Friday, July 10, 2026 6:36 pm

जहरीली हुई हरियाणा के कई जिलों की हवा, प्रदूषण के कारण वातावरण में सुबह और शाम के समय स्मॉग छाया रहता है

हरियाणा हरियाणा में प्रदूषण की स्थिति कई दिनों से खराब बनी हुई है। खासकर दिल्ली से सटे एनसीआर के इलाकों में प्रदूषण बढ़ रहा है। प्रदूषण के कारण वातावरण में सुबह और शाम के समय स्मॉग छाया रहता है। जिससे लोगों को गले, नेत्र और फेफड़ों से संबंधित रोग हो रहे हैं। वहीं सरकार की तरफ से उठाए गए कदम नाकाफी साबित हो रहे हैं। प्रदूषण का स्तर 400 पार पहुंच गया है, मगर अभी तक ग्रैप 3 की पाबंदियां लागू नहीं की गई है। पिछली बार 23 दिसंबर को ग्रैप 3 की पाबंदियां लागू की गई थी। लेकिन इस बार स्थिति पिछली बार से भी ज्यादा खतरनाक है। वहीं हरियाणा में पराली जलाने के मामलों में कमी तो आई है, मगर अब भी किसान पराली जला रहे हैं। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को बहादुरगढ़ में AQI लेवल 500 तक दर्ज किया गया। वहीं बल्लभगढ़ में 422 और भिवानी में एक्यूआई लेवल 402 पर रहा। इसके अलावा सोनीपत में AQI 381, हिसार में 373, गुरुग्राम 369, जींद में 356, कुरुक्षेत्र में 352, धारूहेड़ा में 350 रहा और रोहतक में एक्यूआई 320, फतेहाबाद में 316, यमुनानगर में 314, मंडीखेड़ा में 307 और सिरसा में एक्यूआई लेवल 300 दर्ज किया गया। recent visitors 83

उषा ठाकुर ने पंडित शास्त्री के पक्ष में दिग्विजय सिंह को दिया करारा जवाब

इंदौर पूर्व कैबिनेट मंत्री उषा ठाकुर ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बागेश्वरधाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को दी गई सलाह पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हाल ही में, दिग्विजय ने कहा था कि जो लोग सनातन धर्म की बात करते हैं, उन्हें स्वामी प्रेमानंद जी के सनातन पर दिए गए व्याख्यान को पढ़ना चाहिए। इस पर ठाकुर ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री को दिग्विजय की सलाह की आवश्यकता नहीं है और बागेश्वर धाम के प्रति लोगों की अपनी आस्था है। ठाकुर ने स्पष्ट किया कि हर किसी की अपनी विचारधारा और कार्यशैली होती है, दिग्विजय बेशक कहता रहे की गोमांस खाओ यह गलत नहीं है। धीरेंद्र शास्त्री को अधिकार है कि यह जो हमारा कुंभ है इसमें कोई भी गैर हिंदू शामिल न हो, यह होना भी चाहिए। जिनकी हमारे आस्था में विश्वास नहीं वह क्यों आए कुंभ में, उन पर रोक लगनी चाहिए। मैं आज भी कड़े कदम उठा रही हूं मेरी सरकार मेरे साथ हैं और आने वाले समय में इस पर ध्यान दिया जाएगा और कड़े कदम उठाए जाएंगे। उषा ठाकुर ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री का यह सुझाव कि कुंभ से जुड़े धार्मिक आयोजनों में गैर-हिंदू लोगों की उपस्थिति पर रोक लगाई जाए। सख्त कदम उठाने की आवश्यकता उषा ठाकुर ने इसे एक सार्थक कदम बताते हुए कहा कि जिनकी आस्था नहीं है, उन्हें हमारी धार्मिक परंपराओं में भाग लेने का अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है और आने वाले समय में धार्मिक आयोजनों में आस्था का सम्मान बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। ठाकुर ने इस बात पर जोर दिया कि धार्मिक आयोजनों में किसी भी प्रकार की आस्था के विपरीत गतिविधियों को रोका जाना चाहिए और इसके लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। recent visitors 133

