मुस्लिम कानून के तहत, ससुर को अपने मृत बेटे की विधवा को गुजारा भत्ता देने की जरूरत नहीं – हाईकोर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक ससुर की याचिका पर सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला सुनाया है और बड़ी टिप्पणी की है. मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर पीठ ने दोहराया है कि मुस्लिम कानून के तहत, ससुर को अपने मृत बेटे की विधवा को वित्तीय सहायता करने की जरूरत नहीं है. ऐसा करते हुए हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट और सत्र अदालतों के आदेशों को रद्द कर दिया, जिसमें याचिकाकर्ता ससुर को उसकी मृत्यु के बाद अपनी बहू को मासिक गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया गया था. शिवपुरी की अदालत ने ससुर के खिलाफ दिया था फैसला दरअसल, शिवपुरी की एक अदालत ने आदेश दिया था कि ससुर अपनी विधवा बहू को हर महीने 3000 रुपये का गुजारा भत्ता देंगे. पूरा मामला शरीफ बनाम इशरत बानो का है. इशरत की शादी साल 2011 में 14 जून को हुई थी. साल 2015 में 30 जून को शरीफ की मौत हो गई. इसके बाद इशरत ने अपने ससुर बशीर खान के खिलाफ शिवपुरी की मजिस्ट्रेट कोर्ट में घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया. बहू ने मांगे थे 40 हजार रुपए प्रतिमाह इशरत ने अपने ससुर से 40 हजार रुपये हर महीने गुजारा भत्ता देने की मांग की थी. साल 2021 में 9 फरवरी को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अपने फैसले में बशीर खान को अपनी विधवा बहू को 3,000 रुपये हर महीने देने को कहा. इसके बाद बशीर खान ने एडीजे कोर्ट में अपील की, जहां 2022 में 21 जनवरी को निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा गया. इसके बशीर खान हाईकोर्ट पहुंचे. बशीर के वकील अक्षत जैन ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के मुताबिक एक पिता को अपने बेटे की विधवा को भरण-पोषण देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है. क्या कहता है हिंदू मैरिज एक्ट हालांकि हिंदू मैरिज एक्ट में यह कानून ठीक उलटा है. एक्ट के तहत विधवा बहू अपने ससुर से भरण-पोषण का दावा कर सकती है. लेकिन इसके लिए कुछ शर्त भी हैं. जैसे कि विधवा बहू अपनी कमाई या संपत्ति से अपना भरण-पोषण ना कर पाती हो. विधवा बहू के पास कोई संपत्ति ना हो. विधवा बहू के पति, पिता या माता की संपत्ति हो. विधवा बहू का कोई बेटा या बेटी हो. हिंदू महिला को दूसरी शादी के बाद भी संपत्ति का हक इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुताबिक अगर विधवा बहू अपने ससुराल में नहीं रहती है तो भी वह ससुर से भरण-पोषण का दावा कर सकती है. इसके अलावा आपको बता दें कि हिंदू विधवा महिला यदि दूसरी शादी भी कर लेती है तो उसका अपने पहले पति की संपत्ति का पूरा अधिकार होगा. कर्नाटक हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाया था. कोर्ट का कहना था कि अगर कोई विधवा महिला दोबारा शादी करती है तो अपने मृत पति के संपत्ति से उसका हक खत्म नहीं होगा. recent visitors 90

