लखपति दीदी ने कमाई से खरीदी गाड़ी, बच्चों को पढ़ा रहीं, अब हजार मुर्गियों की फार्म बनाने की कर रहीं तैयारी

रायपुर, कभी आम गृहिणी थी नागेश्वरी, लेकिन आज है लखपति दीदी। ग्राम कठिया की रहने वाली श्रीमती नागेश्वरी वर्मा आज से 5 साल पहले सामान्य गृहिणी थी। जो घर के चूल्हा-चौके तक ही सीमित थी, लेकिन आज वह अपने पैरों पर खड़ी और घर गृहस्थी संभालने के साथ ही सालाना डेढ़ से दो लाख रूपये कमा रही है वह भी मुर्गीपालन जैसे व्यवसाय से। नागेश्वरी के बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर रहें है और वह अपने दम पर एक हजार मुर्गियों को पालने की तैयारी भी कर रही है। आज नागेश्वरी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का बार बार धन्यवाद देते हुए कह रही है कि आज जो भी कुछ हूं उन्ही के बदौलत हूं। मुझ जैसी अन्य महिलाएं भी इस योजना से आत्मनिर्भर हुई हैैं। श्रीमती वर्मा बताती हैं कि कुछ वर्ष पहले बिहान के सहयोग से करीब डेढ़ लाख रूपए लोन प्राप्त की। इसके बाद मुर्गीपालन का व्यवसाय शुरू की। मनरेगा से उन्हें मुर्गी शेड की सहायता मिली। शुरूआत में कम संख्या में मुर्गीपालन किया फिर धीरे-धीरे मुनाफा देखते हुए आज 500 मुर्गियों तक पहुंच गई। इन मुर्गियों को आस-पास के बड़े पोल्ट्री फार्म वालों को बेंचना शुरू किया था, अब वो खुद आकर ले कर जाते है।       श्रीमती वर्मा बताती है कि मुर्गीपालन व्यवसाय में अच्छी सफलता मिलने की विगत पांच वर्षों में अच्छी आय होने पर नया घर बनाया, दुपहिया वाहन खरीदी अब अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रही हूं, बेटा बीबीए कर रहा है और बेटी की अच्छी करियर का भी प्लान कर रही हूं। इस प्रकार उनके घर में मां लक्ष्मी के साथ-साथ मां सरस्वती की कृपा भी बनी हुई है। recent visitors 34

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बीजेपी की उपलब्धियों और केंद्र सरकार की नीतियों को बताया, आगामी चुनावों के लिए जनता से समर्थन मांगा

ओडिशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (29 नवंबर) को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि जो लोग सत्त्ता को अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं, देश की जनता ने जिनको 10 सालों से सत्ता से दूर रखा है. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बीजेपी की उपलब्धियों और केंद्र सरकार की नीतियों को बताते हुए आगामी चुनावों के लिए जनता से समर्थन मांगा. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ राजनीतिक दल सत्ता को अपना "जन्मसिद्ध अधिकार" समझते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जब इन दलों को सत्ता से दूर रखा गया, तो उनका गुस्सा देश की जनता पर उतरने लगा. उन्होंने कहा कि अब यह देश के खिलाफ साजिश कर रहे हैं. अब यह लोग झूठ की दुकान लेकर जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं. ऐसे लोगों से हमें सतर्क रहना है ,आपको बचना है. सत्ता के यह भूखे लोग पहले चौकीदार को चोर बता रहे थे, लेकिन अब चौकीदार ईमानदार हो गया. 2024 के चुनाव में इन्हें चौकीदार को गाली देने का मौका नहीं मिला. बीजेपी की नीतियों का प्रभाव और जनता का समर्थन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार की नीतियों और उनके लाभों का जिक्र करते हुए बताया कि किस प्रकार उनकी सरकार ने गरीबों के जीवन को आसान बनाया. उन्होंने ओडिशा के लिए विशेष रूप से कहा कि पहली बार मुख्यमंत्री गांवों में सक्रिय रूप से जाते दिखाई दिए. उन्होंने ओडिशा की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के निर्वाचन को आदिवासी समुदाय के गौरव का प्रतीक बताते हुए कहा "मुझे खुशी है कि भाजपा के प्रयासों से ओडिशा की आदिवासी बेटी द्रौपदी मुर्मू जी आज देश की राष्ट्रपति हैं. इससे पूरे देश के आदिवासी समाज का गौरव बढ़ा है.मुर्मू जी के देश के सर्वोच्च पद पर आसीन होने से हर वर्ग की बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ा है.एक आदिवासी बेटी की ये यात्रा आने वाली कई पीढ़ियों तक प्रेरित करेगी". चुनावी जीत और बीजेपी की ताकत पीएम मोदी ने हरियाणा, महाराष्ट्र, और ओडिशा में भाजपा की बढ़ती शक्ति पर जोर देते हुए कहा कि राजनीतिक विशेषज्ञों ने भाजपा को ओडिशा में खारिज कर दिया था, लेकिन चुनाव परिणामों ने उन्हें गलत साबित किया. उन्होंने कहा "ओडिशा की जनता ने सभी 'तीस मार खानों' को करारा जवाब दिया. भाजपा को न केवल ओडिशा में बल्कि हरियाणा और महाराष्ट्र में भी अपार समर्थन मिला." प्रधानमंत्री ने ओडिशा पर्व के अनुभव बताते हुए ओड़िया संस्कृति और विरासत की भव्यता को याद किया. संविधान और लोकतंत्र की मर्यादा पर क्या बोले पीएम? प्रधानमंत्री ने संविधान की भावना और लोकतंत्र की मर्यादाओं पर जोर देते हुए कहा "कुछ लोग संविधान की भावना को कुचल रहे हैं और लोकतंत्र की मान-मर्यादाओं को अस्वीकार कर रहे हैं." उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक विरोध स्वाभाविक है, लेकिन इसे मर्यादाओं के भीतर होना चाहिए. भविष्य का रोडमैप मोदी की गारंटी प्रधानमंत्री ने जनता को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार जो कहती है, उसे पूरा करती है. उन्होंने कहा "इसलिए मैं कहता हूं मोदी की गारंटी यानि हर गारंटी को पूरा होने की गारंटी. हमारी सरकार हर गारंटी को पूरा करने की गारंटी देती है." recent visitors 61

दो प्रमुख पर्यटन परियोजनाओं पर प्रारंभिक काम शुरू करने का निर्देश केरल के पर्यटन मंत्री ने दिया

