Sunday, July 5, 2026 9:51 am

ईमानदार और साफ़ छवि है जिनकी पहचान, यह है MP पुलिस के नये कप्तान

भोपाल 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी कैलाश मकवाना को मध्यप्रदेश का नया डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) नियुक्त किया गया है। यह आदेश गृह विभाग ने शनिवार देर रात जारी किया। मकवाना 1 दिसंबर 2024 को पदभार ग्रहण करेंगे और वे 32वें डीजीपी के रूप में कार्यभार संभालेंगे। तेजतर्रार अफसरों में होती है मकवाना की गिनती कैलाश मकवाना वर्तमान में मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन हैं। शिवराज सरकार के दौरान मकवाना लोकायुक्त के डीजी भी रहे। इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ कई अहम कदम उठाए और लंबित जांचों को तेज किया।   एसीआर विवाद के बाद सरकार ने लिया निर्णय मकवाना ने लोकायुक्त डीजी रहते हुए अपनी एसीआर (गोपनीय चरित्रावली) खराब किए जाने की शिकायत की थी। उन्होंने सरकार से अपील की थी कि उनकी एसीआर को दुरुस्त किया जाए। वरिष्ठ सचिवों की कमेटी ने नियुक्ति प्रक्रिया से कुछ महीने पहले उनकी एसीआर सुधार दी।   2026 तक रहेंगे डीजीपी जानकारी के अनुसार, नए डीजीपी कैलाश मकवाना का रिटारमेंट 2025 में है, लेकिन डीजीपी बनने के बाद उन्हें 2 साल का कार्यकाल मिलेगा। ऐसे में वह 30 November 2026 तक डीजीपी रहेंगे। 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं सुधीर कुमार   बीते दिनों दिल्ली में यूपीएससी के चेयरमैन की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय के दो जॉइंट सेक्रेटरी के अलावा एमपी के मुख्य सचिव अनुराग जैन और मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए थे। बैठक में भेजे गए 9 आईपीएस अधिकारियों में से तीन नामों के पैनल पर मोहर लगी थी। अब मुख्यमंत्री मोहन यादव इनमें से कैलाश मकवाना के नाम पर मोहर लगा दी है। आपको बता दें कि मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना 30 नवंबर 2024 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सक्सेना को 4 मार्च 2020 को डीजीपी नियुक्त किया गया था। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद कैलाश मकवाना इस पद को संभालेंगे। ये तीन नाम किए गए थे तय नए DGP के पद के लिए यूपीएससी ने तीन नामों के पैनल पर मोहर लगाई थी। ये तीन नाम 1988 बैच के आईपीएस अफसर अरविंद कुमार (DG होमगार्ड), कैलाश मकवाना (पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन) और 1999 बैच के अजय शर्मा (DG EOW)  थे।   ऐसे हैं MP पुलिस के नए मुखिया मकवाना 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी कैलाश मकवाना को मध्यप्रदेश का नया डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विदेश यात्रा पर रवाना होने से पहले उनके नाम को मंजूरी दी। मकवाना अपने तेजतर्रार और बेदाग छवि के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। वह भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए भी जाने जाते हैं। उज्जैन के रहने वाले हैं मकवाना जानकारी के अनुसार, कैलाश मकवाना मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के रहने वाले हैं। मकवाना ने भोपाल स्थित मैनिट (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) से पढ़ाई की है। वे पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन के साथ-साथ लोकायुक्त संगठन में डीजी और स्पेशल डीजी (सीआईडी और इंटेलिजेंस) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।   ईमानदार और साफ छवि वाले अधिकारी मकवाना को उनकी ईमानदार और साफ छवि के लिए जाना जाता है। एक कर्मठ और निष्पक्ष अधिकारी के रूप में, उनकी नियुक्ति से राज्य की कानून व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है। कैलाश मकवाना ने पुलिस सेवा में अपने शुरुआती कार्यकाल में विभिन्न जिलों में एसपी और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। उनकी कड़ी मेहनत और ईमानदारी ने उन्हें तेजी से पहचान दिलाई।   लोकायुक्त में डीजी शिवराज सिंह चौहान सरकार के कार्यकाल में मकवाना को लोकायुक्त संगठन में पुलिस महानिदेशक (डीजी) नियुक्त किया गया। इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी अभियानों को तेज किया और कई लंबित मामलों की जांच फिर से शुरू की। हालांकि, वे इस पद पर केवल छह महीने तक रहे। लोकायुक्त के डीजी रहते हुए उन्होंने कई लंबित जांच फाइलों को फिर से खोला और उन पर तेजी से कार्रवाई शुरू की। एनके गुप्ता से विवाद आया था चर्चा में 2022 में कैलाश मकवाना को लोकायुक्त का डीजी बनाया गया था, लेकिन 6 माह के अंदर उन्हें पद से हटाकर मप्र पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन का चेयरमैन नियुक्त कर दिया गया। बताया जा रहा था कि मकवाना और लोकायुक्त जस्टिस रहे एनके गुप्ता के बीच कई विषयों को लेकर मतभेद थे, जिसके चलते यह निर्णय लिया गया था। एसीआर विवाद मकवाना ने लोकायुक्त डीजी रहते हुए अपनी एसीआर (गोपनीय चरित्रावली) खराब किए जाने की शिकायत की थी। उन्होंने सरकार से अपील की थी कि उनकी एसीआर को दुरुस्त किया जाए। वरिष्ठ सचिवों की कमेटी ने नियुक्ति प्रक्रिया से कुछ महीने पहले उनकी एसीआर सुधार दी। पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन वर्तमान में, मकवाना मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन के पद पर हैं। इस पद पर रहते हुए उन्होंने पुलिस आवासीय योजनाओं और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए काम किया।   साढ़े तीन साल में हुए सात बार तबादले कैलाश मकवाना का करियर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। साढ़े तीन साल के भीतर उनका सात बार तबादला हुआ। खासकर, कमलनाथ सरकार के दौरान तीन बार उनकी पोस्टिंग बदली गई।  उनके करियर में राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण साढ़े तीन वर्षों में सात बार स्थानांतरण हुआ। इसके बावजूद वे अपने कार्यों में प्रतिबद्ध रहे। recent visitors 65

