साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज का तीसरा टी20 कल, दोनों टीमें सीरीज में 1-1 की बराबरी पर

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम और साउथ अफ्रीका क्रिकेट टीम के बीच इन दिनों 4 टी20 मैचों की सीरीज खेली जा रही है। सीरीज का पहला मुकाबला सूर्या एंड कंपनी ने 61 रन से जीता। रविवार को खेले गए दूसरे टी20 को मेजबान साउथ अफ्रीका ने 3 विकेट से अपने नाम किया। ऐसे में दोनों टीमें सीरीज में 1-1 की बराबरी पर हैं। तीसरा टी20 जीतने वाली टीम सीरीज में बढ़त बनाएगी। ऐसे में आइए जानते हैं कि सीरीज का तीसरा टी20 मुकाबला कब खेला जाएगा। फैंस भारत में इस मैच को कैसे फ्री में देख सकते हैं। इस मैच की टाइमिंग में भी बदलाव हुआ है। लाइव स्‍ट्रीमिंग डिटेल भारत और साउथ अफ्रीका के बीच तीसरा टी20 मैच कब खेला जाएगा? भारत और साउथ अफ्रीका के बीच तीसरा टी20 मैच 13 नवंबर, बुधवार को खेला जाएगा। recent visitors 115

रिसर्च : रात की शिफ्ट में काम करने से सर्कैडियन लय बाधित होती है, जो प्रजनन सहित कई शारीरिक प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक

मुंबई आजकल की लाइफस्टाइल कॉर्पोरेट के हिसाब से हो गई है. क्या दिन क्या रात लोग हर वक्त अपने काम में बिजी हैं. अगर आपको पता नहीं है तो जानकारी के लिए बता दें कि इसका सीधा असर आपकी सेहत पर पड़ रहा है. सबसे हैरान करने वाला रिसर्च सामने आया है कि इसका असर आपकी फर्टिलिटी पर पड़ता है. रिपोर्ट के मुताबिक रात की शिफ्ट में काम करने से फर्टिलिटी पर इसका बुरा असर होता है. रात की शिफ्ट और प्रजनन क्षमता के बीच संबंध इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि रात की शिफ्ट पुरुषों और महिलाओं दोनों में प्रजनन क्षमता में कमी के साथ संबंधित है. रिसर्च से पता चला है कि रात की शिफ्ट में काम करने से सर्कैडियन लय बाधित हो सकती है. जो प्रजनन कार्य सहित विभिन्न शारीरिक प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक है. नींद हमारी सेहत (Health) के लिए उतना ही जरूरी है, जितना पौष्टिक आहार और वर्कआउट… आजकल लोग देर रात तक ऑफिस में काम करते हैं. जिसके कारण उनकी नींद पूरी नहीं होती है. इसकी वजह से कई तरह की फिजिकली और मेंटली प्रॉब्लम्स हो सकती हैं. स्ट्रेस-डिप्रेशन जैसी समस्याएं भी होने लगती है. इनकी वजह से ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज का जोखिम भी बढ़ सकता है. यही वजह है कि हर किसी को 6 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लेने