Sunday, July 5, 2026 12:06 pm

मऊगंज : सरपंच की शिकायत पर उपयंत्री समेत पंचायत सचिव 20,000 रुपये लेते रीवा लोकायुक्त ने किया अरेस्ट

रीवा  मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रीवा (Rewa) के मऊगंज (Mauganj) में सब-इंजीनियर और सचिव रिश्वत लेते पकड़े गए हैं. यह कार्रवाई रीवा लोकायुक्त की टीम (Rewa Lokayukta Big Action) ने की है. दोनों ने सरपंच से ग्राम पंचायत के कराए कामों के बिल पास करने के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी. लोकायुक्त की टीम ने सब-इंजीनियर और सचिव को 20000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा. मामले की शिकायत अकरिया ग्राम पंचायत सरपंच ने की थी. बिल पास करने के बदले 20 हजार की मांग मऊगंज के नईगढ़ी जनपद की अकरिया पंचायत के सरपंच तरुण शुक्ला ने रीवा लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की थी.  तरुण ने शिकायत में कहा था कि नईगढ़ी जनपद पंचायत में पदस्थ सब-इंजीनियर भोला प्रसाद पटेल और पंचायत के सचिव टीकम प्रसाद पांडेय ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यों के बिल पास करने के बदले 20 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं. लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों किया दोनों को गिरफ्तार फरियादी सरपंच की शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने इसकी जांच की. जब शिकायत सही पाई गई तब टीम ने ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया और रिश्वत लेने वाले सब-इंजीनियर भोला प्रसाद पटेल और सचिव टीकम प्रसाद पांडेय को रंगे हाथों पकड़कर गिरफ्तार किया. दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की की जा रही है.   recent visitors 43

Bhopal में मिंटो हॉल के बाहर लगे ‘वक्फ बोर्ड हटाओ भारत बचाओ’ के पोस्टर

भोपाल  देशभर में इन दिनों वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर सियासी हंगामा जारी है। सदन से लेकर सड़क पर इसे लेकर राजनीति हो रही है। इस बीच राजधानी भोपाल में मिंटो हॉल के बाहर वक्फ बोर्ड को हटाने के पोस्टर लगने से हड़कंप मच गया। पोस्टर में ‘वक्फ बोर्ड हटाओ-भारत बचाओ’ का नारा लिखा गया है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और इसे फौरन हटाया गया। मामला अरेरा हिल्स थाना क्षेत्र का है। ‘वक्फ बोर्ड हटाओ, भारत बचाओ’ के लगे पोस्टर दरअसल, किसी ने मिंटों हॉल के बाहर बड़े-बड़े अक्षरों में ‘वक्फ बोर्ड हटाओ-भारत बचाओ’ लिखा हुआ एक पोस्टर लगा दिया। जिसके बाद पूरे शहर में यह चर्चा की विषय बन गया। लोगों ने फौरन इसकी सूचना पुलिस को दी। जिसकी जानकारी मिलते ही एक टीम पहुंची और इसे हटाया गया। हालांकि, इस पोस्टर में किसी संगठन का नाम नहीं लिखा हुआ है, जिससे इसकी पुष्टि हो सके कि किसने इसे लगाया है।   CCTV की जांच कर रही पुलिस थाना प्रभारी मनोज पटवा ने इस मामले में बताया कि पोस्टर लगाने वाले की जानकारी नहीं मिली है। आस-पास लगे CCTV कैमरों की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। भोपाल-इंदौर में लगे थे ‘भगवा ए हिंद’ और ‘हिंदुओं से सामान खरीदें’ जैसे पोस्टर बता दें कि इन दिनों मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों में सनातन को लेकर पोस्टर लगाए जा रहे हैं। इससे पहले बजरंग दल और हिंदू संगठन ने दिवाली के समय राजधानी में हिंदुओं से सामान खरीदने की अपील करते हुए एक पोस्टर लगाया गया था। वहीं, इंदौर में ‘गजवा ए हिंद नहीं, चलेगा भगवा ए हिंद’ जैसे पोस्टर लग चुके हैं। लेकिन अब वक्फ बोर्ड को लेकर भी पोस्टर लगने शुरू हो गए हैं। जिसके बाद अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। recent visitors 139

