Saturday, July 4, 2026 9:47 am

हिंदूवादी संगठनों ने काटा बवाल, छत्तीसगढ़-रायगढ़ में घर में प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण

रायगढ़. रायगढ़ के मिट्ठू मुड़ा मोहल्ला में रविवार को कथित धर्मांतरण पर विवाद खड़ा हो गया. संतोष चौहान के घर में प्रार्थना सभा आयोजित की गयी थी. धर्म विशेष की प्रार्थना की आवाज सुनकर हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं की भीड़ इकट्ठा हो गयी. बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध किया. धर्मांतरण की शिकायत पर बीजेपी जिलाध्यक्ष कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंच गये. कार्यकर्ताओं ने नारे लगाते हुए घर को घेर लिया. मौके पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित हिंदू कार्यकर्ताओं को समझाया. पुलिस ने बताया कि घर से धार्मिक किताबों के अलावा अन्य सामान जब्त किया गया है. धर्म परिवर्तन करवा रहे लोगों को थाने लाकर पूछताछ की जा रही है. बीजेपी जिलाध्यक्ष उमेश अग्रवाल और हिंदू संगठन के अंशु टूटेजा का आरोप है कि कई मोहल्लों में धर्मांतरण कराने की शिकायतें मिल रही थीं. आज मिट्ठू मुड़ा मोहल्ला में प्रमाण मिल गया. मामले की सूचना पुलिस को दी गयी. प्रार्थना सभा की आड़ में धर्म परिवर्तन! हिंदूवादी संगठनों का कहना है कि प्रार्थना सभा की आड़ में महिलाओं और पुरुषों का धर्मांतरण कराया जा रहा था. उन्होंने कहा कि प्रलोभन देकर प्रार्थना सभा में लोगों को बुलाया जाता है. प्रार्थना सभा में पहुंचने के बाद धर्म विशेष ऊंचा और दूसरे धर्म को नीचा दिखाया जाता है. BJP समेत हिंदूवादी संगठनों का आरोप जानकारी मिलने के बाद मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित जुट मिल थाने की टीम पहुंची. महिलाओं सहित दो अन्य को लेकर पुलिस थाने ले आई. हिंदूवादी संगठनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश मरकाम का कहना है धर्मांतरण की शिकायत मिली थी. घर से कुछ लोगों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया है. पुलिस हिंदूवादी संगठनों के आरोपों की जांच कर रही है. जांच में शिकायत सही पाये जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. recent visitors 64