की सलाह दी जाती है. नींद की कमी से कई तरह की समस्याएं होती हैं, जिनमें फर्टिलिटी (sleep affects fertility) पर पड़ने वाला नकारात्मक असर भी शामिल है. नींद की कमी से फर्टिलिटी की समस्या सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, अगर आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं तो यह आपकी प्रजनन (reproductive hormones) से संबंधित हार्मोन को प्रभावित कर सकती है. दिमाग को जो हिस्सा 'स्लीप वेक हार्मोन' को कंट्रोल करता है. वह नींद पूरी न होने पर महिलाओं में ओव्यूलेशन और पुरुषों में शुक्राणुओं (sperms) पर नकारात्मक असर छोड़ता है. स्टडी के मुताबिक, अगर महिलाएं ज्यादा लंबे समय तक नींद पूरी नहीं करती हैं तो एस्ट्रोजेन, प्रोजेस्टेरोन, प्रोलैक्टिन और ल्यूटिनाइजिंग जैसे प्रजनन हार्मोन्स पर सीधा असर पड़ता है और इससे बांझपन (infertility) की समस्या हो सकती है. एक्सपर्ट से जानिए साइंटिस्ट बताते हैं कि पुरुषों में स्वस्थ शुक्राणु के उत्पादन के लिए टेस्टोस्टेरोन हार्मोन सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. जब आप सोते हैं, तब नींद के दौरान ही यह हार्मोन रिलीज होता है. बोस्टन यूनिवर्सिटी की रिसर्च टीम और महामारी विज्ञान (epidemiology) के प्रोफेसर लॉरेन वाइज के मुताबिक, कई स्टडी में पता चला है कि ऐसे लोग जो पर्याप्त नींद लेते हैं, उनमें टेस्टोस्टेरोन का स्तर प्रजनन के लिए सही बना रहता है. वहीं, कम नींद लेने से प्रजनन की समस्याओं का जोखिम ज्यादा रहता है. क्या कहता है रिसर्च बोस्टन यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ ने एक स्टडी में 790 कपल पर रिसर्च किया. कई लेवल पर रिसर्च के बाद पाया गया कि ऐसे लोग जो हर दिन 6 घंटे की नींद लेते हैं, उनमें गर्भधारण से संबंधित समस्याओं का खतरा ज्यादा रहा है. ऐसे पुरुष जो बहुत कम या बहुत देर तक सोते थे, उनमें प्रजनन समस्याएं 42% ज्यादा पाया गया. पर्याप्त नींद लेने के लिए क्या करें हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, अपनी दिनचर्या ऐसे बनाए, जिसमें पर्याप्ट नींद मिल सके. यह भी पढ़ें : हफ्ते में सिर्फ दो दिन एक्सरसाइज से एक्टिव होगा ब्रेन, बीमारियां भी होंगी कोसो दूर रोजाना एक्सरसाइज-वर्कआउट करें सोने-जागने का समय तय करें और रोजाना इसे फॉलो करें. बेडरूम को शांत और कम रोशनी वाला ही रखने की कोशिश करें, जिससे अच्छी नींद मिले. शराब से जितना हो सके दूरी बनाएं. यह नींद को प्रभावित करता है. recent visitors 153

