Thursday, July 9, 2026 10:43 pm

उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये सब्जेक्टिव प्रेजेंटेशन – राज्य के मण्डप में स्वर्ण पदक से पुरस्कृत

भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-2024 उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये सब्जेक्टिव प्रेजेंटेशन – राज्य के मण्डप में स्वर्ण पदक से पुरस्कृत भोपाल नई दिल्ली में आयोजित भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-2024 में भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन नई दिल्ली द्वारा मध्यप्रदेश राज्य मण्डप को सब्जेक्टिव प्रेजेंटेशन में स्वर्ण पदक से पुरस्कृत किया गया। यह पुरस्कार अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक इण्डिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन प्रदीप सिंह खरोला ने प्रदान किया। मध्यप्रदेश की ओर से पुरस्कार पेवेलियन डायरेक्टर बी.एन. तिवारी ने प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला नई दिल्ली में 19 नवम्बर को मध्यप्रदेश मण्डप का उद्घाटन किया था। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप, केन्द्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास श्रीमती सावित्री ठाकुर और नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री सुप्रतिमा बागरी भी उपस्थित थीं। सांस्कृतिक कार्यक्रम में मध्यप्रदेश दिवस समारोह में जबलपुर से जानकी बैण्ड एवं सागर के अखाड़ा लोक-नृत्य की प्रस्तुति की गयी थी। मेले में निर्मित मध्यप्रदेश मण्डप में थीम के अनुरूप प्राचीन सांस्कृतिक एवं कलात्मक धरोहर के साथ तेजी से बढ़ते एवं विकसित होते हुए मध्यप्रदेश के रूपरूप को प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा के अनुसार विकास के 4 मिशन युवा शक्ति, नारी शक्ति, गरीब कल्याण और किसान कल्याण को होलोग्रॉफिक इमेज के माध्यम से दर्शाया गया। मध्यप्रदेश मण्डप में 11 शासकीय विभागों, निगम मण्डलों, 14 स्वास्थ्य संस्था समूह, 23 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम इकाइयों और 3 स्टार्ट-अप द्वारा भाग लिया गया। मध्यप्रदेश मण्डप में डिण्डोरी के गोंड ऑर्ट, छतरपुर के टेराकोटा एवं बैतूल के बेलमेटल शिल्प का सजीव प्रदर्शन किया गया। दर्शकों द्वारा इसमें काफी रुचि ली गयी। इस वर्ष भी मध्यप्रदेश मण्डप लोगों के आकर्षण का केन्द्र बना रहा। मण्डप में मध्यप्रदेश के पर्यटन का भी आनंद मिला। प्रदेश के जी.आई. उत्पादों को मण्डप की गैलरी में आकर्षक रूप से प्रदर्शित किया गया, जिनमें से कई उत्पादों के विक्रय स्टॉल भी मण्डप में लगाये गये थे। दर्शकों ने रतलाम के नमकीन, मुरैना की गजक, बाग प्रिंट, उज्जैन के बटिक प्रिंट के वस्त्र, चंदेरी-महेश्वर की साड़ियाँ की खूब बिक्री हुई। भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला भारत मण्डपम कॉम्पलेक्स नई दिल्ली में 14 से 27 नवम्बर के मध्य भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) द्वारा आयोजित किया गया। इस वर्ष मेले का यह 43वाँ संस्करण था। मेले में विभिन्न राज्य, केन्द्र शासित प्रदेश, भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के अलावा विभिन्न राष्ट्रों द्वारा भाग लिया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प एवं भारत के अतीत की विरासत के अनुरूप मेले की थीम “विकसित भारत@2047’’ थी। यह मेला आम नागरिकों के लाभ के लिये राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा कल्याणकारी योजनाओं, नीतियों और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने तथा व्यापार, उद्योग एवं सेवाओं को बढ़ावा देने का एक मंच है। इससे स्वदेशी वस्तुओं के निर्यात, अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलता है।   recent visitors 38

लाड़ली बहना योजना पर वर्षभर में लगभग 18 हजार करोड़ रुपये व्यय हो रहे हैं, 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है बजट

