प्रधानमंत्री के प्रोजेक्ट आयुष्मान योजना को लेकर 100 कर्मचारियों पर लापरवाही पर हुई कार्रवाई

शिवपुरी मध्य प्रदेश के शिवपुरी में कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी ने सौ कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई की है. दरअसल प्रधानमंत्री के प्रोजेक्ट के तहत बनने वाले आयुष्मान कार्ड और अन्य योजनाओं को लेकर इन कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरती जा रही थी. केंद्र सरकार की योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए आयुष्मान कार्ड बनने का अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान को शिवपुरी जिले में कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरतते हुए पलीता लगाया जा रहा था. जब कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी ने बैठक ली तो समीक्षा बैठक में लापरवाही सामने आई. इसके बाद उन्होंने 100 कर्मचारियों को सस्पेंड करने के निर्देश दे दिए. इन कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है. यह स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने पर और भी कार्रवाई हो सकती है. जिन कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है, उन पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी योजना का लाभ गरीबों तक पहुंचाने काफी देर की है. इस कार्रवाई से पूरे शिवपुरी जिले में हड़कंप मच गया है. इन नौ कर्मचारियों को किया गया निलंबित शिवपुरी जिले के जिन नौ कर्मचारियों को लापरवाही बरतने के मामले में सस्पेंड किया गया है, उनमें चार सुपरवाइजर, चार एमपीडब्ल्यू और विकासखंड के अन्य कर्मचारी शामिल हैं. उनके नाम ओम प्रकाश जाटव, संजय गुप्ता, प्रकाश चंद्र राजपूत, मुकेश शर्मा, खेमराज, वीरेन्द्र गुप्ता, वीके शर्मा, सुखदेव पांडे है. इसके अलावा 91 कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है. recent visitors 50

कांग्रेस संगठन पदाधिकारियों के काम में निष्क्रिय रहने वाले की छुट्टी कर देगा

भोपाल लंबी ऊहापोह के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति का गठन हो चुका है। सभी पदाधिकारियों को दायित्व भी मिल गया है। अब कांग्रेस पार्टी की प्रदेश इकाई ने तय किया है कि इन सबके कामों का त्रैमासिक मूल्यांकन किया जाएगा। सभी पदाधिकारियों को प्रतिमाह अपने कामकाज का ब्यौरा प्रदेश कांग्रेस को देना होगा। इसमें दौरे, बैठकों और कार्यक्रमों की जानकारी रहेगी। वहीं, जिला और ब्लॉक इकाइयों से भी प्रदेश पदाधिकारियों की गतिविधियों का फीडबैक लिया जाएगा। इसके आधार पर मूल्यांकन होगा। जो भी कसौटी पर खरा नहीं उतरेगा, उसकी छुट्टी करने का इरादा है। विरोध के बाद साधा संतुलन यहां पर यह बता दें कि कांग्रेस ने पहले छोटी कार्यसमिति बनाने का निर्णय लिया था। इसके हिसाब से 17 उपाध्यक्ष और 71 महासचिव बनाए गए। विरोध के स्वर उभरे तो 84 सचिव और 36 संयुक्त सचिव नियुक्त करके संतुलन साधने का प्रयास किया गया। महासचिवों को जिले का प्रभारी बनाया गया है और उनका सहयोग करने के लिए सचिव और सह सचिवों को सह प्रभारी बनाया है। जिलों का करना होगा दौरा इन्हें निर्देश दिए गए हैं कि सबको माह में कम से कम एक बार प्रभार के जिले का दौरा करना होगा। जिला और ब्लॉक कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ बैठक करके संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करनी होगी। कांग्रेस द्वारा दिए जाने वाले कार्यक्रमों का नेतृत्व करने के साथ उसकी रिपोर्ट भी प्रदेश मुख्यालय को देनी होगी। इसके आधार पर कामकाज का त्रैमासिक मूल्यांकन होगा। संगठन के कामों में रुचि न दिखाने वाले निष्क्रिय पदाधिकारियों की छुट्टी कर दी जाएगी। इनके स्थान पर युवा नेताओं को मौका दिया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि सभी के कामकाज का मूल्यांकन करेंगे। सबका मकसद संगठन को मजबूत बनाना है। इसके लिए यह व्यवस्था बनाई गई है। जिलों में होंगे प्रशिक्षण पार्टी ने यह भी तय किया है कि संगठन को हर स्तर पर सक्रिय किया जाएगा। जिलों में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसमें बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया जाएगा। प्रशिक्षण विभाग द्वारा पार्टी की रीति-नीति और कार्यक्रम बताए जाएंगे। इसके साथ ही भाजपा सरकार की वादाखिलाफी को मुद्दा बनाकर प्रदर्शन भी किए जाएंगे। recent visitors 61

