एनसीआर में ग्रैप 3 लागू होने के बाद अब बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल वाहनों की थमेगी रफ्तार

नोएडा एनसीआर में लगातार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए ग्रेडेड एक्शन रिस्पांस प्लान (ग्रैप) के स्टेज 3 को लागू कर दिया गया है। इसके मुताबिक अब बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल वाहनों के साथ-साथ बिल्डर प्रोजेक्ट पर, सड़क निर्माण पर और अन्य निर्माण परियोजनाओं पर पूरी तरीके से रोक लग जाएगी। इसके साथ-साथ पूरे एनसीआर में तकरीबन साढ़े 5 लाख वाहनों की रफ्तार भी थम जाएगी। ग्रैप 3 के नियम लागू होते ही सिर्फ अति आवश्यक जगह जिनमें, एयरपोर्ट, अस्पताल, एलिवेटेड रोड और एसटीपी प्लांट परियोजनाओं को छोड़कर सभी जगह पर निर्माण कार्य बंद कर दिया जाता है। इसके साथ-साथ दिल्ली की बात करें तो वहां पर एक्यूआई के 400 पर पहुंचने के बाद प्राइमरी से कक्षा 5 तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं और उन्हें ऑनलाइन मोड पर चलने के निर्देश दिए गए हैं। नोएडा और गाजियाबाद में अभी स्कूलों को बंद करने के आदेश नहीं जारी किए गए हैं। यहां पर एहतियात के तौर पर आउटडोर एक्टिविटी बंद कर दी गई है। फिलहाल नोएडा और गाजियाबाद में दिल्ली की तरह हालत अभी बेकाबू नहीं हुए हैं। एक्यूआई की बात करें तो यहां पर कई इलाकों में एक्यूआई 300 के पार पहुंचा जरूर है। लेकिन कई इलाके ऐसे हैं जहां पर अभी भी लोग राहत की सांस लेते दिखाई दे रहे हैं। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों की मानें तो आने वाले दिनों में और भी ज्यादा हालत खराब होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस धुंध और प्रदूषण के बढ़ने का कारण पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद मैदान में अचानक तापमान का गिरना बताया जा रहा ह। साथ ही साथ हवा की गति भी काफी धीमी पड़ गई है और नमी भी बढ़ गई है। इस वजह से धुंध की यह चादर पूरे एनसीआर में देखने को मिल रही है।   recent visitors 98