फराह खान पहुंचीं अंकिता लोखंडे के ससुराल, सासु मां ने बयां की अपनी चाहत

मुंबई फराह खान इन दिनों अपने यूट्यूब पर खूब चर्चा में हैं। वो अक्सर किसी न किसी यूट्यूबर के घर पहुंचा करती हैं और वहां से उनके खाने-पीने की रेसिपी शेयर किया करती हैं। हालांकि, खाने-पीने के नाम पर ये सिलेब्रिटीज की लाइफ से जुड़ी खट्टी-मीठी बातें ही शेयर किया करती हैं। इस बार फराह अंकिता लोखंडे के ससुराल पहुंचीं, जहां विक्की जैन की मां ने उनका जोकरदार स्वागत किया। इसी वीडियो में फराह ने अंकिता की ससासु मां से एक सवाल किया, जिसका जवाब सुनकर लोगों ने माथा पकड़ लिया। 'कोई हमसे पूछे न कि आप अंकिता से क्या चाहती हो। तो हरी-भरी घूमती रहो विक्की के चारों ओर।' इसपर फराह खान ने कहा- बस, विक्की के चारों ओर और विक्की न घूमे उसके चारों ओर! खाना छोड़कर बीच में उठ गईं अंकिता लोखंडे इसपर विक्की ने कहा, 'ये तो ऑप्शन ही नहीं है, मतलब यहां तो ऑप्शन है ही नहीं। रहना ही यही है।' इसके तुरंत बाद अंकिता खाने की प्लेट छोड़कर खड़ी हो जाती हैं और कहती हैं- मेरे दांतों में कुछ फंस गया है मैं देखकर आती हूं। लोगों ने कहा- आंटी जी रियल वैम्प इस वीडियो पर लोगों ने खूब सारे कॉमेंट भी किए हैं। एक ने कहा- अंकिता इन लोगों को इतना प्यार करती हैं और ये लोग…। एक और ने कहा- आंटी जी रियल वैम्प। वहीं कुछ ने सवाल किया है- ये प्रेग्नेंट हैं क्या? वहीं काफी लोगों को ये बातें शॉकिंग लग रही हैं। 'बिग बॉस' की वजह से रिश्ता और हुआ मजबूत इस वीडियो में फराह खान आगे कहती हैं- अभी अंकिता चली गई, अब सच बताओ। ये सुनते ही सभी ठहाके मारकर हंस पड़े। इसी दौरान फराह ने उनसे पूछा कि आपलोग 'बिग बॉस' में गए थे,क्या इसे लेकर खुश हैं? इसपर अंकिता ने कहा- हां, हम खुश हैं। फराह ने पूछा कि क्या इसने आपलोगों के रिश्ते को और मजबूत बनाया है? जिसे सुनकर दोनों ने कहा- हां, ये झेल जाओ तो अब तो हर चीज बहुत छोटी लगती है। 'मैंने दोनों मम्मियों को सामने बैठे देखा तो मैं फूटकर रो पड़ा' इसी बीच अंकिता कहती हैं- होगी प्यार की जीत। विक्की ने कहा, 'कभी मां ने मुझे रोते देखा नहीं। मैं कभी लाइफ में रोया ही नहीं। मम्मी को मैंने देखा रोते हुए, भाई वाले एपिसोड चल रहा था तो मुझे पहली बार डांट पड़ी। वर्ना उन्होंने (सलमान) हमेशा ही मेरी तारीफ की है। छठे वीक में उन्होंने मुझे सुनाया और ऑलरेडी मैं उस ज़ोन में था और जब मैंने दोनों मम्मियों को सामने बैठे देखा तो मैं फूटकर रो पड़ा।' विक्की ने कहा- अब बिग बॉस में जाने की हिम्मत नहीं इसपर अंकिता ने कहा- मम्मी को लगा कि ये मेरी वजह से रो रहा है। विक्की ने कहा- अब जाने की हिम्मत नहीं है। उन्होंने कहा, 'अब जब देखता हूं न बिग बॉस और वही घर, वही रूम तो लगता है नहीं भई, हम अब नहीं जा सकते। एक बार का है वो लाइफ का।' recent visitors 163

चोरी का माल खरीदने पर कैसा शिकंजा, छत्तीसगढ़-बलौदाबाजार में कबाड़ी समेत 4 गिरफ्तार

