Friday, July 10, 2026 8:59 am

इंसानियत हुई शर्मसार, छत्तीसगढ़-बिलासपुर में मृत गोवंश को ट्रैक्टर के पीछे बांधकर घसीटा

बिलासपुर. बिलासपुर में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। मृत गोवंश को ट्रैक्टर में बांधकर घसीटकर ले जाते हुए वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें दिख रहा है कि एक ट्रैक्टर चालक अमानवीय तरीके से गोवंश को ट्रैक्टर के पीछे बांधकर सड़क में घसीट कर ले जा रहा है। वायरल वीडियो में दूसरे गोवंश ट्रैक्टर के पीछे दौड़ते भी नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो मंगला-भैंसाझार रोड में नवापारा के पास का है। जहां लोखडी निवासी ट्रैक्टर चालक नंदू सड़क में पड़े मृत गौवंश को ट्रैक्टर के पीछे रस्सी से बांधकर घसीटकर ले जाते नजर आ रहा है। बताया जा रहा है, मृत गौवंश सड़क में पड़ा हुआ था, जिसे कोई हटा नहीं रहा था। ट्रैक्टर चालक नंदू वहां से गुजर रहा था, ऐसे में उसने गौ वंश को सड़क से हटाने के लिए उसे रस्सी के सहारे ट्रेक्टर के पीछे बांध दिया और घसीटकर ले जाने लगा। इसी दौरान बाइक सवार राहगीर ने इसका वीडियो बना लिया। अब वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है और इस अमानवीय कृत्य को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। recent visitors 61

‘राज्य प्रायोजित घुसपैठ’ झारखंड के लिए एक गंभीर खतरा है : शिवराज सिंह चौहान

भोपाल /रांची झारखंड विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी घुसपैठ का मुद्दा जोर-शोर से उठा रही है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  कहा कि भारत कोई 'धर्मशाला' नहीं है जहां कोई भी आकर बस सकता है. उन्होंने कहा कि 'राज्य प्रायोजित घुसपैठ' झारखंड के लिए एक गंभीर खतरा है. रांची में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने झामुमो (झारखंड मुक्ति मोर्चा) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया. उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठिये राज्य में आकर आदिवासी महिलाओं को 'जाल में फंसाकर' उनसे शादी कर रहे हैं. 'भारत कोई धर्मशाला नहीं है' शिवराज सिंह चौहन ने कहा, 'भारत कोई धर्मशाला नहीं है जहां कोई भी आकर बस सकता है. विदेशी घुसपैठिये झारखंड के लिए गंभीर खतरा हैं. यह देश हमारा है- हमारी जमीन, पानी, जंगल, नदियां, पहाड़ और खेत. हम किसी और को इन्हें हम से लेने नहीं देंगे.' उन्होंने दावा किया, 'झामुमो के नेतृत्व वाला गठबंधन इन घुसपैठियों को अपना वोट बैंक मानता है. वोटों के लालच में वे उनकी रक्षा कर रहे हैं, वोटर लिस्ट में शामिल कर रहे हैं और आधार व राशन कार्ड प्राप्त करने में मदद कर रहे हैं. हालात ऐसे हैं कि संथाल परगना में आदिवासी आबादी 44 फीसदी से घटकर 28 फीसदी पर आ गई है.' 'सरकार बनी तो बनाएंगे नागरिकता रजिस्टर' शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगर भाजपा राज्य में सत्ता में आई तो नागरिकता रजिस्टर बनाया जाएगा और घुसपैठियों को बाहर किया जाएगा. पूर्वी सिंहभूम जिले में भाजपा के महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने जेएमएम के नेतृत्व वाली सरकार पर राज्य में पीएम आवास योजना को ठीक से लागू नहीं करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अगर योजना ठीक से क्रियान्वित होती तो अब तक महिलाओं को पक्के मकान मिल गए होते. चौहान ने कहा, 'भाजपा उन महिलाओं के लिए पक्के घर बनाएगी जो अभी भी कच्चे घरों में रहती हैं.' महिलाओं को 2100 रुपये का वादा उन्होंने पाइप जल योजना 'हर घर नल से जल योजना' में 5,000 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया. शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'सरकार ने महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये तभी देना शुरू किया जब चुनाव करीब आ रहे थे.' उन्होंने कहा कि अगर राज्य में भाजपा सत्ता में आई तो महिलाओं को 2100 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे.   recent visitors 66