सरकारी स्कूलों में भी पहली बार प्री बोर्ड परीक्षा का आयोजन

कोरबा निजी स्कूलों के तर्ज पर अब सरकारी स्कूलों में भी पहली बार प्री बोर्ड परीक्षा का आयोजन होगा। विद्यार्थियों को परीक्षा के पूर्णरूप से तैयार करने के उद्देश्य से इसका आयोजन जनवरी के तीसरे सप्ताह में किया जाएगा। सभी हाई और हायर सेकेंडरी सरकारी स्कूलों में प्री बोर्ड के पहले शत प्रतिशत कोर्स पूरा करना होगा। सरकारी स्कूलों ने प्री बोर्ड की तैयारी शुरू की     निजी स्कूलों के संचालक परीक्षा परिणाम बेहतर करने कई तरह के उपाय अपनाते हैं। वहीं लेकिन सरकारी स्कूलों में इस तरह के उपाय नहीं अपनाए जाते।     जिसके कारण कई बार सरकारी स्कूल के बच्चे पिछड़ जाते हैं। निजी स्कूल की तुलना में सरकारी शिक्षकों पर अधिक खर्च किए जानेते है।     इस के बाद भी अधिकांश स्कूलों में परीक्षा परिणाम निराशाजनक रहता है। व्यवस्था को सुधारने और परीक्षा परिणाम बेहतर का है यह प्रयास।     उद्देश्य से सरकार ने प्री-बोर्ड को शासन ने अनिवार्य कर दिया है। सभी सरकारी स्कूलों ने प्री बोर्ड की तैयारी शुरू कर दी है।     अच्छे परिणाम के उद्देश्य से प्री-बोर्ड को शासन ने अनिवार्य कर दिया है। सभी सरकारी स्कूलों ने प्री बोर्ड की तैयारी शुरू कर दी है।     प्री बोर्ड के लिए प्रदेश के सभी डीईओ को दसवीं और बारहवीं का सिलेबस 10 जनवरी तक पूरा करने के लिए कहा गया है।     सरकारी आदेश में इस बात का भी उल्लेख है कि सभी डीईओ अभी से प्रत्येक स्कूलों में अभी से तैयारी कर ले। प्रश्न पत्र तैयार करने के लिए विषयवार समिति का गठन किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा मंडल निर्धारित ब्लू प्रिंट के अनुसार प्रश्नपत्र तैयार किया जाएगा। गोपनीयता की अनिवार्यता भी तय की गई है। अध्यापन स्तर सुधारने के लिए जिला शिक्षा विभाग ने औचक निरीक्षण शुरू कर दिया है। बिना सूचना के स्कूलों में अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी की जा रही है। ज्यादातर स्कूलों में अभी कोर्स अधूरा दिवाली व दशहरा की छुट्टी के बाद अब स्कूलों में पढ़ाई रफ्तार पकड़ने लगी है। अतिथि शिक्षकों की भर्ती फिलहाल दसवीं बारहवीं बोर्ड की पढ़ाई पूरी नहीं हो पाई है। माह भर पहले ही हिंदी माध्यम सरकारी स्कूलों में 118 अतिथि शिक्षकों की भर्ती हुई है। शिक्षकों में हाल ही में अध्यापन शुरू किया है। निजी शिक्षकों को दूसरी गतिविधियों में लगा दिया गया है। कई शिक्षकों की ड्यूटी बीएलओ में लगाया गया है, तो कई शिक्षक अन्य गतिविधियों में शामिल हैं। ऐसे में कोर्स पूरा करने शिक्षकों पर भी दबाव है। शिक्षकों के हड़ताल और उनके निजी अवकाश का भी असर बच्चों की पढ़ाई में देखा जा रहा है। यदि एक माह में पढ़ाई नहीं होती है तो छात्रों को प्री बोर्ड परीक्षा में शामिल होने कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। स्वामी आत्मानदं स्कूलों को शिक्षको की भर्ती का इंतजार जिले में केंद्रीय पाठ्यक्रम बोर्ड के तहत संचालित हो रही 15 अंग्रेजी माध्यम स्वामी आत्मानंद स्कूलों में शिक्षकों के 121 पद खाली है। आधा शिक्षा सत्र बीतने के बाद अब जाकर शिक्षकों की भर्ती की अनुमति मिली है। केंद्रीय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध हिंदी माध्यम के आत्मानंद स्कूलों में 20 शिक्षक के पद अब भी खाली हैं। समय रहते शिक्षकों की व्यवस्था नहीं किए जाने से यहां अध्ययनरत बच्चों के अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। पसान आत्मानंद स्कूल में शिक्षक नहीं होने की शिकायत लेकर गांव के बच्चे पखवाड़े भर पहले कलेक्टोरेट पहुंच गए थे। जिला शिक्षा अधिकारी ने उन्हे आश्वासन देकर वापस भेजा था। recent visitors 85

देहरादून में छह दोस्‍तों की मौत के बाद पुलिस कर रही नया दावा!

