आयोग के अधिकारियों की ओर से कुछ लोग राहुल गांधी के हेलीकॉप्टर की तलाशी लेते दिख रहे हैं

अमरावती चुनाव आयोग के अधिकारियों ने आंध्र प्रदेश के अमरावती में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बैग की जांच की है। शनिवार को उनके हेलीकॉप्टर की भी तलाशी ली गई। दरअसल, महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार-प्रसार जोरशोर से जारी है। विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन के नेता इस तरह की जांच को लेकर ईसी पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इस बीच, आयोग के अधिकारियों की ओर से ताजा निरीक्षण का वीडियो सामने आया है जिसमें कुछ लोग राहुल गांधी के हेलीकॉप्टर की तलाशी लेते दिख रहे हैं। कांग्रेस नेता वहीं पास में खड़े हैं। इस दौरान राहुल पार्टी नेताओं के साथ बातचीत करते देखे गए। इससे पहले, कांग्रेस ने बीते शुक्रवार को निर्वाचन आयोग से झारखंड में राहुल गांधी के हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने से रोकने की शिकायत की थी। साथ ही, चुनाव प्रचार में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई। निर्वाचन आयोग को लिखे पत्र में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के हेलीकॉप्टर को प्रतिबंधों के कारण उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी गई, जिसके कारण उनकी जनसभाओं में या तो देरी हुई या रद्द हो गईं। कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह कांग्रेस को चुनावों में समान अवसर नहीं मिलने दे रही। चुनाव आयोग के ऐक्शन पर विपक्ष ने उठाए सवाल टॉप लीडर्स के बैगों की जांच पर विवाद उस वक्त खड़ा हुआ जब शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे ने एक वीडियो साझा किया। इसमें उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा नेताओं की भी इसी तरह जांच हो सकती है। इसके जवाब में भाजपा नेताओं ने आयोग के कदम का बचाव किया और इसे स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी बताया। बीते दिनों चुनाव आयोग की ओर से अमित शाह, देवेंद्र फडणवीस, अजित पवार और अन्य एनडीए नेताओं के बैगों की जांच हो चुकी है। इस तरह ईसी की कार्रवाई को पूरी तरह से स्वतंत्र बताया जा रहा है। recent visitors 64

रतलाम में पिछले 16 घंटों के भीतर जिले में अलग-अलग स्थानों पर तीन सड़क हादसे, पांच की मौत

