Monday, July 6, 2026 11:09 pm

इंदौर संभाग में शामिल रहे जिलों को निमाड़ संभाग का तमगा मिलने वाला है, तैयारी तेज

भोपाल प्रदेश के मौजूदा 10 संभागों की संख्या में बढ़ोतरी की तैयारी तेज हो गई है। इस कवायद में प्रदेश के अंतिम छोर तक बसे जिलों को एक नई पहचान देने के प्रयास किए जा रहे हैं। मिर्ची, कपास और गन्ने की खेती के लिए प्रसिद्ध इस इलाके में बड़ी पर्वत शृंखला भी मौजूद है। अब तक इंदौर संभाग में शामिल रहे इन जिलों को निमाड़ संभाग का तमगा मिलने वाला है। प्रदेश में एक नया संभाग बढ़ाने की कवायद शुरू हो चुकी है। नए सिरे से किए जा रहे जिला सीमाओं के सीमांकन के दौरान अब निमाड़ को भी नया संभाग बनाने की तैयारी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, इस नए संभाग में खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर और बड़वानी जिलों को शामिल किया जाएगा। अब तक इंदौर संभाग में शामिल इन जिलों की संभागीय मुख्यालय से दूरी अधिक होने के चलते नया संभाग गठित किया जा रहा है। निमाड़ कई मामलों में प्रसिद्ध पश्चिम और दक्षिण क्षेत्रों में बंटे निमाड़ की जमीन बहुत उपजाऊ मानी जाती है। यह क्षेत्र खासकर कपास, गन्ना और मिर्च उत्पाद के लिए पूरे प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में ख्याति रखता है। इसके अलावा इस क्षेत्र की पर्वत शृंखला भी देशभर में पहचानी जाती है। पीथमपुर होगा इंदौर का धार जिले में शामिल लेकिन मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित पीथमपुर को अब नई पहचान इंदौर जिले का हिस्से का होने की मिलने वाली है। औद्योगिक क्षेत्र में मौजूद बड़ी फैक्ट्रियों का फायदा पिछड़े जिले धार को देने की शुरुआती मंशा रही, लेकिन रेलवे, वायुयान से लेकर शहरी सुविधाओं की वजह से कॉरपोरेट को हमेशा इंदौर ही पसंद रहा। इसके अलावा कर्मचारियों, अधिकारियों और मजदूरों को भी इंदौर से पीथमपुर आवाजाही आसान रही है, उसके चलते इस औद्योगिक क्षेत्र का फायदा अब तक धार की बजाए इंदौर को ही मिलता रहा है। नए बदलाव के दौरान अब पीथमपुर, इंदौर जिले का हिस्सा बन जाएगा। बुधनी और सांची की दिक्कतें दूर जिला मुख्यालय से दूरी के साथ मौजूद कुछ नगर अब पड़ोसी जिले में शामिल होने वाले हैं। कई किलोमीटर दूर सीहोर जिले में शामिल बुदनी अब नई व्यवस्था में नर्मदापुरम के साथ दिखाई देगा। इसी तरह सांची को भी रायसेन से हटाकर विदिशा जिले में शामिल किया जाएगा। गौरतलब है कि यह दोनों नगर अपनी मौजूदगी से महज चंद किलोमीटर दूर स्थित जिला मुख्यालय की बजाए दूरस्थ जिलों में शामिल हैं। जिसके चलते जरूरी कामों के लिए लोगों लंबी दूरी की यात्रा करना पड़ती है। बनेंगे नए जिले मप्र स्थापना के समय कुल 48 जिलों का साथ रखने वाले प्रदेश में अब कुल 55 जिले हो चुके हैं। अब नए सिरे से किए जा रहे सीमांकन के साथ इस संख्या में कुछ नए जिलों का समावेश होने वाला है। इनमें विदिशा जिले से कटकर सिरोंज नया जिला बनाया जाएगा। नर्मदापुरम में शामिल पिपरिया भी अब नया जिला बनने वाला है। इसी तरह सागर जिले में शामिल बीना भी नए जिले का आकार लेगा। बदलाव यह भी होंगे     सतना की चित्रकूट बनेगी नई तहसील।     बैतूल का मुलताई होगा पांढुर्णा में शामिल।     धार जिले का कुक्षी होगा बड़वानी जिले में शामिल।     जबलपुर संभाग का नरसिंहपुर होगा नर्मदापुरम में शामिल।     जबलपुर संभाग का डिंडोरी जिला होगा शहडोल में शामिल।   recent visitors 59

