छह महीने के अंदर राहुल गांधी के सारे दांव महाराष्ट्र में फेल, जिसने चढ़ाया था उसी ने फर्श पर ला पटका

नई दिल्ली महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के ताजा नतीजों और रुझानों के मुताबिक दोपहर 12.20 बजे तक भाजपा की अगुवाई वाली सत्ताधारी महायुति 288 सदस्यों वाली विधानसभा में 218 सीटें जीतती दिख रही है, जबकि विपक्षी महाविकास अघाड़ी सिर्फ 56 सीटों पर सिमटता दिख रहा है। इन चुनावी रुझानों ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में नेता विपक्ष राहुल गांधी और उनकी टीम का वह नैरेटिव काम नहीं आया, जिसके बूते छह महीने पहले लोकसभा चुनावों में इंडिया गठबंधन ने 48 में से 30 सीटें जीत ली थीं। यानी छह महीने के अंदर राहुल गांधी के सारे दांव महाराष्ट्र में फेल हो गए। दरअसल, राहुल गांधी अपनी सभी चुनावी सभाओं में संविधान का हवाला देते रहे हैं। वह आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से आगे बढ़ाने की भी बात करते रहे और जातिगत जनगणना की भी वकालत करते दिखे। वह यह भी दलील देते रहे कि जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी होनी चाहिए, इसलिए जाति जनगणना करवाकर आरक्षण की सीमा को 50 फीसदी की सीमा से आगे किया जाना चाहिए। जाहिर सी बात है कि वह इस कार्ड के सहारे दलित, आदिवासी, ओबीसी वर्ग को लुभाने की कोशिश करते रहे हैं। महाराष्ट्र का सामाजिक ताना-बाना महाराष्ट्र में दलितों की आबादी करीब 12 फीसदी है, जबकि ओबीसी आबादी 38 फीसदी है। आदिवासी समुदाय की बात करें तो वह अकेले 9 फीसदी और मराठा समुदाय 28 फीसदी है। संविधान बचाने और आरक्षण की सीमा को 50 फीसदी की दीवार तोड़कर ज्यादा करने की बात कहकर राहुल इन वर्गों को लुभाने की कोशिश करते रहे हैं। उन्होंने महाराष्ट्र की चुनावी जनसभा में बार-बार कहा, "संविधान समानता, एक व्यक्ति-एक वोट, सभी के लिए और हर धर्म, जाति, राज्य तथा भाषा के लिए सम्मान की बात करता है। संविधान में सावित्रीबाई फुले और महात्‍मा गांधी की आवाज है। मगर बीजेपी और संघ संविधान पर हमला कर रहे हैं। उनका हमला देश की आवाज पर हमला है।" अप्रैल-मई में हुए लोकसभा चुनावों के दौरान जब वह अपने हाथों में संविधान की प्रति लेकर चुनावी सभाओं में यह कहते दिखे कि भाजपा 400 सीटें जीतकर संविधान बदलना चाहती है और दलितों-पिछड़ों का आरक्षण खत्म करना चाहती है तो लोगों ने उनकी बातों को गंभीरता से लिया और लोकसभा चुनावों में उनके इंडिया अलायंस को पूरा समर्थन दिया लेकिन जब वह फिर से वही बातें महाराष्ट्र चुनावों में भी करने लगे तो राज्य के लोगों ने उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। यानी जिन लोगों की वजह से 48 में से 30 सीटें इंडिया गठबंधन ने जीती थीं, उन्हीं लोगों ने इस बार मुंह फेर लिया। मौजूदा चुनाव में घट गए वोट परसेंट चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार अभी तक के प्राप्त रुझानों के मुताबिक कांग्रेस को 10.58 फीसदी वोट मिले हैं, जबकि सहयोगी शरद पवार की एनसीपी को 11.58 फीसदी और उद्धव ठाकरे की शिवसेना को 10.67 फीसदी यानी कुल 32.83 फीसदी वोट मिले हैं। वहीं भाजपा को 25.08 फीसदी, अजित पवार की एनसीपी को 10.95 फीसदी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 12.70 फीसदी वोट यानी कुल 48.73 फीसदी वोट मिले हैं। लौकसभा चुनावों में किस दल को कितना परसेंट वोट छह महीने पहले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को 16.92 फीसदी वोट मिले थे जबकि सहयोगी शरद पवार की एनसीपी को 10.27 फीसदी और उद्धव ठाकरे की शिवसेना को 16.52 फीसदी यानी MVA को कुल 43.71 फीसदी वोट मिले थे। उधर, भाजपा को 26.18 फीसदी, अजित पवार की एनसीपी को 3.60 फीसदी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 12.95 फीसदी कुल 43 फीसदी वोट मिले थे। साफ है कि जिन समुदाय ने लोकसभा चुनाव के दौरान इंडिया अलायंस को अर्श पर चढ़ाया था, उसी ने छह महीने के अंदर फर्श पर पटक दिया है। recent visitors 86

