भाजपा में जुबानी जंग! प्रदेश अध्यक्ष नहीं संभाल पा रहे भाजपा, पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र ने लगाए आरोप

Verbal war in BJP! State president is unable to handle BJP, former Home Minister Bhupendra made allegations भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के सीनियर नेता भूपेन्द्र सिंह आमतौर पर सार्वजनिक रूप से सधे रूप में अपनी बात रखते रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से वे लगातार मुखर हैं। वे अपने बयान के बाद अब सागर जिले में अकेले पड़ गए हैं। विगत दिनों एक कार्यक्रम में कांग्रेस से आए एक नेता को लेकर भूपेंद्र सिंह के बयान से सियासी घमासान मच गया है। इस बयान पर अब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की इंट्री हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने साफ कहा है कि पार्टी में आने वाला हर व्यक्ति अब पार्टी की ताकत और पार्टी का कार्यकर्ता है। किसी को कोई समस्या होगी तो पार्टी फोरम पर चर्चा की जाएगी। पार्टी में आने वाला अब पार्टी की ताकत बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व और उनके कामों से प्रभावित होकर यदि कोई आया है तो पार्टी उनका स्वागत करती है। भाजपा में आए हुए लोग अब भारतीय जनता पार्टी हैं। अब व्यक्तिगत मेरी या किसी और की किससे क्या है, मैं नहीं कह सकता। मनुष्य होने के नाते एक-दूसरे के अलग विचार हो सकते हैं, लेकिन भाजपा में आने वाले सभी भाई पार्टी की ताकत और पार्टी के कार्यकर्ता हैं। आने वाले लोगों को लेकर कोई संदेह नहीं है। भाजपा में कहीं कोई मतभेद नहीं होते। यदि कहीं कोई व्यक्तिगत समस्या होगी तो पार्टी फोरम पर उस पर चर्चा होगी। पूर्व मंत्री ने कहा था- कांग्रेसियों को मैं कभी स्वीकार नहीं करूंगा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पूर्व गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह के उस बयान पर जवाब दिया है, जो उन्होंने सागर के आदर्श गार्डन में हुए दीपावली मिलन समारोह में दिया था। भूपेन्द्र सिंह ने पूर्व के वर्षों में हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा था, ” खुरई विधानसभा क्षेत्र में एक समय कांग्रेस का इतना आतंक था कि कोई भी भाजपा से जुड़ा व्यक्ति पार्षद, सरपंच और यहा तक कि विधायक का भी फॉर्म नहीं भर सकता था। पार्टी ने मुझसे कहा कि खुरई विधानसभा से लड़ना है तो मैं तैयार हो गया। इसके बाद लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीत गया। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस के सामने हमला हुआ, इसमें 72 कार्यकर्ता घायल हुए। ऐसे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पार्टी स्वीकार करे या न करे, मैं कभी स्वीकार नहीं करूंगा। भूपेन्द्र सिंह ने इसके पहले उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के सामने मोबाइल सीडीआर का भी मामला उठाया था। recent visitors 328

प्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिये इसी माह मुख्यमंत्री विदेश भी जायेंगे, बदलेगी राज्य की तस्वीर?

