रायपुर दक्षिण उपचुनाव: 10 बूथ संभालेंगी महिलाएं, एक दिव्यांगों के भरोसे, पांच रहेंगे युवा प्रबंधित

रायपुर रायपुर दक्षिण के लिए मतदान 13 नवंबर को किया जाएगा। इसके लिए चुनाव आयोग तैयारियाें में लगा हुआ है। रायपुर दक्षिण के लिए 266 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। जिसमें से 253 मुख्य सामान्य मतदान केंद्र, जबकि 13 उप मतदान केंद्र बनाए गए हैं। वहीं, कुछ आदर्श मतदान केंद्र बनाए गए हैं। जिनमें से 10 संगवारी बूथ बनाए गए हैं, इन मतदान केंद्रों में सिर्फ महिलाएं ही रहेंगी और पूरा प्रबंधन देखेंगी। जिसमें पीठासीन अधिकारी से लेकर अन्य सभी सहायक स्टाफ महिलाएं ही रहेंगी। वहीं, एक मतदान केंद्र दिव्यांगों के भरोसे संचालित किया जाएगा। इसमें सभी स्टाफ दिव्यांग ही रहेंगे। वहीं, पांच बूथ युवा प्रबंधित रहेंगे। इन मतदान केंद्रों में 30-35 वर्ष के युवा कर्मचारियों की टीम इनका प्रबंधन देखेगी। इस पूरी चुनाव प्रक्रिया में 1500 कर्मचारियों की टीम रहेगी, जो कि सुबह सात बजे से लेकर शाम छह बजे तक मतदान प्रक्रिया करवाएगी। इस उपचुनाव में पिछली बार की तुलना में 10 हजार से ज्यादा मतदाता नए बने हैं और इस बार 2,71,169 मतदाता मतदान करेंगे। मतदान दलों को बांटेंगे सामग्री मतदान दलों की टीमों को मतदान सामग्रियों का वितरण मंगलवार सुबह सेजबहार से किया गया। इसके लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय से सुबह सात बजे से बसों की व्यवस्था की गई। वहां मतदान दल अपनी-अपनी सामग्रियां लेने के बाद सीधे निर्धारित मतदान केंद्र पहुंचे और व्यवस्था संभाला। दाे हजार जवान संभालेंगे मोर्चा दक्षिण के चुनाव के लिए बनाए गए मतदान केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने के लिए दो हजार जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। जिसमें सीआरपीएफ और पुलिस की टीम शामिल है। इन्होंने एक दिन पहले से ही मोर्चा संभाल लिया है और मतदान केंद्रों में व्यवस्था संभाल रहे हैं। शाम छह बजे तक मतदान, रिजल्ट 23 को मतदान के लिए इस बार सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान की सुविधा दी जा रही है। मतदान के बाद सभी दल सेजबहार स्थित स्ट्रांग रूम में देर रात तक अपनी सामग्रियां जमा करेंगे। वहीं, उपचुनाव के परिणाम 23 नवंबर को सामने आएंगे। फैक्ट फाइल 2,71,169 कुल मतदाता 1,33,800 पुरुष मतदाता 1,37,317 महिला मतदाता 52 तृतीय लिंगी मतदाता recent visitors 85

लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, भारत का आईटी खर्च 2025 में 160 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा

नई दिल्ली भारत का आईटी खर्च आने वाले समय में तेजी से बढ़ सकता है। मंगलवार को आई एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, भारत का आईटी खर्च 2025 में 160 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो 2024 से 11.2 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। गार्टनर की एक रिपोर्ट के अनुसार, एप्लीकेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर सॉफ्टवेयर मार्केट दोनों के बढ़ने के कारण, भारत में सॉफ्टवेयर खर्च में सबसे अधिक वार्षिक वृद्धि दर दर्ज होने का अनुमान है, जो 2025 में 17 प्रतिशत बढ़ जाएगी। गार्टनर के वीपी एनालिस्ट नवीन मिश्रा ने कहा, "2025 में, भारतीय मुख्य सूचना अधिकारी (सीआईओ) प्रारंभिक प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट परियोजनाओं से अलग जनरेटिव एआई (जेनएआई) के लिए बजट आवंटित करना शुरू कर देंगे।" उन्होंने कहा, "जेनएआई पर खर्च बढ़ेगा, लेकिन भारतीय मुख्य सूचना अधिकारियों की इसकी क्षमताओं को लेकर अपेक्षाएं कम हो जाएंगी।" इसके अलावा, भारतीय सीआईओ 2024 की तुलना में 2025 में साइबर सुरक्षा, बिजनेस इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स जैसी टेक्नोलॉजी पर खर्च करने में यकीन रखेंगे। कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट में जेनएआई-इनेबल्ड ऑफरिंग का प्राइस प्रीमियम, ईमेल-ऑथरिंग और एनालिटिक प्लेटफॉर्म सॉफ्टवेयर से जुड़े खर्च को बढ़ाएंगे, जिससे इस सेगमेंट में तेजी आएगी। वर्ष 2025 तक जेनएआई कैपेबिलिटी वाले 50 प्रतिशत से अधिक एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर प्राइस प्रीमियम से जुड़े होंगे। प्राइसिंग ऑप्शन को लेकर भी 2025 तक बढ़ोतरी जारी रहेगी, क्योंकि जेनएआई प्रीमियम को लेकर खरीदार अपनी इच्छा जाहिर कर रहे हैं। वैश्विक सेवा बाजार में खर्च को लेकर सतर्कता, आर्थिक अनिश्चितता और उच्च पूंजीगत लागतों के बावजूद भारत में आईटी सेवाओं का खर्च 2025 में 11.4 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार “क्लाउड, एप्लिकेशन और परामर्श से जुड़ी सेवाओं में मजबूती आएगी। इसके साथ ही, 2025 (और उसके बाद) में श्रम उत्पादकता को बेहतर करने पर ध्यान रहेगा।" भारत में डेटा सेंटर सिस्टम पर खर्च 2025 में कुल 4.7 बिलियन डॉलर होने का अनुमान है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इंटीग्रेशन के लिए नए इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर उद्यमों की आवश्यकता से जुड़ा है। recent visitors 80

जिस कांग्रेस पार्टी में लोकतंत्र का कोई अस्तित्व नहीं है वह पार्टी परिवार की चौखट से शुरू होती है और उसी चौखट पर समाप्त

नई दिल्ली कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हाल ही में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी और उसके विधायकों को लेकर विवादित बयान दिया था। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कांग्रेस अध्यक्ष के इस बयान की निंदा की है। उन्होंने बात करते हुए कहा, “जिस कांग्रेस पार्टी में लोकतंत्र का कोई अस्तित्व नहीं है, वहां पूरी पार्टी एक विशेष परिवार की चौखट से शुरू होती है और उसी चौखट पर समाप्त होती है। जहां विचारधारा और नेतृत्व की गंभीर कमी नजर आती है। पूरी कांग्रेस पार्टी आज संकट में है और एक मानसिक रूप से अस्थिर नेता पार्टी को चलाने की कोशिश कर रहा है, जो सिर्फ हताशा और निराशा का शिकार है। यही कारण है कि उनकी बयानबाजी पूरी तरह से बेतुकी और निरर्थक हो गई है।” झारखंड सरकार की नौकरियों में जेएमएम द्वारा 33 फीसदी आरक्षण की बात पर उन्होंने कहा, “जो लोग अपने घर में महिलाओं को सम्मान नहीं दे सकते, अपशब्द बोलते हैं और महिला उत्पीड़न करते हैं, उनके मुंह से महिला सशक्तिकरण की बातें बिल्कुल बेबुनियाद हैं। यह हार को देखकर किया गया सिर्फ एक राजनीतिक छलावा और ड्रामेबाजी है।” बता दें कि झारखंड में 13 नवंबर को होने वाले पहले चरण के चुनाव के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। पहले चरण के तहत 13 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए कई जिलों में पोलिंग पार्टियों की रवानगी शुरू हो गई है। राज्य के पांच जिलों पश्चिमी सिंहभूम, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और गढ़वा के दुर्गम और दूरस्थ इलाकों में स्थित 225 मतदान केंद्रों पर चुनाव ड्यूटी के लिए प्रतिनियुक्त कर्मियों को सोमवार को रवाना कर दिया गया। पहले चरण के लिए 13 नवंबर को सुबह सात बजे से 43 विधानसभा सीटों पर वोटिंग शुरू हो जाएगी। recent visitors 67

निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 11 दिसम्बर को किया जायेगा

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 1 अक्टूबर 2024 की अर्हता तिथि के अनुसार फोटो युक्त निर्वाचक नामावली तैयार करने का आदेश जारी किया गया है। अब जो मतदाता 1 अक्टूबर 2024 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके होंगे, वे आगामी स्थानीय नगरीय निकाय निर्वाचन में मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। पूर्व में निर्वाचक नामावली हेतु 01 जनवरी 2024 की अर्हता तिथि निर्धारित की गई थी किन्तु राज्य शासन द्वारा नगरीय प्रशासन अधिनियम में संशोधन उपरांत 01 अक्टूबर 2024 की तिथि निर्धारित की गई है, जिसका प्रकाशन छत्तीसगढ़ राजपत्र में किया जा चुका है। यह प्रक्रिया चुनाव में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है, ताकि सभी योग्य मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पूर्व में जारी आदेश में संशोधन किया गया है जिसके तहत अर्हता तिथि अनुसार मतदाता सूची में नाम शामिल करने, हटाने तथा अद्यतन करने का कार्य किया जा सकेगा। नगरीय निकाय हेतु मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 16 अक्टूबर 2024 को किया जा चुका हैं। अब नवीन संशोधित जारी कार्यक्रम अनुसार दावे तथा आपत्तियां प्राप्त करना बुधवार 13 नवम्बर 2024 से तथा दावा/आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तारीख व समय बुधवार 20 नवम्बर 2024 को दोपहर 3 बजे तक एवं दावा/आपत्तियों को निपटारे की अंतिम तारीख बुधवार 24 नवम्बर 2024 निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार प्ररूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि बुधवार 27 नवम्बर 2024, प्ररूप क-1 में प्राप्त दावा का निराकरण करने की अंतिम तिथि शनिवार 30 नवम्बर 2024 तथा दावे/आपत्तियों के निराकरण आदेश के विरूद्ध अपील करने की अंतिम तारीख निराकरण आदेश पारित होने के 05 दिवस के भीतर निर्धारित किया गया है। निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन बुधवार 11 दिसम्बर 2024 को किया जाएगा। recent visitors 96

