Tuesday, July 7, 2026 2:22 am

एमसीडी में आम आदमी पार्टी के पास बहुमत होने के कारण वह जीत के दावे कर रहे हैं, कांग्रेस पार्षद ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली एमसीडी के मेयर व डिप्टी मेयर पद के लिए गुरुवार को मतदान डाले जा रहे हैं। एमसीडी में आम आदमी पार्टी के पास बहुमत होने के कारण वह जीत के दावे कर रहे हैं। बावजूद इसके, भाजपा भी मैदान में अपनी किस्मत आजमाने को तैयार है। मेयर चुनाव के लिए इस बार 273 सदस्य मतदान करेंगे। इनमें 249 पार्षद, 14 मनोनीत विधायक और लोकसभा व राज्यसभा के 10 सांसद मतदान में शामिल हैं। इस चुनावी गणित में आम आदमी पार्टी के पास 143 मत हैं, जबकि भाजपा के पास 122 मत हैं और कांग्रेस के पास आठ मत हैं। जीत के लिए 137 मतों की जरूरत होगी। कांग्रेस ने किया चुनाव का बहिष्कार एमसीडी सदन में चुनाव से पहले कांग्रेस पार्षदों ने एमसीडी में सत्ता रूढ़ आम आदमी पार्टी की नीतियों का विरोध जताते हुए नारेबाजी की। उन्होंने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नारेबाजी की। उधर आम आदमी पार्टी के पार्षद भी केजरीवाल के समर्थन में नारेबाजी करते रहे। हंगामें के बाद कांग्रेस पार्षदों ने सदन और चुनाव का बहिष्कार करने का एलान किया। इस स्थिति में जीत के लिए 133 मतों की जरूरत होगी। इसलिए आप का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। 'दिल्ली की जनता के लिए बीजेपी काम करके दिखाएगी' बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा, "अभी मतदान चल रहा है और हमने अभी अपना मत दिया है। भाजपा का एक-एक कर्मठ कार्यकर्ता भारत की प्रकृति और दिल्ली को प्रकृति के पथ पर अग्रसर करने के लिए प्रतिबद्ध है। आज यदि भाजपा का चयन होता है और भाजपा के मेयर और डिप्टी मेयर चुने जाते हैं तो मैं जानती हूं एमसीडी जिस निष्क्रियता से आप के कारण ग्रसित है उसको दूर कर एमसीडी अपना कर्तव्य निभाएगी और दिल्ली की जनता के लिए बीजेपी काम करके दिखाएगी।"   लोकसभा और राज्यसभा सांसदों कों वोट देने का है अधिकार मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव में दिल्ली के सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को मतदान करने का अधिकार है। दिल्ली में लोकसभा के सात और राज्यसभा के तीन सांसद हैं। सबसे पहले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह मतदान करने के लिए आए। उनके बाद आप सांसद एनडी गुप्ता ने मतदान किया। आम आदमी पार्टी से नाराज चल रहीं उसकी राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल सदन में मतदान करने नहीं पहुंची। भाजपा के सातों सांसदों ने मतदान कर दिया है।   मेयर पद के उम्मीदवार महेश कुमार (आप) किशन लाल (भाजपा) डिप्टी मेयर पद के उम्मीदवार रविंद्र भारद्वाज (आप) नीता बिष्ट (भाजपा) कांग्रेस पार्षद सबीला बेगम ने दिया पार्टी से इस्तीफा सबीला बेगम ने इस्तीफा पत्र में लिखा है कि मेयर चुनाव से दूर रहकर हम भाजपा का समर्थन नहीं कर सकते हैं। साथ उन्होंने मेयर चुनाव में आप का समर्थन करने का भी एलान किया। recent visitors 67

देशभर में जाट समाज किसान वर्ग का महत्वपूर्ण अंग है, कोई माई लाल पैदा नहीं हुआ है जो किसान में विभाजन कर सके: उपराष्ट्रपति