स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किये निर्देश, अद्धवार्षिक मूल्यांकन 16 से 21 दिसम्बर की अवधि में किया जायेगा

भोपाल प्रदेश की शासकीय एवं अशासकीय शालाओं में शैक्षणिक सत्र 2024-25 में इस वर्ष 16 दिसम्बर से अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन किया जायेगा। इसके लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किये हैं। यह अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन कक्षा 3 से 8 की सभी शासकीय शालाओं, अशासकीय शालाओं के साथ मदरसों में भी होगा। अद्धवार्षिक मूल्यांकन 16 से 21 दिसम्बर की अवधि में किया जायेगा। अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन 30 नवम्बर 2024 तक पढ़ाये गये पाठ्यक्रम के अनुसार किया जायेगा। मूल्यांकन के लिये प्रश्न पत्र राज्य शिक्षा केन्द्र तैयार कर रहा है। कक्षा 5 और 8 के विषयवार प्राप्त अंकों की प्रविष्टि परीक्षा पोर्टल पर की जायेगी। अधिभार की गणना शाला द्वारा नहीं की जायेगी। यह गणना सॉफ्टवेयर में स्वत: ही हो जायेगी। इस संबंध में विस्तृत निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग के पोर्टल पर अपलोड कर दिये गये हैं। कक्षा 5 और 8 के बच्चों की पंजीकरण की व्यवस्था ऑनलाइन पोर्टल rskmp.in पर की गई है। अतिरिक्त अतिथि शिक्षकों को रिलीव करने संबंधी निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग ने GFMS पोर्टल पर पूर्व से कार्यरत अतिरिक्त अतिथि शिक्षकों को रिलीव करने के संबंध में प्रदेश के समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये हैं। निर्देश में बताया गया है कि शासकीय शालाओं में नवीन भर्ती से शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। इसके साथ ही उच्च पद प्रभार से भी शिक्षक पदस्थ किये गये हैं। इस कारण स्वीकृत पद के विरूद्ध रिक्त पद उपलब्ध न होने पर संबंधित विषय में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को रिलीव किया जाना होगा। इस संदर्भ में एक ही विषय में एक से अधिक अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं तथा रिक्त पद एक ही है, तो अतिथि शिक्षक को रिलीव करने की कार्यवाही की जायेगी। इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग के पोर्टल पर प्रदर्शित किये गये है।   recent visitors 81

बीजेपी के सामने अगली बड़ी चुनौती पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष तय करना , संभावित नामों में शिवराज और देवेंद्र फडणवीस, डॉ सरोज पांडेय का नाम भी

