बिलासपुर स्टेशन में हंगामा: दूरंतो में यात्रियों को परोसा बासी भोजन, यात्री हुए फूड पाइजनिंग के शिकार

रायपुर रेल यात्रियों के लिए सुरक्षित यात्रा का दावा करने वाली भारतीय रेलवे के लिए ट्रेनों में गुणवत्तापूर्ण खाना उपलब्ध कराना एक बड़ी समस्या बनी हुई है। यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण का खाना आज भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ट्रेनों में घटिया परोसे जाने का ताजा मामला दूरंतो एक्सप्रेस में सामने आया है। दरअसल, घटिया खाना परोसने को लेकर गुरुवार को मुंबई से हावड़ा जा रही 12261 दूरंतों एक्सप्रेस में सवार यात्रियों ने जमकर हंगामा मचाया। यात्रियों का आरोप था कि पैंट्री ऑपरेटर यात्रियों के खान-पान का पूरा ख्याल नहीं रखा। घटिया खाना परोसने के साथ पीने के पानी का समुचित प्रबंध भी नहीं किया गया था। दरअसल खाने को लेकर हंगामा उस वक्त हुआ जब पैंट्री कर्मी जब यात्रियों को दोपहर का खाना बांट रहा था। एक्सप्रेस के बी-वन कोच में कोलकाता के रहने वाले आदित्य सरकार और उनके दोस्त सफर कर रहे थे। उन्होंने घटिया भोजन देने की शिकायत पहले पैंट्री कार ऑपरेटर से की। मुसाफिरों का आरोप था कि उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। उल्टे पैंट्री संचालक ने उनके साथ बदस्लूकी की। बाद में कई और मुसाफिरों ने संचालक को खरी-खोटी सुनाई तो उसने अपना सूर बदल लिया। काफी हंगामे के बाद अंतत: संचालक ने अपनी गलती स्वीकारते हुए बिलासपुर पहुंचने पर भोजन प्रबंधन करने का भरोसा दिया। हालांकि बिलासपुर से ट्रेन रवाना होने के काफी समय बाद भी भोजन ना पहुंचने की शिकायत यात्रियों ने की है। फिलहाल यात्रियों के द्वारा आईआरसीटीसी के जरिए पूरे रेलवे को ऑनलाइन मामले की षिकायत करने की बात कही गई है।   recent visitors 73

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया, नवविवाहिता के खाते में 35000 रुपये डीबीटी के जरिए भेजेगी.

