Saturday, July 11, 2026 11:06 am

मिलावटी दूध, घी बेचने पर मिलेगी अब 10 साल की सजा, जानें क्या कहता है कानून

Now you will get 10 years imprisonment for selling adulterated milk and ghee, know what the law says भोपाल। भारत में मिलावटी चीजों की भरमार है.। खासतौर से जब आप खाद्य पदार्थों की बात करते हैं तो उसमें सबसे ज्यादा मिलावट देखने को मिलती है। मसाले, दूध, घी, तेल हर चीज में मिलावट होती है. चलिए आज इस खबर में जानते हैं कि अगर कोई मिलावट खोर खाने की चीजों में मिलावट करता पकड़ा गया तो उसे भारतीय कानून के तहत कितनी सजा होगी। क्या कहता है नियम-कानून भारत में मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा से संबंधित मामलों को देखने के लिए, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 (Food Safety and Standards Act, 2006) बनाया गया है. इसके अलावा इसके तहत बनाए गए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के नियमों का भी पालन किया जाता है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 को भारतीय खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है। इस कानून के तहत खाद्य पदार्थों में मिलावट को प्रतिबंधित किया गया है और अगर कोई व्यक्ति मिलावटी सामान बेचता पाया जाता है, तो उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होती है। कितनी मिलती है सजा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति मिलावटी खाद्य पदार्थों का उत्पादन, बिक्री या वितरण करते पाया गया तो इसे गंभीर अपराध माना जाता है। दोषी पाए जाने पर जुर्माना, सजा या दोनों का प्रावधान है. जुर्माने की बात करें तो मिलावटी खाद्य पदार्थों को बनाने और बेचने पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। जबकि, अपराध के गंभीरता को देखते हुए, इस तरह के मामलों में 6 महीने से लेकर 7 साल तक की सजा भी हो सकती है। वहीं अगर मिलावटी खाद्य पदार्थ खाने से किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो मिलावटखोर को आजीवन कारावास या 10 साल तक की सजा हो सकती है। धारा 272 और 273 के तहत भी मिलती है सजा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के अलावा भारतीय दंड संहिता (IPC) में भी मिलावटखोरी से संबंधित अपराधों के लिए दंडात्मक प्रावधान हैं। खासतौर से धोखाधड़ी और आम जनता के जीवन को खतरे में डालने के मामले में है। दरअसल, अगर किसी व्यक्ति द्वारा मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री की जाती है, जिससे किसी जान जाने का खतरा ना हो तो यह धोखाधड़ी के अंतर्गत आता है। भारतीय दंड संहिता की धारा 272 और 273 के तहत इसमें, मिलावटी खाद्य पदार्थों को बेचने वाले को 6 महीने से लेकर 2 साल तक की सजा हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। जबकि, अगर मिलावटी खाद्य पदार्थ से किसी व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर हो जाती है या कोई बीमारी फैल जाती है या किसी के जान पर बन आती है तो यह एक गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में, संबंधित व्यक्ति को 3 से 7 साल तक की सजा हो सकती है और उस पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है। recent visitors 167

