Saturday, July 11, 2026 3:36 am

भारत को एक करने के लिए, जाति-पात, भेदभाव, छुआछूत, ऊंच-नीच, अगड़े और पिछड़े की लड़ाई को मिटाने के लिए मैं पदयात्रा करने वाला हूं : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

छतरपुर मध्य प्रदेश में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर और कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हमेशा अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. इस बीच उन्होंने एक और बयान दिया है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है. उन्होंने कहा है कि 'जिस दिन ये (मुस्लिम) 50 पर्सेंट हो जाएंगे, हर मंदिर में मस्जिद बन जाएगी, तब हिंदुओं को पता चलेगा.' पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने  में ये बात कही है. एक दूसरे इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वह भारत में हिंदू समाज के बीच एकजुटता का संदेश लेकर जल्द ही पूरे देश में पद यात्रा निकालेंगे. उन्होंने कहा, "भारत को एक करने के लिए, जाति-पात, भेदभाव, छुआछूत, ऊंच-नीच, अगड़े और पिछड़े की लड़ाई को मिटाने के लिए मैं पदयात्रा करने वाला हूं." धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, "मंदिरों के बाहर ये तो लिखा है कि चप्पल बाहर उतारें, लेकिन जाति-पात बाहर उतारकर आएं ये नहीं लिखा है. मेरी विचारधारा बहुत अलग है, मुझे भारत को बचाना है." महाकुंभ में गैर सनातनियों को लेकर क्या कहा? वहीं इससे पहले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की 'महाकुंभ में गैर सनातनियों को खाने पीने की दुकानें नहीं लगाने देना चाहिए' जैसी मांग का समर्थन किया है. उन्होंने कहा, "क्या मक्का-मदीना में हमारे गरीब हिंदू भाइयों को दुकान मिल सकती है, नहीं ना. क्या किसी चर्च के सामने कोई हिंदू कैंडल की दुकान लगा सकता है, नहीं ना." उन्होंने कहा, "अगर आप को हमारे धर्म के बारे में नहीं पता है. अगर आप को संगम के बारे में नहीं पता है, आप को सत्संग के बारे में नहीं पता है तो आप वहां बिजनेस करके क्या करोगे? क्या आप हमारी पवित्रता को बरकरार रख पाएंगे? हमने इसमें क्या गलत कह दिया था. लोगों ने इस बात पर बवाल कर दिया कि हमने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का समर्थन कर दिया." recent visitors 128

निश्चित समयावधि में नागरिक सेवाओं की कानूनी गारंटी देने वाला देश का पहला राज्य है मध्यप्रदेश