भोपाल मध्य प्रदेश का वित्त वर्ष 2025-26 का बजट चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग को लगभग 27 हजार करोड़ रुपये मिलेंगे। इससे लाड़ली बहना योजना और 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने जैसी योजना के लिए प्रविधान रहेगा। लाड़ली बहना योजना पर वर्षभर में लगभग 18 हजार करोड़ रुपये व्यय हो रहे हैं। इसी तरह सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए दिए जाने वाले अनुदान के लिए विभिन्न विभागों के बजट में 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रविधान रखा जाएगा। अधोसंरचना विकास के कार्यों को गति देने की प्राथमिकता को पूरा करने के लिए पूंजीगत व्यय 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक किया जाएगा। वित्त विभाग की संचालक (बजट) तन्वी सुन्द्रियाल ने सभी विभागों को बजट की अंतरिम सीमा दी है ताकि वे इसके अनुसार प्रस्ताव तैयार कर सकें। बता दें, वर्ष 2024-25 का बजट तीन लाख 65 हजार करोड़ रुपये से अधिक का है। 10 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट 16 दिसंबर से प्रारंभ होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत होगा, जो 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2025-26 के बजट की तैयारी भी विभागों ने प्रारंभ की दी है। वित्त विभाग ने सभी विभागों को प्रस्ताव तैयार करने के लिए उन्हें दी जाने वाली अनुमानित राशि भी बता दी है ताकि वे प्रस्ताव उसके अनुरूप ही तैयार करें। सभी योजनाओं की समीक्षा इस बार शून्य बजट की प्रक्रिया अपनाई गई है यानी एक-एक योजना की समीक्षा कराई जा रही है। इसमें उनकी उपयोगिता के बारे में पूछने के साथ अब तक की उपलब्धियों का ब्योरा भी मांगा जा रहा है। प्रस्तावों पर विचार करने के लिए उप सचिव स्तर के अधिकारियों की बैठकें चल रही हैं। इसके बाद सचिव और फिर मंत्री स्तरीय बैठकें करके प्रस्तावों को अंतिम देने के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। ग्रामीण विकास पर 19,203 और नगरीय विकास पर 17,236 करोड़ होंगे व्यय सूत्रों का कहना है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 19 हजार 203 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। इसमें प्रधानमंत्री आवास से लेकर अन्य योजनाओं के लिए प्रविधान किया जाएगा। नगरीय विकास पर 17 हजार 236 करोड़, घर-घर पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 11 हजार 383 करोड़, स्कूल शिक्षा के लिए 39 हजार 109, लोक निर्माण के लिए 11 हजार 58, स्वास्थ्य के लिए 16 हजार 767, कृषि विकास के लिए 19 हजार 883, गृह के लिए 13 हजार 560, जनजातीय विकास के लिए 14 हजार 769 करोड़ रुपये की अंतरिम बजट सीमा दी गई है। इसमें पूंजीगत के साथ-साथ राजस्व व्यय भी शामिल हैं। इसी राशि में कर्मचारियों के वेतन-भत्ते के साथ पेंशनरों को किए जाने वाले भुगतान की राशि भी रहेगी। 64 प्रतिशत के हिसाब से रखा जाएगा महंगाई भत्ता प्रदेश के कर्मचारियों को भले ही अभी 50 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है पर आगामी वित्तीय वर्ष में यह बढ़कर 64 प्रतिशत हो जाएगा। इसके हिसाब से सभी विभागों को स्थापना व्यय में प्रविधान करके रखना होगा। इसी तरह संविदा कर्मचारियों के पारिश्रमिक में चार प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के हिसाब से प्रविधान रहेगा। recent visitors 31

राज्य में अब तक विभिन्न विभागों में 8900 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू

   रायपुर  छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न विभागों में युवाओं की भर्ती का सिलसिला वृहद पैमाने पर शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर अब तक लगभग 19 विभागों में 8971 पदों की भर्ती के लिए वित्त विभाग ने अपनी मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री श्री साय की मंशानुरूप विभागों में भर्ती की प्रक्रिया अनवरत रूप से जारी रहेगी।       मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर वित्त विभाग ने आज नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में 96 पद, विद्युत निरीक्षक कार्यालय में 27 और न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) में वैज्ञानिक अधिकारी के 28 रिक्त पदों पर भर्ती को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस तरह तीनों विभागों में कुल 151 विभिन्न पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है।     नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में कुल 96 रिक्त पदों के तहत प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) और प्रबंधक (जनसंपर्क) के 1-1 पदों पर एवं सहायक अभियंता (सिविल/लो.स्वा.या) के 8, सहायक अभियंता (विद्युत), सहायक अभियंता (यांत्रिकी) तथा सहायक अभियंता (आईटी/कम्प्यूटर साइंस) के 1-1 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके अलावा सहायक योजनाकार/वास्तुकार के कुल 4, सहायक प्रोग्रामर के 3, सहायक प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) के 2, उप अभियंता (सिविल/लो.स्वा.या) के 21, उप अभियंता (यांत्रिकी) और उप अभियंता (आईटी/कम्प्यूटर साइंस) के 1-1 शीघ्रलेखक (हिन्दी/अंग्रेजी) के 13, लेखापाल के 3, सहायक मानचित्रकार के 4, अनुरेखक के 4 और सहायक ग्रेड-03 के 26 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई है।       इसी तरह मुख्य विद्युत निरीक्षक कार्यालय में कुल 27 पदों पर भर्ती को वित्त से स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसमें उपअभियंता के 13, सहायक ग्रेड-3 के 6, विद्युतकार के 5 और जांच अनुचर के 3 पद शामिल हैं। इसी तरह राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) में वैज्ञानिक अधिकारी के 28 रिक्त पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है।      मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार वित्त विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, गृह विभाग, विधि विभाग, आदिम जाति कल्याण, वन एवं पर्यावरण विभाग, उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण, एनआरडीए, विद्युत विभाग अपने-अपने विभागों में भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने में लगे हैं। नई भर्ती से विभागों की दक्षता में वृद्धि के साथ विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं को नई दिशा एवं गति मिलेगी और छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय लगातार छत्तीसगढ़ में युवाओं को शिक्षा एवं रोजगार में नए अवसर प्रदान करने के लिए कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर पुलिस विभाग सहित अन्य शासकीय भर्तियों में युवाओं के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट का लाभ भी युवाओं को मिल रहा है। recent visitors 33

भारत में 5G का तेजी से विस्तार, 2030 के अंत तक 5G सदस्यता का अनुमान लगभग 970 मिलियन तक पहुँचने का है

नई दिल्ली एरिक्सन मोबिलिटी रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 5G (पाँचवीं पीढ़ी) मोबाइल सेवाओं का विस्तार बहुत तेज़ी से हो रहा है। 2030 के अंत तक 5G सदस्यता का अनुमान लगभग 970 मिलियन तक पहुँचने का है, जो देश में कुल मोबाइल सदस्यताओं का 74 प्रतिशत होगा। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 2024 के अंत तक भारत में 5G सदस्यताओं की संख्या 270 मिलियन से अधिक हो जाएगी, जो कुल मोबाइल सदस्यताओं का लगभग 23 प्रतिशत होगा। इस बीच, 4G अभी भी सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली तकनीक है, जो अब भी कुल मोबाइल सदस्यताओं का 54 प्रतिशत है। हालांकि, 5G के बढ़ते उपयोग के कारण 4G सदस्यताओं में गिरावट आने की संभावना है, जो 2024 में 640 मिलियन से घटकर 2030 तक 240 मिलियन हो सकती है। भारत में 5G सेवाओं को बड़े पैमाने पर लागू किया गया है, और उम्मीद है कि 2024 के अंत तक देश की लगभग 95 प्रतिशत आबादी 5G नेटवर्क की पहुँच में आ जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अक्टूबर 2022 को इंडिया मोबाइल कांग्रेस में 5G सेवाओं की शुरुआत की थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जनरेटिव AI (GenAI) ऐप्स का इस्तेमाल करने वाले स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं की संख्या अगले पाँच सालों में काफी बढ़ने की संभावना है। स्मार्टफोन उपयोगकर्ता वीडियो कॉलिंग, स्ट्रीमिंग और ऑनलाइन भुगतान जैसे सेवाओं के लिए बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रखते हैं और इसके लिए वे प्रीमियम शुल्क भी चुकाने को तैयार हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले पाँच वर्षों में लगभग 67 प्रतिशत 5G स्मार्टफोन उपयोगकर्ता नियमित रूप से GenAI ऐप का उपयोग करेंगे। इसके अलावा, भारत में 5G नेटवर्क का तेजी से विस्तार स्टेडियम, हवाई अड्डों और सार्वजनिक परिवहन केंद्रों जैसे प्रमुख स्थानों पर उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाने में मदद करेगा। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 5G उपयोगकर्ता इवेंट स्थलों पर सुनिश्चित कनेक्टिविटी के लिए अपने मासिक मोबाइल खर्च में 20 प्रतिशत तक वृद्धि करने के लिए तैयार हैं। स्मार्टफोन खरीदने वाले भारतीय उपयोगकर्ता अब AI फीचर्स को सबसे बड़ी प्राथमिकता दे रहे हैं, जो कैमरा क्वालिटी, स्क्रीन साइज़ और स्टोरेज जैसे पारंपरिक फीचर्स से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं। AI तकनीक का तेजी से उपयोग बढ़ने के कारण स्मार्टफोन और नेटवर्क दोनों से बेहतर प्रदर्शन की माँग भी बढ़ रही है। इस रिपोर्ट से यह साफ़ होता है कि भारत में 5G नेटवर्क की तैनाती से डिजिटल दुनिया में बदलाव आएगा और यह विभिन्न क्षेत्रों जैसे खनन, टेलीमेडिसिन, वेयरहाउसिंग और विनिर्माण में नई संभावनाएँ पैदा करेगा। recent visitors 59