रतलाम जिले में सड़क हादसे बढ़ते जा रहे है। तेजगति व लापरवाही के चलते आए दिन वाहनों की भिड़ंत हो रही है तथा लोगों की जान जा रही है। पिछले 16 घंटों के भीतर जिले में अलग-अलग स्थानों पर तीन गंभीर सड़क हादसे हो गए। इनमें एक किसान सहित पांच लोगों की मौत हो गई। पहली दुर्घटना सैलाना हाईवे पर धामनोद बायपास पर हुई, जहां अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। दूसरी दुर्घटना बाजना थाना क्षेत्र के ग्राम आमलीपाड़ा के पास हुई, जहां दो बाइकों की जोरदार भिड़ंत होने से उन पर सवार तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं तीसरी दुघटना में महू-नीमच हाईवे पर इफ्का फैक्टरी के समीप अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार किसान की मौत हो गई। दो बाइकों की भिड़ंत, 3 की मौत पुलिस के अनुसार बाजना-कुंदनपुर मार्ग पर बाजना से करीब तीन किलोमीटर दूर ग्राम आमलीपाड़ा के समीप शनिवार सुबह पांच से छह बजे के बीच दो बाइकों की आमने-सामने से जोरदार तरीके से भिड़ंत हो गई। इससे एक बाइक पर सवार तीन लोगों की मौत हो गई जबकी एक घायल हो गया। मृतकों में 25 वर्षीय शंभूलाल मुनिया निवासी ग्राम बगली का माल तथा 16 वर्षीय शांतिलाल अमलीयार निवासी ग्राम घाटा खेरदा , 20 वर्षीय सोहन कटारा निवासी ग्राम घोखाखेड़ा हैं। वहीं 16 वर्षीय अजमल कटारा निवासी ग्राम घोड़ाखेड़ा गंभीर रूप से घायल हो गया है। सुबह बस चालक ने सड़क पर पड़े देखा सुबह करीब छह बजे कुंदनपुर से बाजना जा रही बस के चालक ने मृतकों व घायलों को सड़क किनारे पड़ा देखकर गांव के किसी व्यक्ति को एक्सीडेंट होने की सूचना दी। ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा बाजना पुलिस को सूचना दी। बाजना थाने के एसआई कन्हैयालाल सौनार्थी व अन्य पुलिसकर्मी तत्काल घटनास्थल पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव व घायल अजमल को बाजना के सरकारी अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद अजमल को मेडिकल कॉलेज रेफर किया किया। एसआइ सौनार्थी ने बताया कि तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर शव उनके स्वजन को सौंप दिए गए है तथा मामले की जांच की जा रही है। जेसीबी चालक को चारपहिया वाहन ने रौंदा सैलाना हाईवे पर ग्राम धामनोद बायपास पर शुक्रवार रात करीब पौने दस बजे अज्ञात चारपहिया वाहन की टक्कर लगने से बाइक पर सवार जेसीबी चालक 32 वर्षीय दिलीप देवदा को टक्कर मार दी। इससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार दिलीप ग्राम राकेदा में राजेंद्रसिंह नामक व्यक्ति की जेसीबी चलाता है। शुक्रवार शाम करीब साढ़े छह बजे दिलीप देवदा जेसीबी ग्राम राकोदा में खड़ी करके किसी काम से धामनोद की तरफ आया था, तभी धामनोद बायपास पर किसी वाहन ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर मारने की बाद ड्राइवर गाड़ी के साथ फरार हो गया। पोस्टमार्टम कराकर शव स्वजन को सौंप दिया गया है। टक्कर मारने वाले वाहन व उसके चालक की तलाश की जा रही है। वाहन की चपेट में आने से किसान की मौत महू-नीमच हाईवे (फोरलेन) पर शनिवार दोपहर करीब पौने दो बजे चारपहिया वाहन ने बाइक सवार किसान 62 वर्षीय बाबूलाल पाटीदार पुत्र खेमराज पाटीदार निवासी ग्राम धौसवास को चपेट में ले लिया। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस व ग्रामीणों के अनुसार सेजावता फंटा के पास से इफ्का फैक्टरी तक सड़क मरम्मत कार्य चल रहा है। इसके चलते एक तरफ की पट्टी पर यातायात बंद है तथा दूसरी पट्टी से दोनों तरफ के वाहन निकल रहे है। बाबूलाल पाटीदार किसी काम से रतलाम आए थे, बाइक से वापस गांव लौट रहे थे, तभी किसी चारपहिया वाहन ने उन्हें चपेट में लिया, इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर मारने की बाद ड्राइवर गाड़ी के साथ फरार हो गया। सूचना मिलने पर औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी वीडी जोशी, एसआइ गिरधारी परमार आदि मौके पर पहुंचे तथा शव पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भिजवाकर यातायात सामान्य कराया। recent visitors 66

दोनों मिलकर GSAT-20 कम्युनिकेशन सैटलाइट लॉन्च करने वाले हैं, एलन मस्क के स्पेसएक्स के साथ इसरो की बड़ी डील

