फिल्म द साबरमती रिपोर्ट मध्यप्रदेश में टैक्स फ्री होगी – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि फिल्म 'द साबरमती रिपोर्ट' मध्यप्रदेश में टैक्स फ्री होगी। उन्होंने कहा कि अतीत की घटनाओं को तथ्यपरक रूप से फिल्म में प्रस्तुत किया गया है। अधिक से अधिक लोग यह फिल्म देख सकें, इस उद्देश्य से फिल्म को टैक्स फ्री किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में यह जानकारी दी।   recent visitors 73

सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफ़ी में बंगाल टीम की कप्तानी सुदीप घरामी के हाथों में होगी, टीम में शामिल हुए मोहम्मद शमी

नई दिल्ली लगभग एक साल की लंबे चोट के बाद रणजी ट्रॉफ़ी में बेहतरीन वापसी करने वाले तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफ़ी के लिए बंगाल की टीम में नामित किया गया है। यह टूर्नामेंट 23 नवंबर से शुरू हो रहा है, और बंगाल का पहला मुक़ाबला पंजाब के ख़िलाफ़ होगा। इस बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफ़ी में बंगाल टीम की कप्तानी सुदीप घरामी के हाथों में होगी, जबकि रणजी ट्रॉफ़ी में कप्तानी अनुस्तुप मजूमदार ने संभाली थी। शमी ने अपनी वापसी रणजी ट्रॉफ़ी के जरिए की थी, जहां उन्होंने मध्य प्रदेश के ख़िलाफ़ पहली पारी में चार और दूसरी पारी में तीन विकेट लिए थे। यह प्रदर्शन उनकी फ़िटनेस और फ़ॉर्म में सुधार का संकेत माना जा रहा है। हालांकि चोट से उनकी रिकवरी उम्मीद से ज़्यादा समय ले गई, जिसके चलते उन्हें बांग्लादेश, न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टेस्ट सीरीज़ से बाहर रहना पड़ा। मध्य प्रदेश के ख़िलाफ़ जब पहले दिन शमी ने अपने हाथों में गेंद पकड़ी थी, तो वह कोई ख़ास प्रभाव नहीं छोड़ पाए थे। उस दिन उन्होंने कुल 10 ओवर की गेंदबाज़ी की थी और कोई विकेट नहीं ली। इसके बाद कई सवाल उठने लगे थे कि क्या वह पूरी तरह फ़िट थे? क्या उनकी टखने में परेशानी थी? क्या वह अपनी पूरी क्षमता से गेंदबाज़ी कर रहे थे? क्या वह पूरी तीव्रता से गेंद डाल रहे थे? लेकिन उसके बाद वाले दिन शमी ने ऐसे कई प्रश्नों का जवाब देने का अच्छा प्रयास किया था। पहले दिन कोई विकेट नहीं लेने वाले शमी ने दूसरे दिन चार विकेट लिए, जिसके कारण बंगाल की टीम को मध्यप्रदेश के ख़िलाफ़ 61 रनों की अच्छी लीड हासिल करने में सफलता भी मिली। साथ जब यह मैच रोमांचक स्थिति में पहुंचा तो शमी ने तीन विकेट लेकर बंगाल की टीम को जीत दिलाई। इस मैच के बाद यहां उम्मीद थी कि शमी को बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के लिए भी ऑस्ट्रेलिया बुलाया जा सकता है लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शमी की वापसी को देखते हुए तब बंगाल के कोच लक्ष्मी रतन शुक्ला ने कहा, “एक खिलाड़ी जो एक साल बाद वापसी कर रहा है और 19 ओवर डालकर इतने विकेट लेता है… इसमें कहने के लिए कुछ बचता ही नहीं है। उन्होंने बिना किसी मैच सिमुलेशन के सीधे मैच खेला। जाहिर है कि वह जितना ज़्यादा खेलेंगे, उतना बेहतर होते जाएंगे।” “उन्होंने एक छह ओवर और एक पांच ओवर का स्पैल फेंका। आईपीएल में खेलने वाले खिलाड़ी चार ओवर से ज़्यादा गेंदबाज़ी करना नहीं जानते। उन्होंने वो स्पैल फेंका जो तेज गेंदबाज़ों से अपेक्षित है। मैंने कभी किसी तेज़ गेंदबाज़ को एक साल बाद इतनी मज़बूती से वापसी करते नहीं देखा। उन्होंने आज जो किया वह एक परीकथा की तरह है।”   recent visitors 159

