Friday, July 10, 2026 10:14 am

रीवा के रहने वाले कुलदीप सेन अब आईपीएल में पंजाब किंग्स के लिए खेलते हुए नजर आएंगे

रीवा रीवा के उभरते हुए क्रिकेटर कुलदीप को मेगा ऑक्शन में पंजाब किंग्स टीम ने खरीद लिया है. कुलदीप सेन आने वाले सीजन में अब पंजाब किंग्स की जर्सी में खेलते हुए नजर आएंगे. पंजाब किंग्स ने कुलदीप सेन को 80 लाख रुपए में खरीदा है, कुलदीप अपनी घातक गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं. कुलदीप सेन की बेस प्राइस 75 लाख रुपए थी. इससे पहले कुलदीप राजस्थान रॉयल्स के लिए खेल रहे थे. राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था. पिता चलाते है सैलून कुलदीप सेन रीवा के हरिहरपुर गांव के रहने वाले हैं. उनके पिता सैलून चलाते है, कुलदीप को बचपन से ही क्रिकेट में रूचि थी. कुलदीप के पिता रामपाल ने एक बार बताया था कि उन्हें लगता था कि उनका बेटा घर से निकलकर स्कूल जाता है. फिर उन्हें पता चला की कुलदीप का सिलेक्शन स्टेट लेवल क्रिकेट टीम में हो गया है. कुलदीप को पिता को जब यह पता चला तो उन्होंने उन्हें डांट भी लगाई, लेकिन कुलदीप के क्रिकेट के प्रति प्यार को देखकर उन्हें झुकना पड़ा. पिता ने कही ये बात उन्होंने बताया कि कुलदीप ने मेहनत में कोई कमी नहीं छोड़ी. उसने इस बात का कभी ख्याल नहीं रखा कि उसे भूख या प्यास लगी है. उसने शुरू से ही क्रिकेट को जुनून की तरह लिया. शुरुआत में लगता था कि वह सफल होगा कि नहीं, लेकिन वक्त आते-आते उसकी सफलता ने घर में खुशियां ला दीं. उन्होंने कहा कि अब पूरा घर उसके और अपने सपनों को पूरा करे में जी-जान लगा रहा है. गौरतलब है कि, कुलदीप के पिता आज भी सैलून चलाते हैं. कुलदीप ने क्रिकेट खेल कर कमाए हुए पैसों से अपने पिता के लिए एक नया सैलून खुलवाया है. यहां दुकान के नाम के साथ-साथ कुलदीप का नाम भी अंकित है. बल्लेबाज बनने की थी इच्छा कुलदीप जब अपने कोच से पहली बार मिले तब वे उनके पास बल्लेबाजी सीखने के लिए गए थे. लेकिन उनके कोच एरिल ने उन्हें सलाह दी कि कुलदीप को गेंदबाजी करनी चाहिए. कोच की सलाह को मानते हुए उन्होंने गेंदबाजी शुरू की और गेंदबाजी में माहिर हो गए. वहीं कोच ने बताया था कि कुलदीप गरीब परिवार से आते थे. तब उन्होंने फीस न लेने की ठान ली. तेज गेंदबाजी है पहचान कुलदीप सेन 140 किलोमीटर की रफ्तार से गेंदबाजी करने में माहिर है. कुलदीप अपने लंबे कद व फास्ट बॉलर होने के कारण मैदान में चर्चा का विषय रहते है. कुलदीप सेन ने बांग्लादेश के ख़िलाफ़ दिसंबर 2022 में भारत के लिए अपना वनडे डेब्यू किया था. आपको बता दें कि उन्हें रीवांचल एक्सप्रेस के नाम से भी जाना जाता है. recent visitors 174

बांगलादेश में हिंदुआों पर लगातार हो रहे हमले के बीच हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, ISKCON पर प्रतिबंध लगाने की मांग