देहरादून. ओएनजीसी चौक पर बेलगाम इनोवा कार की दुर्घटना में छह युवाओं की मौत के तीन दिन बाद पुलिस ने दावा किया है कि दुर्घटना से पहले युवाओं की कार शहर में पुलिस चेकपोस्टों पर सामान्य गति से गुजरी थी। पुलिस ने यह दावा भी किया है कि युवाओं की कार की गति बल्लूपुर चौक के बाद तेज हुई थी। पुलिस ने शहर के विभिन्न मार्गों पर लगे हुए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर यह दावा किया है। दावा है कि दुर्घटना से पूर्व राजपुर रोड, सहारनपुर चौक, कांवली रोड, बल्लीवाला से बल्लूपुर तक इनोवा कार जबकि किशननगर चौक से ओएनजीसी चौक की ओर कंटेनर साधारण गति से जाता हुआ दिखा है। हालांकि, पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर रही कि सहारनपुर चौक व कांवली रोड की फुटेज दुर्घटना से कुछ देर पहले की है, या फिर उस समय की, जब इनोवा सवार युवा अपने कांवली रोड और जीएमएस रोड निवासी दो दोस्तों को पार्टी में ले जाने के लिए दुर्घटना से तीन घंटे पहले आए थे। दुर्घटना के सभी कारणों की विस्तृत जांच की जा रही एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि सोमवार देर रात ओएनजीसी चौक पर हुई वाहन दुर्घटना में दुर्घटना के सभी कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के दौरान पुलिस को दुर्घटना से पहले इनोवा कार के शहर में घूमने की महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज प्राप्त हुई हैं। इसमें इनोवा राजपुर रोड से सहारनपुर चौक पहुंची और कांवली रोड होते हुए बल्लीवाला-जीएमएस रोड से बल्लूपुर गई। इन सभी मार्गों पर वाहन पुलिस चेकपोस्ट से गुजरते हुए इनोवा की गति साधारण रही। हालांकि, पुलिस दुर्घटना के बाद मंगलवार को दावा कर रही थी कि इनोवा राजपुर रोड, घंटाघर, चकराता रोड, बिंदाल होते हुए बल्लूपुर की ओर गई थी। दावा यह भी किया था कि संभवत: पुलिस चेकिंग से बचने के लिए युवाओं ने वैकल्पिक मार्ग उपयोग किया हो, लेकिन अब तीन दिन बाद पुलिस ने नई कहानी गढ़ दी है। पुलिस ने दावा किया कि दुर्घटना से पूर्व बल्लूपुर से ओएनजीसी चौक के बीच इनोवा की गति बेलगाम थी। हालांकि, पुलिस अपनी कहानी को लेकर अभी भी स्पष्ट नहीं है और यह भी कह रही कि दुर्घटना में जीवित बचे एकमात्र घायल सिद्धेश अग्रवाल के बयान के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। बता दें कि, गंभीर रूप से घायल सिद्धेश का सिनर्जी अस्पताल में उपचार चल रहा है। वहीं, जिस कंटेनर से इनोवा टकराई थी, उसके लिए पुलिस का दावा है कि कंटेनर किशननगर चौक से करीब छह मिनट में डेढ़ किमी की दूरी तय करते हुए ओएनजीसी चौक तक पहुंचा था। पुलिस फुटेज का समय नहीं कर रही स्पष्ट कार्यशैली पर उठे तमाम सवालों के तीन दिन बाद पुलिस ने अपने बचाव में सीसीटीवी फुटेज को आधार बना यह दावा तो कर दिया कि इनोवा कार की गति साधारण थी, लेकिन यह गति किस समय साधारण थी, पुलिस इस सवाल का जवाब नहीं दे रही। दरअसल, यह कार सोमवार रात बल्लूपुर चौक से दो बार गुजरी। एक बार रात साढ़े 10 से 11 बजे के करीब, जब कांवली रोड व जीएमएस रोड निवासी दो दोस्तों को लेने आने की बारी थी और दूसरी बार रात डेढ़ बजे के करीब, जब दुर्घटना हुई। जब कार दोस्तों को लेने कांवली रोड गई थी तो उससे पहले यह तिलक रोड भी गई थी, क्योंकि एक दोस्त वहां की रहने वाली थी। पुलिस पिकेट पर क्यों नहीं हुई वाहन की जांच पुलिस ने तीन दिन बाद यह दावा जरूर किया कि इनोवा शहर में सामान्य गति से चल रही थी, लेकिन पुलिस इसका जवाब नहीं दे पाई कि जगह-जगह पुलिस पिकेट पर कार को रोका क्यों नहीं गया। कार बिना पंजीयन नंबर-प्लेट के थी और उसमें सात युवा सवार थे। सामान्य तौर पर रात 11 बजे के बाद कोई भी वाहन पुलिस पिकेट से गुजरता है तो पुलिस उसे रोककर चेकिंग करती व चालक से पूछताछ होती है। इसके बाद ही वाहन को आगे जाने दिया जाता है। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि घायल सिद्धेश के शुक्रवार तक होश में आने की संभावना है, ऐसे में उसके बयान के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। recent visitors 61

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बिरसा मुण्डा जयंती पर धार में 334 करोड़ रुपए से अधिक लागत के विकास कार्यों की दी गई सौगातें

