जेम्स एंड ज्वेलरी इंडस्ट्री में महिलाओं के पास अपार संभावनाएं, नवाचार और विकास के साथ आगे बढ़ रही: स्मृति ईरानी

नई दिल्ली पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि जेम्स एंड ज्वेलरी इंडस्ट्री में महिलाओं के पास अपार संभावनाएं हैं और वे क्षेत्र में नवाचार और विकास के साथ आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने यह बात नई दिल्ली में जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कही। इस कार्यक्रम में जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर में नवाचार और विकास को आगे बढ़ाने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर खुलकर बात की गई। ईरानी ने उद्योग में महिला उद्यमियों के लिए अधिक समावेशी और सहायक वातावरण बनाने के लिए अपना दृष्टिकोण रखा। ईरानी ने कहा, “जेम्स एंड ज्वेलरी उद्योग में महिलाओं में अपार क्षमता है और जीजेईपीसी महिलाओं की प्रतिभा को उनकी क्षमताओं के आधार पर पहचानने और उनका पोषण करने के लिए अच्छी स्थिति में है।” उन्होंने कहा, “निर्यात बाजारों को लक्षित करने वाले उभरते डिजाइनरों से लेकर टियर शहरों में खुदरा उद्यमियों तक, उद्योग को प्रतिभाओं को पोषित करने के लिए लक्षित रणनीतियों को लागू करना चाहिए। उभरते बाजारों के संपर्क, वित्तीय संसाधनों तक पहुंच और बिजनेस स्कूलों के साथ साझेदारी जैसी पहल महिलाओं को इस क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए सशक्त बना सकती हैं। उनकी क्षमता को उजागर करके, हम न केवल व्यक्तियों को बल्कि पूरे उद्योग को ऊपर उठाते हैं।” ईरानी ने परिषद को शोध और डेटा संग्रह पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि लक्षित हस्तक्षेपों को सक्षम किया जा सके जो रत्न और आभूषण उद्योग में महिलाओं को लाभान्वित करते हैं। उन्होंने इस क्षेत्र में अधिक महिलाओं को आकर्षित करने के लिए डिजाइन और बिजनेस स्कूलों जैसे शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया है। इसके साथ ही उन्होंोने महिलाओं को घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों तरह के लेन-देन में प्रशिक्षित करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला, जिससे उनकी वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। ईरानी ने इस गतिशील उद्योग में सफल होने के लिए महिलाओं को अपने उद्यमशीलता के प्रयासों को तेज करने के लिए कहा। जीजेईपीसी के स्टडेड ज्वेलरी पैनल की सदस्य रेणु शर्मा ने कहा, “महिलाएं आभूषण उद्योग में अद्वितीय रचनात्मकता और ताकत लाती हैं, और उन्हें अवसरों और समर्थन के साथ सशक्त बनाना इस जीवंत क्षेत्र की वास्तविक क्षमता को अनलॉक करेगा।” सत्र का समापन महत्वाकांक्षी महिला उद्यमियों और जीजेईपीसी प्रतिनिधियों के बीच सक्रिय और आकर्षक बातचीत के साथ हुआ। प्रतिभागियों ने रत्न और आभूषणों के निर्यात में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की। इसमें संसाधनों तक सीमित पहुंच और वित्तीय बाधाओं के बारे में भी बात की गई। वही जीजेईपीसी ने उन्हें इन चुनौतियों से निपटने के विभिन्न तरीकों के बारे में बताया और उद्योग में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए भविष्य में किसी भी मुद्दे को हल करने में निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया।   recent visitors 61

गोविंद सिंह राजपूत ने बताया- न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ज्वार, बाजरा की खरीदी 22 नवंबर से शुरू

