आदिवासी समाज ने किया हाथियों की समस्या को लेकर प्रदर्शन, थाना प्रभारी ने बताया नौटंकी, सस्पेंड करने की उठी मांग

रायगढ़ जिले के छाल क्षेत्र में सर्व आदिवासी समाज द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर बीते सोमवार को सरकारी दफ्तरों का घेराव किया गया. इस दौरान पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिन मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी गई थी, उसमें से हटकर स्थानीय थाना प्रभारी की कार्यशैली को लेकर भी जमकर विरोध किया गया. प्रदर्शन के दौरान एक स्थानीय जन प्रतिनिधि ने पुलिस अधिकारी को आड़े हाथों लेते हुए उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा कि स्थानीय पुलिस अधिकारी की मनमानी पूर्ण कार्यशैली से स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है. उन्होंने हाथी के मद्देनजर कहा कि ग्रामीणों को जानमाल का नुकसान हो रहा है जिसे लेकर यह प्रदर्शन किया जा रहा है. लेकिन थाना प्रभारी हमारी इस कवायद को नौटंकी बता रहे हैं. वक्ता ने कहा कि ऐसे थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से हटाया या निलंबित किया जाना चाहिए. दरअसल, ग्रामीणों का यह प्रदर्शन कई मांगो पर आधारित था, जिसमें हाथियों से होने वाले सभी तरह की क्षति की समस्या भी शामिल है. वक्ता ने कहा कि स्थानीय पुलिस अधिकारी ने ग्रामीणों के आंदोलन को कथित तौर पर नौटंकी बता दिया. इस बात को लेकर वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों ने इस बात पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए एक वक्ता ने छाल थाना के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को तत्काल सस्पेंड करने की बात कही. इस मामले में पुलिस अधिकारी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाने वाले वक्ता शौकी लाल नेताम, जो सर्व आदिवासी समाज के सलाहकार हैं, ने फोन पर बताया कि आंदोलन से ठीक पहले छाल थाना के थाना प्रभारी ने बातचीत के लिए उन्हें अपने ऑफिस पर बुलाया. जिस पर शौकी लाल और उनके साथी थाने पहुंचे. बातचीत के दौरान पुलिस अधिकारी ने उनसे दुर्व्यवहार करते हुए इस आंदोलन को नौटंकी कहा. शौकी लाल नेताम के मुताबिक मीटिंग में अधिकारी ने इस प्रदर्शन को पॉलिटिकल स्टंट बताया. इस पूरे मामले को लेकर सर्व आदिवासी समाज में रोष व्याप्त है. recent visitors 73