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने भगवान बिरसा मुंडा के व्यक्तित्व और कृतित्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिये किये जा रहे प्रयासों के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रयासों से प्रारंभ हुए जनजातीय गौरव दिवस के माध्यम से हमारी आजादी में जनजातीय नायक-नायिकाओं के योगदान से देश-दुनिया को परिचित कराने में मदद मिली है। अंग्रेजों से वीरता पूर्वक युद्ध करने वाले, जन-समुदाय द्वारा भगवान के रूप में पूजे जाने वाले, मुण्डा क्रांति के जनक बिरसा मुण्डा थे। उन्होंने सशस्त्र छापामार संघर्ष में बलिदानी रायन्ना, संथाल विद्रोह या हूल आंदोलन में तीर-कमान के साथ शामिल होने वाले शहीद सिद्धो संथाल, कान्हू संथाल, उनके छोटे भाई चाँद और भैरव के योगदान का भी उल्लेख किया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जी की संवेदनाएं जनजाति वर्ग के प्रति विशेष रूप से है। जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिये उन्होंने बजट में पाँच गुना से अधिक की वृद्धि की है। पीएम जन मन योजना के माध्यम से जनजातीय वर्ग के कल्याण को नई दिशा दी जा रही है। बेगा, सहरिया सहित अन्य पिछड़े जनजातीय वर्ग के जीवन में सुधार के लिये भी विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। राज्यपाल श्री पटेल शुक्रवार को धार में भगवान बिरसा मुण्डा जयंती के अवसर पर राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस के विशाल समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समारोह की अध्यक्षता की। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक देश को सिकल सेल जैसी घातक बीमारी से समाज को मुक्त कराने का लक्ष्य रखा है। इस प्रयास में समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे इस बीमारी के उन्मूलन के संबंध में जागरूकता के लिये विशेष प्रयास करें। समय पर जाँच होने से इस बीमारी का इलाज संभव है। आज का दिन किसी त्यौहार से कम नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन किसी त्यौहार से कम नहीं है। आज के दिन हमारे समाज के गौरव भगवान बिरसा मुण्डा ने जन्म लिया था। यह दिन हमारे लिये गौरव के साथ गर्व का दिन भी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस दिन को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरूआत की है। बिरसा मुण्डा ने जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिये संघर्ष किया। उन्होंने भारत माँ की रक्षा के लिये भी अपनी जीवटता और वीरता से अनेक उल्लेखनीय कार्य किये और समाज को नई दिशा दी। धर्मांतरण के विरोध में आवाज उठाते हुए वे आगे आये। मुख्यमंत्री श्री यादव ने कहा कि संस्कृति बचेगी तो हम बचेंगे। संस्कृति की रक्षा के लिये बिरसा मुण्डा का भारत के इतिहास में एक बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि टंट्या मामा के नाम से विश्वविद्यालय बनाया गया है। रेलवे स्टेशन का नाम भी टंट्या मामा के नाम पर किया गया है। हमारी सरकार जनजाति समाज के समग्र कल्याण के लिये कृत संकल्पित होकर लगातार काम कर रही हैं, जो अनवरत जारी रहेंगे। विकास के साथ होंगे रोजगार के अवसर सृजित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संवर्धन के माध्यम से विकास को नये आयाम दिये जा रहे हैं। धार जिले में 334 करोड़ रूपये लागत के 57 विकास कार्यों की सौगात क्षेत्र को प्रगति के पथ पर तेज गति प्रदान करेगी। इससे क्षेत्र में विकास के साथ रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पेसा कानून की जानकारी देते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल आदि मूलभूत सुविधाओं के विकास के प्लान तैयार किये जायें और उन्हें कार्यरूप में परिणित भी करें। उन्होंने बताया कि वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित किया जा रहा है। शासन की प्रत्येक योजना का लाभ हर पात्रताधारी व्यक्ति को मिले, इसके लिये मैदानी स्तर पर विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिकल सेल बीमारी समाज के लिये घातक है। इस बीमारी के उन्मूलन के लिये कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। मैदानी स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के लिये  विशेष प्रयास लगातार जारी हैं। गरीब वर्ग के लिये एयर एम्बुलेंस सेवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा जनजाति वर्ग के भाई-बहनों को आगे लाने के लिये सभी प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीमार को त्वरित चिकित्सकीय सेवा की उपलब्धता तथा उन्हें हॉस्पिटल पहुंचाने के लिये एयर एम्बुलेंस सेवा प्रारंभ की गई है। प्रदेश सरकार हर व्यक्ति को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिये लगातार प्रयास कर रही है। हमारा संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित नहीं रहे। उन्होंने जनजाति समाज के बच्चों से बेहतर शिक्षण के लिये आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा जनजाति समाज के बच्चों को उच्च शिक्षण के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था प्रारंभ की गई है। इन कोचिंग पर होने वाला खर्च शासन द्वारा उठाया जायेगा। गौ-संवर्धन के लिये खुलेंगी बड़ी गौ-शालाएँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रदेश में गौ-माता की रक्षा और उनके संवर्धन के लिये बड़ी-बड़ी गौशालाएं खोली जाएंगी। ग्रामीणों को दुग्ध उत्पादन के लिये प्रोत्साहित करने के साथ इस पर बोनस भी दिया जायेगा। प्रदेश में राज्य परिवहन निगम जैसी सेवा पुन: प्रारंभ की जायेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन के बेहतर साधन एवं सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि recent visitors 83

