ना मावा, ना चीनी, ना गैस जलाना! सावन में खाएं भुने चने की ‘सुपर-हेल्दी’ बर्फी, नोट करें सीक्रेट रेसिपी

sawan special sugar free healthy roasted chana barfi recipe लाइफस्टाइल डेस्क। सावन तीज-त्योहार वाला मौसम है और इस मौसम में घेवर और मिठाइयां बड़े चाव से खाई जाती हैं। वहीं जो लोग एक सख्त डाइट फॉलो कर रहे हैं या अपनी सेहत से खिलवाड़ नहीं करना चाहते, उन्हें अक्सर इन मिठाइयों से परहेज करना पड़ता है। ऐसे में आइए आपको मिठाई बनाने का हेल्दी तरीका बताते हैं, जो प्रोटीन रिच होने के साथ-साथ आपकी मीठे के क्रेविंग को भी शांत करेगी। हम बात कर रहे हैं भुने हुए चने से बनने वाली बर्फी की जिसकी सबसे खास बात यह है कि इसे बिना गैस जलाए फटाफट तैयार किया जा सकता है। सामग्री विधि चने की बर्फी के फायदेभुने हुए चने प्रोटीन के साथ-साथी फाइबर, आयरन और कैल्शियम से भी भरपूर होते हैं। वहीं ये बर्फी आर्टिफिशियल शुगर से भी फ्री है जो डायबिटीज और वजन कंट्रोल करने वालों के लिए एक परफेक्ट मिठाई हो सकती है। recent visitors 19

Boiled Potato Recipes: उबले आलू से बनाएं 5 टेस्टी स्नैक्स, सिर्फ 10 मिनट में हो जाएंगे तैयार

Boiled Potato Recipes: Make 5 tasty snacks using boiled potatoes—ready in just 10 minutes. Potato Snacks Recipes In Hindi: उबले आलू से 10 मिनट में कौन-कौन से स्नैक्स बनाए जा सकते हैं?उत्तर: उबले आलू से आप सिर्फ 10 मिनट में आलू टिक्की, चीज़ी पोटैटो बॉल्स, मसाला सैंडविच, पोटैटो टोस्ट और कुरकुरे आलू रोल जैसे स्वादिष्ट स्नैक्स आसानी से तैयार कर सकते हैं। ये रेसिपी कम सामग्री में बन जाती हैं और बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आती हैं। Uble Aloo Se Kya Banaye: उबले आलू भारतीय रसोई की सबसे उपयोगी सामग्रियों में से एक हैं। अक्सर खाना बनाने के बाद कुछ उबले आलू बच जाते हैं और समझ नहीं आता कि उनसे क्या बनाया जाए। अगर आप भी ऐसी स्थिति का सामना करते हैं, तो अच्छी खबर यह है कि इन्हीं उबले आलुओं से कुछ ही मिनटों में कई स्वादिष्ट और कुरकुरे स्नैक्स तैयार किए जा सकते हैं। खास बात यह है कि इन रेसिपीज़ के लिए आपको ज्यादा सामग्री या लंबी तैयारी की जरूरत नहीं पड़ती। चाहे शाम की चाय के साथ कुछ हल्का खाना हो, बच्चों के टिफिन के लिए झटपट विकल्प चाहिए या अचानक आए मेहमानों के लिए कुछ स्वादिष्ट बनाना हो, उबले आलू से बनने वाले स्नैक्स हर मौके पर काम आते हैं। मसालों और घर में मौजूद सामान्य सामग्री के साथ आप ऐसे व्यंजन बना सकते हैं जो स्वाद के साथ-साथ दिखने में भी आकर्षक लगते हैं। इस लेख में हम आपको उबले आलू से बनने वाले 5 ऐसे स्नैक्स बताएंगे, जिन्हें लगभग 10 मिनट में तैयार किया जा सकता है। साथ ही हर रेसिपी के लिए आवश्यक सामग्री, बनाने की आसान विधि और कुछ उपयोगी टिप्स भी साझा करेंगे, ताकि हर बार आपका स्नैक स्वादिष्ट और परफेक्ट बने। कुरकुरी आलू टिक्की सामग्री आलू टिक्की बनाने की विधि टिप्स कॉर्नफ्लोर टिक्की को कुरकुरा बनाता है।हरी चटनी के साथ परोसें। चीजी पोटैटो बॉल्स सामग्री पोटैटो बॉल बनाने की विधि टिप्सगर्मागर्म परोसें ताकि चीज़ पिघली हुई रहे। मसाला आलू सैंडविच सामग्री आलू सैंडविच बनाने की विधि टिप्सचीज़ डालकर स्वाद और बढ़ाया जा सकता है। पोटैटो ब्रेड टोस्ट सामग्री ब्रेड टोस्ट बनाने की विधि टिप्सबच्चों के टिफिन के लिए बेहतरीन विकल्प है। कुरकुरे आलू रोल सामग्री कुरकुरे आलू रोल बनाने की विधि टिप्सटोमैटो सॉस या मिंट डिप के साथ परोसें। इन स्नैक्स को और स्वादिष्ट बनाने के लिए टिप्स इन स्नैक्स के साथ क्या परोसें? किन बातों का रखें ध्यान? recent visitors 32

