Friday, July 10, 2026 8:05 am

पूर्व राष्ट्रपति कोविंद का राजभवन आगमन पर हुआ गरिमामय स्वागत

भोपाल. भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का राजभवन आगमन पर गरिमामय स्वागत हुआ। पूर्व राष्ट्रपति कोविंद का राजभवन में म.प्र. उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति सुरेश कुमार कैत ने आत्मीय स्वागत किया। पूर्व राष्ट्रपति कोविंद के साथ उनकी पत्नी सविता कोविंद भी पधारी हैं। अतिथियों का राज्यपाल के प्रमुख सचिव मुकेश चन्द्र गुप्ता ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव सहित राजभवन के अधिकारीगण मौजूद थे। recent visitors 76

एमपी हाईकोर्ट का फैसला, छत्तीसगढ़-कबीरधाम के शिवप्रसाद का शव कब्र से निकालकर दोबारा होगा पोस्टमार्टम

कबीरधाम/बालाघाट. लोहरीडीह मामले को लेकर एमपी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक फैसला दिया है। मृतक शिवप्रसाद साहू उर्फ कचरू के शव को कब्र से खोदकर निकाला जाएगा। इसके बाद उसका पोस्टमार्टम होगा। कोर्ट ने शिवप्रसाद साहू के शव परिजनों की मौजूदगी में कब्र से निकालकर विशेषज्ञ डॉक्टर की टीम से पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने कहा है। इस मामले में मृतक की बेटी ने हाईकोर्ट में अपने वकील में माध्यम से याचिका लगाई थी। दरअसल, 15 सितंबर को लोहारीडीह गांव के रहने वाले शिवप्रसाद साहू का शव एमपी के बालाघाट जिला अंतर्गत बोरसी थाना क्षेत्र के जंगल में पेड़ पर फांसी पर लटका मिला था। शुरूआती जांच में बोरसी पुलिस ने इसे आत्महत्या कहा था। हालांकि, 16 अक्तूबर को बालाघाट पुलिस ने खुलासा किया था कि शिवप्रसाद साहू की हत्या कर उसके शव को फांसी पर लटका दिया था। पुलिस ने इस मामले में टेकचंद पिता सनूकलाल पटेल (24) निवासी भेलवाटोला थाना रेंगाखार जिला कबीरधाम, दिनेश कुमार पिता रघुनाथ साहू (33) निवासी ग्राम लोहारीडीह थाना रेंगाखार जिला कबीरधाम, रोमन पिता सनूकलाल साहू (32) निवासी ग्राम लोहारीडीह थाना रेंगाखार जिला कबीरधाम व राखीलाल पिता सुखराम हिरवाने (40) निवासी बनाफरटोला ग्राम रेलवाही थाना बिरसा बालाघाट (एमपी) को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। अब फिर से शव का पीएम होने से आने वाले समय में बड़ा खुलासा हो सकता है। recent visitors 131

मोदी ने दी उत्तराखंड स्थापना दिवस पर बधाई, प्रदेशवासियों और पर्यटकों से किए नौ आग्रह