भोपाल कलेक्टर ने कहा कि रैन बसेरों में रह रहे लोगों को ठंड से राहत देने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम होने चाहिए

भोपाल भोपाल। अंचल में ठंड के जोर पकड़ने के साथ ही रैन बसेरों में सोने वालों की तादाद बढ़ रही है। नगर निगम के अधिकारी यहां पर रजाई गद्दे देने का दावा जरूर कर रहा है, लेकिन शुक्रवार को जब कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह हमीदिया स्थित रैन बसेरा पहुंचे, तो वहां रजाई की जगह पतले कंबल रखे मिले। कलेक्टर ने यहां आने वाले लोगों के लिए रजाई का इंतजाम करने की बात कही। गंदगी देख बिफरे इसके बाद वह नजदीक स्थित सुलभ शौचालय गए, जहां टॉयलेट में गंदगी देखकर नाराज हुए। कलेक्टर ने निगम अमले को हिदायत दी कि सड़कों पर सोने वाले लोगों को समझाइश देकर रैन बसेरों में शिफ्ट किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि शहर में खुले में सोने वालों को चिह्नित किया जाए और उनके लिए रैन बसेरों में जगह उपलब्ध कराई जाए। कलेक्टर ने कहा कि रैन बसेरों में ठंड से बचाव के लिए रजाई-गद्दों समेत सभी तरह के इंतजाम होने चाहिए। किसी भी तरह की परेशानी लोगों को न हो। अफसर रोजाना इन रैन बसेरों का निरीक्षण करें, जिससे इंतजाम दुरुस्त रहें। कलेक्टर ने देखे इज्तिमा के इंतजाम उधर, ईंटखेड़ी के घासीपुरा में आयोजित इज्तिमा की तैयारियों का कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने निरीक्षण किया। उन्होंने आयोजन स्थल का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने यातायात प्रबंधन, साफ- सफाई, पानी की आपूर्ति, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था का विशेष तौर पर अवलोकन किया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि लाखों व्यक्तियों की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं कुशलतापूर्वक पूरी की जाएं। सदस्यों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक भी की, जहां उन्होंने इज्तिमा को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी विषयों पर चर्चा की। recent visitors 34

इन्वेस्टरों की समस्या और पेपर लीक पर होगी बगावत!, राजस्थान-किरोड़ी ने बढ़ाई बीजेपी-अफसरों की टेंशन