एक घर में चल रही थी पार्टी, पुलिस ने दी दबिश, 17 लड़कियों और 40 लड़कों को पकड़ा

देहरादून. पुलिस व आबकारी टीम ने कैंट स्थित गाजियावाला एक निजी आवास पर दबिश देकर युवक-युवतियों को गिरफ्तार कर लिया। यहां अवैध रूप से हाउस पार्टी का आयोजन किया जा रहा था। पुलिस को सूचना मिली कि गाजियावाला के निजी आवास पर हाउस पार्टी का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें शामिल होने के लिए गोपनीय रूप से व्हाट्सएप के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। सूचना के आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह व पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार के निर्देश पर सीओ सदर के नेतृत्व में देहरादून शहर के थाना प्रभारियों व एसओजी प्रभारी के साथ रेड टीम बनाकर आबकारी विभाग को शामिल करते हुए संयुक्त रूप से रेड की गई। रेड के दौरान गाजियावाला कैंट क्षेत्र के एक निजी आवास पर 40 लड़के व 17 लड़कियां अवैध रूप से पार्टी आयोजित करते हुए पाए गए। भवन में भारी मात्रा में इंपॉर्टेंट शराब की खाली बोतल व शराब बरामद हुई। मौके पर रेड टीम ने पूछताछ की। भवन स्वामी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है व पार्टी में सम्मिलित 40 लड़कों और 17 लड़कियों से पूछताछ कर उनके विरुद्ध पुलिस एक्ट में कार्रवाई की जा रही है। भवन स्वामी की पहचान रजनी निवासी गाजियावाला कैंट के रूप में हुई है। recent visitors 61

डीजीपी सुधीर सक्सेना के बाद पद की कमान संभालेंगे कैलाश मकवाना, बने मध्य प्रदेश के नए DGP

