इमरान मसूद ने कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की, चुनाव ईमानदारी से हुए तो सभी सीटों पर भाजपा की हार होगी

सहारनपुर यूपी के सहारनपुर सीट से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की। उन्होंने यूपी में होने वाले उपचुनाव, वक्फ संशोधन बिल, सनातन बोर्ड समेत कई मुद्दों पर बेबाकी से राय रखी। यूपी की 9 सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर इमरान मसूद ने कहा कि अगर चुनाव ईमानदारी से हुए और पुलिस ने वोटिंग प्रक्रिया में कोई हस्तक्षेप नहीं किया, तो भाजपा को सभी सीटों पर हार का सामना करना पड़ेगा। वक्फ बोर्ड के मुद्दे पर इमरान मसूद ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड से संबंधित जो बिल लाया गया है, वह पूरी तरह से गैर-संवैधानिक है। इमरान मसूद ने संविधान की धाराओं का हवाला देते हुए कहा कि ये धाराएं नागरिकों को धार्मिक कृत्य करने, शैक्षिक संस्थानों के संचालन और संपत्ति प्रबंधन की स्वतंत्रता देती हैं। वक्फ बोर्ड के लिए लाया गया यह बिल इन संवैधानिक धाराओं के खिलाफ है और इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। सनातन बोर्ड के गठन की मांग के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह एक नई और अनुचित मांग है। यदि सनातन बोर्ड बनेगा, तो क्या आप तिरुपति मंदिर, बद्रीनाथ मंदिर जैसे स्थानों की संपत्तियों को भी एकत्रित कर उसका प्रबंधन करेंगे? क्या यही इरादा है? उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह कानून लागू हुआ, तो वक्फ बोर्ड जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाएगी, जिसमें धार्मिक संपत्तियों का प्रबंधन सरकारी नियंत्रण में हो सकता है। इमरान मसूद ने वक्फ संपत्तियों के अधिकारों पर बात करते हुए कहा कि कर्नाटक में वक्फ बोर्ड की 1 लाख 12 हजार एकड़ जमीन पर कब्जा करने के मामले सामने आए हैं। यदि इस कानून को लागू किया गया, तो मुस्लिम समुदाय की प्राचीन मस्जिदों और कब्रिस्तानों की जमीनें छीन सकती हैं। जब इन संपत्तियों की रजिस्ट्री नहीं थी, तो अब उनका कैसे हिसाब-किताब किया जाएगा? कश्मीर के मुद्दे पर सवाल किए जाने पर इमरान मसूद ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में कहा था कि सिंधु जल संधि के कारण जम्मू कश्मीर को नुकसान हुआ है। इस पर इमरान मसूद ने कहा कि उन्होंने कभी सिंधु जल संधि के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं ली है और इस मुद्दे पर वे कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। वहीं, महबूबा मुफ्ती के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि महबूबा मुफ्ती के बारे में मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।   recent visitors 64

इसरो अगले सप्ताह जीसैट-20 की लॉन्चिंग करेगा, इसमें स्पेसएक्स के रॉकेट का इस्तेमाल होगा