ढाका बांगलादेश में हिंदुआों पल लगातार हो रहे हमले के बीच हाईकोर्ट में बुधवार को एक याचिका दायर की गई, जिसमें इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (ISKCON) पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। याचिका में चिटगांव और रंगपुर में जारी अशांति को रोकने के लिए इन दोनों शहरों में आपातकाल की स्थिति घोषित करने की भी मांग की गई है। ईकोर्ट ने सरकार से पूछा कि ISKCON की हालिया गतिविधियों के संदर्भ में उसने अब तक क्या कदम उठाए हैं। अदालत ने इस पर जानकारी देने के लिए गुरुवार को एटॉर्नी जनरल मोहम्मद असदुज्जामन को निर्देश दिया है। हाईकोर्ट की बेंच में जस्टिस फराह महबूब और जस्टिस देबाशीष रॉय चौधरी शामिल हैं। हिंदू साधु की गिरफ्तारी पर विरोध प्रदर्शन हिंसा और अशांति की शुरुआत 25 नवम्बर को ढाका एयरपोर्ट पर प्रमुख हिंदू साधु चिन्मय कृष्ण दास प्रभु की गिरफ्तारी से हुई। यह साधु धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए काम करने के लिए प्रसिद्ध थे। उन पर राजद्रोह का आरोप लगाया गया है और उन्हें जमानत नहीं दी गई है। उनकी गिरफ्तारी के बाद बांगलादेश भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। हिंदू समुदाय ने उनकी रिहाई की मांग की है। चिटगांव कोर्ट के बाहर हुए प्रदर्शनों में हिंसा फैल गई। इसके कारण एक वकील की मौत हो गई। इस हिंसा में 20 से अधिक लोग घायल हो गए। चिन्मय कृष्ण दास प्रभु ने हाल ही में हिंदू समुदाय पर हो रहे अत्याचारों पर ध्यान आकर्षित करने और समुदाय के लिए मजबूत सुरक्षा की मांग करने के लिए कई विरोध प्रदर्शन आयोजित किए थे। उनकी गिरफ्तारी ने धार्मिक अल्पसंख्यकों के बीच भय और असुरक्षा को और बढ़ा दिया है। ISKCON का अंतरराष्ट्रीय समर्थन की अपील इस्कॉन ने गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप करने का आह्वान किया। इस्कॉन के एक प्रवक्ता ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र को बांगलादेश में अल्पसंख्यकों को बचाने के लिए कदम उठाना चाहिए।" भारत ने भी जताई चिंता भारत के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान जारी कर इस घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त की। मंत्रालय ने कहा, "यह घटना बांगलादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यकों पर कट्टरपंथी तत्वों द्वारा किए गए कई हमलों के बाद हुई है। इनमें अल्पसंख्यकों के घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में आगजनी, लूटपाट, चोरी और मंदिरों तथा देवी-देवताओं की अपवित्रता शामिल है।" विदेश मंत्रालय ने शांति से चल रहे हिंदू विरोध प्रदर्शनों पर हमलों की भी निंदा की और बांगलादेश सरकार से हिंदुओं और सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। बांगलादेश का पलटवार बांगलादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत की प्रतिक्रिया पर आलोचना की और कहा कि यह मामला बांगलादेश के आंतरिक मामलों से संबंधित है। बांगलादेश सरकार ने यह भी कहा कि चिन्मय कृष्ण दास प्रभु की गिरफ्तारी पर कुछ पक्षों ने गलत व्याख्या की है। उन्हें विशेष आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया है। recent visitors 59

पाकिस्तान की राजनीति में हलचल तेज, इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी हो गईं किडनैप?