भोपाल मध्य प्रदेश डीजीपी के पद पर नए आईपीएस अफसर की नियुक्ति हुई है. सीनियर आईपीएस अधिकारी कैलाश मकवाना को डीजीपी नियुक्त किया गया है. मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं, जिसके बाद पद की कमान कैलाश मकवाना संभालेंगे. बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के विदेश जाते ही गृह विभाग ने नए डीजीपी की नियुक्ति का आदेश जारी किया है. शनिवार की देर रात यह आदेश जारी किया गया है. आईपीएस कैलाश मकवाना 1 दिसंबर 2024 को प्रदेश के डीजीपी के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे. मकवाना की तेज तर्रार IPS में होती है गिनती 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी कैलाश मकवाना वर्तमान में मध्य प्रदेश हाउसिंग कारपोरेशन के अध्यक्ष के पद पर कार्यरत है. मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव एसएन शर्मा ने बताया कि 1 दिसंबर से मध्य प्रदेश के नए पुलिस मुखिया के रूप में आईपीएस अधिकारी कैलाश मकवाना पुलिस महानिदेशक के पद पर कार्यभार संभालेंगे. नए डीजीपी कैलाश मकवाना पूर्व में मुरैना, जबलपुर, मंदसौर, बैतूल आदि जिलों में सेवाएं दे चुके हैं. मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ अलग होने से पहले कैलाश मकवाना मंदसौर, बस्तर, बैतूल और दंतेवाड़ा जैसे जिलों के एसपी भी रह चुके हैं.उनकी नियुक्ति डीआईजी इंटेलिजेंस के पद पर भी हुई थी. वे सीआईडी इंटेलीजेंस में एडीजी के पद पर भी रह चुके है. उनकी गिनती मध्य प्रदेश के तेज तर्रार आईपीएस अधिकारियों में होती है. शिवराज सरकार में भी कैलाश मकवाना कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे चुके हैं. 2 आईपीएस थे डीजीपी की दौड़ में शामिल पुलिस महानिदेशक पद की दौड़ में दो और आईपीएस शामिल थे लेकिन आधी रात को जारी हुए आदेश स्पष्ट रूप से स्थिति साफ हो गई कि अब 1 दिसंबर 2024 से आईपीएस कैलाश मकवाना मध्य प्रदेश की कमान संभालेंगे. वे मध्य प्रदेश के 32 वें डीजीपी के रूप में कार्यभार संभालने वाले हैं. recent visitors 135