जस्टिस गौतम भादुड़ी हो रहे सेवानिवृत्त, विदाई समारोह का आयोजन आज

बिलासपुर हाई कोर्ट के सीनियर जस्टिस गौतम भादुड़ी 9 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. सीनियर जस्टिस के सम्मान में आज हाई कोर्ट के रूम वन में विदाई समारोह का आयोजन किया गया है. जहां उन्हें चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की मौजूदगी में विधिवत विदाई दी जाएगी. 10 नवंबर 1962 को रायपुर में जन्मे जस्टिस भादुड़ी ने रायपुर से एलएलबी की डिग्री लेने के बाद रायपुर सिविल कोर्ट से ही वकालत शुरुआत की. कुछ वर्ष बाद जबलपुर हाई कोर्ट चले गये. छत्तीसगढ़ के गठन के बाद बिलासपुर में अस्तित्व में आए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में वकालत शुरू की. करीब 13 साल तक काम करने के बाद उन्हें 16 सितंबर 2013 को हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया. इसके बाद से वे न्यायदान करते चले आ रहे हैं. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन रहते हुए उन्होंने नेशनल लोक अदालतों के बेहतर आयोजन में प्रमुख भूमिका निभाई. recent visitors 64

विधानसभा चुनावों के साथ-साथ पार्टी में वैश्य अग्रवाल समुदाय को प्रतिनिधित्व का अभाव देखने को मिला: विजय बंसल

चंडीगढ़ हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में लगातार तीसरी बार कांग्रेस की हार के कारणों की जांच करने और हार का विश्लेषण करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने 3 सदस्य की एक समिति का गठन किया है। जो हरियाणा विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों और अन्य नेताओं से बात करेगी और सुझाव भी लेगी। इसी के मध्य नजर हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रदेश सचिव एवं पूर्व चेयरमैन हरियाणा सरकार विजय बंसल एडवोकेट ने कांग्रेस पार्टी की जांच कमेटी को पत्र लिखकर हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के अप्रत्याशित परिणामों के संबंध में सुझाव दिए और अपनी प्रतिक्रिया भी दी गई कि कैसे कांग्रेस पार्टी विभिन्न कारणों से सरकार बनाने में सक्षम नहीं हो सकी। विजय बंसल एडवोकेट ने लिखा कि वे पुराने कांग्रेसी हैं जो 1982 से एनएसयूआई में शामिल हुए थे तभी से पार्टी में हैं और तब से एक सच्चे कांग्रेसी के रूप में पार्टी की सेवा कर रहे हैं और उन्होंने हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव और राज्य सरकार में चेयरमैन के रूप में भी काम किया है। विजय बंसल ने कहा लेकिन हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के परिणामों ने मुझे झकझोर दिया है क्योंकि सत्ता विरोधी लहर के बावजूद यह परिणाम अप्रत्याशित हैं क्योंकि प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के विरुद्ध लोगों का गुस्सा था और हर चुनाव सर्वेक्षण में हम पूर्ण बहुमत के साथ राज्य में सरकार बना रहे थे। बावजूद इसके हम हरियाणा में सरकार बनाने से वंचित रह गए इस विषय में मेरे विचार में कई कारण रहे हैं।   विजय बंसल ने लिखा कि विधानसभा चुनावों के साथ-साथ पार्टी में वैश्य अग्रवाल समुदाय को प्रतिनिधित्व का अभाव देखने को मिला। वैश्य अग्रवाल समुदाय हरियाणा की कुल आबादी का लगभग 8 प्रतिशत है जो पूरे राज्य में अग्रणी समुदाय है लेकिन इस तथ्य के बावजूद हमारी पार्टी ने अग्रवाल समुदाय के नेताओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया। यह एक कड़वी सच्चाई है कि हरियाणा में जातिगत राजनीति और समुदाय के नेताओं को प्रतिनिधित्व एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है लेकिन यह बहुत चौंकाने वाला तथ्य है कि पूरे 90 विधानसभाओं में से केवल दो टिकट ही अग्रवालों को दिए गए हैं जींद और फरीदाबाद। यहां तक की मेरे जैसे पुराने नेताओं को भी नजरअंदाज कर दिया गया और 8 संसदीय क्षेत्रों में से लगभग 72 विधानसभा क्षेत्रों में अग्रवालों को एक भी टिकट नहीं दिया गया। इसके अलावा बाकी दो संसदीय क्षेत्रों में भी 18 विधानसभा क्षेत्रों से केवल दो टिकट दिए गए हैं और वह भी उन लोगों को जो पिछले विधानसभा चुनावों में हार गए थे। जबकि अंबाला लोकसभा में वैश्य अग्रवाल समुदाय की संख्या सबसे अधिक है पहले कांग्रेस पार्टी अंबाला लोकसभा की 2 विधानसभा से अग्रवाल समुदाय के दो लोगों को टिकट देती थी लेकिन इस बार इस समुदाय के एक भी व्यक्ति को टिकट नहीं दिया जबकि दूसरी ओर बीजेपी ने अंबाला लोकसभा की 2 विधानसभा क्षेत्र से वैश्य अग्रवाल के दो उम्मीदवार उतारे थे पिछली बार अंबाला से बीजेपी के दोनों उम्मीदवार जीते थे और दोनों को मंत्री भी बनाया गया था। recent visitors 142