“कश्मीर” ही नहीं अब “इंदौर ” में भी उगने लगी “केसर”…तीन माह में हुआ कमाल

इंदौर  देश में केसर का उत्पादन खासकर कश्मीर में होता है, लेकिन बर्फीली वादियों वाले इस क्षेत्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर इंदौर के एक प्रगतिशील किसान ने ‘एयरोपॉनिक्स’ पद्धति की मदद से अपने घर के कमरे में बिना मिट्टी के केसर उगाया है. किसान के घर की दूसरी मंजिल के इस कमरे में इन दिनों केसर के बैंगनी रंग के खूबसूरत फूलों की बहार है. नियंत्रित वातावरण वाले कमरे में केसर के पौधे प्लास्टिक की ट्रे में रखे गए हैं. ये ट्रे खड़ी रैक में रखी गई हैं ताकि जगह का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जा सके. केसर उत्पादक अनिल जायसवाल ने को बताया, ‘‘मैं कुछ साल पहले अपने परिवार के साथ कश्मीर घूमने गया था. वहां पम्पोर में केसर के खेत देखकर मुझे इसके उत्पादन की प्रेरणा मिली.’’ जायसवाल ने बताया कि उन्होंने अपने घर के कमरे में केसर उगाने के लिए ‘एयरोपॉनिक्स’ तकनीक के उन्नत उपकरणों से तापमान, आर्द्रता, प्रकाश और कार्बन डाइऑक्साइड का नियंत्रित वातावरण तैयार किया ताकि केसर के पौधों को कश्मीर जैसी मुफीद आबो-हवा मिल सके. कश्मीर के पम्पोर से मंगाए थे बीज उन्होंने बताया कि 320 वर्ग फुट के कमरे में केसर की खेती का बुनियादी ढांचा तैयार करने में उन्हें करीब 6.50 लाख रुपये की लागत आई. जायसवाल ने बताया कि उन्होंने केसर के एक टन बीज (बल्ब) कश्मीर के पम्पोर से मंगाए थे और इसके फूलों से वह इस मौसम में 1.50 से दो किलोग्राम केसर प्राप्त करने की उम्मीद कर रहे हैं. लगभग डेढ़ महीने में खिलने लगे फूल उन्होंने कहा कि चूंकि उनकी उगाई केसर पूरी तरह जैविक है, इसलिए उन्हें उम्मीद है कि घरेलू बाजार में वह अपनी उपज करीब पांच लाख रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर बेच सकेंगे, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उन्हें इसके 8.50 लाख रुपये तक मिल सकेंगे. जायसवाल ने बताया, ‘‘ मैंने अपने घर के कमरे के नियंत्रित वातावरण में केसर के ये बीज सितंबर के पहले हफ्ते में रखे थे और अक्टूबर के आखिरी हफ्ते से इन पर फूल खिलने लगे.’’ केसर की खेती में जायसवाल का पूरा परिवार उनका हाथ बंटाता है. यह परिवार केसर के पौधों को गायत्री मंत्र और पक्षियों की चहचहाहट वाला संगीत भी सुनाता है. इसके पीछे परिवार का अपना फलसफा है. जायसवाल की पत्नी कल्पना ने कहा,‘‘पेड़-पौधों में भी जान होती है. हम केसर के पौधों को संगीत सुनाते हैं ताकि बंद कमरे में रहने के बावजूद उन्हें महसूस हो कि वे प्रकृति के नजदीक हैं.’’ मांग के मुकाबले इसका उत्पादन होता है कम केसर, दुनिया के सबसे महंगे मसालों में एक है और अपनी ऊंची कीमत के लिए इसे ‘‘लाल सोना’’ भी कहा जाता है. इसका इस्तेमाल भोजन के साथ ही सौंदर्य प्रसाधनों और दवाओं में भी किया जाता है. भारत में केसर की बड़ी मांग के मुकाबले इसका उत्पादन कम होता है. नतीजतन भारत को ईरान और दूसरे देशों से इसका आयात करना पड़ता है. 'सौर ऊर्जा का अधिक से अधिक करना चाहिए इस्तेमाल' ‘एयरोपॉनिक्स’ पद्धति की कृषि के जानकार प्रवीण शर्मा ने बताया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में इस पद्धति से बंद कमरों में केसर उगाई जा रही है, लेकिन इसे फायदे का टिकाऊ धंधा बनाने के लिए उत्पादकों को खेती की लागत कम से कम रखनी होगी. उन्होंने कहा,‘‘एयरोपॉनिक्स पद्धति से खेती करने में काफी बिजली लगती है. लिहाजा इस पद्धति से केसर उगाने वाले लोगों को अपने बिजली बिल में कटौती के लिए सौर ऊर्जा का अधिक से अधिक इस्तेमाल करना चाहिए.’’ recent visitors 149

मध्‍य प्रदेश के टाइगर रिजर्व में अगले दो महीनों तक पर्यटकों का प्रेशर बढ़ने वाला, तेजी से बुकिंग