वाशिंगटन एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के साथ बड़ी डील की है। दोनों मिलकर GSAT-20 कम्युनिकेशन सैटलाइट लॉन्च करने वाले हैं। अगले सप्ताह स्पेसएक्स के Falcom 9 रॉकेट की लॉन्चिग हो सकती है। पहली बार है जब कि इसरो और स्पेसएक्स आपसी सहयोग से इस तरह की लॉन्चिंग कर रहा है। बता दें कि यह डील इसलिए भी खास है क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप एलन मस्क के खास दोस्त हैं। वह हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं। इसके बाद ही इस डील को भी अंतिम रूप मिला है। GSAT-20 सैटलाइट 4700 किलो का है और भारत के रॉकेट के लिए इसे ले जाना काफी मुश्किल है। ऐसे में इस लॉन्चिंग के लिए स्पेसएक्स का सहारा लिया जा रहा है। यह लॉन्चिंग अमेरिका केप कैनावराल से होगी। यह सैटलाइट अगले 14 साल तक काम करता रहेगा। इससे पहले लॉन्चिंग सर्विस के लिए इसरो फ्रांस की कमर्शल लॉन्च कंपनी का सहारा लेता था। भारी सैटलाइट्स की लॉन्चिंग के लिए इसकी जरूरत पड़ती थी। हालांकि कंपनी के पास अब कोई भी ऑपरेशनल रॉकेट नहीं है। यूक्रेन से चल रहे संघर्ष के बीच रूस लॉन्चिंग नहीं कर पा रहा है। ऐसे में स्पेसएक्स फायदा भी उठा रहा है। यह सैटलाइट पूरे भारत में सेवा देगा। रिमोट इलाकों में इंटरनेट के लिए सैटलाइट उपलब्ध रहेगा। इसरो के चेयरमैन राधाकृष्णन दुराइराज ने कहा, इस लॉन्चिंग की लगभग लागत 60 से 70 मिलियन डॉलर है। बता दें कि कम कीमत में लॉन्चिंग के मामले में भारत और स्पेसएक्स की स्पर्धा भी चल रही है। वहीं एलन मस्क यह भी चाहते हैं कि भारत में उनकी स्पेसएक्स स्टारलिंक सैटलाइट सर्विस के इस्तेमाल को भी मंजूरी मिल जाए। अभी सुरक्षा कारणों से भारत में इसे इजाजत नहीं मिली है। भारत ने अंतरिक्षयात्रियों को आईएसएस तक भेजने के लिए भी स्पेसएक्स के साथ डील की है। recent visitors 117

ईरान का अमेरिका को संदेश, डोनाल्ड ट्रंप की हत्या का कोई इरादा नहीं, क्या कम होगा तनाव?

ईरान ईरान ने अमेरिका को संदेश भेजा है कि उसका अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या करने का कोई इरादा नहीं है। यह संदेश इस साल अक्टूबर में वॉशिंगटन को भेजा गया था, जब अमेरिका में निवर्तमान जो बाइडन प्रशासन ने सितंबर में कहा था कि वह ट्रंप की हत्या के किसी भी प्रयास को 'युद्ध की कार्रवाई' मानेगा, जो उस समय 5 नवंबर के राष्ट्रपति चुनावों के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार थे। अमेरिका को ईरान का संदेश पश्चिमी देश के साथ तनाव कम करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिका ने सैन्य कमांडर मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या के लिए तेहरान द्वारा संभावित जवाबी कार्रवाई पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी, जिन्होंने 2020 में तत्कालीन राष्ट्रपति ट्रम्प के आदेश पर ईरान के मिलिशिया और प्रॉक्सी बलों को निर्देशित किया था। चुनावों में ट्रंप की जीत के बाद से कई पूर्व ईरानी अधिकारी और मीडिया आउटलेट तेहरान से ट्रंप के साथ बातचीत करने और सुलह का प्रयास करने के लिए कह रहे हैं, जबकि ट्रंप ने ईरान पर और दबाव डालने का वादा किया है। अधिकारियों के अनुसार, न्याय विभाग ने दो अभियोग जारी किए हैं जो ट्रंप के खिलाफ ईरान की साजिश से संबंधित थे। अमेरिकियों ने ईरान पर ट्रंप प्रशासन के तहत अन्य हस्तियों की हत्या की साजिश रचने का भी आरोप लगाया है। ईरान ने बाइडन प्रशासन को भेजे अपने संदेश में दोहराया कि सुलेमानी की हत्या एक आपराधिक कृत्य था। हालांकि, संदेश में यह भी कहा गया कि ईरान ट्रंप की हत्या नहीं करना चाहता और अंतरराष्ट्रीय कानूनी तरीकों से सुलेमानी की हत्या का बदला लेना चाहता था। ईरान ने सीरिया पर घातक इजरायली हमलों की निंदा की वहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इजरायल द्वारा सीरिया के आवासीय इलाकों में किए गए हालिया घातक हमलों की कड़ी निंदा की। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बघई ने मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में यह टिप्पणी की। एक दिन पहले इजरायली बलों ने दमिश्क के पश्चिम में अल-मजेह में तीन आवासीय इमारतों और होम्स के मध्य प्रांत में सीरियाई-लेबनानी सीमा पर तीन आवासीय इमारतों पर हमला किया, जिसमें कम से कम 15 लोग मारे गए और 16 अन्य घायल हो गए। बाघेई ने कहा कि इजरायल द्वारा सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय संप्रभुता के लगातार और प्रमुख उल्लंघनों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अंतर्गत आक्रामकता का विशिष्ट कार्य माना गया है। recent visitors 69