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के संतुलित औद्योगिक विकास और रोजगार संवर्धन के लिए संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और प्रदेश के बाहर महानगरों में निवेश के लिये हुए रोड-शो से देशभर से सकारात्मक परिणाम मिले हैं। फरवरी 2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट तक यह क्रम जारी रहेगा। आगामी 7 दिसम्बर को नर्मदापुरम में संभाग स्तरीय इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होगी, जिसमें निवेशकों को नर्मदापुरम क्षेत्र की संभावनाओं से जोड़ते हुए, प्रदेश की आर्थिक बेहतरी के लिए गतिविधियां प्रस्तावित हैं। कॉन्क्लेव में सभी सेक्टर्स के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया है, जिससे आईटी, हेल्थ, एजुकेशन, टूरिज्म, भारी उद्योग, एमएसएमई, लघु कुटीर उद्योग सहित सभी प्रकार के उद्योग धंधों के माध्यम से राज्य के लोगों के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकें। राज्य सरकार के इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिये इसी माह हम विदेश भी जाने वाले हैं। जहाँ विदेशी उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के लिये राज्य सरकार की नीतियों और यहाँ के औद्योगिक वातावरण से अवगत करा कर आमंत्रित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में बेहतर आर्थिक वातावरण बने, लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलें, युवाओं को अपनी बौद्धिक क्षमता के अनुरूप स्थानीय स्तर पर काम मिलें, उन्हें रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़े, इस दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास से मीडिया को जारी संदेश में यह बात कही। निवेशकों के लिये उद्योग मित्र नीतियाँ मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि सरकार ने उद्योग क्षेत्र के लिये वर्ष 2024-25 में 4 हजार 190 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। औद्योगिक निवेश को प्रोत्सहन देने के लिये प्रदेश में सिंगल विंडो सिस्टम, निवेश प्रोत्सहन और कस्टमाइज पैकेज जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। नये निवेशकों को उद्योग मित्र नीतियों के साथ सरल और सुगम निवेश प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये प्रदेश के प्रत्येक जिले में इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। कई जिलों में शुरू भी हो चुके हैं। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये इन सेंटर में जिला कलेक्टर्स को नोडल अधिकारी बनाया गया है। मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के लिये पिछले 8 माह में जो प्रयास हुए, उसमें उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव एवं मुंबई, कोयंबटूर, बैंगलुरू और कोलकाता में हुए रोड-शो के साथ हुए इंटरेक्टिव सेशन के काफी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। इनमें विभिन्न सेक्टर्स में 2 लाख 76 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 3 लाख 28 हजार 670 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाएगा। इस वर्ष 7-8 फरवरी 2025 को भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होगा। निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है म.प्र. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश न सिर्फ औद्योगिक हब बन रहा है बल्कि हर क्षेत्र में उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त कर रहा है। प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी, उद्योग अनुकूल नीतियों और मजबूत अधोसंरचना से मध्यप्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है। recent visitors 68

रीजनल इंडस्ट्रीज कान्क्लेव के माध्यम से प्रदेश में निवेश का माहौल बना, MP निवेश बढ़ाने के लिए नवंबर में CM का विदेश दौरा

भोपाल फरवरी, 2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट से पहले संभाग स्तर पर रीजनल इन्वेस्टर्स कान्क्लेव का क्रम पूरा हो जाएगा। सात दिसंबर को नर्मदापुरम में कान्क्लेव होगी, जिसमें देशभर के उद्योगपति जुटेंगे। इसके लिए आइटी, स्वास्थ्य, एजुकेशन, टूरिज्म, भारी उद्योग, एमएसएमई, लघु कुटीर उद्योग सहित सभी क्षेत्र के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया है। प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री प्रतिनिधि मंडल के साथ इसी माह जर्मनी और इंग्लैंड जाएंगे। यह बतौर मुख्यमंत्री उनका पहला विदेश दौरा होगा। उन्होंने मीडिया संदेश में बताया कि रीजनल इंडस्ट्रीज कान्क्लेव के माध्यम से प्रदेश में निवेश का माहौल बना है। उद्योग मित्र नीतियां तैयार की जा रही हैं तो ऐसे रोजगारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिनमें रोजगार की अधिक संभावनाएं हैं। प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए नवंबर में विदेश का दौरा भी किया जाएगा। इसमें वहां के उद्योगपतियों को मध्य प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए सरकार की नीतियों के साथ औद्योगिक वातावरण से अवगत कराकर आमंत्रित करेंगे। नर्मदापुरम में होने वाले कान्क्लेव से क्षेत्र के विकास को पंख लगेंगे। 2.76 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 3.28 लाख से अधिक लोगों मिलेगा रोजगार प्रदेश में अब तक उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव के साथ मुंबई, कोयंबटूर, बेंगलुरू और कोलकाता में रोड-शो एवं इंटरेक्टिव सेशन हो चुके हैं। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के दो लाख 76 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे तीन लाख 28 हजार 670 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाएगा। इस वर्ष सात-आठ फरवरी 2025 को भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का आयोजन होगा। recent visitors 39

