Thursday, July 9, 2026 10:44 pm

ऊर्जा मंत्रालय ने बिजली नेटवर्क को बढ़ाने के लिए 2031-32 तक 9.12 लाख करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बनाई

नई दिल्ली केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा देश में पावर ट्रांसमिशन इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए 2031-32 तक 9.12 लाख करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बनाई गई है। यह जानकारी केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने राज्यसभा में दी। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “राष्ट्रीय विद्युत योजना (ट्रांसमिशन) के अनुसार, 2022-23 से 2031-32 तक के 10 साल की अवधि में 1.91 लाख किलोमीटर (किमी) ट्रांसमिशन लाइनें और 1274 गीगा वोल्ट एम्पीयर (जीवीए) ट्रांसफॉरमेशन क्षमता (220 केवी और ऊपर के वोल्टेज स्तर पर) जोड़ी जाएगी। इसके अलावा 33.25 गीगावॉट हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट (एचवीडीसी) बाय-पोल लिंक की भी योजना बनाई गई है। इसके अलावा अंतर-क्षेत्रीय ट्रांसमिशन क्षमता को वर्तमान स्तर 119 गीगावॉट से बढ़ाकर 2026-27 तक 143 गीगावॉट और 2031-32 तक 168 गीगावॉट तक बढ़ाने की योजना है। इस प्लान में ट्रांसमिशन के नए टेक्नोलॉजी विकल्पों, क्रॉस-बॉर्डर इंटरकनेक्शन और ट्रांसमिशन में निजी सेक्टर की भागीदारी पर जोर दिया गया है। राष्ट्रीय विद्युत योजना (ट्रांसमिशन) में नेपाल, भूटान, म्यांमार, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों के साथ मौजूदा और योजनाबद्ध इंटरकनेक्शन को भी कवर किया गया है। एक अन्य लिखित उत्तर में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान में देश में कुल 13,997.5 मेगावाट की 28 जलविद्युत परियोजनाएं (एचईपी) और 6,050 मेगावाट की पांच पंप स्टोरेज परियोजनाएं (पीएसपी) निर्माणाधीन हैं। कुल 19,460 मेगावाट की 28 एचईपी और 4,100 मेगावाट की चार पीएसपी की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा एप्रूव किया गया है। उन्होंने कहा कि कुल 8,036 मेगावाट की 11 एचईपी सर्वेक्षण और जांच (एस एंड आई) के अधीन हैं। इसके अलावा बताया कि मौजूदा समय में 29,200 मेगावाट कोयला आधारित क्षमता निर्माणाधीन है, 18,400 मेगावाट क्षमता आवंटित की जा चुकी है और 47,240 मेगावाट संभावित क्षमता विचाराधीन है। मंत्री ने आगे बताया कि 31 अक्टूबर तक कुल 1,27,050 मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता कार्यान्वयन के अधीन है, जबकि 89,690 मेगावाट बोली प्रक्रिया के तहत है।   recent visitors 67

प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय ने किया राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्था का किया निरीक्षण

भोपाल प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने सीहोर स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान, संकल्प वृद्धाश्रम एवं नशा मुक्ति केन्द्र का निरीक्षण किया। प्रमुख सचिव ने पुनर्वास संस्थान द्वारा दिव्यांगजन को दी जा रही सुविधाओं के विषय में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने एपिड योजनान्तर्गत शिविर आयोजित करने तथा कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। श्रीमती वायंगणकर ने नशामुक्ति केन्द्र में भर्ती नशा मरीजों से भी चर्चा की। इस अवसर पर उप संचालक सामाजिक न्याय श्री महेश कुमार यादव सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।   recent visitors 62

वक्फ विधेयक पर लोकसभा में सुनवाई के लिए और समय मांगा था, संयुक्त समिति को रिपोर्ट के लिये बजट सत्र तक मिला समय

