Friday, July 10, 2026 2:55 pm

एक परिवार की तीन पीढ़ी को मिल रहा महतारी वंदन योजना का लाभ

  परिवार ने की पांच बेटियों की शिक्षा से शादी तक की प्लानिंग राज्य की 70 लाख महिलाओं को दी जा चुकी है अब तक 5878 करोड़ 37 लाख की राशि रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और आर्थिक संबल का एक बड़ा जरिया बन गया है, छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में महतारी वंदन योजना से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बल मिल रहा है। कबीरधाम जिले के बोडला विकासखंड के ग्राम भोंदा निवासी मरार पटेल का संयुक्त परिवार आज हितग्राही परिवारों के लिए प्रेरणा है।इस परिवार में  श्री सदाराम पटेल, उनके छोटे भाई श्री रामकुमार पटेल सपत्नीक, बेटों, बहुओं और पोते-पोतियों के साथ रहते हैं। इस परिवार के तीन पीढ़ियों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। महतारी वंदन योजना से यह परिवार आर्थिक मजबूती हासिल कर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस योजनाएं भी बना रहा है। संयुक्त परिवार की सशक्त कहानी श्री सदाराम पटेल और उनकी पत्नी श्रीमती सुखबती पटेल के दो बेटे और बहुएं हैं। बड़ी बहू श्रीमती दिलेश्वरी (पति श्री गीताराम) और उनके तीन बच्चे बरखा, अंजू और प्रभा। दूसरी बहु श्रीमती मनीषा (पति श्री जगियाराम) और उनका बेटा मिंताशु है।  श्री सदाराम के छोटे भाई श्री रामकुमार पटेल और उनकी पत्नी श्रीमती बीरझा बाई के भी दो बेटे और बहुएं हैं। बड़ी बहू  श्रीमती अनिता (पति श्री नरेन्द्र) जिनके दो बेटे और एक बेटी हैं। इसी तरह दूसरी बहु श्रीमती गनेशिया (पति श्री फगियाराम) और उनकी एक बेटी है। सुकन्या समृद्धि और ग्रामीण डाक जीवन बीमा योजना में निवेश के लिए मन बनाया परिवार की बहुओं और माताओं ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने योजना से मिलने वाली राशि को बेटियों की शिक्षा और शादी के लिए उपयोग करने का मन बनाया है। उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना और ग्रामीण डाक जीवन बीमा में लाभकारी योजना में  निवेश का निश्चय किया  है। उनका कहना है कि इस योजनाओं से बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सकेगा। योजनाएं 2039-40 तक उनके बच्चों के भविष्य के लिए आर्थिक रूप से सहायक साबित होंगी। पटेल परिवार की बहुएं श्रीमती सुखबती पटेल और श्रीमती बीरझा बाई ने बताया, "महतारी वंदन योजना ने हमें आत्मनिर्भर बनने और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में काम करने का विश्वास दिया है। परिवार के भी का मिला कर हर माह 6 हजार रुपए की अतिरिक्त आय से हमारा जीवन स्तर बेहतर और खुशहाल होने लगा है। पांच साल में यह राशि 3.60 लाख तक पहुंच जाएगी।" हमे पूरा विश्वास है कि यह योजना आगे भी चलते रहेगी।     गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना का शुभारंभ एक मार्च 2024 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया था, जिसका उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक स्वावलंबन और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत 21 वर्ष से अधिक आयु की पात्र विवाहित महिलाओं को एक-एक हजार रूपए की मासिक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।योजना के तहत अब तक राज्य की महिलाओं को कुल 5878 करोड़ 37 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही उनके परिवारों को आर्थिक स्थिरता प्रदान की है। यह योजना न केवल वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा कर रही है, बल्कि भविष्य के लिए भी मजबूत आधार तैयार कर रही है। recent visitors 37