आज देवउठनी एकादशी पर होंगे तुलसी विवाह

रायपुर कार्तिक मास की एकादशी तिथि को तुलसी विवाह कराया जाता है। कल मंगलवार को देवउठनी एकादशी मनाई जाएगी,इसलिए इस साल 12 नवंबर को तुलसी विवाह किया जाएगा। इसकी बहुत मान्यता है। ऐसा माना जाता है कि देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी विवाह करने से जीवन में फैली नकारात्मकता दूर हो जाती है। इन दिन विवाह समेत सारे शुभ कार्य प्रारंभ हो जायेंगे। दीपावली व कार्तिक पूर्णिमा के बीच यह त्यौहार काफी धूमधाम से मनाया जाता है,कुछ लोग इसे छोटी दीवाली भी कहते हैं। इस दिन विशेष के लिए गन्ना का काफी महत्व रहता है,हर चौक चौराहों पर इसकी बिक्री हो रही है। इसी से विवाह का मंडप सजाया जाता है। अन्य पूजन सामग्रियों का बाजार भी शहर में आज से सज गया है। किस शुभ मुहूर्त में करें तुलसी विवाह- *तुलसी विवाह का आयोजन द्वादशी तिथि पर करना चाहिए * 12 नवंबर की शाम को द्वादशी तिथि शुरू हो जाएगी। * 12 या 13 नवंबर को कभी तुलसी विवाह किया जा सकता है। * 12 नवंबर शाम 4 बजकर 6 मिनट पर द्वादशी तिथि शुरू हो जाएगी। *  13 नवंबर की दोपहर 1 बजकर 2 मिनट तक द्वादशी तिथि रहेगी। recent visitors 86

Zomato का नया फीचर, बेहद कम दाम पर मिलेगा कैंसल आर्डर! जाने क्या है प्लान

मुंबई ऑनलाइन फूड डिलीवरी जोमैटो के सीईओ दीपेंद्र गोयल ने नए फीचर का ऐलान किया है. इस फीचर का नाम Food Rescue है. इस फीचर के तहत यदि किसी ने अपना ऑर्डर कैंसिल किया, तो जोमैटा आसपास के ग्राहकों को ऑफर देगा कि वो इस ऑर्डर को किफायती दर पर ले सकते हैं. दीपेंद्र गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'जोमैटो पर हम ऑर्डर कैंसिल करने के लिए प्रोत्साहित नहीं करते, क्योंकि इससे बहुत सारा खाना बर्बाद होता है.'  चार लाख से ज्यादा ऑर्डर हो रहे कैंसिल जोमैटो के सीईओ दीपेंद्र गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, 'सख्त नियमों और कैंसिलेशन पर नो रिफंड पॉलिसी होने के बावजूद, चार लाख से ज्यादा अच्छे-खासे ऑर्डर कस्टमर द्वारा अलग-अलग वजहों से जोमैटो में कैंसिल कर दिए जाते हैं. हमारे लिए सबसे बड़ी चिंता है कि, रेस्टोरेंट इंडस्ट्री और यहां तक कि ऑर्डर कैंसिल करने वाले ग्राहकों की भी सबसे बड़ी चिंता है कि किसी तरह खाने की बर्बादी को रोका जाए.आज, हम एक नया फीचर ला रहे हैं (जिसे अभी लागू किया जा रहा है) – फूड रेस्क्यू!' आस-पास के ग्राहकों को दिखेंगे कैंसिल किए ऑर्डर   दीपेंद्र गोयल ने पोस्ट में आगे लिखा, 'कैंसिल किए गए ऑर्डर अब आस-पास ग्राहकों को दिखाई देंगे. ये ऑर्डर उन्हें बेहद कम दाम पर, उनकी असली पैकेजिंग और कुछ ही मिनटों में डिलीवर होंगे. कैंसिल किया गया ऑर्डर उस डिलीवरी पार्टनर के तीन किमी दायरे में कस्टमर के ऐप पर दिखाई देगा, जो ऑर्डर लेकर जा रहा है. हालांकि, खाने की ताजगी बनी रहे, इसके लिए ऑर्डर लेने का ऑप्शन केवल कुछ ही मिनटों के लिए उपलब्ध होगा. सरकारी टैक्स को छोड़कर जोमैटो इस पर कोई भी मुनाफा नहीं कमाएगा.'   इन आइटम्स में नहीं लागू होगा फीचर   दीपेंद्र गोयल ने बताया कि आइसक्रीम, शेक, स्मूदी जैसे ऑर्डर और खराब होने वाली चीजें जैसे दूरी या टेंपरेचर के प्रति संवेदनशील प्रोडक्ट्स, इस फीचर के लिए योग्य नहीं होंगे. वहीं, रेस्टोरेंट के मालिकों को मूल कैंसिल किए गए ऑर्डर का मुआवजा पहले की तरह मिलते रहेगा. इसके साथ ही यदि नए फीचर के तहत ऑर्डर लिया जाता है तो नए कस्टमर द्वारा किए गए पेमेंट का एक हिस्सा भी मिलेगा.' डिलीवरी पार्टनर को मिलेगा पूरा भुगतान बकौल दीपेंद्र गोयल, 'अभी तक ज्यादातर रेस्टोरेंट ने इस सुविधा को चुन लिया है. वे जब चाहें अपने कंट्रोल पैनल से इसे आसानी से बंद कर सकते हैं. डिलीवरी पार्टनर को शुरुआती पिकअप करने से लेकर नए ग्राहक के लोकेशन पर ड्रॉप ऑफ तक पूरा भुगतान कियाजाएगा. यदि आपके लिए कोई कैंसिल किया ऑर्डर उपलब्ध है, फूड रेस्क्यू आपके होम पेज पर अपने आप दिखाई देगा. बचाए जाने वाले किसी भी नए उपलब्ध ऑर्डर की जांच के लिए अपने होम पेज को रिफ्रेश करें.' recent visitors 167