रायपुर मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में  भ्रष्टाचार को रोकने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है.छतीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि व्यय राशि 50000 रुपये को लेकर व्यय मापदंड में एक बड़ा फेरबदल किया है. सरकार से मिलने वाली इस राशि का एक बड़ा हिस्सा सीधे नवविवाहिता के खाते में 35000 रुपये डीबीटी (डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर)के जरिए भेजेगी.   शादियों का सीजन शुरू हो चुका है. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सरकार गरीब परिवार की बेटियों की शादी करवाती है. इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के पास आवेदन भी आने शुरू हो गए हैं. इस योजना का लाभ लेने वाली बेटियों के लिए एक अच्छी खबर है कि उनके खातों में 35000 रुपये भेजे जाएंगे. सीधा लाभ कन्या को ही मिलेगा दरअसल मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में आर्थिक अनियमितता का आरोप अधिकारियों पर लगता था. इन आरोपों को दूर करने के लिए सरकार ने पूरे मापदंडों को ही बदल दिया है. हालांकि अधिकारी यह भी कह रहे हैं, सरकार ने इसका प्रारूप बदला है इससे सीधा लाभ कन्या को ही मिलेगा. अब खरीद फरोख्त में न तो कोई आरोप लगेगा और न ही घटिया सामग्री की खरीदी की कोई जगह बची है. इस तरह से खर्च होगी राशि विवाह आयोजन व्यवस्था और परिवहन पर कुल व्यय 8 हजार रुपए होगा. इसमें पंडाल और भवन किराया और प्रति जोड़ा के 20 अतिथि के भोजन और नाश्ता पर खर्च किया जाए. साथ ही बैठक व्यवस्था और विवाह का फोटो और प्रमाण पत्र आकस्मिक व्यय और परिवहन पर खर्च होगा. शेष 7000 रुपए को वर-वधु के कपड़े, श्रृंगार सामग्री, जूते-चप्पल,चुनरी,साफा मंगलसूत्र और इन सामानों के अलावा क्रय समिति जो उचित समझे उसे खरीद सकती है. इस प्रारूप से बाहर जाकर अधिकारी अपनी मनमानी नहीं कर सकते हैं. योजना में व्यय राशि का एक बड़ा हिस्सा विवाहित जोड़े के खाते में डीबीटी किया जाएगा. इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन आ रहे हैं. मार्च के पहले सामूहिक विवाह सम्पन्न कराया जाएगा. 2024-25 से मिलेगा लाभ महिला एवं बाल विकास विभाग छग शासन ने यह आदेश 15 मार्च 2024 को सभी जिलों के लिए जारी कर दिया था.  इस आदेश को 2024-25 से प्रभावी रूप सभी जिलों के  जिला कार्यक्रम अधिकारियों को लागू करना होगा. इस तरह व्यय मापदंड में संशोधन करने से बीपीएल परिवार से जुडे नव विवाहित जोड़े को बड़ा लाभ मिलेगा. दंतेवाड़ा जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में रह रही युवतियां जो इस योजना से जुड़ेंगी उन्हें विवाह के बाद ये आर्थिक मदद गृहस्थ जीवन को और बेहतर करेगी. recent visitors 120

स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों को सिंगापुर भेजने की तैयारी की जा रही, जाने क्या है प्लान

भोपाल सिंगापुर के शिक्षा मॉडल के आधार पर मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों को सिंगापुर भेजने की तैयारी की जा रही है। राज्य शिक्षा केंद्र इसकी रूपरेखा तैयार कर रहा है। यात्रा पर उन शिक्षकों का चुनाव होगा जो इनोवेटिव हैं। प्रस्ताव अभी प्रारंभिक स्थिति में है।  इस यात्रा को एक्सपोजर विजिट नाम दिया गया है। बताया कि जिन देशों में शिक्षा को बेहतर माना जाता है उसके कारण विभाग तलाश रहा है। पढ़ाने के तरीके समझने शिक्षकों को साथ रखा जा रहा है। यात्रा कब होगी इसकी तारीख अभी तय नहीं है। ऐसी उम्मीद है कि परीक्षा के बाद इसका शेड्यूल तय हो सकता है। परीक्षा फरवरी में शुरू होगी और मार्च में खत्म हो रही हैं। इससे पहले कोरिया की यात्रा कर चुके स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी और शिक्षक इससे पहले कोरिया की यात्रा कर चुके हैं। करीब पांच साल पहले इन्हें भेजा गया था। करीब डेढ़ सौ लोगों ने इसमें हिस्सा लिया था। यात्रा पर करीब पांच करोड़ रुपए खर्च हुआ था। कोरिया से लौटने के बाद दल की समीक्षा तो हुई लेकिन इसका क्या फायदा हुआ इसका असर नहीं दिखा। ये भी एक्सपोजर विजिट थी। बेहतर एजुकेशन सिस्टम में शामिल सिंगापुर सिंगापुर की शिक्षा व्यवस्था विश्व के दस सबसे बेहतर एजुकेशन सिस्टम में से एक हैं। यहां हाइली ट्रेंड शिक्षक। कक्षाओं में इनोवेशन, विज्ञान गणित के साथ शारीरिक शिक्षा पर जोर हैं। इससे पहले हिमाचल प्रदेश के शिक्षक सिंगापुर का दौरा कर चुके हैं। शिक्षा व्यवस्था में सुधार और नई तकनीक जानने शिक्षकों के साथ अधिकारियों को भी भेजा था। प्रदेश में राज्य शिक्षा केंद्र के अधिकारी अभी इस यात्रा को लेकर खुलकर बोलने तैयार नहीं है। recent visitors 55