लाडली बहना आवास योजना की लाभार्थी सूची जारी, ऐसे देखे लिस्ट में अपना नाम

भोपाल मध्य प्रदेश में सभी माता और बहनों के लिए खुशी की खबर लाडली बहना आवास योजना की आ गई है नई सूची जिन बहनों ने आवेदन किया था वह इस सूची में अपना नाम देख सकती हैं इस योजना के तहत मध्य प्रदेश सरकार जिन बहनों के पास कच्चे घर थे वह अब पक्के मकान  का सपना पूरा कर सकती हैं। इस योजना को मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रारंभ किया। व लाडली आवास योजना नाम दिया। इसके पश्चात, विधानसभा चुनाव होने के कारण इस योजना का कार्य पूरा नहीं हो सका लेकिन अब मुख्यमंत्री मोहन यादव के द्वारा इस योजना का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री लाडली बहना आवास योजना मुख्यमंत्री लाडली बहना आवास योजना के तहत वे महिलाएं जो अत्यंत गरीब वर्ग से है जो अभी कच्चे मकान में निवास कर रही हैं उनके लिए पक्के मकान बनाने का सपना पूरा किया जा सकता है सरकार द्वारा यह कदम उठाए गए हैं । जिससे कि महिलाओं को स्वयं के पक्के मकान दिए जा सके। मध्य प्रदेश में ऐसे गरीब परिवार हैं जो अभी भी कच्चे मकान में निवास कर रहे है। उनके लिए यह खुशी की बात है की सरकार द्वारा पक्की मकान बनाने के लिए कुछ राशि प्रदान की जा रही है। लिस्ट की संपूर्ण जानकारी मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लाडली बहना आवास योजना की नई लिस्ट जारी की जा चुकी है यह लिस्ट उनकी ऑफीशियली वेबसाइट पर प्रदर्शित की गई है इस सूची में सभी आवेदकों के नाम प्रदर्शित होते हैं इस सूची में उन सभी महिलाओं के नाम शामिल किए जाते हैं जो अत्यंत गरीब वर्ग से हैं जिनके पास स्वयं का कोई घर नहीं है  उन महिलाओं को इस सूची में शामिल किया जाता है मध्य प्रदेश सरकार द्वारा यह अत्यंत गरीब वर्ग से जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं परिवारों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य है सभी के अपने पक्के मकान हो। जिन महिलाओं ने इस योजना के आवेदन भर दिए हैं उन सभी महिलाओं को पात्रता सूची में सम्मिलित कर लिया गया है जिन महिलाओं का नाम इस सूची में सम्मिलित किया गया है उन सभी महिलाओं को पीएम आवास योजना के तहत पाक के मकान की राशि प्रदान की जाएगी। अगर आप सूची में अपना नाम देखना चाहते हैं तो पूरी जानकारी पढ़ें। सूची में चैक करे अपना नाम     लाडली आवास योजना का फॉर्म अप्लाई किया है तो सबसे पहले आपको pmayg.nic.in इस पर जाना होगा।     होम पेज ओपन होगा उस पर आपको लिंक दिखाई देगी जिस पर क्लिक करके दूसरा पेज ओपन हो जाएगा     अब आपके सामने एक नया पोर्टल ओपन होगा , स्टेकहोल्डर के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।     उसके बाद आइ ए वाई ऑप्शन पर क्लिक करें ।     इसके पश्चात आपको एडवांस सर्च के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।     उसके पश्चात आपको कुछ जानकारियां सबमिट करनी होगी जैसे राज्य का नाम ,जिला का नाम ,तहसील का नाम।     नई सूची चेक करने के लिए लाडली बहन आवास योजना की सूची देखें के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।     इसके बाद सूची ओपन हो जाएगी अब आप सूची को डाउनलोड भी कर सकते हैं।   