इंदौर ने आठवीं बार स्वच्छता में सरताज बनने के लिए फिर से कमर कस ली

इंदौर देश के सबसे साफ शहर इंदौर ने आठवीं बार स्वच्छता में सरताज बनने के लिए फिर से कमर कस ली है। विश्व शौचालय दिवस पर शहर के पब्लिक टाॅयलेट को सजाया गया और शहर के जनप्रतिनिधियों व शहरवासियों ने सेल्फी ली। उद्देश्य यह था कि शहरवासी पब्लिक टायलेट को भी साफ रखे।   विजय नगर के पब्लिक टाॅयलेट के बाहर मुख्य आयोजन रखा गया था। यहां लगे स्टेज पर युवतियों ने जुंबा डांस किया। रंगमंच से जुड़े कलाकारों ने स्वच्छता का संदेश देने वाले नुक्कड नाटक भी खेला। सुबह आठ बजे मेयर पुष्य मित्र भार्गव व विधायक रमेश मेंदोला पहुंचे। उन्होंने पब्लिक टाॅयलेट के साथ सेल्फी ली। यहां के केयरटेकर का हार पहनाकर सम्मान भी किया गया। शहर के अन्य पब्लिक टाॅयलेटों पर भी आयोजन हुए। स्वच्छता रैंकिंग सर्वेक्षण को देखते हुए शहर के 300 से ज्यादा पब्लिक टाॅयलेटों को नगर निगम ने साफ किया है और बिजली, पानी की सुविधा सुनिश्चित की है। इंदौर को जब पहली बार स्वच्छता रैंकिंग का पुरस्कार मिला था, तब इन पब्लिक टाॅयलेटों के कारण भी इंदौर के नंबर बढ़े थे। इंदौर में पब्लिक टाॅयलेटों पर विकलांगों के लिए रैम्प भी बनाए गए है। सुबह 9 बजे तक 30 हजार सेल्फी विश्व शौचालय दिवस पर एक लाख सेल्फी का लक्ष्य नगर निगम ने रखा है। सुबह 9 बजे तक 30 हजार से ज्यादा सेल्फी ली जा चुकी थी। recent visitors 66

वह चीज़े जिनका टूटना अशुभ नहीं, शुभ माना जाता है

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई अपने काम जल्दबाजी में करता है। मगर अक्सर जल्दबाजी में किया गया आपका काम और भी बढ़ा देता है। जैसे कि रसोई में जल्दबाजी करते वक्त हाथ से कुछ गिर जाना या फिर खाना पकाते वक्त जल जाना, ऐसी कई बाते हैं जिन्हें लेकर न चाहते हुए भी लोगों के मन में वहम जाग जाता है। मगर वास्तु के अनुसार हाथ से किसी चीज का गिरना या फिर हाथ से गिरकर टूट जाना हर बार अशुभ नहीं माना जाता। वास्तु के अनुसार चीजों का हाथ से गिरकर टूट जाना हमारे ऊपर या हमारी जिंदगी में अशुभ की बजाएं शुभ प्रभाव भी डालता हैं। अब इन चीजों में कितनी सच्चाई हैं, ये तो कोई नहीं जानता। फिर भी आज हम आपको कुछ चीज़ों के गिरने या टूटने पर होने वाले हमपर प्रभाव के बारे में बताएंगे जो इस प्रकार हैं… दूध का उबलना – अक्सर लोग दूध के उबल कर गिर जाने पर चिंता करने लगते है और परेशान हो जाते हैं लेकिन इसके लिए एक धारणा है कि दूध अगर उबलकर सीधा जमीन पर गिरे तो उसे शुभ माना जाता है और अगर गैस की फ्लैम को छुएं तो वो अशुभ माना जाता है। शीशे का टूटना – कांच टूटने पर लोग इसे अपशगुन समझने लगते है। वहीं वास्तु शास्त्र के अनुसार कांच का टूट कर गिरना शुभ माना जाता है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक कांच आप पर आने वाली बला को खुद पर लेकर टूट जाता है लेकिन याद रखें कि टूटे हुए कांच को जितना जल्दी हो सके बाहर फेंक दे क्योंकि ऐसा करने से कांच के साथ-साथ आप पर आने वाली बला भी कांच के साथ ही घर से बाहर चली जाएगी। नमक का गिरना – नमक खाना बनाने के साथ-साथ नज़र उतारने के भी काम आता है लेकिन किसी कारणवश यह हाथों से गिर जाएं तो इसे अपशगुन माना जाता है मगर इंग्लैंड में लोकविश्वास है कि गिरे नमक में से एक चुटकी लेकर बाएं कंधे की ओर से पीछे फेंक देने पर अपशगुन नहीं होता। चप्पल का टूटना – अगर आपकी चप्पल बहुत पुरानी या आम भाषा में कहें कि घिस कर टूट गई है तो इसे शुभ माना जाता है। लोगों की इस बारे में सोच है कि चप्पल के घिसकर टूटने से उनके दुख भी टूट कर नष्ट हो जाते हैं। हाथ से चीज़ों का गिरना – अगर हाथों और पर्स से रूपए-पैसे गिर जाते है तो इसे अशुभ और धन की देवी लक्ष्मी का रुठ जाना मानते हैं। ये आर्थिक नुकसान का संकेत देता है। इससे बचने के लिए गिरे हुए रूपए-पैसों को तुरंत उठाकर सिर से लगाकर धन की देवी लक्ष्मी से क्षमा याचना करके उसे जेब में रखना चाहिए। इससे आर्थिक नुकसान से बचाव होगा।   recent visitors 73