अगर महाविकास अघाड़ी जीत जाएगा तो वह किसानों की जमीन वक्फ को दे देगा: अमित शाह

सतारा महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहा है, विरोधी दल एक दूसरे पर हमले तेज कर रहे हैं।  गृह मंत्री अमित शाह ने सतारा जिले के कराड में रैली की और महाविकास अघाड़ी गढबंधन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वक्फ कानून में बदलाव किए जिससे कि वक्फ बोर्ड किसी की भी जमीन पर कब्जा करने लगा। कर्नाटक की सरकार ने पूरा का पूरा गांव वक्फ को दे दिया। उन्होंने कहा, अगर महाविकास अघाड़ी जीत जाएगा तो वह किसानों की जमीन वक्फ को दे देगा। पवार और राहुल गांधी नहीं चाहते कि वक्फ कानून में संशोधन किया जाए। हमने ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और आने वाले सेशन में इसे पास करवाएंगे। अमित शाह ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर हमला करते हुए शुक्रवार को कहा कि उन्हें उन लोगों के साथ गठबंधन करने के लिए शर्म आनी चाहिए जो हिंदुत्व को पाखंड कहते हैं, भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते हैं और आतंकवादी अजमल कसाब को बिरयानी खिलाते हैं। शाह ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा शरद पवार) प्रमुख शरद पवार पर यह झूठ बोलने का आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में निवेश नहीं आ रहा है। शाह ने पवार पर पलटवार करते हुए कहा कि महा विकास आघाडी (एमवीए) के शासन के दौरान विकास के मामले में राज्य की ‘रैंकिंग’ गिर गई थी लेकिन अब महायुति सरकार के तहत यह प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित कर रहा है। शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ‘झूठ की फैक्टरी’’ करार दिया और आरोप लगाया कि वह अग्निपथ योजना के बारे में गलत सूचना फैला रहे हैं।केन्द्रीय गृह मंत्री ने ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि ठाकरे उन लोगों के साथ बैठे हैं जो हिंदुत्व को ‘पाखंड’ कहते हैं। उन्होंने कहा, ‘आप उन लोगों के साथ बैठे हैं जिन्होंने अफजल खान और औरंगजेब की कब्रों की रक्षा की। आप उन लोगों के साथ बैठे हैं जो हिंदुओं को आतंकवादी कहते हैं। आप उन लोगों के साथ बैठे हैं जिन्होंने (26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के दोषी) अजमल कसाब को बिरयानी खिलाई। आप उन लोगों के साथ बैठे हैं जो भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते हैं। आपको शर्म आनी चाहिए।’’ महाराष्ट्र में 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद ठाकरे ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ हाथ मिला लिया था। शाह ने कहा, ‘शरद पवार इस उम्र में भी झूठ बोलने से बाज नहीं आ रहे। वह कहते हैं कि महाराष्ट्र में निवेश नहीं आ रहा है। मैं आपको बताना चाहता हूं कि उद्धव जी के साथ आपकी सरकार के दौरान महाराष्ट्र की विकास रैंकिंग गिर गई थी लेकिन (देवेंद्र) फडणवीस और (एकनाथ) शिंदे के नेतृत्व वाली हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद महाराष्ट्र में एफडीआई आ रहा है।’ शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फडणवीस और शिंदे के माध्यम से महाराष्ट्र में सड़क संपर्क, समृद्धि एक्सप्रेसवे, मुंबई कोस्टल रोड, अटल सेतु, मुंबई और पुणे में मेट्रो ट्रेनें, सिंचाई परियोजनाओं जैसी कई परियोजनाएं शुरू की हैं। सातारा को वीरों की भूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के हजारों युवा सेना में सेवारत हैं। उन्होंने कहा, ‘इंदिरा गांधी ने ‘एक रैंक एक पेंशन’ का वादा किया था लेकिन कांग्रेस के 40 साल तक सत्ता में रहने के बावजूद वादा पूरा नहीं किया गया। मोदी ने इसे पूरा किया।’ recent visitors 69