जयपुर. राजस्थान की भजनलाल सरकार इन दिनों इनवेस्टमेंट समिट की तैयारियों में व्यस्त है। लेकिन इसी बीच उनके कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने एक बड़ा बयान दे दिया है कि वे उपचुनावों की हार के लिए जिम्मेदार लोगों का जल्द खुलासा करेंगे। किरोड़ी के इस बयान ने निश्चित रूप से बीजेपी की टेंशन बढ़ा दी है। सियासी जानकार कह रहे हैं कि ‘बाबा’ किरोड़ी का धमका होगा तो इसकी जद में सरकार के कई अफसर और मंत्री भी आ सकते हैं। इनवेस्टमेंट समिट से पहले किरोड़ी लाल के इस खुलासे से प्रदेश के सियासी माहौल पर बड़ा असर आएगा। किरोड़ी के पास मुद्दों की कमी नहीं किरोड़ी लाल मीणा के पास मुद्दों की कोई कमी नहीं है। दौसा उपचुनाव में भाई जगमोहन मीणा की हार के बाद किरोड़ी का यह बयान काफी चर्चाओं में आया था जिसमें उन्होंने कहा था -'गैरों में कहां दम था, मुझे हमेशा जयचंदों ने ही मारा।’ वह इस बात के स्पष्ट संकेत दे चुके हैं कि उनके भाई की हार के पीछे बीजेपी के लोग ही जिम्मेदार हैं। इनवेस्ट में समिट से पहले पीड़ित निवेशकों को सामने ला रहे वहीं इनवेस्टमेंट समिट से ठीक पहले किरोड़ी लाल मीणा शुक्रवार को एक एनआरआई निवेशक को लेकर एसीबी दफ्तर पहुंच गए। जहां उन्होंने एसीबी पर भी बड़े आरोप लगा दिए। एसीबी हैड डीजी रवि प्रकाश मेहरड़ा से मुलाकात के बाद किरोड़ी लाल मीणा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हमारी सरकार इस मामले को लेकर संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि कहा मैंने सीएम भजनलाल शर्मा से कह दिया। इसके बाद भी 92 साल का बुजुर्ग एसीबी के दरवाजे पर खड़ा है। मैं इसे उचित नहीं मानता, यह बिल्कुल भी ठीक नहीं है। हमारी सरकार संवेदनशील है, लेकिन यहां पर न जाने संवेदन शून्यता क्यों है? यह मेरे भी समझ से बाहर है। पेपर लीक, डीओआईटी में एफआईआर को लेकर भी सक्रिय इसके साथ ही किरोड़ी लाल मीणा डीओआईटी और पेपर लीक मामलो को लेकर भी सक्रिय नजर आ रहे हैं। डीओआईटी में भ्रष्टाचार को लेकर वे गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेड़म से मुलाकात कर चुके हैं। हालांकि सरकार की तरफ से उनके ज्ञापन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पेपर लीक में भी किरोड़ी एसआई भर्ती निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। ऐसे तमाम मुद्दे किरोड़ी लाल मीणा के पास हैं। जिन्हें लेकर आने वाले दिनों में वे अपने चिरपरिचित सियासी अंदाज में नजर आएंगे। recent visitors 62

भारतीय रेलवे ट्रेनों की गति बढ़ाने के साथ ही सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास, 37 किमी में सफल रहा कवच ट्रायल

 रतलाम  दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर ट्रेनों की स्पीड 160 किमी प्रति घंटा करने के लिए ‘मिशन रफ्तार’ में ब्रिजों की मरम्मत, ओएचई रख-रखाव, सिगनलिंग सिस्टम में सुधार, कर्व री-अलाइनमेंट, एचबीम स्लीपर लगाने के साथ ही कवच सुरक्षा प्रणाली भी लागू की जा रही है। रतलाम रेल मंडल के रतलाम-दाहोद रेलखंड में बजरंगगढ़-बोरडी के बीच 37 रेल किमी के बीच कवच 4.0 का ट्रायल किया गया। लोको (इंजन) में कवच सिस्टम लगाने के बाद सभी इंतजाम परखे गए। सुबह रेलवे स्टेशन पर डीआरएम रजनीश कुमार ने लोको का निरीक्षण करने के बाद ट्रायल शुरू करवाया। इसके बाद दोपहर तक अप व डाउन दोनों लाइन पर ट्रायल पूरा किया गया। 90 लोको के साथ 789 किलोमीटर पर काम जारी     वर्तमान में वडोदरा-अहमदाबाद खंड सहित मुंबई सेंट्रल-नागदा खंड पर 90 लोको के साथ 789 किलोमीटर पर कवच का काम चल रहा है। इसमें से 503 किलोमीटर तक लोको परीक्षण हो चुका है।     90 में से 73 लोकोमोटिव पहले ही कवच प्रणाली से लैस किया जा चुका है। इससे पहले वडोदरा-रतलाम-नागदा सेक्शन (गैर ऑटोमेटिक सिगनलिंग सेक्शन) के 303 किलोमीटर में 173 पर लोको ट्रायल पूरा हो चुका था। मार्च 2025 तक काम पूरा होने की संभावना है।     रतलाम-चंदेरिया और नागदा-भोपाल सेक्शन पर भी कवच संस्करण 4.0 का प्रावधान किया जाएगा। इसमें 120.72 करोड़ रुपये की लागत आएगी। रतलाम रेलमंडल के 427.83 किलोमीटर के पूर्ण ब्लाक सेक्शन में यह प्रणाली लगाई जाएगी। चार दिसंबर तक टेंडर भरे जा सकेंगे। आरडीएसओ ने तैयार किया स्वचालित ट्रेन सुरक्षा तकनीक ''कवच'' ट्रेन सुरक्षा और परिचालन दक्षता को बढ़ाती है। इसमें इंजन पर लगे सेंसर, जीपीएस सिस्टम से एक ही ट्रेक पर दो ट्रेनों के आमने-सामने आने पर स्वचालित ब्रेक लग जाते हैं। आरडीएसओ द्वारा विकसित कवच को ट्रेन टकरावों को रोकने, खतरे में सिगनल पासिंग से बचने में लोको पायलटों को सहायता मिलती है। ट्रेनें तय गति सीमा के भीतर चले और इसकी रियल टाइम निगरानी भी होगी। किसी भी सिग्नल का उल्लंघन करने पर डेटा रिकार्ड में आ जाएगा। रेलवे की पेंशन अदालत दिसंबर में रतलाम रेल मंडल पर पेंशन मिलने में किसी भी प्रकार की विसंगति को दूर करने के लिए 16 दिसंबर को पेंशन अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें पेंशन से संबंधित शिकायतें जैसे-पेंशन समय पर नहीं मिलना, पेंशन की राशि घटा/बढ़ा कर दिया जाना, पेंशन किसी कारणवश बंद हो जाना, पेंशन में किसी प्रकार की कटौती किया जाना आदि का निराकरण किया जाएगा। recent visitors 58