मध्य प्रदेश विधानसभा उपचुनाव 2024: बुधनी और विजयपुर में आज मतदान, दोनों ही दलों ने झोंकी ताकत

बुधनी / विजयपुर मध्यप्रदेश के दो विधानसभा क्षेत्रों बुधनी और विजयपुर में हो रहे उपचुनाव के तहत कल मतदान होगा, जिसके लिए निर्वाचन आयोग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।मध्यप्रदेश मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की ओर से सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी के अनुसार बुधनी विधानसभा उप निर्वाचन के लिए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, बांसापुर से आज सुबह मतदान दलों को निर्वाचन सामग्री का वितरण किया गया। वहीं विजयपुर के लिए शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज श्योपुर से मतदान दलों को निर्वाचन सामग्री का वितरण हुआ। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में कल सुबह सात बजे से शाम पांच बजे के बीच मतदान होगा। 23 नवंबर को मतों की गणना होगी। श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में मतदान शुरू,  वहीं प्रशासन की ओर से मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 327 मतदान केंद्रों की होगी लाइव स्ट्रीमिंग इस बार सभी 327 मतदान केंद्र कैमरों की निगरानी में रहेंगे और वेबकास्टिंग के माध्यम से कंट्रोल कमांड सेंटर पर लाइव स्ट्रीमिंग होगी। वहीं क्रिटिकल मतदान केंद्रों पर सशस्त्र बल तैनात रहेगा, साथ ही सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र में 2 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। 327 केंद्रों पर 2 लाख 54 हजार मतदाता मतदान करेेगे। चुनाव की तैयारियों को लेकर सोमवार को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी किशोर कुमार कन्याल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें प्रेक्षक संजीव गडकर और पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन भी मौजूद रहे। शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी-कलेक्टर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कलेक्टर कन्याल ने बताया कि विजयपुर विधानसभा में निर्विघ्न, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन के दौरान विघ्न फैलाने वाले अराजक तत्वों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि विधानसभा में 164 मतदान केंद्र क्रिटिकल के रूप में चिन्हित किए गए हैं। क्रिटिकल सहित सभी केदं्रों की वेबकास्टिंग होगी। 8 मतदान केंद्र शेडो एरिया (मोबाइल नेटवर्क विहीन) में है, यहां वायरलेस सिस्टम लगाए गए हैं। मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं, किसी भी स्थिति में सेक्टर अधिकारी 15 मिनट से कम समय में मतदान केंद्र पर रेस्पोंड करेंगे। कुल 44 सेक्टर अधिकारी और 16 कार्यपालिक मजिस्ट्रेट बनाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात होंगे 2 हजार जवान-एसपी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने बताया कि सभी मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। चिन्हित मतदान केन्द्रों पर आम्र्ड फोर्स तैनात किया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय सशस्त्र सुरक्षा बलों की 5 कंपनी, एसएएफ की 7 कंपनियां मिली है। वहीं जिला पुलिस बल के 650 जवान तैनात रहेंगे। अन्य जिलों से पुलिस के 250 जवान और होमगार्ड के 100 जवान मिले हैं। साथ ही 300 विशेष पुलिस अधिकारी भी नियुक्त किए जा रहे हैं। 47 सेक्टर पुलिस मोबाइल बनाई गई है, जो हर 5-6 मतदान केन्द्रों को कवर करेंगी। 27 क्यूआरटी टीमें भी मतदान दिवस पर तैनात रहेंगी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 2 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात होंगे। वहीं श्योपुर जिले के विजयपुर में मुख्य तौर पर भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत और कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा चुनावी मैदान में हैं। इन दोनों समेत यहां से कुल 11 प्रत्याशी चुनावी समर में उतरे हैं। विजयपुर में मतदाताओं की संख्या दो लाख 54 हजार 817 है। दोनों विधानसभा क्षेत्रों पर कल शाम छह बजे चुनाव प्रचार थम गया, जिसके बाद अब प्रत्याशी केवल घर-घर जाकर संपर्क कर रहे हैं। प्रचार के अंतिम दिन बुधनी में जहां केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मोर्चा स्वयं संभाला, वहीं विजयपुर में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी लगातार मतदाताओं के बीच पहुंचने में जुटे रहे। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में विजयपुर सीट से कांग्रेस के रामनिवास रावत जीते थे। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया। उन्हें इसके बाद राज्य में वन मंत्री बनाया गया। कुछ समय बाद उन्होंने विधानसभा से भी त्यागपत्र दे दिया। इसके बाद विजयपुर विधानसभा सीट खाली हो गई और यहां उपचुनाव कराना पड़ा। वहीं बुधनी से 2023 का विधानसभा चुनाव राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जीते थे। बाद में लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने उन्हें विदिशा से सांसद पद का टिकट दिया, जिस पर जीत हासिल करने के बाद उन्हें केंद्र में मंत्री बनाया गया। इसके चलते उन्होंने बुधनी विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। recent visitors 97