तिरुवनंतपुरम केरल के पर्यटन मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास ने अपने विभाग के अधिकारियों को राज्य सरकार के प्रस्तावों के जवाब में केंद्र द्वारा अनुमोदित दो प्रमुख पर्यटन परियोजनाओं पर प्रारंभिक काम शुरू करने का निर्देश दिया है। यह कदम कोल्लम जिले में जैव विविधता और पर्यावरण-मनोरंजक केंद्र और सर्गालय: मालाबार सांस्कृतिक क्रूसिबल परियोजनाओं के लिए वैश्विक प्रवेश द्वार को साकार करने के प्रयासों की शुरुआत का प्रतीक है। अधिकारी कुल 155.05 करोड़ रुपये की दो पहलों को समय पर पूरा करने के लिए एक कार्यक्रम तैयार करेंगे। जहां कोल्लम पहल ने अपने तीन समूहों के साथ केरल को केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय से 59.71 करोड़ रुपये दिए, वहीं सर्गालय गेटवे के लिए अनुदान 95.34 करोड़ रुपये है। साथ में वे वैश्विक पैमाने पर प्रतिष्ठित पर्यटक केंद्रों के विकास नामक एक परियोजना के तहत आते हैं। कोल्लम परियोजना राज्य पर्यटन विभाग के दक्षिणी जिले के यात्रा स्थलों पर ध्यान केंद्रित करने वाले जैव विविधता सर्किट का परिणाम है। जैव विविधता और मनोरंजन केंद्र इसके विस्तार की परिकल्पना करता है। सर्गालय: मालाबार सांस्कृतिक क्रूसिबल का वैश्विक प्रवेश द्वार एक पर्यटन श्रृंखला है जो कोझिकोड जिले के वडकारा के पास सर्गालय केरल कला और शिल्प गांव से 51 किलोमीटर दक्षिण में समुद्र तटीय बेपोर तक फैली हुई है। इस परियोजना में इरिंगल में 2011 में स्थापित सर्गालय केरल कला और शिल्प गांव के विस्तार की भी परिकल्पना की गई है। श्री रियास के निर्देश पर राज्य विभाग के अधिकारियों द्वारा इस साल की शुरुआत में दिल्ली में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के समक्ष दो परियोजनाओं की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करने के बाद कुल 155.05 करोड़ रुपये का अनुदान मिला। मंत्री ने गुरुवार को कहा, “दोनों परियोजनाओं के साकार होने से राज्य के पर्यटन के विकास में एक बड़ी छलांग लगेगी।” “हमने केरल में और अधिक गंतव्य विकसित करने की दृष्टि से प्रस्ताव प्रस्तुत किए थे।” इस पहल से पूरे केरल को पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए कदम उठाएगा। कोल्लम परियोजना, जो जिले के समुद्र तट से लेकर कोट्टाराकारा और पूर्व में पहाड़ी थेनमाला तक फैली हुई है, केरल पर्यटन द्वारा जिले को विश्व स्तर पर प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा देने का एक उल्लेखनीय अगला कदम है। यह परियोजना आधुनिक मनोरंजन सुविधाओं को सुनिश्चित करते हुए कोल्लम की अमूल्य जैव विविधता की सुरक्षा और इसकी सांस्कृतिक विरासत के परिचय और संरक्षण को जोड़ती है। यह परियोजना राज्य के सतत पर्यटन विकास के व्यापक उद्देश्य के अनुरूप है, जो पर्यटकों को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करती है, साथ ही पर्यावरण-अनुकूल और राज्य स्तरीय पर्यटन के बीच स्थानीय आबादी को वित्तीय लाभ की गारंटी भी देती है। इनमें कोल्लम मरीना, अष्टमुडी झील व्याख्या केंद्र, एक तैरता हुआ रेस्तरां, जैव विविधता पथ, एक साहसिक पार्क, बच्चों का पार्क और झील वॉकवे शामिल होंगे। केरल के पर्यटन सचिव के बीजू ने कहा कि कोल्लम जैव विविधता और सर्गालय परियोजनाएँ विश्व स्तरीय पर्यटन स्थलों के लिए केरल के प्रयासों को प्रेरित करेंगी। उन्होंने कहा, 'हम उन्हें समय पर पूरा करेंगे।' पर्यटन निदेशक सिखा सुरेंद्रन ने कहा कि दोनों परियोजनाएं केरल को दक्षिण के साथ-साथ राज्य के उत्तर में भी पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करेंगी।   recent visitors 60

