Saturday, July 11, 2026 7:34 am

समसामयिक और जरूरी चेतावनी है ‘बंटोगे तो कटोगे’, राजस्थान-जयपुर में जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने किया आगाह

जयपुर. जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने मंगलवार को राजधानी जयपुर में बड़ा बयान दिया। महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनावों में बीजेपी के जिस बंटोगे तो कटोगे नारे की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, उसे लेकर रामभद्राचार्य ने कहा कि ये बातें समसामयिक हैं और सत्य हैं। हमें बंटना नहीं है। चाहे पंथ अनेक हों, हम सब हिंदू एक हों। जब हम सब एक होकर रहेंगे, हमारा कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता। जैसे एक अंगुली एक होती है तो कोई भी तोड़ देता है, लेकिन जब ये मिलकर मुक्का बन जाती है तो तोड़ने वाले के दांत टूट जाते हैं। गौरतलब है कि बीते चार दिनों में रामभद्राचार्य ने पीओके, पाकिस्तान और कश्मीर को लेकर लगातार बयान दिए हैं। दो दिन पहले उन्होंने जयपुर में श्रीराम कथा के दौरान कश्मीर में धारा-370 और पाकिस्तान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि धारा-370 की बात मत करो, थोड़े दिन में ही पाक अधिकृत कश्मीर भी हमारा होगा। अब वह दिन दूर नहीं, जब विश्व के नक्शे से पाकिस्तान का नामो निशान मिट जाएगा। उन्होंने कहा, कश्मीर हमारा है। हमारे देश का अभिन्न अंग है। इसे देश से कोई अलग नहीं कर सकता। कश्मीर भारत का सिरमौर है। भारत माता आप चिंता मत करिए। जब तक जगदगुरु रामभद्राचार्य का यह त्रिदंड रहेगा। भारत की ओर कुदृष्टि रखने वालों की आंख निकाल कर रख दी जाएगी। उन्होंने कहा, भगवान राम ने देश को एक करने का काम किया था। पहले प्रधानमंत्री ने देश को बांटने का काम किया उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का नाम लिए बिना कहा, हमारे देश का दुर्भाग्य देखिए कि पहले प्रधानमंत्री ने देश को बांटने का काम कर दिया। जो कश्मीर हमारे भारत का मुकुट मणि है। ऋषि कश्यप की जन्मस्थली है। इस कश्मीर में भगवान शिव अमरनाथ के रूप में विराजित हैं। माता वैष्णो का जहां धाम है। उस कश्मीर को आधा कर दिया। कश्मीर का आधा हिस्सा पाकिस्तान को दे दिया, जो बचा उसमें धारा-370 लगवा दी। recent visitors 117

रिपोर्ट आई सामने, चैंपियंस ट्रॉफी के लिए अगर पाकिस्तान नहीं हुआ राजी तो फिर इस देश में खेली जा सकती है