बलौदाबाजार। जिले में कबाड़ियों के पास चोरी का सामान मिलने की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कबाड़ी संचालक गोपाल साहू सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है. बलौदाबाजार स्थित शुक्ला पेट्रोल पंप के पीछे भवन निर्माण सामग्री की चोरी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों का पता लगाया. प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि पेट्रोल पंप के पीछे भवन निर्माण सामग्री की 27 सेट्रिंग प्लेट्स, जिनकी कीमत 40,500 रुपये थी, अज्ञात चोरों ने चोरी कर ली है. इस मामले में थाना सिटी कोतवाली में अपराध दर्ज किया गया और त्वरित कार्रवाई शुरू की गई. पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण और आसपास के सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया, जिसमें तीन आरोपियों लखन, सोनू, और चनउ की पहचान हुई. इन आरोपियों ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उन्होंने शुक्ला पेट्रोल पंप के पीछे से सेट्रिंग प्लेट्स चुराकर कबाड़ी संचालक गोपाल साहू को पुराना बस स्टैंड स्थित उसकी दुकान में 5000 रुपये में बेच दिया था. पुलिस ने इन सभी आरोपियों को धारा 317(2) बीएनएस के तहत गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम – लखन पटेल, उम्र 38 वर्ष, निवासी पुरानी बस्ती, बलौदाबाजार सोनू उर्फ तरुण पटेल, उम्र 28 वर्ष, निवासी पुरानी बस्ती, बलौदाबाजार चनउ मारकंडे, उम्र 25 वर्ष, निवासी पुरानी बस्ती, बलौदाबाजार कबाड़ी संचालक गोपाल साहू, उम्र 42 वर्ष, निवासी पुरानी बस्ती, बलौदाबाजार recent visitors 100

कोहली के पर्थ पहुंचने पर ऑस्ट्रेल‍ियाई मीडिया के कई अखबारों में पहले पन्ने पर उनकी छपी तस्वीर, हिंदी-पंजाबी में छपे आर्ट‍िकल

नई दिल्ली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का पहला मुकाबला 22 नवंबर से शुरू होना है. लेकिन इस पहले टेस्ट से 10 दिन पहले विराट कोहली का खुमार ऑस्ट्रेल‍ियाई मीडिया पर स‍िर चढ़कर बोल रहा है. किंग कोहली के पर्थ पहुंचने के बाद ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में कोहली का बुखार छा गया है. विराट कोहली के पर्थ पहुंचने पर ऑस्ट्रेल‍ियाई मीडिया के कई अखबारों में पहले पन्ने पर उनकी तस्वीर छपी. खास बात यह रही कि फैन्स को खुश करने के लिए स्थानीय मीडिया ने हिंदी और पंजाबी में छपी हेडलाइंस में उनकी तस्वीर को दिखाया गया, जो कोहली की अपार लोकप्रियता और आगामी सीरीज में उनके महत्व को साफ तौर पर दर्शाता है. न्यूजपेपर्स में विराट कोहली का पोस्टर था और इस पर कॉलम था कि बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी नई एशेज क्यों है और पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में किन मैचों का इंतजार करना चाहिए. इन आर्ट‍िकल्स में  यशस्वी जायसवाल और ऋषभ पंत के बारे में बताया गया है. पहले पन्ने पर हिंदी में एक बोल्ड हेडलाइन थी, "युगों की लड़ाई" दिखाया गया. जबकि एक अलग लेख में युवा भारतीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को पंजाबी हेडलाइन 'नवम राजा' या 'नया राजा' के साथ दिखाया गया. ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में कोहली को लेकर हो रही इस तरह की रिपोर्ट‍िंग ने ऑस्ट्रेलियाई खेल पत्रकारों को भी सरप्राइज कर दिया है. कोहली रविवार शाम को पर्थ पहुंचे. वह 22 से 26 नवंबर तक ऑप्टस स्टेडियम में भारत की सीरीज के पहले मैच से दो सप्ताह पहले अपने टेस्ट टीम के ख‍िलाड़‍ियों संग शामिल हुए. 36 साल की उम्र में कोहली के सामने सबसे बड़ा चैलेंज ऑस्ट्रेल‍िया की सरजमीं पर खुद को साबित करना है. न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की घरेलू सीरीज 0-3 के व्हाइटवॉश के साथ समाप्त हुई. वहीं इस दौरान विराट कोहली की खूब आलोचना हुई, ज‍िन्होंने 15.50 के एवरेज से सिर्फ 93 रन बनाए. जिससे उन पर बॉर्डर-गावस्कर सीरीज से पहले प्रेशर बढ़ गया. ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए भारतीय टीम: रोहित शर्मा (कप्तान), जसप्रीत बुमराह (उप-कप्तान), यशस्वी जायसवाल, अभिमन्यु ईश्वरन, शुभमन गिल, विराट कोहली, केएल राहुल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), सरफराज खान, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), आर अश्विन, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद सिराज, आकाश दीप, प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर. पहले टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम: पैट कमिंस (कप्तान), स्कॉट बोलैंड, एलेक्स कैरी, जोश हेजलवुड, ट्रेविस हेड, जोश इंग्लिस, उस्मान ख्वाजा, मार्नस लाबुशेन, नाथन लायन, मिचेल मार्श, नाथन मैकस्वीनी, स्टीव स्मिथ, मिचेल स्टार्क. भारतीय टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा (नवंबर 2024 – जनवरी 2025) 22-26 नवंबर: पहला टेस्ट, पर्थ 6-10 दिसंबर: दूसरा टेस्ट, एडिलेड 14-18 दिसंबर: तीसरा टेस्ट, ब्रिस्बेन 26-30 दिसंबर: चौथा टेस्ट, मेलबर्न 03-07 जनवरी: पांचवा टेस्ट, सिडनी recent visitors 168