मुख्यमंत्री साय बोले- हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराएं जीवन में उल्लास भी भरती हैं

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर राजधानी रायपुर के पवित्र खारून नदी के तट महादेव घाट पहुंचकर श्री हाटकेश्वर महादेव और मां काली के दर्शन किए। उन्होंने श्री हाटकेश्वर महादेव और मां काली की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों के खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने पवित्र महादेव घाट में कार्तिक स्नान के लिए जुटे श्रद्धालुओं का अभिवादन कर सभी को कार्तिक पूर्णिमा की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव और विधायक श्री मोतीलाल साहू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर महादेव घाट में आयोजित होने वाला पुन्नी मेला बहुत लोकप्रिय है। दूर-दूर से लोग इसमें बड़ी श्रद्धा के साथ हिस्सा लेने आते हैं। श्री साय ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक, धार्मिक परंपराएं न केवल हमारी आस्था को मजबूत करती हैं अपितु हमारे जीवन में उल्लास भी भरती हैं।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से हमने प्रदेशवासियों को अपने आराध्य भगवान श्री राम के दर्शन के लिए अयोध्या भेजने की नि:शुल्क की व्यवस्था की है। श्री साय ने मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के शीघ्र शुरू किए जाने की जानकारी देते हुए बताया कि इससे 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक तीर्थ यात्रा पर जा सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज से हमने प्रदेश के 25 लाख से अधिक किसानों से धान खरीदी की शुरूआत कर दी है। जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर देश भर से आए जनजाति कलाकारों ने राजधानी में मनमोहक नृत्यों की प्रस्तुति दी। उन्होंने आज नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने की जानकारी भी लोगों के साथ साझा की। recent visitors 67

छत्‍तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी योजना 2.0 के हितग्राही सर्वेक्षण का शुभारंभ

रायपुर प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-Urban) के दूसरे चरण में उन हितग्राहियों को भी शामिल किया जाएगा जो पहले चरण में आवास से वंचित रह गए थे। इस महत्वपूर्ण योजना के तहत अब और अधिक लोगों को उनके पहले पक्के घर का सपना पूरा करने का मौका मिलेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लिए हितग्राही सर्वेक्षण शुक्रवार से शुरू होगा। इसकी शुरुआत उपमुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव द्वारा मुंगेली के स्वामी आत्मानंद स्कूल में होगी, जहां वे प्रतीकात्मक रूप से हितग्राहियों के सर्वेक्षण प्रपत्र भरेंगे। इस योजना से आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस), निम्न आय वर्ग (एलआईजी), और मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे अपने पहले पक्के घर का सपना साकार कर सकें। दूसरे चरण में आवास प्रदान करने के लिए योजना को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है:     लाभार्थी आधारित निर्माण।     भागीदारी में किफायती आवास।     किफायती किराया आवास।     ब्याज सब्सिडी।     केंद्र सरकार ने अब सभी हितग्राहियों को पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा भी दी है, साथ ही सभी 189 नगरीय निकायों में हेल्पडेस्क की व्यवस्था की जाएगी, ताकि कोई भी आवेदनकर्ता मदद से वंचित न रहे। तीन आय वर्गों को मिलेगा लाभ प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 का लाभ अब तीन आय वर्गों के परिवारों को मिलेगा:     ईडब्ल्यूएस: तीन लाख रुपये तक वार्षिक पारिवारिक आय।     एलआइजी: छह लाख रुपये तक वार्षिक पारिवारिक आय।     एमआइजी: नौ लाख रुपये तक वार्षिक पारिवारिक आय। इस कदम से योजना का दायरा और भी बढ़ गया है, जिससे और अधिक परिवारों को फायदा होगा। योजना के लिए अनिवार्य शर्तें इस योजना में लाभ पाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें हैं:     लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी, अविवाहित बेटे और अविवाहित बेटियां शामिल हो सकती हैं।     लाभार्थी परिवार के पास देश में कहीं भी कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए।     परिवार के सभी सदस्य का आधार कार्ड और वर्चुअल आधार अनिवार्य है।     लाभार्थी को 31 अगस्त 2024 से पहले स्थानीय निकाय क्षेत्र का निवासी होना जरूरी है। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के दूसरे चरण के साथ छत्तीसगढ़ के लाखों परिवारों को उनके पक्के घर का सपना पूरा करने का सुनहरा मौका मिलेगा। यह योजना न केवल घर के मालिक बनने की राह खोलेगी, बल्कि राज्य के समग्र विकास में भी अहम योगदान देगी।   recent visitors 61

भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के अत्याचार के विरुद्ध जनजातीय समाज को किया खड़ा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पूरे देश में राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनायी जा रही है। जनजातीय गौरव दिवस इतिहास के एक बहुत बड़े अन्याय को दूर करने का एक ईमानदार प्रयास है। आजादी के बाद जनजातीय वर्ग के योगदान को इतिहास में वह स्थान नहीं दिया गया, जिसके लिये वे हकदार थे। जनजातीय समाज वो है, जिसने राजकुमार राम को भगवान बनाया। भारत की संस्कृति और आजादी के रक्षा के लिये सैकड़ो वर्षों की लड़ाई का नेतृत्व दिया। आजादी के बाद के दशकों में जनजातीय वर्ग के अनमोल योगदान को मिटाने की कोशिश की गई। इसके पीछे स्वार्थ भरी राजनीति थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के समग्र कल्याण के लिये अनेक योजनाएँ संचालित कर उनके आर्थिक और सामाजिक विकास का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर बिहार जिले के जमुई में आयोजित राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस पर संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती पर 6 हजार करोड़ रूपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है। इसमें जनजातीय वर्ग के बच्चों के भविष्य को संवारने वाले स्कूल और हॉस्टल, जनजातीय वर्ग की महिलाओं के लिये स्वास्थ्य सुविधा, जनजातीय क्षेत्रों को जोड़ने वाली सैकड़ों किलोमीटर की सड़कें, जनजातीय वर्ग की संस्कृति को समर्पित संग्रहालय एवं जनजातीय वर्ग के डेढ़ लाख परिवारों को पक्के घर के स्वीकृति पत्र वितरित किये गये हैं। साथ ही आज देव दीपावली के दिन 11 हजार से अधिक जनजातीय परिवारों को अपने घर में प्रवेश कराया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश के छिन्दवाड़ा के श्री बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर के राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वंतत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का वर्चुअली लोकापर्ण किया। मध्यप्रदेश के शहडोल जिला मुख्यालय पर आयोजित राज्यस्तरीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल, सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, अध्यक्ष कोल विकास प्राधिकरण श्री रामलाल रोतेल सहित जन-प्रतिनिधि मौजूद रहे। राज्यपाल श्री पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अतिथियों का स्वागत जनजातीय परंपरा अनुसार किया गया। जनजातीय कल्याण के लिये राज्य सरकार कर रही है बेहतरीन कार्य : राज्यपाल श्री पटेल राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सम्पूर्ण देश में जनजातीय कल्याण के अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। पीएम जन मन योजना और सिकल सैल उन्मूलन मिशन, जनजाति कल्याण का महाभियान है। इस महाभियान में राज्य सरकार द्वारा जनजाति कल्याण के बेहतरीन कार्य किए जा रहे हैं। अनेक विभागों के माध्यम से अति पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा में लाने के कारगर प्रयास लगातार जारी है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकल सैल उन्मूलन मिशन का संकल्प मध्यप्रदेश की धरती से लिया जाना प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है। केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा सिकल सैल उन्मूलन की दिशा में जाँच और जागरूकता के कार्य सघन स्तर पर किए जा रहे हैं। प्रदेश में अब तक 82 लाख लोगों की सिकलसेल स्क्रीनिंग पूर्ण हो गई है। राज्यपाल श्री पटेल ने शहडोल ज़िले के सिकल सैल जाँच कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को सिकल सैल कार्ड वितरण का कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकल सैल से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय, इस रोग के प्रति जागरूकता ही है। उन्होंने कहा कि शादी के पूर्व लड़का-लड़की सिकल सैल कार्ड का मिलान ज़रूर करें। उन्होंने कहा कि गर्भधारण के दौरान और जन्म के बाद भी बच्चे के सिकल सैल की जाँच ज़रूर कराएं। राज्यपाल श्री पटेल ने सभी से आह्वान किया कि सिकल सैल की जाँच और जागरूकता हम सभी की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। राज्यपाल श्री पटेल ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती पर उनका नमन किया और प्रदेश एवं देश के महान क्रांतिकारी, जनजातीय सपूतों का पुण्य स्मरण भी किया। उन्होंने जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा जबलपुर और छिंदवाड़ा के जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण के प्रति आभार ज्ञापित किया।   recent visitors 115