मानसून में कौन-से फल खाने चाहिए और किनसे बचना जरूरी है? जानिए हेल्दी चॉइस

मानसून में कौन-से फल खाने चाहिए और किनसे बचना जरूरी है? जानिए हेल्दी चॉइस

Which fruits should be eaten during monsoon and which ones should be avoided? Know the healthy choice Know the healthy choice मानसून का मौसम अपने साथ ताजगी और ठंडक तो लाता है, लेकिन साथ ही बीमारियों और पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ा देता है। इस दौरान हवा में नमी ज़्यादा होने के कारण डाइजेशन स्लो हो जाता है, जिससे इन्फेक्शन, पेट दर्द और सर्दी-जुकाम जैसी दिक्कतें आम हो जाती हैं। ऐसे में आपकी डाइट का हेल्दी और बैलेंस होना बेहद जरूरी है—खासकर फलों के चयन को लेकर। हर फल सेहत के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन मानसून में कुछ फल विशेष रूप से लाभकारी होते हैं, वहीं कुछ फल सेहत पर नकारात्मक असर भी डाल सकते हैं। आइए जानते हैं इस मौसम में कौन से फल आपकी इम्युनिटी को मजबूत बनाएंगे और कौन से फल से दूरी बनाना बेहतर होगा। मानसून में फल चुनने की सही रणनीति क्या होनी चाहिए?मानसून में फल का चयन करते वक्त सबसे पहले अपनी पाचन क्षमता और स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखें। इस मौसम में केला और सेब जैसे आम फलों को लेकर सबसे अधिक भ्रम रहता है। केला – फायदेमंद या नुकसानदायक?केला ऊर्जा का अच्छा स्रोत है लेकिन मानसून में यह कफ बढ़ा सकता है, जिससे सर्दी, खांसी और पाचन संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं।जिन्हें गैस, कब्ज या अपच की समस्या है, उन्हें इस मौसम में केले का सेवन सीमित मात्रा में और दिन में ही करना चाहिए। सेब – मानसून का भरोसेमंद साथीसेब हल्का, पचने में आसान और फाइबर युक्त फल है जो पाचन को मजबूत बनाता है।इसमें मौजूद पेक्टिन फाइबर शरीर को डिटॉक्स करता है और इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाता है। इसे छिलके सहित खाना और भी फायदेमंद होता है। Know the healthy choice मानसून में फायदेमंद फल (Best Fruits in Rainy Season) Read more : क्या बार-बार थकान और भूख न लगना फैटी लीवर की चेतावनी हो सकती है? जानिए कैसे बचाव संभव फल खाते समय इन बातों का ध्यान रखें Know the healthy choice Conclusion : मानसून में सेहत बनाए रखने के लिए फलों का सही चुनाव बहुत जरूरी है। ताजे, हल्के और जल्दी पचने वाले फल आपकी इम्युनिटी को मजबूत बनाते हैं और संक्रमण से बचाते हैं। वहीं गलत फल का सेवन आपकी सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसलिए हर फल खाने से पहले उसके गुण और आपकी बॉडी की ज़रूरतों को समझें। recent visitors 275

क्या बार-बार थकान और भूख न लगना फैटी लीवर की चेतावनी हो सकती है? जानिए कैसे बचाव संभव

क्या बार-बार थकान और भूख न लगना फैटी लीवर की चेतावनी हो सकती है? जानिए कैसे बचाव संभव