मनोज बाजपेयी की उत्तराखंड की जमीन पर कसेगा कानूनी श‍िकंजा

मुंबई बॉलीवुड एक्टर मनोज बाजपेयी सुर्खियों में छा गए हैं। उन्होंने उत्तराखंड में जो करोड़ों रुपये की जमीन खरीदी थी, वह राज्य के भू-कानून के मानकों के मुताबिक नहीं, जिस कारण अब सरकार कोई सख्त कदम उठा सकती है। बताया जा रहा है कि वहां की जमीन पर बाहरी लोगों का कब्जा न हो, इसके लिए राज्य सरकार कोई कानून बनाने के बारे में भी सोच रही है। दरअसल, साल 2021 में मनोज बाजपेयी ने लमगड़ा ब्लॉग में जमीन खरीदी थी, जिसकी कीमत करोड़ों में थी। लेकिन अब उसकी जांच हुई तो पता चला है कि वह भू-कानून से बाहर है। अब जिला प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह का एक्शन लेने से पहले कोर्ट और सरकार की इजाजत लेना जरूरी होगा। खबर ये भी है कि उत्तराखंड सरकार पता लगाने की कोशिश कर रही है कि एक्टर ने जो जमीन ली है, जितने एरिया में उनका मालिकाना हक है, वह जमीन के नियमों का पालन कर रहे है या नहीं। मनोज बाजपेयी ने क्यों खरीदी थी जमीन? बता दें कि 'फैमिली मैन' एक्टर ने 2021 में मेडिटेशन और योग सेंटर के डेवलेपमेंट के लिए कपकोट में करीब 2,160 वर्ग फीट की जमीन खरीदी थी। लेकिन लोकल लोगों का कहना है कि तीन साल बीत गए हैं लेकिन अब तक इस जमीन पर कोई काम नहीं हुआ है। यह जस की तस पड़ी हुई है। मुख्यमंत्री धामी ने 27 सितंबर को आदेश जारी कर कहा था कि बाहरी लोग निकाय क्षेत्र में 250 वर्ग मीटर से ज्यादा जमीन बिना इजाज के नहीं खरीद सकेंगे। इस पर बैन लगाया जाएगा। मनोज बाजपेयी की आने वाली फिल्म और वेब सीरीज बता दें कि मनोज बाजयेपी जल्द ही 'फैमिली मैन 3' में दिखाई देंगे। इसके अलावा वह शेखर कपूर के साथ फिल्म 'मासूम' की शूटिंग करेंगे। उनके साथ शबाना आजमी और नसीरुद्दीन शाह भी होंगे। आखिरी बार उन्हें 'जोरम' और 'भैया जी' में देखा गया था। उनकी वेब सीरीज 'किलर सूप' भी इसी साल नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हुई थी। और 'साइलेंस 2' जी5 पर आई थी। recent visitors 87