नए साल से बदले जाएंगे 124 ट्रेनों के नंबर, रेलवे ने जारी की सूची

बिलासपुर एक जनवरी से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की 124 ट्रेनों का नंबर बदल जाएगा। जिनमें 24 ट्रेनें बिलासपुर से छूटने व गुजरने वाली ट्रेनें शामिल हैं। कोरोनाकाल से यह ट्रेनें स्पेशल बनकर चल रहीं थी। इस वजह से नंबर भी बदल दिया गया था। लेकिन, अब स्थिति सामान्य हो गई है। इसलिए रेलवे ने इन ट्रेनों को पुराने नंबर से चलाने का निर्णय लिया है। रेलवे ने यात्रियों के सुविधाओं का ध्यान रखते हुए एक महीने पहले से ही उन 124 ट्रेनों की सूची जारी कर दी है। बिलासपुर से छूटने व गुजरने वाली ट्रेनें ट्रेन इस नंबर से चलेंगी     08210 बिलासपुर-गेवरारोड पैसेंजर स्पेशल     58210 – 08261 बिलासपुर-रायपुर पैसेंजर स्पेशल     58201 – 08262 रायपुर- बिलासपुर पैसेंजर स्पेशल     58202 – 08263 टिटलागढ़ -बिलासपुर पैसेंजर स्पेशल     58213 – 08264 बिलासपुर-टिटलागढ़ पैसेंजर स्पेशल     58214 -08719 बिलासपुर-रायपुर मेमू स्पेशल     68719 – 08721 रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू स्पेशल     68721 – 08727 बिलासपुर-रायपुर मेमू स्पेशल     68727 – 08731 कोरबा-बिलासपुर मेमू स्पेशल     68731 – 08732 बिलासपुर-कोरबा मेमू स्पेशल     68732 – 08733 गेवरारोड -बिलासपुर मेमू स्पेशल     68733 – 08734 बिलासपुर-गेवरारोड मेमू स्पेशल     68734 – 08735 रायगढ़-बिलासपुर मेमू स्पेशल     68735 – 08736 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू स्पेशल     68736 – 08737 रायगढ़- बिलासपुर मेमू स्पेशल     68737 – 08738 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू स्पेशल     68738- 08739 शहडोल-बिलासपुर मेमू स्पेशल     68739 – 08740 बिलासपुर- शहडोल मेमू स्पेशल     68740 – 08745 गेवरारोड -रायपुर मेमू स्पेशल     68745 – 08746 रायपुर-गेवरारोड मेमू स्पेशल     68746- 08747 बिलासपुर-कटनी मेमू स्पेशल     68747 – 08748 कटनी-बिलासपुर मेमू स्पेशल     68748 – 08861 गोंदिया -झारसुगुडा मेमू स्पेशल     68861 – 08862 झारसुगुडा-गोंदिया मेमू स्पेशल – 68862 recent visitors 89

पाकिस्तान में करीबी रिश्तेदारों में शादी की परंपरा बन रही बच्चों में जेनेटिक्स बीमारी की मुख्य वजह