नई दिल्ली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेजबानी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी के पास है। पीसीबी की मुश्किलें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने बढ़ा रखी हैं। बीसीसीआई ने आईसीसी के जरिए पाकिस्तान पर दबाव बनाया है कि फरवरी-मार्च में खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट को हाइब्रिड मॉडल पर आयोजित किया जाए। भारतीय टीम अपने मैच दुबई में खेले और बाकी के मैच पाकिस्तान में आयोजित किए जाएं। हालांकि, पाकिस्तान इसके लिए फिलहाल राजी नहीं है। यहां तक कि रिपोर्ट्स आ रही हैं कि भारतीय टीम के पाकिस्तान नहीं आने पर पाकिस्तान टूर्नामेंट की मेजबानी करने से पीछे हट सकता है। अगर ऐसा होता है तो फिर एक नए देश को टूर्नामेंट की मेजबानी करने का मौका मिल सकता है। दरअसल, क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई ने ईमेल के जरिए आईसीसी को सूचित किया है कि भारतीय टीम चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान नहीं जाएगी। सुरक्षा कारणों से भारत सरकार भी इसके पक्ष में नहीं होगी। ऐसे में टूर्नामेंट हाइब्रिड मॉडल पर आयोजित किया जाए। आईसीसी ने ये ईमेल पीसीबी को भेज दिया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इसके लिए तैयार नहीं है। उधर, पाकिस्तान सरकार ने पीसीबी पर दबाव डाला है। रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि पाकिस्तान सरकार ने बोर्ड से कहा है कि अगर भारतीय टीम पाकिस्तान नहीं आती है तो वे टूर्नामेंट की मेजबानी को छोड़ सकते हैं। सरकार की ओर से ये भी संकेत मिला है कि पाकिस्तान को हाइब्रिड मॉडल पर भी टूर्नामेंट को आयोजित करने के लिए राजी नहीं होना चाहिए। ऐसे में अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट की मेजबानी करने से पीछे हटता है तो फिर पूरा टूर्नामेंट साउथ अफ्रीका में आयोजित हो सकता है। क्यों बन सकता है साउथ अफ्रीका मेजबान? अगर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी से पीछे हटा तो फिर साउथ अफ्रीका में इस टूर्नामेंट का आयोजन इसलिए भी हो सकता है, क्योंकि वही सभी के लिए एक अच्छा विकल्प होगा। फरवरी के पहले सप्ताह में वहां एसए20 लीग खत्म हो जाएगी और उसके बाद चैंपियंस ट्रॉफी वाली विंडो खाली होगी। इसके अलावा साउथ अफ्रीका में लंबे समय से कोई आईसीसी इवेंट आयोजित नहीं हुआ तो ये एक अच्छा विकल्प आईसीसी के लिए भी हो सकता है। हालांकि, 2027 के वनडे विश्व कप की संयुक्त मेजबानी साउथ अफ्रीका को जिम्बाब्वे के साथ मिलकर करनी है। recent visitors 68

मतदान दल रवाना, राजस्थान-टोंक की देवली-उनियारा सीट के 3 लाख मतदाता डालेंगे वोट

टोंक. 11 नवंबर की शाम 6 बजते ही चुनावी शोर पूरी तरह से थम गया। अब प्रत्याशी मतदाताओं के घर-घर जाकर दर पर वोट की अपील कर रहे हैं। जिले की देवली-उनियारा विधानसभा सीट पर के लिए 13 नवंबर को मतदान होना है, जिसके लिए जिला निर्वाचन अधिकारी डॉक्टर सौम्या झा ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। आज मतदान दलों को इस संबंध में पीजी कॉलेज में प्रशिक्षण दिया गया है। 13 नवंबर को होने वाले मतदान को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न करवाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. सौम्या झा ने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मतदान दलों को दिए जाने वाले तृतीय प्रशिक्षण एवं मतदान केंद्रों पर रवानगी को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। देवली-उनियारा के मतदान दलों को तृतीय प्रशिक्षण के उपरांत राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय टोंक से मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया जा रहा है। तृतीय प्रशिक्षण के दौरान ईवीएम व मतदान से संबंधित अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई है। 13 नवंबर को 307 पोलिंग बूथों पर मतदान कराने के लिए 1472 मतदान कर्मियों को नियुक्त किया गया है। यहां करीब 3 लाख 2 हजार 743 मतदाता अपने मताधिकार उपयोग करेंगे, जिनमें 1 लाख 55 हजार 958 पुरुष, 1 लाख 46 हजार 784 महिला एवं एक ट्रांसजेंडर मतदाता अपना वोट डालेंगे। देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र में 10 आदर्श मतदान केंद्र बनाए गए हैं। साथ ही युवा, महिला एवं इको फ्रेंडली 8-8 एवं एक दिव्यांग मतदान केंद्र स्थापित किया गया है। वेब कास्टिंग के लिए 169 मतदान केंद्रों को चिन्हित किया गया है। एरिया व सेक्टर मजिस्ट्रेट रखेंगे निगरानी विधानसभा उपचुनाव-2024 को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए 45 माइक्रो ऑब्जर्वर, 30 सेक्टर अधिकारी एवं 7 एरिया मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। 169 पोलिंग बूथों पर वेब कास्टिंग की जाएगी। इसके साथ ही क्रिटिकल मतदान केंद्रों पर रहेगी विशेष नजर, सुरक्षा की पूरी व्यवस्था रहेगी। जिले के चिन्हित 90 क्रिटिकल मतदान केंद्रों पर सुरक्षा की दृष्टि से सीएपीएफ की टीम के साथ-साथ पर्याप्त पुलिस जाप्ते की व्यवस्था भी की गई है। recent visitors 103