नवंबर में भी उत्तराखंड में पारा सामान्य से चार डिग्री अधिक

देहरादून. प्रदेशभर में वर्षा न होने से मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया जा रहा है, जिससे नवंबर के पहले पखवाड़े में भी सर्दी का एहसास नहीं हो रहा है। दून और ऊधमसिंह नगर का न्यूनतम तापमान सोमवार को सामान्य से चार डिग्री अधिक क्रमश: 16.2 और 16.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मुक्तेश्वर और टिहरी जैसे पहाड़ी क्षेत्रों का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक बना रहा। इससे इन क्षेत्रों में जितनी ठंड होनी चाहिए, उसका इस बार एहसास नहीं हो रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले चार दिनों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। मैदानी क्षेत्र देहरादून, रुड़की, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में सुबह के समय कुहासा व धुंध छाए रहने की संभावना है। दोपहर को पहाड़ी क्षेत्रों में चटख धूप खिलने का अनुमान है। दून का अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस अधिक 27.8 व न्यूनतम सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक 16.1 रहा। तीन अक्टूबर को लौटा था मानसून, तब से वर्षा नहीं हुई इस बार तीन अक्टूबर को मानसून के उत्तराखंड से विदा होने के बाद अभी तक मैदानी क्षेत्रों में वर्षा नहीं हुई है, जिससे तापमान अब भी सामान्य से अधिक बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार दून समेत मैदानी क्षेत्रों में सुबह कुहासा व धुंध छाने के आसार हैं। अन्य जिलों में मौसम शुष्क बना रह सकता है। तापमान में कहीं-कहीं मामूली गिरावट के आसार हैं। फिलहाल प्रदेश में वर्षा के आसार नहीं हैं। सर्द मौसम आ रहा है, शीत लहर से बचाव को अभी से कर लें तैयारी स्वास्थ्य विभाग की मासिक बैठक में सीएमओ डा. मनोज शर्मा ने कहा कि सर्द मौसम में शीत लहर से बचाव के लिए अस्पतालों में अभी से पर्याप्त इंतजाम कर लें। एसीएमओ डा. राजेश आर्या ने संस्थागत प्रसव बढ़ाने, जननी सुरक्षा योजना का लाभार्थियों को लाभ देने के निर्देश दिए। सोमवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में मासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएमओ डा. शर्मा ने कहा कि कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए नीतिगत तरीके से कार्य किए जाएं। उन्होंने अधीनस्थों को सभी अस्पतालों का स्थलीय निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। इससे पूर्व बैठक में परिवार नियोजन की अस्थायी व स्थायी विधियों पर व्यापक चर्चा हुई। एसीएमओ डा. आर्या ने कहा कि टीबी के लक्षण वाले व्यक्तियों के बलगम की जांच को प्राथमिकता से किया जाए। निक्षय मित्र की ओर से टीबी रोगियों को गोद लेकर उन्हें पोषण किट दें। हैपेटाइटिस बी, सी के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अस्पताल में पर्याप्त दवाइयां हैं। एचआइवी एड्स की रोकथाम के लिए जांच व इलाज में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए। कहा कि सर्दी के मौसम की शुरुआत हो गई है। शीत लहर चलने से पहले ही अस्पतालों के प्रसव कक्ष, इमरजेंसी व वार्डों में हीटर व ब्लोवर लगाएं और कंबलों की व्यवस्था की जाए। जिन अस्पतालों में रैन बसेरा बने हैं, वहां तीमारदारों की सुविधाओं का भी ध्यान रखें। बैठक में एसीएमओ डा. हरेंद्र मलिक, डा. एसपी सिंह के खटीमा नागरिक अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डा. बीपी सिंह, सितारगंज से संदीप कौर, जसपुर के डा. धीरेंद्र गहलोत, बाजपुर के डा. पीडी गुप्ता, काशीपुर के डा. राजीव पुनेठा, रुद्रपुर के चिकित्साधिकारी डा. उदय शंकर आदि थे। recent visitors 72

महाराष्ट्र के चिखली में राहुल गांधी की रैली रद्द, बयान जारी कर मांगी माफी, विमान में तकनीकी खराबी बानी वजह

महाराष्ट्र कांग्रेस नेता राहुल गांधी की महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के चिखली में होने वाली चुनावी रैली मंगलवार को रद्द कर दी गई, क्योंकि दिल्ली से आने वाली उनकी उड़ान में तकनीकी खराबी आ गई थी। राहुल गांधी दोपहर 12.30 बजे कांग्रेस उम्मीदवार राहुल बोंद्रे के लिए चिखली में जनसभा को संबोधित करने वाले थे। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने एक वीडियो बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने रैली रद्द करने का कारण बताया। उन्होंने कहा, "मुझे आज चिखली आना था, लेकिन मेरी उड़ान में तकनीकी खराबी के कारण मैं नहीं आ सका। मैं इसके लिए माफी चाहता हूं। मुझे एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करना था और सोयाबीन किसानों से बातचीत करनी थी। सोयाबीन और कपास किसान बड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।" मैं आप सभी से माफी चाहता हूं। मुझे आज चिखली आना था। वहां मुझे सोयाबीन के किसानों से मिलना था और एक जनसभा को संबोधित करना था, लेकिन हवाई जहाज में तकनीकी खराबी के कारण नहीं आ पाया। उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि भाजपा सरकार सोयाबीन और कपास किसानों को उचित मूल्य नहीं देती है। जैसे ही भारत ब्लॉक सरकार सत्ता में आएगी, हम आपकी समस्याओं का समाधान खोजने का प्रयास करेंगे।" पार्टी सूत्रों ने बताया कि गड़बड़ी के कारण गांधी का विमान दिल्ली हवाई अड्डे से उड़ान नहीं भर सका। कांग्रेस नेता आज गोंदिया जिले में एक रैली को संबोधित करेंगे। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव 20 नवंबर को एक ही चरण में होंगे और मतों की गिनती तीन दिन बाद होगी। recent visitors 70