सबसे अच्छा अरेंजमेंट यूपी में मिला, मैं फैन हो गयाः दिलजीत सिंह दोसांझ

लखनऊ/मुंबई, पंजाबी और हिन्दी फ़िल्मों के स्टार एवं गायक दिलजीत सिंह दोसांझ ने लखनऊ पुलिस के सुरक्षा इंतजाम पर दिल से खुशी जाहिर की। दोसांझ ने एक्स पर लखनऊ पुलिस को धन्यवाद करते हुए कहा कि बहुत-बहुत शुक्रिया। सबसे अच्छा अरेंजमेंट यूपी में मिला, मैं फैन हो गया। वेरी रिस्पेक्टफुल होस्ट। इससे पहले लखनऊ के इकाना स्टेडियम में आयोजित दिल लुमिनाटी कार्यक्रम में दिलजीत ने बीती रात अपने गीतों से श्रोताओं का दिल जीत लिया। दिलजीत के गीतों को सुनते हुए श्रोता अपने जगह पर ही झूम उठे। कार्यक्रम के दौरान दिलजीत ने अपने प्रशंसकों से कहा कि मीडिया में अक्सर बातें होती हैं, दिलजीत का इसके साथ या उसके साथ कुछ चल रहा है। मैं सिर्फ आप सभी को प्यार करता हूं। एक न्यूज चैनल पर उनसे कहा गया कि वह बिना शराब का नाम लिये कोई हिट सांग नहीं गा सकते हैं। इस पर आप सभी को कहना चाहता हूं कि मेरे गीतों में पटियाला पेग हिट हुआ। इसी तरह मेरे गाये दूसरे गाने बॉर्न टू शाइन, गोट सांग, लवर सांग, नैना सांग भी आप लोगों ने सुपर हिट किये हैं। इस कार्यक्रम में दस हजार श्रोताओं की भीड़ को कंट्रोल करने की जिम्मेदारी लखनऊ पुलिस से पुलिस उपायुक्त दक्षिण केशव कुमार, पुलिस उपायुक्त यातायात प्रबल प्रताप सिंह ने बखूबी निभायी। संयुक्त पुलिस आयुक्त लखनऊ ने कार्यक्रम के संबंध में अपनी ओर से पुलिस तैयारियों को लेकर ट्वीट किया और इसी ट्वीट को रिट्वीट करते हुए गायक ने धन्यवाद कहा है। recent visitors 76

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 10 हजार गायों की क्षमता वाली हाईटेक गौ-शाला का किया भूमि-पूजन