मुंगेली व्यापार मेला 2024 का भव्य शुभारंभ करेंगे डिप्टी सीएम साव

मुंगेली छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में आज स्टार्स ऑफ टुमारो वेलफेयर सोसायटी की तरफ से आयोजित मुंगेली व्यापार मेला 2024 का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है. यह आयोजन वीर शहीद धनंजय सिंह स्टेडियम में आयोजित किया गया है. इस आयोजन का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री अरुण साव शाम 5:30 बजे दीप प्रज्वलन के साथ करेंगे. इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, और व्यावसायिक गतिविधियों का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा. छह दिवसीय आयोजन का मुख्य आकर्षण मुंगेली व्यापार मेला 26 नवंबर से 1 दिसंबर तक चलेगा. यह मेला हर साल लोगों के बीच लोकप्रियता का केंद्र रहता है और इसे “मुंगेली का त्यौहार” के नाम से भी जाना जाता है. इस बार मेले में 250 से अधिक स्टॉल लगने वाले हैं, जिनमें फिश टनल, फूड जोन, ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट, हैंडीक्राफ्ट, बस्तर आर्ट, महिला गृह उद्योग, और बच्चों के झूले शामिल हैं. शहर की प्रतिभाओं को मिलेगा मंच इस बार मेले में “मुंगेली गॉट टैलेंट” के माध्यम से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा. आज शाम 6:00 बजे प्रतिभागी अपने कला कौशल से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे. कार्यक्रम के पहले दिन रात 9:00 बजे लोकप्रिय लोक गायिका अलका चंद्राकर अपनी टीम के साथ मंच पर प्रस्तुति देंगी. विशेष प्रतियोगिताओं का आयोजन     27 नवंबर: रंगोली प्रतियोगिता (दोपहर 2:00 बजे), विषय – “आजादी का अमृत महोत्सव”.     27 नवंबर: विद्यालयीन छात्रों का समूह नृत्य प्रतियोगिता (सायं 6:00 बजे). व्यापार मेले की खासियत यह मेला छोटे, मध्यम और लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है. मेले के संयोजक रामपाल सिंह ने बताया कि, “इस बार की तैयारी खास है. स्थानीय प्रतिभाओं को मंच पर लाने के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया गया है.” वहीं इस व्यापार मेला को लेकर शहरवासियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. मैदान में पहले ही चहल-पहल शुरू हो चुकी है. व्यापारियों और आयोजकों को विश्वास है कि यह मेला हर साल की तरह इस बार भी भव्य और सफल रहेगा. आयोजन समिति की सक्रिय भागीदारी मेले को सफल बनाने के लिए संस्था के सदस्य पूरी सक्रियता से जुटे हुए हैं. संयोजक रामपाल सिंह, अध्यक्ष महावीर सिंह, सचिव विनोद यादव सहित अन्य सदस्यों ने मेले की सफलता के लिए विशेष योगदान दिया है. recent visitors 68

गृह मंत्री अमित शाह एलबीएस एकेडमी पहुंचेंगे 28 नवंबर को , मुख्य सचिव ने तैयारियों को लेकर की बैठक

देहरादून. मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने केंद्रीय गृह मंत्री के 28 नवंबर को लाल बहादुर शास्त्री प्रशासन अकादमी मसूरी के भ्रमण कार्यक्रम को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की तैयारियों की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने आयुक्त गढ़वाल मंडल, पुलिस उप महानिरीक्षक गढ़वाल रेंज, जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून समेत सभी संबंधित अधिकारीयों को समस्त व्यवस्थाएं पुख्ता करने के निर्देश दिए। इस मौके पर डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु,  एडीजी एपी अंशुमान समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। recent visitors 131

सीएम विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना, आशा को बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए मिली 20 लाख की आर्थिक सहायता

रायपुर, जब जीवन में हर तरफ अंधेरा दिखाई देने लगे तब  उम्मीद के एक छोटी सी रोशनी भी पूरे जीवन को प्रकाशवान कर जाती है। ऐसी ही कहानी है कुनकुरी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत रेमते में रहने वाली 15 साल की आशा चक्रेश की। सिकलसेल से पीड़ित आशा के जीवन में कई उतार चढ़ाव आये पर कहीं भी उम्मीद की किरण दिखाई नहीं दे रही थी। यहां पर आशा के लिए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना एक नई उम्मीद बन कर आई।              आशा को जन्म से ही सिकलीन की बीमारी है। यह जानकारी मजदूर माता पिता के लिए किसी सदमे से कम नहीं थी। चिकित्सकों ने बताया था कि आशा को  सिकलसेल की बीमारी का वह प्रकार है जो 10 लाख लोगों में एक व्यक्ति को होने वाली बीमारी है। इस संबंध में आशा की माता बिमला बाई चक्रेश ने बताया कि आशा के पिता स्व. मंगलराम चक्रेश उसके स्वास्थ्य और इलाज के लिए हमेशा चिंतित रहा करते थे। आशा के ईलाज के लिए दंपत्ति ने अपनी छोटी सी बचत और आयुष्मान भारत योजना की सहायता से कई अस्पतालों का चक्कर लगाया। रायपुर से लेकर इंदौर, मुंबई सभी जगह आशा की जांच कराने के बाद भी निराशा ही हाथ लगी थी। बचपन से हर महीने आशा को खून चढ़ाने अस्पताल का चक्कर लगाना ही पड़ता था और इसका खर्च भी वहन करना पड़ता था। ऐसे में एक दिन एक दुखद दुर्घटना में पिता मंगलराम का भी निधन हो गया। इस हालात में आशा का आगे का इलाज असंभव लगने लगा था। एक दिन जिला प्रशासन द्वारा मेडिकल कैम्प आयोजित किया गया था जहां जांच उपरांत चिकित्सकों ने बोन मैरो ट्रांसप्लांट कराने की सलाह दी। हमारे लिए इसका खर्च उठा पाना संभव नहीं था तब जिला प्रशासन से जांच हेतु 01 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई, जिससे रायपुर जाकर जांच संभव हो सका। परन्तु महंगे ईलाज की समस्या अभी भी बनी हुई थी।   चिकित्सकों ने उन्हें मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना की जानकारी दी। जहां से स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवेदन को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कार्यालय भेजा गया। त्वरित कार्यवाही करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे स्वीकृति प्रदान करते हुए ईलाज के लिए 20 लाख रुपये प्रदान किया गया। जिसके बाद रायपुर के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए दाता की पहचान की गई। दाता का सैम्पल मैच होने पर आशा का बोन मैरो ट्रांसप्लांट का ऑपरेशन किया गया। जिसके बाद आशा को नया जीवन प्राप्त हुआ। इस नए जीवन के लिए आशा और उनकी माता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया और कहा कि यदि मुख्यमंत्री जी से सहायता ना मिलती तो शायद आशा का जीवन बचा पाना उनके लिए संभव नहीं होता। recent visitors 45