Can frequent fatigue and lack of appetite be a warning of fatty liver? Know how prevention is possible fatty liver symptoms prevention हमारे शरीर का एक अदृश्य योद्धा — लिवर — न केवल पाचन प्रक्रिया में सहायक होता है, बल्कि यह विषैले तत्वों को बाहर निकालने और ऊर्जा संचय करने जैसे कई आवश्यक कार्य करता है। लेकिन आज की अनियमित जीवनशैली, फास्ट फूड का बढ़ता चलन और शारीरिक सक्रियता की कमी ने फैटी लीवर जैसी बीमारी को आम बना दिया है। NAFLD से अधिकतर वही लोग ग्रस्त होते हैं जो मोटापे, टाइप 2 डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, या खराब डाइट का शिकार हैं। शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज fatty liver symptoms preventionफैटी लीवर चुपचाप बढ़ने वाली बीमारी है। इसके लक्षण बहुत सामान्य हो सकते हैं, जैसे: गंभीर स्थिति में बदलने के संकेतयदि समय रहते इलाज न हो, तो फैटी लीवर धीरे-धीरे नॉन-अल्कोहोलिक स्टीटोहेपेटाइटिस (NASH) का रूप ले सकता है, जिससे लिवर में सूजन और डैमेज शुरू हो जाता है। इसके संकेत हो सकते हैं: ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। अगर आप बार-बार कमजोरी, थकान या भूख में कमी जैसा कुछ महसूस कर रहे हैं, तो इसे हल्के में न लें। यह फैटी लीवर की शुरुआती घंटी हो सकती है। आज का सच यही है — रोग को पहचानो, रोकथाम करो और लिवर को मजबूत बनाओ। डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी हेतु है। किसी भी तरह की चिकित्सकीय सलाह के लिए अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें। recent visitors 264

सिरदर्द को न करें नजरअंदाज: ये संकेत हो सकते हैं किसी गंभीर बीमारी के

सिरदर्द को न करें नजरअंदाज: ये संकेत हो सकते हैं किसी गंभीर बीमारी के

Do not ignore headache: These can be signs of a serious disease Do not ignore headache आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में सिरदर्द को हम अक्सर नींद की कमी या थकान का सामान्य लक्षण मान लेते हैं। लेकिन अगर यह सिरदर्द बार-बार हो रहा है, पेनकिलर से भी ठीक नहीं हो रहा, या इसके साथ अन्य लक्षण दिखाई दे रहे हैं — तो यह शरीर का एक गंभीर चेतावनी संकेत हो सकता है। सिरदर्द के पीछे छिपे हो सकते हैं ये बड़े कारण ब्रेन ट्यूमरअगर सिर में बार-बार एक ही स्थान पर दर्द हो रहा है और वह समय के साथ तेज़ होता जा रहा है, तो यह ब्रेन ट्यूमर का लक्षण हो सकता है। विशेष रूप से अगर दवा लेने के बाद भी आराम नहीं मिल रहा है। माइग्रेनमाइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, जिसमें सिरदर्द के साथ मतली, तेज़ रोशनी या आवाज़ से चिढ़, और धुंधलापन भी हो सकता है। इसका इलाज केवल दवा नहीं, बल्कि जीवनशैली में बदलाव से भी संभव है। Read More: सीधी में रातों-रात आदिवासी परिवार बेघर, कमलेश्वर पटेल ने जताया विरोध साइनस इन्फेक्शननाक बंद होना, चेहरे में भारीपन और माथे पर दबाव के साथ दर्द — ये संकेत साइनस के हो सकते हैं। यह वायरल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण होता है। आंखों की समस्याअगर लंबे समय तक स्क्रीन देखने या पढ़ने के बाद सिरदर्द होता है, तो आंखों में नंबर बढ़ना, चश्मा न लगाना या थकावट इसकी वजह हो सकती है। कब सतर्क हो जाएं? Do not ignore headache क्या करें सिरदर्द होने पर? Do not ignore headache न करें इसे मामूली समझने की भूलसिरदर्द एक ऐसा शरीरिक अलार्म है जिसे अनदेखा करना भारी पड़ सकता है। यह किसी गहरी और गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। अगली बार सिर में हल्का दर्द भी हो, तो उसे नजरअंदाज न करें — क्योंकि कभी-कभी छोटा दर्द, बड़े खतरे की घंटी हो सकता है। recent visitors 193