ऑनलाइन फूड डिलीवरी में बड़ी लापरवाही,डिलीवरी में धारदार ब्लेड निकली

बड़वानी  ऑनलाइन फूड डिलीवरी के मामलों में अब तक आपने कीड़े-मकोड़े निकलने की घटनाएं ही सुनी होंगी, लेकिन तब क्या हो जब आपके खाने के पार्सल में धारदार ब्लेड निकल आए। जी हां! मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा में एक होटल के पार्सल में शेविंग ब्लेड निकलने से हड़कंप मच गया है। अस्पताल में मंगाया था पार्सल दरअसल, कृषि उपज मंडी सेंधवा में कार्यरत कर्मचारी कल्पना गोयल ने पत्रकारों को बताया कि आज उन्होंने राजकमल होटल से दो पार्सल बुलवाए थे। उन्होंने बताया कि उनकी मां बीमार है और उन्हें देखने परिवार के अन्य सदस्य भी आए थे। इसलिए अस्पताल में ही दो पार्सल बुलवाए गए थे। एक पार्सल का खाना खाकर दूसरा खोला तो… उन्होंने आरोप लगाया कि एक पार्सल का भोजन समाप्त करने के बाद जब दूसरा पार्सल खोला गया तो चावल के डब्बे में शेविंग ब्लेड निकली। यह देखकर सभी घबरा गए और उन्होंने आगे का भोजन नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि होटलों में सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता और इतनी खतरनाक चीज जानलेवा हो सकती थी। उन्होंने कहा कि अभी तक तो कीड़े मकोड़े ही निकल रहे थे। अब ये सब चीजें निकलने लगी हैं। होटल संचालक ने पेश की सफाई उधर इस पूरे मामले में होटल संचालक ने अपनी सफाई पेश की है। भोजनालय के संचालक योगेश जोशी ने बताया कि उन्हें समझ में नहीं आ रहा कि यह घटना कैसे हुई है। उन्होंने कहा कि चावल रखने का कंटेनर काफी छोटा था और चावल हाथ से ही भरे जाते थे। यदि ब्लेड होता तो यह रखने वाले के हाथ में भी लग जाता। फिर भी उन्होंने घटना पर खेद प्रकट किया है। फिलहाल मंडी कर्मचारी ने प्रशासन से मामले में कार्रवाई की मांग की है। हालांकि उन्होंने कहीं शिकायत नहीं की है। recent visitors 80

आज से चमक इन राशियों की किस्मत

सृष्टि के रचयिता श्री हरि विष्णु की कृपा से जीवन में सुख और आनंद आता है। भगवान विष्णु की पूजा के लिए गुरुवार को एकादशी और चातुर्मास को महत्वपूर्ण माना जाता है। चातुर्मास वह अवधि है जब भगवान चार महीने तक योग निद्रा में रहते हैं। आज यानी देवउठनी एकादशी पर शश राजयोग और सर्वार्थ सिद्धि योग का सुंदर संयोग बना। यह एक अत्यंत दुर्लभ योग है जिसमें देवउठनी एकादशी पर शनि अपनी मूलत्रिकोण राशि कुंभ में गोचर करते हुए शश राजयोग बना रहे हैं। 4 दिन बाद शनि भी इसी राशि में मार्गी हो जाएंगे। इस शुभ संयोग से भगवान विष्णु चातुर्मास की योग निद्रा से जागते हैं। जो लोग नियमित रूप से भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, उन पर हमेशा नारायण की कृपा बनी रहती है। हालांकि, कुछ राशियां ऐसी  भी हैं जिन पर भगवान विष्णु की कृपा हमेशा बनी रहती है । आइए जानते हैं कौन सी है श्री हरि विष्णु की प्रिय राशियां। वृषभ राशि इस राशि का स्वामी शुक्र ग्रह शुक्र है। इसलिए इस राशि के जातकों पर हमेशा भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है और वे जीवन में हर तरह की खुशियां हासिल कर सकते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आप महिलाओं का सम्मान करें और साफ-सफाई बनाए रखें। कर्क राशि कर्क राशि भगवान विष्णु की सबसे लोकप्रिय राशि है क्योंकि यह चंद्रमा की राशि है। भगवान विष्णु की राशि भी कर्क है।  इसलिए कर्क राशि सभी 12 राशियों में सबसे अच्छी राशि मानी जाती है और इस पर श्रीहरि का आशीर्वाद भी है। भगवान विष्णु की कृपा से इन्हें समाज में सम्मान और शिक्षा में सफलता मिलती है। सिंह राशि सिंह राशि के स्वामी ग्रह सूर्य हैं। वैदिक ज्योतिष में भगवान विष्णु को  अधिष्ठाता देवता सूर्य नारायण का बताया गया है। सूर्य सर्वोच्च सत्ता के रूप में विष्णु हैं और उपनिषदों में उन्हें सूर्य का निवासी आदित्य पुरुष कहा गया है। सूर्य से संबंधित होने के कारण सिंह राशि भी भगवान विष्णु के पसंदीदा नक्षत्रों में से एक है। श्रीहरि की कृपा से सिंह राशि के लोग अपने कार्यों में सफलता प्राप्त करते हैं और अपने प्रयासों से नई ऊंचाइयां हासिल करते हैं। तुला राशि तुला राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है। शुक्र न केवल प्रेम का ग्रह है, बल्कि आध्यात्मिक ग्रह भी है। इसके अलावा इस ग्रह को भगवान विष्णु की पत्नी मां लक्ष्मी का घर भी माना जाता है। माता लक्ष्मी से संबंध होने के कारण तुला राशि को भगवान विष्णु की सबसे लोकप्रिय राशि माना जाता है। इस राशि के लोग अच्छे चरित्र वाले होते हैं और जीवन में सुख और सम्मान प्राप्त करते हैं। recent visitors 63