नई दिल्ली  हरियाणा और महाराष्ट्र चुनाव में शानदार जीत के बाद बीजेपी के सामने अगली बड़ी चुनौती पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष तय करना होगा। हालांकि बीजेपी की ओर से नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन को लेकर कवायद तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली मुख्यालय में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर लगातार बैठकों का दौर जारी है। इन बैठकों पर पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ समेत कई दिग्गज नेता नजर रखे हुए हैं। इस बीच कुछ नाम सामने आए हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इन नामों में से ही एक नाम बीजेपी के नए अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल सकता है। ये नाम हैं- शिवराज सिंह चौहान, डॉ सरोज पांडेय और देवेंद्र फडणवीस। सूत्रों ने बताया कि बीजेपी अध्यक्ष का नाम तय करने के लिए पीएम मोदी, अमित शाह और आरएसएस के नेताओं के बीच बैठक के बाद ये तीन नाम सामने आए हैं। शिवराज सिंह चौहान, देवेंद्र फडणवीस और डॉ सरोज पाण्डेय में से ही कोई अध्यक्ष बनाया जाएगा। चर्चा में क्यों हैं ये नाम? राजनीतिक जानकारों का कहना है कि शिवराज सिंह चौहान बीजेपी के दिग्गज नेता हैं। पार्टी के अंदर उनकी अच्छी साख है। ऐसे में वह प्रबल दावेदार हैं। उधर देवेंद्र फडणवीस बीजेपी के युवा चेहरे हैं। महाराष्ट्र जीत के बाद बीजेपी फडणवीस को भी राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपने को लेकर पार्टी मंथन कर रही है। फडणवीस को पीएम मोदी और अमित शाह का भी करीबी माना जाता है। वहीं बीजेपी इस बार चौंकाने वाला फैसला करते हुए बीजेपी की कद्दावर महिला नेता डॉ सरोज पाण्डेय को भी अध्यक्ष पद पर बैठा सकती है। उधर राजनीतिक गलियारों में ऐसी चर्चा भी है कि बीजेपी का नया अध्यक्ष दक्षिण भारत से हो सकता है, क्योंकि इस समय बीजेपी के अहम पदों में से किसी भी पद पर दक्षिण भारत का नेता नहीं है। लोकसभा चुनाव के लिए बढ़ाया गया था नड्डा का कार्यकाल बीजेपी के मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जून तक बढ़ा दिया गया था। उनका कार्यकाल इस साल जनवरी में खत्म हो रहा था। बीजेपी में नए अध्यक्ष के चयन से पहले संगठन का चुनाव जरूरी होता है, जिसमें आमतौर पर 6 महीने का समय लगता है। इसलिए वर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल 6 महीने तक बढ़ा दिया गया था। recent visitors 59

केंद्र ने राज्यों को निर्देश दिए भ्रष्टाचार के मामलों में अभियोजन की स्वीकृति देने में विलंब नहीं होना चाहिए