रोजाना 15 मिनट करें ये योगासन पेट की सभी बीमारियों से मिलेगा छुटकारा

कपालभाति: जब कपालभाती प्राणायाम की होती है तो इसे जीवन की संजीवनी कहा जाता है। कपालभाती प्राणायाम को सबसे कारगर माना जाता है। कपालभाती प्राणायाम को हठयोग में शामिल किया गया है। योग के आसनों में यह सबसे कारगर प्राणायाम माना जाता है। यह तेजी से की जाने वाली एक रोचक प्रक्रिया है। दिमाग आगे के हिस्सेे को कपाल कहते हैं और भाती का अर्थ ज्योति होता है। कपालभाती प्राणायाम करने के सही तरीके और इससे होने वाले फायदों के बारे में हम आपको बताते हैं। कपालभाती प्राणायाम करने के लिए सिद्धासन, पद्मासन या वज्रासन में बैठकर सांसों को बाहर छोड़ने की क्रिया करें। सांसों को बाहर छोड़ने या फेंकते समय पेट को अंदर की तरफ धक्का देना है। ध्यान रखें कि सांस लेना नहीं है क्योंकि उक्त क्रिया में सांस अपने आप ही अंदर चली जाती है। कपालभाती प्राणायाम करते समय मूल आधार चक्र पर ध्यान केंद्रित करना होता है। इससे मूल आधार चक्र जाग्रत होकर कुं‍डलिनी शक्ति जागृत होने में मदद मिलती है। कपालभाती प्राणायाम करते समय ऐसा सोचना है कि हमारे शरीर के सारे नकारात्मनक तत्व शरीर से बाहर जा रहे हैं। इसके नियमित अभ्या स करने से कब्ज, गैस, एसिडिटी जैसी पेट से संबंधित समस्या भी दूर हो जाती है। यहां तक कि पाइल्सा और फिशर की समस्या  भी जड़ से खत्मस हो जाती है।   बालासन: बालासन को कई लोग शिशु आसन भी कहते हैं क्योंकि इस योगासन के अभ्यास में व्यक्ति का आकार छोटे शिशु की तरह हो जाता है। बालासन हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है। ब्लड प्रेशर के मरीजों को कई बार शारीरिक और मानसिक थकावट का एहसास होता है। बालासन के अभ्यास से इस तरह की थकान से आपको राहत मिलती है। इसके अलावा कई बार हाई ब्लड प्रेशर के कारण लोगों को गुस्सा बहुत जल्दी आता है और स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है। अगर ऐसे में मरीज बालासन का नियमित अभ्यास करता है, तो उसकी ये समस्या भी ठीक हो जाती है। बालासन के अभ्यास से शरीर के सभी विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और शरीर तनावमुक्त हो जाता है। बालासन को करने के लिए सबसे पहले घुटने के बल जमीन पर बैठ जाएं और शरीर का सारा भार एड़ियों पर डाल दें। अब गहरी सांस भरते हुए आगे की ओर झुकें। ध्यान रहे कि आपका सीना जांघों से छूना चाहिए। फिर अपने माथे से फर्श को छूने की कोशिश करें। कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रहने के बाद वापस सामान्यम अवस्थाछ में आ जाएं। बालासन के नियमित सही तरह से अभ्यास करने से शरीर की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं, बाजुओं व शरीर से अतिरिक्त चर्बी दूर होती है और होती है और शरीर स्वस्थ बनता है। बालासन के अभ्यास से कब्ज में भी राहत मिलती है और पीठ के दर्द में आराम मिलता है। इसके अलावा इसके अभ्यास से तंत्रिका तंत्र को भी विश्राम मिलता है। भुजंगासन: योग के बहुत फायदे हैं, योग से सकारात्मआकता तो आती है साथ ही यह बीमारियों को दूर कर आपको निरोग रखता है। योग का फायदा तभी मिलता है जब आप इसे सही तरीके से करते हैं। भुजंगासन एक ऐसा आसन है जिसमें कंधा अधिक मुड़ता है इसलिए इसे बैक बेंडिंग वाला आसन भी बोला जाता है। यह सर्वाइकल की समस्याअ दूर कर कमर को लचीला बनाता है। यह हाथों और पेट के लिए भी फायदेमंद है, पाचन शक्ति बढ़ती है। भुजंगासन नियमित रूप से करने से लंबाई भी बढ़ती है। भुजंगासन करने के लिए दोनों हाथों को बगल में रखें, पेट के बल लेटे हों। अपने सिर को ऊपर की तरफ धीरे-धीरे उठायें, घुटने जमीन पर हों, इस स्थिति में कुछ देर रुकें। अब घुटनों को और ऊपर की तरफ उठाइये और सांस लीजिए। फिर सामान्यघ स्थिति में वापिस आयें।   recent visitors 62

योगी ने अल्पसंख्यक दर्जे पर उठाए सवाल, AMU में भारत का पैसा लगा तो एससी/एसटी को भी मिले नौकरी