नई दिल्ली लोकसभा में गुरुवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पर बनी संयुक्त समिति को रिपोर्ट देने की समयावधि बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया, इसके तहत समिति अब आगामी बजट सत्र तक रिपोर्ट दे सकेगी। समिति के अध्यक्ष जगदम्बिका पाल ने समिति को रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समयावधि बजट सत्र, 2025 के अंतिम दिन तक बढ़ाने का प्रस्ताव सदन में रखा, जिसे सदस्यों ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस पर पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद तेन्नटी ने प्रस्ताव पारित होने की घोषणा कर दी। गौरतलब है कि विपक्षी सदस्यों ने इस विधेयक पर चर्चा करने के लिये और समय देने की लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर मांग की थी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोकसभा सदस्य जगदम्बिका पाल की अध्यक्षता में समिति का गठन संसद के पिछले सत्र के दौरान किया गया था। इससे पहले सरकार ने वक्फ कानून में संशोधन के लिये विधेयक पेश किया था, जिस पर कांग्रेस समेत विपक्ष के कई दलों ने गहरी आपत्ति जतायी थी। इसके बाद सदन ने समीक्षा के लिये विधेयक को संयुक्त समिति के पास भेजने का प्रस्ताव किया था।   recent visitors 75

मंत्री नागर सिंह चौहान ने अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ने विद्यालय का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से संवाद भी किया

भोपाल अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि ज्ञानोदय विद्यालयों से हमें गरीब बच्चों को शिक्षित करने का अवसर मिल रहा है, यह हमारा सौभाग्य है। सभी को शिक्षित बनाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हम यह प्रयास करें कि विद्यार्थियों को पढ़ाई का माहौल मिले। पढ़ाई में कमजोर बच्चों की मार्किंग कर, उनकी कमियों का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के प्रवेश लेते ही बच्चों की नींव मजबूत करने का प्रयास करें, जिससे वे राष्ट्र के सशक्तिकरण के लिये तैयार हो सके। मंत्री श्री चौहान गुरुवार को ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय, कटारा हिल्स भोपाल में शासकीय ज्ञानोदय आवासीय विद्यालयों के संचालन की समीक्षा कर रहे थे। मंत्री श्री चौहान ने विद्यालय का निरीक्षण भी किया। मंत्री श्री चौहान ने निरीक्षण में छात्र-छात्राओं से शैक्षणिक, पाठ्येतर गतिविधियों, मिलने वाली सुविधाओं के बारे में चर्चा भी की। उन्होंने विद्यालय में स्थापित साइंस लैब, सोशल साइंस लैब, म्यूजिक रूम और क्लास रूम का निरीक्षण किया। विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए उपकरणों और प्रदर्शनी की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ दोपहर भोजन भी किया। मंत्री श्री चौहान ने ज्ञानोदय विद्यालयों के परीक्षा परिणाम की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में प्रदेश भर से मेरिट के आधार पर चयनित विद्यार्थी प्रवेश लेते हैं। सभी शिक्षकों की यह जिम्मेदारी है कि बच्चों के शैक्षणिक स्तर में वृद्धि करें। सभी विद्यालयों में परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत होना चाहिए। बोर्ड परीक्षाओं में सभी विद्यार्थी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हो। परीक्षा परिणाम में सुधार नहीं होने पर जिम्मेदार शिक्षकों एवं अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा शासन ने सर्व-सुविधायुक्त ज्ञानोदय आवासीय विद्यालयों की स्थापना की है, इन संस्थानों पर पालकों और विद्यार्थियों का भरोसा बना रहे, इसके लिये हमें टीम भावना से कार्य करना होगा। मंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के सभी ज्ञानोदय आवासीय विद्यालयों में रिक्त पदों की शीघ्र पदपूर्ति कर लें। सभी विद्यालयों में खेलकूद परिसर बनाएं जाएं, जिन संभाग में परिसर बनाने का कार्य भूमि अनुपलब्धता के कारण अप्रारंभ हैं, उन जिलों के कलेक्टर को भूमि आवंटन करने के लिए पत्र लिखें। उन्होंने ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय, रीवा के लिए शीघ्र भूमि आवंटन कार्यवाही कराने के निर्देश दिए। उन्होंने इन विद्यालयों के छात्रावासों के संचालन, रख-रखाव एवं सामग्री प्रदाय, विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं तथा उपलब्ध बजट उपयोग की भी समीक्षा की। प्रमुख सचिव, अनुसूचित जाति कल्याण डॉ. ई. रमेश कुमार ने कहा कि परीक्षा परिणाम बेहतर करने के लिए सभी प्राचार्यों को विद्यार्थियों की ग्रेडिंग करें। ग्रेडिंग के बाद कमजोर बच्चों की हैंड होल्डिंग कर उनकी शिक्षा के स्तर को सुधारा जाए। उन्होंने प्राचार्य विद्यार्थियों की विषयवार मैपिंग करने और बोर्ड परीक्षाओं के लिए मॉडल प्रश्न उत्तर तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय के छात्र-छात्राओं से भी चर्चा की। हाईस्कूल स्तर से विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के बारे में मार्गदर्शन देने और करियर काउंसलिंग करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर आयुक्त श्री संजय वार्ष्णेय, प्राचार्य ज्ञानोदय विद्यालय भोपाल श्री नीरज अब्राहम भी उपस्थित रहे। अनुसूचित जाति वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियो के अध्ययन के लिए हर संभागीय मुख्यालय में ज्ञानोदय आवासीय विद्यालयों की स्थापना की गई है। इन विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल उन्नयन, व्यक्तित्व/नेतृत्व विकास करना है। प्रदेश के सभी 10 संभागीय मुख्यालय में ज्ञानोदय विद्यालय संचालित हैं। recent visitors 122

जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में बढ़ा ठंड का प्रकोप, तापमान शून्य से 2.1 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में गुरुवार को तापमान शून्य से 2.1 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया, जबकि शोपियां और पहलगाम में तापमान क्रमशः शून्य से 5.5 डिग्री सेल्सियस नीचे और शून्य से 5.0 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। ये सबसे ठंडे स्थान रहे। मौसम विज्ञान केंद्र (आईएमडी) के अनुसार श्रीनगर में मौसम की सबसे ठंडी रात रही क्योंकि देर रात तापमान शून्य से 2.1 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया जबकि पिछली रात यह शून्य से 0.6 डिग्री सेल्सियस था, जो राजधानी के लिये औसत से 1.7 डिग्री सेल्सियस कम है। पहलगाम के पर्यटन स्थल में गुरुवार को तापमान शून्य से 5.0 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि पिछली रात तापमान शून्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया,जो सामान्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस कम रहा। दक्षिण कश्मीर स्थित शोपियां शून्य से 5.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा स्थान रहा। अनंतनाग में शून्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस, कोनीबल में शून्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस, पुलवामा में शून्य से 4.8 डिग्री सेल्सियस और कुलगाम में शून्य से 4.0 डिग्री सेल्सियस शामिल हैं। गंदेरबल जिले के सोनमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दक्षिण कश्मीर में कश्मीर के प्रवेशद्वार शहर काजीगुंड में शून्य से 2.4 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले शून्य से 3.0 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस कम रहा। उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में गुलमर्ग के स्की रिसॉर्ट में न्यूनतम तापमान में एक डिग्री का सुधार हुआ और यह पिछली रात के शून्य से 2.6 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले आज शून्य से 2.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.3 डिग्री सेल्सियस अधिक है। कोकरनाग में तापमान शून्य से कम दर्ज किया गया और पिछली रात 0.4 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले 0.2 डिग्री सेल्सियस कम तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.3 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। कुपवाड़ा में एक दिन पहले दर्ज किए गए शून्य से 1.9 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले शून्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस कम तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.3 डिग्री सेल्सियस कम है। केन्द्र शासित प्रदेश में अगले 24 घंटों के दौरान मौसम आमतौर पर शुष्क रहने और 29-30 नवंबर को कश्मीर घाटी के ऊंचे इलाकों हल्की बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का अनुमान है।   recent visitors 63