दिग्विजय सिंह ने कहा- समग्र शिक्षा अभियान की राशि जारी करने में देरी

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर समग्र शिक्षा अभियान (एसएसए) के तहत राज्यों को आवंटित की जाने वाली धनराशि जारी करने में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। राशि की कमी से अभियान के प्रभावित होने का खतरा भी बताया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह संसद की शिक्षा, बाल, युवा मामले एवं खेल संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष भी हैं। शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यालय से दी गई जानकारी में बताया गया है कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर कहा है, “कई राज्यों को एसएसए के तहत केंद्रीय निधि के अपने हिस्से को प्राप्त करने में देरी हो रही है, विशेष रूप से तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल आदि राज्यों ने अभी तक अपना हिस्सा प्राप्त नहीं किया है। इस वजह से बुनियादी ढांचे के निर्माण, शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अन्य आवश्यक हस्तक्षेपों सहित महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यक्रमों के क्रियान्वयन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। राशि आवंटन की इस तरह की देरी न केवल प्रगति में बाधा डालती है बल्कि योजना के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए अथक प्रयास करने वाले हितधारकों को भी हतोत्साहित करती है।” उन्होने आगे लिखा है कि राशि का आवंटन न होने से राज्यों पर वित्तीय दबाव भी पड़ा है, कई राज्य ऐसे हैं जो पहले से ही शिक्षा क्षेत्र की मांगों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। खासकर ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में इस स्थिति से शिक्षा की गुणवत्ता और समावेशिता को बढ़ाने के प्रयासों के पटरी से उतरने का जोखिम है। पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने केंद्रीय मंत्री प्रधान से आग्रह किया है कि तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों को समग्र शिक्षा अभियान (एसएसए) योजना के तहत आवंटित राशि समय पर जारी की जाए। ताकि राज्यों को योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने में सक्षम बनाया जा सके।   recent visitors 58

उच्च सदन बांग्लादेश में चिन्मय कृष्णदास की गिरफ्तारी और वहां हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार पर चितन करे: आप पार्टी

नई दिल्ली बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार और इस्कॉन मंदिर के पुजारी चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी से जुड़ा मुद्दा अब संसद तक पहुंच गया है। दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने इस मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने की मांग की है और इसके लिए सभापति जगदीप धनखड़ को नोटिस दिया है। चड्ढा ने सदन के नियम 267 के तहत दिए अपने प्रस्ताव में शून्यकाल और प्रश्नकाल को स्थगित कर इसपर चर्चा की मांग की है। आप सांसद ने अपने प्रस्ताव में यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि संसद का उच्च सदन बांग्लादेश में इस्कॉन के पुजारी चिन्मय कृष्णदास की गिरफ्तारी की निदा करे और वहां हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार पर चितन करे। हालांकि, सभापति धनखड़ ने उनके प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। चड्ढा की इस मांग से पहले दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली स्थित इस्कॉन समूह के कम्यूनिकेशन डायरेक्टर वृजेंद्र नंदन दास से मुलाकात की और उनसे इस विषय पर लंबी चर्च की है। सिसोदिया ने चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा, "बांग्लादेश में इस्कॉन के साथ जो हो रहा है, वह बेहद चिंताजनक है। इस्कॉन ने हमेशा वैश्विक स्तर पर प्रेम और शांति का संदेश दिया है और ऐसे संगठन को आतंकवाद से नहीं जोड़ा जा सकता। हम ऐसे निराधार आरोपों को स्वीकार नहीं करेंगे और हम भारत सरकार से सभी आवश्यक कदम उठाने का आग्रह करते हैं।" दरअसल, दिल्ली की सत्ताधारी पार्टी चाहती है कि बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार और इस्कॉन मंदिर के पुजारी चिन्मय कृष्णदास की गिरफ्तारी के बहाने संसद से सड़क तक चर्चा-परिचर्चा कर एक तरफ खुद को हिन्दुओं का हितैषी साबित करे और दूसरी तरफ यह साबित करने की कोशिश करे कि केंद्र की सत्ताधारी पार्टी भाजपा को बांग्लादेश के हिन्दू भाइयों से सहानुभूति नहीं है। आप का यह भीतरी दांव दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनावों के कारण है। अगले साल जनवरी-फरवरी में दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने हैं, जहां आप का मुकाबला भाजपा से है। आप को इस बात की भी चिंता सता रही है कि हालिया चुनावों की तरह अगर दिल्ली में भी ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ और ‘एक हैं तो सेफ हैं’ जैसे नारों से भाजपा ने हिन्दू मतदाताओं का ध्रुवीकरण किया तो उसके लिए जीत की हैट्रिक लगा पाना मुश्किल होगा। लोकसभा चुनावों में कमतर प्रदर्शन के बाद भाजपा एक बार फिर से अपने फुल फॉर्म में है। उसे महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों और हरियाणा विधानसभा चुनावों में अनुमान से ज्यादा और बड़ी जीत मिली है। अब भाजपा की नजर दिल्ली पर है। दिल्ली में आप की ईमानदार राजनीति के ग्राफ में गिरावट आई है क्योंकि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से लेकर उप मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और पार्टी के सांसद-विधायक भी भ्रष्टाचार के आरोप में जेल जा चुके हैं। आप को भी लगता है कि उसकी ईमानदारी का दांव अब नहीं चलने वाला है, इसलिए बांग्लादेश में हिन्दू अत्याचार के बहाने सॉफ्ट हिन्दुत्व के एजेंडे के सहारे टीम केजरीवाल चुनावी बैतरणी पार करना चाहती है। recent visitors 82