डीएपी से वंचित रहे किसानों को सुबह उपलब्ध कराई गई खाद

भोपाल   छतरपुर जिले में सोमवार 11 नवम्बर 2024 को मार्कफेड के गोदाम में सुबह 8 बजे लगभग 450 किसान खाद लेने पहुंचे थे। जहां उन्हें पूरी प्रक्रिया के तहत टोकन बांटा गया और करीब 130 मीट्रिक टन डीएपी खाद का वितरण किया गया। इस दौरान कुछ किसान भाई बाकी रह गए थे। उपसंचालक कृषि श्री के.के. वैद्य ने बताया कि बाकी रहे किसानों को समझाइश दी गई कि डीएपी की जगह एनपीके लेने के लिए प्रेरित किया गया। लेकिन उन्होंने कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल के कैम्प ऑफिस पहुंचकर डीएपी ही लेने का आवेदन दिया और कलेक्टर के निर्देशानुसार मंगलवार की सुबह किसानों को डीएपी खाद एमपी एग्रो से उपलब्ध कराई। उल्लेखनीय है कि 11 नवंबर को छतरपुर कृषि उपज मंडी में मार्कफेड के गोदाम में डीएपी खाद लेने के लिए 450 किसान एकत्रित हुए, उन सभी किसानो को सुबह 8 बजे से ही टोकन बांट दिए गए और पूरे दिन में 130 मीट्रिक टन डीएपी खाद टोकन के माध्यम से वितरण किया गया, इन सभी किसानो को डीएपी वितरण के पश्चात गोदाम मे डीएपी खत्म हो गया था। डीएपी वितरण के पश्चात शेष बचे 40 किसानो को एनपीके दिया गया था, उसके पश्चात 12 किसान शेष रह गए थे जो गोदाम में दोपहर 2 बजे आए थे, उन्हें भी टोकन दिया गया था। टोकन से खाद प्राप्त करने के लिये निर्देशित किया गया था, गोदाम में रात्रि 8.30 बजे डीएपी का वितरण बंद हुआ, डीएपी खाद ख़त्म होने के बाद यह 12 किसान खाद प्राप्त करने से वंचित रह गए, इन सभी किसानों को एनपीके प्राप्त करने हेतु समझाईश दी गई परंतु वह डीएपी खाद ही लेना चाहते थे, उक्त किसान अपने आवेदन लेकर खाद प्राप्त करने के लिए कलेक्टर से दूरभाष पर संपर्क किया और आवेदन देने के लिये उनके कैम्प ऑफिस आए, इन सभी किसानो के आवेदन प्राप्त किए गए और आश्वासन दिया गया कि उन्हें सुबह खाद वितरित कर दिया जाएगा। मंगलवार 12 नवंबर को प्रात 9:30 बजे सभी 12 किसानो को एमपीएग्रो गोदाम से खाद वितरित कर दिया है, किसानो के द्वारा किसी प्रकार का घेराव नहीं किया गया था, शांतिपूर्ण तरीके से डीएपी खाद ही प्राप्त के लिए अपने आवेदन दिए गए थे।   recent visitors 85

बिजनौर में एक भीषण सड़क हादसा, हादसे में दो युवकों की दर्दनाक मौत, खड़े ट्रक में पीछे से टकराई कार

बिजनौर उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यहां पर एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार सड़क पर खड़े ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार दो युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। हादसे की जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया। हादसे में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई कार जानकारी के मुताबिक, हादसा बिजनौर जनपद के कोतवाली क्षेत्र में नजीबाबाद रोड स्थित नेक्सा शोरूम के पास हुआ। यहां पर एक फॉर्च्यूनर कार नजीबाबाद से बिजनौर की ओर जा रही थी। जैसे ही कार नेक्सा शोरूम के पास पहुंची, अचानक सड़क पर खड़े एक ट्रक में पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस हादसे में कार में सवार तीनों लोग अंदर फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद तीनों को कार से बाहर निकाला। घायल युवक की हालत गंभीर हादसे में घायल तीनों लोग बुरी तरह से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया। यहां डॉक्टरों ने दो युवकों को मृत घोषित कर दिया। तीसरे युवक को गंभीर हालत में प्राथमिक उपचार के बाद मेरठ के हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। मृतकों की पहचान दिल्ली के रोहिणी निवासी साजिद और अनास के रूप में हुई है।  अनस इस्लामनगर कस्बा झालू का रहने वाला था। वहीं, तीसरा युवक जैनुल भी झालू का रहने वाला है जो गाड़ी चला रहा था, गंभीर रूप से घायल है और उसे मेरठ रेफर किया गया है। recent visitors 99

स्क्वैश के राष्ट्रीय खिलाड़ी सूर्यांश मिश्रा सम्मानित

रायपुर कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज द्वारा विगत दिनों आर्शिवाद भवन में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में स्क्वैश के राष्ट्रीय खिलाड़ी  सूर्यांश मिश्रा को राष्ट्रीय  स्कूल गेम्स 2023 -24 जो पुणे महाराष्ट्र में आयोजित हुई थी छत्तीसगढ़ की अंडर -14 टीम में चयन होने पर सम्मानित किया गया।  सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल  द्वारा सिल्वर मैडल और उपहार देकर यह सम्मान उन्हे प्रदान किया गया। प्रतिभावान खिलाड़ी सूर्यांश अनुराग मोमेंटो हाउस के संचालक अनुराग मिश्रा के पुत्र हैं। recent visitors 82

