Thursday, July 9, 2026 11:59 pm

भारतीय टेक्नोलॉजी और जर्मन एक्सपर्ट्स के समन्वय से होगा औद्योगिक विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को जर्मनी दौरे पर बवेरिया राज्य के चांसलरी प्रमुख और संघीय एवं यूरोपीय मामलों के साथ मीडिया विभाग के मंत्री डॉ. फ्लोरियन हैरमेन से मुलाकात की। इस मुलाकात में राज्य स्तर पर सहयोग के विभिन्न अवसरों पर चर्चा की गई। चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं डॉ. हैरमेन ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और जर्मनी के बीच मजबूत होते रिश्तों को आगे बढ़ाने की दिशा में राज्य स्तर पर भी साझेदारी बढ़ाने पर रजामंदी दिखाई। दोनों नेताओं ने तकनीकी नवाचार, सुपरकंप्यूटिंग, ऑटोमोटिव सेक्टर, एरोनॉटिक्स और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में संभावित सहयोग के पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जर्मन प्रतिनिधिमंडल के टाइम मैनेजमेंट से बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने कहा, "जो समय को जीतता है, वह दुनिया को जीत सकता है।" उन्होंने जर्मनी की आर्थिक सुदृढ़ता और परिवर्तन को प्रेरणादायक बताते हुए इसे राष्ट्रीय विकास और रणनीतिक प्रगति का एक आदर्श मॉडल निरूपित किया। दोनों पक्षों ने इस मुलाकात को मध्यप्रदेश और बवेरिया के बीच दीर्घकालिक और आपसी लाभकारी संबंधों का शुभारंभ बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और बवेरिया के बीच जलवायु नीति से जुड़े संकटों का समाधान, तकनीकी नवाचारों, उच्च शिक्षा, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और मध्यप्रदेश के नागरिकों के लिए रोज़गार के अवसर सृजित करने की दिशा में मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के मंडीदीप और पीथमपुर में पहले से मौजूद जर्मन निवेशों के सुगम समन्वय के उद्देश्य से मध्यप्रदेश में एक विशेष राज्य सरकारी संपर्क कार्यालय स्थापित करने की योजना पर भी चर्चा की। उम्मीदों से बेहतर रही जर्मनी में हमारी औद्योगिक शुरूआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि जर्मनी और मध्यप्रदेश का आपसी सहयोग औद्योगिक क्रांति के नए द्वार खोलने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जर्मनी की बवेरिया स्टेट के चांसलर डॉ. हैरमेन के साथ विस्तार से बात हुई है। मध्यप्रदेश में जर्मन एक्सपर्ट्स आयेंगे, साथ ही टेक्नोलॉजी भी उपलब्ध करवायेंगे। दोनों देश आपसी समन्वय से मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के नए आयाम स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि जर्मनी का हमारे देश से पुराना संबंध रहा है। दुनिया में यह सभ्यता अलग ढंग से जानी जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं औद्योगिक प्रतिनिधि मंडल का जर्मनी के म्यूनिख पहुंचने पर भारत के कौंसलेट जनरल श्री शत्रुघ्न सिन्हा और भारतीय संघ के अध्यक्ष श्री राणा हरगोविंद सिंह एवं अन्य भारतवंशियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। जर्मन भाषा के लिए खोलेंगे "लैंग्वेंज इंस्टीट्यूट" मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म्यूनिख स्थित बवेरिया स्टेट चांसलरी सरकार राजनैतिक नेतृत्व के साथ संवाद किया। जर्मनी और मध्यप्रदेश सरकार के समन्वय से रोजगार के नए आयाम स्थापित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 8.50 करोड़ की जनसंख्या वाला देश जर्मनी द्वितीय विश्व युद्ध के बाद तकनीकी दक्षता के साथ जिस रूप में दुनिया के सामने उभरा वह आदर्श है। उन्होंने कहा कि जर्मनी में काम के अनेक अवसर तो हैं, परंतु भाषाई चुनौती भी है। इसको दूर करने के लिए हम मध्यप्रदेश में "लैंग्वेंज