भोपाल   मध्यप्रदेश नागरिकों को अधिसूचित सेवाएँ प्रदाय करने की कानूनी गारंटी देने वाला देश का पहला राज्य है। प्रदेश में 25 सितम्बर 2010 से लोक सेवाओं के प्रदाय की गारंटी अधिनियम प्रभावशील है। वर्तमान में अधिनियम अंतर्गत 748 सेवाएँ अधिसूचित की जा चूंकि है। इन सेवाओं में लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से नागरिकों के लिए 342 सेवाएँ ऑनलाईन प्रदाय की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सुशासन के लिए संकल्पबद्ध मध्यप्रदेश सरकार ने प्रशासन को जनोन्मुखी बनाया हैं। नागरिकों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए समाधान एक दिन तत्काल सेवा, सीएम हेल्पलाईन 181 कॉल सेन्टर, महिला हेल्पलाईन, सीएम जन सेवा, दिव्यांग हेल्पलाईन समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम जनोन्मुखी प्रशासन की गवाही देते है। मध्यप्रदेश सरकार ने नागरिक अधिकारों को सशक्त बनाने और सेवा प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए सुशासन की दिशा में समय-समय पर अनेक कदम उठाएँ है। मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदाय की गारंटी अधिनियम के बेहतर क्रियान्वयन के लिए पृथक से लोक सेवा प्रबंधन विभाग का गठन किया गया। वर्ष 2013 में राज्य लोक सेवा अभिकरण की स्थापना की गई। राज्य लोक सेवा अभिकरण में लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम के क्रियान्वयन के साथ-साथ लोक सेवा केन्द्रों की स्थाना और संचालन का सीएम हेल्पलाईन कॉल सेंटर का संचालन और सीएम डेशबोर्ड का संचालन भी शामिल है। लोकसेवा केन्द्रों के माध्यम से नगारिकों को एक समयावधि में सेवाएँ प्रदाय करने के लिए सभी तहसीलों में 439 लोकसेवा केन्द्रों की स्थापना की गई है, जिनके माध्यम से विभिन्न विभागों की अधिसूचित सेवाएँ नागरिकों को प्रदाय की जा रही हो। अधिनियम के अंतर्गत विभाग की अधिसूचित सेवा "जाति प्रमाण पत्र प्रदाय" अभियान के तहत लोकसेवा केन्द्रों द्वारा प्रदेश भर के स्कूलों के छात्र-छात्राओं को जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने का अभियान सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस अभियान में अब तक लगभग 1 करोड़ 40 लाख डिजिटल हस्ताक्षरित रंगीन प्रमाण-पत्र प्रदान किए जा चुके है। प्रदेश में लोकसेवा गारंटी अंतर्गत अधिसूचित समस्त सेवाओं में 10 करोड़ 62 लाख आवेदनों का अब तक निराकरण किया जा चुका है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2010 अंतर्गत सेवाओं की प्रदाय की गारंटी हैं। प्रत्येक सेवा को प्रदाय करने की एक समयावधि भी तय की गई है। इसमें समय पर सेवा नहीं देने पर जिम्मेदार अधिकारी पर जुर्माना लगाने का प्रावधान भी है। अधिकारी वर्ग प्रतिदिन 250 रूपये से लेकर अधिकतम 5000 हजार रूपये तक की जुर्माना राशि जमा करने का प्रावधान है। समाधान एक दिन तत्काल प्रदाय सेवा नागरिकों को केवल एक दिन की समयावधि में सेवा उपलब्ध कराने की मंशा से मध्यप्रदेश शासन ने फरवरी 2018 में "समाधान एक दिन तत्काल सेवा" व्यवस्था शुरू की। इस व्यवस्था में आवेदक द्वारा दोपहर पूर्व तक दिए गए आवेदन का निराकरण दोपहर पश्चात कर दिया जाता है। इस सेवा में डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र व्हाटसअप, ई-मेल के माध्यम से भी आवेदकों को भेजे जा रहे है, जिससे आवेदक अपनी सुविधा अनुसार प्रमाण-पत्र समाधान एक दिन तत्काल सेवा व्यवस्था में अब तक दो करोड़ 63 लाख से अधिक आवेदन निराकृत किए गए है। समाधान एक दिन में दी जाने वाली 32 सेवाओं में आय प्रमाण-पत्र, स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, ट्रेड लाइसेंस, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत सम्मिलित पात्र परिवारों को डुप्लीकेट पात्रता पर्ची जारी चालू खसरा, बी-1 खतौनी चालू नक्शा, खसरा की प्रतिलिपि (खाते के समस्त), अभिलेखागार प्रतिलिपि, राजस्व प्रकरण में आदेश की प्रतिलिपि, भू-अधिकार पुस्तिका का प्रथम बार प्रदाय, जिला स्तरीय रिकॉर्ड रूम से पारित आदेश/अंतरिम आदेश आदि की सत्यप्रतिलिपि इत्यादि कई सुविधाएँ प्रदान की जाती है। संयुक्त राष्ट्र संघ से मिली सराहना मध्यप्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम अपनी तरह का पहला विशेष अधिनियम है जो निर्धारित समय-सीमा में नागरिकों को सार्वजनिक सेवाओं के प्रदान की गारंटी देता है। इसे वर्ष 2012 में अधिनियम को यूएनपीएसए पुरूस्कार प्राप्त हुआ। "लोक सेवाओं के वितरण में सुधार वर्ग में इस अधिनियम को संयुक्त राष्ट्र का वर्ष 2012 को लोक सेवा पुरूस्कार भी प्राप्त हुआ है।   recent visitors 108