अजमेर में हत्या की साजिश नाकाम, राजस्थान-भरतपुर से भेजे शार्प शूटरों के दो सहयोगी गिरफ्तार

अजमेर. अजमेर की क्लॉक टावर थाना पुलिस ने हत्या की घटना को अंजाम देने के लिए गैंगस्टर वरुण चौधरी द्वारा भरतपुर से भेजे गए शार्प शूटरों के लिए हथियार, कारतूस व वारदात में सहयोग करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी देते हुए एडिशनल एसपी सिटी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि गैंगस्टर वरुण चौधरी द्वारा भरतपुर से भेजे गए दो शार्प शूटर रूपनगढ़ हरमाड़ा निवासी दातार चोटया पुत्र भागचंद चोटया और किशनगढ़ के तिलोनिया निवासी सुरेंद्र जाट पुत्र लक्ष्मण को गिरफ्तार किया है। एएसपी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों पर पूर्व में भी कई मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ मे जुटी है। वहीं, पूर्व में इस मामले में अलवर गेट थाना अधिकारी श्याम सिंह चरण के द्वारा चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने इनके पास से सात पिस्टल मैगजीन के साथ भरी हुई। सात मैगजीन व कुल 82 कारतूस मिले हैं। इनको शहर के कुंदन नगर स्थित मकान से गिरफ्तार किया गया। यह था मामला पूर्व में संजय मीणा के साथियों ने धर्मेन्द्र चौधरी की हत्या को अंजाम दिया था। इस पर धर्मेंद्र चौधरी के भतीजे वरूण चौधरी ने उक्त घटना से संबंधित व्यक्तियों से बदला लेने के लिए उनकी हत्या की साजिश रची। वर्तमान मे संजय मीणा विष्णुहिल टाउन, अजमेर में निवास कर रहा है। उसकी हत्या करवाने की साजिश वरूण चौधरी और आकाश सोनी की ओर से रची गई। उक्त घटना को अंजाम देने के लिए भरतपुर निवासी पांच शार्प शूटर बुलाए। उनको अमन दिवाकर उर्फ पण्डित व आकाश सोनी के सहयोग से कुन्दन नगर अजमेर में ठहराया। उक्त आरोपी संजय मीणा की रेकी कर रहे थे। मौका मिलते ही एक दो दिन में ही अपने सहयोगियों के सहयोग से उक्त पांचों शूटर इनकी हत्या करने के प्रयास में थे। समय रहते चारों अभियुक्तों को पुलिस ने दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद किए गए, जो हथियार अमन दिवाकर की ओर से उपलब्ध करवाए गए थे। अनुसंधान की कड़ी में पूर्व में गिरफ्तार किए चारों आरोपियों को हथियार उपलब्ध करवाने वाले आरोपी अमन दिवाकर उर्फ गोलू पुत्र राजेन्द्र प्रसाद और आकाश सोनी को गिरफ्तार किया गया था। घटना का मास्टर माइंड वरूण चौधरी उक्त प्रकरण में वाछित था, जिसे प्रोडक्शन वारन्ट से प्राप्त कर बाद अनुसंधान केन्द्रीय कारागृह अजमेर में दाखिल करवाया गया। दिनांक 13 अक्तूबर 2023 को दबिश की भनक लगने पर एक शूटर अभिषेक उर्फ राजू मौके से फरार हो गया था। इसी प्रकरण में वांछित चल रहा था। उक्त अभियुक्त के बारे में मुखबिर ने सूचना दी कि अभिषेक उर्फ राजू वर्तमान में जिला कारागृह प्रयागराज उत्तर प्रदेश में निरूद्ध है। तत्पश्चात अभियुक्त अभिषेक उर्फ राजू को डकैती के प्रकरण में दौसा कारागृह में भेजा गया। वहां से अभियुक्त को प्रोडक्शन वारन्ट प्राप्त कर पुलिस रिमांड पर लिया। recent visitors 89