इंस्टीट्यूट" खोलने की योजना बना रहे हैं, जिससे रोजगार के अवसरों के लिए भाषा चुनौती नहीं बनें और मध्यप्रदेश तथा जर्मनी के अधिकारियों के मध्य समन्वय के साथ भाषाई सहजता से काम हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी पांचवीं वैश्विक अर्थव्यवस्था के रूप में आज दुनिया के सामने है। यह अपने आप में प्रमाण है कि जर्मनी से सीखने के लिए बहुत कुछ है। हिन्दुस्तान के जर्मनी के साथ अतीत से मधुर संबंध है। मैक्समूलर ने हमारे वेदों का संस्कृत भाषा से अनुवाद करके जर्मनी के माध्यम से दुनिया के सामने हमारे प्राचीन ज्ञान को प्रकट किया था। अतीत के संबंध से इनकी अच्छाइयों और टेक्नोलॉजी को सीखते हुए मध्यप्रदेश और बवेरिया स्टेट समन्वयपूर्वक आगे बढ़ेंगे। औद्योगिक विकास के लिए जर्मन टेक्नोलॉजी का सहयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी के टेक्नीकल स्टाफ के माध्यम से इंजीनियरिंग, पॉलेटेक्निक, आईटीआई जैसे टेक्निकल क्षेत्र में हमारे उद्योगपति लाभ ले सकेंगे। खासकर ऑटोमोबाइल क्षेत्र में जर्मन टेक्नोलॉजी उन्नत स्तर की है। हम जानते हैं इसमें कई चुनौतियां भी सामने आयेंगी, एक दूसरे के तकनीकी अनुभवों को साझा करते हुए हम आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि इस विदेशी दौरे के बाद भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जाएगा। इसमें हमने जर्मनी के प्रतिनिधियों और उद्योगपतियों को भी आमंत्रित किया है। दोनों राज्यों में अधिकारियों को एक दूसरे राज्य में भेजने में प्रशासनिक लेवल पर जो कठिनाईयां आती हैं, उनको दूर किया जाएगा। इससे व्यापार और व्यवसाय की राह में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री यादव ने उम्मीद जताई कि इस वार्ता से सहयोगात्मक विकास, तकनीकी उन्नति और आर्थिक समृद्धि की दिशा में अंतर्राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर सहयोग का एक नया अध्याय प्रारंभ होगा।   recent visitors 88

मुख्यमंत्री ने कहा- मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए नए थर्मल पॉवर स्टेशन की स्थापना की जाएगी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए नए थर्मल पॉवर स्टेशन की स्थापना की जाएगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कोल आधारित विद्युत उत्पादन के लिए कोल आवंटन के लिए स्वीकृतिप्रदान की है। इससे 4100 मेगावॉट विद्युत उत्पादन के लिए थर्मल पॉवर स्टेशन की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने सभी विभागों को प्रगति के अवसर दिये हैं। वे जानते हैं कि बिजली के बिनाविकास की कल्पना संभव नहीं है। यह एक बड़ा अवसर है, जिससे हम प्रदेश में ही स्वयं के पॉवर प्लांट लगा सकते हैं। कोल आवंटन करेगा संजीवनी का काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में हम आज भी सरप्लस की स्थिति में हैं, परंतु औद्योगिक विकास के लिए नए उद्योगों की स्थापना के परिणामस्वरूप बिजली की खपत में भी निरंतर वृद्धि होती जा रही है। भविष्य की दृष्टि से भी हमें नए थर्मल पॉवर स्टेशन की आवश्यकता होगी। यह कोल आवंटन उसमें संजीवनी की तरह काम करेगा। हम थर्मल पॉवर के नए स्टेशन की स्थापना के लिए उद्यमियों को प्रेरित करेंगे। मुख्यमंत्री डा. यादव ने कहा कि साथ ही राज्य नवकरणीय ऊर्जा की ओर भी समान रूप से आगे बढ़ रहा है। 25 हजार करोड़ रूपये का प्राप्त होगा निवेश उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश की आगामी लंबी अवधि की विद्युत मांग के आंकलन के आधार पर 27 नवम्बर को भारत सरकार की उच्च स्तरीय अंतर्विभागीय समिति द्वारा प्रदेश के ऊर्जा विभाग के प्रस्तुतिकरण के आधार पर कुल 4100 मेगावॉट के नए थर्मल पॉवर प्लांट लगाने के लिये कोयला आवंटन स्वीकृत किया गया है। इस संबंध में संयंत्र लगाने के लिये प्रदेश के ऊर्जा विभाग द्वारा निविदा जारी की जायेगी। इससे लगभग 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त होगा। साथ ही हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे। प्रदेश उद्योग, घरेलू एवं कृषि सिंचाई के लिये सस्ती और गुणवत्तापूर्ण ऊर्जा प्रदाय करेगा और ऊर्जा उत्पादन में आत्म-निर्भर बना रहेगा।   recent visitors 65