अलीगढ़. उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अल्पसंख्यक दर्जे को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने पहली बार बयान दिया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एएमयू के अल्पसंख्यक दर्जे के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जब देश का पैसा एएमयू में लगा है, तो वहां भी एससी, एसटी आदि को नौकरी और पढ़ने में आरक्षण मिलना चाहिए। उन्‍होंने कहा, हमारी केंद्र की सरकार ने जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्‍छेद 370 हटाई, तो वहां अच्छा माहौल बना, पर अब फिर से माहौल बिगड़ना शुरू हो गया। सीएम योगी ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक संस्था के रूप में स्थापित करना चाहिए या सामान्य संस्था के रूप में रहना चाहिए। इस पर कल माननीय सुप्रीम कोर्ट में बहस हो रही थी। भारत के संसाधनों से पलने और जनता के टैक्स से चलने वाला ऐसा संस्थान, जो पिछड़ी, अनुसूचित जाति या जनजाति के लोगों को आरक्षण नहीं देता है, लेकिन मुसलमानों के लिए स्वयं के माध्यम से 50 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था कर रहे हैं। सपा-बसपा पर निशाना योगी ने कहा कि भारत का संविधान अनुसूचित जाति-जनजाति व मंडल कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर पिछड़ी जाति के लोगों को आरक्षण की सुविधा देता है, लेकिन एएमयू में यह सुविधा क्यों नहीं मिल पाती है। जब भारत का पैसा लगा है तो वहां भी इन्हें आरक्षण की सुविधा का लाभ मिलना चाहिए। नौकरी और प्रवेश में भी यह सुविधा मिलनी चाहिए। इसे क्यों बंद किया गया, क्योंकि कांग्रेस-सपा, बसपा नहीं चाहती है। वोटबैंक बचाने के लिए यह लोग आपकी भावना व राष्ट्रीय एकता-अखंडता, अस्मिता के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। बंटेंगे तो कटेंगे योगी ने 'बंटेंगे तो कटेंगे' के नारे का जिक्र किया और कहा कि बंटो मत, एक हो। तभी कटने से बचोगे। पहले पेंशन भी समाजवादी पार्टी के लोगों को मिलती थी। आम जनता को नहीं। जब डबल इंजन की सरकार आई तो अब सब जनता को बिना भेदभाव के मिल रहा है। अलीगढ़ का ताला उद्योग भी पुनर्जीवित हो गया है। अब अलीगढ़ में भी अपना विश्वविद्यालय हो गया है। विश्वविद्यालय आपकी पीढ़ी को बनाएगा। राजा महेंद्र प्रताप सिंह का विश्वविद्यालय आगे बढ़ता है या एएमयू, यह आपको दिखाना है। लाल टोपी के कारनामों को पनपने न देंः योगी योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि लाल टोपी के काले कारनामों को पनपने न दें। ये सभ्य समाज के लिए कलंक हैं। समाजवादी पार्टी का असली चेहरा देखना है तो निषाद और कश्यप जाति की बेटी के साथ जो कृत्य किया था, वो किसी से छिपा हुआ है क्या। इनके एक नेता नेता ने कन्नौज में एक बेटी के साथ जो कृत्य किया, वह सभ्य समाज में कलंक है इसलिए बार-बार कहता हूं। लाल टोपी के काले कारनामे, इसको पनपने मत दीजिए, नहीं तो उत्तर प्रदेश, जो सुरक्षा और समृद्धि का एक मानक तय कर रहा है, यह लोग इसको अराजकता की ओर धकेल देंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अलीगढ़ कैसा होना चाहिए, उसमें खैर की क्या भूमिका होनी चाहिए, यह बात करने आया हूं। हरियाणा विधानसभा चुनाव में जनता ने कहा कि हमें डबल इंजन की सरकार चाहिए, हमें भाजपा चाहिए। जिस राजा महेंद्र प्रताप सिंह को कांग्रेस ने भुला दिया था, भाजपा ने उनके नाम से एक राज्य विश्वविद्यालय दिया है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा वालों ने लोकसभा चुनाव से पहले जो अफवाह फैलाई थी, सब एक्सपोज हो गए। इस बार चुनाव में इनको सफाचट कर दीजिए। अलीगढ़ की धरती से संदेश योगी ने कहा कि अलीगढ़ की धरती से संदेश जाना चाहिए कि बंटेंगे नहीं एक रहेंगे और सेफ रहेंगे। किशनलाल दिलेर और मैं एक साथ सांसद थे, वे बड़े नेक इंसान थे। आपने अनूप प्रधान हाथरस के सांसद बने, अब भाजपा, रालोद, एनडीए ने सुरेंद्र दिलेर को अपना प्रत्याशी बनाया है। विकास और विरासत के समन्वय के प्रत्याशी को चुनें। जब राजवीर सिंह दिलेर का टिकट कटा तो मैंने उनसे बात की, तो उन्होंने कहा था कि पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है। उन्होंने जीवन के अंत तक भाजपा का साथ दिया। अब उनके पुत्र सुरेंद्र दिलेर को मौका दें। उन्होंने कहा कि आपने 2017 के उत्तर प्रदेश को देखा। यही अलीगढ़ था। हर दसवें दिन कर्फ्यू लगता था। अब साढ़े सात साल में कुछ नहीं हुआ। अगर कोई उपद्रव करेगा, तो उसकी संपत्ति जनता में बांट देंगे। पहले गरीब को राशन नहीं मिलता था। इंदिरा गांधी योजना में एक गांव में एक को लाभ मिलता था। अब प्रदेश में 56 लाख आवास बने। एक लाख परिवार को पेंशन मिल रही है। 15 करोड़ लोगों को राशन मिल रहा है। गरीब कल्याणकारी योजना है और विकास भी तेज गति से हो रहा है। अलीगढ़ का एयरपोर्ट शुरू हो गया है। डिफेंस कॉरिडोर का एक नोड बन गया है। इससे अलीगढ़ की पूरे देश में अलग पहचान है। recent visitors 72