पुष्कर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 105 वें राष्ट्रीय जाट अधिवेशन में अपने सम्बोधन में किसान समुदाय को बाँटने की साजिश करने के प्रयासों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि, “ कई लोग ये भी बात करे हैं, पता नहीं क्यों करे हैं। सही रास्ता नहीं है उनका, वो किसान वर्ग के ही लोग हैं कि हम तो 35 बनाम 1 कर देंगे। इस देश में कोई माई लाल पैदा नहीं हुआ है जो किसान में विभाजन कर सके।” धनखड़ ने कहा कि जाट समाज को किसान समाज का महत्वपूर्ण अंग और किसान समाज की आत्मा के समान बताते हुए उन्होंने कहा, “ जाट समाज किसान वर्ग का महत्वपूर्ण अंग है देशभर में। किसान को जातियों में बांटने की एक साजिश है ताकि एक विशेष वर्ग, और खुलकर कहूंगा , अपने [ जाटों ] को अलग कर दें। अरे कभी दिल शरीर से अलग नहीं हुआ है। पर हम तो दिल कहां है, हम तो आत्मा हैं, किसान वर्ग की आत्मा है। इस आत्मा का सृजन, इस आत्मा का संरक्षण, हमको करना है।” उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया की की जाट समाज एक किसान समाज है और उसमे भाईचारे की पहचान किसान है एवं जाट हमेशा किसान के नाम से ही जान जाता है एवं स्वयं उन्हें भी लोग किसान पुत्र के तौर पर ही जानते हैं। जाट और किसान समाज के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए धनखड़ ने कहा, “ किसानों के लिए मेरे घर के दरवाज़े 24 घंटे खुले हैं। जिस समाज ने मुझे इस पद पर भेजा है, उस समाज का मैं सबसे पहला सेवक हूँ, उस समाज की पूजा करने में कोई कमी नहीं आएगी और मेरा संकल्प है किसान वर्ग को खंडित करने की योजना करने वाले लोगों के नापाक इरादे कभी कामयाब नहीं हो सकते। किसान वर्ग के संगठित रहने पर ज़ोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, “ किसान वर्ग का संगठित रहना राष्ट्रवाद के लिए सबसे अच्छा है, किसान राष्ट्र का प्रतीक है, देश पर कोई भी संकट आएगा, किसान अपनी छाती पर झेलेगा। मैं जानता हूँ कुछ समस्याएं हैं, उन समस्याओं का निराकरण होना चाहिए। उसमें देरी हुई, वो हट सकती थीं। आज मैं यहां से आह्वान करता हूँ देश भर के किसानों को, पुष्कर की इस भूमि से, आपकी समस्याओं के समाधान के लिए मैं एक सिपाही हूँ। मेरे दरवाज़े चौबीसों घंटे खुले हैं, मिल बैठ कर बात करेंगे, समस्या का हल निकालेंगे, हम इस देश के हैं, यह देश हमारा है, हम वो लोग हैं, जो धरती से सोना पैदा करते हैं।” वीर तेजा जी, महाराजा सूरजमल , राजा महेंद्र प्रताप, पूजनीय नाथू राम मिर्धा जी की कीर्ति और यश का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने मौजूद लोगों से आग्रह किया कि वे आने वाली पीड़ी में नैतिक मूल्यों का सृजन करें और उन्हें सही रास्ता दिखाए। इसी के साथ उन्होंने अपने परिवार, कुटुंब, वातवरण का ख्याल रखने और अपने कर्तव्यों का पालन करने पर भी ज़ोर दिया। धनखड़ ने किसानों से कृषि उत्पादों के विपणन और व्यापार में भी अपनी साझेदारी बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “ किसान जो पैदा करे है, बड़ी मुश्किलों पैदा करे है। मैं के व्यापार में किसान क्यों नहीं। मेरा आग्रह है कि किसानों को बैठ कर चिंता करनी चाहिए, चिंतन करना चाहिए, मंथन करना चाहिए और जो खरबों का व्यापार है, उस चीज का व्यापार है जो उनके यहां पैदा होती है। उसका व्यापार वो खुद करे। ये बहुत बड़ा व्यापार है। इतने बड़े खजाने को हम अपने से दूर कर रहे हैं। अन्न पैदा हुआ, तुरंत बेच देते हैं। अपने बच्चों को सिखाएं कि ये व्यापार में लक्ष्मी पूरी तरह से मेहरबान है।” अपने पुष्कर दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति ने ब्रह्मा मंदिर एवं जाट शिव मंदिर में भी दर्शन किए एवं वीर श्री तेजा जी और श्री एन.आर. मिर्धा जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। recent visitors 199