देहरादून उत्तराखंड के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को प्रदेशवासियों को संबोधित किया। इस खास मौके पर देवभूमि रजतोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सीएम ने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने ही इस राज्य के गठन का सपना पूरा किया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा, मैं अटल बिहारी वाजपेयी जी को नमन करता हूं। जिनके प्रधानमंत्री रहते हुए उत्तराखंड के गठन का सपना पूरा हुआ। उन्होंने कहा, “यह हम सभी के लिए हर्ष की बात है कि अटल जी द्वारा पुष्पित और पल्लवित हमारा उत्तराखंड आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश का अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारे प्रदेश का चौतरफा विकास हो रहा है। हमारे प्रदेश का इन्फ्रास्ट्रक्चर आज तेजी से मजबूत हो रहा है। आज शहर से लेकर सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों तक सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। विभिन्न जनपदों में हेलीपैड को विकसित किया जा रहा है।” उन्होंने कहा, “पहाड़ों में रेल पहुंचने का सपना पूरा हो रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के साथ ही सेटेलाइट निर्माण का भी कार्य किया जा रहा है, ताकि उन सभी लोगों तक विकास पहुंचने का मार्ग प्रशस्त हो सके, जो कि अभी इससे वंचित हैं।” उन्होंने उत्तराखंड की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा, “आज की तारीख में उत्तराखंड हर क्षेत्र में सफलता के नए प्रतिमान गढ़ रहा है। आज हम कृषि, बागवानी और उद्योग सहित सभी क्षेत्रों मंं विकास की नई इबारत लिख रहे हैं। यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। राज्य में वृहद स्तर पर युवाओं के लिए नौकरियों के अवसर सृजित हो रहे हैं। हमारी सरकार ने औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति सहित अनेक नीतियां बनाकर राज्य में निवेश के अवसर को बढ़ाने का काम किया है।” मोदी ने दी उत्तराखंड स्थापना दिवस पर बधाई, प्रदेशवासियों और पर्यटकों से किए नौ आग्रह  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को उत्तराखंड स्थापना दिवस के अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को बधाई दी है और कहा कि आज से ही उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष का शुभारंभ हो रहा है। श्री मोदी ने कहा कि उत्तराखंड अपने 25वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। हमें अब उज्जवल उत्तराखंड के भविष्य के लिए अगले 25 वर्ष की यात्रा शुरु करनी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में देश के कोने-कोने और विदेशों से भी पर्यटक आते हैं। उन्होंने कहा कि अभी दो दिन पहले ही प्रवासी उत्तराखंड सम्मेलन का भी सफल आयोजन हुआ है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हमारे प्रवासी उत्तराखंड वासी राज्य की विकास यात्रा में ऐसे ही बड़ी भूमिका निभाते रहेंगे। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि उत्तराखंड के आप लोग आने वाले 25 वर्षों के संकल्पों के साथ पूरे राज्य में अलग अलग कार्यक्रम कर रहे हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए उत्तराखंड के गौरव का प्रसार भी होगा और विकसित उत्तराखंड के लक्ष्य की भी हर प्रदेशवासी तक बात पहुंचेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि नौ का अंक बहुत ही शुभ माना जाता है। उन्होंने प्रदेशवासियों और उत्तराखंड आने वाले यात्रियों-श्रद्धालुओं से नौ आग्रह किए। उन्होंने कहा कि पांच आग्रह उत्तराखंड के लोगों से और चार आग्रह यात्रियों-श्रद्धालुओं से। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपनी आने वाली पीढ़ियों को अपनी गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी जैसी बोलियां सिखाएं। ये बोलियां उत्तराखंड की पहचान को मजबूत बनाने के लिए भी जरूरी है। दूसरे, 'एक पेड़ मां के नाम' आंदोलन को हम सभी को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि देश भर में ये अभियान तेज गति से चल रहा है। उत्तराखंड भी इस दिशा में जितनी तेजी से काम करेगा, उतना ही हम पर्यावरण परिवर्तन की चुनौती से लड़ पाएंगे। श्री मोदी ने कहा, “मेरा तीसरा आग्रह है कि आप सभी नदी, नालों का संरक्षण करें। पानी की स्वच्छता को बढाने वाले अभियानों को गति दें। प्रधानमंत्री ने चौथा आग्रह किया कि अपनी जड़ों से जुड़े रहें। अपने गांव लगातार जाएं और वहां से संबंध मजबूत रखें। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों से मेरा पांचवां आग्रह है कि अपने गांव के पुराने घरों को भी बचाएं। इन्हें आप होम-स्टे बनाकर अपनी आय बढ़ाने का साधन बना सकते हैं।” प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड आने वाले सभी पर्यटकों से भी चार आग्रह किए। उन्होंने अपेक्षा की कि जब भी आप हिमालय की गोद में पहाड़ों पर घूमने जाएं, तो स्वच्छता को सर्वोपरि रखें। वोकल फ़ॉर लोकल के मंत्र को वहां भी याद रखें। उन्होंने कहा, “आपकी यात्रा का जो खर्च होता है, उसमें से कम से कम पांच प्रतिशत स्थानीय लोगों द्वारा उत्पादित प्रोडक्ट खरीदने में खर्च करें। मेरा तीसरा आग्रह है कि आप जब भी पहाड़ पर जाएं तो वहां के ट्रैफिक नियमों का ध्यान जरूर रखें। चौथा और अंतिम आग्रह है कि धार्मिक स्थलों के रीति-रिवाजों, वहां के नियम-कायदों के बारे में यात्रा से पहले जरूर पता कर लें।” श्री मोदी ने कहा कि हमारी सरकार विकास के साथ विरासत को भी सहेजने में जुटी है। देवभूमि की संस्कृति के अनुरूप, केदारनाथ धाम का भव्य और दिव्य पुनर्निर्माण किया जा रहा है। बद्रीनाथ धाम में विकास कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानस खंड मंदिर माला मिशन के तहत, पहले चरण में 16 पौराणिक मंदिर क्षेत्रों को विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद हुए हैं। कुछ साल पहले बाबा केदार के दर्शन के बाद उनके चरणों में बैठकर कहा था कि ये दशक उत्तराखंड का दशक होगा। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में उत्तराखंड ने मेरे इस विश्वास को सही साबित किया है। उन्होंने कहा कि देवभूमि के लोग प्रकृति और पर्यावरण के कितने बड़े प्रेमी होते हैं, ये सारा देश जानता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड ने हम सभी को, भाजपा को हमेशा खूब सारा प्यार और अपनत्व दिया है। भाजपा भी देवभूमि की सेवा की भावना से उत्तराखंड के विकास कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों को अपनी आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए लंबे समय तक अलग राज्य के लिए प्रयास करना पड़ा था। ये … Read more