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि खरीफ विपणन मौसम 2024-25 के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ज्वार, बाजरा की खरीदी 22 नवंबर से शुरू की जा रही है। खरीदी 20 दिसम्बर तक की जायेगी। ज्वार मालदण्डी का 3421 रूपये, ज्वार हाईब्रिड का 3371 रूपये और बाजरा का समर्थन मूल्य 2625 रुपये है। किसानों से एफएक्यू गुणवत्ता की उपज इन्हीं दरों पर उपार्जित की जायेगी। मंत्री श्री राजपूत ने बताया है कि उपार्जन प्रत्येक सप्ताह के सोमवार से शुक्रवार तक होगा। उन्होंने किसानों से आग्रह किया है कि निर्धारित समय पर उपार्जन केन्द्रों पर पहुंचकर ज्वार और बाजरा की बिक्री करें। उल्लेखनीय है कि बाजरा के लिये 9 हजार 854 और ज्वार के लिये 5 हजार 933 किसानों ने पंजीयन कराया है। भुगतान व्यवस्था समर्थन मूल्य पर ज्वार एवं बाजरा की खरीदी के बाद भुगतान, कृषक पंजीयन के दौरान आधार नम्बर से लिंक बैंक खाते में किया जायेगा। ज्वार एवं बाजरा उपार्जन अवधि के दौरान पड़ोसी राज्यों से उपार्जन केन्द्र पर लायी जाने वाली उपज की अवैध बिक्री को रोकने के लिये समुचित कार्रवाई के निर्देश कलेक्टर्स को दिये गये हैं। जिला स्तरीय समिति उपार्जन संबंधी सभी विवादों का अंतिम निराकरण तथा उपार्जित खाद्यान्न की गुणवत्ता की निगरानी करेगी। राज्य स्तर पर एक कंट्रोल-रूम भी स्थापित किया गया है। इसका टेलीफोन नम्बर 0755-2551471 है। उपार्जन अवधि में कंट्रोल रूम सुबह 9 से शाम 7 बजे तक संचालित रहेगा।   recent visitors 64

जबलपुर में मनमानी फीस वसूलने वाले निजी स्कूलों पर कलेक्टर ने लिया एक्शन, लाखों का लगाया जुर्माना

जबलपुर जबलपुर में एक बार फिर कलेक्टर ने निजी स्कूलों पर लगाम कसते हुए लाखों रुपए का जुर्माना किया है. इसके अलावा यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जिन अभिभावकों से गलत तरीके से नियम विरुद्ध फीस की वसूली की गई है. उन्हें वापस राशि लौटायी जाएगी यहां पहला मौका है जब स्कूल संचालकों द्वारा ली गई फीस को वापस लौटाया जाएगा. जबलपुर के जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने बताया कि निजी विद्यालयों में फीस वसूली को लेकर साल 2017 में नियम बनाया गया है   इस नियम का पालन करना सभी स्कूल संचालकों को आवश्यक है. कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम कसते हुए फीस को लेकर जांच के निर्देश दिए थे.  इस जांच को लेकर समिति भी बनाई गई. समिति द्वारा जब स्कूलों की जांच की गई तो कई स्कूलों में फीस वसूली के नियम का उल्लंघन पाया गया. ऐसे पांच स्कूलों को चिन्हित करते हुए उन पर दो-दो लाख रुपए का जुर्माना किया गया है. इसके अलावा यह राशि 30 दिन में जमा करने के आदेश भी दिए गए हैं. पूर्व में भी जबलपुर कलेक्टर निजी स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की थी.   अभिभावकों को वापस दी जाएगी फीस  जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने बताया कि जिन विद्यार्थियों से अधिक फीस वसूल की गई है उन्हें वापस लौटाने के आदेश भी दे दिया गए है. उन्होंने बताया कि विद्यालयों को पहले ही सूचित कर दिया गया था मगर उनके द्वारा जानबूझकर नियम का पालन नहीं किया जा रहा था.   इन स्कूलों के खिलाफ हुई कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने बताया कि जिन स्कूलों पर कार्यवाही की गई है, उनमें सेंट अगास्टिन स्कूल, आदित्य कान्वेंट, अशोक हाल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेंट्रल, एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, एमजीएम हाई सेकेंडरी स्कूल शामिल है. यदि स्कूल संचालक द्वारा समय सीमा में राशि जमा नहीं की गई तो उनके खिलाफ और भी कड़ी कार्यवाही की जाएगी. recent visitors 106

बिटकॉइन मामला : भूपेश बघेल ने कहा – गौरव मेहता कौन है मैं नहीं जानता, आरोप लगाने वालों पर करूंगा मानहानि का मुकदमा