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई जिम्मेदारी के लिए सोनी को दी बधाई

रायपुर. रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से विधायक पद की शपथ लेने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने सुनील सोनी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नव निर्वाचित विधायक सुनील सोनी को आज विधायक पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति के साथ सांसद बृजमोहन अग्रवाल, मंत्रिमंडल के सदस्य एवं विधायकगण मौजूद रहे। recent visitors 81

राज्यपाल ने इन्दौर में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री के साथ ईएजी प्लेनरी देशों की बैठक का किया शुभारम्भ

भोपाल ईएजी (यूरेशियन ग्रुप) देशों की बैठक मनी लॉन्ड्रिंग एवं आतंकवाद की फंडिंग रोकने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। सभी बड़े देशों को एकजुट होकर मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग को रोकने के लिए एकजुट होकर बड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। विश्व में आतंकवाद पर नियंत्रण के लिए सभी ईएजी ग्रुप सदस्यों देशों का एकजुट होना बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। इन्दौर में गुरूवार को 41वीं ईएजी प्लेनरी देशों की बैठक के उद्घाटन सत्र में माननीय राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कही। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि भारत में डिमॉनिटाइजेशन, डिजिटलाइजेशन से पारदर्शी वित्तीय व्यवस्था के लिए विशेष प्रयास हुए। उन्होंने कहा आधुनिक तकनीक के उपयोग से अवैध वित्तीय गतिविधियों को रोकने के लिए और अधिक विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए ईएजी ग्रुप देश को मजबूत कूटनीतिक और सशक्त प्रयास करने की आवश्यकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति के लिए ईएजी ग्रुप देशों के प्रयास प्रभावी परिणामकारक सिद्ध होंगे। कार्यक्रम को केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने संबोधित करते हुए कहा वित्त शोधन और आतंकवाद को वित्त पोषण की रोकथाम के लिए यूरेशियन देशो का ग्रुप महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा भारत सरकार टेरर फंडिंग के खिलाफ पूरी मजबूती के साथ कार्य कर रही है। भारत में काला धन अधिनियम, आर्थिक अपराध को रोकने के लिए विशेष प्रयास  किए गए है और यह लगातार जारी हैं। भारत में साफ और पारदर्शी वित्तीय प्रणाली के लिए जीएसटी, डिजिटल इंडिया के तहत विशेष प्रयास किए गए हैं। यूपीआई डिजिटल लेनदेन को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा हैं। भारत में परिवर्तन निदेशालय लगातार सशक्त हो रहा है। भारत की सभी एजेंसियां द्वारा मिलकर आतंकवाद और उग्रवाद को धन पोषित करने वालों, मनी लांड्रिंग पर प्रभावी और कड़ी कार्रवाई हो रही हैं। भारत के इन प्रयासों को और सशक्त बनने में ईएजी ग्रुप की बैठक महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने सम्बोधित करते हुए कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की नगरी में ईएजी ग्रुप की बैठक गर्व का विषय हैं। उन्होंने कहा मनी लॉन्ड्रिंग सीधे तौर पर किसी