बिजली का बिल माफ करने के बदले संबंध बनाने की मांग, महिला ने जेई पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए की मौखिक शिकायत

बस्‍ती यूपी के बस्‍ती में एक महिला उपभोक्ता का बिजली का बिल माफ करने के बदले संबंध बनाने की मांग करने वाले जेई का कथित अश्लील वीडियो वॉयरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। वीडियो कई महीने पुराना बताया जा रहा है। ‘लाइव हिन्दुस्तान’ वॉयरल वीडियो के सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। विद्युत वितरण खंड ग्रामीण के एक उपकेंद्र पर तैनात एक जेई का एक महिला के साथ अश्लील वीडियो वॉयरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि महिला का बिल बकाया था, जेई कनेक्शन काटने की धमकी दे रहा था। इस दौरान महिला के घर जेई का आना-जाना हुआ और जेई ने बिल माफ करने के बदले सेक्स की मांग की। बाद में महिला ने जेई पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मौखिक शिकायत तत्कालीन अधिशासी अभियंता से की थी, लेकिन मामले को रफा-दफा कर दिया गया था। मामले में नया मोड़ तब आया जब महिला का करीबी बताये जाने वाले एक एसएसओ पर कई तरह के आरोप लगवाकर जेई ने उसकी सेवा समाप्त करवा दी। उसके बाद से मामला गर्म हो रहा गया था। वीडियो वॉयरल होने के बाद अब तक दबा प्रकरण सामने आ चुका है। इस बाबत अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड ग्रामीण आदित्य भूषण भारती ने बताया कि मामला संज्ञान में है, लेकिन शिकायत नहीं मिली है। अगर पुलिस कार्रवाई करती है तो संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 51