रायपुर बिटकॉइन घोटाले के खुलासे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत प्रदेश के कांग्रेस नेताओं पर हमला बोलते हुए  भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कहा है कि बिटकॉइन मामले में, जिसके तार महाराष्ट्र चुनाव से जुड़े हैं, छत्तीसगढ़ में भी कार्रवाई हुई है और इस मामले में अब बघेल की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। श्रीवास्तव ने पुरजोर मांग की कि बिटकॉइन घोटाले मामले में भूपेश बघेल और कांग्रेस नेता अपनी भूमिका पर प्रदेश की जनता को जवाब दें। श्रीवास्तव ने गुरुवार को एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि कांग्रेस में लंबे समय तक महत्वपूर्ण पदों पर रही एक नेत्री ने एक्स पोस्ट कर यह  पूछा है कि बिटकॉइन मामले में लिप्त जिस गौरव मेहता के यहां छत्तीसगढ़ में कारवाई हुई है, उसके पूर्व सीएम भूपेश बघेल से क्या संबंध थे? महादेव ऐप मामले में तो यह स्पष्ट ही हुआ है कि कांग्रेस सरकार में आर्थिक मामलों के तार अंतरराष्ट्रीय गिरोहों से जुड़े रहे हैं, ऐसे में बिटकॉइन घोटाले का यह खुलासा महत्वपूर्ण है। कांग्रेस को, खासकर भूपेश बघेल को इसका जवाब देना चाहिए। श्रीवास्तव ने कहा कि इस मामले जो आॅडियो टेप सामने आया है, उसमें महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले की बातचीत भी है। अगर इसमें महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष इन्वॉल्व है और अपराध करने वाला छत्तीसगढ़ में है, तो यह क्यों न माना जाए कि इसमें छत्तीसगढ़ कांग्रेस और इस प्रकार के कार्यों में महारत रखने वाले भूपेश बघेल इन्वॉल्व हैं? इससे पहले भी राज्य में कांग्रेस की भूपेश सरकार द्वारा अन्य चुनावी राज्यों में कांग्रेस को भ्रष्टाचार के रुपयों से फंडिंग करने के तथ्य सामने आ चुके है। भ्रष्टाचार के हर आरोपी के साथ छत्तीसगढ़ से भूपेश बघेल का इनवॉल्वमेंट पाया गया है, फिर वह सौम्या चौरसिया हो, समीर विश्नोई हो, एजाज ढेबर के भाई अवनर ढेबर हो या कोई और। श्रीवास्तव ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश साक्षी है कि कांग्रेस की भूपेश-सरकार किस तरह अनेक गंभीर आर्थिक आपराधिक मामलों में लिप्त रही है! भाजपा ने लगातार उन विषयों को उठाया और प्रदेश देख रहा है कि भूपेश-सरकार से जुड़े महत्वपूर्ण अधिकारियों, नेताओं को किसी भी अदालत से जमानत तक नहीं मिल पा रही है। ताजा मामला पीएससी के अध्यक्ष रहे टामन सोनवानी का है। 5 साल तक लगातार भाजपा उनके घोटाले के खिलाफ आवाज उठाती रही। यह अपनी तरह की एक अनोखी सरकार थी जो अपने ही राजस्व पर डाका डालती रही। श्रीवास्तव ने कहा कि आज भूपेश बघेल के कई करीबी या तो जेल में हैं या फिर बेल पर हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय की उपसचिव रही सौम्या चौरसिया, अनिल टुटेजा, समीर बिश्नोई, भूपेश बघेल के चहेते महापौर के भाई एजाज ढेबर पर जब-जब एजेंसियां कार्रवाई करती रही भूपेश बघेल उनके संरक्षक बनकर खड़े होते रहे और इसे पॉलिटिकल मामला बताते रहे। श्रीवास्तव ने कहा कि महीनों हो गए, अदालत से इन्हें बेल नहीं मिलना इस बात का सबूत है कि ये सब भ्रष्टाचार में लिप्त थे और उनके संरक्षक पिछली कांग्रेस सरकार और उनके मुखिया भूपेश बघेल थे। सभी कांग्रेसी भ्रष्टाचारी हैं, ऐसा हम नहीं कहते हैं परंतु, सभी भ्रष्टाचार में कांग्रेसियों के नाम ही क्यों आ रहे हैं, यह अवश्य शोचनीय है। प्रेस ब्रीफ के दौरान भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी, प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी अनुराग अग्रवाल, प्रदेश प्रवक्ता द्वय उमेश घोरमोड़े और अमरजीत छाबड़ा भी मौजूद रहे। recent visitors 126