खुदरा महंगाई में तेज उछाल के आसार, सब्जी और खाद्य तेल ने डाला जेब पर डाका

नईदिल्ली खाने-पीने की चीजों के दामों में तेज बढ़ोतरी के चलते अक्टूबर महीने में खुदरा महंगाई दर 6 फीसदी को पार करते हुए 6.21 फीसदी पर जा पहुंची है. सितंबर 2024 में खुदरा महंगाई दर 5.49 फीसदी रही थी. अक्टूबर महीने में खुदरा महंगाई दर  (Retail Inflation Rate) आरबीआई (Reserve Bank Of India) के टोलरेंस बैंड 6 फीसदी के भी पार जा पहुंची है. अक्टूबर महीने में खाद्य महंगाई दर में भी तेज उछाल देखने को मिला है और ये डबल डिजिट को पार करते हुए 10.87 फीसदी पर जा पहुंची है. डबल डिजिट में खाद्य महंगाई दर सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं उसके मुताबिक अक्टूबर 2024 में रिटेल इंफ्लेशन रेट 6.21 फीसदी पर जा पहुंची है. एक साल पहले अक्टूबर 2023 में खुदरा महंगाई दर 4.23 फीसदी रही थी. ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई दर 6.68 फीसदी और शहरी इलाकों में 5.62 फीसदी रही है. मंत्रालय ने बताया कि खुदरा महंगाई दर में ये तेज उछाल, सब्जियों, फलों, ऑयल और फैट्स की कीमतों में तेज उछाल के चलते देखने को मिला है. अक्टूबर 2024 में खाद्य महंगाई दर डबल डिजिट में चला गया है और ये 10.87 फीसदी रही है जो सितंबर में 9.24 फीसदी रही थी. ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर 10.69 फीसदी तो शहरी इलाकों में 11.09 फीसदी रही है. महंगी सब्जियों ने बढ़ाई महंगाई खुदरा महंगाई दर का जो आंकड़ा जारी किया गया है उसके मुताबिक अक्टूबर में सब्जियों की महंगाई दर में भारी बढ़ोतरी आई है. सब्जियों की महंगाई दर 42.18 फीसदी रही है जो सितंबर में 35.99 फीसदी रही थी. दूध और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स की महंगाई दर 2.97 फीसदी रही है. दालों की महंगाई में कमी आई है और घटकर 7.43 फीसदी रही है जो सितंबर में 9.81 फीसदी रही थी. अनाज और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स की महंगाई दर 6.94 फीसदी रही है जो सितंबर में 6.84 फीसदी रही थी. चीनी की महंगाई दर घटकर 2.57 फीसदी, अंडों की महंगाई दर में घटकर 4.87 फीसदी रही है. मीट और मछली की महंगाई दर बढ़कर 3.17 फीसदी रही है.   महंगी EMI से राहत के आसार नहीं खुदरा महंगाई दर आरबीआई के टोलरेंस बैंड की अपर लिमिट 6 फीसदी से बहुत ऊपर 6.21 फीसदी पर जा पहुंची है. जबकि खाद्य महंगाई दर 11 फीसदी के करीब है.  ऐसे में सस्ते कर्ज की उम्मीदों पर अब पानी फिरता नजर आ रहा है क्योंकि सब्जियों की कीमतों में कमी आने का नाम नहीं ले रही है. दिसंबर 2024 में आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक होगी. और अब ये तय है कि आरबीआई रेपो रेट को मौजूदा लेवल पर फिलहाल स्ठिर रखेगा. 10 फीसदी का आंकड़ा छू सकती है खाद्य महंगाई सब्जियों, दालों की कीमतों में उछाल के चलते अक्टूबर महीने में खाद्य महंगाई दर के बढ़ने की आशंकाओं को बल दे दिया है. सांख्यिकी मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2024 में खाद्य महंगाई दर असामान्य रूप से बढ़कर 9.24 फीसदी पहुंच गई. जबकि, अगस्त 2024 में खाद्य महंगाई दर 5.66 फीसदी दर्ज की गई थी और उससे पहले जुलाई में 5.42 फीसदी थी. अब अक्टूबर में खाद्य महंगाई दर के थोड़ा और ऊपर जाने पर दबाव बना हुआ है. खाद्य महंगाई दर से कब मिलेगी राहत? भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बीते सप्ताह के बुधवार को मुद्रास्फीति के ऊपर की ओर बढ़ने के जोखिमों पर प्रकाश डाला था. इससे पहले सितंबर 2024 में आई आरबीआई की रिपोर्ट में बेहतर खरीफ फसलों की आवक और अच्छे रबी सीजन की बढ़ती संभावनाओं के मद्देनजर वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही तक भारत की खाद्य महंगाई दर में कमी आने की उम्मीद जताई गई है.  recent visitors 98