जिसके घर में गाय का कुल, वह घर गोकुल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव घर-घर बछिया उपलब्ध कराकर दुग्ध उत्पादन को बढ़ाया जाएगा गौ-शाला स्थापित करने की दिशा में सक्रियता से कार्य जारी प्रदेश में इस वर्ष 300 गौ-शालाओं का हुआ पंजीयन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 10 हजार गायों की क्षमता वाली हाईटेक गौ-शाला का किया भूमि-पूजन 25 एकड़ क्षेत्र में 15 करोड़ रूपए की लागत से बनेगी गौ-शाला ग्राम सूखी सेवनिया में बनेगा सीएम राइज स्कूल और बरखेड़ी डोब को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में गौ-माता से संबंधित डिग्री/डिप्लोमा कोर्स आरंभ होंगे भोपाल जिले के ग्राम बरखेड़ी डोब में हुआ भूमि-पूजन कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गौ-माता में 33 करोड़ देवी देवताओं का वास है। जो भी गोवंश का पालन करे वही गोपाल है, जिसके घर में गाय का कुल वह घर गोकुल है। अतः प्रत्येक व्यक्ति और परिवार को घर में गोपालन के लिए पहल करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिना धर्म, भाषा, जाति और क्षेत्र के भेदभाव के हमें गौ-पालन को प्रोत्साहित करना है। परंपरागत रूप से भी भारत में सभी धर्म और जाति के लोग गौ-पालन करते हैं और यही हमारी सामाजिक समरसता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के ग्राम बरखेड़ी डोब में 10 हजार गायों की क्षमता वाली हाईटेक गौ-शाला के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि भोपाल जिले के बरखेड़ी डोब ग्राम में 25 एकड़ क्षेत्र में 15 करोड़ रूपए की लागत से गौ-शाला का निर्माण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाईटेक गौ-शाला भूमि-पूजन स्थल पहुंचने पर सर्वप्रथम गौ-माता को दुलार कर नमन किया तथा उन्हें आहार सामग्री अर्पित की। इस अवसर पर प्रदेश में गोवंश संरक्षण और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए संचालित गतिविधियों पर लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर नौरंग सिंह गुर्जर सहित जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। बदलती जीवनशैली में निरंतर बढ़ रहा है गौ-शालाओं का महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्व के अधिकांश देशों में दुग्ध की आपूर्ति गौ-माता ही करती हैं। सनातन संस्कृति में गौ-माता का महत्व इससे स्पष्ट हो जाता है कि मानव जीवन की पूर्णता के लिये गौ-दान आवश्यक बताया गया है। बदलती जीवनशैली में गौ-शालाओं का महत्व निरंतर बढ़ रहा है। इसे देखते हुए राज्य शासन द्वारा विशाला गौ-शाला स्थापित करने की दिशा में सक्रियता से कार्य किया जा रहा है, वर्तमान वर्ष में अब तक 300 गौ-शालाओं का पंजीयन हुआ है। विभिन्न सामाजिक संगठन भी गौ-शाला संचालन में पहल कर रहे हैं। गौ-पालन परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ परिवार को पोषक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में भी सहायक है। अत: घर-घर बछिया उपलब्ध कराकर दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही दुग्ध उत्पादन पर बोनस देने की व्यवस्था कर रही है। वर्तमान में मध्यप्रदेश, देश के कुल दुग्ध उत्पादन में 9 प्रतिशत का योगदान देता है। इसे अगले पाँच वर्ष में 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। सूखी सेवनिया रोड को फोरलेन किया जाएगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शासकीय विद्यालय सूखी सेवनिया को सीएम राइज विद्यालय बनाने और सूखी सेवनिया रोड को विभागीय मद अनुसार फोरलेन बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बरखेड़ी डोब क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय के माध्यम से गौ-माता से संबंधित डिग्री-डिप्लोमा कोर्स आरंभ किया जाएगा। स्वामी अच्युतानंद जी महाराज ने गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन के क्षेत्र में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकार गठन के बाद अभी तक के अल्प समय में प्रदेश में लगभग 50 हजार गायों के पालन-पोषण की व्यवस्था की है और प्रदेश की लाखों गायों की देखभाल का संकल्प लिया है। मध्यप्रदेश सरकार इस वर्ष को गौ-संवर्धन वर्ष के रूप में मना रही है। आज यहां गोलोक धाम की स्थापना इसी कड़ी में एक सार्थक प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस प्रयास के लिए सभी महात्मा, सभी ऋषिगण उन्हें कोटि-कोटि धन्यवाद और आशीर्वाद देते हैं। गौ-माता का पालन-पोषण हम सभी सनातनियों का दायित्व है। हमें इस प्रकार के प्रयास करने चाहिएं कि हर घर में एक गाय रहे। गौ-माता के बिना घर सूना होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के समग्र विकास को समर्पित विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं, युवा, किसानों, मजदूर, वरिष्ठ जन के कल्याण के लिए समर्पित है। राज्य सरकार द्वारा गौ-वंश के संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अधोसंरचना विकास, शिक्षा, चिकित्सा सहित प्रदेश के समग्र विकास के लिए सक्रिय हैं। पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने आभार व्यक्त किया। गौ-वंश को कन्वेयर बेल्ट से मिलेगा आहार और सीसीटीवी से होगी मॉनीटरिंग उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में वर्तमान वर्ष (चैत्र माह से फाल्गुन माह तक) गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए भोपाल के बरखेड़ी डोब में 10 हजार गायों की क्षमता वाली अत्याधुनिक गौ-शाला के निर्माण के लिये शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भूमि-पूजन किया है।     इसमें गायों के आधुनिक तरीके से रख-रखाव के साथ उनके उपचार के लिए सभी संसाधनों से युक्त चिकित्सा वार्ड का निर्माण भी किया जाएगा।     गौ-शाला में सीसी टीवी के माध्यम से निरंतर मॉनीटरिंग की व्यवस्था रहेगी।     लगभग 15 करोड रुपए की लागत की गौ-शाला का निर्माण ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा कराया जाएगा। नगर निगम एवं पशुपालन विभाग नोडल एजेंसी होंगे। गौ-शाला को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और जिला पंचायत द्वारा वित्त पोषण किया जाएगा। गौ-शाला का संचालन नगर निगम द्वारा किया जाएगा।     गौ-शाला का … Read more