नई दिल्ली एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के साथ बड़ी डील की है। दोनों मिलकर GSAT-20 कम्युनिकेशन सैटलाइट लॉन्च करने वाले हैं। अगले सप्ताह स्पेसएक्स के Falcom 9 रॉकेट की लॉन्चिग हो सकती है। पहली बार है जब कि इसरो और स्पेसएक्स आपसी सहयोग से इस तरह की लॉन्चिंग कर रहा है। बता दें कि यह डील इसलिए भी खास है क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप एलन मस्क के खास दोस्त हैं। वह हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं। इसके बाद ही इस डील को भी अंतिम रूप मिला है। GSAT-20 सैटलाइट 4700 किलो का है और भारत के रॉकेट के लिए इसे ले जाना काफी मुश्किल है। ऐसे में इस लॉन्चिंग के लिए स्पेसएक्स का सहारा लिया जा रहा है। यह लॉन्चिंग अमेरिका केप कैनावराल से होगी। यह सैटलाइट अगले 14 साल तक काम करता रहेगा। इससे पहले लॉन्चिंग सर्विस के लिए इसरो फ्रांस की कमर्शल लॉन्च कंपनी का सहारा लेता था। भारी सैटलाइट्स की लॉन्चिंग के लिए इसकी जरूरत पड़ती थी। हालांकि कंपनी के पास अब कोई भी ऑपरेशनल रॉकेट नहीं है। यूक्रेन से चल रहे संघर्ष के बीच रूस लॉन्चिंग नहीं कर पा रहा है। ऐसे में स्पेसएक्स फायदा भी उठा रहा है। यह सैटलाइट पूरे भारत में सेवा देगा। रिमोट इलाकों में इंटरनेट के लिए सैटलाइट उपलब्ध रहेगा। इसरो के चेयरमैन राधाकृष्णन दुराइराज ने कहा, इस लॉन्चिंग की लगभग लागत 60 से 70 मिलियन डॉलर है। बता दें कि कम कीमत में लॉन्चिंग के मामले में भारत और स्पेसएक्स की स्पर्धा भी चल रही है। वहीं एलन मस्क यह भी चाहते हैं कि भारत में उनकी स्पेसएक्स स्टारलिंक सैटलाइट सर्विस के इस्तेमाल को भी मंजूरी मिल जाए। अभी सुरक्षा कारणों से भारत में इसे इजाजत नहीं मिली है। भारत ने अंतरिक्षयात्रियों को आईएसएस तक भेजने के लिए भी स्पेसएक्स के साथ डील की है। राष्ट्रपति चुनाव से पहले की डील अंतरिक्ष प्रक्षेपण की दृष्टि और समय बिल्कुल सही है। हालांकि, संयोग से ये डील अमेरिकी चुनाव रिजल्ट से पहले की है। इसलिए वाशिंगटन डीसी या नई दिल्ली के आलोचक 'क्रोनी कैपिटलिज्म' का मुद्दा नहीं उठा सकते हैं। यह स्पेसएक्स के साथ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के कई वाणिज्यिक जुड़ावों में से पहला है। जबकि कुछ लोग कहते हैं कि इसरो और स्पेसएक्स कम लागत वाले प्रक्षेपणों के लिए प्रतिस्पर्धी हैं। हालांकि ग्लोबल कमर्शियल स्पेस मार्केट में किसी को भी संदेह नहीं है कि स्पेसएक्स बहुत आगे है। यह सभी जानते है कि डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बहुत अच्छा रिश्ता है। दोनों नेता एक दूसरे को 'अपना दोस्त' कहते हैं। अमेरिका से क्यों हो रही लॉन्चिंग जीसैट-एन2 को अमेरिका के केप कैनावेरल से प्रक्षेपित किया जाएगा। इसरो की तरफ से निर्मित 4,700 किलोग्राम का यह उपग्रह भारतीय रॉकेटों के लिए बहुत भारी था। इसलिए इसे विदेशी कमर्शियल प्रक्षेपण के लिए भेजा गया। भारत का अपना रॉकेट 'बाहुबली' या लॉन्च व्हीकल मार्क-3 अधिकतम 4,000-4,100 किलोग्राम वजन को भूस्थिर स्थानांतरण कक्षा में ले जा सकता था। इस मिशन की लाइफ 14 साल है। भारत अब तक अपने भारी उपग्रहों को प्रक्षेपित करने के लिए एरियनस्पेस पर निर्भर था। हालांकि, वर्तमान में उसके पास कोई भी चालू रॉकेट नहीं है। भारत के पास एकमात्र विश्वसनीय विकल्प स्पेसएक्स के साथ जाना था। चीनी रॉकेट भारत के लिए अनुपयुक्त हैं। वहीं, यूक्रेन में संघर्ष के कारण रूस कमर्शियल लॉन्चिंग के लिए अपने रॉकेट की पेशकश करने में सक्षम नहीं है। क्या कह रहा इसरो इसरो की बेंगलुरु स्थित कमर्शियल ब्रांच न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष और एमडी राधाकृष्णन दुरईराज ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि स्पेसएक्स के साथ इस पहली लॉन्चिंग पर हमें अच्छी डील मिली। उन्होंने कहा कि इस स्पेशल सैटेलाइट को लॉन्च करने की कीमत… टेक्निकल अनुकूलता और कमर्शियल डील… मैं कहूंगा कि स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट पर इतने भारी उपग्रह को लॉन्च करना हमारे लिए अच्छा सौदा था। recent visitors 65

रोहिंग्या-बांग्लादेशियों पर ऐक्शन की तैयारी?, एलजी ने दिल्ली पुलिस को अवैध अप्रवासियों की पहचान करने को कहा