HC में नर्मदा के किनारे की जमीन पर वक्फ बोर्ड के दावे-आपत्ति पर उठे सवाल

जबलपुर  मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) हाई कोर्ट (MP High Court) में एक याचिका दाखिल की गई है, जिसमें नर्मदा नदी (Narmada River) के किनारे की सरकारी जमीन पर वक्फ का दावा किए जाने पर सवाल उठाया गया है. मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की पीठ ने मामले की प्राथमिक सुनवाई के बाद स्थिति को बनाए रखने का अंतरिम आदेश दिया है. साथ ही, राज्य सरकार और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब मांगा गया है. याचिकाकर्ता ने क्या कहा? नर्मदापुरम के समाजसेवी ओमप्रकाश शर्मा ने अदालत में अपनी याचिका में बताया कि उन्होंने नर्मदा किनारे की जमीन पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया था, जिससे वहां हरियाली बढ़ी और मृदा क्षरण की समस्या में कमी आयी है. वहीं इससे नर्मदा के तटबंधों को भी स्थिरता मिली है. याचिका में दावा किया गया कि मोहम्मद मकसूद नामक व्यक्ति ने इस जमीन को वक्फ की बता कर शरद सिंह के नाम पर पंजीकृत करा दिया है. इस विवाद के चलते वहां के पेड़ काटकर निर्माण कार्य की तैयारी की जा रही है. वक्फ बोर्ड की है ये आपत्ति सुनवाई के दौरान कोर्ट को सूचित किया गया कि जब जमीन के नामांतरण का आवेदन किया गया, तब वक्फ बोर्ड ने इस पर आपत्ति जताई थी. इससे पहले भी कोर्ट ने एक जनहित याचिका के दौरान यह निर्देश दिया था कि नर्मदा के किनारे 300 मीटर के दायरे में किसी भी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता. ऐसे में, यह सवाल उठता है कि नजूल सीट नंबर-46 पर स्थित सरकारी जमीन, जिसे दस्तावेजों में 'बंगला' के रूप में दर्ज किया गया है, वक्फ बोर्ड की जमीन कैसे मानी जा सकती है. अगली सुनवाई कब होगी? इस मामले की अगली सुनवाई के लिए संबंधित पक्षों से उनके जवाब आने के बाद कोर्ट अगला कदम तय करेगा. recent visitors 57

छत्‍तीसगढ़ पुलिस विभाग में फेरबदल, 36 अफसरों का तबादला, गृह विभाग ने जारी किया आदेश

रायपुर छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव होने हैं. चुनाव की घोषणा के पहले अफसरों के ट्रांसफर का सिलसिला शुरू हो गया है. पुलिस विभाग में राज्य प्रशासनिक सेवा के 36 अफसरों का ट्रांसफर किया गया है. पीएचक्यू ने शुक्रवार की देर रात अफसरों के ट्रांसफर की सूची जारी की है. इनमें 11 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) और 25 उप पुलिस अधीक्षक (DSP) शामिल हैं. अंतागढ़ के एसडीओपी अमरनाथ सिदार को उप पुलिस अधीक्षक रायपुर पदस्थ करते हुए गृहमंत्री का सुरक्षा अधिकारी बनाया गया है. इन अफसरों का ट्रांसफर जारी सूची के मुताबिक़ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलासपुर उमेश कश्यप को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चाम्पा, शैलेंद्र कुमार पांडे को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धमतरी, दुर्ग की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऋचा मिश्रा को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात दुर्ग बनाया गया है. इसके अलावा गरिमा द्विवेदी को गरियाबंद का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक,मोनिका ठाकुर को बालोद की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, राजेंद्र जायसवाल बिलासपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक होंगे. मेघा टेंभुरकर को सेनानी, 3री वाहिनी अमलेश्वर दुर्ग में पदस्थापना दी गई है यूलैंडन यार्क को बीजापुर का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उद्यन बेहार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलासपुर निमिषा पांडेय को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सारंगढ़ और दिनेश कुमार सिन्हा को कांकेर का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बनाया गया है. डीएसपी का भी ट्रांसफर एएसपी के अलावा 25 सीएसपी रैंक के अफसरों का अभी ट्रांसफर हुआ है. उप पुलिस अधीक्षक जितेंद्र खूटे को  जांजगीर-चांपा, रागिनी मिश्रा को एसडीओपी कुरूद,  इरफान हसन काजी को  सुभाषचंद्र बोस, राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी, अकीक खोखर को सहायक सेनानी, 13वीं वाहिनी बांगो,  ललिता मेहर को एसडीओपी सरायपाली, रमेश चंद्रा को  उप पुलिस अधीक्षक, मुख्यालय, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मंजूलता बाज को  बालक विरूद्ध अपराध अन्वेषण शाखा जशपुर,  मिलिंद पाण्डेय को बागबहरा एसडीओपी बनाया गया है. इसके अलावा दिलीप कोसले को एसडीओपी बगीचा जशपुर, अरूण नेताम को एसडीओपी केशकाल, मयंक तिवारी को  एसडीओपी, मुंगेली, सतीश ठाकुर को  उप पुलिस अधीक्षक यातायात रायपुर (नवा रायपुर) रश्मित कौर चांवला को उप पुलिस अधीक्षक बिलासपुर और कविता ठाकुर को उप पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा ट्रांसफर किया गया है. सिदार बने गृहमंत्री के सुरक्षा अधिकारी इसी प्रकार सुमित गुप्ता को एसडीओपी चंद्रपुर, शिवचरण सिंह परिहार को  उप पुलिस अधीक्षक यातायात, बिलासपुर,  आकर्षि कश्यप को  उप पुलिस अधीक्षक दुर्ग, अखिलेश कौशिक- एसडीओपी बोड़ला, कवर्धा, मोनिका सिंह परिहार को  सहायक सेनानी 17वीं वाहिनी, छसबल, कवर्धा, संजय तिवारी को सहायक सेनानी, 2वीं वाहिनी, छसबल, सकरी बिलासपुर, अमरनाथ सिदार को उप पुलिस अधीक्षक रायपुर पदस्थ करते हुए गृहमंत्री का सुरक्षा अधिकारी बनाया गया है. निमितेश सिंह को एसडीओपी पंडरिया, कवर्धा, आशीष शुक्ला को उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय कवर्धा, सतीश धुर्वे  को उप पुलिस अधीक्षक एसटीएफ बघेरा, दुर्ग, साधना सिंह को रायगढ़ का उप पुलिस अधीक्षक बनाया गया है. recent visitors 70