चिन्मय दास की गिरफ्तारी पर MEA चिंतित, हिन्दुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करे बांग्लादेश, भारत की दो टूक

नई दिल्ली भारत ने मंगलवार को बांग्लादेश में हिंदू पुजारी चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे गंभीर चिंता का विषय बताया। भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि दास की गिरफ्तारी और उन्हें जमानत न दिए जाने की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि यह घटना ऐसे समय हो रही है जब बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हिंसक हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इनमें उनके घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को जलाने और लूटने, मूर्तियों और मंदिरों को अपवित्र करने के मामले सामने आए हैं। बांग्लादेश पुलिस ने हिंदू समूह सम्मिलित सनातनी जोत के नेता दास को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा क्षेत्र से सोमवार को गिरफ्तार किया था। बांग्लादेश की एक अदालत ने मंगलवार को दास की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसने चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी और उन्हें जमानत नहीं मिलने का गहरी चिंता के साथ संज्ञान लिया है। मंत्रालय ने कहा, "यह घटना बांग्लादेश में चरमपंथी तत्वों द्वारा हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर कई हमले किए जाने के बाद हुई है।" विदेश मंत्रालय ने कहा कि अल्पसंख्यकों के घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में आगजनी और लूटपाट के साथ-साथ चोरी, तोड़फोड़ और देवी-देवताओं और मंदिरों को अपवित्र करने के कई मामले हुए हैं जो दस्तावेजों में दर्ज हैं। बयान में कहा गया, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन घटनाओं के अपराधी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन शांतिपूर्ण सभाओं के माध्यम से वैध मांगें उठाने वाले एक धार्मिक नेता के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं।" विदेश मंत्रालय ने दास की गिरफ्तारी के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों पर भी चिंता जतायी। मंत्रालय ने कहा, "हम बांग्लादेश के प्राधिकारियों से हिंदुओं और सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं। हम शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के उनके अधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील करते हैं।" recent visitors 58

सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते आंकड़े को लेकर जीवनसाथी को सगाई में अंगूठी के साथ पहनाया हेलमेट