समय पर मिलिंग करने वाले मिलर्स को करेंगे प्रोत्साहित, लेकिन गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं

भोपाल अच्छी एवं समय पर मिलिंग करने वाले‍मिलर्स को प्रोत्साहित किया जायेगा, साथ ही गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जायेगा। गुणवत्ता के लिये जहां जरूरी होगा, वहां सख्ती भी की जायेगी। मिलर्स नीति के संबंध में आपके द्वारा दिये गये सुझावों पर सकारात्मक रूप से विचार करेंगे। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने यह बात खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 की प्रस्तावित मिलिंग नीति के संबंध में मिलर्स से चर्चा के दौरान कही। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि मिलर्स की सुविधा के लिये वेयर हाउस, नॉन एवं खाद्य संचालनालय में नोडल अधिकारी बनाये जायेंगे। हमारी पूरी टीम आपका पूरा सहयोग करेगी। मिलर्स साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि इस वर्ष उपार्जन का कार्य नोडल एजेंसी नागरिक आपूर्ति निगम के साथ-साथ एनसीसीएफ एवं केन्‍द्रीय भण्‍डारण के द्वारा भी किया जाएगा। किसानों की सुविधा एवं अन्‍य समस्‍याओं के निराकरण के लिए तथा समन्‍वय के लिए मिलिंग नीति 2024-25 का प्रारूप खाद्य आयुक्त के देखरेख में तैयार किया जाएगा। इसके अलावा खाद्य आयुक्‍त समय सीमा में मिलिंग कार्य कराने की समस्‍त कार्रवाई अपनी निगरानी में पूर्ण करायेगें। उपार्जन केन्द्र में रखा जायेगा मॉयश्चर मीटर खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि उपार्जन केन्द्रों में धान की नमी चेक करने के लिये मॉयश्चर मीटर रखा जायेगा। नमी चेक करने के बाद ही एफएक्यू के आधार पर धान की खरीदी की जायेगी। उन्होंने कहा कि मिलर्स उपार्जन केन्द्र से सीधे धान उठायें। इससे परिवहन एवं भण्डारण व्यय में कमी आयेगी। मिलर्स के लंबित भुगतान एवं अपग्रेडेशन राशि के संबंध में जल्द काईवाई की जायेगी। बैठक में खाद्य आयुक्‍त श्री सिबी चक्रवर्ती ने बताया कि इस वर्ष गत वर्षो से दोगुनी मात्रा से अधिक मात्रा में चावल का परिदान भारतीय खाद्य निगम को किया जाना है। भारतीय खाद्य निगम को नियत समय सीमा में चावल का परिदान के लिये विभाग के पोर्टल पर पंजी‍कृत मिलर्स को उनकी मिलिंग क्षमता के अनुसार चावल परिदान की जानकारी दर्ज करनी होगी। इस आधार पर ही मिलर्स के लिये भारतीय खाद्य निगम में चावल परिदान की कार्य योजना तैयार की जाऐगी। एमडी नागरिक एवं आपूर्ति निगम पी.एन. यादव ने प्रस्तावित नीति 2024-25 के प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। प्रस्तावित नीति के संबंध में मिलर्स ने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। इस दौरान प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी, अन्य अधिकारी तथा मिलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित थे। recent visitors 107

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने आवश्यक दस्तावेज सौप श्री सिद्धम को किया जापान रवाना

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने रतलाम शहर निवासी श्री सिद्धम पाल को बीजा आदि आवश्यक दस्वातेज सौपकर जापान के यामागुची शहर के लिए रवाना किया। श्री सिद्धम पाल का जापान के यामागुची शहर की एक कम्पनी में चयन हुआ है। सिद्धम पाल ने भारत सरकार और जापान सरकार के बीच रोजगार के लिए हुए समझौते के आधार पर तैयार टेक्निकल इंटर्न ट्रेनिंग प्रोग्राम (टीआईटीपी) में चयनित होकर जापान की यामागुची नौकरी प्राप्त की है। सिद्धम पाल 18 नवम्बर 2024 को नई दिल्ली से यामागुची जापान के लिए रवाना होंगे। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा है कि प्रदेश के पिछड़ा वर्ग के युवाओं को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना के अंतर्गत रतलाम शहर के श्री सिद्धम पाल को जापान भेजा जा रहा है। प्रदेश के पिछड़ा वर्ग के युवक-युवतियों को रोजगार दिलाने का प्रयास पिछड़ा वर्ग द्वारा जारी रहेगा। संचालक, राज्य स्तरीय रोजगार एवं प्रशिक्षण केन्द्र पिछड़ा वर्ग डॉ. देवेश मिश्रा और अन्य अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।   recent visitors 96