मध्यप्रदेश: बाते एयर एम्बुलेंस की और वक्त पर 108 भी नहीं

Madhya Pradesh: Talk of air ambulance and not even 108 on time भोपाल। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की क्या स्थिति है? यह सीधी जिले के वायरल विडिओ से देखा जा सकता है। जो स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल का गृह जिला है। जिनके अधीन सम्पूर्ण प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं आती है। जब इन मंत्री के जिले का यह हाल है, तो सम्पूर्ण प्रदेश का क्या हाल होगा? जब इनके ही गृह जिले में प्रसूता के लिए बार-बार फोन लगाने पर भी 108 की सुविधा नहीं मिल पाती और हाथ ठेले से ले जाने के दौरान डिलीवरी उसी पर हो जाती है। समय पर एम्बुलेंस न आने से नवजात असमय काल के ग्रास में समां गया है, तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं कितनी लचर स्थिति में पहुँच चुकी  है? पीएम, सीएम से पूछा सवाल  आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता इंजी नवीन कुमार अग्रवाल ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से भी पूछा है कि प्रधानमंत्री और आपने प्रदेश में मरीजों के इलाज के लिए एयर एम्बुलेंस की सुविधाएं प्रदान करने की बड़ी-बड़ी बाते की थी।महिमामंडन के लिए प्रचार-प्रसार पर करोड़ो रूपये खर्च किये थे, लेकिन कितनी शर्म की बात है कि एयर एम्बुलेंस तो दूर प्रदेश में मरीजों के लिए 108 भी उपलब्ध नहीं है।  मरीजों के स्थान पर यात्रा कर रहे नेता- अधिकारी  आम जन को समय पर एम्बुलेंस भी नहीं मिल पा रही है, तो क्या मुख्यमंत्री यह बताएँगे कि 108 तो छोड़िये, अभी तक एयर एम्बुलेंस से कितने गरीब मरीजों को एयर लिफ्ट किया गया है? यह सुविधा मात्र गरीब लोगों के ऊपर लगाए गए गब्बर सिंह टैक्स (जीएसटी) के बदले प्रदेश के जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए ही चलाई गई है। प्रदेश में गरीब और मध्यमवर्गीय आम जन इसी प्रकार सीधी जिले के वायरल विडिओ की तर्ज पर  एम्बुलेंस का इंतज़ार करते करते ठेले पर प्रसव और नवजात दम तोड़ते रहेंगे। recent visitors 408