इस्लामाबाद पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी किडनैप हो गई हैं या फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। बुशरा बीबी की बहन मरियम रियाज वट्टू ने एक वीडियो स्टेटमेंट जारी कर यह आरोप लगाया तो पाकिस्तान की राजनीति में हलचल तेज हो गई। इस्लामाबाद में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के आंदोलन के बीच ऐसे आरोपों ने जोर पकड़ा तो अब एक नई खबर आई है। इन रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि बुशराबा बीबी और खैबर पख्तूनख्वा के सीएम अली अमीन गंदापुर को राज्य विधानसभा के स्पीकर बाबर सलीम स्वाती के घर पर देखा गया है। जानकारी मिली है कि दोनों नेताओं के साथ पीटीआई के एक और लीडर तैमूर सलीम खान भी थे। तैमूर ने बताया कि वह, बुशरा बीबी और सीएम गंदापुर ने मानशेरा के सर्किट हाउस में रात गुजारी थी और फिर राजधानी के लिए निकले। इस तरह सुबह ही मची हलचल अब जाकर शांत हुई है। बुशरा बीबी की बहन ने वीडियो जारी कर रहा था कि आखिर मेरी बहन कहां हैं। यह जानकारी मिल रही है कि बुशरा बीबी को अरेस्ट कर लिया गया है। कुछ लोगों का कहना है कि वह खैबर पख्तूनख्वा पहुंच गई हैं। वहीं यह भी आशंका जताई जा रही है कि उन्हें अरेस्ट कर लिया गया है। यह वीडियो स्टेटमेंट ऐसे समय में आया, जब इमरान खान की पार्टी ने 'करो या मरो' का नारा देते हुए आंदोलन छेड़ा था। अब इस आंदोलन को वापस ले लिया गया है। पीटीआई के हजारों समर्थक रविवार से ही इस्लामाबाद पहुंच रहे थे और सोमवार को तो हिंसा भड़क गई। इस हिंसा में अब तक 6 लोगों के मारे जाने की जानकारी मिली है। इसके बाद ही पीटीआई ने आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया है। वहीं इमरान खान ने अपने समर्थकों से कहा है कि हमें आखिरी गेंद तक लड़ना है। पीटीआई का दावा है कि पंजाब सरकार की पुलिस और पाकिस्तानी सेना की फायरिंग में उसके 8 कार्यकर्ताओं की मौत हो गई है। वहीं प्रशासन का कहना है कि झड़पों में 4 सैनिकों समेत 6 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं। वहीं मरियम रियाज वट्टू का कहना है कि यदि उनकी बहन सुरक्षित हैं और खैबर पख्तूनख्वा में हैं तो फिर परिवार के साथ उनका संपर्क क्यों नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा इस्लामाबाद को घेरने वाला आंदोलन स्थगित करने पर भी मतभेद पैदा हो हैं। वट्टू का कहना है कि बुशरा बीबी ने पहले ही कहा था कि आंदोलन को रोकने का अधिकार सिर्फ इमरान खान का है। उनकी सलाह के बिना कोई भी आंदोलन को वापस लेने का ऐलान नहीं कर सकता। recent visitors 107

एक्टिंग और टीवी को हमेशा के लिए अलविदा कह गई आशका गोराडिया

मुबई     आशका गोराडिया एक समय टीवी की पॉपुलर स्टार थीं, लेकिन साल 2019 में उन्होंने एक्टिंग और टीवी को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। इसके बाद आशका गोराडिया ने एक कॉस्मेटिक कंपनी खड़ी की, जिसकी वैल्यू आज की तारीख में 1300 करोड़ रुपये है। आज आशका गोराडिया एक सफल बिजनेसवुमन हैं और गोवा में रहती हैं। आशका गोराडिया के 27 नवंबर को बर्थडे के मौके पर उनके बिजनेस और नेट वर्थ के बारे में बता रहे हैं।     आशका गोराडिया ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत साल 2002 में 'अचानक 37 साल बाद' से की थी। इसके बाद वह 'कुसुम', 'सात फेरे', 'सिंदूर तेरे नाम का' और 'लागी तुझसे लगन' जैसे टीवी सीरियलों में काम किया। वह कई रियलिटी शोज का भी हिस्सा रहीं। इसके बाद उन्होंने 2021 में एक्टिंग से रिटायर होने का ऐलान किया था।     आशका गोराडिया ने साल 2019 में एक्टिंग को अलविदा कह दिया और शोबिज से दूरी बना ली, और फिर तुरंत ही अपनी कॉस्मेटिक कंपनी खड़ी की, जिसका नाम 'रेने कॉस्मेटिक्स' है। आज यह कंपनी कई कॉस्मेटिक ब्रांड्स को टक्कर देती है, जिसमें विनीता सिंह की शुगर कॉस्मेटिक्स भी शामिल है।     आशका गोराडिया ने साल 2018 में कॉलेज के दो दोस्तों- आशुतोष वलानी और प्रियांक शाह के साथ मिलकर कॉस्मेटिक कंपनी की शुरुआत की थी। आज इसकी वैल्यू 1300 करोड़ रुपये यानी 13 अरब रुपये बताई जाती है। आशका इस कंपनी की डायरेक्टर और CMO हैं। आशका की 1300 करोड़ की नेट वर्थ है, जो उनकी कॉस्मेटिक कंपनी की बदौलत है।     आशका गोराडिया और उनके पति ब्रेंट गोबल का गोवा में एक योग स्टूडियो भी है, जहां वह लोगों को योग सिखाते हैं। आशका के पति अमेरिका के रहने वाले हैं और एक बिजनेसमैन हैं। इसके अलावा आशका गोराडिया का मुंबई में एक आइसक्रीम पार्लर भी है, जिसका नाम ISAYICE है। इसकी अहमदाबाद में भी एक ब्रांच है। आशका की पर्सनल लाइफ की बात करें, तो वह ब्रेंट गोबल से साल 2016 में मिली थीं। कुछ समय तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद उन्होंने 2017 में शादी कर ली थी। साल 2013 में आशका और ब्रेंट पैरेंट्स भी बन गए। recent visitors 114

पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश भी IPL से हो रहा ‘साइड लाइन’, किसी ने नहीं खरीदा एक भी खिलाडी

 मुंबई इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 सीजन का मेगा ऑक्शन सोमवार (25 नवंबर) को सऊदी अरब के जेद्दा में खत्म हुआ. दो दिन तक चले इस मेगा ऑक्शन में 10 टीमों ने 639.15 करोड़ रुपये खर्च कर कुल 182 खिलाड़ी खरीदे. इस बार जहां ऋषभ पंत और श्रेयस अय्यर ने इतिहास रच दिया है. लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) ने 27 करोड़ में खरीदा. इस तरह वो IPL इतिहास के सबसे मंहगे क्रिकेटर बन गए हैं. दूसरे सबसे मंहगे क्रिकेटर श्रेयस बने, जिन्हें पंजाब किंग्स ने 26.75 करोड़ में खरीदा. वहीं दूसरी ओर एक देश ऐसा भी रहा है, जिसका कोई खिलाड़ी नहीं बिका. बड़ी बात तो यह रही कि इस देश के 12 प्लेयर नीलामी में उतरे थे, लेकिन 2 खिलाड़ियों को छोड़कर किसी और का नाम भी बोली के लिए नहीं लिया गया. पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश भी हो रहा 'साइड लाइन' इस तरह कह सकते हैं कि इस देश को 'चुपचाप' साइड लाइन कर दिया गया. हम बात कर रहे हैं बांग्लादेश की, जहां तख्तापलट के बाद हिंदुओं पर अत्याचार का मामला काफी गहराता जा रहा है. हाल ही में बांग्लादेश में हिंदू पुजारी और इस्कॉन के पूर्व प्रमुख चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर हंगामा मचा हुआ है. इसी बीच IPL का मेगा ऑक्शन आ गया, जिसमें 12 बांग्लादेशी क्रिकेटर्स को शॉर्टलिस्ट किया गया था. इनमें मुस्ताफिजुर रहमान और रिशाद हुसैन का नाम ही बोली के लिए आया था, लेकिन उन्हें किसी ने नहीं खरीदा. बाकी 10 खिलाड़ियों में लिटन दास, तस्कीन अहमद, शाकिब अल हसन, मेहदी हसन मिराज, शोरिफुल इस्लाम और तंजीम हसन साकिब जैसे स्टार भी शामिल रहे. मगर इनमें से किसी का भी नाम बोली तक नहीं पहुंचा. किसी ने भी इनको नहीं खरीदा. इस तरह कह सकते हैं कि पाकिस्तान के बाद अब बांग्लादेश भी IPL से साइड लाइन होता जा रहा है. यदि ऐसा ही चलता रहा तो भविष्य में बांग्लादेशी क्रिकेटर्स पर भी IPL में बाहर रहने का खतरा मंडरा सकता है. इस लिस्ट के जरिए जानिए कौन सा बांग्लादेशी प्लेयर किस बेस प्राइस के साथ IPL नीलामी में उतरा था. IPL मेगा ऑक्शन में उतरने वाले बांग्लादेशी क्रिकेटर बांग्लादेशी प्लेयर बेस प्राइस (INR) मुस्ताफिजुर रहमान (अनसोल्ड) 2 करोड़ तस्कीन अहमद 1 करोड़ शाकिब अल हसन 1 करोड़ मेहदी हसन मिराज 1 करोड़ शोरिफुल इस्लाम 75 लाख तंजीम हसन साकिब 75 लाख मेहदी हसन 75 लाख नाहिद राणा 75 लाख रिशाद हुसैन (अनसोल्ड) 75 लाख लिटन दास 75 लाख तौहीद हृदोय 75 लाख हसन महमूद 75 लाख एक ही IPL सीजन खेल सके पाकिस्तानी क्रिकेटर बता दें कि IPL का पहला सीजन 2008 में खेला गया था. तब पाकिस्तान के कुल 11 खिलाड़ी आईपीएल में खेले थे. 