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में कजिन मैरिज (चचेरे, ममेरे भाई-बहनों के बीच होने वाली शादियों) के बढ़ने से कई तरह की बीमारियां पैदा हो रही हैं। एक्सपर्ट ने इस पर चिंता जताते हुए कहा है कि कजिन मैरिज बढ़ने से आनुवंशिक विकारों में तेजी आई है। कराची की डोव यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस (DUHS) में जीनोमिक डिसऑर्डर एंड रिसेसिव डिसऑर्डर पर बात करते हुए विशेषज्ञों ने पाकिस्तान में कजिन मैरिज की बढ़ती दर पर फिक्र का इजहार किया है। जियो टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टर स्टाइलियानोस एंटोनाराकिस ने बताया कि आनुवंशिक परिवर्तनशीलता (जेनेटिक वेरिएबिलिटी) विकास को बढ़ा सकती है लेकिन इसका एक बड़ा खतरा ये है कि ये आनुवंशिक विकारों (जेनेटिक डिसॉर्डर) का बोझ भी डालती है। यह बोझ विशेष रूप से उन आबादियों में ज्यादा होता है, जहां कजिन मैरिज की दर अधिक है। पाकिस्तान में बढ़ता जा रहा कजिन मैरिज का चलन पाकिस्तान में कुल होने वाली शादियों में से करीब 65 प्रतिशत कजिन मैरिज होती हैं। देश के कुछ समुदायों में कजिन मैरिज की दर 85 फीसदी तक है। DUHS के वाइस चांसलर प्रोफेसर सईद कुरैशी ने कहा कि सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक कारणों से कजिन मैरिज का चलन बढ़ा है। उन्होंने कहा, 'हालांकि इसके कुछ जैविक लाभ हैं लेकिन ये बच्चों में रिसेसिव और डोमिनेंट जेनेटिक विकारों का जोखिम काफी बढ़ा देता है।' जिनेवा विश्वविद्यालय के डॉक्टर स्टाइलियानोस एंटोनाराकिस ने बताया कि 2,980 जीन रिसेसिव बीमारियों से जुड़े हैं। आगा खान विश्वविद्यालय की अम्बरीन फातिमा ने भी पाकिस्तान में चचेरे भाई-बहनों के बीच विवाह की बढ़ती दर और इसके परिणामस्वरूप होने वाले आनुवंशिक विकारों के बारे में चिंता जताई। एक्सपर्ट ने एक मत से कहा कि सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। हेल्थ सेक्टर में काम किए जाने की जरूरत प्रोफेसर सईद ने कहा कि जिन परिवारों में आपस में शादियां होती हैं। वहां थैलेसीमिया, माइक्रोसेफली जैसी आनुवंशिक बीमारियां आम हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में कजिन मैरिज की दर को देखते हुए स्वास्थ्य सेवा हस्तक्षेप की जरूरत है। प्रोफेसर अताउर्रहमान ने आनुवंशिक बीमारियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक विकास के महत्व पर जोर दिया। थैलेसीमिया एक रक्त विकार है जो लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को प्रभावित करता है। माइक्रोसेफली एक ऐसी स्थिति है जिसमें बच्चे का सिर असामान्य रूप से छोटा होता है। रिसेसिव जेनेटिक डिसऑर्डर तब होते हैं जब बच्चे को माता-पिता दोनों से जीन का एक दोषपूर्ण संस्करण विरासत में मिलता है। डोमिनेंट जेनेटिक डिसऑर्डर भी बच्चे को विरासत में मां-पिता से ही मिलता है। recent visitors 43

स्वयं का ट्रांसफार्मर योजना के वर्क ऑर्डर जारी करने का कार्य प्रबंधक ओएंडएम द्वारा किया जाएगा

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा निर्णय लिया गया है कि स्वयं का ट्रांसफार्मर योजना (ओवायटी) के वर्क ऑर्डर जारी करने का कार्य प्रबंधक ओएंडएम द्वारा किया जाएगा। गौरतलब है कि पूर्व में यह कार्य उप महाप्रबंधक (एसटीसी) द्वारा निष्पादित किया जाता था। नये निर्देशों के तहत ओवायटी के कार्य का सुपरविजन के कार्यादेश प्रबंधक ओएंडएम द्वारा जारी किया जाएगा और सहायक प्रबंधक/प्रबंधक की अनुशंसा पर उप महाप्रबंधक ओएंडएम द्वारा कार्यपूर्णतः प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इसके आधार पर कंपनी के नियमानुसार ट्रांसफार्मर की चार्जिंग की जाएगी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि सामग्री और कार्य की गुणवत्ता तथा उपभोक्ताओं को ओवायटी कनेक्शन त्वरित गति से मिलने की सहूलियत की दृष्टि से यह व्यवस्था लागू की गई है। इस नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं के ओवायटी योजना में ट्रांसफार्मर स्थापना के कार्य त्वरित गति से होंगे। ओवायटी योजना में ट्रांसफार्मर लगाने के लिए कंपनी की ऑनलाइन व्यवस्था में आवेदक से प्राप्त आवेदन पर ‘‘अ‘‘ श्रेणी के ठेकेदारों द्वारा कार्य कराया जाता है।   recent visitors 70