विधानसभा चुनावों में बीजेपी को मजबूत करने RSS ने चलाया महाअभियान, 65 संगठन भी साथ

मुंबई  राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अपने 65 से भी ज्यादा सहयोगी संगठनों के जरिए महाराष्ट्र में 'सजग रहो' नाम से एक अभियान चला रहा है। इस अभियान का मकसद सिर्फ विधानसभा चुनावों में बीजेपी को मजबूत करना ही नहीं है, बल्कि इसे 'हिंदुओं को बांटने और उन्हें और भी छोटे-छोटे समूहों में विभाजित करने के बड़े प्रयास' के खिलाफ एक जवाबी कार्रवाई के तौर पर भी देखता है। आरएसएस का मानना है कि इस प्रयास का असर राजनीति से भी आगे तक होगा। यह अभियान ऐसे समय में चलाया जा रहा है जब महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट तेज हो गई है। इस दौरान बीजेपी और महायुति को हिंदू वोट बैंक को अपने पाले में लाने की कोशिशें भी तेज़ होती दिखाई दे रही हैं। आरएसएस का 'सजग रहो' अभियान लोकसभा चुनावों और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हाल ही में हुए हमलों के बाद चलाए जा रहे तीन राष्ट्रीय अभियान का सबसे नया हिस्सा है। इस तीन सूत्रीय अभियान के पहले दो सूत्र हैं योगी आदित्यनाथ की टिप्पणी 'बांटेंगे तो काटेंगे' और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी 'एक है तो सेफ हैं'। पीएम ने धुले में दिया था ये बयान प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक है तो सेफ है' टिप्पणी धुले में की थी, जहां बीजेपी-आरएसएस का कहना है कि मालेगांव में मुस्लिम वोटों के एकजुट होने के कारण लोकसभा चुनावों में बीजेपी उम्मीदवार को मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। इसी कड़ी में योगी आदित्यनाथ ने महाराष्ट्र के वाशिम में कहा था 'एक है तो नेक हैं'। यहां 'नेक' का मतलब है कि अगर हिंदुओं को बांटा नहीं गया तो वे नेक बने रहेंगे। उन्हें सिर्फ़ आत्मरक्षा के हिंसा का सहारा लेने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। "किसी के खिलाफ नहीं है ये अभियान' हालांकि संघ के सूत्रों ने कहा कि 'सजग रहो' और 'एक है तो सेफ हैं' किसी के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि इनका मकसद हिंदुओं के बीच जाति विभाजन को खत्म करना है। बीजेपी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि आरएसएस के 'स्वयंसेवकों' और 65 से ज़्यादा गैर सरकारी संगठनों द्वारा इस संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए बैठकें आयोजित की जा रही हैं। संघ के सूत्रों के मुताबिक, हालांकि इस अभियान का तात्कालिक उद्देश्य महाराष्ट्र चुनाव हैं, लेकिन यह एक बड़ी घटना के जवाब में वैचारिक और बौद्धिक प्रतिक्रिया के उभार को दर्शाता है। यह घटना यह है कि जहां एक तरफ हिंदू जाति के आधार पर बंटे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ़ मुस्लिम अपने मतभेदों को भुलाकर एकजुट होकर वोट बैंक के रूप में उभर रहे हैं और उनका मकसद बीजेपी को सत्ता से बाहर देखना है। इस अभियान में ये शामिल इस अभियान में शामिल समूहों में चाणक्य प्रतिष्ठान, मातंग साहित्य परिषद और रणरागिनी सेवाभावी संस्था शामिल हैं। महाराष्ट्र में संघ की सभी चारों 'प्रांत' या क्षेत्रीय इकाइयां- कोंकण (मुंबई और गोवा सहित), देवगिरि (मराठवाड़ा), पश्चिम महाराष्ट्र (जिसमें नासिक और उत्तरी महाराष्ट्र के कुछ हिस्से शामिल हैं) और विदर्भ (जहां RSS का मुख्यालय है) शाखा स्तर पर बैठकें आयोजित करके इस अभियान में शामिल हैं। इस अभियान के मुख्य आकर्षणों में से एक है धुले लोकसभा और मुंबई उत्तर पूर्व लोकसभा सीट के नतीजों का उदाहरण के तौर पर इस्तेमाल करना। यह उस चीज़ की ओर इशारा करता है जिसे संघ 'मालेगांव मॉडल' कहता है और जिसके बारे में उसका कहना है कि इससे 'बंटे हुए' हिंदू समुदाय को नुकसान पहुंचा है। आधिकारित तौर पर इस अभियान की जिम्मेदारी नहीं ले रहा आरएसएस आरएसएस आधिकारिक तौर पर संगठन के तौर पर इस अभियान की ज़िम्मेदारी नहीं ले रहा है, बल्कि इसे केवल 'स्वयंसेवकों की एक पहल' बता रहा है। आरएसएस के एक पदाधिकारी ने कहा कि स्वयंसेवकों ने हिंदू समाज को यह बताने की अगुवाई की है कि उन्हें जाति के आधार पर विभाजित नहीं होना चाहिए, खास तौर पर ऐसे समय में जब राज्य में मराठा-ओबीसी विभाजन गहरा गया है। recent visitors 65