बैठक के दौरान पार्टी अध्यक्ष खड़गे ने दो-टूक कहा अब जवाबदेही तय की जाएगी तथा कठोर निर्णय लिए जाएंगे

नई दिल्ली महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद अब बीते दिन ही नई दिल्ली में कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक हुई। जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष ने नेताओं को फटकार लगाई। इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि अब जवाबदेही तय की जाएगी और सख्त फैसले लिए जाएंगे। इतना ही नहीं उन्होंने ईवीएम पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर समझौता हो रहा है। कांग्रेस इस मुद्दे पर जल्द ही देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। बैठक में खड़गे ने कहा कि ईवीएम ने चुनावी प्रक्रिया को संदिग्ध बना दिया है, और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव कराना निर्वाचन आयोग का कर्तव्य है। बैठक में नेताओं ने महाराष्ट्र और हरियाणा में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के कारणों पर चर्चा की। कई नेताओं ने चुनाव में गड़बड़ियों का आरोप लगाया। 'हमें कठोर निर्णय लेने होंगे' पार्टी प्रमुख खड़गे ने कहा कि चुनावी हार के मद्देनजर "कठोर निर्णय" लेने होंगे और जवाबदेही तय करनी होगी. उन्होंने कहा कि नेताओं को चुनाव परिणामों से सबक लेना होगा. हालांकि, उन्होंने माना कि ईवीएम ने चुनावी प्रक्रिया को "संदिग्ध" बना दिया है. कांग्रेस प्रमुख ने यह भी पूछा कि पार्टी के राज्य नेता विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय मुद्दों और राष्ट्रीय नेताओं पर कब तक निर्भर रहेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस प्रतिरोध का संगठन है और पार्टी नेताओं को इस पर भरोसा रखना चाहिए. करीब साढ़े चार घंटे तक चली मैराथन बैठक में 81 नेताओं ने हिस्सा लिया. राहुल बोले- एक्शन लीजिए वहीं राहुल गांधी ने खड़गे से पार्टी के खराब परिणामों के मद्देनजर "सख्ती से काम लेने" का आग्रह किया. पीटीआई के मुताबिक, जब चुनावों को लेकर जवाबदेही तय करने की बात हो रही थी तो राहुल गांधी ने कहा, ‘‘खरगे जी, एक्शन लीजिए.’’ आपसी बयानबाजी से हुआ नुकसान- खड़गे खड़गे ने कांग्रेस के भीतर कलह पर निशाना साधते हुए कहा, "सबसे अहम बात जो मैं बार-बार कहता हूं कि आपसी एकता की कमी और एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी हमें काफी नुकसान पहुंचाती है. जब तक हम एक होकर चुनाव नहीं लड़ेंगे, आपस में एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी का सिलसिला बंद नहीं करेंगे, तो अपने विरोधियों को राजनीतिक शिकस्त कैसे दे सकेंगे?" उन्होंने कहा कि पार्टी को अपने प्रतिद्वंद्वियों के "प्रचार और गलत सूचना" का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए एक रणनीति विकसित करनी होगी.  खड़गे ने कहा, "यह महत्वपूर्ण है कि हम अनुशासन का सख्ती से पालन करें… पार्टी के पास अनुशासन का हथियार भी है. लेकिन हम अपने कार्यकर्ताओं को किसी बंधन में नहीं डालना चाहते." महाराष्ट्र चुनाव के बारे में उन्होंने कहा, "छह महीने पहले लोकसभा चुनावों में माहौल हमारे पक्ष में था. लेकिन केवल माहौल पक्ष में होने भर से जीत की गारंटी नहीं मिल जाती/ हमें माहौल को नतीजों में बदलना सीखना होगा. क्या कारण है कि हम माहौल का फायदा नहीं उठा पाते?" उन्होंने जोर देते हुए कहा, ‘‘हमें पर्याप्त मेहनत करने के साथ समयबद्ध तरीके से रणनीति बनानी होगी. हमें अपने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना होगा। हमें मतदाता सूची बनाने से लेकर वोट की गिनती तक रात-दिन सजग, सचेत और सावधान रहना होगा। हमारी तैयारी आरंभ से मतगणना तक ऐसी होनी चाहिए कि हमारे कार्यकर्ता और ‘सिस्टम’ मुस्तैदी से काम करें.’ EVM के पक्ष में चिदंबरम विचार-विमर्श के दौरान, कुछ नेताओं ने ईवीएम के खिलाफ पार्टी प्रमुख के रुख के खिलाफ जाने वालों की आलोचना की और कहा कि इससे नेतृत्व और उठाए गए मुद्दों की छवि खराब होती है. खड़गे द्वारा ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया पर संदेह जताए जाने के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने ईवीएम के पक्ष में बात की. पार्टी महासचिव संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पर चिंताओं को लेकर आंदोलन और रैलियां होंगी और इंडिया ब्लॉक के दल इसमें शामिल होंगे.पार्टी महासचिव जयराम रमेश और पवन खेड़ा के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पार्टी महासचिव, संगठन के सी वेणुगोपाल ने कहा कि सीडब्ल्यूसी ने चुनावी प्रदर्शन और संगठनात्मक मामलों पर विचार करने के लिए आंतरिक समितियों का गठन करने का फैसला किया है. चुनावी परिणामों पर जताई हैरानी  उन्होंने कहा कि हरियाणा के बाद, पैनल के सदस्य महाराष्ट्र का भी दौरा करेंगे और वहां के नेताओं और कार्यकर्ताओं से बात करेंगे और नुकसान का आकलन करेंगे. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के बारे में, वेणुगोपाल ने कहा कि राज्य में चुनावी नतीजे "सामान्य समझ से परे हैं और यह लक्षित हेरफेर का एक स्पष्ट मामला प्रतीत होता है." सीडब्ल्यूसी के प्रस्ताव में कहा गया है कि हरियाणा में कांग्रेस का प्रदर्शन सभी अपेक्षाओं के विपरीत रहा है. प्रस्ताव में कहा गया कि "चुनावी गड़बड़ियां हुई हैं, जिन्होंने राज्य में परिणाम को प्रभावित किया है, जिन्हें अनदेखा किया गया है." सीडब्ल्यूसी ने "स्वीकार किया" कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और उसके महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन का प्रदर्शन हैरान करने वाला रहा है. कांग्रेस कार्यसमिति ने कहा, "पार्टी को अपने नैरेटिव को मजबूत करते रहना चाहिए. इसमें पूर्ण सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए जाति जनगणना, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और ओबीसी के लिए आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा को हटाना, राजनीतिक संरक्षण के माध्यम से अर्थव्यवस्था में बढ़ते एकाधिकार पर नियंत्रण और निरंतर मूल्य वृद्धि और बढ़ती बेरोजगारी शामिल है." राष्ट्रीय आंदोलन की तैयारी कार्यसमिति ने फैसला किया कि चुनावी प्रक्रिया में हो रही अनियमितताओं को राष्ट्रीय आंदोलन का मुद्दा बनाया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि वह इस मुद्दे पर ‘इंडिया’ गठबंधन के सहयोगी दलों को भी साथ लेगी। जवाबदेही और सख्त फैसले खड़गे ने कहा कि हार से सबक लेते हुए कठोर निर्णय लेने होंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं को सिर्फ राष्ट्रीय मुद्दों और नेताओं पर निर्भर रहने के बजाय जमीनी स्तर पर काम करना होगा। अनुशासन और एकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आपसी कलह और बयानबाजी से पार्टी को नुकसान हो रहा है। राहुल गांधी का आग्रह राहुल गांधी ने खड़गे से खराब प्रदर्शन के मद्देनजर सख्त कार्रवाई की अपील करते हुए कहा, "खड़गे जी, अब एक्शन लीजिए।" चिदंबरम का ईवीएम समर्थन बैठक के दौरान वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने ईवीएम के खिलाफ खड़गे के बयान से असहमति जताई और इसका … Read more