मंत्री गोपाल राय के मुताबिक विंटर एक्शन प्लान को सही समय पर लागू करने से इस बार गंभीर स्थिति नहीं बनी

नई दिल्ली दिल्ली सरकार का दावा है कि पिछले सालों की अपेक्षा इस बार प्रदूषण में कमी है और एक्यूआई गंभीर स्थिति से बाहर है। दिल्ली सरकार पर्यावरण मंत्री गोपाल राय के मुताबिक विंटर एक्शन प्लान को सही समय पर लागू करने से इस बार गंभीर स्थिति नहीं बनी है। गोपाल राय ने बताया है कि दिल्ली के अंदर और ख़ास तौर से उत्तर भारत में पिछले सालों के प्रदूषण के स्तर को देखा जाये तो 1 नवम्बर से 15 नवंबर तक दिल्ली का एक्यूआई 400 के पार जाता रहा है। लेकिन इस साल अभी तक दिल्ली का एक्यूआई गंभीर कैटेगरी में नहीं गया है। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने इसके पीछे तीन मुख्य कारण बताए हैं जिसके चलते दिल्ली का एक्यूआई अभी भी गंभीर श्रेणी से बाहर है। गोपाल राय के मुताबिक, पहला दिल्ली के अंदर विंटर एक्शन प्लान के लिए जो काम किए जा रहे है, जिनमें चाहे डस्ट पोल्युशन कम करने के लिए हो, व्हीकल पॉल्यूशन को कम करने के लिए और आग जलने की घटना हो या जगह जगह पानी का किया जा रहा छिड़काव हो, इन सब से भी प्रदूषण में कमी आई है। गोपाल राय ने बताया है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल पराली जलाने की घटनाओं में काफी कमी आई है। जिसके कारण प्रदूषण में कमी देखने को मिल रही है। पहले विंटर पर दीपावली का धुआं आता था और हवा की गति कम होती थी। जिससे दिल्ली में एक्यूआई गंभीर श्रेणी में बन जाता था। गोपाल राय ने तीसरे मुख्य कारण में बताया कि इस बार अभी तक पूरी तरीके से ठंड नहीं आई है। गर्मी बनी हुई है और बीच-बीच में हल्की हवा भी चल रही है। जिसके चलते प्रदूषण में काफी कमी महसूस हो रही है। पहले एक नवंबर के आसपास से ठंड का मौसम शुरू हो जाता था। उसमें स्मॉग का असर दिखाई देता था, उसके बाद दीपावली के पटाखे का असर और अन्य राज्यों में जल रही पराली का भी असर देखने को मिलता था। इन सबके असर से एक लेयर बन जाती थी। जिससे दिल्ली में प्रदूषण स्तर खतरनाक लेवल तक पहुंच जाता था। गोपाल राय ने बताया कि इस बार दिल्ली के अंदर एंटी डस्ट अभियान के तहत पूरी दिल्ली में कंस्ट्रक्शन साइड की निगरानी की गई है। सड़कों पर जो धूल उड़ रही है उसके लिए 200 से ज्यादा एंटी स्मोक गन लगाई गई हैं। इसके साथ एंटी ओपन बर्निंग कैंपेन शुरू किया गया है। जिसमें आरडब्ल्यूए के लोगों को हिदायत दी गई है कि जहां पर नाइट ड्यूटी के दौरान कोई खुले में आग जलाता दिखे उसे बंद करवाई और वहां पर हीटर प्रोवाइड करवाएं। recent visitors 55