भारत के पड़ोसी मुल्क ने T20 लीग में खेलने वाले विदेशी खिलाड़ियों को नहीं दिया पैसा, बकाया है मोटी रकम

नई दिल्ली जिस तरह भारत में आईपीएल होता है, उसी तरह भारत के पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में बीपीएल (बांग्लादेश प्रीमियर लीग) टी20 लीग खेली जाती है। इसी लीग की कुछ फ्रेंचाइजियों पर विदेशी खिलाड़ियों का मोटा पैसा बकाया है। वर्ल्ड क्रिकेट संघ यान डबल्यूसीए के अधिकारियों ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग के लीडरशिप ग्रुप से अनुरोध किया है कि विदेशी खिलाड़ियों के बकाए की समस्या को जल्द सुलझाया जाए। बीपीएल के पिछले सीजन में भाग लेने वाले खिलाड़ियों का बकाया कई टीमों पर है। क्रिकबज की रिपोर्ट की मानें तो क्रिकेट में खिलाड़ियों की वैश्विक संस्था डब्ल्यूसीए, जो घरेलू खिलाड़ी संघ के माध्यम से शीर्ष क्रिकेट खेलने वाले अधिकांश देशों के खिलाड़ियों का सामूहिक रूप से प्रतिनिधित्व करती है, उसने विदेशी खिलाड़ियों के भुगतान ना करने के मुद्दे के संबंध में बोर्ड को पहले ही एक पत्र भेजा है। डब्ल्यूसीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टॉम मोफैट ने भी क्रिकबज से मामले की पुष्टि की है। इसके अलावा बीपीएल की गवर्निंग काउंसिल के सचिव नजमुल अबेदिन ने भी माना है कि विदेशी खिलाड़ियों का पैसा बकाया है। पिछले बीपीएल सीजन में खेलने वाले कम से कम 15 क्रिकेटरों ने भुगतान ना किए जाने की शिकायत की थी, जिसकी राशि लगभग 250,000 अमेरिकी डॉलर (करीब 2.10 करोड़ भारतीय रुपये) थी, जबकि एक फ्रेंचाइजी, जिसने पिछला संस्करण खेला था, लेकिन इस संस्करण में भाग नहीं ले रही है, उस पर लगभग 1 लाख अमेरिकी डॉलर बकाया है। बांग्लादेश क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य देबव्रत पॉल ने कहा है कि 15 में 12 खिलाड़ियों का पैसा फ्रेंचाइजी ने दे दिया है, जबकि 3 खिलाड़ियों का पैसा 3 फ्रेंचाइजियों पर बकाया है। कोमिला विक्टोरियंस, चटगांव चैलेंजर्स और दुर्दांतो ढाका ने पिछले संस्करण में भाग लिया था, लेकिन वे आगामी सत्र में भाग नहीं ले रहे। सिलहट स्ट्राइकर्स, खुलना टाइगर्स, रंगपुर राइडर्स और मौजूदा चैंपियन फॉर्च्यून बारिशल टूर्नामेंट में हिस्सा लेना जारी रखेंगे, जबकि 11 साल के अंतराल के बाद चटगांव किंग्स, जिसने लीग के पहले दो सीजन में हिस्सा लिया था, वापसी करने के लिए तैयार है। इसके अलावा, दो नई टीमें, ढाका कैपिटल्स और दरबार राजशाही, इस सीजन में बीपीएल में शामिल हुई हैं। recent visitors 100