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों पर अब जल्द ही कोई बड़ा ऐक्शन हो सकता है। दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) वी.के. सक्सेना ने दिल्ली पुलिस को राजधानी में अवैध अप्रवासियों की पहचान करने को कहा है। एलजी ने इसके लिए पुलिस को एक महीने तक स्पेशल ड्राइव चलाने का भी निर्देश दिया है। जानकारी के अनुसार, उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली में अवैध अप्रवासियों की संख्या में इजाफा होने की खबरों का संज्ञान लेकर पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और उनकी पहचान के लिए एक महीने तक अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं। एलजी ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिए कि वे राजधानी में अवैध प्रवासियों की पहचान कर केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर उन पर कार्रवाई करें। एलजी ऑफिस द्वारा दिल्ली के मुख्य सचिव, पुलिस कमिश्नर, एमसीडी कमिश्नर और एनडीएमसी अध्यक्ष को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। पत्र में कहा गया है कि ऐसी खबरें हैं कि अवैध अप्रवासियों के पहचान दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड आदि को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार करने और हेरफेर करने की प्रक्रिया अपनाने के प्रयास चल रहे हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दिल्ली में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) पर राजधानी में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को संरक्षण देने का आरोप लगा रहे हैं। ‘आप’ ने भाजपा पर बोला हमला अवैध प्रवासियों पर उपराज्यपाल की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली की ‘आप’ सरकार ने कहा, "भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए अवैध प्रवासियों के मुद्दे का इस्तेमाल करती है। इस बात की गहन जांच होनी चाहिए कि अवैध प्रवासी हमारे देश में कैसे प्रवेश कर रहे हैं। इसके लिए सीधे तौर पर अमित शाह और केंद्रीय गृह मंत्रालय जिम्मेदार हैं।" ‘आप’ ने एक बयान में कहा, "यदि अवैध अप्रवासी हैं, तो कितने हैं? यह एक बड़ी विफलता है तथा ऐसे लोगों पर कार्रवाई ना करना, इसे और अधिक स्पष्ट रूप से उजागर करता है।" ‘आप’ ने कहा, “एक तरफ भाजपा अवैध प्रवासियों को नागरिकता दे रही है और दूसरी तरफ जांच का दिखावा कर रही है। भाजपा को यह पाखंड बंद करना चाहिए और अपनी गंदी राजनीति खत्म करनी चाहिए।” एलजी के पत्र में कहा गया है कि सोशल मीडिया और अन्य विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त कुछ रिपोर्ट बताती हैं कि दिल्ली में अवैध प्रवासियों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है। पत्र में कहा गया है, "ऐसे लोगों द्वारा सार्वजनिक सड़कों, फुटपाथों और पार्कों पर अतिक्रमण भी बढ़ा है। ऐसी खबरें हैं कि उनके पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, चुनाव पहचान पत्र आदि बनाने के लिए फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और धोखाधड़ी की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।" सक्सेना ने कहा, "यदि अवैध प्रवासियों को चुनाव पहचान पत्र जारी किया जाता है तो इससे उन्हें लोकतंत्र का सबसे शक्तिशाली अधिकार अर्थात हमारे देश में वोट देने का अधिकार प्राप्त होगा। अवैध प्रवासियों को ऐसे अधिकार देना किसी भी भारतीय नागरिक द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस तरह के कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी हानिकारक हो सकते हैं।" सत्यापन में अतिरिक्त सतर्कता बरतें उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव संभागीय आयुक्तों के माध्यम से जिलाधिकारियों को पहचान दस्तावेजों के लिए आवेदन करने वाले लोगों के सत्यापन में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश जारी करें। पत्र में कहा गया है कि पुलिस कमिश्नर क्षेत्रीय स्तर के अधिकारियों को विशेष रूप से सड़क किनारे तथा खाली सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करके बसे लोगों का निरीक्षण करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दें। सक्सेना ने कहा कि दिल्ली पुलिस अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए एक महीने तक स्पेशल अभियान चलाएगी और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय करके आगे की कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी एजेंसियों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार राजधानी में कहीं भी सार्वजनिक स्थानों पर अनाधिकृत कब्जा न हो।   recent visitors 73

कोलकाता में दिन दहाड़े तृणमूल कांग्रेस के नेता की हत्या की कोशिश की गई, मिस हो गया फायर