उमरिया  दिसंबर साल का आखिरी महीना होने के साथ ही उल्लास और मौज-मस्ती का भी महीना होता है, जिसमें छुट्टियां मनाने लोग पर्यटन स्थलों पर जाते हैं। दिसंबर में एक लाख से ज्यादा पर्यटक प्रदेश के टाइगर रिजर्व में बाघ का दीदार करेंगे। टाइगर रिजर्व में अभी तक 10812 जिप्सियों के परमिट बुक हो चुके हैं प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में अभी तक 10812 जिप्सियों के परमिट बुक हो चुके हैं। एक जिप्सी में छह पर्यटक पार्क घूम सकते हैं और अभी तक की बुकिंग के हिसाब से प्रदेश के टाइगर रिजर्व में कुल 64 हजार 872 पर्यटक बाघ का दीदार करने पहुंचेंगे। दिसंबर का पूरा महीना बाकी है पार्कों में एक लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचेंगे बुकिंग अभी जारी है और दिसंबर का पूरा महीना बाकी है, जिससे अनुमान लगाया जा सकता है कि दिसंबर में प्रदेश के अलग -अलग पार्कों में एक लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचेंगे। दिसंबर के लिए बुकिंग प्रदेश के टाइगर रिजर्व में अगले दो महीनों तक पर्यटकों का प्रेशर बढ़ने वाला है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि अभी से पर्यटकों ने तेजी से बुकिंग कराना शुरू कर दिया है। दिसंबर के दूसरे पखवाड़े के लिए अभी से तीन हजार से ज्यादा बुकिंग कोर और बफर जोन के लिए हो चुकी है। पर्यटक कितनी भारी संख्या में यहां आने वाले हैं जनवरी के पहले पखवाड़े के लिए भी इसी तरह तेजी से बुकिंग हो रही है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पर्यटक कितनी भारी संख्या में यहां आने वाले हैं। बफर में भी होगा सफर दीपावाली की छुटि्टयों में पर्यटकों की भीड़ कुछ बढ़ी थी और इस दौरान भी जमकर पर्यटक पहुंचे। इसका लाभ छोटे स्तर पर कारोबार करने वाले स्थानीय व्यापारियों को भी मिला। गेट से प्रवेश के लिए पर्यटक बुकिंग करा रहे हैं बांधवगढ़ सहित प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व के न सिर्फ कोर जोन के गेट से प्रवेश के लिए पर्यटक बुकिंग करा रहे हैं। बफर जोन से प्रवेश के लिए भी भारी संख्या में बुकिंग हो रही है बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उप संचालक पीके वर्मा का कहना है कि इस बार दिसंबर और जनवरी में पिछले साल से ज्यादा पर्यटकों के बांधवगढ़ पहुंचने की संभावना है। बफर जोन से प्रवेश के लिए भी भारी संख्या में पर्यटकों की बुकिंग हो रही है। recent visitors 61

लड़की होटल का कमरा बुक करने में शामिल थी, इसका मतलब ये नहीं यौन गतिविधि में शामिल होने के लिए भी अपनी सहमति दी: HC