Ladli Behna Awas Yojana का प्रारंभ हमारे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 17 सितंबर 2023 को एमपी की राजधानी भोपाल में किया गया था, इस योजना के तहत लाड़ली बहनों को पक्के मकान बनवाने के लिए 1 लाख 30 हज़ार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। आवास योजना का मुख्य उद्देश्य यह है की जिन लाड़ली बहनों को पीएम आवास योजना के तहत लाभ नहीं मिला पाया है उनको लाड़ली बहना आवास योजना के तहत पक्के मकान देने का है। इस योजना की शुरुआत करते समय हमारे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना आवास योजना’ बहनों के सुख और सम्मान के लिये उठाया गया एक बहुत बड़ा कदम है, इस योजना के तहत प्रधानमंत्री आवास में शामिल नहीं हुए परिवारों को आवास की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे हर गरीब परिवार का पक्के मकान मे रहने का सपना साकार हो सके।      लाड़ली बहना आवास योजना एमपी राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही यह आवास योजना जिसके तहत एमपी की लाड़ली बहनों को पक्के मकान बनाने के लिए 1 लाख 30 हज़ार रुपये की आर्थिक मदद एमपी सरकार द्वारा दी जाती है, जिससे ग़रीब महिलाओं का स्वयं का पक्का मकान बनाने का सपना साकार हो सके, हाल ही में लाड़ली बहना आवास योजना की लिस्ट जारी हुई है इसलिए जो महिलाएँ आवास योजना के लिए अप्लाई की थी वे अपना नाम नई लिस्ट में जाकर देख सकती हैं। लाड़ली बहना आवास योजना उद्देश्य लाडली बहना आवास योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की सभी महिलाओं को आवास प्रदान करना है। इस योजना के तहत महिलाओं को सुरक्षित, पक्का और स्थायी आवास उपलब्ध कराया जाएगा ताकि वे अपना सम्मानपूर्वक जीवन आसानी से व्यतीत क़र सकें। प्रमुखविशेषताएँ:     लक्षितलाभार्थी:     यह लाडली बहना आवास योजना मुख्यतः उन महिलाओं के लिए है जो गरीबी रेखा के नीचे (BPL) जीवन यापन कर रही हैं या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से हैं।     आवासकीउपलब्धता:     लाडली बहना आवास योजना के तहत लाभार्थियों को पक्के मकान प्रदान किए जाएंगे।     मकानों में आवश्यक बुनियादी सुविधाएँ जैसे पानी, बिजली और शौचालय इत्यादि उपलब्ध होंगे।     वित्तीयसहायता:     केंद्र और राज्य सरकार मिलकर योजना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेंगी।     योजना के लाभार्थियों को मकान निर्माण के लिए धनराशि चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाई जाएगी।     समुदायऔरसामाजिकसशक्तिकरण:     इस योजना का एक उद्देश्य समुदाय और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर  महिलाएँ आत्मनिर्भर बन सकें।     पारदर्शिताऔरनिगरानी:     लाडली बहना आवास योजना की पारदर्शिता और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग किया जाएगा।     लाभार्थियों और योजनाओं की कड़ी निगरानी के लिए नियमित समीक्षा की जाएगी। Ladli Behna Awas Yojana Apply कैसे करें? यदि आप भी इस लाड़ली बहना योजना का लाभ प्राप्त करना चाहती है और आपके पास कच्चा मकान है तो आप लाड़ली बहना आवास योजना के … Read more