राजनांदगांव सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। सड़क दुर्घटनाओं के रोकथाम के लिए युवा अलग-अलग माध्यम से अभियान भी चला रहे हैं। कई युवा अपने अलग-अलग अंदाज़ में समाज सेवा करते नजर आ रहे हैं। कोई सड़कों पर रेडियम पाइंट लगाता है तो कोई जानवरों को सड़कों से हटाता है। रविवार की रात करियाटोला में सगाई समारोह में युवक-युवती ने एक-दूसरे को अंगूठी पहनाने के साथ हेलमेट भी पहनाया। सगाई समारोह में यह द्श्य देख कुछ देर के लिए घराती-बाराती भी चौंक गए। लेकिन युवक-युवती ने एक-दूसरे को हेलमेट पहनाकर लोगों को वाहन चलाने के दौरान हेलमेट अनिवार्य का संदेश दिया। बता दें कि रविवार की रात डोंगरगढ़ ब्लाक के ग्राम जारवाही निवासी 26 वर्षीय बीरेंद्र साहू की सगाई डोंगरगांव क्षेत्र के ग्राम करियाटोला निवासी 24 वर्षीय ज्योति साहू के साथ हुई। सगाई रस्म के दौरान ही दोनों ने एक-दूसरे को हेलमेट पहनाकर जागरुकता का संदेश दिया। बता दें कि बीरेंद्र के पिता का सड़क दुर्घटना में निधन होने के बाद से परिवार के सदस्य लोगों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक कर रहे हैं। बीरेंद्र साहू, नगर डोंगरगांव के समाजसेवक हेलमेट संगवारी धर्मेंद्र साहू के छोटे भाई हैं जो कि अपने पिता के सड़क दुर्घटना में निधन के बाद से हेलमेट लगाने को लेकर जागरूक करने के साथ साथ लोगों को हेलमेट दान भी करता है। धर्मेंद्र ने बताया कि पिताजी का निधन सिर में चोंट लगने के कारण हुआ था। उस समय वे हेलमेट नहीं पहने थे। तब से लोगों को हेलमेट पहनने जागरूक और हेलमेट दान करने में लगा है। उनके इस कार्य में पूरा परिवार सहयोग करता है। इसमें पत्नी त्रिवेणी, भाई मोहित साहू, बहू सरिता, मां कुमारी साहू भी लोगों को प्रेरित करने में सहयोग कर रही है। हेलमेट संगवारी के नाम से पहचान धर्मेंद्र साहू अब तक एक हज़ार से भी अधिक हेलमेट लोगों को दान कर चुके हैं। सड़क सुरक्षा अभियान या जागरूकता कार्यक्रमों में भी लोगों को हेलमेट भेंट कर चुके हैं। वहीं लोगों को हेलमेट का महत्व बताकर लगातार जागरूक कर रहे हैं। साहू की इस पहल को डोंगरगांव नगर के लोगों ने हेलमेट संगवारी का नाम दिया है। साथ ही इनकी इस पहल की प्रशासन के साथ समाज भी सराहना कर रहे हैं। सड़क दुर्घटना एक नजर वर्ष प्रकरण मृत्यु घायल 2020 804 299 751 2021 861 346 929 2022 493 190 418 2023 419 187 314 2024 249 110 203 recent visitors 54

अगर पार्टियां पंथ को देश से ऊपर रखती हैं तो हमारी स्वतंत्रता दूसरी बार खतरे में पड़ जाएगी: जगदीप धनखड़

नई दिल्ली उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर को याद करते हुए कहा कि अगर पार्टियां पंथ को देश से ऊपर रखती हैं तो हमारी स्वतंत्रता दूसरी बार खतरे में पड़ जाएगी। संविधान को अंगीकार किए जाने की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर साल भर चलने वाले समारोहों की शुरुआत के लिए पुराने संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने आगाह किया कि रणनीति के तहत व्यवधान पैदा करना लोकतंत्र के लिए खतरा है। धनखड़ ने कहा, ‘‘यह समय रचनात्मक संवाद, बहस और सार्थक चर्चा के माध्यम से हमारे लोकतांत्रिक मंदिरों की पवित्रता को बहाल करने का समय है ताकि हमारे लोगों की प्रभावी ढंग से सेवा की जा सके।’’ इस बात का उल्लेख करते हुए कि संविधान ने निपुणता से लोकतंत्र के तीन स्तंभों (विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका) को स्थापित किया है और प्रत्येक की एक परिभाषित भूमिका है, धनखड़ ने कहा, ‘‘लोकतंत्र का सबसे अच्छा पोषण तब होता है जब उसके संवैधानिक संस्थान अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों का पालन करते हुए समन्वय, तालमेल और एकजुटता से काम करें।’’ उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य के इन अंगों के कामकाज में, क्षेत्र विशिष्टता भारत को समृद्धि और समानता की अभूतपूर्व ऊंचाइयों की ओर ले जाने में इष्टतम योगदान देने का सबसे अच्छा साधन है। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा में सदन के नेता जे पी नड्डा, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे (राज्यसभा) और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू मंच पर मौजूद थे। इस अवसर पर भारत के संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ को समर्पित एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी किया गया। साथ ही ‘भारत के संविधान का निर्माण: एक झलक’ और ‘भारत के संविधान का निर्माण और इसकी गौरवशाली यात्रा’ शीर्षक वाली पुस्तकों का विमोचन किया गया। राष्ट्रपति ने संविधान के संस्कृत और मैथिली अनुवादों का अनावरण किया। यह समारोह ‘हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान’ अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य संविधान में निहित मूल मूल्यों को दोहराते हुए संविधान के निर्माताओं के योगदान का सम्मान करना है।   recent visitors 61