BJP का सराहनीय कदम, केवल सिंह ढिल्लों के प्रयासों से हलके के गांवों में किसानों तक डी.ए.पी. खाद पहुंचनी शुरू हो गई

बरनाला बरनाला विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार केवल सिंह ढिल्लों के प्रयासों से हलके के गांवों में किसानों तक डी.ए.पी. खाद पहुंचनी शुरू हो गई है। आज गांव नंगल व ठुल्लेवाल के किसानों ने डी.ए.पी. खाद उपलब्ध करवाने के लिए केवल सिंह ढिल्लों का धन्यवाद किया। इस मौके पर केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पिछले दिनों गांवों में चुनाव प्रचार के दौरान किसानों ने डी.ए.पी. खाद की कमी का मुद्दा उनके ध्यान में लाया गया था जिसके बाद उन्होंने 5 नवंबर को खाद मंत्री और बी.जे.पी. के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर बरनाला के किसानों को खाद मुहैया कराने की मांग की थी। इसके अलावा पार्टी के प्रदेश प्रभारी विजय रूपाणी ने भी बरनाला में फोन पर जेपी नड्डा के ध्यान में यह मामला लाया गया जिसके बाद तुरंत बरनाला हलके की सहकारी समितियों में किसानों के लिए डी.ए.पी. खाद तुरंत पहुंचना शुरू हो गई है जिसके तहत बरनाला के विभिन्न गांवों की सहकारी समितियों में डी.ए.पी. खाद से भरे ट्रक पहुंचने शुरू हो गए हैं और किसानों की यह बड़ी समस्या हल हो गई है जिससे उनके किसान भाई समय पर गेहूं की बुआई कर सकेंगे। उन्होंने डी.ए.पी. खाद की व्यवस्था करने के लिए उर्वरक मंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और पंजाब भाजपा प्रभारी विजय रूपाणी का धन्यवाद किया। केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि वह हमेशा बरनाला के किसानों और सभी वर्गों के साथ खड़े हैं। पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने इस कठिन समय में उनके किसान भाइयों को दरकिनार कर दिया और समस्याओं का समाधान किए बिना भाग गई जिसके कारण केंद्र की भाजपा सरकार ने किसान भाइयों का हाथ थाम लिया है। उन्होंने कहा कि डी.ए.पी. खाद की एक और रैक जल्द ही बरनाला के लोगों तक पहुंच जाएगी, जिससे बरनाला के किसानों के लिए डी.ए.पी. खाद आम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब में भाजपा की सरकार बनी और जनता का जनादेश उनके पक्ष में आया तो फसलों की खरीद, डी.ए.पी. खाद समेत किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। recent visitors 64

ग्रामीण अंचलों में स्कूली बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए सरकार ने किए थे लाखों रुपए खर्च, खंडहरों में तब्दील हुआ शिक्षक आवास