आंगनबाड़ी में पोषण आहार वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने नई व्यवस्था लागू

रायपुर छत्‍तीसगढ़ सरकार ने महतारियों और बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों से मिलने वाले पोषण आहार को पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए दो तरह की व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। टेक होम राशन (टीएचआर) के लिए फेस वेरिफिकेशन और ओटीपी व्यवस्था एक जनवरी से लागू हो जाएगी। जो महिलाएं केंद्रों तक पोषण आहार लेने आएंगी, उनका फेस रीडर बायोमेट्रिक सिस्टम से सत्यापन किया जाएगा। यानी महिलाओं को चेहरा पढ़ने के बाद ही उन्हें आहार दिया जाएगा। ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वास्तविक लाभार्थी के पास ही खाद्य चीजों की डिलीवरी हुई है। दूसरा गर्भवती महिलाएं अगर केंद्र तक नहीं आ पाएंगी तो उनकी जगह उनका पोषण आहार लेने आने वाले अन्य स्वजन के माध्यम से मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर भी सत्यापन किया जा सकेगा। आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण ट्रैक एप के माध्यम से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर भी ट्रैकिंग व्यवस्था चल रही है। उसमें ये दो व्यवस्थाएं और लागू हो जाएंगी। इस प्रक्रिया में लाभार्थियों का पंजीकरण करते समय उनके फोटो खींचने, आधार डेटाबेस से उनके प्रमाणीकरण या ई-केवाईसी और राशन वितरण के दौरान खींचे गए फोटो से मिलान करने का काम शामिल है। इसके अलावा लाभार्थियों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक विशिष्ट ओटीपी प्राप्त होगा, जिसे कार्यकर्ता को दिखाना होगा, ताकि राशन डिलीवरी प्रक्रिया पूरी हो सके। प्रदेश में 52 हजार 400 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। यहां एक लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं काम कर रहीं है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य सरकार ने स्मार्ट फोन भी दे रखा है। फेस वैरिफिकेशन के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। क्या है टेक होम राशन? पोषण आहार को टेक होम राशन (टीएचआर) कहा जाता है। आंगनबाडी केंद्रों में गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों के लिए सूखा राशन वितरित किया जाता है। यह सूखा राशन चयनित किशोरियों को भी उपलब्ध होता है। इसे टेक होम राशन कहते हैं। इसलिए व्यवस्था होगी लागू कई बार शिकायतें मिलती हैं कि पोषण आहार लाभार्थियों तक नहीं पहुंचता है और इसमें हेराफेरी की जाती है। पोषण आहार देने का मकसद कुपोषण की समस्या को दूर करना है। ऐसे में पारदर्शी व्यवस्था से कुछ हद तक सुधार होगा। साल 2019 में छत्तीसगढ़ में बच्चों में कुपोषण 23.37 प्रतिशत था, जो 2021 में घटकर 19.86 प्रतिशत रह गया और 2022 में घटकर 17.76 प्रतिशत पर आ गया। वर्तमान में करीब 16 प्रतिशत है। इस तरह, पिछले तीन सालों में कुपोषण की दर में 5.61 प्रतिशत की कमी आई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, किसी भी प्रदेश में एक साल के भीतर अगर कुपोषण की दर में दो प्रतिशत या इससे ज़्यादा गिरावट आती है, तो यह संतोषजनक स्थिति मानी जाती है। देश के 10 राज्यों में पहले से ही व्यवस्था वर्तमान में ये व्यवस्था देश के 10 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में पायलट परियोजना के रूप में लागू है और इसे दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 तक पूरे देश में लागू करने की योजना है। अभी चंडीगढ़, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडू, गुजरात, झारखंड, केरल, महाराष्ट्र में फेस वेरिफिकेशन और ओटीपी व्यवस्था दोनों ही लागू हो चुकी है। recent visitors 64