नक्सलियों ने मुखबिरी का आरोप लगाकर ग्रामीण को उतारा मौत के घाट

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने जनअदालत लगाकर ग्रामीण को मौत के घाट उतारा है. पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर भैरमगढ़ एरिया कमेटी के नक्सलियों ने वारदात को अंजाम दिया गया है. यह मामला जांगला थाना क्षेत्र का है. बीजापुर पुलिस ने बताया कि जांगला इलाके में नक्सलियों ने जनअदालत लगाकर माटवाड़ा के ग्रामीण माड़वी दुलारू की हत्या की है. घटना की सूचना मिलते पर थाना जांगला का बल घटना की तस्दीक के लिए रवाना कर दी गई है. recent visitors 62

सीएम भजनलाल, डोटासरा, हनुमान और रोत की दांव पर प्रतिष्ठा, राजस्थान में क्लीन स्वीप के दावों के बीच कल मतदान

जयपुर. राजस्थान में कल यानी बुधवार को उपचुनाव के लिए मतदान होगा। इसके बाद प्रदेश में स्थानीय निकाय के चुनाव होने हैं। इसलिए उपचुनाव के नतीजे अहम हैं। बीजेपी ने उपचुनावों में पूरी ताकत झोंकी है। अपने तमाम मंत्री, विधायक और संगठन को चुनावी मैदान में झोंक दिया। कांग्रेस चुनावी प्रचार में वैसी आक्रामकता नहीं दिखा पाई। चुनावी परिणाम 23 नवंबर को जारी होंगे। हालांकि, नतीजे जो भी हों राजस्थान विधानसभा में सरकार की स्थिति पर कोई असर आने वाला नहीं है। लेकिन इसके बाद भी बीजेपी ने अपने सारे चुनावी घोड़े मैदान में दौड़ा दिए। इसकी वजह है प्रतिष्ठा। बीजेपी में यह चुनाव सीएम भजनलाल शर्मा के चेहरे पर हो रहे हैं। कांग्रेस की जीत-हार प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का कद तय करेगी। वहीं, क्षेत्रीय पार्टियों में आएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल और बीएपी सांसद राजकुमार रोत के लिए भी उपचुनाव अस्तित्व की लड़ाई बन चुका है। हालांकि, ये दोनों ही नेता चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। लेकिन मुकाबला इन्हीं चेहरों के इर्द-गिर्द लड़ा जा रहा है। सीएम भजनलाल शर्मा: यह उपचुनाव मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है। हालांकि, उनके सीएम बनने के बाद प्रदेश में लोकसभा चुनाव हो चुके हैं। लेकिन तब सरकार बिल्कुल नई थी। यही वजह रही कि लोकसभा चुनावों में 11 सीटें हारने का ठीकरा संगठन पर फूट गया। लेकिन अब सरकार को काम करते हुए करीब एक साल हो गया है। सरकार अपने चुनावी वादों में से भी ज्यादातर पूरे होने का दावा कर रही है। राइजिंग राजस्थान जैसी बड़ी निवेश समिट करवाई जा रही है। इसलिए उपचुनाव में जनता का मतदान सरकार के काम पर मुहर होगा। अकेले पड़े गोविंद सिंह डोटासरा पूरे उपचुनाव के दौरान प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ही कांग्रेस में सबसे सक्रिय नजर आए। कांग्रेस में प्रदेश स्तरीय नेताओं की संख्या कम नहीं है। लेकिन जहां भाजपा के नेताओं को चुनाव क्षेत्रों में प्रवास तक करवाया गया। वहीं, कांग्रेस के नेता प्रचार के लिए भी नहीं पहुंचे। पूर्व सीएम अशोक गहलोत सिर्फ दौसा और देवली-उनियारा की नामांकन सभाओं में पहुंचे। इसके बाद वे पूरी तरह महाराष्ट्र चुनावों में लग गए। वहीं, सचिन पायलट सिर्फ दौसा, देवली-उनियारा और झुंझुनूं पहुंचे। ये तीनों ही सीटें उनके कैंप के नेताओं से जुड़ी मानी जाती हैं। वहीं, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पूरी तरह सिर्फ अलवर की रामगढ़ सीट पर ही सक्रिय दिखे। इस लिहाज से यदि चुनाव नतीजे कांग्रेस के पक्ष में आते हैं तो डोटासरा का कद काफी बढ़ जाएगा। खींवसर: पूरा चुनाव हनुमान पर फोकस खींवसर में त्रिकोणीय मुकाबला है। बीजेपी-कांग्रेस और आरएलपी के प्रत्याशियों के बीच टक्कर है। हनुमान बेनीवाल के लोकसभा में जाने के बाद यह सीट खाली हुई है। इस उपचुनाव में उन्होंने अपनी पत्नी कनिका बेनीवाल को उतारा है। लेकिन यहां के चुनावों को यदि कम शब्दों में समझा जाए तो यह हनुमान की जीत और हार का चुनाव है। इसके अलावा यहां कोई बड़ी चर्चा नहीं है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों का टारगेट हनुमान बेनीवाल ही हैं और वे अकेले मुकाबले में अपनी जीत के रिकॉर्ड के साथ डटे हैं। राजकुमार रोत: वागड़ की लड़ाई भारत आदिवासी पार्टी डूंगरपुर-बांसवाड़ा की चौरासी और उदयपुर की सलूंबर सीट से चुनाव लड़ रही है। लेकिन इसके पीछे जो चेहरा है, वह राजकुमार रोत का है। राजकुमार रोत लोकसभा में बीजेपी नेता महेंद्रजीत मालवीय को हराकर वागड़ में आदिवसियों के बीच विश्वास बना चुके हैं और जिन दो सीटों पर बीएपी उपचुनाव लड़ रही है, उसमें रोत की साख सबसे ज्यादा दावं पर लगी है। recent visitors 78