झारखंड विधानसभा के लिए पहले चरण के मतदान के बाद ही यह तय हो गया है कि राज्य में भाजपा की सरकार बन रही है: अमित शाह

गिरिडीह केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को दावा किया कि झारखंड विधानसभा के लिए पहले चरण के मतदान के बाद ही यह तय हो गया है कि राज्य में भाजपा की सरकार बन रही है। गिरिडीह में भाजपा के प्रत्याशी निर्भय शाहाबादी के पक्ष में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पहले चरण के चुनाव में ही झामुमो-कांग्रेस का राज्य में सूपड़ा साफ हो गया है। जनता ने भाजपा-एनडीए के प्रत्याशियों को भरपूर समर्थन दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि झारखंड हमेशा से ऊर्जा का केंद्र रहा है। पूरे देश में यह सबसे समृद्ध राज्य है। इसके नीचे इतना खनिज और कोयला पड़ा है कि पूरे देश को ऊर्जा देने काम कर सकता है। झारखंड समृद्ध है, पर झारखंड गरीब है। आप यहां निर्भय शाहाबादी को जिताइए। इसके बाद यहां के युवाओं को पलायन के लिए विवश नहीं होना पड़ेगा। हम यहां नए कल-कारखाने लगाएंगे। झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा उठाते हुए शाह ने कहा कि हेमंत सरकार का ध्यान यहां घुसपैठियों को बसाने पर है। ये घुसपैठियां झारखंड में आते हैं और झारखंडी बेटियों से शादी करके उनकी जमीन हड़प लेते हैं। आप बीजेपी की सरकार बनाइए, यहां सिर्फ घुसपैठिए ही नहीं बल्कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता। मैं घुसपैठियों से कहना चाहता हूं कि हेमंत सरकार का समय खत्म हो गया है और आपका भी। हम एक-एक करके सभी घुसपैठियों को बाहर निकालेंगे। हम ऐसा कानून लाएंगे कि घुसपैठियों को लूटी गई सारी जमीन वापस करनी होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी कश्मीर में अनुच्छेद-370 वापस लाना चाहती है, लेकिन राहुल गांधी को बता देना चाहता हूं कि उनकी चार पीढ़ियां भी अनुच्छेद-370 को वापस नहीं ला सकती हैं। जब यूपीए 10 साल सत्ता में थी, तो हर दूसरे दिन आतंकवादी हमला करते थे। लेकिन, जब आपने मोदी जी की सरकार बनाई, तो उरी और पुलवामा में उन्होंने ऐसी ही कोशिश की, जिसका हमने चुन-चुन कर बदला लिया। झारखंड ने सालों तक नक्सलवाद को झेला है। नक्सलवादियों ने झारखंड को तबाह करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। छत्तीसगढ़ में जो नक्सलवाद बचा है 31 मार्च 2026 के पहले उसे भी समाप्त कर देंगे। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज करते हुए कहा कि सोनिया गांधी को अपने बेटे को लॉन्च करने का बड़ा शौक है। उन्होंने 20 दफा राहुल नाम का प्लेन लॉन्च किया, पर प्लेन लैंड ही नहीं होता। 20 दफा क्रैश कर गया। 21वीं बार भी उनका प्लेन देवघर में क्रैश होने वाला है। हरियाणा में सूपड़ा साफ। राहुल गांधी का झारखंड में पांच का भी आंकड़ा पार नहीं होने वाला है। राहुल गांधी और हेमंत सोरेन वक्फ कानून बदलने का विरोध कर रहे हैं पर मैं उन्हें बता देना चाहता हूं कि हम संसद में वक्फ कानून बदलने का काम करेंगे। recent visitors 78