100वां तानसेन समारोह: ‘सिटी ऑफ म्यूजिक’ ग्वालियर में 15 दिसंबर से, मुख्यमंत्री डॉ. यादव समारोह का करेंगे शुभारंभ

भोपाल ग्वालियर में एक दौर ऐसा भी रहा है कि जब गोपाचल पर्वत से पत्थर लुढ़कते हुए नीचे की ओर आते थे, तो उनमें भी संगीत की खनक सुनाई देती थी। सदियों पुरानी शास्त्रीय संगीत परंपरा की धरोहर रहा यह शहर इस वर्ष तानसेन समारोह के शताब्दी वर्ष के उत्सव में सराबोर रहेगा। यूनेस्को द्वारा ‘सिटी ऑफ म्यूजिक’ के रूप में घोषित ग्वालियर में 15 दिसंबर से 19 दिसंबर तक संगीत सम्राट तानसेन की स्मृति में तानसेन समारोह मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 दिसंबर को ग्वालियर में तानसेन समारोह का शुभारंभ करेंगे।   उल्लेखनीय है कि तानसेन समारोह ग्वालियर के पास ही बसे बेहट गांव में आयोजित किया जाता है। बेहट गांव संगीत सम्राट तानसेन का जन्म स्थान है। सदियों से बह रही झिलमिल नदी के किनारे होने वाला यह समारोह शास्त्रीय संगीत की मधुर तान, पक्षियों का मधुर मंद कलरव और नदी में बहते पानी की आवाज का मधुर रस एक अनूठी अध्यात्मिक अनुभूति का अहसास कराता है।   शताब्‍दी वर्ष के मुख्‍य समारोह में देश के 150 ख्‍यातिलब्‍ध कलाकार अपनी सांगितिक प्रस्‍तुतियां देंगे। इसके अलावा विश्‍व संगीत कार्यक्रम अंतर्गत 10 विदेशी कलाकार अपनी प्रस्‍तुतियां देंगे। साथ ही 550 से अधिक दुर्लभ वाद्ययंत्रों का प्रदर्शन एक प्रमुख आकर्षण होगा, यह प्रदर्शनी तानसेन समाधि परिसर में लगाई जाएगी। प्रमुख सचिव पर्यटन व संस्कृति विभाग श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि, संगीत सम्राट तानसेन का अखिल भारतीय शताब्दी समारोह गमक के साथ 14 दिसंबर को शुरू होगा। इस अवसर पर संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली विभूतियों को अलंकृत किया जाएगा। वर्ष-2023 का राष्ट्रीय तानसेन अलंकरण 18 दिसंबर की शाम कोलकाता के तबला वादक पं. स्वपन चौधरी को दिया जाएगा। तो वहीं, वर्ष-2023 का राजा मानसिंह तोमर अलंकरण से इंदौर की सानंद संस्था को दिया जाएगा। संस्‍कृति विभाग द्वारा आयोजित किए जाने वाला यह समारोह ग्वालियर के अलावा मध्‍यप्रदेश के विभिन्‍न शहरों और देश के विभिन्‍न राज्‍यों में भी आयोजित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश पर्टयन के सहयोग से आयोजन में आने वाले संगीत प्रेमियों एवं पर्यटकों के लिए सिटी टूर, हेरिटेज वॉक सहित अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।   राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में भी संगीत केंद्रित कार्यक्रम पहली बार तानसेन समारोह को प्रदेश के बाहर भी आयोजित किया जा रहा है। राष्‍ट्रीय आगाज श्रृंखला के अंतर्गत चार राज्‍यों में संगीत सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत चार राज्यों राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़ एवं उत्तर प्रदेश में संगीत केंद्रित कार्यक्रम होंगे।   22 नवम्बर, 2024, जवाहर कला केन्द्र, जयपुर (राजस्थान) वायलिन वादन : पं.प्रवीण शेवलीकर और चेताली शेवलीकर, भोपाल   तबला वादन : डॉ.प्रवीण उद्धव और श्रुतिशील उद्धव, उज्जैन   गायन : सुश्री गौरी पाठारे, मुम्‍बई   24 नवम्‍बर, 2024, फैकल्‍टी ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स, महाराजा सयाजी राव विश्‍वविद्यालय, बढ़ौदा गायन : डॉ.पूर्वी निमगांवकर, इंदौर   संतूर-सितार जुगलबंदी : डॉ.वर्षा अग्रवाल, उज्जैन एवं पंडित असित गोस्वामी, बीकानेर   तबला वादन : पंडित शुभ महाराज, वाराणसी   26 नवम्‍बर, 2024, इंदिरा कला संगीत विश्‍वविद्यालय, खैरागढ़ (छत्‍तीसगढ़) गायन : श्री भुवनेश कोमकली, देवास   संतूर-सितार जुगलबंदी : पंडित अरुण मोरोने एवं आयुष मोरोने, इंदौर   तबला वादन : पंडित जयदीप घोष, कोलकाता   राष्‍ट्रीय आगाज श्रृंखला का अंतिम आयोजन महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में होगा।    बार कोड स्केन कर सुनेंगे दुर्लभ राग, बंदिशें और प्रस्तुतियां तानसेन समारोह के विगत 100 वर्षों में मूर्धन्‍य कलाकारों द्वारा दी गई विशेष प्रस्‍तुतियों को शताब्‍दी वर्ष के मुख्‍य समारोह के दौरान संगीत एवं कलाप्रेमी सुन सकेंगे। इन्‍हें सुनने के लिए बार कोड की सुविधा उपलब्‍ध रहेगी जिसे स्‍केन करके संगीतप्रेमियों के मोबाइल फोन में यू-ट्यूब के माध्‍यम से दुर्लभ राग, बंदिशें एवं प्रस्‍तुतियों को सुन सकेंगे। संस्‍कृति विभाग द्वारा पहली बार इस तरह का नवाचार संगीत प्रेमियों के लिए दी जा रही है।   ध्रुपद के विस्तार व व्यापकता पर होगा सेमि‍नार मध्‍यप्रदेश में ध्रुपद की वर्तमान स्थिति, विस्‍तार तथा व्यापकता आधारित सेमिनार का आयोजन 16 से 18 दिसम्बर में किया जायेगा, जिसमें देश भर के 100 से अधिक स्‍कॉलर सम्मिलित होंगे। समापन अवसर पर इसके दस्‍तावेजों को लोकार्पित किया जायेगा।   recent visitors 129

दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव और हाल ही में हुई सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर लिया गया फैसला, नई एडवाइजरी भी की जारी

टोरंटो कनाडा सरकार ने हाल ही में भारत जाने वाले यात्रियों के लिए हवाई अड्डों पर सुरक्षा जांच को कड़ा करने की घोषणा की है। यह फैसला दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव और हाल ही में हुई सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर लिया गया है। कनाडा की परिवहन मंत्री अनीता आनंद ने इस कदम को "सावधानी की दृष्टि से" आवश्यक बताया है।  अनीता आनंद ने कहा कि यह फैसला किसी विशेष व्यक्ति या घटना के कारण नहीं लिया गया है। यह कदम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए "सावधानी के दृष्टिकोण" से उठाया गया है। कनाडा के सभी हवाई अड्डों पर भारत जाने वाले यात्रियों के लिए विस्तृत और कड़ी सुरक्षा जांच की जा रही है।  इन बदलावों के तहत यात्रियों को बोर्डिंग से पहले अतिरिक्त स्क्रीनिंग प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। एयर कनाडा ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे उड़ान से कम से कम 4 घंटे पहले हवाई अड्डे पर पहुंचें। टोरंटो पियर्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने भी यात्रियों को संभावित देरी और लंबी प्रतीक्षा के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है। यात्रियों को अब बोर्डिंग प्रक्रिया में अधिक समय लगने की उम्मीद है।  हवाई अड्डे पर अतिरिक्त सुरक्षा जांच के कारण उड़ानों में देरी की संभावना भी बढ़ सकती है। अक्टूबर में एक एयर इंडिया की फ्लाइट (नई दिल्ली से शिकागो) में बम की धमकी के बाद उसे कनाडा के इक्वालिट हवाई अड्डे पर आपात लैंडिंग करनी पड़ी।   हालांकि, फ्लाइट की पूरी जांच के बाद कोई विस्फोटक नहीं पाया गया, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया। खालिस्तानी संगठन "सिख्स फॉर जस्टिस" के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने हाल ही में 1 नवंबर से 19 नवंबर तक एयर इंडिया की उड़ानों पर यात्रा करने वालों को धमकी दी थी।   पन्नू ने इसे "सिख नरसंहार की 40वीं वर्षगांठ" से जोड़ा और यात्रियों को डराने की कोशिश की।  पन्नू, जो कनाडा और अमेरिका की नागरिकता रखता है, पहले भी ऐसी धमकियां देता रहा है।   बता दें कि  कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सितंबर में आरोप लगाया कि भारत सरकार के एजेंटों ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भूमिका निभाई है। भारत ने इन आरोपों को "बेबुनियाद" और "प्रेरित" बताया।   इसके बाद दोनों देशों ने अपने शीर्ष राजनयिकों को निष्कासित कर दिया, जिससे कूटनीतिक संबंध और तनावपूर्ण हो गए। रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने भी भारत पर कनाडा में आपराधिक गतिविधियों जैसे हत्या, जबरन वसूली, और डराने-धमकाने के आरोप लगाए हैं।       recent visitors 98