नेट हाउस से बढ़ी निलेश की नेट इनकम

भोपाल. झाबुआ जिले के मांडन गांव के किसान श्री निलेश पाटीदार अब हर उस किसान के लिए एक प्रेरणा बन गये हैं, जो पारंपरिक खेती में सीमित होकर संघर्ष कर रहे हैं। निलेश के पास 18.750 एकड़ कृषि योग्य भूमि है, जहां वे सालों से पारम्परिक खेती कर रहे थे। लेकिन एक दिन उद्यानिकी विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी से मिले सुझाव ने उनकी जिंदगी बदल दी। क्षेत्रीय अधिकारी ने उन्हें पारम्परिक खेती छोड़कर एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत संरक्षित खेती योजना का लाभ लेने और उद्यानिकी खेती अपनाने की सलाह दी। निलेश ने इस दिशा में हौले-हौले कदम बढ़ाये। सफलता भी मिलने लगी। अब बागवानी मिशन से निलेश के जीवन की बगिया में मिशन मोड पर मिठास आ गई है। संरक्षित खेती में पहला कदम : नेटहाउस का निर्माण उद्यानिकी खेती के लाभों को समझते हुए निलेश ने शुरु में एक एकड़ भूमि पर नेटहाउस का निर्माण कराया। पहली ही फसल में उन्हें अच्छा मुनाफा हुआ। इससे प्रेरित होकर उन्होंने अपनी खेती का दायरा बढ़ाया और धीरे-धीरे 3 और नेट हाउस बनवाये। इस वर्ष उन्होंने 3 एकड़ के नेट हाउस में देशी खीरा और ककड़ी की खेती की। इससे उन्हें 1050 क्विंटल उत्पादन मिला। इस उपज को उन्होंने जयपुर और दिल्ली में 2700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेचा, जिससे उन्हें कुल 28 लाख 35 हजार रुपये आय हुई। खेती-बाड़ी का खर्चा निकालने के बाद उन्होंने इस नेट हाउस से करीब 21 लाख 35 हजार रुपये शुद्ध मुनाफा कमाया। अमरूद की खेती में भी मिली सफलता इसके बाद निलेश ने अपने खेत में 4 एकड़ भूमि पर अमरूद के 4000 पौधे लगाए। इससे उन्हें 700 क्विंटल अमरूद का उत्पादन प्राप्त हुआ। उन्होंने उपज को बक्सों में पैकिंग कर दिल्ली में 4000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेचा। इससे निलेश को 28 लाख रुपये आय हुई। इस वर्ष पौधों को सहारा देने के लिए लोहे के एंगल और तार के स्ट्रक्चर बनाने में ही उन्होंने 12 लाख रुपये से अधिक पूंजी खर्च की। अमरूद की फसल से निलेश को 16 लाख रुपये शुद्ध मुनाफा हुआ। नई शुरुआत, नई संभावनाएं इन दोनों उद्यानिकी फसलों से निलेश ने कुल 37 लाख रुपये मुनाफा कमाया। इस मुनाफे से उन्होंने एक जेसीबी गाड़ी खरीद ली है और अब खेती के साथ-साथ जेसीबी व्यवसाय से भी अतिरिक्त आय ले रहे हैं। प्रेरणा की मिसाल निलेश की प्रगतिशीलता से न केवल उनके परिवार की जिंदगी बदली, बल्कि उन्होंने अन्य किसानों के सामने भी एक नजीर पेश की है। निलेश कहते हैं कि अगर सभी किसान भाई नये-नये तरीकों और उन्नत खेती तकनीकों को अपनाएं, तो वे भी उनकी तरह अपनी माली हालत मजबूत कर सकते हैं। संरक्षित (उद्यानिकी) खेती पद्धति से समृद्धि कैसे पाई जा सकती है, ये उन्होंने सीख लिया है। recent visitors 163

भारत की आजादी के अंतिम क्षणों की कहानी कहता है ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ का ट्रेलर