कोलकाता कोलकाता में दिन दहाड़े तृणमूल कांग्रेस के नेता की हत्या की कोशिश की गई। सड़क किनारे बैठे टीएमसी नेता पर बाइकसवार बदमाश ने पिस्तौल तान दी। लेकिन उसकी पिस्तौल लॉक हो गई और वह फायर नहीं कर पाया। ऐसे में उनकी जान बच गई। उन्होंने खुद दौड़कर बदमाशों का पीछा किया और पीछे से शूटर को पकड़कर बाइक से नीचे खींच लिया। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। सुशंता गोष कोलकाता महानगर प ालिका में वॉर्ड 108 से पार्षद हैं. वह अपने घर के सामने ही बैठे थे तभी वहां दो शूटर आ गए। उसने अपनी पिस्तौल निकाली और दो बार शूट करने की कोशिश की। लेकिन बंदूक से गोली चली ही नहीं। इसके बाद घोष ने उन्हें दौड़ाया। पीछे बैठा शूटर बाइक से नीचे आ गया। इसके बाद उसे दौड़ाकर पकड़ा गया और जमकर पिटाई की गई। उससे यह भी उगलवाने की कोशिश की गई कि उसे किसने भेजा था। उसने बताया, मुझे कोई पैसा नहीं दिया गया था। मुझे केवल फोटो भेजी गई थी और हत्या करने की बात कही गई थी। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस के सूत्रों का कहना है कि शूटर को बिहार से हायर किया गया था। हो सकता है कि स्थानीय स्तर पर किसी दुश्मनी की वजह से ऐसा किया गया हो। पार्षद ने बताया कि उन्हें भी अंदाजा नहीं है कि उन्हें मरवाने की साजिश कौन रच सकता है। वह 12 साल से पार्षद हैं। स्थानीय सांसद माला रॉय और विधायक जावेद खान ने भी बाद में उनसे मुलाकात की। recent visitors 72

सीएम योगी ने कहा- समाजवादी पार्टी का एक ही सिद्धांत है, सबका साथ और सैफई परिवार का विकास

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज शनिवार को प्रयागराज में फूलपुर विधानसभा क्षेत्र के सहसों में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा करने पहुंचे। उन्होंने जनसभा को संबोधित किया और चुनावी माहौल तैयार किया। इस दौरान सीएम योगी विपक्ष पर जमकर बरसे है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि ''सपा को विकास से कोई मतलब नहीं..इनका एक ही सिद्धांत है…सबका साथ और सैफई परिवार का विकास।'' उन्होंने कहा कि ''बड़े दुर्दांत माफिया सपा के गले के हार है।'' भ्रष्टाचार का सर्टिफिकेट है इनके लिएः योगी सीएम योगी आदित्यनाथ ने सपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए चुनाव सेवा का एक मिशन है जबकि सपा और बसपा के लिए चुनाव एक व्यवसाय है। अपने काले कारनामों को अंजाम देने, जनता का शोषण करने, कर्फ्यू और दंगा करने, लूट-घसोट और भ्रष्टाचार का सर्टिफिकेट इनके लिए है। इसलिए चुनाव में इन लोगों की जमानत जब्त कराना जरूरी है। 'बड़े दुर्दांत माफिया सपा के गले के हार है…' सीएम योगी ने कहा कि गुंडे, बड़े दुर्दांत माफिया, अपराधी और अराजक तत्व सपा के गले की हार हैं। आपराधिक कृत्य से ही उनकी आजीविका चलती है। सुचिता पूर्ण परीक्षा सपा को रास नहीं आती है। कहा कि किसी भी युवा के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। आयोग और चयन बोर्ड इसके लिए कार्य कर रहा है। प्रयागराज की इस धरती पर भगवान बेणी माधव, गंगा, यमुना सरस्वती, भरद्वाज मुनि की विशेष कृपा है। समाजवादी पार्टी बांटने की राजनीति कर रही है। समाज को बांटने वाले देश के दुश्मन से कम नहीं हैं। अयोध्या में पांच सौ सालों का इंतजार बंटने के कारण ही झेलना पड़ा। इसी तरह काशी और मथुरा में भी बंटने के कारण अपमान झेलना पड़ा। बंटना नहीं है। बंटोगे तो कटोगे। सीएम योगी ने कहा कि ''फूलपुर विधान सभा क्षेत्र में भाजपा की प्रचण्ड विजय सुनिश्चित है।''  recent visitors 104

चुनाव के बीच मुंबई के वाशी चेक नाके से करोड़ों की चांदी जब्त, पुलिस के उड़ गए होश, ट्रक ड्राइवर पुलिस हिरासत में

    मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव करीब है. वहां 20 नवंबर को मतदान होना है. चुनाव के मद्देनजर तमाम जांच एजेंसियां और पुलिस राज्य में होने वाली सभी गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख रही हैं. इसी बीच मुंबई में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से 8,476 किलो चांदी बरामद की है, जिसकी कीमत लगभग 80 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इतनी बड़ी मात्रा में चांदी को देखकर पुलिस और जांच एजेंसियां सतर्क हो गईं. महाराष्ट्र में चुनाव को लेकर कैश और अवैध संपत्ति को लाने ले जाने पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. जानकारी के अनुसार, मानखुर्द पुलिस वाशी चेक नाके के पास नाकाबंदी किए हुए थी. इस दौरान पुलिस टीम आने जाने वाले वाहनों की चेकिंग कर रही थी. पुलिस के अनुसार, शुक्रवार की देर रात एक संदिग्ध टेंपो वाशी चेक नाके के पास से गुजर रहा था. शक होने पर पुलिस ने वाहन को रोका और उसकी तलाशी ली. तलाशी के दौरान इस ट्रक में बड़ी मात्रा में चांदी मिली, जिसे देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए. इस चांदी का जब वजन कराया गया तो पता चला कि कुल वजन 8,476 किलोग्राम है. इतनी चांदी की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 80 करोड़ रुपये है. इस मामले के बाद अधिकारियों ने ड्राइवर से पूछताछ की और उसे हिरासत में ले लिया. पुलिस ने मामले की जानकारी तुरंत आयकर विभाग और चुनाव आयोग की टीम को दी. आयकर विभाग के अधिकारी अब इस चांदी के मालिक का पता लगाने की कोशिश में हैं. शुरुआती जांच के बाद संदेह है कि यह चांदी अवैध तरीके से ले जाई जा रही थी और इसे चुनावी माहौल में इस्तेमाल करने के लिए लाया जा रहा था. आयकर विभाग और चुनाव आयोग की टीम ने इस पूरे मामले में जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि क्या चांदी का कोई वैध दस्तावेज मौजूद है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की अवैध संपत्ति की तस्करी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस घटना के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई. स्थानीय लोगों ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है. पुलिस ने बताया कि अगर चांदी के मालिक के दस्तावेज पेश नहीं किए गए, तो इसे जब्त कर लिया जाएगा.   recent visitors 75

CM मान का बड़ा ऐलान, नए उम्मीदवारों से की अपील, वे अपना काम मेहनत और ईमानदारी से करें

चंडीगढ़ पंजाब पुलिस में भर्ती हुए नव नियुक्त उम्मीदवारों को मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे। दरअसल, चंडीगढ़ के टैगोर थियेटर में आयोजित समारोह दौरान आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल भी मौजूद थे। इस मौके पर बोलते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पिछले अढ़ाई साल के दौरान पंजाब सरकार ने युवाओं को 48 हजार से ज्यादा नौकरियां दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती बहुत साफ-सुथरी और पारदर्शी तरीके से की गई और उन्होंने नए उम्मीदवारों से भी अपेक्षा की कि वे अपना काम मेहनत और ईमानदारी से करें। मुख्यमंत्री मान ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि पंजाब पुलिस को अपडेट और हाईटेक बनाने के लिए 10 हजार से ज्यादा नई भर्तियां की जाएंगी। पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है, जिसके कारण पुलिस को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए पंजाब पुलिस में और भर्तियां की जाएंगी तांकि पुलिस की ताकत बढ़ाई जा सके। इसके साथ ही उन्होंने नवनियुक्त पुलिस कर्मियों से अपील की कि वे अभी तबादले के लिए आवेदन न करें, क्योंकि ड्यूटी तो ड्यूटी है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश युवाओं को उनके घर के पास ही नौकरी दी जाएं। उन्होंने कहा कि आज सड़क सुरक्षा बल के कारण 8 महीने बाद मरने वालों की संख्या में 45 फीसदी की कमी आई है।  इस टीम के पास प्राथमिक उपचार के पूरे उपकरण मौजूद हैं। यदि कोई दुर्घटना हो जाती है तो फोर्स द्वारा तुरंत व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया जाता है। इसी तरह अगर कोई गाड़ी सड़क पर खराब हो जाती है तो उसे किनारे खड़ा कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास लोगों की जान-माल की रक्षा के साथ ही उन्हें रोजगार उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री मान ने नए प्रत्याशियों से ईमानदारी से काम करने को कहा।  recent visitors 68