भोपाल  मध्य प्रदेश में शासकीय सेवकों पर चल रहे भ्रष्टाचार के मामलों में संबंधित विभाग अभियोजन की स्वीकृति को लटकाकर नहीं रख सकेंगे। उन्हें चार माह में अभियोजन स्वीकृति देनी ही होगी। केंद्र सरकार ने इसे लेकर राज्यों को निर्देश दिए हैं कि भ्रष्टाचार के मामलों में अभियोजन की स्वीकृति देने में विलंब नहीं होना चाहिए। कहा गया है कि ऐसे मामलों में चार माह के भीतर आरोपित शासकीय सेवक के विरुद्ध अभियोजन की स्वीकृति दी जाए। इसके आधार पर सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि भ्रष्टाचार के मामले में वैसे तो तीन माह में अभियोजन की स्वीकृति दी जानी चाहिए, पर विशेष परिस्थिति में यह अवधि अधिकतम एक माह बढ़ाई जा सकती है। अभियोजन की स्वीकृति लंबित है भारत सरकार के कार्मिक लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने सभी राज्यों को इस संबंध में पत्र जारी किया है। बता दें, मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार से जुड़े 274 प्रकरण लोकायुक्त और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) में चल रहे हैं। इनमें अधिकतर मामलों में अभियोजन स्वीकृति लंबित है। लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू में 35 कलेक्टर-एसडीएम सहित 27 विभागों के 274 आरोपित विधानसभा में दी गई जानकारी के आधार पर लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू में 35 कलेक्टर-एसडीएम सहित 27 विभागों के 274 शासकीय अधिकारी -कर्मचारी आरोपित बनाए गए हैं। इनमें सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी रमेश थेटे के विरुद्ध 25 प्रकरण दर्ज है। अधिकांश प्रकरणों में रमेश थेटे के साथ तहसीलदार आदित्य शर्मा भी आरोपित बनाए गए हैं। इनके विरुद्ध वर्ष 2013 में ही अलग-अलग दिनांक को विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर वर्ष 2014 और 2015 में अभियोजन स्वीकृति मांगी गई थी। कलेक्टरों और एसडीएम के नाम शामिल अन्य आईएएस अधिकारियों में सेवानिवृत्त आईएएस अजातशत्रु श्रीवास्तव, बृजमोहन शर्मा, कवींद्र कियावत, अरुण कोचर, अखिलेश श्रीवास्तव, शिवपाल सिंह, मनोज माथुर सहित 35 कलेक्टर, एसडीएम के नाम शामिल है। वहीं छिंदवाड़ा जिले में अमरवाड़ा के तत्कालीन एसडीओ (राजस्व) फरतउल्ला खान बालाघाट जिले में बैहर के तत्कालीन एसडीएम प्रवीण फुलगारे और तत्कालीन नगर निगम आयुक्त विवेक सिंह के विरुद्ध प्रकरण दर्ज है। इनके प्रकरणों में लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू ने शासन से अभियोजन स्वीकृति मांगी है, लेकिन अधिकांश प्रकरणों में स्वीकृति नहीं मिली। विभाग और आरोपित सामान्य प्रशासन विभाग- 35 राजस्व – 30 सहकारिता – 8 गृह पुलिस – 2 पीडब्ल्यूडी – 7 पंचायत एवं ग्रामीण विकास – 18 वन – 1 स्वास्थ्य – 10 नगरीय विकास एवं आवास – 36 जन जातीय कार्य (आदिम जाति कल्याण) – 3 वाणिज्यिककर – 5 वित्त – 2 महिला एवं बाल विकास – 3 स्कूल शिक्षा – 2 खाद्य नागरिक आपूर्ति – 2 संसदीय कार्य – 1 जल संसाधन – 7 पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण – 2, श्रम – 1 पीएचई – 1 उद्यानिकी – 1 उच्च शिक्षा – 2 कृषि – 3 होमगार्ड -1 विमानन विभाग – 1 राज्य के अन्य निकाय – 88 विभागवार कुल आरोपित – 274 (नोट – संबंधित प्रकरण और आंकड़े विधानसभा के जुलाई माह के सत्र में दी गई जानकारी के आधार पर है।) recent visitors 33