तहसीलदार ने देखे प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल, छत्तीसगढ़-गरियाबंद का पर्यटन स्थल बनेगा कांदाडोंगर

गरियाबंद। जिले के कांदाडोंगर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकारी प्रयासों को गति मिल रही है। गरियाबंद कलेक्टर दीपक अग्रवाल के निर्देश पर अमलीपदर तहसीलदार योगेंद्र देवांगन ने हाल ही में कांदाडोंगर के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान वे हरिहर वेलफेयर फाउंडेशन और स्थानीय ग्रामीणों के साथ कांदाडोंगर के मुख्य शिखर पर स्थित मां कुलेश्वरी धाम, भगवान राम के भ्राता लक्ष्मण जी द्वारा धनुष बाण से खोदा गया प्राचीन कुंड, राम पगार, थीपा खोल स्थित गुप्त गंगा और पर्वत की ऊंचाइयों पर स्थित समतल भूमि का अवलोकन करने पहुंचे। बता दें कि इससे पहले, कलेक्टर दीपक अग्रवाल और जिले के कई अन्य आलाधिकारियों ने कांदाडोंगर के अन्य प्रमुख स्थलों का दौरा किया था, जिसमें महर्षि सर्वांग ऋषि तपोस्थली गुफा, पर्वत के नीचे स्थित मां कुलेश्वरी मंदिर, कचनाधुर्वा मंदिर, कांदेश्वर महादेव द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर और गांधी माता मंदिर शामिल हैं। इन धार्मिक स्थलों को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात कही गई थी। अधिकारियों का मानना है कि ये स्थल धार्मिक आस्था के साथ-साथ ऐतिहासिक महत्व भी रखते हैं, और इन्हें पर्यटन के लिहाज से उपयुक्त माना गया है। कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने तहसीलदार को निर्देश दिए हैं कि वे पहाड़ी के शिखर पर स्थित अन्य धार्मिक और प्राचीन स्थलों की जानकारी भी एकत्रित करें, ताकि इस क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके। तहसीलदार योगेंद्र देवांगन ने बताया कि कांदाडोंगर में कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल स्थित हैं, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में मौजूद गुफाओं और औषधीय गुणों से भरपूर रंगीन चट्टानों का भी निरीक्षण किया गया है। यह स्थल पर्यटन के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है, जिसके चलते यहां विकास कार्यों की संभावना को तलाशा जा रहा है। गौरतलब है कि इस इलाके को संवारने के लिए हरिहर वेलफेयर फाउंडेशन जमीनी स्तर पर लगातार काम कर रहा है। स्वच्छता व्यवस्था हेतु डस्टबिन की व्यवस्था और कांदाडोंगर की सुंदरता को बढ़ाने के लिए अनेक प्रकार के पेड़-पौधे लगाए जा रहे हैं। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए बैरिकेड की व्यवस्था की गई है। कांदेश्वर धाम में तालाब के किनारे सभी खाबों में लाइट की व्यवस्था भी की गई और लगातार कांदाडोंगर को सुंदर और दर्शनीय बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस क्षेत्र के विकास के लिए और किन पहलुओं पर ध्यान देता है और कांदाडोंगर को एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में और क्या कदम उठाए जाते हैं। हरिहर वेलफेयर फाउंडेशन के सदस्य आशुतोष सिंह राजपूत ने बताया कि वह कांदाडोंगर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के फैसले से बेहद खुश हैं, क्योंकि अगर यह क्षेत्र पर्यटन के मानचित्र पर आता है, तो इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। कांदाडोंगर के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की खोज से न सिर्फ आस्था का संचार होगा, बल्कि यहां के अनछुए प्राकृतिक सौंदर्य को भी दुनिया के सामने लाया जा सकेगा। कांदाडोंगर क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान तहसीलदार योगेंद्र देवांगन, जनपद सभापति भूमि लता यादव, ग्राम सरपंच पुजारी टीकम, कंचना धुर्वा, पुजारी मुकेश दाऊजी, हरिहर वेलफेयर फाउंडेशन के आशुतोष सिंह राजपूत (चिराग ठाकुर), पुष्पराज यादव, प्रभुलाल ध्रुव, मधु सूर्यवंशी, अलेश यादव, राजेश यादव, बोनी अवस्थी, तरुण ताड़ी, पुरुषोत्तम कवर, चिंटू यादव, चंदो, कृष्ण साथ मौजूद रहे। recent visitors 173