फर्जी कॉल में हो रही बढ़ोतरी, TRAI ने उठाय बड़ा कदम, 1.77 करोड़ Sim Cards को किया बंद

नई दिल्ली सरकारी टेलीकॉम विभाग अब फर्जी कॉल को लेकर अलर्ट मोड़ में नजर आ रहा है। दरअसल विभाग द्वारा हर दिन तकरीबन 1.35 करोड़ फर्जी कॉल्स ब्लॉक किए जा रहे हैं। हालांकि इसके बाबजूद भी साइबर ठग फ्रॉड के नए-नए तरीके निकल रहे हैं। इसी को देखते हुए अब टेलीकॉम विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए 1.77 करोड़ Sim Cards को ब्लॉक कर दिया है। यानी अब ये Sim Cards कॉल या मैसेज नहीं कर सकेंगे। दरअसल विभाग ने जिन सिम कार्ड्स को ब्लॉक किया है। इन नंबरों का उपयोग फर्जी कॉल करने के लिए किया जा रहा था। इन नंबरों से सायबर ठग लोगों को निशाना बना रहे थे। जिसे देखते हुए विभाग द्वारा यह बड़ा कदम उठाया गया है और टेलीकॉम विभाग ने TRAI के साथ मिलकर इन नंबरों को ब्लॉक किया है। 1.35 करोड़ फर्जी कॉल्स को ब्लॉक किया दरअसल पिछले महीने ट्राई ने अपने नियमों में बड़ा बदलाव किया था, नए नियमों के मुताबिक अब ऑपरेटरों को खुद ही मार्केटिंग और फर्जी कॉल्स को रोकना होगा। ऐसे में इन नए नियमों से कॉलर की व्हाइटलिस्टिंग की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। वहीं ट्राई के मुताबिक लोगों के द्वारा की गई शिकायतों को देखते हुए विभाग ने लगभग 1.35 करोड़ फर्जी कॉल्स को ब्लॉक किया हैं। इसके साथ ही लगभग 1.77 करोड़ मोबाइल नंबर को बंद कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो महज 5 दिनों में लगभग 7 करोड़ कॉल्स को विभाग द्वारा रोका गया हैं। एक बार फिर टेलीकॉम विभाग ने सख्ती दिखाई वहीं विभाग ने आगे और भी ज्यादा सख्ती करने के संदेश दिए हैं। टेलीकॉम विभाग अब फर्जी कॉल्स पर लगाम लगाने के लिए कड़ी करवाई कर रहा है। इससे पहले भी विभाग द्वारा लाखों सिम कार्ड ब्लॉक किए गए थे। वहीं अब एक बार फिर विभाग ने सख्ती दिखाई है। दरअसल हाल ही में संचार विभाग ने एक बयान दिया था और कहा था कि ‘बैंकों और पेमेंट वॉलेट की तरफ से लगभग 11 लाख अकाउंट को फ्रीज किया गया है। वहीं आने वाले समय में और भी सिम कार्ड्स को ब्लॉक किए जाएंगे। अभी सिर्फ यह शुरुआत है।’ डेली ब्लॉक हो रहे 1.53 करोड़ फर्जी कॉल दूरसंचार विभाग (DoT) ने अपने आधिकारिक X हैंडल से जानकारी शेयर करते हुए कहा कि 1.35 करोड़ फर्जी कॉल रोज ब्लॉक किए जा रहे हैं। वहीं, फर्जी टेलीमार्केटिंग कॉल करने वाले 1.77 करोड़ मोबाइल नंबर बंद कर दिए हैं। फर्जी कॉल करने में इस्तेमाल किए जाने वाले 14 से 15 लाख मोबाइल फोन को भी ट्रेस किया गया है। दूरसंचार विभाग ने बताया कि यूजर्स की परेशानी को समझते हुए पिछले 5 दिन में डेली 1.35 करोड़ फर्जी कॉल्स ब्लॉक किए गए हैं। इसका मतलब है कि सरकार ने करीब 7 करोड़ कॉल्स को ब्लॉक किया है। इसके अलावा दूरसंचार विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फाइनेंशियल फ्रॉड के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 1.77 करोड़ मोबाइल नंबर बंद किए गए हैं। यही नहीं, दूरसंचार विभाग ने चोरी हो चुके 14 से 15 लाख मोबाइल नंबर को भी बंद कर दिया है। DoT ने बताया कि यह तो बस शुरुआत है। टेक्नोलॉजी हमारे जीवन में कई तरह के फायदे लेकर आई है लेकिन कई लोग इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। यही कारण है कि टेक्नोलॉजी के लिए रेगुलेटरी सिस्टम को लाया गया है। पहले भी लाखों मोबाइल नंबर हो चुके ब्लॉक पहले भी DoT ने करोड़ों सिम कार्ड को ब्लॉक करने का काम किया है। दूरसंचार विभाग ने लोगों के मोबाइल पर आने वाले फर्जी कॉल्स को रोकने के लिए नियमों में बदलाव किया है। अब यूजर्स को केवल व्हाइटलिस्ट किए गए टेलीमार्केटिंग कॉल्स ही आएंगे। साथ ही, मैसेज में URL या APK लिंक होने पर उसे नेटवर्क लेवल पर ही ब्लॉक कर दिया जाएगा। हालांकि, अगर, मैसेज व्हाइटलिस्टेड है, तो उसे फर्जी कॉल्स नहीं समझा जाएगा। recent visitors 101

भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवम्बर को, धार और शहडोल में होंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विजन डॉक्यूमेंट @ 2047 होगा विकसित मध्यप्रदेश का आधार – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक से पहले किया सदस्यों को संबोधित कहा – शहरी विकास और प्लानिंग पर मंत्रीगण दें अपने सुझाव भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवम्बर को, धार और शहडोल में होंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वंदे-मातरम गान के साथ आरंभ हुई मंत्रि-परिषद की बैठक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विजन डॉक्यूमेंट @ 2047 विकसित मध्यप्रदेश का आधार होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने के उद्देश्य से 'विकसित मध्यप्रदेश @ 2047 विज़न डॉक्यूमेंट' तैयार किया जा रहा है। पिछले सप्ताह इस संबंध में नीति आयोग के सीईओ बी.वी. आर. सुब्रमण्यम ने राज्य के प्रमुख अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को अपने-अपने विभागों में विजन डॉक्यूमेंट की तैयारी की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी तीन माह में डॉक्यूमेंट का प्रारूप मंत्रि-परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में वंदे-मातरम् के गान साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सहयोगियों को प्रदेश में शहरी विकास और शहरी प्लानिंग के संबंध में अपने सुझाव नगरीय विकास एवं आवास विभाग से साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश के शहरों को झुग्गी मुक्त किए जाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी सहित अन्य घटकों में कार्य जारी है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में 9 लाख 50 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सितम्बर 2024 में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 लागू की गई,‍जिसमें पहले की तरह स्वयं की भूमि पर 2 लाख 50 हजार रूपए तक का अनुदान प्राप्त करना प्रमुख घटक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाई जाने वाली भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर धार और शहडोल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम होंगे,‍जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी वर्चुअली संबोधित करेंगे।   recent visitors 125

CJI बनते ही ऐक्शन में जस्टिस संजीव खन्ना, तत्काल सुनवाई पर बदल डाली जस्टिस चंद्रचूड़ वाली व्यवस्था