देश में उत्पादकता में सुधार 2023-24 में दूध उत्पादन बढ़कर 239 मिलियन टन हो गया

नईदिल्ली भारत का दूध उत्पादन 2023-24 में 4 प्रतिशत बढ़कर 239.3 मिलियन टन हो गया है। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने हाल ही में यह जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दूध की प्रति व्यक्ति उपलब्धता भी 2022-23 में 459 ग्राम प्रतिदिन से बढ़कर 2023-24 में 471 ग्राम प्रतिदिन हो गई है। उन्होंने कहा कि भारत के दूध उत्पादन में औसत वृद्धि दुनिया के औसत 2 प्रतिशत के मुकाबले 6 प्रतिशत रही है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय दुग्ध दिवस 2024 के अवसर पर बुनियादी पशुपालन सांख्यिकी 2024 जारी की, जिसे हर साल 26 नवंबर को श्वेत क्रांति के जनक वर्गीज कुरियन के सम्मान में मनाया जाता है, जिनका जन्म इसी दिन हुआ था। दूध उत्पादन बढ़कर लगभग 239 मिलियन टन राष्ट्रीय दुग्ध दिवस मनाने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि उत्पादकता में सुधार के कारण 2023-24 में दूध उत्पादन बढ़कर लगभग 239 मिलियन टन हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, “विदेशी/संकर नस्ल मवेशियों से दूध उत्पादन में 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और पिछले वर्ष की तुलना में 2023-24 में देशी मवेशियों से दूध उत्पादन में 44.76 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।” अंडा उत्पादन में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023-24 में कुल अंडा उत्पादन 3.17 प्रतिशत बढ़कर 142.77 बिलियन हो गया। प्रति व्यक्ति अंडे की उपलब्धता 103 अंडे प्रति वर्ष है। मांस उत्पादन में 4.95 प्रतिशत की वृद्धि इसके अलावा रिपोर्ट में बताया गया कि मांस उत्पादन में 4.95 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और 2023-24 में 10.25 मीट्रिक टन तक पहुंचने का अनुमान है। देश में कुल ऊन उत्पादन 33.69 मिलियन किलोग्राम आंका गया है। डेयरी किसानों को संगठित क्षेत्र में लाने की आवश्यकता केंद्रीय मंत्री ने डेयरी किसानों को संगठित क्षेत्र में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया क्योंकि इससे दूध उत्पादन और उनकी आय बढ़ेगी और बिचौलियों को खत्म किया जा सकेगा। उन्होंने डेयरी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बात की। केन्द्रीय मंत्री ने डेयरी किसानों से अपने पशुओं का टीकाकरण करने को कहा केंद्रीय मंत्री रंजन सिंह ने डेयरी किसानों से अपने पशुओं का टीकाकरण करने को कहा क्योंकि सरकार उन्हें बीमारी से बचाने में मदद करने के लिए मुफ्त टीकाकरण प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि खुरपका और मुंहपका रोग तथा ब्रुसेलोसिस को 2030 तक देश से खत्म कर दिया जाएगा और इससे निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार का पशुधन की नस्ल सुधार पर भी ध्यान केंद्रित केंद्रीय मंत्री ने डेयरी किसानों से सेक्स-सॉर्टेड सीमन और कृत्रिम गर्भाधान को बड़े पैमाने पर अपनाने को भी कहा। रंजन सिंह ने कहा कि सरकार पशुधन की नस्ल सुधार पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। recent visitors 60

किसानों और उनकी जमीन की सुरक्षा के लिए सभी से एकजुट होकर आवाज उठाने का आग्रह किया:चंद्रशेखरनाथ स्वामीजी

बेंगलुरु विश्व वोक्कालिगा महासमस्तन मठ के प्रमुख कुमार चंद्रशेखरनाथ स्वामीजी ने वक्फ संपत्ति विवाद पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा है कि ऐसा कानून लाया जाना चाहिए। जिसमें मुस्लिम समुदाय के पास वोट देने का अधिकार न हो। उन्होंने किसानों और उनकी जमीन की सुरक्षा के लिए सभी से एकजुट होकर आवाज उठाने का आग्रह किया। वक्फ बोर्ड पर सवाल स्वामीजी ने कहा कि वक्फ बोर्ड द्वारा किसी की भी जमीन पर दावा करना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने इसे धर्म के खिलाफ बताते हुए कहा, "किसानों की जमीन छीनना धर्म नहीं है। सभी को यह सुनिश्चित करने के लिए लड़ना चाहिए कि किसानों की जमीन उनके पास ही रहे।" किसानों के समर्थन में अपील बेंगलुरु में भारतीय किसान संघ द्वारा आयोजित एक विरोध सभा में उन्होंने किसानों को अन्नदाता बताते हुए उनकी रक्षा की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा "किसानों की जमीन और संपत्ति सुरक्षित रहनी चाहिए। कोई भी इसे न छीन सके। यह सुनिश्चित करना जरूरी है।" वोटिंग अधिकार पर विवादित बयान स्वामीजी ने सुझाव दिया कि भारत में मुसलमानों को वोट देने का अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा "नेता वोटों के लिए गलत फैसले लेते हैं। अगर मुसलमानों को वोट का अधिकार न हो, तो हर कोई शांति से रह सकता है। पाकिस्तान में भी ऐसा ही किया गया है। जहां गैर-मुसलमानों को वोट देने का अधिकार नहीं है। भारत में भी ऐसा होना चाहिए।" वक्फ संपत्ति पर विवाद कर्नाटक में कुछ किसान और संगठनों ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन को वक्फ संपत्ति के रूप में चिह्नित किया गया है। इस मुद्दे को लेकर किसान समूह, कुछ संगठन और विपक्षी बीजेपी इसका विरोध कर रही है।   recent visitors 49