श्रीलंका में इस्राइली पर्यटकों को निशाना बनाने का ईरानी को दिया जिम्मा, ट्रंप की हत्या की साजिश में सनसनीखेज खुलासा

वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में बंपर जीत दर्ज करने वाले डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की एक और साजिश का खुलासा हाल ही में हुआ। मामले में अमेरिकी खुफिया विभाग ने फरहाद शकेरी नाम के ईरानी नागरिक पर आरोप लगाए हैं। अब एक और बड़ा दावा किया जा रहा कि इस शख्स को ईरानियों ने श्रीलंका में इस्राइली पर्यटकों को निशाना बनाने का काम सौंपा था। एफबीआई ने 51 वर्षीय सदस्य फरहाद शकेरी पर आरोप लगाया, जिसके बारे में माना जाता है कि वह ईरान में रहता है। इसके अलावा, दो आरोपियों कार्लिस्ले रिवेरा (49) और जोनाथन लोडहोल्ट (36) को गुरुवार को न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन और स्टेटन द्वीप से गिरफ्तार किया गया था। आईआरजीसी का सदस्य शकेरी एफबीआई के मुताबिक, फरहाद शकेरी एक ‘ईरानी एसेट’ है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्स (IRGC) का सदस्य है । फरहाद को सात अक्तूबर को ईरान ने ट्रंप की हत्या की योजना बनाने का काम सौंपा था। एफबीआई का कहना है कि इसके लिए आईआरजीसी ने समयसीमा भी तय की थी। एफबीआई को पहले ही मिल गई थी जानकारी मैनहट्टन की संघीय अदालत में शिकायत के अनुसार, एफबीआई को इस योजना की जानकारी हो गई थी, जिसके बाद इसे नाकाम कर दिया गया। शकेरी ने एफबीआई को बताया कि ईरानी रिपब्लिकन गार्ड के अधिकारी ने उसे पिछले सितंबर में निर्देश दिया था कि वह अपने बाकी काम छोड़कर सात दिनों के भीतर ट्रंप की निगरानी करने और उन्हें मारने की योजना तैयार करे। अक्तूबर में सामूहिक गोलीबारी की योजना… संघीय अदालत में दायर दस्तावेजों के अनुसार, शकेरी को आईआरजीसी द्वारा श्रीलंका में इस्राइली पर्यटकों को निशाना बनाने और इस साल की अक्तूबर में सामूहिक गोलीबारी की योजना बनाने के लिए कहा गया था। 23 अक्तूबर के आसपास दी गई थी चेतावनी 23 अक्टूबर को या उसके आसपास, संयुक्त राज्य अमेरिका और इस्राइल की सरकारों ने सार्वजनिक रूप से यात्रियों को अरुगम खाड़ी क्षेत्र में पर्यटक स्थलों को निशाना बनाकर किए जाने वाले हमले के खतरों के बारे में चेतावनी दी थी और अगले ही दिन श्रीलंकाई अधिकारियों ने धमकी के संबंध में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार करने की सूचना दी थी। न्याय विभाग ने कहा कि 28 अक्तूबर को, संयुक्त राज्य अमेरिका और इस्राइल की सरकारों द्वारा जारी सार्वजनिक यात्रा चेतावनियों के बाद और श्रीलंकाई अधिकारियों द्वारा दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद, शकेरी ने एफबीआई को बताया कि उसने पहले दोनों लोगों को श्रीलंका में इस्राइली वाणिज्य दूतावास की निगरानी का काम सौंपा था। शकेरी ने बताया कि उसने और गिरफ्तार किए गए लोगों ने एक साथ जेल में समय बिताया था। यह निगरानी आईरजीसी अधिकारी-I को दी गई थी। शकेरी के अनुसार, इस्राइली वाणिज्य दूतावास पर निगरानी किए जाने के बाद आईआरजीसी अधिकारी-I ने उससे दूसरे लक्ष्य की पहचान करने के लिए कहा। recent visitors 73

