेह से पीड़ित हैं, उन्हें इस मौसम में अपना ध्यान ज्यादा रखना चाहिए। गर्मी और सर्दी दोनों मौसमों के शिखर पर मधुमेह पीड़ितों के ब्लड शुगर के स्तर में गंभीर उतार-चढ़ाव हो सकता है। सबसे अहम बात यह कि मौसम बदलने का शरीर की कार्यप्रणाली और इनसुलिन बनने की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के महासचिव डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, सर्दियां कैसे हमारे ब्लड ग्लूकोज लेवल पर असर करती हैं, इस बारे में लोगों में जागरूकता की बेहद कमी है। जब तापमान कम होता है तो शरीर को अच्छे से चलाए रखने के लिए अधिक इनसुलिन की जरूरत होती है। यह भी आम बात है कि जब सर्द मौसम के बाद का मौसम आता है तो शरीर में इंसुलिन की जरूरत कम हो जाती है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव की वजह से शरीर में ग्लूकोज और फेरिफेरल टिशू (सतही उत्तकों) में इंसुलिन की मात्रा बढ़ जाती है। सर्दियों में लोग तनाव ज्यादा लेते हैं और अवसाद के शिकार हो जाते हैं। इस तनाव की प्रतिक्रिया में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है। जुकाम और फ्लू से बचें जुकाम और फलू का संक्रमण खतरनाक हो सकता है, अगर सही सावधानियां न बरतीं जाएं। मधुमेह के मरीज अपने डॉक्टर से सलाह लेकर फ्लू का वैक्सीन लगवा लें। हाथों को स्वच्छ रखें, शरीर को उचित आराम दें और सेहतमंद आहार लें। सुरक्षित रहने के लिए खुद को गर्म रखें कंपकंपा देने वाली ठंड के प्रतिकूल प्रभावों से बचने के लिए खुद को गर्म रखें। शरीर को गर्म और सूखा रखने के लिए उचित संख्या में कपड़े पहनें। अपने पैरों को भी अच्छे से ढककर गर्म रखें, खासकर ब्लड सकुर्लेशन से जुड़ी समस्या में। अपने ब्लड शुगर स्तर की नियमित जांच करते रहें। सेहतमंद आहार लें लोग सर्दियों में हाई कैलरी चीजें खाने लगते हैं। मधुमेह पीड़ितों को उचित मात्रा में फल और सब्जियां खानी चाहिए। अत्यधिक मीठे वाले फलों से परहेज करना चाहिए। इन महीनों में शराब का सेवन भी बढ़ जाता है, अच्छी सेहत के लिए उस पर भी सख्त नियंत्रण रखना चाहिए। एक्सरसाइज करें छोटे दिन और लंबी रातें व्यायाम न करने का बहाना हो सकती हैं, लेकिन मधुमेह पीड़ितों के लिए जरूरी है कि वह नियमित रूप से व्यायाम करें। आप नजदीकी शॉपिंग सेंटर या पार्क में सैर करने जा सकते हैं। जिम जाने से पहले या किसी भी किस्म के व्यायाम के बारे में जानकारी लेने के लिए अपने डॉक्टर से सलाह जरूर करें।   recent visitors 71

मदरसा बोर्ड की परीक्षा के संबंध में सूचना

भोपाल मध्यप्रदेश मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त और राज्य शिक्षा केन्द्र से डाइस कोड प्राप्त मदरसों की वर्ष 2024-25 की वार्षिक एवं अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं पूर्व वर्ष की तरह इस वर्ष भी राज्य शिक्षा केन्द्र के दिशा-निर्देश एवं समय-सारणी अनुसार होगी। इसकी सूचना प्रदेश में संचालित सभी मदरसों को दी जा चुकी है। निर्देशों में कहा गया है कि अर्द्धवार्षिक परीक्षा के प्रश्न-पत्रों के बनाने का कार्य राज्य शिक्षा केन्द्र के ब्लूप्रिंट के अनुसार होगा करेगा। प्रत्येक विषय के प्रश्न-पत्रों की एक-एक प्रति बीआरसी कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा कराई जाये। इस संबंध में अन्य जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से भी प्राप्त की जा सकती है।   recent visitors 62