अब इस यूरोपीय ने लगाया बुर्के पर संपूर्ण बैन, पहना तो 90 हजार का देना होगा जुर्माना

ज्यूरिख़ अब स्विटजरलैंड भी उन देशों की लिस्ट में शामिल होने जा रहा है, जहां पर हिजाब या बुर्का बैन है. स्विटजरलैंड जल्द ही अपने यहां हिजाब, बुर्का या सर को ढकने वाली चीजों पर पाबंदी लगा देगा. अधिकारिक तौर पर स्विटजरलैंड में बुर्का पर बैन 1 जनवरी 2025 से शुरू होगा. कई दूसरे देशों की तरह स्विटजरलैंड ने भी सिक्योरिटी का हवाला देकर बुर्का पर बैन लगाने की बात कही है. स्विटजरलैंड ने भी बुर्का पर बैन लगाने के पीछे सामाजिक सामंजस्य का हवाला दिया है. 2021 में लागू हुआ था फैसला स्विटजरलैंड ने सबसे पहले साल 2021 में जनमत संग्रह के बाद पूरे देश में बुर्के पर बैन लगाने का फैसला किया था. हालांकि, इस फैसले के खिलाफ मुस्लिम संगठनों और मानवाधिकार समर्थकों ने कड़ी आलोचना की थी. इसके बावजूद, जनमत संग्रह बहुत कम अंतर से पारित हो गया. यहां महज 51 फीसद लोगों ने पाबंदी का सपोर्ट किया था. लगाया जाएगा जुर्माना स्विटजरलैंड में बुर्का बैन कानून का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ 1,000 स्विस फ़्रैंक तक का जुर्माना लगाया जाएगा. यह रकम भारतीय पैसों के हिसाब से 1 लाख रुपये के आस-पास बनती है. यहां होगी आजादी स्विटजरलैंड में बुर्का बैन होने के बाद भी कुछ स्थितियों में सर ढकने की सहूलत होगी. जैसे हवाई जहाज और राजनयिक परिसर में औरतें सर ढक सकती हैं. पूजा स्थल और दूसरी पाक जगहों पर भी सर ढका जा सकता है. मेडिकल इशू की वजह से भी सर ढका जा सकता है. इसके अलावा ज्यादा गर्मी या सर्दी की वजह से चेहरा और सर ढका जा सकता है. पारंपरिक रीति-रिवाज़ और आर्ट प्रोग्राम में भी सर और चेहरे को ढका जा सकता है. सार्वजनिक सभाओं या विरोध प्रदर्शन के दौरान सर-चेहरा ढकने की आजादी है. इन देशों में बैन है बुर्का अपने यहां बुर्का बैन करने वाला सबसे नया देश स्विटजरलैंड है. इसके अलावा 16 देशों ने अपने यहां बुर्का बैन किया हुआ है. इन देशों में यूरोप, एशिया और अफ्रीका देश शामिल हैं. ट्यूनीशिया, ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, फ्रांस, बेल्जियम, ताजकिस्तान, उज्बेकिस्तान, बुल्गारिया, कैमरून, चाड, रिपब्लिक ऑफ शिकागो, गाबोन, नीदरलैंड, चीन, मोरक्को और श्रीलंका. recent visitors 79