आसमां में उड़ने का रखते हैं ख्वाब तो पायलट बन चमकाएं कॅरियर, मिलेगी अच्छी सैलरी

अक्सर आसमान में उड़ते हवाई जहाज को देखकर लोगों के मन में आसमान मापने का सपना होता है। अधिकतर लोग पायलट बनकर आसमान में ऊंची उड़ान भरने का सपना देखते हैं। हालांकि आज के समय में कॅरियर के लिहाज से युवाओं के पास कई तरह के ऑप्शन होते हैं। जिसमें वह डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स कर आगे बढ़ सकते हैं। तो वहीं कई युवा ऐसे में हैं, जो पायलट बनने का ख्वाब देखते हैं। अगर आपका लक्ष्य क्लियर होता है, तो आपको सिर्फ इस ओर बढ़ने की जरूरत होती है। ऐसे में अगर आप भी पायलट बनकर अपना भविष्य चमकाना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस फील्ड में बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। वर्तमान समय में एविएशन इंडस्ट्री में तेजी से ग्रोथ हो रही है। साथ ही इस फील्ड में अवसरों की भरमार है। ऐसे करें पायलट बनने की तैयारी पायलट बनने के लिए आपको 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्य के साथ कम से कम 50 फीसदी अंको से पास होना चाहिए। जिसके बाद आपको किसी एविएशन संस्थान में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम पास करना होगा। फिर आपको इंटरव्यू औऱ मेडिकल टेस्ट में पास होना होता है। सभी प्रोसेस में सफल होने के बाद संस्थान में एडमिशन मिलता है। जहां पर आपको प्लेन से जुड़ी बारीकियां सिखाने के साथ प्लेन उड़ाने की पूरी ट्रेनिंग दी जाएगी। एयरफोर्स में बनें पायलट अगर आप इंडियन एयरफोर्स में पायलट बनने का ख्वाब देख रहे हैं, तो आपको 12वीं पास करने के बाद एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट, एनसीसी स्पेशल एंट्री स्कीम एग्जाम और यूपीएससी एनडीए एग्जाम क्लियर करना होगा। जिसके बाद इंडियन एयरफोर्स कैंडिडेट्स को ट्रेनिंग देती है। वहीं इंडियन एयरफोर्स में पायलट बनने के लिए आप कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज एग्जाम भी दे सकते हैं। हालांकि इस एग्जाम के लिए आपको साइंस स्ट्रीम से 12वीं या फिर बीई/बीटेक की डिग्री होनी चाहिए। कमर्शियल पायलट बता दें कि 12वीं की पढ़ाई के बाद आप एविएशन संस्थान से ट्रेनिंग लेकर बतौर कॉमर्शियल पायलट अपना कॅरियर बना सकते हैं। इसके लिए ट्रेनिंग पीरियड 18-24 महीने का होता है। फिर कमर्शियल पायलट के लिए आपको रिटेन एग्जाम और फिटनेस टेस्ट देना होता है। इन दोनों चीजों को क्लीयर करने के बाद आपको कमर्शियल पायलट बनने की योग्यता हासिल हो जाती है।   recent visitors 125