पीएम मोदी और धीरेंद्र शास्त्री के बीच मुलाकात हुई. इस दौरान दोनों नेताओं ने हाथ जोड़कर एक-दूसरे का अभिवादन किया

नई दिल्ली बीजेपी सांसद अनिल बलूनी के दिल्ली स्थित आवास पर उत्तराखंड का इगास पर्व रात को मनाया गया. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई वीवीआईपी लोग शामिल हुए. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे. पीएम मोदी और धीरेंद्र शास्त्री के बीच मुलाकात भी हुई. इस दौरान दोनों नेताओं ने हाथ जोड़कर मुस्कराते हुए एक-दूसरे का अभिवादन किया. अनिल बलूनी के आवास पर मनाए गए इस पर्व में बाबा रामदेव, जूना अखाड़ा के पीठाधीश्वर अवधेशानंद जी महाराज, बागेश्वर बाबा पंडित धीरेंद्र शास्त्री समेत अन्य संत भी पहुंचे थे. इसके अलावा देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे. PM मोदी ने उत्तराखंडवासियों को दी बधाई   प्रधानमंत्री मोदी ने भी इगास पर्व के लिए उत्तराखंड के लोगों को बधाई दी. उन्होंने कहा, "दिल्ली में आज मुझे भी उत्तराखंड से लोकसभा सांसद अनिल बलूनी जी के यहां इस त्योहार में शामिल होने का सौभाग्य मिला. मेरी कामना है कि यह पर्व हर किसी के जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली लाए."   अनिल बलूनी ने PM मोदी को कहा शुक्रिया उत्तराखंड के इस पर्व में शामिल होने के लिए गढ़वाल से बीजेपी सांसद अनिल बलूनी ने प्रधानमंत्री मोदी समेत सभी दिग्गजों का आभार जताया. उन्होंने पीएम का आभार जताते हुए कहा कि हम उत्तराखंडवासियों के लिए आज का दिन बहुत विशेष है. मेरे दिल्ली स्थित आवास पर आयोजित इगास के कार्यक्रम को आपकी उपस्थिति ने विराट भव्यता ही नहीं दी, बल्कि लगभग लुप्त हो चुके हमारे इस लोकपर्व के आयोजन को नई पहचान भी दी. दीपावली के बाद उत्तराखंड में मनाया जाता है इगास बग्वाल उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में दीपावली के ठीक 11 दिन बाद एक पर्व मनाया जाता है, जिसे इगास बग्वाल कहा जाता है. इगास बग्वाल न सिर्फ उत्तराखंड का पारंपरिक पर्व है, बल्कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति का प्रतीक भी है. उत्तराखंड में इगास बग्वाल को मनाने की पीछे एक कहानी काफी प्रचलित है. ऐसा कहा जाता है कि गढ़वाल में भगवान श्रीराम के वनवास के बाद अयोध्या लौटने का समाचार देरी से पहुंचा था और पहाड़ में लोगों ने तभी दीपावली मनाई थी. ये त्योहार देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर माना जाता है. इसकी दूसरी पहचान बूढ़ी दीपावली के नाम से भी है. इगास पर्व में मुख्य आकर्षण का केंद्र मशाल होती है. इसमें चीड़ की लकड़ी से बनी मशाल जलाई जाती है. जिसे भैलो कहा जाता है. इस दौरान लोग गीतों और नृत्य का आनंद लेते हैं. recent visitors 104