जिला स्वास्थ्य विभाग अपने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के सुधार को दर किनार कर कर रहा अवैध वसूली

सक्ती जिला स्वास्थ्य विभाग अपने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के सुधार को दर किनार कर इन दिनों अवैध वसूली में लगा हुआ है। दिवाली मनाने के नाम पर जिले भर के पैथोलेब, निजी अस्पतालों सहित झोलाछाप डाक्टरों से जमकर वसूली के आरोप लग रहें हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कार्यालय सीएमएचओ जिला सक्ती से निर्सिंग होम एक्ट के तहत निजी अस्पताल,लैब, क्लीनिक संचालकों से दिवाली चंदा के नाम पर मोटी रकम वसूली की गई है। चंदा नहीं देने पर निजी अस्पताल लैब क्लीनिक पर कार्रवाई कर लाइसेंस प्रकिया रोकने की धमकी तक दी । लाइसेंस के एवज में वसूली निजी चिकित्सा संस्थानों के संचालन के लिए लाइसेंस जिला कलेक्टर के द्वारा जारी किया जाता है कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से निरीक्षण कर प्रतिवेदन किया कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है तत्पश्चात जिला कलेक्टर की हस्ताक्षर से लाइसेंस जारी होता है। इसके बावजूद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से लाइसेंस के एवज में वसूली की जा रही है। विभाग आज मरणाशन्न स्थिति में अवैध क्लीनिक संचालकों की शिकायत करने पर विभाग द्वारा निरीक्षण के आड़ में वसूली कर शिकायतों की खाना पूर्ति कार्रवाई कर दी जा रही है। सीएमएचओ के ज्वाइनिंग के बाद से ही स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है, जहां लोग अपना इलाज कराने जाते हैं वही विभाग आज मरणाशन्न स्थिति में है और विभागीय अधिकारी व्यवस्था सुधारने के बजाए अवैध वसूली में पूरी तरह से मशगूल नजर आ रहे हैं। झोलाछाप डाक्टरों से भी मोटी रकम वसूल रहें लगातार डीपीएम पर भी आरोप लगा रहें है कि वे अपना काम छोड़ सीएमएचओ के साथ घूमते नजर आते हैं और सीएमएचओ को अपने हिसाब से चला रहे हैं। कुछ विभागीय कर्मचारियों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि सीएमएचओ और डीपीएम लगातार अपनी मनमानी करते नजर आ रहें है, स्वास्थ्य विभाग को ठीक करने के बजाए कुछ लोगो के साथ राजनीति करते हुए विभाग की ही फजीहत कराने लगे ह्यूज हैं, और अवैध वसूली पर पूरी तरह से फोकस करते हुए झोलाछाप डाक्टरों से भी मोटी रकम वसूल रहें हैं। तुम लोगों को मैं ही बचाऊंगा: सीएमएचओ एक पैथोलाजी लैब के संचालक ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा कि सीएमएचओ द्वारा यह कहते हुए वसूली की गई कि मेरा वेतन नहीं मिला है और मुझे भी अपनी दिवाली मनानी है और तुम लोगों को मैं ही बचाऊंगा नहीं दिये तो सीधे तुम लोगों के लैब पर कार्रवाई कर बंद करा दूंगा, यही कारण है कि हम लोग शिकायत भी नहीं कर पा रहे हैं। इस संबंध में सीएमएचओ और डीपीएम के मोबाइल में उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया मगर उन्होंने काल रिसीव नहीं किया। recent visitors 71