तमिलनाण्डु के पटाखा फैक्ट्री हादसों के पीड़ितों को सहायता का ऐलान, बंगाल में भारी मात्रा में हथियार बरामद

कोलकाता. कोलकाता पुलिस ने बताया कि पश्चिम बंगाल में एसटीएफ और कोलकाता पुलिस की एक टीम ने कल रात बैठक खाना रोड पर मोहम्मद इस्राइल खान नामक एक व्यक्ति को हिरासत में लिया और उसकी तलाशी ली। उसके पास से कुल 3 सिंगल-शॉट आग्नेयास्त्र, दो 7 एमएम सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, 8 एमएम के 50 राउंड जिंदा कारतूस और 7.65 एमएम के 40 राउंड जिंदा कारतूस जब्त किए। एसटीएफ पीएस, कोलकाता पुलिस में मामला दर्ज किया जा रहा है और उसे 10 नवंबर को अदालत में पेश किया जाएगा। सीएम एमके स्टालिन ने कहा, 'मैं घोषणा कर रहा हूं कि राज्य सरकार प्राथमिक विद्यालय से लेकर उच्च शिक्षा तक दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाने वाले पटाखा कारखाने के श्रमिकों के बच्चों की पूरी शिक्षा का खर्च वहन करेगी। सहायता जिला स्तर पर तय की जाएगी और इस योजना के लिए पांच करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया है।' गुजरात के प्लास्टिक फैक्टरी में लगी आग गुजरात के वलसाड जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां उमरगाम औद्योगिक क्षेत्र में एक प्लास्टिक फैक्ट्री में आग लग गई। मौके पर दमकल गाड़ियां मौजूद हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। इस मामले में उमरगाम जीआईडीसी के अग्निशमन अधिकारी जयदीप पटेल ने कहा हमें रात करीब 9:45 बजे फोन आया कि प्लास्टिक फैक्ट्री में आग लग गई है। किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। recent visitors 57

पीएमश्री स्कूलों में म्यूजिकल बैंड, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पढ़ने की मिलेगी सुविधा