कबड्डी को मिल रही नई पहचान, छत्तीसगढ़-बिलासपुर कबड्डी संघ के अध्यक्ष बने जीवन मिश्रा

बिलासपुर. प्रो कबड्डी शुरू होने के बाद एक बार फिर देश के युवाओं में कबड्डी को लेकर आकर्षण बढ़ा है. छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के नव निर्वाचित पदाधिकारियों ने कार्यभार ग्रहण करने के साथ कबड्डी को गांव-गांव तक पहुंचाकर इस खेल की पुरानी प्रसिद्धि वापस लौटाने का प्रयास शुरू कर दिया है. बिलासपुर जिला कबड्डी संघ के अध्यक्ष की कमान जीवन मिश्रा को सौंपी गई है, जिसके बाद जिले में इस खेल के साथ ही खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिल रहा है, युवा खिलाड़ी इस खेल से जुड़कर अपना भविष्य संवारने में लगे हुए हैं. बिलासपुर कबड्डी संघ द्वारा जिले के कबड्डी खिलाड़ियों को खेल सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है, साथ ही प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन कर उन्हें प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. कबड्डी संघ के जीवन मिश्रा के नेतृत्व में बिलासपुर जिले में कई कबड्डी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है. इन प्रतियोगिताओं ने जिले के खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा करने का एक मंच मिल रहा है. कबड्डी खेल के प्रचार-प्रसार के लिए भी कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. स्कूलों और कॉलेजों में कबड्डी के बारे में जागरूकता फैलाई है. ताकि इस खेल को लेकर युवा खिलाड़ियों की भ्रांतियों को दूर कर नए खिलाड़ियों को कबड्डी से जोड़ा जा सके. recent visitors 165

प्रदीप टंडन PHDCCI की राज्य परिषद के चेयरमैन नियुक्त हुए

नई दिल्ली चैंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज जो पिछले 119 वर्षों से भारतीय उद्योग, व्यापार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार मुख्य स्त्रोत के रूप में काम कर रहा है। जिंदल स्टील एंड पॉवर लिमिटेड के प्रेसिडेंट प्रदीप टंडन राज्य परिषद के चेयरमैन नियुक्त हुए है । चैम्बर दूरदर्शी, सक्रिय ,गतिशील एवं अखिल भारतीय शीर्ष संगठन है,जोकि उद्योग की प्रगति के लिए सरकार के साथ भागीदार के रूप मे कार्य करता है।PHDCCI भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रगति, सदभाव और एकीकृत विकास को बढ़ावा देने के लिए मजबूत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के साथ जमीनी स्तर पर काम करता हैं, ये संगठन भारतीय अर्थव्यवस्था को अगले स्तर पर ले जाने के लिए कई क्षेत्रों में 1,50,000 से अधिक छोटे बड़े एवम मध्यम उद्योगों से जुड़ा हुआ है.   PHDCCI भारत और विदेशों में दूतावास और हाय कमीशन के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं और व्यावसायिक अवसरों को लाने के लिए भी काम कर रहा हैं। PHDCCI का अंतरराष्ट्रीय कार्यालय बहरीन में 6 जीसीसी देशों के लिए स्थापित है। PHDCCI ने पार्टियों के बीच हस्ताक्षरित 100 से अधिक समझौता ज्ञापनों के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उद्योग संघों और संगठनों को सहयोजित किया हैं। देश में क्षमता निर्माण की दिशा में अपने प्रयास में पीएचडी चैंबर जर्मनी के कोनराड एडेनायर फाउंडेशन के सहयोग से केंद्रित उद्यमशीलता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित भी करता हैं। चैंबर का मुख्यालय दिल्ली में हैं और उसके क्षेत्रीय कार्यालय तमिलनाडु,उड़ीसा और पश्चिम बंगाल को छोड़कर सभी राज्यों में स्थापित है। recent visitors 86