कार के ट्रोले की चपेट में आने से हुआ सड़क हादसा, कार में सवार पांच युवकों की मौत

उदयपुर राजस्थान में उदयपुर शहर के सुखेर थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर कार के ट्रोले की चपेट में आने से उसमें सवार पांच युवकों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि देर रात करीब पौने बारह बजे राष्ट्रीय राजमार्ग पर अंबेरी से देबारी की तरफ गलत साइड जा रही एक कार को सामने से तेज रफ्तार से आए ट्रोले ने चपेट में ले लिया। हादसे में कार में सवार देलवाडा निवासी हिम्मत खटीक (32), बेदला निवासी पंकज नंगारची (24), गोपाल नंगारची (27), सीसारमा निवासी गौरव जीनगर (23) एवं एक अन्य युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना पर सुखेर थानाधिकारी हिमांशुसिंह राजावत मय जाब्ते मौके पर पहुुंचे तथा मृतकों के शवों को कार से निकालकर एम बी चिकित्सालय के मुर्दाघर में रखवाया गया। शुक्रवार को सभी मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी हैं।   recent visitors 92

बिजली उपभोक्ताओं को अब सस्ते में मिलेगा बिजली कनेक्शन! लोड आधारित कनेक्शन शुल्क तय

भोपाल बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब नए कनेक्शन पर बिजली कंपनी उपभोक्ताओं को अफोर्डेबल चार्ज का नया विकल्प देगी। उपभोक्ता चाहे तो घर के बिजली पॉइंट की जांच करवाकर कनेक्शन शुल्क जमा कर सकता है या नए एसएसी से तय औसत शुल्क से राशि जमाकर कनेक्शन ले सकता है, साथ ही तुरंत कनेक्शन भी मिल जाएगा। मप्र विद्युत नियामक आयोग इस पर 27 नवंबर को सुनवाई करेगा। आम उपभोक्ताओं को ज्यादा लाभ इस नए विकल्प का सबसे ज्यादा लाभ आम उपभोक्ता को मिलेगा। 0 से 3 किलोवॉट भार के कनेक्शन सामान्य घरों में होते हैं। इनके लिए मौजूदा से करीब 50 फीसदी राशि औसत दर में घट रही है। इंफ्रा चार्ज से भी ये मुक्त रहेंगे। 112 किलोवॉट भार के लिए एसएसी तय की है। 50 किलोवॉट तक भार के कनेक्शन को शुल्क से मुक्त रखा गया है। सप्लाई अफोर्डेबल चार्ज को लेकर 27 नवंबर को सुनवाई होगी। संबंधित लोगों से मामले में सुझाव आमंत्रित कराए थे। इसके बाद इसे लागू किया जाएगा। -उमाकांत पांडा, सचिव एमपीइआरसी सप्लाई अफोर्डेबल चार्ज के विकल्प में शुल्क गणना ● 0 से 03 किलोवॉट भार के लिए- 340 रुपए प्रति किलोवॉट ● 03 से 10 किलोवॉट भार के लिए- 1000 रुपए प्रति किलोवॉट ● 10 किलोवॉट से 25 किलोवॉट के लिए- 8080 रुपए व बाद में 2520 रुपए प्रति किलोवॉट ● 25 किलोवॉट से 50 किलोवॉट के लिए 46 हजार रुपए व बाद में प्रति किलोवॉट 4200 रुपए ● 50 किलोवॉट से 112 किलोवॉट के लिए 10 हजार रुपए प्रति किलोवॉट के लिए नोट- ये मल्टी यूजर कॉम्प्लेक्स व आवासीय कॉलोनी उपभोक्ता के लिए हैं। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, सर्विस लाइन व सुपरविजन चार्ज है। इस तरह तीन श्रेणियों में चार्ज तय किया है। नियामक आयोग से इसका ड्राफ्ट लिया जा सकता है। recent visitors 190