सर्दी-खांसी ने जकड़ लिया है, तो बिना दवाई के इन 5 उपायों से होगा ठीक

ठंड का मौसम आने वाला है ऐसे में सर्दी-खांसी और जुकाम होना आम बात है। सर्दियों के दौरान एक बार तो वातावरण में मौजूद ठंडक, हवा में नमी और वायु प्रदूषण के कारण खांसी, सर्दी, जुकाम, कफ और गले में खराश में होने की समस्या आम बात है। आती हुई सर्दी में खांसी-जुकाम जरुर होता है। वैसे तो दवाईयो के खाने से छुटकारा मिल जाता है, लेकिन ज्यादा दवाई के सेवन से शरीर को नुकसान होता है। इसके जगह आप घरेलू उपाय के जरिए सर्दी-खांसी और जुकाम से छटुकारा पा सकते हैं। अगर आप भी सर्दी-खांसी से परेशान हैं तो इन 5 उपायों के करने से निजात पा सकते हैं। अदरक और शहद अदरक में एंटीवायरल और एंटीबायोटिक गुण होते हैं, जो वायरल इंफेक्शन से लड़ने में मदद करती है। इसके साथ ही शहद गले की सूजन को दूर करने के लिए काम करता है। इस उपाय को करने के लिए आप एक कप गुनगुने पानी में आध चम्मच अदरक का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर पिएं। इस उपाय को आप दिन में दो-तीन बार कर सकते हैं। आपको काफी राहत मिलेगी। तुलसी और काली मिर्ची तुलसी में एंटीबायोटिक गुण मौजूद होते हैं। इसके साथ ही काली मिर्च खांसी को कम करने में मदद करता है। एक कप गुनगुने पानी में कुछ तुलसी के पत्ते और 2-3 काली मिर्च डालकर उबालें। अब आप इसे छानकर पिएं। यह जिद्दी से जिद्दी खांसी और गले की खराश में राहत देगा। गर्म पानी से भाप लें यदि आपको सर्दी और खांसी के साथ ही नाक बंद है, तो आप इस समस्या से बचने के लिए भाप लें सकते हैं। इसके लिए आप एक कटोरे में गर्म पानी लें और फिर उसमें सिर को झुका कर तौलिया से ढक लें। भाप को आपको 1 या 2 मिनट तक जरुर लें। ऐसा करने से आपकी नाक खुल सकती है और साथ ही गले की सूजन दूर होती है और खांसी में भी आराम मिलेगा। हल्दी वाला दूध सर्दी-खांसी की समस्या से बचने के लिए हल्दी वाला दूध सबसे फायदेमंद होता है। एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी डालकर अच्छे से मिला लें और सोने से पहले इसे पिएं। इससे आपको काफी राहत मिलेगी और साथ ही इम्यून सिस्टम भी मजबूत होगा। नींबू और गर्म पानी शरीर को इम्यून करने के लिए नींबू सबसे बढ़िया है क्योंकि इसमें विटामिन सी होता है। गर्म पानी में नींबू का रस डालें। इससे आपके गले की खराश दूर होगी। साथ ही सर्दी और खांसी की समस्या दूर होगी।   recent visitors 118