बाजार में बिक रहा मिलावटी गुड़: असली और नक़ली गुड़ की पहचान करें चुटकियों में 

Adulterated jaggery is being sold in the market: Identify real and fake jaggery in a jiffy बीते दिनों राजस्थान के अजमेर में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एक बाड़ेनुमा चारदीवारी में दबिश दी। वहां मिलावटी गुड़ बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। टीम को मौके से 9000 किलो गुड़ और गुड़ में मिलाए जाने वाले पदार्थ सेफोलाइट की एक-एक किलो की 30 थैलियां मिलीं। इसके अलावा सड़े-गले गुड़ से भरे पीपे भी मिले, जो बदबू मार रहे थे। हेल्थ ड्रिंक। सर्दियों के मौसम में गुड़ की डिमांड सबसे ज्यादा होती है। ऐसे में मिलावटखोर मिलावटी गुड़ बेचकर अधिक कमाई करना चाहते हैं। मिलावटी गुड़ स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए गुड़ खरीदने से पहले असली और नकली की पहचान करना बहुत जरूरी है। तो चलिए, आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि असली और नकली गुड़ की पहचान कैसे करें। साथ ही जानेंगे कि- नकली गुड़ में किस तरह की मिलावट हो सकती है?   नकली गुड़ खाने से क्या हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं? एक्सपर्ट: चतुर्भुज मीणा, स्टेट फूड एनालिस्ट, झारखंड डॉ. अमृता मिश्रा, न्यूट्रिशनिस्ट और डाइटेटिक्स (नई दिल्ली) सवाल- मिलावटखोर मुनाफा कमाने के लिए गुड़ में किस तरह की चीजों की मिलावट करते हैं? जवाब- आमतौर पर मिलावटखोर नकली गुड़ में कैल्शियम कार्बोनेट और सोडियम बाइकार्बोनेट जैसी चीजें मिलाते हैं। कैल्शियम कार्बोनेट से गुड़ का वजन बढ़ाया जाता है, जबकि सोडियम बाइकार्बोनेट मिलाने से गुड़ के रंग में निखार आता है। इसके अलावा गुड़ में शक्कर (चीनी) और सेफोलाइट नामक केमिकल की मिलावट की जाती है। सेफोलाइट से गुड़ की शेल्फ लाइफ बढ़ती है और उसे लंबे समय तक ताजा रखा जा सकता है। इस तरह के केमिकल्स से बना गुड़ खाने से कई हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। सवाल- मिलावटी गुड़ हमारे शरीर के लिए कितना नुकसानदायक है? जवाब- गुड़ टेस्टी होने के साथ-साथ शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है। यह विटामिन C, आयरन, पोटेशियम और मैग्नीशियम का अच्छा सोर्स है। इससे शरीर में इम्यूनिटी बूस्ट होती है। शरीर सर्दी-खांसी, फ्लू और दूसरी बीमारियों से बचा रहता है। हालांकि यह सभी फायदे तभी हैं, जब गुड़ पूरी तरह शुद्ध हो। उसमें किसी तरह के केमिकल की मिलावट न की गई हो। मिलावटी गुड़ फायदे की बजाय शरीर को गंभीर बीमारियां दे सकता है। सवाल- असली गुड़ को बनाने का पूरा प्रोसेस क्या है? जवाब- गुड़ को गन्ने से बनाया जाता है। आइए, इन पॉइंट्स की मदद से जानते हैं कि गन्ने की कटाई से लेकर गुड़ बनाने तक का पूरा प्रोसेस क्या है। सबसे पहले गन्ने की कटाई करके उसे अच्छे से धोया जाता है।  इसके बाद गुड़ फैक्ट्री में लगे कोल्हू में डालकर गन्ने का रस निकाला जाता है।   इस रस को साफ और फिल्टर किया जाता है। वेस्ट मटेरियल फेंक दिया जाता है।   अगले प्रोसेस में गन्ने के रस को एक बड़े बर्तन में गर्म किया जाता है। रस को उबालने के लिए आग की आंच को धीमा रखा जाता है   रस को गर्म करने के बाद इसमें घनत्व (Density) बढ़ाने के लिए मिट्टी के बर्तन में रखा जाता है। इससे गुड़ का रंग बदल जाता है।   इसके बाद गुड़ को ठंडा करने के लिए एक बड़े बर्तन में रखा जाता है।   ठंडा होने पर गुड़ जम जाता है। इसके बाद उसे अलग-अलग सांचे में डालकर आकार दिया जाता है और बाजार में बेचा जाता है। सवाल- असली और नकली गुड़ की पहचान कैसे कर सकते हैं? जवाब- गुड़ ऐसा सुपरफूड है, जो कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है। लेकिन बाजार में बिकने वाला गुड़ मिलावटी भी हो सकता है, जो आपकी सेहत को बिगाड़ सकता है। इसलिए गुड़ खाने से पहले इसकी पहचान करना जरूरी है। recent visitors 271