प्रदेश का तीसरा पूर्णतः स्मार्ट मीटरीकृत शहर बना थांदला

भोपाल मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, स्मार्ट मीटरीकरण का कार्य प्राथमिकता के साथ कर रही है। पश्चिम क्षेत्र कंपनी का थांदला शहर प्रदेश का तीसरा शत प्रतिशत स्मार्ट मीटरीकरण वाला शहर बन गया है। इसके पहले महू और खरगोन शहर इस श्रेणी के हैं। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इंदौर व झाबुआ के विद्युत कार्मिकों को इस उपलब्धि पर बधाई दी है। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की प्रबंध निदेशक सुश्री रजनी सिंह ने बताया कि कंपनी स्तर पर स्मार्ट मीटरीकरण कार्य अत्यंत प्राथमिकता व गुणवत्ता के साथ किया जा रहा है। प्रदेश के तीसरे पूर्ण स्मार्ट मीटरीकृत शहरों में झाबुआ जिले का थांदला शामिल हो गया है। थांदला नगरीय क्षेत्र में कुल 5631 अत्याधुनिक स्मार्ट मीटर लगाए हैं। इन स्मार्ट मीटरों में सिंगल फेज, थ्री फेज के अलावा ट्रांसफार्मर पर लगाए जाने वाले स्मार्ट मीटर भी शामिल हैं। प्रबंध निदेशक सुश्री रजनी सिंह ने बताया कि झाबुआ शहर आगामी एक सप्ताह में शत-प्रतिशत स्मार्ट मीटर वाला हो जाएगा। प्रबंध निदेशक ने बताया कि रतलाम समेत अन्य कई जिला मुख्यालयों पर 50 से 85 प्रतिशत स्मार्ट मीटरीकरण कार्य हो चुका है। सुश्री रजनी सिंह ने बताया कि कंपनी क्षेत्र में अब तक 8.50 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। recent visitors 78

कमला हैरिस का अपने समर्थकों के लिए पहला संदेश-आप किसी को भी अपनी ताकत को छीनने की इजाजत न दें

न्यूयॉर्क उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने अपने समर्थकों से कहा कि उन्हें अपनी ताकत की रक्षा करनी होगी। अपनी हार स्वीकारने वाली स्पीच के बाद यह उनका अपने समर्थकों के लिए पहला संदेश है। हैरिस ने एक वीडियो संदेश में कहा, "मैं आपको बस यह याद दिलाना चाहती हूं कि आप किसी को भी अपनी ताकत को छीनने की इजाजत न दें।" हैरिस ने कहा, "आपके पास वही शक्ति है जो 5 नवंबर से पहले थी, और आपके पास वही उद्देश्य है जो पहले था।।" उन्होंने आगे कहा, "इसलिए कभी भी किसी व्यक्ति या हालात को इस ताकत को आपसे छीनने न दें।" चुनावी हार के बाद से हैरिस ने सार्वजनिक आयोजनों से दूर रही हैं। हार के बाद वह हवाई में छुट्टियां मनाने चली गईं और सोमवार को अपने गृह निवास सैन फ्रांसिस्को लौट आईं। डेमोक्रेटिक पार्टी, ने मंगलवार को एक्स और टिकटॉक पर 29 सेकंड का उनका वीडियो संदेश जारी किया। हालांकि यह नहीं बताया कि यह कब और कहां रिकॉर्ड किया गया। बीडियो में बोलते समय कमला हैरिस बेहद भावुक नजर आ रही थी। वह अपनी बात पर जोर देने के लिए हाथों से इशारे भी कर रही थीं। इससे पहले 6 नवंबर को अपने भाषण में, हार स्वीकार करते हुए, उन्होंने कहा, "मैं ऐसे भविष्य के लिए लड़ाई कभी नहीं छोड़ूंगी जहां अमेरिकी अपने सपनों, महत्वाकांक्षाओं और आकांक्षाओं को पूरा कर सकें।" कमला हैरिस के राजनीतिक भविष्य को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। एक संभावना यह जताई जा रही है कि वह 2026 में कैलिफोर्निया के गवर्नर पद का चुनाव लड़ सकती हैं और गैविन न्यूसम की जगह ले सकती हैं। न्यूसम का दूसरा कार्यकाल 2027 में समाप्त हो रहा है और वह राज्य के कानून के तहत तीसरे कार्यकाल के लिए चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। हालांकि वह इससे उच्च पद पर रह चुकी हैं, लेकिन सबसे अधिक आबादी वाले और सबसे अमीर राज्य के गवर्नर के पास उपराष्ट्रपति की तुलना में वास्तविक रूप से कहीं अधिक शक्तियां होती हैं। न्यूसम खुद 2028 में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ सकते हैं। दूसरी संभावना यह है कि हैरिस राष्ट्रपति पद के लिए फिर से चुनाव लड़ें, हालांकि उनके खिलाफ दो बातें जाती हैं। 2020 में नामांकन के लिए पार्टी प्राइमरी से बाहर हो गई थीं और इस साल, उन्हें बिना किसी प्रतियोगिता के नामांकन मिला, लेकिन वह डोनाल्ड ट्रंप से हार गईं। recent visitors 151