कुंदरकी में 31 साल बाद बमबम बीजेपी की एकतरफा जीत, बर्क परिवार की अनदेखी समाजवादी पार्टी के लिए पड़ गई भारी

मुरादाबाद यूपी उपचुनाव में मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट पर बड़ा उलटफेर होता दिख रहा है. मुस्लिम बाहुल्य कुंदरकी में एकमात्र हिंदू प्रत्याशी ने बड़ी बढ़त बना ली है. यहां बीजेपी के रामवीर ठाकुर 50 हजार से अधिक वोटों से लीड कर रहे हैं. वहीं, सपा के कद्दावर नेता और प्रत्याशी हाजी मोहम्मद रिजवान 12 बजे तक सिर्फ 7 हजार वोट ही पा सके. जारी रुझानों के मुताबिक, कुंदरकी से बीजेपी के रामवीर ठाकुर की जीत लगभग तय मानी जा रही है. गौरतलब हो कि कुंदरकी उपचुनाव में 11 मुस्लिम उम्मीदवारों के बीच बीजेपी ने अकेले हिंदू उम्मीदवार को मैदान में उतारा. वहीं, सपा ने जिन हाजी मोहम्मद रिजवान को अपना प्रत्याशी बनाया उनका राजनैतिक अनुभव करीब 40 साल का है. वह पहली बार 2002 में कुंदरकी सीट से चुनाव जीते थे. हालांकि, 2007 में बसपा के हाजी अकबर से हार गए थे. लेकिन 2012 और 2017 में उन्होंने वापसी करते हुए लगातार दो बार कुंदरकी सीट पर जीत दर्ज की. ये सीट सपा का गढ़ मानी जाती रही है लेकिन इस बार बीजेपी ने सपा के गढ़ में सेंध लगा दी है, जो अखिलेश यादव के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है.   कैसे बीजेपी ने बनाई बढ़त नतीजों को देखकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या कुंदरकी में मुस्लिम वोट के बंटवारे का फायदा बीजेपी को मिला? साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ के एग्रेसिव कैम्पेन का भी पार्टी को फायदा हुआ. खुद रामवीर ठाकुर भी मुस्लिम मतदाताओं के बीच पैठ बनाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे थे. बीजेपी की मुस्लिम विंग और मुस्लिम नेताओं ने कुंदरकी में डेरा डाल रखा था और जमकर चुनाव प्रचार किया था. वहीं, समाजवादी पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ एंटीइनकंबेसी भी देखने को मिली. लोकल नेताओं में गुटबाज़ी की बात भी कही जा रही है.  11 मुस्लिम प्रत्याशी, सिर्फ बीजेपी ने उतारा हिंदू उम्मीदवार कुंदरकी उपचुनाव में बीजेपी से रामवीर ठाकुर, बसपा से रफ़्तुल्लाह जान, AIMIM से हाफिज वारिस और आजाद समाज पार्टी से चांद बाबू मैदान में थे. जबकि, सपा के हाजी मोहम्मद रिजवान सबसे मजबूत उम्मीदवार माने जा रहे थे. हालांकि, नतीजों में ये नजर नहीं आया. बता दें कि इस बार के यूपी के उपचुनाव में सबसे अधिक मतदान कुंदरकी में ही हुआ था. यहां 57.7% वोटिंग हुई थी. इस सीट पर 60% से ज्यादा मुस्लिम वोटर हैं. ऐसे में जिस सीट पर सबसे अधिक मुसलमान वोटर हैं, जिस सीट पर सबसे अधिक मतदान हुआ, जिस सीट पर सपा ने मुस्लिम नेता को टिकट दिया और जिस सीट पर बीजेपी साल 1993 से चुनाव नहीं जीत पाई है. उस सीट पर इतना बड़ा उलटफेर होना विपक्ष को चौंका रहा है. हाजी रिजवान का बयान कुंदरकी रिजल्ट पर सपा प्रत्याशी हाजी रिजवान ने रिएक्ट किया. उन्होंने कहा कि चुनाव में धांधली हुई है. सरकार ने वोट ही नहीं पड़ने दिया, अब क्या मतगणना के लिए तैयार रहें. इस सरकार में अल्पसंख्यक अनसेफ है. कुंदरकी में चुनाव फिर से करवाया जाए. यूपी पुलिस पर कोई भरोसा नहीं है.   recent visitors 46

भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत महाविद्यालय स्तरीय अकादमिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का हुआ समापन कार्यक्रम

सिवनी मालवा   शासकीय कन्या महाविद्यालय सिवनी मालवा में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ द्वारा प्राचार्य डॉ.उमेश कुमार धुर्वे के मार्गदर्शन में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ प्रभारी श्रीमती काजल रतन, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ.बाऊ पटेल के निर्देशन में महाविद्यालय स्तरीय 18 नवंबर से 23 तक आयोजित अकादमिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का हुआ समापन।श्री रजनीश जाटव द्वारा भारतीय लोक संस्कृति और आधुनिक शिक्षा में उसके महत्व के बारे में बताया।विभिन्न प्रतियोगिता में प्रथम,द्वितीय,तृतीय एवं सहभागिता करने वाली समस्त छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।मंच संचालन श्रीमती काजल रतन द्वारा एवं आभार डॉ.बाऊ पटेल द्वारा दिया गया।कार्यक्रम में श्री रजनीश जाटव,श्री मनोज कुमार प्रजापति,डॉ.नीरज विश्वकर्मा,श्री प्रवीण साहू,डॉ.वर्षा भृंगारकर,डॉ.दुर्गा मीना,डॉ.रीमा नागवंशी,डॉ.मनीष दीक्षित,श्रीमती संगीता कहार,महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं छात्राएं उपस्थित रही। recent visitors 69

बंधक बनाकर ले भागे थे एक किलो सोना और नकदी, राजस्थान-जालौर में वृद्ध दंपति को लूटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

जालौर. जालौर की सायला पुलिस ने घर के बाहर सो रहे वृद्ध दंपति को बंधक बनाकर लूट की वारदात करने वाले दो छात्र आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने 12 नवंबर की रात घर में घुसकर वृद्ध दंपति को बंधक बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस उक्त वारदात सहित अन्य वारदातों के संबंध में भी आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है। जानकारी के अनुसार आरोपियों ने 12-13 नवंबर की मध्य रात्रि में खेत पर घर के बाहर सो रहे दंपति को बंधक बनाकर 1.187 किलो सोना और एक लाख रुपये नकदी चोरी कर लूट की वारदात की थी। एसपी ज्ञानचंद यादव ने बताया कि 13 नवंबर को सायला थाना क्षेत्र के देता कला गांव के निवासी भालराम राजपुरोहित ने रिपोर्ट दी थी, जिसमें घटना की जानकारी देते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटनास्थल का बारीकी से मुआयना कर सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य तकनीकी सहायता से अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू की। एसपी के निर्देशन में सायला थाना अधिकारी महेंद्र सिंह के नेतृत्व में अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया, जिस पर पुलिस टीम ने आरोपी सुगनाराम पुत्र अमराराम चौधरी और आरोपी मालाराम पुत्र अमराराम चौधरी निवासी देता कलां को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने वृद्ध दंपति को बंधक बनाकर लूट की वारदात करना कबूल किया है। अब पुलिस दोनों आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है। recent visitors 75