झांसी अग्निकांड: डिप्टी सीएम ने ऐक्शन का दिया आदेश, मंत्री के पहुंचने से पहले रंगरोगन होने पर बवाल

झांसी झांसी में देर रात महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में लगी आग के बाद 10 बच्चों की मौत हो गई। इतनी बड़ी संख्या में हुई नवजात की मौत के बाद परिजनों में चीख-पुकार मची थी। अस्पताल में आग लगने के बाद डॉक्टर और स्टाफ इधर-उधर दौड़ रहा था, लेकिन प्रशासन को न तो परिजनों की चीत्कार सुनाई दे रही थी और न ही मेडिकल कॉलेज में हुए इस हादसे का मंजर दिखाई दे रहा था। वह तो केवल शनिवार को होने वाले डिप्टी सीएम के दौरे की तैयारियों में लगा था। झांसी मेडिकल कॉलेज में हुए दर्दनाक हादसे के बीच शुक्रवार की देर रात ही प्रशासन की बेशीर्मी की एक तस्वीर भी साफ दिखाई दी। दो कर्मचारी मंत्री के स्वागत के लिए रंगरोगन करते नजर आए। दोनों सड़क के किनारे चूना डाल रहे थे। इसका वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो विपक्ष ने कई सवाल खड़े कर दिए। झांसी हादसे के बीच रंगरोगन की जानकारी जब डिप्टी सीएम तक पहुंची तो वह ऐक्शन में आए। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने झांसी पहुंचने से पहले सड़कों पर चूना डाले जाने के मामले पर जिलाधिकारी को कार्रवाई के लिए आदेश दे दिया। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा जिन लोगों ने चूना डालने आदि जैसा कृत्य किया है वो स्वीकार योग्य नहीं है। डिप्टी सीएम ने जिलाधिकारी झांसी को ऐसे लोगों को चिन्हित करके कार्रवाई के आदेश दिए हैं। ब्रजेश पाठक आधी रात को ही झांसी रवाना हो गए थे। रात भर सफर करके झांसी पहुंचे। परिजनों से मिले। सांत्वना व्यक्त की। जांच के आदेश दिए। रेस्क्यू कराए गए बच्चों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को कहा, 'घटना में 10 नवजात बच्चों की मौत हो गई है। झांसी मेडिकल कॉलेज के अन्य वार्ड में 16 बच्चों का इलाज जारी है।' उन्होंने बताया कि यह घटना बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण हुई और उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शनिवार को 'एक्स' पर बृजेश पाठक ने कहा, 'झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (एसएनसीयू वार्ड) में अग्निकांड की हुई दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना की त्रिस्तरीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्रथम दृष्टया आयुक्त झांसी एवं उपमहानिरीक्षक झांसी द्वारा 24 घंटे में जांच कर रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश जारी किए हैं। अग्निशमन विभाग द्वारा भी जांच की जाएगी। साथ ही घटना की मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। झांसी में पाठक ने पत्रकारों से कहा, 'हम बच्चों के साथ उनके परिजनों की भी पहचान कर रहे हैं। मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। घटना कैसे हुई, इसके क्या कारण थे और किसकी ओर से लापरवाही हुई, इसका पता लगाया जाएगा। सबसे पहली चुनौती घायल बच्चों को गुणवत्तापूर्ण उपचार देना है।' महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज, झांसी के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र सेंगर ने कहा, 'एनआईसीयू वार्ड में शॉर्ट सर्किट के कारण दुखद घटना हुई। यहां एनआईसीयू वार्ड में 25 बच्चों का उपचार किया जा रहा है, 16 बच्चे मेडिकल कॉलेज में उपचार करा रहे हैं, जो किसी तरह से झुलसने या दम घुटने से पीड़ित नहीं हैं, बल्कि उन्हें जो बीमारियां हैं, उनका उपचार हो रहा है। एक बच्चे का जिला अस्पताल में उपचार हो रहा है, सात बच्चों का अन्य अस्पतालों में उपचार हो रहा है। एक बच्चे को छुट्टी दे दी गई है।' उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपचार करा रहे बच्चों को झुलसने या दम घुटने से कोई परेशानी नहीं है, उन्हें समुचित उपचार दिया जा रहा है। क्या बोले परिजन झांसी मेडिकल कॉलेज में हुए हादसे की खबर पाकर परिजन अस्पताल पहुंचे और अस्पताल में भर्ती अपने-अपने बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। हालांकि जिन परिजनों के बच्चों की इस हादसे में मौत हो गई वह बेसुध नजर आए। एक परिजन ने बताया हमारा नवजात एक महीने से यहां भर्ती था। कल ऑपरेशन हुआ और उसके बाद बच्चे को यहां (NCIU) भर्ती कर लिया गया। कल रात करीब 10 बजे आग लगी, हम बच्चे को निकालने के लिए दौड़े लेकिन हमें रोक दिया गया…बाद में काफी देर तक तलाश करने के बाद भी हम बच्चे को नहीं ढूंढ पाए। बाद में हमें बताया गया कि हमारा बच्चा आग में मर गया…मेरे पति ने जाकर बच्चे को देखा। मृतक शिशुओं के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता झांसी जिले में आग लगने से कम से कम 10 नवजात शिशुओं की मौत के कुछ घंटों बाद, यूपी सरकार ने शनिवार को मृतकों के माता-पिता को पांच-पांच लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। यूपी सरकार द्वारा शनिवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू में हुई घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। बयान में कहा गया है, 'घटना में असामयिक मृत्यु का शिकार हुए नवजात शिशुओं के माता-पिता को मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच-पांच लाख रुपये और घायलों के परिजनों को 50-50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है।' recent visitors 64