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन को लगता है कि मौजूदा ऑस्ट्रेलियाई टीम के पास ‘सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी चौकड़ी’ है

नई दिल्ली इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन को लगता है कि नाथन लियोन, मिशेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और पैट कमिंस की ऑस्ट्रेलिया की अग्रणी गेंदबाजी चौकड़ी यकीनन देश की सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ है और भारत के खिलाफ आगामी बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज में ऑस्ट्रेलिया की जीत की कुंजी है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया में पिछली दो बार बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीती थी, जो 2018/19 और 2020/21 में खेली गई थी। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया ने 2014-15 के बाद से सीरीज नहीं जीती है, जब उन्होंने घरेलू धरती पर 2-0 से जीत हासिल की थी। वॉन ने एसईएन 1170 मॉर्निंग्स को बताया, “हमने पर्थ में पाकिस्तान के खिलाफ एक दिवसीय मैच में देखा कि काफी उछाल है और दोनों तेज गेंदबाजों के लिए थोड़ा एक्शन होगा। यह इस समय की सबसे अच्छी सीरीज है, क्योंकि दोनों टीमें बेहतरीन हैं। पिछले छह या सात सालों में ऑस्ट्रेलिया और भारत लगातार दो सर्वश्रेष्ठ टेस्ट मैच टीमें रही हैं।” उन्होंने कहा, ”पिछली कुछ सीरीज में भारत का पलड़ा भारी रहा है, उन्होंने कुछ अच्छी क्रिकेट खेली है, वे कई बार आक्रामक रहे हैं और कई बार वे डटकर मुकाबला करने में सफल रहे हैं… इसलिए मैं यह देखने के लिए उत्सुक हूं कि ऑस्ट्रेलिया कैसे वापसी करता है।” लियोन (530 विकेट), स्टार्क (358 विकेट), हेजलवुड (273 विकेट) और कमिंस (269 विकेट) सभी ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट इतिहास में लिए गए टेस्ट विकेटों के मामले में शीर्ष 10 में शामिल हैं। वॉन ने कहा, ”यह ऑस्ट्रेलियाई टीम बेहतरीन है, खासकर गेंदबाजी आक्रमण। आप कह सकते हैं कि यह चौकड़ी ऑस्ट्रेलिया की अब तक की सबसे बेहतरीन गेंदबाजी चौकड़ी है। इसलिए मैं यह देखने के लिए उत्सुक हूं कि पर्थ में बल्लेबाज किस तरह से उछाल का सामना करेंगे और उन्हें किस तरह की गुणवत्ता का सामना करना पड़ेगा।” आगामी पांच मैचों की टेस्ट सीरीज शुक्रवार को पर्थ में शुरू होगी, जिसमें ऑस्ट्रेलिया 2014-15 के बाद से 10 वर्षों में पहली बार सीरीज जीतने की कोशिश करेगा।   recent visitors 97