महाकाल :सुरक्षाकर्मी ने भस्म आरती दर्शन के नाम पर की ठगी, केस दर्ज

उज्जैन महाकाल मंदिर में भस्म आरती में प्रवेश दिलाने के नाम पर श्रद्धालुओं के साथ ठगी करने वाले सुरक्षागार्ड के खिलाफ महाकाल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मंदिर के सुरक्षाकर्मी पर बेंगलुरु के श्रद्धालु से 16,500 रुपये लेने के आरोप लगे हैं, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सोमवार तडके भस्म आरती के दौरान मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ ने औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान, मंदिर में सुरक्षा देने वाली क्रिस्टल कंपनी का कर्मचारी लवजीत शंख द्वार से चार श्रद्धालुओं को भस्म आरती में प्रवेश दिलाने के लिए मंदिर परिसर में लाता हुआ दिखाई दिया। चैकिंग के दौरान, श्रद्धालुओं के पास परमिशन नहीं मिली। उन्होंने बताया कि उन्होंने गार्ड को परमिशन के लिए रुपये दिए हैं। इसके बाद कर्मचारी लवजीत को महाकाल चौकी को सौंपकर उसके खिलाफ जांच के लिए लिखा गया। घटना के पांच दिन बाद, आरोपी लवजीत के खिलाफ महाकाल थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। झांसा देकर श्रद्धालुओं से ऐंठे 16,500 रुपये महाकाल पुलिस ने बताया कि 3 नवंबर को बेंगलुरु, कर्नाटक से महाकाल के दर्शन करने के लिए मरप्पा अपने परिवार के साथ उज्जैन आए थे। तड़के 4 बजे होने वाली भस्म आरती में प्रवेश के लिए मंदिर कर्मचारी से संपर्क किया। इस दौरान एक युवक ने उन्हें भस्म आरती की परमिशन दिलाने का झांसा दिया और दर्शन कराने के नाम पर रुपयों की मांग की। श्रद्धालु युवक के झांसे में आ गए और उन्होंने 16,500 रुपये भस्म आरती दर्शन के नाम पर उसे दे दिए।  recent visitors 62