रायपुर शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने अज्ञैर स्कूली बच्चों के समग्र विकास के प्रयास तेजी से किए जा रहे हैं। जल्द ही पीएमश्री स्कूलों में म्यूजिकल बैंड की स्थापना की जाएगी। इन स्कूलों में छात्र-छात्राओं को वर्तमान समय के हिसाब से संगीत के उपकरण दिए जाएंगे, जहां सिखाने के साथ ही प्रार्थना भी म्यूजिक के माध्यम से की जाएगी। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में संगीत के उपकरण भेजने की तैयारी की है। पीएमश्री योजना के सफल क्रियान्वयन से राज्य के 341 स्कूलों में शिक्षा और अध्ययन-अध्यापन का माहौल बेहतर हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई पीएमश्री योजना के तहत स्कूली विद्यार्थियों के भविष्य को गढ़ने और तराशने का कार्य किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पीएमश्री योजना में शामिल राजनांदगांव की डुंडेरा शासकीय प्राथमिक शाला, इस योजना की सफलता की एक बानगी मात्र है। पीएमश्री योजना के माध्यम से इस शाला के कायाकल्प को देखकर ही सुखद अनुभूति होती है। इसका एहसास यहां के स्कूली बच्चों के चेहरे पर आई मुस्कान को देखकर सहज ही होता है। इस स्कूल को ग्रीन स्कूल की तर्ज पर विकसित किया गया है। स्वच्छ और हरे-भरे वातावरण के लिए स्कूल परिसर में पौधे रोपित किए गए हैं। स्कूल के फर्श पर सुंदर टाइल्स लगाए गए हैं। दीवारों पर ज्ञानवर्धक खूबसूरत पेटिंग बनाई गई हैं। इन स्कूलों में है तमाम सुविधाएं कमोबेश अन्य पीएमश्री स्कूलों में यही स्थिति है। यहां स्मार्ट क्लास, खेल मैदान, म्यूजिक क्लास रूम, मध्याह्न भोजन की सुविधा है। स्कूल में पीएमश्री मुस्कान पुस्तकालय भी है, जहां दीवारों में उकेरी गई पेंटिग और प्रेरक पंक्तियां बच्चों को पाठ्य पुस्तकों को पढऩे के लिए प्रेरित करती हैं। ग्रंथालयों में मिसाईल मैन और देश के पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम की पंक्तियां एक अच्छी पुस्तक हजार दोस्तों के बराबर होती है, जबकि एक अच्छा दोस्त एक ग्रंथालय के बराबर होता है, जैसी प्रेरणादायक पंक्तियां लिखी हुई है। स्कूल में बच्चों के लिए पर्याप्त खेल सामग्री एवं म्यूजिकल उपकरण उपलब्ध है। पांचवीं तक के बच्चों की स्थानीय बोली में पढ़ाई नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा 5वीं तक बच्चों को स्थानीय भाषा-बोली में शिक्षा दिए जाने का प्रविधान किया गया है। प्रदेश के 341 स्कूलों में पीएमश्री योजना शुरू की गई है, जिसके तहत इन स्कूलों को माडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस योजना के तहत स्कूलों में स्थानीय भाषाओं के साथ-साथ रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसे आधुनिक विषयों को भी पढ़ाया जाएगा। पीएमश्री स्कूल अंतर्गत आदिवासी बहुल इलाकों में भी स्कूलों को अपग्रेड किया रहा है, जिससे इन क्षेत्रों के बच्चों को भी आधुनिक, ज्ञानपरक और कौशल युक्त शिक्षा मिल रही है। recent visitors 110

मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ में एक और हाथी की मौत, मां से बिछडने के बाद हो गया था बीमार

बांधवगढ़ मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ में एक और हाथी की मौत हो गई। कुछ दिनों पहले पथपना में एक छोटा हाथी मां से बिछड़ गया था, इसके बाद वह बीमार हो गया था। वन विभाग ने हाथी को उसके झुंड से अलग करके उसका रेस्क्यू किया और उसका उपचार शुरू किया था। रेस्क्यू करने के बाद छोटे जंगली हाथी को बांधवगढ़ के ताला स्थित रामा कैंप पहुंचा दिया गया था। जहां उसे डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया। बीमार हाथी के बारे में यह जानकारी सामने आई थी कि वह अपनी मां से बिछड़ गया है और भूख के कारण बीमार हो गय। बीमार हाथी की आयु तीन से चार महीने की बताई गई है। ताला कैंप में रखकर की जा रही थी देखभाल उमरिया जिले के विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगली हाथियों के ऊपर आपदा का क्रम थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार की सुबह पार्क प्रबंधन को पनपथा बफर इलाके के छतवा जमुनिहा के जंगल में जंगली हाथी शावक बीमार अवस्था में मिला था। बेहाल अवस्था में मिले जंगली हाथी को पार्क प्रबंधन ने रेस्क्यू कर अपने कब्जे में लिया है और उसका उपचार किया था। हाथी शावक को पार्क के ताला हाथी कैंप में रखकर देखभाल की जा रही थी। तेरह हाथियों का झुंड बताया गया था कि जिस झुंड का छोटा हाथी बीमार हुआ था, वह भी तेरह हाथियों का ही था। तेरह हाथियों में से बाकी के 12 हाथी स्वस्थ्य बताए जा रहे हैं। हालांकि उन पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि छोटा जंगली हाथी किसी वस्तु को खाने से बीमार हुआ है या फिर किसी और कारण से वह अस्वस्थ्य हुआ था। यह जानकारी जरूर सामने आ रही है कि बीमार हुए छोटे हाथी के शरीर में कंपन हो रहा था। उसने कई जगह लीद भी भी की थी। बीमार हुए जंगली हाथी की जानकरी मिलने के बाद जब वन प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सबसे ज्यादा समय छोटे हाथी का रेस्क्यू करने में लगा था। दरअसल बीमार हाथी को उसके झुंड से अलग करना मुश्किल काम था। recent visitors 42