देश की अर्थव्यवस्था के लिए खतरा है, लेकिन जब यह आतंकवाद को पोषित करती है, तब विश्व शांति और सद्भाव के समक्ष गंभीर चुनौतियों को जन्म देती है। आतंकवाद को मिलने वाली वित्तीय मदद समस्त विश्व के लिए चिंता का सबब बनी हुई है इससे निपटने के लिए विश्व के बड़े देशों को एकजुट होना होगा। यह आयोजन वैश्विक अखंडता और मानवता के हित की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा नक्सलवाद और ड्रग्स का व्यापार भी मनी लॉन्ड्रिंग से बढ़ रहा हैं। इससे निपटना हमारे लिए बड़ी चुनौती हैं। भारत के प्रयास सार्थक, प्रभावी और प्रशंसनीय ईएजी ग्रुप अध्यक्ष श्री यूरी चिकानचिन ने कहा ईएजी ग्रुपों में भारत के प्रयास सार्थक, प्रभावी और प्रशंसनीय हैं। ग्रुप देशों ने विभिन्न सत्रों में बैठक के दौरान टेरर फंडिंग रोकथाम प्रयासों, मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णयों पर चर्चा की गई हैं। उन्होंने कहा भविष्य की चुनौतियों और उनकी रोकथाम के लिए भी बैठक में चर्चा की गई है। यूरेशियन सहित अफ्रीकी देशों सहित विश्व के अन्य क्षेत्रों में आतंकवाद को फंडिंग एक गंभीर चुनौति है। ईएजी ग्रुप की बैठक में तकनीकी और प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग के संबंध में चर्चा हुई हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत के प्रयास प्रशंसनीय हैं। भारत को ईएजी ग्रुप देशों की बैठक की मेजबानी मिलना गर्व की बात भारत सरकार के वित्त सचिव श्री संजय मल्होत्रा ने आतंकवाद को वित्त पोषण, मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम, पारदर्शी अर्थव्यवस्था के लिए उठाए गए कदमों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा यूरेशियन क्षेत्र में टेरर फंडिंग, मनी लांड्रिंग सहित नई चुनौतियों पर नियंत्रण के लिए ईएजी ग्रुप की महत्वपूर्ण भूमिका हैं। उन्होंने कहा यह हमारे लिए गर्व की बात है कि ईएजी ग्रुप के जो भी देश शामिल है उनमें से कोई भी ग्रे सूची में नहीं है। उन्होंने कहा ग्रुप देशों के बीच बेहतर समन्वय के लिए विशेष प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। भारत को ईएजी ग्रुप देश की बैठक की मेजबानी का अवसर मिला। यह भारत के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा आवश्यकता है कि वर्तमान समय में टेक्नोलॉजी और एआई का उपयोग सुरक्षा के बेहतर उपायों के लिए किया जाए। उन्होंने कहा मनी लांड्रिंग के साथ-साथ फाइनेंशियल फ्रॉड प्रभावित लोगों को असेट्स रिकवरी के लिए भी बेहतर कार्य करने की आवश्यकता है। भारत द्वारा इस क्षेत्र में भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में महापौर इन्दौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने ईएजी अध्यक्ष श्री यूरी चिकानचिन को इंदौर में मौजूद यूरेशियन गार्डन का प्रमाण पत्र भेंट किया। उद्घाटन सत्र का शुभारंभ राज्यपाल श्री पटेल, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। बैठक में केंद्रीय वित्त अतिरिक्त सचिव श्री विवेक अग्रवाल ने कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में ईएजी प्लेनरी देशों के डेलिगेट्स एवं प्रतिनिधि गण उपस्थित थे।   recent visitors 48

रोहित शर्मा ने कहा- भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मौजूदा दौरे में श्रृंखला जीतने की गति को बनाए रखने की कसम खाई