मध्य प्रदेश में धान कॉमन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 और धान ग्रेड-ए का 2320 रुपये, खरीदी 2 दिसम्बर से की जाएगी

भोपाल मध्य प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि खरीफ मार्केटिंग सीजन 2024-25 के लिये धान (Dhan MSP) कॉमन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2300 और धान ग्रेड-ए का 2320 रुपये है. इसी तरह ज्वार मालदण्डी का 3421 रुपये, ज्वार हाईब्रिड का 3371 रुपये और बाजरा का समर्थन मूल्य 2625 रुपये है. किसानों की एफएक्यू गुणवत्ता की उपज इन्हीं दरों पर उपार्जित की जाएगी. मंत्री राजपूत ने बताया है कि ज्वार एवं बाजरा का उपार्जन 22 नवम्बर से 20 दिसम्बर तक और धान का उपार्जन 2 दिसम्बर से 20 जनवरी 2025 तक किया जायेगा. उपार्जन हर सप्ताह के सोमवार से शुक्रवार तक होगा. 45 लाख मीट्रिक टन होगी धान की खरीदी भारत सरकार द्वारा निर्धारित मात्रा के अनुसार समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 45 लाख मीट्रिक टन, बाजरा की 3 लाख मीट्रिक टन और ज्वार की 50 हजार मीट्रिक टन की जाएगी. गोदाम स्तर पर खाद्यान्न की गुणवत्ता का परीक्षण उपार्जन एजेंसी के गुणवत्ता सर्वेयर द्वारा स्टेक लगाने के पहले किया जाएगा. परिवहनकर्ता द्वारा समय-सीमा में उपार्जित खाद्यान्न का परिवहन नहीं करने पर पेनाल्टी की व्यवस्था साप्ताहिक रूप से की जाएगी. ऐसी है भुगतान व्यवस्था समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा की खरीदी के बाद भुगतान, कृषक पंजीयन के दौरान आधार नम्बर से लिंक बैंक खाते में किया जाएगा. धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन अवधि के दौरान पड़ोसी राज्यों से उपार्जन केन्द्र पर लायी जाने वाली उपज की अवैध बिक्री को रोकने के लिये समुचित कार्रवाई के निर्देश कलेक्टर्स को दिये गये हैं. किसान इस नंबर पर कर सकते हैं काॅल पंजीयन एवं उपार्जन में आने वाली तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिये जिले में एक टेक्निकल सेल का गठन किया जाएगा. राज्य स्तर पर भी तकनीकी सेल का गठन किया जाएगा. जिला स्तरीय समिति उपार्जन संबंधी सभी विवादों का अंतिम निराकरण तथा उपार्जित खाद्यान्न की गुणवत्ता की निगरानी करेगी. राज्य स्तर पर एक कंट्रोल-रूम भी स्थापित किया जाएगा. इसका टेलीफोन नम्बर 0755-2551471 रहेगा. यह उपार्जन अवधि में यह सुबह 9 से रात 7 बजे तक संचालित रहेगा. recent visitors 169