पुलिस फोर्स के जवान को हमेशा खोपड़ी के अंदर फंसी गोली के साथ रहना होगा

भोपाल मध्य प्रदेश में बालाघाट जिले के कुंडुल वन क्षेत्र में माओवादी तलाशी अभियान के दौरान हॉक फोर्स का एक जवान घायल हो गया था। जवान की खोपड़ी में गोली लगी थी। अब उसको हमेशा खोपड़ी के अंदर फंसी गोली के साथ रहना होगा। सर्जरी से जा सकती है जान दरअसल, जब हॉक फोर्स और ज्वॉइंट पुलिस फोर्स पर माओवादियों की भारी गोलीबारी हुई तो एक गोली शिवकुमार शर्मा के लग गई। उन्हें तुरंत उस क्षेत्र से निकाला गया और महाराष्ट्र के गोंदिया में एक अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टर जवान की खोपड़ी की सूजन को कम करने के लिए काम कर रहे हैं। उनकी हालत स्थिर है और डॉक्टरों ने गोली न निकालने की सलाह दी है क्योंकि किसी भी सर्जिकल ट्रीटमेंट से उनकी जान को खतरा हो सकता है। बेहोश पहुंचे थे अस्पताल डॉक्टरों ने कहा, जब शर्मा अस्पताल पहुंचे तो वह बेहोश थे। हॉक फोर्स के कमांडेंट सियाज केएम ने हमारे सहयोगी अखबार टीओआई को बताया, 'गोली गंभीर क्षेत्र में लगी है और इसे निकालने का प्रयास करने से गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं। हम उनकी स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं।' सीएम मोहन यादव भी रख रहे नजर बालाघाट के एसपी नागेंद्र सिंह ने कहा कि उनकी हालत स्थिर है, लेकिन उन्हें ठीक होने में कुछ महीने लगेंगे। सीएम मोहन यादव ने शर्मा की स्थिति के बारे में अपडेट प्राप्त करने के लिए डॉक्टरों से बात की और जवान और उनके परिवार को सभी आवश्यक सहायता देने का वादा किया। उन्होंने कहा कि राज्य जवान के चिकित्सा खर्च को वहन करेगा। खुफिया रिपोर्ट के आधार पर हुई थी कार्रवाई खुफिया रिपोर्टों के बाद बीएनएस डिवीजन में माओवादियों की मौजूदगी का संकेत मिलने के बाद हुई मुठभेड़ में शर्मा घायल हो गए थे। हॉक फोर्स की टीम ने सोनगुड्डा चौकी के पास तलाशी अभियान चलाया। जैसे ही टीम आगे बढ़ी, उनका 12 से 15 हथियारबंद माओवादियों से आमना-सामना हो गया, जिन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी। इससे सुरक्षा बलों को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। हमले के बाद, इसमें शामिल माओवादियों का पता लगाने के लिए क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। recent visitors 101