जस्टिन ग्रीव्स ने 10 महीने बाद विंडीज टीम में लौटकर ठोका पहला शतक

नई दिल्ली. वेस्टइंडीज ने एंटिगा में बांग्लादेश के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। मैच के दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक विंडीज ने नौ विकेट खोकर 450 रन बना लिए हैं। वेस्टइंडीज को इस मजबूत स्थिति में पहुंचाया जस्टिन ग्रीव्स के शानदार शतक ने। ग्रीव्स ने नाबाद 115 रन बनाए। उनकी इस पारी के दम पर वेस्टइंडीज को 400 पार जाने में मददी की। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक बांग्लागेश ने अपने विकेट खोकर 40 रन बना लिए हैं। वह अभी मेजबान टीम से 410 रन पीछे है। वेस्टइंडीज ने दूसरे दिन की मजबूत शुरुआत की। पहले दिन के स्कोर पांच विकेट पर 250 रनों से आगे खेलना शुरू किया। वेस्टइंडीज ने शानदार तरह से अपनी पारी आगे बढ़ाई। ग्रीव्स ने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर महत्वपूर्ण रन जोड़े। उन्होंने निचले क्रम के बल्लेबाजों को साथ में लेते हुए साझेदारियां की जिससे बांग्लादेश की टीम विंडीज को जल्दी आउट करने के अपने अरमान पूरे नहीं कर सकी। बांग्लादेशी गेंदबाजों ने किया संघर्ष पहले दिन के अनुशासित प्रदर्शन के बावजूद दूसरे दिन बांग्लादेशी गेंदबाजों को चुनौतियों का सामना करना पड़ा। तस्किन अहमद, जिन्होंने पहले दो विकेट लिए थे, दिन के साथ-साथ दबाव बनाए रखने में सफल नहीं हो सके। मेहदी हसन मिराज और तइजुल इस्लाम जैसे स्पिनरों को वेस्ट इंडीज के बल्लेबाजों ने हावी नहीं होने दिया। ये दोनों विकेट नहीं ले पाए और रन रोकने में भी सफल नहीं रहे। ग्रीव्स की निचले क्रम के साथ साझेदारियां असरदार साबित हुई। इससे उन्हें अंत तक तेजी से रन बनाने में मदद मिली। वेस्टइंडीज का स्कोर सात विकेट के नुकसान पर 261 रन था और मैच बहुत करीबी स्थिति में था। तभी ग्रीव्स के साथ केमार रोच, जो नंबर 9 पर बल्लेबाजी कर रहे थे, क्रीज पर आए। दोनों ने आठवें विकेट के लिए 140 रन की साझेदारी की और मैच को वेस्टइंडीज के पक्ष में पूरी तरह से मोड़ दिया। रोच ने 144 गेंदों में 47 रन बनाए। 10 महीने बाद अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे ग्रीव्स ने केवल चार चौके मारे। जिनमें वह चौका भी शामिल था जिसने उनके शतक को पूरा किया। इसके अलावा उन्होंने 52 रन सिंगल्स से, 38 रन डबल्स से और 9 रन तीन रन से लिए, जो विकेटों के बीच शानदार दौड़ का एक बेहतरीन उदाहरण था। बांग्लादेश की पारी अपनी पहली पारी खेलने उतरी बांग्लादेश को अच्छी शुरुआत नहीं मिली। वेस्ट इंडीज के गेंदबाजों ने बांग्लादेश के दोनों सलामी बल्लेबाजों को जल्दी आउट कर दिया, जिससे बांग्लादेश दबाव में आ गया। जेडन सील्स ने पहले जाकिर हसन को आउट किया। अल्जारी जोसेफ ने महामुदुल हसन जॉय को पवेलिन की राह दिखाई। recent visitors 78

गुस्साए 2 युवकों ने कर दी हत्या, छत्तीसगढ़-बालोद में अधेड़ ने लगाया बाइक चोरी का आरोप

बालोद. साइकिल चोरी करने का आरोप लगाना एक 50 वर्षीय अधेड़ को महंगा पड़ गया और आरोप लगाने की कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी. दरअसल 50 वर्षीय दुखुराम मरकाम जो कि कबाड़ी का काम करता है और गांव में फेरी लगाकर कबाड़ खरीदता है. शनिवार को उन्होंने दो व्यक्ति पर साइकिल चोरी का आरोप लगाया जिसके बाद दोनों व्यक्ति आक्रोश में आकर दुखुराम को सुनसान जगह पर गला दबाकर हत्या कर सड़क किनारे फेंक दिया. इसकी जानकारी लगते ही बालोद एसपी सहित पुलिस के तमाम आलाधिकारियों ने घटना स्थल पर मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और 5 घंटे के भीतर हत्या के मामले में अर्जुन्दा निवासी राजाबाबू और रोहित को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक अधीक्षक एसआर भगत के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार जोशी के निर्देशन एंव अनुविभागीय अधिकारी पुलिस गुण्डरदेही देवांश सिंह राठौर के पर्यवेक्षण में प्रभारी अर्जुन्दा प्रदीप कंवर, सायबर सेल प्रभारी जोगेन्द्र सिंह एंव स्टाफ, क्राईम ऑफ सीन भिलाई दुर्ग के द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण किया गया. पुलिस अधीक्षक द्वारा घटनास्थल पहुंचकर, SDOP गुण्डरदेही के नेतृत्व में अर्जुन्दा पुलिस, सायबर सेल बालोद, ट्रेकर डॉग राजनादगांव को घटना स्थल के आसपास के जगहो का बारीकी से निरीक्षण कर आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी करने का निर्देश दिया गया. मौके पर उपस्थित लोगो से पता चला कि मृतक दुखुराम मरकाम पिता स्व.करिया मरकाम (देवार) उम्र 50 वर्ष ग्राम बासिन रहने वाला था. जो कबाड़ का लोहा, प्लास्टिक फेरी का काम करता था, कि दिनांक 22.11.2024 को कबाड़ का लोहा, प्लास्टिक को इक्ठा्ल करके अर्जुन्दा में बेचकर अपने घर ग्राम बासीन वापस जा रहा था,  कि सूचना के आधार पर अर्जुन्दा में मृतक से मिलने वाले लोगो से पुछताछ किया गया. संदेह के आधार पर अर्जुन्दा के देवार डेरा में रहने वाले राजाबाबू, रोहित मरकाम को अलग-अलग कड़ाई से पुछताछ किया गया. जिनके द्वारा कबाड़ बेचने के दौरान मृतक के द्वारा मेरे सायकल को चोरी किये हो कहने पर आपस में लड़ाई झगड़ा हुये थे, इसी बात से आरोपीगण काफी आक्रोशित थे. मृतक अर्जुन्दा से अपने घर ग्राम बासीन जा रहा था कि आरोपीगण अक्रोशित होकर मृतक की हत्या करने की नियत से पीछा कर ग्राम बोरगहन से परसवानी जाने के मार्ग सुनसान जगह पर उसे अकेला पाकर उसके गला घोटकर हत्या करना कबूल किया है, जिस पर अपराध धारा 103 (1) बी.एन.एस.का घटित करना पाये जाने से अपराध क्रमांक 212/2024 धारा 103 (1) बी.एन.एस. कायम कर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है. नाम आरोपी – 1. राजाबाबू मरकाम पिता करिया देवार, उम्र 22 वर्ष साकिन भाठापारा वार्ड क्रमांक 02 अर्जुन्दा थाना अर्जुन्दा जिला बालोद. 2. रोहित मरकाम पिता हेमसिंह मरकाम उम्र 21 वर्ष तहसील कार्यालय के पास थाना अर्जुन्दा जिला बालोद. recent visitors 63