पणजी गोवा स्थित बॉम्बे उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि यदि कोई लड़की किसी पुरुष के साथ होटल का कमरा बुक कराती है और कमरे में वे एक साथ चले भी जाते हैं तो इसका अर्थ यह नहीं है कि लड़की ने यौन संबंध बनाने के लिए सहमति दे दी है.  रिपोर्ट के अनुसार, न्यायमूर्ति भरत देशपांडे की अगुवाई वाली हाईकोर्ट की एकल पीठ ने मडगांव ट्रायल कोर्ट द्वारा मार्च 2021 में पारित आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें एक व्यक्ति को बलात्कार के आरोपों से मुक्त कर दिया गया था. ट्रायल कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि चूंकि लड़की होटल का कमरा बुक करने में शामिल थी, इसका मतलब है कि उसने उस कमरे में होने वाली यौन गतिविधि में शामिल होने के लिए भी अपनी सहमति दी थी. कोर्ट ने कहा कि इसलिए, गुलशेर अहमद नामक व्यक्ति पर बलात्कार का आरोप नहीं लगाया जा सकता. हालांकि, बॉम्बे उच्च न्यायालय ने 3 सितंबर को एक आदेश पारित किया, जिसे हाल ही में सार्वजनिक किया गया, जिसमें कहा गया था कि ट्रायल कोर्ट के न्यायाधीश ने ऐसी टिप्पणी करके 'स्पष्ट रूप से गलती की है.' 'कल्पना की कोई सीमा…': HC अपने आदेश में, न्यायमूर्ति देशपांडे ने लिखा, 'इस तरह का निष्कर्ष निकालना स्पष्ट रूप से स्थापित प्रस्ताव के विरुद्ध है और विशेष रूप से तब जब घटना के तुरंत बाद शिकायत दर्ज की गई थी. भले ही यह स्वीकार किया जाए कि पीड़िता आरोपी के साथ कमरे के अंदर गई थी, लेकिन इसे किसी भी तरह से यौन संबंध के लिए उसकी सहमति नहीं माना जा सकता है.' बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने अपने आदेश में दो पहलुओं को मिला दिया है, एक यह कि वह अपनी मर्जी से आरोपी के साथ कमरे के अंदर गई थी, दूसरा यह कि उसने उक्त कमरे के अंदर हुई गतिविधि के लिए सहमति दी थी. न्यायमूर्ति देशपांडे ने कहा कि पीड़िता के कमरे से बाहर निकलने के तुरंत बाद की उसकी हरकतें बहुत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे संकेत देती हैं कि उसने ऐसे किसी भी यौन कृत्य के लिए सहमति नहीं दी थी. लाइव लॉ के अनुसार न्यायाधीश ने कहा, 'कमरे से बाहर आने के तुरंत बाद पीड़िता की ओर से की गई कार्रवाई और वह भी रोना, पुलिस को बुलाना और उसी दिन शिकायत दर्ज कराना यह दर्शाता है कि आरोपी द्वारा कमरे में कथित रूप से किया गया खुला कृत्य सहमति से नहीं किया गया था.' आरोपी ने दी थी ये दलील इसके अतिरिक्त, उच्च न्यायालय की पीठ ने कहा कि पूरी घटना होटल के कर्मचारियों द्वारा भी बताई गई थी. आरोपी ने यह भी तर्क दिया कि पीड़िता को होटल का कमरा बुक करने में कोई दिक्कत नहीं थी और कमरे में प्रवेश करने से पहले उसने उसके साथ दोपहर का भोजन भी किया था, जिससे संकेत मिलता है कि उसने यौन संबंध बनाने के लिए सहमति दी थी. हालांकि, न्यायमूर्ति देशपांडे ने इस दलील को खारिज कर दिया. एकल न्यायाधीश की पीठ ने टिप्पणी की, 'इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह दिखाने के लिए सामग्री मौजूद है कि आरोपी और पीड़िता ने कमरा बुक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, हालांकि, इसे यौन संबंध बनाने के उद्देश्य से पीड़िता द्वारा दी गई सहमति नहीं माना जाएगा.' मामला क्या था? यह मामला 3 मार्च, 2020 को घटी एक घटना से जुड़ा है, जब आरोपी ने पीड़िता को विदेश में प्राइवेट नौकरी दिलाने का वादा किया था. वह उसे मडगांव के एक होटल में ले गया और कहा कि वे नौकरी के लिए एक एजेंट से मिलेंगे. इसके बाद उन्होंने एक साथ होटल का कमरा बुक किया. लेकिन पीड़िता के बयान के अनुसार, कमरे में घुसते ही आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और फिर उसके साथ बलात्कार किया. जैसे ही वह बाथरूम में गया, वह कमरे से भाग गई और रोती हुई होटल से भागती हुई बाहर आई. फिर उसने पुलिस को बुलाया, जिसके बाद आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया. बार एंड बेंच ने बताया कि पुलिस ने अहमद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (बलात्कार) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया है. न्यायमूर्ति देशपांडे ने निचली अदालत के आदेश को खारिज करते हुए आरोपी के खिलाफ मुकदमा बहाल कर दिया है. recent visitors 74

जशपुर में 13 नवंबर को केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे पदयात्रा