ट्रेन की गेट पर बैठकर यात्रा करना भी अपराध, लेकिन जिंदगी दांव पर लगाकर ट्रेन का सफर लोग

बिलासपुर रेलवे स्टेशन में यात्री जिंदगी दांव पर लगाकर सफर कर रहे हैं। सुरक्षा नियमों को लांघकर जिस परिस्थिति में यात्री ट्रेन में चढ़ते हैं, उसकी वजह से कभी भी दुर्घटना हो सकती है। सबसे विडंबना की बात है कि यह उल्लंघन आरपीएफ, जीआरपी के अलावा रेलवे के अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारियों के सामने हो रहा है। लेकिन, इनमें एक भी यात्रियों को मनाही नहीं करते। सभी की जिम्मेदारी रेलवे स्टाफ होने के नाते सभी की जिम्मेदारी बनती है कि यात्री को सुरक्षित यात्रा कराने के लिए दायित्वों का निर्वहन करें। बिलासपुर स्टेशन में यह नजारा प्रतिदिन देखा जा सकता है। कभी भी पटरी पार नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से इसलिए मना किया जाता है। क्योंकि कभी भी वह ट्रेन की चपेट में आ सकते हैं। ऐसे यात्रियों पर कार्रवाई करने का अधिकार भी आरपीएफ को दिया गया है। वह रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई कर सकते हैं। यह कार्रवाई विशेष अभियान के दौरान होती है।     अभियान समाप्त होते ही ऐसे यात्रियों पर कार्रवाई तो दूर मनाही करने वाला कोई भी स्टेशन में नहीं होता।     इसी तरह ट्रेन की गेट पर बैठकर यात्रा करना भी अपराध की श्रेणी में आता है।     इसके बावजूद जोनल स्टेशन से छूटने वाली अधिकांश ट्रेनें खासकर लोकल भी यात्री गेट पर ही बैठकर यात्रा करते हैं।     अव्यवस्था के लिए रेल प्रशासन जिम्मेदार कहीं न कहीं इस अव्यवस्था के लिए रेल प्रशासन जिम्मेदार है।     जोनल स्टेशन में अधिकांश ट्रेनों को प्लेटफार्म दो-तीन या चार पांच में लिया जाता है।     प्लेटफार्म एक पर केवल मालगाड़ी ही चलती है। यात्री जब ठीक ट्रेन छूटने के समय पहुंचते है, तो वह पटरी पार करते हैं। इन्हें रोकने- टोकने वाला कोई नहीं होता। इसके अलावा ट्रेनों के रद होने के कारण चलने वाली ट्रेनों में इतनी अधिक भीड़ हो जाती है कि पैर रखने की जगह नहीं रहती। भीड़ से बचने के लिए यात्री गेट पर बैठकर यात्रा करते हैं। ट्रेन के एसी कोच से गांजा की तस्करी हो रही है। पुरी-अहमदाबाद एक्सप्रेस में जांच के दौरान ऐसा ही मामला सामने आया है। आरपीएफ गुप्तचर शाखा की टीम ने दो आरोपितों को 46.350 किलोग्राम गांजा के साथ पकड़ा है। मामला शुक्रवार का है। नागपुर रेल मंडल की आरपीएफ अपराध गुप्तचर शाखा प्री -इलेक्शन सीजर (महाराष्ट्र, झारखण्ड) के मद्देनजर जांच कर रही थी। 12843 पुरी-अहमदाबाद एक्सप्रेस में गुप्त निगरानी के दौश्रान ए-2 कोच के सीट नंबर पांच पर दो लोगों के दो ट्राली बैग, दो पिट्टू बैग एवं एक थैला रखा हुआ था। पूछताछ में आरोपित सुदीप पाइक और सुदीप लीमा निवासी ओडिशा पहले तो गुमराह करने का प्रयास करने लगे। लेकिन, जब सख्ती बरती गई और तलाशी लेने पर गांजा बरामद हुआ। गांजा पलासा से नंदुरा ले जाना स्वीकार किया। टीम ने इस मामले की सूचना मंडल सुरक्षा आयुक्त नागपुर को दी। इसके बाद एनडीपीएस के तहत नायब तहसीलदार मोहाड़ी के समक्ष नियमानुसार कार्रवाई की गई। recent visitors 123