कैनबरा रोहित शर्मा ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलियाई संसद में अपने भाषण में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत संबंधों की सराहना की और मौजूदा दौरे में श्रृंखला जीतने की गति को बनाए रखने की कसम खाई। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने दौरे के मैच से पहले संघीय संसद भवन में एक स्वागत समारोह आयोजित किया, जिसमें भारतीय खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री से मुलाकात की। रोहित ने अपने भाषण में कहा, "भारत और ऑस्ट्रेलिया। हम बहुत पुराने हैं, चाहे वह खेल हो, चाहे वह व्यापार संबंध हों। पिछले कई वर्षों से, हमने दुनिया के इस हिस्से में आकर क्रिकेट खेलने और देश की विभिन्न संस्कृतियों का आनंद लिया है। और जाहिर है, ऑस्ट्रेलिया चुनौतीपूर्ण है… खिलाड़ियों के लिए यहां आकर क्रिकेट खेलना चुनौतीपूर्ण है क्योंकि लोगों में जुनून है, हर खिलाड़ी में प्रतिस्पर्धात्मकता है। यही वजह है कि हमारे लिए यहां आकर क्रिकेट खेलना हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है।" उन्होंने कहा, "हमें पिछले कुछ समय में कुछ सफलता मिली है और पिछले हफ़्ते हम उस गति को बनाए रखना चाहते हैं, हम ऑस्ट्रेलिया की संस्कृति का भी आनंद लेना चाहते हैं। शहरों की विविधता हमें एक अलग एहसास देती है। हमें यहां आना और अपनी यात्रा का आनंद लेना बहुत पसंद है, और उम्मीद है कि अगले कुछ हफ़्तों में हम ऑस्ट्रेलियाई जनता और साथ ही भारतीय प्रशंसकों का मनोरंजन कर पाएंगे, जो यहां आकर हमारी इच्छा को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह कभी आसान नहीं होता।" रोहित ने कहा, "हम कुछ क्रिकेट खेलने और साथ ही देश का आनंद लेने के लिए उत्सुक हैं। यह एक शानदार जगह है, जैसा कि हम सभी जानते हैं। आने वाले महीने में बहुत अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। हम सभी उत्साहित हैं और उम्मीद है कि हम मनोरंजन कर पाएंगे। हमें यहां बुलाने के लिए आपका धन्यवाद सर। यह एक खुशी की बात है।'' भारतीय टीम गुरुवार सुबह पर्थ से कैनबरा पहुंची । वे शनिवार को मनुका ओवल में प्रधानमंत्री एकादश के खिलाफ़ दिन-रात का मैच खेलेंगे। भारत ने पर्थ में बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया पर 295 रनों की शानदार जीत दर्ज की और पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। दूसरा टेस्ट, जो एक डे-नाइट मैच है, 6 से 10 दिसंबर तक एडिलेड में खेला जाएगा। recent visitors 82

किसी भी देश या प्रदेश की आर्थिक, सामाजिक, और सांस्कृतिक विकास की गति किसानों के उत्थान से ही संभव हो सकती है : नारायण सिंह कुशवाह

भोपाल नारायण सिंह कुशवाह देश और प्रदेश की उन्नति सर्वोपरि है। इसके लिए किसानों को आर्थिक दृष्टि से सशक्त करना आवश्यक है, जिससे किसान संपन्न हो सकें और देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभा सकें। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि किसी भी देश या प्रदेश की  आर्थिक, सामाजिक, और सांस्कृतिक विकास की गति किसानों के उत्थान से ही संभव हो सकती है। इसके लिए प्रदेश के विकास में उद्यानिकी भी महत्वपूर्ण योगदान कर रहा है। इसके लिये नवाचार और तकनीकी सुधार किये जा रहे है। देश के 10% क्षेत्रफल वाले राज्य मध्यप्रदेश में देश की लगभग 7% आबादी निवास करती है। यहां 11 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभिन्न फसलों का उत्पादन किया जाता है। राज्य की कृषि उपज में विविधता मुख्यतः नर्मदा नदी और उसकी सहायक नदियों पर निर्भर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में वर्तमान सरकार परिणाम देने वाली नीतियों के माध्यम से उद्यानिकी और खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में नवाचार और प्रगति के नए अध्याय लिख रही है।  मध्यप्रदेश में उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है, उद्यानिकी फसलें किसानों की आय को आसानी से दोगुना करने में सहायक होती हैं। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा खाद्य प्र-संस्करण की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। किसानों को उद्यानिकी फसलों की खेती और खाद्य प्र-संस्करण के नए तरीकों से अवगत कराया जा रहा है। वर्तमान में  मध्यप्रदेश उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में देश में अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। प्रदेश संतरा, धनिया मसाले तथा औषधीय एवं सुगंधीय पौधे  उत्पादन में प्रथम स्थान पर है। इसके अतिरिक्त प्रदेश टमाटर, लहसुन, हरी मटर, अमरूद ,फूल गोभी, मिर्च एवं  प्याज  उत्पादन में  दूसरे तथा नीबू वर्गीय फल, लाल मिर्च, बंद गोभी एवं फूल उत्पादन में तीसरे स्थान पर है । राज्य में उद्यानिकी का रकबा बढ़कर लगभग 27 लाख हेक्टेयर हो गया है। राज्य सरकार  की नीतियों से प्रदेश में उद्यानिकी के प्रति किसानों का रुझान बढ़ा है। इस कारण रकबा 2019-20 में 21.75 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2023-24 में 26.51 लाख हेक्टेयर हो गया है। लगभग 23.72 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उत्पादन भी लगभग 27 फीसदी बढ़ा है। वर्ष 2019-20 में जो उत्पादन 317.36 लाख मी. टन था, जो बढ़कर अब 404.24 लाख मी. टन हो गया है। किसानों को उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग द्वारा फूड प्रोसेसिंग इकाईयाँ स्थापित करने के लिए अनुदान दिया जाता है। सरकार से अनुदान लेकर किसान फूड प्रोसेसिंग इकाईयाँ स्थापित कर सकते हैं। साथ ही अनुदान के आधार पर किसान छोटे, मध्यम और बड़े कोल्ड स्टोर भी स्थापित कर सकते हैं। खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अपने समृद्ध कृषि संसाधन और रणनीतिक भौगोलिक स्थिति का उपयोग कर, 8.3% की औसत /वार्षिक दर से बढ़ रहा है, जो देश की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है. उद्यानिकी उत्पादों के सुरक्षित भंडारण के लिए 21530.26 लाख रुपए की अनुदान सहायता से 183 कोल्ड स्टोरेज का निर्माण कर 8.05 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता विकसित की गई है। वहीं प्याज भंडारण के लिए 23667.71 लाख रुपए का अनुदान देकर 66500 मीट्रिक टन भंडारण क्षमता किसानों के खेतों पर निर्मित की गई है। प्रदेश में बागवानी को शिखर पर ले जाने के प्रयासों में राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना (पी.एम.एफ.एम.सी.) पर ड्रॉप मोर क्रॉप (पी.पी.एम.सी), एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एम.आई.डी.एच.) एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आर.के.वी.वाय.) के तहत वर्ष 2024-25 में 528 करोड़ 91 लाख रुपए की कार्ययोजना मंजूर की गई है। राज्य में उद्यानिकी उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए 16 विभिन्न बागवानी उत्पादों को जी.आई. टैग के लिए पंजीयन कराया गया है। सूक्ष्म सिंचाई द्वारा राज्य में 14 हजार 900 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर लगाए गए हैं, जिसमें लगभग 12 हजार 790 हितग्राहियों को 114 करोड़ 76 लाख रुपए का अनुदान दिया गया है। इजराइल तकनीक के समन्वय से प्रदेश में मुरैना में उच्च गुणवत्ता वाली सब्जी के लिए, छिंदवाड़ा में नींबूवर्गीय फसलों के लिए तथा हरदा में निर्यात करने लायक आम एवं सब्जी सेन्टर की स्थापना की जाएगी, जिसके लिए 14 करोड़ 74 लाख की योजना का अनुमोदन किया गया है। प्रदेश सरकार की नई पहल ई-नर्सरी पोर्टल से घर, गार्डन या खेतों में उत्तम गुणवत्ता के पौधे लगाने के लिये, अच्छे और स्वस्थ पौध के लिये अब नर्सरी के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। उद्यानिकी विभाग द्वारा ई-नर्सरी पोर्टल पर 300 से अधिक नर्सरियों की जानकारी ऑनलाईन उपलब्ध करवाई गई है। इससे पौधों का क्रय-विक्रय आसानी से किया जा सकता है। 