कर्मचारी रहते कॉलेज के मालिकों ने भांजी के नाम से खरीदी जमीन, छत्तीसगढ़-गरियाबंद में ‘मामा टामन सोनवानी’ और बहन की करतूत

गरियाबंद. ये कलयुग है… यहां भले सगा भाई- सगे भाई पर भरोसा न करें… और प्रॉपर्टी के नाम पर तो कतई नहीं… लेकिन जब मामा टामन सोनवानी जैसा पॉवरफुल अधिकारी हो तो भला कुछ भी संभव है, और तब तो इस बात पर भी हैरानी नहीं होनी चाहिए कि मालिक ने अपने अधीन नौकरी करने वाले स्टॉफ के नाम से करोड़ों की प्रापर्टी खरीदी. इतना ही नहीं, उस जमीन के ठीक बगल में अपने बुढ़ापे के लिए बहन ने भी अपनी जमीन खरीद ली, खैर… अब मामा के बाद कथित भांजी और बहन भी जांच के दायरे में है और सोनवानी पर सिकंजा कंसने वाली टीमें गरियाबंद में भी एक्टिव नजर आ रही है. अब आपको बताते है कि मामा, भांजी और बहन का ये पूरा माजरा क्या है. दरअसल गरियाबंद में एक नर्सिंग कॉलेज है. जिसका नाम है  शिवम नरसिंग़ कॉलेज है. इसका संचालन शिवम शिक्षण समिति कर रही है. कथित रूप से इसमें मामा यानी टामन सोनवानी की भांजी अंकिता अनंत सदस्य है. लेकिन जब इस कॉलेज के पास अपनि जमीन नहीं थी तो इसका मालिक कागजों में कोई और था. हालांकि भांजी की एंट्री के बाद भी ऐसा कुछ है. आप ये जानकर हैरान हो जाएंगे कि कहने को भांजी मालकिन नहीं है, लेकिन जमीन उनके नाम की है. इतना ही नहीं बगल में बहन यानी टामन सोनवानी की बहन ने भी अपना बुढ़ापा संवारने के लिए अभी से जमीन खरीद ली है. उनका नाम इंदु अनंत बताया जा रहा है. हालांकि कथित बहन से टामन से अपनी किसी रिश्तेदारी होने की बात से ही नकार दिया है, लेकिन टामन सोनवानी पर कार्रवाई करने वाली जांच टीमें इस कॉलेज और कॉलेज की जमीन को लेकर एक्टिव हो गई है और उम्मीद है कि इस मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते है. सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2014 में राजधानी रायपुर के प्रहलाद जयरानी ने गरियाबंद में शिवम शिक्षण समिति बना कर शिवम नर्सिंग कॉलेज की स्थापना कराई. कॉलेज का संचालन अब भी किराए के मकान में हो रहा है. समिति के फाउंडर का देहांत 2022 में हुआ. इसी साल शिवम शिक्षण समिति ने नया रायपुर में रहने वाली अंकिता अनंत को भी बोर्ड का सदस्य बनाया. जिसके बाद प्रापर्टी विहीन समिति के पास करोड़ों की प्रापर्टी आ गई और अब भवन भी बनना शुरू हो गया है. चौकाने वाली बात तो यह है कि शिक्षण समिति ने गरियाबंद के जिस शख्स से जमीन खरीदी की गई उसी से ही दूसरी रजिस्ट्री उसी तारीख को अंकिता की मां इंदु अनंत के नाम से है. 3.72 एकड़ के इस संयुक्त भूमि में भवन निर्माण का कार्य भी चल रहा है. ये जांच का विषय है कि  इंदु अनंत टामन सोनवानी रिश्ते में कैसी बहन लगती है. जानकार बताते है कि वे रायगढ़ यूनिर्सिटी में रजिस्टार के पद पर पदस्थ हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राजधानी की कई जांच एजेंसी अचानक संस्था में हुई इस बड़ी इन्वेस्टमेंट की जांच में जुट गई है. संस्था के बैंक डिटेल खंगालने और इन्वेस्टमेंट की जांच गुपचुप शुरू कर दी गई है. recent visitors 98