2008 आईपीएल सीजन के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते अच्छे नहीं रहे और राजनीतिक तनाव के चलते पाकिस्तानी प्लेयर्स को आईपीएल में मौका नहीं दिया गया है. इस तरह पाकिस्तानी खिलाड़ियों को आईपीएल के पहले यानी 2008 सीजन में पहली और आखिरी बार मौका मिला था. IPL के पहले सीजन में 11 पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने धमाल मचाया था. यह प्लेयर सलमान बट, शोएब अख्तर, मोहम्मद हफीज, उमर गुल, कामरान अकमल, यूनुस खान, सोहेल तनवीर, मोहम्मद आसिफ, शोएब मलिक, शाहिद आफरीदी और मिस्बाह उल हक हैं. तो क्या बांग्लादेशी क्रिकेटर्स को जान-बूझकर अनदेखा किया गया है, क्योंकि ऑक्शन के बाद उनकी बोली तक नहीं लगाई गई। शाकिब अल हसन जैसे क्रिकेटर, जो पहले आईपीएल में बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, उन्हें इस बार खरीदार नहीं मिल पाए, जिससे निराशा और बढ़ गई। हालांकि, कई प्रशंसकों का कहना है, कि बांग्लादेशी क्रिकेटर्स ने पिछले दिनों काफी खराब खेल दिखाया है और ना बिकने की वजह उनका प्रदर्शन है, ना की बांग्लादेश की मौजूदा हालात से कोई लेना देना है। बांग्लादेश ने पिछले दिनों जब भारत के साथ तीन टी-20 मैच खेले थे, उस दौरान उनका काफी खराब प्रदर्शन रहा था और ना ही बल्लेबाज अपना कोई प्रभाव छोड़ पाए थे और ना ही गेंदबाज। बांग्लादेश में हिंदुओं पर लगातार हो रहे हैं हमले विवाद को और हवा देने वाली बात यह है कि ढाका में हिंदू नेता चिन्मय कृष्ण दास प्रभु की हाल ही में हुई गिरफ़्तारी ने बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रहे व्यवहार को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। पिछले कुछ सालों में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय को हमलों, उनकी संपत्ति के विनाश और व्यवस्थागत भेदभाव का सामना करना पड़ा है, जिससे अशांति बढ़ रही है।     भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। कई लोग आईपीएल फ्रैंचाइजी से अल्पसंख्यकों पर हमलों में कथित मिलीभगत के कारण बांग्लादेशी खिलाड़ियों का बहिष्कार करने का आग्रह कर रहे हैं। एक यूजर ने कहा, "अगर आतंकवाद के कारण पाकिस्तान को आईपीएल से बाहर रखा जाता है, तो बांग्लादेश को हिंदुओं पर अत्याचार करने के लिए इसी तरह के परिणाम भुगतने चाहिए।" बांग्लादेशी खिलाड़ियों को बाहर रखने से खेल और राजनीति के बीच के संबंध की ओर ध्यान खिंचा है। आईपीएल ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए पाकिस्तानी खिलाड़ियों को बाहर रखा है, लेकिन यह घटना इस बात पर प्रकाश डालती है, कि किस तरह व्यापक सामाजिक-राजनीतिक मुद्दे खिलाड़ियों के चयन को प्रभावित कर सकते हैं।   recent visitors 76