रोडवेज बसें अब केवल अधिकृत ढाबों पर ही रुकेंगी, नियम न मानने पर ड्राइवर-कंडक्टर पर होगी कार्रवाई

देहरादून. कई मार्गों पर रोडवेज की बसें केवल अधिकृत ढाबों पर ही रुकेंगी। अगर ड्राइवर-कंडक्टर ने मनमर्जी से बसें रोकी तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। महाप्रबंधक संचालन पवन मेहरा ने सभी सहायक महाप्रबंधकों को कड़ा पत्र जारी किया है। कहा, देहरादून-दिल्ली, देहरादून-नैनीताल, टनकपुर-देहरादून, देहरादून-हरिद्वार-अंबाला, चंडीगढ़-देहरादून, दिल्ली-नैनीताल, टनकपुर-दिल्ली मार्गों पर परिवहन निगम प्रबंधन ने ढाबे और रेस्टोरेंट अधिकृत किए हुए हैं। लेकिन, संज्ञान में आया है कि कई ड्राइवर-कंडक्टर बसों का ठहराव अवैध ढाबों या रेस्टोरेंट पर कर रहे हैं, जिससे यात्रियों से खाने के मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। निगम की छवि धूमिल हो रही है। स्पष्ट किया कि अग्रिम आदेशों या नए ढाबे अधिकृत करने तक पूर्व के अधिकृत ढाबों पर ही रोडवेज बसों का ठहराव सुनिश्चित किया जाए। अन्यथा कार्रवाई होगी। recent visitors 100

अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से लगा झटका, हाई कोर्ट से मिली जमानत को की रद्द

रायपुर प्रदेश के बहुचर्चित शराब घोटाला में आरोपी अनवर ढेबर की अंतरिम जमानत सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दी है. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें हाई कोर्ट में जाकर फिर से जमानत अर्जी दाखिल करने को कहा है. जानकारी के अनुसार, जिस मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अनवर ढेबर को हाई कोर्ट ने जमानत दी थी, उसे सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ पुलिस ने चेलेंज किया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जमानत को रद्द करते हुए वापस हाई कोर्ट में भेज दिया है. दरअसल, अनवर ढेबर को हाई कोर्ट ने जुलाई में किडनी और गॉलब्लैडर स्टोन की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अंतरिम जमानत दी थी. ढेबर के वकील ने मेडिकल ग्राउंड पर इलाज के लिए जस्टिस अरविन्द वर्मा की पीठ के सामने जमानत देने का आग्रह किया था. इस मेडिकल रिपोर्ट को बनाने वाले डीकेएस सुपर स्‍पेशलिटी अस्‍पताल के गेस्‍ट्रो सर्जन को छत्तीसगढ़ सरकार ने बर्खास्त करने के साथ उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी थी. शराब घोटाला के आरोप में जेल में बंद ढेबर को 8 जून को ईलाज के लिए डीकेएस ले जाया गया था. वकील ने तर्क दिया कि अनवर को किडनी की बीमारी है, और उन्हें पेशाब करने में दिक्कत हो रही है. सुनवाई के दौरान यह भी तर्क दिया गया कि ढेबर का इलाज चल रहा है, जिसके लिए अस्पताल जाने की जरूरत पड़ती है. जेल में गार्ड उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जिसके चलते इलाज नहीं हो पा रहा है. recent visitors 93