मुंबई,  आगामी स्ट्रीमिंग सीरीज ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ का ट्रेलर सामने आया है। यह भारत की स्वतंत्रता के अंतिम क्षणों में क्या हुआ इसकी एक झलक दिखाता है। यह सीरीज मजबूत ऐतिहासिक कहानी कहने का दावा करती है। ट्रेलर की शुरुआत ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री क्लेमेंट एटली द्वारा भारत की स्वतंत्रता की घोषणा से होती है। इसके बाद जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल और पाकिस्तान के पूर्व गवर्नर जनरल मोहम्मद अली जिन्ना जैसी शख्सियतें कैसे भविष्य को लेकर उधेड़बुन में उलझी रहती हैं इसे दिखाने की कोशिश की गई है। इसके बाद इस ट्रेलर में दिखाया गया है कि कैसे जिन्ना की ओर से एक अलग देश पाकिस्तान के निर्माण की मांग उठती है। तो दूसरी तरफ ब्रिटिश अधिकारी भारत को आजाद करने और भारत-पाकिस्तान को बांटने की रणनीति बना रहे हैं। श्रृंखला में सिद्धांत गुप्ता ने जवाहरलाल नेहरू, चिराग वोहरा ने महात्मा गांधी, राजेंद्र चावला ने सरदार वल्लभभाई पटेल, आरिफ जकारिया ने मोहम्मद अली जिन्ना, इरा दुबे ने फातिमा जिन्ना, मलिष्का मेंडोंसा ने सरोजिनी नायडू, राजेश कुमार ने लियाकत अली खान, केसी शंकर ने वीपी मेनन, ल्यूक मैकगिबनी ने लॉर्ड लुईस माउंटबेटन, कॉर्डेलिया बुगेजा ने लेडी एडविना माउंटबेटन, एलिस्टेयर फिनले ने आर्चीबाल्ड वेवेल, एंड्रयू कुल्लुम ने क्लेमेंट एटली, रिचर्ड टेवरसन ने सिरिल रैडक्लिफ के किरदार अदा किए हैं। स्टूडियो नेक्स्ट के सहयोग से एम्मे एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित फ्रीडम एट मिडनाइट में पर्दे के पीछे एक शानदार टीम काम कर रही है। निखिल आडवाणी ने निर्देशक के रूप में जिम्मेदारी निभाई है, जबकि कहानी को अभिनंदन गुप्ता, अद्वितिया करेंग दास, गुंडीप कौर, दिव्य निधि शर्मा, रेवंत साराभाई और एथन टेलर सहित एक प्रतिभाशाली टीम ने लिखा है। यह सीरीज लैरी कॉलिन्स और डोमिनिक लैपियर की इसी नाम की किताब पर आधारित है। ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ 15 नवंबर से सोनी लिव पर स्ट्रीम होने वाली है। recent visitors 116

स्पेन में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 223 से ज्यादा हुई, 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ा

वैलेंसिया स्पेन के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्से वैलेंसिया, कैस्टिला-ला मांचा और अंडालूसिया में 29 अक्टूबर को अचानक से मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ आ गई। इस बाढ़ ने प्रभावित क्षेत्रों में तबाही मचा दी। बाढ़ की वजह से प्रभावित इलाकों में हर जगह पानी के साथ ही कीचड़ भी हो गया है। जब बाढ़ आई, तो उसमें कई गाड़ियाँ बह गई, पुल टूट गए, रेलवे की सुरंगें ध्वस्त हो गई जिससे कई जगह की ट्रेनें ठप हो गई , फसलें तबाह हो गई। कई घरों को भी बाढ़ की वजह से काफी नुकसान पहुंचा। बड़ी संख्या में घरों की बिजली गुल हो गई। कच्चे घर तो बाढ़ की चपेट में आ गए और बह गए। बाढ़ की वजह से मरने वालों की संख्या अभी भी बढ़ रही है। मरने वालों की संख्या पहुंची 223 स्पेन के वैलेंसिया, कैस्टिला-ला मांचा और अंडालूसिया में अचानक आई इस बाढ़ की वजह से मरने वालों की संख्या अब तक 223 पहुंच चुकी है। स्पेन के परिवहन मंत्री की तरफ से यह जानकारी दी गई है। 78 लोग अभी भी लापता बाढ़ की वजह से स्पेन के वैलेंसिया, कैस्टिला-ला मांचा और अंडालूसिया में अभी भी करीब 78 लोग लापता हैं। लापता लोगों की तलाश जारी है। बचाव टीम ने अब तक हज़ार से ज़्यादा लापता लोगों को ढूंढ निकाला है। मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है बाढ़ के इतने दिन बाद भी कई लोगों के लापता होने से मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। बचाव टीम ने हज़ारों लोगों को बाढ़ से बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। recent visitors 97