4 महीने बाद आज से फिर शुरू होंगे मांगलिक कार्य, राजस्थान-केकड़ी में दो महीनों में होंगी 2000 शादियां

केकड़ी. जिले में मंगलवार को देवउठनी एकादशी से शादी वाले परिवारों में मांगलिक आयोजन शुरू हो चुके हैं। तुलसी विवाह के बाद से शादियों का शुभ मुहूर्त शुरू हो जाता है। विवाह आयोजन से पहले हल्दी, मेहंदी व कलश लाने की रस्में की जाती हैं। बाजार में कपड़े, बर्तन, जेवर, सजावट, खाद्य सामग्री, टेंट, फूल माला सहित अन्य की बिक्री बढ़ने से व्यापारी उत्साहित नजर आ रहे हैं। शहर के लोगों सहित ग्रामीण क्षेत्रों से सामान खरीदने आए लोगों से बाजारों में अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिल रही है। नवंबर-दिसंबर में 18 दिन शादी सहित अन्य मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त हैं। विवाहों के लिए केकड़ी शहर सहित जिले में 150 से भी ज्यादा समारोह स्थल व होटल रिसोर्ट आने वाले दो माह के लिए एडवांस में बुक हैं। वहीं पुष्कर के भी लगभग हर बड़े होटल-रिसोर्ट एडवांस बुक हैं। पुष्कर इन दिनों राजस्थान के हॉट वेडिंग डेस्टिनेशंस में शामिल है। गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, एमपी, यूपी ही नहीं बल्कि दूसरे देशों में रहने वाले अप्रवासी भारतीय भी यहां विवाह समारोह के लिए आ रहे हैं। बुकिंग्स को देखकर कहा जा सकता है कि पिछले सालों की तुलना में इस बार विवाह से जुड़े सेग्मेंट वाले बाजारों में 35 प्रतिशत तक इजाफे की उम्मीद है। इस बार विवाह के मुहूर्त पिछले साल से ज्यादा हैं। जिले में नवंबर-दिसंबर माह में ही करीब 2000 से ज्यादा शादियां होने का अनुमान है। क्षेत्र के सबसे बड़े मोदी टेंट हाउस के संचालक व शादी समारोहों के एनसाइक्लोपीडिया माने जाने वाले युवा कारोबारी व समाजसेवी निरंजन मोदी ने बताया कि लोगों ने नवरात्र के पहले से ही जगह बुक कराना शुरू कर दिया था। वहीं टेंट और कैटरिंग की भी एडवांस बुकिंग हो चुकी है। इवेंट मैनेजर्स का कहना है कि विवाह आयोजन के लिए इवेंट कंपनियां भी पहले से बुक हैं। 25 लाख से लेकर इससे ज्यादा तक के पैकेज इन इवेंट कंपनियों के पास हैं। उन्होंने बताया कि अब शादियों में दुल्हा-दुल्हन की एंट्री भी काफी यूनिक होने लगी है। इस बार भी परंपरागत तरीकों के अलावा कई दूल्हा-दुल्हन ने स्कूटर एंट्री, बुलेट एंट्री, डांस करते हुए एंट्री की प्लानिंग की है। मैरिज गार्डन में फूलों की सजावट, ट्रेवल, टेंट, मैरिज गार्डन, इवेंट, डेकोरेशन, कैटरिंग, गार्डन, होटल, हलवाई, लाइटिंग, घोड़ा, बैंड बाजा, ब्यूटी पार्लर, फोटोग्राफी, वीडियो शूटिंग, किराणा, ज्वैलरी, रेडीमेड कपड़े, क्रॉकरी, दूल्हा दुल्हन एंट्री सेटअप वाली अधिकतर व्यवस्थाएं बुक की जा चुकी हैं। शुभ मुहूर्त— पंडितों के अनुसार नवंबर-दिसंबर में शादियों के लिए देवउठनी एकादशी सहित 16, 17, 18, 22, 23, 24, 25, 26 नवंबर को और दिसंबर में 2, 3, 4, 5, 9, 10, 11, 13, 14 और 15 तारीख को शुभ मुहूर्त हैं। recent visitors 89