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा वह देश में एक करोड़ ‘कट्टर हिंदू’ चाहते हैं, ऐसा हो गया तो हजार सालों तक कोई सनातन की ओर अंगुली नहीं उठा सकता

 निवाड़ी हिंदू एकता यात्रा पर निकले बागेश्वर बाबा धीरेंद्र कृष्ण ने कहा है कि गजवा-ए-हिंद या भगवा-ए-हिंद जो होना है जल्दी हो जाए। बाबा बागेश्वर ने यह भी कहा कि वह आरपार के मूड में निकले हैं। हिंदुओं के बीच जाति प्रथा को खत्म करने की अपील कर रहे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि देश में एक करोड़ 'कट्टर हिंदू' चाहते हैं और ऐसा हो गया तो हजार सालों तक कोई सनातन की ओर अंगुली नहीं उठा सकता है। धीरेंद्र शास्त्री ने मंगलवार रात मध्य प्रदेश के निवाड़ी में अपने साथ चल रहे लोगों को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। मध्य प्रदेश के छत्तरपुर जिले से प्रारंभ हुई बागेश्वरधाम के संत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की 'हिंदू सनातन पदयात्रा' छठवें दिन निवाड़ी जिले के घुघसी ग्राम पहुंची। यहां रात्रि विश्राम से पहले शास्त्री ने मंच से संबोधित किया। उन्होंने कहा, 'एक करोड़ कट्टर हिंदू बना लेंगे तो हजार वर्ष तक सनातन धर्म को कोई उंगली नहीं दिखा सकता, इतनी सी बात है समझ जाए तो ठीक है, नहीं तो तुम्हारी बहन बेटी को लव जिहाद से बचा नहीं सकता है, चाहे अधिकारी हो, नेता हो, अभिनेता हो, खास हो या आम हो। लव जिहाद, लैंड जिहाद से तुम अपनी पीढ़ी को बचा नहीं सकते।' बाबा बागेश्वर ने कहा, 'हिंदुओं को मंजिल तब प्राप्त होगी जब नारी नारायणी बन जाएगी, हिंदुओं को मंजिल तब प्राप्त होगी जब मंदिर में बनी हुई जितनी मस्जिदे है वहा फिर से मंदिर बन जाएंगे। हिंदुओं को मंजलि तब प्राप्त होगी जब गीता और रामायण की बातें बच्चे से लेकर वृद्ध बोलने लग जाएंगे। जब राम पर अंगुली उठाने वाले की अंगुली उसे मुंह में कर दी जाए, हिंदुओं को मंजिल तब मिलेगी कहीं से भी बहन बेटी गुजर जाएं तो धर्म विरोधी, लव जिहाद वाले टेढ़ी निगाह से ना देखें। हिंदुओं को मंजिल तब मिलेगी जब हिंदू हिन्दुस्तान में हिंदू राष्ट्र का झंडा फहरा देंगे।' हिंदुओं से जागने की अपील करते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि जो होना है जल्दी हो जाए। उन्होंने कहा, 'हिंदू जग जाए तो बढ़िया हैं ना जगे तो और बढ़िया हैं, जल्दी से इस्लामिक राष्ट्र बन जाए। हम तो आरपार के मूड में निकले हैं, गजवा ए हिंद हो जाए या भगवा ए हिंद हो जाए। कौन हिंदू मुसलमान करता रहे, यह होना चाहिए वह होना चाहिए, जो होना है जल्दी हो जाए।' recent visitors 154

गृहमंत्री शर्मा ने वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष को मिली धमकी को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

रायपुर छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज को जान से मारने की धमकियां मिलने के बाद अब उनकी सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा ने आज डॉ. सलीम राज को मिल रही धमकियों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज को धमकी मिली है, क्योकि उन्होने स्वच्छता और शुद्धता बनाए रखने के लिए ऐसे मदरसों में जहां धार्मिक की जगह राजनीतिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं, उन्हें रोकने का प्रयास किया था। गृहमंत्री शर्मा ने कहा की उनकी सुरक्षा और बढ़ाई जाएगी। स्पष्टता के साथ वह काम करें, सरकार उनके साथ है। जानें पूरा मामला बता दें कि वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने हाल ही में मस्जिदों के मुतवल्लियों को निर्देश जारी किया था. निर्देश के मुताबिक मस्जिदों में होने वाली तकरीर की जानकारी मुतवल्ली अब वक्फ बोर्ड को देंगे. वक्फ बोर्ड का फरमान जारी होने के बाद सलीम राज को जान से मारने की धमकी का मामला सामने आया है. उन्होंने कहा कि छह इंच छोटा और सिर कलम करने की भी धमकी मिली है. वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने कहा, “मैं मस्जिदों को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने दूंगा और धमकी से डरने वाला भी नहीं हूं. मैंने जो नियम बनाया है वह देशहित के लिए और सर्वहित के लिए है. इस नियम में साफ है कि तकरीर के दौरान राजनीतिक भाषण न हो, जिससे सामाजिक सौहार्द और वातावरण बना रहे. हमारे निर्णय के बाद 154 मुतवल्ली ने टॉपिक भेजा था जिसे हमने अप्रूव कर दिया है. जो वक्फ बोर्ड का अवगत नहीं कराएंगे उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे.” recent visitors 53