delicious chatpati aloo katli: इस तरह बनाएं चटपटी और मसालेदार आलू की कतली, पराठों के संग लगती है खूब टेस्टी

delicious chatpati aloo katli

tasty easy delicious chatpati aloo katli fry recipe lifestyle recipe : delicious chatpati aloo katli घर में कोई सब्जी ना हो या कुछ अलग सा खाने का मन हो, तो बना लें ये चटपटी मसालेदार आलू की कतली। ये झटपट बन भी जाती है और सभी को इसका स्वाद भी खूब पसंद आता है। रोज-रोज की वही दाल-सब्जियां खा कर बोर होना लाजमी है। delicious chatpati aloo katli इसलिए अक्सर घर की महिलाएं बड़ी कन्फ्यूज रहती हैं कि खाने में क्या कुछ नया बनाया आए। बच्चे खाने को देखकर अलग नाक-मुंह बनाएं रहते हैं। अब गर्मियों के मौसम में घंटों किचन में खड़े रहना तो मुमकिन है नहीं, इसलिए कुछ ऐसा ही बनाने का मन होता है जो घर में सभी खा भी लें और झटपट बन भी जाए। हमारी आज की रेसिपी आपकी इन सभी परेशानियों को दूर कर देगी। जी हां, आज हम आपके लिए लाए हैं चटपटी मसालेदार सूखी आलू कतली की रेसिपी। ये आलू की सूखी सब्जी इतनी टेस्टी बनती है कि घर में हर कोई इसे खाना पसंद करेगा। पूड़ी हों या रोटी-पराठे, ये सभी के साथ बड़ी टेस्टी लगती है। तो चलिए जानते हैं आलू कतली की मजेदार सी रेसिपी। चटपटी सूखी आलू कतली बनाने की सामग्री (delicious chatpati aloo katli) आलू की कतली बनाने के लिए आपको जिन सामग्रियों की जरूरत होगी वो हैं – सरसों का तेल (1/3 कप), जीरा, चुटकी भर हींग, 3 सूखी लाल मिर्च, आलू ( 4 से 5, लगभग 500-600 ग्राम), स्वादानुसार नमक, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर (1 चम्मच), आधा चम्मच भुना जीरा पाउडर, एक चम्मच चाट मसाला, आधा चम्मच अमचूर पाउडर, एक प्याज, फ्रेश हरी धनिया पत्ती, हरी मिर्च। चटपटी आलू कतली बनाने की विधि (delicious chatpati aloo katli) आलू की सूखी मसालेदार कतली बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में सरसों का तेल गर्म कर लें। जैसे ही तेल हल्का गर्म हो, उसमें जीरा और चुटकी भर हींग मिलाएं। इसमें सूखी हुई लाल मिर्च के टुकड़े भी एड कर दें। अब इसमें कटे हुए आलू के टुकड़े भी मिलाएं। आपको आलू को ना ज्यादा मोटा और ना ही ज्यादा बारीक काटना है। आलू के टुकड़े गोल शेप में कटे होने चाहिए। अब आलू को अच्छी तरह तेल में फ्राई होने दें। तेज आंच पर लगभग सात से आठ मिनट के लिए आलू को फ्राई कर लें, जबतक ये गोल्डन रंग के ना हो जाएं और 70 से 80 प्रतिशत तक कुक ना हो जाएं। Read more : पहलगाम हमले पर कांग्रेस की मांग-खुफिया विफलताओं और सुरक्षा चूक की जांच की जाए जैसे ही आलू थोड़े पक जाएं, तो उनमें लाल मिर्च, नमक, भुना जीरा पाउडर, हल्दी, धनिया पाउडर और चाट मसाला एड करें। इस दौरान गैस की फ्लेम को धीमा रखें और दो से तीन मिनट के लिए मसालों को अच्छी तरह पका लें। अब इसमें गोल-गोल कटी हुई प्याज के टुकड़े एड करें। इसके बाद सभी चीजों को अच्छी तरह पका लें। इसके लिए आप सब्जी में दो से तीन चम्मच पानी भी एड कर सकते हैं। अब इसे ढककर तबतक पकाएं, जबतक आलू अच्छी तरह गल ना जाएं। लास्ट में आप इसमें अमचूर पाउडर मिला सकती हैं। इसके बाद दो से तीन मिनट के लिए सब्जी को पकाना ना भूलें। पकने के बाद गैस बंद करें और इसमें फ्रेश हरा धनिया और बीच से कटी हुई हरी मिर्च एड करें और गरमा-गरम आलू की कतली का लुफ्त उठाएं। recent visitors 78