भोपाल में बनाई जाएगी अत्याधुनिक गौशाला, गायों के उपचार के लिए चिकित्सा वार्ड का भी निर्माण होगा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में यह वर्ष (चैत्र माह से फाल्गुन माह तक) गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी के अंतर्गत भोपाल के बरखेड़ी अब्दुल्ला क्षेत्र में 10 हजार गायों की क्षमता वाली अत्याधुनिक गौ-शाला के निर्माण की योजना है, जिसका विधिवत भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शीघ्र किया जाएगा। गौ-शाला लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में बनाई जा रही है। इसमें गायों के आधुनिक तरीके से रख-रखाव के साथ ही उनके उपचार के लिए सभी संसाधनों से युक्त चिकित्सा वार्ड का भी निर्माण किया जाएगा। ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा लगभग 15 करोड़ रुपए की लागत की गौ-शाला का निर्माण कार्य कराया जाएगा, नगर निगम एवं पशुपालन विभाग नोडल एजेंसी होंगे। गौ-शाला को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और जिला पंचायत द्वारा वित्त-पोषण किया जाएगा। गौ-शाला का संचालन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। गौ-शाला का निर्माण तीन चरणों में होगा, जिसमें प्रथम चरण में लगभग 2 हजार पशु क्षमता का निर्माण किया जाएगा। इस अत्याधुनिक गौ-शाला में गायों को भूसा, हरा घास, पशु आहार आदि कन्वेयर बेल्ट के माध्यम से पहुंचाया जाएगा। गौ-शाला में गाय के गोबर एवं मूत्र से विभिन्न सामग्री तैयार की जाएगी और जैविक खाद निर्माण के लिए संयंत्र भी लगाया जाएगा। गौ-शाला में रहने वाले पशुओं एवं सड़कों पर घायल एवं बीमार होने वाले पशुओं के उपचार के लिए चिकित्सा वार्ड भी बनाया जा रहा है।   recent visitors 85

प्रदेश में तबादला नीति में हो सकता है बड़ा बदलाव, मंत्रियों को भी मिल सकते हैं अधिकार

भोपाल प्रदेश में दो वर्ष से तबादलों पर लगे प्रतिबंध को सरकार अभी पूरी तरह से नहीं हटाएगी। मंत्रियों को जिले के भीतर और विभाग में सीमित तबादले करने का अधिकार अवश्य दिया जा सकता है। दरअसल, अभी जितने भी तबादले हो रहे हैं, उसके लिए प्रस्ताव मुख्यमंत्री समन्वय में भेजने पड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री की व्यस्तता के कारण प्रस्ताव काफी दिनों तक लंबित रह जाते हैं। इसका असर कामकाज पर पड़ रहा है। उधर, मुख्य सचिव अनुराग जैन ने भी तबादले के लिए पहुंची अधिकतर फाइलें वापस लौटा दी हैं। तत्कालीन शिवराज सरकार ने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए तबादलों पर प्रतिबंध नहीं हटाया था। चुनाव के बाद मोहन सरकार ने भी इसे जारी रखा। लोकसभा चुनाव के बाद संभावना थी कि कुछ समय के लिए प्रतिबंध हटा दिया जाएगा पर इस बारे में निर्णय लगातार टलता रहा। मंत्रियों ने पिछले दिनों अनौपचारिक चर्चा में मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव से तबादला नीति जारी करने की बात कही तो उन्होंने दीपावली के बाद देखने का आश्वासन दिया था। सूत्रों का कहना है कि सामान्य प्रशासन विभाग ने तबादला नीति का प्रारूप तैयार करके रखा है। मुख्यमंत्री की हरी झंडी मिलते ही इसे जारी कर दिया जाएगा। चूंकि, अब परीक्षाओं का समय आ गया है, इसलिए बड़ी संख्या में तबादले करने के पक्ष में कोई नहीं है। उसके बाद भी विभागों में प्रशासनिक व्यवस्था बनाने के लिए मंत्रियों को तबादले करने के कुछ अधिकार दिए जा सकते हैं। विधानसभा सत्र के पहले दिए जा सकते हैं अधिकार लोक निर्माण विभाग के कुछ कार्यपालन यंत्री अगले माह सेवानिवृत्त हो रहे हैं, तो कुछ को एक स्थान पर पदस्थ रहते लंबा समय हो गया है। सांसद और विधायकों ने भी कुछ अधिकारियों के स्थानांतरण के प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय को दिए हैं। इन सभी स्थितियों को देखते हुए मंत्रियों को सीमित संख्या में तबादले करने के अधिकार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिए जा सकते हैं। recent visitors 79