बच्चों में ठंड के मौसम में 40 से 50 फीसदी बढ़ जाता है निमोनिया का खतरा

रायपुर ठंड के मौसम की शुरूआत हो चुकी है। इससे बच्चों में निमोनिया का खतरा 40 से 50 फीसदी बढ़ जाता है। इसकी सही समय पर पहचान करके इलाज न किया जाए तो जानलेवा भी साबित हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि कई बच्चों की मौत निमोनिया से होती है। प्राय: बाल एवं शिशु रोग विभाग की ओपीडी में ठंड के समय निमोनिया से पीड़ित बच्चों की संख्या में इजाफा हो जाता है। र ठंड के समय मौसम अचानक बदलने से फेफड़ों में होने वाले एक तरह के संक्रमण से सांस लेने में परेशानी होती है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देता है। चिकित्सक इसे ही निमोनिया कहते हैं। अगर निमोनिया के लक्षण बच्चों या बुजुर्गों में दिखें तो तुरंत डाक्टर की सलाह लेनी चाहिए। लोगों में जागरूकता लाने के लिए हर साल 12 नवंबर को विश्व निमोनिया दिवस मनाया जाता है। सामान्यत: इसके लक्षण में  तेज बुखार,खांसी आना,सांस का तेज तेज चलना ,पसली तेज चलना दिखने या महसूस करने से पता चलता है। बच्चों का बचाव कैसे करें समय पर बच्चे का टीकाकरण कराएं। निमोनिया से बचाव करने के लिए पीसीवी (न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन) के तीन टीके लगाए जाते हैं। सफाई का ध्यान रखें। कीटाणु को फैलने से रोकें, बच्चों के हाथों बार-बार साफ करते रहें । खांसते और छींकते समय बच्चे की नाक और मुंह पर रुमाल या कपड़ा रखें । बच्चे को प्रथम छह माह तक मां का ही दूध दें। मां का दूध बच्चे में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ता है। इसमें एंटीबाडीज होती हैं जो बच्चे को रोगों से लडऩे में मदद करती है। सर्दी से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाएं, ठंडी हवा से बचाव के लिये कान को ढंके, पैरों के गर्म मोजे पहनाएं।  नंगे पैर ना घूमने दें। ठंडे पानी से दूर रखें। recent visitors 61

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट कप्तान टिम पेन हुए ध्रुव जुरेल पर हुए फ़िदा, जमकर की तारीफ

कैनबरा ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान टिम पेन ने टीम इंडिया के विकेटकीपर बैटर ध्रुव जुरेल की जमकर तारीफ की है। ध्रुव जुरेल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय स्क्वॉड का हिस्सा हैं। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया ए और इंडिया ए के बीच खेली गई दो अनऑफिशियल टेस्ट मैचों की सीरीज के दूसरे मैच में जुरेल खेलते हुए नजर आए। जुरेल ने पहली पारी में 80 रन जबकि दूसरी पारी में 68 रनों का योगदान दिया। दोनों पारियों में वह इंडिया ए की ओर से बेस्ट स्कोरर भी रहे। दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट में जुरेल के अलावा, अभिमन्यु ईश्वरन और केएल राहुल ऐसे बैटर्स थे, जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए भारतीय स्क्वॉड का हिस्सा हैं। पेन ने जुरेल के लिए कहा कि इंडिया ए में बाकी सभी खिलाड़ियों से जुरेल बेहतर दिखे। सेन रेडियो पर पेन ने कहा, ‘वह बस 23 साल का है और उसने अभी बस तीन टेस्ट मैच खेले हैं, लेकिन उसका क्लास उसके बाकी सभी साथी खिलाड़ियों से काफी बेहतर नजर आया। सच कहूं तो उसने पेस और उछाल को बहुत अच्छे से हैंडल किया, जो भारतीय खिलाड़ियों के लिहाज से काफी अलग बात है। इस समर में उस पर नजर बनाए रखिए, मुझे लगता है कि वह कई सारे ऑस्ट्रेलियन फैन्स को प्रभावित करने वाला है।’ जुरेल विकेटकीपर बैटर हैं और टेस्ट स्क्वॉड में ऋषभ पंत की जगह पक्की ही है, ऐसे में उनके लिए प्लेइंग XI में जगह बना पाना आसान नहीं होने वाला है। अब देखना यह है कि इंडिया ए के लिए खेली गई उनकी दोनों पारियों ने टीम मैनेजमेंट को कितना खुश किया है और क्या उन्हें प्योर बैटर के तौर पर टीम में जगह मिल पाती है या नहीं। जुरेल के इंटरनेशनल स्टैट्स पर नजर डालें, तो उन्होंने अभी तक कुल तीन टेस्ट मैच की चार पारियों में 63.33 के औसत से 190 रन बनाए हैं, जिसमें एक अर्धशतक शामिल है। उनका हाइएस्ट स्कोर 90 रनों का है। वहीं दो टी20 इंटरनेशनल मैचों में जुरेल ने 6 रन ही बनाए हैं। recent visitors 83