Inspiring teachings of Ramakrishna Paramahamsa: शरीर ही नहीं, मन की भी होनी चाहिए सफाई

Inspiring teachings of Ramakrishna Paramahamsa

Inspiring teachings of Ramakrishna Paramahamsa: Not only the body, but the mind should also be cleansed लाइफस्टाइल डेस्क: Inspiring teachings of Ramakrishna Paramahamsa उन संतों में से थे, जिनका आचरण साधारण नहीं, बल्कि अलौकिक था। उनका व्यवहार सहज, ईश्वर के प्रेम में डूबा हुआ था। वे कभी भक्तिभाव में रोने लगते, कभी अचानक आनंद से झूमने लगते थे। कई बार मां काली की मूर्ति के सम्मुख समाधि की अवस्था में पहुंच जाते थे। उनके शिष्य यह भलीभांति जानते थे कि उनके गुरु हर कार्य अपने ही अद्भुत अंदाज में करते हैं। एक ऐसा काम था, जिसे परमहंसजी अत्यंत एकाग्रता और गहराई से करते थे, वह काम था उनका लोटा मांजना यानी साफ करना। परमहंसजी के पास एक साधारण पीतल का लोटा था, जिसका उपयोग वे केवल निजी कार्यों के लिए करते थे। किंतु वह लोटा उनके लिए केवल एक बर्तन नहीं था। वे दिन में तीन से चार बार उसे रगड़-रगड़ कर चमकाते। सुबह उठते ही और रात को सोने से पहले लोटा मांजना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। वे अंगूठे से भीतर-बाहर उसे इतनी लगन से मांजते कि उसमें प्रतिबिंब साफ दिखाई देने लगे। Inspiring teachings of Ramakrishna Paramahamsa शिष्य प्रतिदिन यह दृश्य देखते और चकित होते, एक आत्मज्ञानी संत, जिनके लिए संसार का कोई आकर्षण नहीं, वह एक लोटे को इतनी लगन से क्यों साफ करते हैं? एक दिन शिष्यों ने पूछा कि – “गुरुदेव, ये लोटा तो हम भी साफ कर सकते हैं, फिर आप ही इसे इतनी तन्मयता से क्यों मांजते हैं? क्या यह कोई विशेष लोटा है?” रामकृष्ण परमहंस मुस्कराए, उनकी आंखों में करुणा और ज्ञान की चमक थी। उन्होंने कहा, “हां, ये लोटा विशेष है, क्योंकि ये मेरा मन है। मैं जब इस लोटे को मांजता हूं तो ये नहीं सोचता कि ये सिर्फ पीतल का बर्तन है। मैं इसे प्रतीक मानता हूं अपने मन का। जिस प्रकार इस पर दिन भर धूल जमती है, ठीक वैसे ही हमारे मन पर भी हर पल विचारों की गंदगी जमा होती रहती है। अगर मैं एक बार भी इसकी सफाई छोड़ दूं तो ये गंदा हो जाएगा, जैसे मन की गंदगी इंसान को भ्रमित कर देती है। लोटे को मांजते समय मैं खुद को याद दिलाता हूं कि अपने मन को भी इसी श्रद्धा, सतर्कता और नियमितता से साफ करना चाहिए, क्योंकि एक गंदा मन, हमें पाप की ओर धकेल सकता है।” Read more: हिमाचल 78वां स्थापना दिवस विशेष : CM सुक्खू पांगी में, जिलों में मंत्री फहराएंगे तिरंगा रामकृष्ण परमहंस की सीख हमें न केवल अपने शरीर और आसपास की, बल्कि अपने मन की पवित्रता की भी चिंता करनी चाहिए। जब तक मन शुद्ध नहीं होगा, तब तक कर्म और भावनाएं भी पवित्र नहीं हो सकतीं। यदि मन पर ध्यान नहीं देंगे तो मन हमें पथभ्रष्ट कर सकता है। बाहरी सफाई के साथ ही हमें मन के नकारात्मक विचारों को दूर करते रहना चाहिए, तभी जीवन में सुख-शांति आ सकती है। recent visitors 104