गर्म सलाखों से दागकर घसीटा और सिर मुंडवाया, राजस्थान-बूंदी में महिला से हैवानियत

बूंदी. बूंदी जिले में एक महिला को डायन बताकर गर्म सलाखों से दागने का मामला सामने आया है। डायन बताकर महिला का सिर तक मुंडवा दिया और गरम-गरम भालो से जगह-जगह झूलसाया गया और मुंह काला कर पेड़ पर बांध दिया। हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने उसे पूरे गांव में घुमाया गया। महिला की हालत सही नहीं होने पर पूरा मामला उजागर हो गया और मामला पुलिस तक पहुंचा। इस पर महिला के परिजनों ने हिंडोली थाने में मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने महिला का मेडिकल मुआयना करवाया है और आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बूंदी महिला अनुशासन सेल के एएसपी जसवीर मीणा ने बताया कि पीड़िता नंदू बाई के साथ घटना घटित हुई है। हिंडोली थाना में रिपोर्ट दी गई है। जिसमें बताया कि नंदू बाई की मौसी की लड़की राधा बाई का पेट अधिकांश समय तक दर्द में रहता था। राधाबाई अधिकतर बार जहाजपुर क्षेत्र के खास हाली का झोपड़ा बापजी के स्थान पर आती जाती रहती थीं। वहां से भोपा ने बताया कि उसका पेट दर्द इस वजह से होता है कि उसकी मौसी नंदू बाई के शरीर में बुरी आत्मा है और वही पेट में आती है। इस भोपा यानी तांत्रिक द्वारा नंदू बाई के शरीर में बुरी आत्मा बताकर उसे वहां पर बुलाया गया। इस पर परिवार के लोग नंदू बाई को डायन बताकर भोपा के पास लेकर गए। यहां पर भोपा ने महिला पर डायन बताकर उसके साथ तांत्रिक क्रियाएं की और जगह-जगह से लोहे के भाले और चिमटे से उसे दाग दिया। उसके बाल काटे गए और उसे प्रताड़ित किया गया। पूरे मामले में हिंडोली थाने को मौके पर भेजकर पीड़िता को अपने कब्जे में लिया है और उसका मेडिकल मुआयना करवाया गया है। मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 70