नई दिल्ली देश के नए नवेले मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना बतौर CJI अपने कार्यकाल के दूसरे दिन यानी मंगलवार को ऐक्शन में दिखे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में मामलों की तत्काल सुनवाई पर नई व्यवस्था करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि मामलों को तत्काल सूचीबद्ध करने और उन पर सुनवाई के लिए मौखिक उल्लेख करने की अनुमति अब नहीं दी जाएगी। उन्होंने वकीलों से इसके लिए ई-मेल या लिखित पत्र भेजने का आग्रह किया। आमतौर पर वकील दिन की कार्यवाही की शुरुआत में CJI की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष अपने मामलों पर तत्काल सुनवाई के लिए उनका मौखिक उल्लेख करते रहे हैं। चीफ जस्टिस खन्ना ने इस पुरानी परंपरा को बदलते हुए कहा, “अब कोई मौखिक उल्लेख नहीं होगा। केवल ई-मेल या लिखित पर्ची/पत्र के जरिए ही तत्काल सुनवाई के लिए अनुरोध स्वीकार किया जाएगा। बस, उस पत्राचार में वकीलों को तत्काल सुनवाई की आवश्यकता के कारण बताने होंगे।” बता दें कि पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ के कार्यकाल के दौरान मौखिक उल्लेख की परंपरा ने वकीलों को मौखिक रूप से तत्काल केस की लिस्टिंग का अनुरोध करने की अनुमति दी थी। हालांकि, इस व्यवस्था का इस्तेमाल आमतौर पर आसन्न गिरफ्तारी के मामलों या पुलिसिया कार्रवाई में अक्सर विध्वंस के मामलों में राहत पाने के लिए किया जाता था। नए चीफ जस्टिस खन्ना ने न्यायिक सुधारों के लिए नागरिक-केंद्रित एजेंडे की रूपरेखा तैयार की है और कहा है कि न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना और नागरिकों के साथ उनकी स्थिति की परवाह किए बिना समान व्यवहार करना न्यायपालिका का संवैधानिक कर्तव्य है। जस्टिस खन्ना ने एक दिन पहले ही मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली है। 10 नवंबर को जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ का कार्यकाल खत्म हो गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में 51वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में जस्टिस खन्ना को शपथ दिलाई थी। प्रधान न्यायाधीश ने सोमवार को अपने पहले बयान में कहा, ‘‘न्यायपालिका शासन प्रणाली का अभिन्न, फिर भी अलग और स्वतंत्र हिस्सा है। संविधान हमें संवैधानिक संरक्षक, मौलिक अधिकारों के रक्षक और न्याय के सेवा प्रदाता होने के महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘समान व्यवहार के मामले में न्याय वितरण ढांचे में सभी को सफल होने का उचित अवसर प्रदान करना आवश्यक है, चाहे उनकी स्थिति, धन या शक्ति कुछ भी हो, और ये न्यायपूर्ण और निष्पक्ष निर्णय हो। ये हमारे मूल सिद्धांतों को चिह्नित करते हैं।’’ प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘हमें सौंपी गई जिम्मेदारी नागरिकों के अधिकारों के रक्षक और विवाद समाधानकर्ता के रूप में हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है। हमारे महान राष्ट्र के सभी नागरिकों के लिए न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना हमारा संवैधानिक कर्तव्य है।’’जस्टिस खन्ना ने न्यायपालिका के सामने आने वाली चुनौतियों का उल्लेख किया जिनमें लंबित मामलों की संख्या कम करना, मुकदमेबाजी को किफायती बनाना और जटिल कानूनी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की आवश्यकता शामिल है। उन्होंने कहा कि न्याय प्रणाली को सभी नागरिकों की जरूरतों को पूरा करना चाहिए। उन्होंने अदालतों को अधिक सुलभ और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने के लिए एक दृष्टिकोण की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। उच्चतम न्यायालय ने एक बयान में कहा कि प्रधान न्यायाधीश का उद्देश्य एक आत्म-मूल्यांकन दृष्टिकोण अपनाना है जो अपने कामकाज में फीडबैक के प्रति ग्रहणशील और उत्तरदायी हो।इसमें कहा गया है, ‘‘नागरिकों के लिए फैसलों को समझने योग्य बनाना और मध्यस्थता को बढ़ावा देना भी प्राथमिकता में होगा।’’ recent visitors 118