हम नहीं सुधरेंगे साहब, अधिकारी व कर्मचारी सुबह 10:30 बजे तक कार्यालय नहीं पहुंचते

जांजगीर चांपा प्रदेशभर में सरकारी कार्यालयों में कामकाज आधा घंटा पहले शुरू करने का आदेश दो साल पहले जारी हुआ था मगर अब तक अधिकारी कर्मचारियों की आदत में नया समय शुमार नहीं हो सका है। सरकार ने कर्मचारियों की सुविधा के लिए दो दिन अवकाश और बाकी पांच दिन काम के घंटे में बढ़ोतरी की है। मगर इसका लाभ जिलेवासियों को कम और अधिकारी कर्मचारियों को अधिक मिल रहा है। दो साल बाद भी अधिकारी कर्मचारियों की आदत नहीं सुधरी है। कई अधिकारी कर्मचारी अभी भी सुबह 10 बजे कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे में दूर दराज से पहुंचने वाले लोगों को घंटे भर इंतजार करना पड़ता है। जिला मुख्यालय के विभिन्न कार्यालयों की पड़ताल की तो जिला विपणन विभाग के अधिकारी कर्मचारी सुबह दस बजे से लेकर 11 बजे तक एक -एक कर कार्यालय पहुंचते रहे। इसी तरह जल संसाधन संभाग क्रमांक 2, अधिकारी कार्यालय नहीं पहुंचे थे। जबकि एसडीओ जल संसाधन जांजगीर के कार्यालय का तो ताला ही नहीं खुला था। इसी तरह कलेक्टोरेट के भू अभिलेख शाखा, खनिज, सांख्यिकी, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य शाखाओं में सुबह 10:30 बजे तक अधिकारी नहीं पहुंचे थे। कुछ जगह कर्मचारी जरूर दिखे। रोज की तरह अधिकारी कर्मचारी पुराने समय में ही कार्यालय पहुंचते हैं। इस तरह अधिकारी कर्मचारी सप्ताह में दो दिन छुट्टी के अलावा रोज एक घंटे विलंब से पहुंचेंगे तो आम जनता की परेशानी और बढ़ जाएगी। ज्ञात हो कि जिला मुख्यालय के कार्यालय में ही नहीं मैदानी स्तर के कार्यालयों में भी यही हाल है। ज्यादातर ब्लाक मुख्यालय तथा नगरीय निकाय के अधिकारी कर्मचारी भी मुख्यालय में नहीं रहते और अलग – अलग जगहों से अपडाउन करते हैं। इसके चलते वे भी विलंब से पहुंचते हैं। काम लेकर पहुंचे लोगों को अधिकारी कर्मचारियों के कार्यालय आने तक इंतजार करना पड़ता है। अनुपस्थित अधिकारी कर्मचारियों को नोटिस पूर्व में कलेक्टर ने सभी डिप्टी कलेक्टर और सभी अनुविभागीय अधिकारियों को कार्यालयों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों ने निरीक्षण कर रिपोर्ट दिया था जिसके आधार पर अनुपस्थित