MP उपचुनाव बुधनी विधानसभा का पहले आएगा रिजल्ट, विजयपुर में करना होगा इंतजार

भोपाल मध्य प्रदेश की विजयपुर और बुधनी विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना के लिए अब तैयारियां पूरी हो चुकी है. सबकी नजरें दोनों सीटों के नतीजों पर टिकी हैं. निर्वाचन आयोग ने दोनों जिलों का दौरा कर यहां की तैयारियों का जायजा लिया है. बताया जा रहा है कि राउंडवार गणना के आधार पर बुधनी विधानसभा सीट का नतीजा सबसे पहले आएगा, वहीं विजयपुर के नतीजे के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा. 23 नवंबर को सुबह 8 बजे से मतगणना की तैयारियां शुरू हो जाएगी. बुधनी में 14 और विजयपुर में 16 टेबल लगेगी विजयपुर विधानसभा सीट की मतगणना के लिए 16 टेबल लगाई जाएगी जबकि बुधनी विधानसभा सीट के लिए 14 टेबल्स लगेगी. दरअसल, विजयपुर विधानसभा सीट पर 327 मतदान केंद्रों की मतगणना होगी जो 21 राउंड में पूरी की जाएगी. वहीं बुधनी विधानसभा सीट पर शासकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय सीहोर में मतगणना की जाएगी. यहां के 363 मतदान केंद्रों में 14-14 टेबल लगाई जाएंगी. इस तरह दोनों राउंड की मतगणना यहां पर पूरी होगी. सुरक्षा व्यवस्था पूरी विजयपुर विधानसभा सीट पर वोटिंग के दौरान उपद्रव की खबरें भी सामने आई थी. ऐसे में दोनों सीटों पर मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से टाइट रहेगी. मतगणना स्थल पर त्रि-स्तरीय सुरक्षा होगी. जबकि किसी भी तरह के व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं रहेगी. इसके अलावा मतगणना कर्मियों का तीन लेवल पर रेंडमाईजेशन होगा. हर राउंड के बाद केवल माइक्रो ऑर्ब्जवर जानकारी देगा. मतगणना एजेंट को भी टेबल के पास कुछ भी अंदर नहीं ले जाने की अनुमति रहेगी. बीजेपी कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर दरअसल, दोनों विधानसभा सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस ने पूरी ताकत लगाई है. क्योंकि दोनों सीटों पर बीजेपी कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर है. विजयपुर में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते रामनिवास रावत बीजेपी में चले गए थे, वह बीजेपी के टिकट पर उपचुनाव लड़े हैं, रावत मोहन सरकार में मंत्री भी हैं. ऐसे में बीजेपी ने यहां पूरा जोर लगाया है. वहीं विजयपुर में कांग्रेस ने मुकेश मल्होत्रा को उतारा था, बुधनी में पूर्व सीएम के सांसद बनने के बाद यहां बीजेपी ने पूर्व सांसद रमाकांत भार्गव को चुनाव लड़ाया था. कांग्रेस ने उनके सामने पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल को चुनाव लड़वाया था. जिससे यहां भी मुकाबला दिलचस्प दिखा है.   वहीं रिजल्ट से पहले कांग्रेस एक बार फिर से चुनाव आयोग पहुंची है. पार्टी ने बीजेपी की शिकायत करते हुए 11 सूत्रीय मांगों का पत्र मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को सौंपा है. कांग्रेस का आरोप है कि मतगणना के दौरान बीजेपी असामाजिक तत्वों को काउंटिंग स्थल ले जाएगी और कांग्रेस के एजेंट्स पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने का काम करती है. जबकि मौके पर मौजूद अधिकारी भी बीजेपी का पक्ष लेते नजर आते हैं, ऐसे में चुनाव आयोग को तुरंत ही इस तरह की स्थिति को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए. कांग्रेस प्रत्याशियों को दिखाया जाए स्ट्रांग रूम कांग्रेस के चुनाव आयोग प्रदेश प्रभारी जेपी धनोपिया ने चुनाव आयोग ने पूरे मामले की शिकायत की है. उन्होंने बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीटों पर मतगणना के दौरान गड़बड़ी करने की आशंका भी जताई है. कांग्रेस का कहना है कि मतगणना से पहले कांग्रेस के प्रत्याशियों को स्ट्रांग रूम से लेकर ईवीएम काउंटिंग तक की पूरी व्यवस्था को दिखाया जाना चाहिए. जबकि कांग्रेस प्रत्याशियों को पूरी स्थिति का जायजा लिया जाने देना चाहिए. जबकि ईवीएम ले जाने की पूरी प्रक्रिया को भी दिखाया जाए और इसकी वीडियोग्राफी भी कराई जानी चाहिए. ताकि मतगणना पूरी तरह से निष्पक्ष हो सके. हर राउंड के बाद प्रमाण पत्र मिले कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मांग की है कि हर राउंड की काउंटिंग के बाद प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र मिलना चाहिए. जब तक दोनों तरफ से प्रमाण पत्र पर सहमति न हो तब तक दूसरे राउंड की काउंटिंग शुरू नहीं होनी चाहिए. ईवीएम काउंटिंग में आने वाली वीवीपैट स्लिप की काउंटिंग भी हर हाल में कराई जानी चाहिए. जबकि मतगणना स्थल पर इंटरनेट का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंध रहना चाहिए. कांग्रेस ने ऐसी ही कुछ 11 मांगों का पत्र चुनाव आयोग को सौंपा है. इससे पहले भी कांग्रेस ने चुनाव आयोग में लगातार बीजेपी की शिकायतें की हैं. 23 नवंबर को आएंगे नतीजे बता दें कि बीजेपी और कांग्रेस विजयपुर और बुधनी उपचुनाव से पहले एक दूसरे पर जमकर आरोप लगा रहे हैं. दोनों विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे 23 नवंबर यानि कल आने वाले हैं. बुधनी में बीजेपी ने रमाकांत भार्गव तो कांग्रेस ने राजकुमार पटेल को प्रत्याशी बनाया था. वहीं विजयपुर में बीजेपी ने रामनिवास रावत तो कांग्रेस ने मुकेश मल्होत्रा को प्रत्याशी बनाया था. recent visitors 84