उत्साहजनक : केवल एक सप्ताह में ही 2 लाख से ज्यादा बुजुर्ग आयुष्मान की नई योजना से जुड़ गए

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने कुछ समय पहले ही आयुष्मान भारत योजना का विस्तार करते हुए इसमें अहम बदलाव किया. योजना में 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को भी शामिल किया गया है. इस बदलाव के महज एक हफ्ते बाद ही जो आंकड़े निकलकर सामने आए हैं, वो उत्साहजनक है. केवल एक सप्ताह में ही 2 लाख से ज्यादा बुजुर्ग इस योजना से जुड़ गए हैं. प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना के विस्तारित संस्करण को शुरू करने के पहले सप्ताह के भीतर 70 वर्ष से अधिक आयु के 2.16 लाख से अधिक नए लाभार्थियों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत कार्ड प्राप्त हुए हैं. केरल से सबसे अधिक पंजीकरण राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के पास 7 नवंबर तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विस्तारित संस्करण के तहत केरल से सबसे अधिक नए लाभार्थियों ने पंजीकरण करवाया है, जहां बुजुर्गों के लिए लगभग 89,800 कार्ड जारी किए गए हैं. संयोग से, यह राज्य उन राज्यों में से है, जहां अगले दशक में बुज़ुर्ग नागरिकों का अनुपात सबसे ज़्यादा होने का अनुमान है. 2031 तक केरल में 60 वर्ष से ज़्यादा उम्र के लोगों की संख्या की आबादी 20.9% होने की उम्मीद है. नए बुज़ुर्ग लाभार्थियों की सूची में केरल के बाद राज्य मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश का नंबर आता है जहां से क्रमशः 53,000 और 47,000 बुजुर्ग योजना से जुड़े हैं. आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे राज्यों के लोगों की संख्या कम है. पिछले एक सप्ताह में आंध्र प्रदेश के 3488, तेलंगाना के 3056 और तमिलनाडु के 3156 बुजुर्ग इस योजना से जुड़े हैं. बंगाल और दिल्ली के बुजुर्ग इस वजह से नहीं ले सकेंगे लाभ इन आंकड़ों में AAP शासित दिल्ली और TMC शासित पश्चिम बंगाल शामिल नहीं हैं, जिन्होंने इस योजना से बाहर निकलने का विकल्प चुना है.  29 अक्टूबर को विस्तारित संस्करण को लागू करने के दौरान, प्रधानमंत्री ने खेद व्यक्त किया था कि इन दोनों राज्यों में बुजुर्ग नागरिक इससे बाहर रह गए हैं. हालांकि, पंजाब की AAP शासित सरकार ने विस्तारित संस्करण को लागू किया है. यहां के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राज्य ने पिछले सप्ताह बुजुर्गों को 5,697 नए कार्ड जारी किए हैं, जो टॉप टेन की सूची में शामिल है. आपको बता दें कि आयुष्मान भारत योजना को साल 2018 में पहली बार लॉन्च किया गया था जो दुनिया का सबसे बड़ा स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम है. इस योजना के तहत, लोगों को सालाना 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है. हाल ही में केंद्र सरकार ने योजना का विस्तार करते हुए 0 वर्ष और उससे ज्यादा आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को भी इसमें शामिल किया है. सरकार का मकसद केंद्र सरकार की नवीनतम पहल का उद्देश्य 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों वाले लगभग 4.5 करोड़ परिवारों को लाभ पहुंचाना है. विस्तारित संस्करण के तहत, 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी लोग, चाहे उनकी आय कुछ भी हो, वह 5 लाख रुपये के कवर पाने के हकदार होंगे. जिन लोगों के पास पहले से आयुष्मान कार्ड है, उन्हें नए कार्ड के लिए फिर से आवेदन करना होगा और अपना EKYC फिर से पूरा करना होगा. AB-PMJAY के तहत पहले से ही कवर परिवारों से संबंधित 70 वर्ष और उससे ज्यादा आयु के वरिष्ठ नागरिकों को अपने लिए प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का अतिरिक्त टॉप-अप कवर मिलेगा. इसे उन्हें परिवार के अन्य सदस्यों के साथ साझा नहीं करना होगा.     recent visitors 76