अधिकारी कर्मचारियों को नोटिस दिया गया था। मगर अब निरीक्षण करने वाले अधिकारियों का ही पता नहीं है। समय पर नहीं पहुंचने निरीक्षण का बहाना जिला मुख्यालय और कई ब्लाकों के अधिकारी कर्मचारी बाहर से अपडाउन करते हैं। उन लोगों ने समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने के लिए निरीक्षण का बहाना ढूंढ लिया है। जिला विपणन विभाग, उपपंजीयक सहकारी संस्थाएं सहित अन्य कई विभाग के अधिकारी कर्मचारी तो अब धान खरीदी शुरू होते ही केंद्रों के निरीक्षण का बहाना बनाएंगे और इसी के चलते विलंब होने का बहाना मिल जाएगा। इसी तरह कई ब्लाक के बीईओ, एबीईओ भी स्कूलों का निरीक्षण का बहाना बनाते हैं। जबकि नियमानुसार किसी भी अधिकारी को मुख्यालय में उपस्थिति देने के बाद ही काम काज शुरू करना है। जनगणमन को भी भूल गए अधिकारी कर्मचारी कलेक्टर आकाश छिकारा ने पदभार ग्रहण करने के बाद यह निर्देश जारी किया था कि जिला कार्यालय सहित सभी कार्यालयों में अधिकारी कर्मचारी सुबह दस बजे पहुंचेंगे और जनगणमन गायन के बाद कामकाज शुरू करेंगे। शुरूआत में कलेक्टर को दिखाने के लिए कुछ जिला कार्यालयों में जनगणमन की शुरूआत हुई थी। मगर अब समय पर कार्यालय पहुंचना तो दूर अधिकारी कर्मचारी जनगणमन का गायन करना ही भूल गए हैं। मूल वेतन का सात फीसदी मिलता है मुख्यालय भत्ता शासकीय विभाग के सभी अधिकारी कर्मचारियों को मुख्यालय में रहने के लिए मुख्यालय भत्ता भी मिलता है। इसके लिए शहरों को अलग अलग श्रेणी में बांटा गया है। जिला मुख्यालय के अधिकारी कर्मचारियों को उनके मूल वेतन का सात फीसदी गृहभाड़ा भत्ता के रूप में मिलता है। मगर दूसरे शहर में अपने घर में रहने वाले ज्यादातर कर्मचारी गलत जानकारी देकर इस भत्ते का लाभ ले रहे हैं। कई अधिकारी कर्मचारियों ने सरकारी आवास भी आवंटित कराया है। मगर वे यहां रहते नहीं हैं। वहीं कुछ अधिकारी कर्मचारियों ने अपने रिश्तेदार या मित्रों का पता देकर अपना अस्थाई निवास बताया है। अगर इसकी जांच की जाए तो कई अधिकारी कर्मचारी ऐसे मिलेंगे। सभी विभागों का निरीक्षण कराएंगे और जिला अधिकारियों को निर्देशित करेंगे कि वे और कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचकर कामकाज शुरू करें। recent visitors 62