राजगढ़: ऑटो रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया , सास-बहू की मौत

राजगढ़. जिला मुख्यालय पर शनिवार को एक ऑटो रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में ऑटो रिक्शा में सवार सास-बहू की मौत हो गई। यह परिवार खिलचीपुर में बड़े और छोटे महाराज का दर्शन कर लौट रहा था, तभी आरोग्य अस्पताल के पास यह हादसा हो गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर हादसे की जांच शुरू कर दी हे। ब्यावरा के सुठालिया रोड रविशंकर नगर में रहने वाला साहू परिवार शनिवार सुबह बड़े व छोटे महाराज के दर्शन करने के लिए खिलचीपुर गए थे। परिवार के घनश्याम साहू (35) ने बताया कि खिलचीपुर पहुंचकर मां रमाबाई (60) पत्नी सोनूबाई (30) के साथ दर्शन किए। इसके बाद करीब 11 बजे बाद वह ब्यावरा लौटने के लिए ऑटो रिक्शा में सवार होकर निकले थे। जैसे ही ऑटो रिक्शा ब्यावरा रोड पर आरोग्य अस्पताल के समीप पहुंचा, तभी ड्राइवर ने मोड़ पर अचानक गियर बदला। इसके साथ ही ऑटो रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में रमाबाई व घनश्याम ऑटो रिक्शा से उछलकर बाहर जा गिरे, जबकि सोनूबाई उसके नीचे दब गई थीं। हादसा होते देख आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े और ऑटो को सीधा कर उसके नीचे फंसे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल एंबुलेंस की मदद जिला अस्पताल भिजवाया गया, यहां जांच के दौरान डॉक्टरों ने सास रमाबाई और बहू सोनूबाई को मृत घोषित कर दिया। घायल घनश्याम ने बताया कि हम घर के लिए लौट रहे थे। नहीं सोचा था कि इस तरह का हादसा होगा। हम घर पहुंचते, इसके पहले ही हमारा परिवार उजड़ गया। सबकुछ खत्म हो गया। अब कुछ नहीं बचा। घटना की जानकारी लगने पर ब्यावरा से भी समाजजन व मिलने वाले राजगढ़ पहुंच गए थे। recent visitors 40