कांग्रेस बना रही मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम, 6 महीने में होगी कार्यकारिणी की समीक्षा : जितेंद्र सिंह

भोपाल मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के गठन के बाद आज पार्टी की पहली बैठक हुई, बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मध्य प्रदेश के प्रभारी जितेंद्र सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे, बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई और दिशा निर्देश जारी किये गए, प्रभारी जितेंद्र सिंह ने कहा कि अब हर 6 महीने में कार्यकारिणी की समीक्षा की जाएगी। कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने लोकसभा चुनाव से लेकर अब तक के कई मुद्दों पर बात हुई, नेताओं ने स्पष्ट तौर पर कहा कि जिन नेताओं ने पार्टी के साथ गद्दारी की उनकी वापसी अब कभी संभव नहीं होगी, पार्टी जल्दी ही जिला और ब्लॉक समितियों का गठन करेगी और ये जातिगत समीकरण और राजनीतिक समीकरण देखकर होगा इसके अलावा अब कांग्रेस गाँव,  वार्ड और मोहल्ला स्तर पर भी समितियों का गठन करेगी। मीडिया से बात करते हुए मप्र प्रभारी जितेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी अब एक मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम बना रही है नेताओं को उनकी जिम्मेदारी दी जा रही है वे अपने जिलों में रहेंगे फंक्शनल टास्क पूरे करेंगे, हर 6 महीने में हम समीक्षा करेंगे जो अच्छा काम करेगा उसे प्रमोट किया जायेगा और जो अच्छा काम नहीं किया जायेगा उसे कहीं और भेजा जायेगा। recent visitors 67