24 बागवानी उत्पाद जिनकी खेती आमतौर पर राज्य भर में की जाती है, जिनमें कोदो-कुटकी, बाजरा, संतरा/नींबू, सीताफल, आम, टमाटर, अमरूद, केला, पान, आलू, प्याज, हरी मटर, मिर्च, लहसुन अदरक, धनिया, सरसों, गन्ना, आंवला और हल्दी शामिल हैं। छिंदवाड़ा, आगर-मालवा, शाजापुर, राजगढ़, मंदसौर, बैतूल और सीहोर जैसे जिले संतरे के उत्पादन के लिए जाने जाते हैं जो संतरे के प्र-संस्करण उद्योग स्थापित करने के लिए आदर्श हैं। इसी तरह बैतूल, कटनी, अनूपपुर, रीवा, सिंगरौली और रायसेन जिले जो आम की खेती के लिए प्रसिद्ध हैं, वहां कई आम आधारित खाद्य प्र-संस्करण उद्योग हैं जो स्थापित होने के विभिन्न चरणों में हैं। मध्यप्रदेश उद्यानिकी विभाग को उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार एवं प्रशंसा-पत्र भी प्राप्त हुए हैं। जुलाई 2024 को प्रगति मैदान नई दिल्ली में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय एग्री एवं हार्टी एक्सपो-2024 में उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग मध्यप्रदेश को सर्वोत्तम बागवानी पद्धतियों और सब्जियों एवं ताजे फलों को बढ़ावा देने के लिए प्रथम पुरस्कार मिला। एमपीएफएसटीएस पोर्टल के संचालन के लिए वर्ष 2023-24 में राष्ट्रीय स्तर पर सिल्वर स्कॉच पुरस्कार, अंतर्राष्ट्रीय कृषि तथा उद्यानिकी एक्सपो-2023 में 'एक्सीलेंस अवॉर्ड, नेशनल ओडीओपी अवॉर्ड सेरेमनी-2023 में प्रदेश के बुरहानपुर जिले को केला उत्पादन तथा प्र-संस्करण में उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया। वहीं वर्ष 2022-23 में 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप योजना के तहत बेहतर क्रियान्वयन के लिए उद्यानिकी विभाग को स्कॉच अवार्ड प्राप्त हुआ। प्रदेश  में फसल क्षेत्र का विस्तार और उत्पादन में सुधार के लिए उच्च गुणवत्ता वाले पौधों और उन्नत बीजों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है। उत्पादन के पहले और बाद में प्रबंधन तकनीकों के जरिए फसल की गुणवत्ता और उत्पादन … Read more

मालिक की शिकायत पर प्रशासनिक जांच तेज, छत्तीसगढ़-कांकेर में अवैध रेत परिवहन करने निजी जमीन पर बनवा दी सड़क

कांकेर। जिले के चारामा क्षेत्र में रेत तस्करी का मामला फिर सुर्खियों में है. यहां 10 से अधिक रेत खदानें संचालित हो रही हैं. रेत माफिया अपने अवैध रेत खदान का संचालन करने किसी भी हद तक जा रहे हैं. मचांदुर गांव में रेत माफियाओं ने तो सारी हदे पार करते हुए निजी जमीन पर ही बिना अनुमति सड़क बनवा दी. इसका विरोध जब जमीन मालिक ने किया तो उसकी बातों को दरकिनार कर देर रात भी धडल्ले से रेत की तस्करी की जा रही है. क्षेत्रीय कांग्रेस नेता ठाकुरराम कश्यप ने बताया कि उनकी जमीन मालिक शैलेन्द्र उन्होंने जमीन 5 साल के लिए लीज पर ली है. रेत तस्करों ने न तो जमीन मालिक से परमिशन ली और ना ही उनसे परमिशन ली गई. यहां रातों रात सड़क बनाई गई है. इसके लिए उनसे किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई है. उन्होंने बताया कि सरपंच के द्वारा मनमानी की जा रही है. सरपंच के द्वारा बिना ग्राम सभा के अनुमति के पहले तो खदान स्वीकृति करवाया गया, उसके बाद अब रास्ते को लेकर मनमानी की जा रही है. मामले की शिकायत के बाद आज प्रशासनिक टीम जांच के लिए पहुंची थी. जांच में भी पाया गया है कि निजी जमीन पर सड़क बनाई गई है. एसडीएम चारामा बंजारे ने बताया कि जमीन मालिक की स्वीकृति के बिना उसकी जमीन से रास्ता बनाकर रेत परिवहन नहीं किया जा सकता है. इस मामले की जांच की जा चुकी है. रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है. recent visitors 79