रायपुर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया जनजातिय गौरव दिवस के अवसर पर 13 नवंबर को छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से पदयात्रा करेंगे. इस कार्यक्रम में जनजाती से जुड़े विभूतियों को सम्मानित भी किया जाएगा. पदयात्रा मेंCM साय समेत अन्य कैबिनेट मंत्री भी और करीब 10,000 से अधिक माई भारत (My Bharat) के यूथ वॉलिंटियर्स शामिल होंगे. उन्होंने एक वीडियो शेयर कर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने सभी युवाओं को इस पदयात्रा में शामिल होकर  भगवान बिरसा मुंडा की जयंती (15 नवंबर) पर उन्हें नमन करें और जनजाती समुदाय के गौरव को और करीब से जानने की अपील की है. जानिए कौन थे भगवान बिरसा मुंडा बिरसा मुंडा (15 नवम्बर 1875 – 9 जून 1900) एक भारतीय आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी और मुंडा जनजाति के लोक नायक थे. उन्होंने ब्रिटिश राज के दौरान 19वीं शताब्दी के अंत में बंगाल प्रेसीडेंसी (अब झारखंड) में हुए एक आदिवासी धार्मिक सहस्राब्दी आंदोलन का नेतृत्व किया, जिससे वह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति बन गए. उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ जनजातीय समुदाय को एकजुट किया और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और महज 25 साल की उम्र में वे शहीद हो गए. इसके बाद से ही उन्हें भारत के आदिवासी भगवान मानने लगे. उन्हें ‘धरतीबा’ के नाम से भी जाना जाता है.इसलिए उनकी जयंति को देशभर में जनजातीय दिवस के रूप में मनाया जाता है. recent visitors 56

रायपुर में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय मुख्य अतिथि होंगे

रायपुर राज्य शासन द्वारा लिए गए निर्णय अनुसार 15 नवंबर को राज्य की राजधानी रायपुर सहित सभी जिला मुख्यालयों में जनजातीय गौरव दिवस आयोजित किया जा रहा है। राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि होंगे। जिला मुख्यालयों में मंत्रीगण, सांसद एवं विधायक मुख्य अतिथि होंगे। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा राज्य के सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी किए है कि जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति विभाग के निदेर्शों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें। जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बिलासपुर में श्री तोखन साहू राज्य मंत्री भारत सरकार मुख्य अतिथि होंगे। इसी तरह से मुंगेली में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, राजनांदगावं में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, सूरजपुर में मंत्री श्री दयालदास बघेल, बस्तर में मंत्री श्री केदार कश्यप एवं कोरबा में मंत्री श्री लखन लाल देवांगन मुख्य अतिथि होंगे। इसी तरह मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी में मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सरगुजा में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, धमतरी में मंत्री श्री टंकराम वर्मा, बलौदाबाजार-भाटापारा में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, दुर्ग में सांसद श्री विजय बघेल, कबीरधाम में सांसद श्री संतोष पाण्डेय एवं बलरामपुर-रामानुजगंज में सांसद श्री चिंतामणी महाराज मुख्य अतिथि होंगे। इसी तरह से महासमुंद जिले में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, जशपुर में सांसद श्री राधेश्याम राठिया, जांजगीर-चांपा में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, बीजापुर में सांसद श्री महेश कश्यप, बालोद में सांसद श्री भोजराज नाग, रायगढ़ में सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, सक्ति में विधायक श्री अमर अग्रवाल,  कांकेर में विधायक सुश्री लता उसेंडी एवं मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में विधायक श्री विक्रम उसेंडी मुख्य अतिथि होंगे। इसी तरह से दंतेवाड़ा जिले में विधायक श्री किरण देव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में विधायक श्री डोमनलाल कोसेर्वाड़ा, बेमेतरा में विधायक श्री गजेन्द्र यादव, कोरिया में विधायक श्रीमती गोमती साय सिंह, गरियाबंद में विधायक श्री गुरू खुशवंत साहेब, कोण्डागांव में विधायक श्री ललित चन्द्राकर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची, नारायणपुर में विधायक श्री नीलकंठ टेकाम और सुकमा में विधायक श्री चौतराम अटामी मुख्य अतिथि होंगे। recent visitors 64