महासमुंद ग्रामीण अंचलों में स्कूली बच्चों को बेहतर शिक्षा व्यवस्था मिल सके इसके सरकार की तरफ से शिक्षकों के लिए भी जरूरी सुविधाएं उपब्ध कराई जाती है. महासमुंद जिले के दूरस्थ गांव बांजीबहाल में भी स्थित स्कूल के शिक्षकों को भी आने-जाने में परेशानी न हो और शिक्षक स्कूल के पास रह कर ही बेहतर शिक्षा दे सकें, इसके लिए 2 साल पहले 5 शिक्षक आवास बनाए गए थे, लेकिन अब तक किसी भी शिक्षक को आवास आवंटित नहीं हुआ. इसके चलते शिक्षक आवास अब धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील होता जा रहा है. बता दें, महासमुंद जिला आकांक्षी जिला होने के कारण मानव संसाधन विकास मंत्रालय (नई दिल्ली) की तरफ से समग्र शिक्षा योजना के तहत 2018-19 में बांजीबहाल में 31 लाख रुपये की लागत से पांच सिंगल BHK शिक्षक आवास बनवाए गए थे. ये आवास शासकीय पूर्व माध्यमिक सह हाई स्कूल से मात्र 200 मीटर की दूरी पर बने थे, ताकि दूरदराज के शिक्षक आसानी से स्कूल आ-जा सकें और बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान कर सकें. लेकिन दो साल बाद भी इन आवासों का कोई उपयोग नहीं हो सका है. आवास में बुनियादी सुविधाओं की कमी शिक्षक आवास का निर्माण लोक निर्माण विभाग (PWD) ने किया था, और यह विभाग ने दो साल पहले शिक्षा विभाग को हैंडओवर कर दिया था. लेकिन आवास में बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है. यहां पानी, बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है और कई जगहों पर पानी की टंकियां टूट चुकी हैं. अब यह क्षेत्र जंगल में तब्दील हो चुका है, और घरों के दरवाजे व पाइपलाइन भी टूट चुकी हैं. ग्रामीणों और सरपंच की चिंता गांव के सरपंच और ग्रामीणों का कहना है कि आज तक यहां कोई भी शिक्षक नहीं आया है. यहां तक कि पानी की कोई व्यवस्था नहीं है और टंकियां भी उड़ चुकी हैं. इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने इस मामले पर अब तक कोई कदम नहीं उठाया. सरपंच सरोज प्रधान और ग्रामीण चिरुटी साहू ने इस मामले पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अगर शिक्षक आवास का सही तरीके से उपयोग किया गया होता, तो यह ग्रामीण बच्चों के लिए एक बड़ी मदद हो सकती थी. शिक्षा विभाग ने की जांच की बात वहीं इस पूरे मामले पर शिक्षा विभाग के सहायक संचालक सतीश नायर ने कहा कि उन्हें इस योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. उन्होंने आगे कहा, “आपके माध्यम से इस मामले की जानकारी मिली है, जिसके बाद मैंने विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली है और इस पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी.” अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और इन खाली पड़े आवासों का सही उपयोग कैसे सुनिश्चित किया जाएगा. फिलहाल, यह मामला स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है. recent visitors 88

बीजापुर में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी, दो नक्सली ढेर

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है. इसमें सुरक्षाबलों ने दो नक्सलियों को ढेर किया है. इन नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि बस्तर आईजी ने की है. ये मुठभेड़ जिले के उसूर-बासागुड़ा-पामेड़ क्षेत्र में हो रही है.   नक्सलियों के मौजूदगी की मिली थी सूचना बीजापुर के उसूर-बासागुड़ा-पामेड़ क्षेत्र में नक्सलियों के मौजूदगी की सूचना आपुलिस को मिली थी. इसके बाद इस इलाके में सर्चिंग अभियान पर संयुक्त पुलिस पार्टी भेजी गई. सर्चिंग के दौरान आज सुबह 11 बजे नक्सलियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. जवानों ने भी इसका मुंहतोड़ जवाब दिया. इलाके में अब भी फायरिंग चल रही है. सुरक्षा बलों ने दो नक्सलियों को ढेर कर दिया है. सभी जवान सुरक्षित बताए जा रहे हैं. पीएलजीए बटालियन के सदस्य के साथ मुठभेड़ नक्सलियों की बटालियन से कोबरा 210 व डीआरजी के जवानों की मुठभेड़ हुई है, पामेड़ के रेखापल्ली के जंगलों में मुठभेड़ चल रही है. नक्सलियों की पीएलजीए बटालियन के सदस्य मौक़े पर मौजूद हैं. बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि इलाके में मुठभेड़ चल रही है. recent visitors 49