Sunday, July 5, 2026 3:15 am

सरगुजा में किसान की वेश में एक घंटे समिति में रहे पर किसी ने कलेक्टर को नहीं पहचाना

अंबिकापुर छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के कलेक्टर श्री विलास भोसकर किसान बनकर धान खरीदी केंद्र पहुंचे और घंटों तक लाइन में लगे रहे. उनके साथ एसडीएम रवि राही भी थे. पेटला धान उपार्जन केंद्र पर कलेक्टर ने किसान के भेष में टोकन से लेकर तौल प्रक्रिया का जायजा लिया. कलेक्टर ने किसानों बात की और व्यवस्था के बारे में पूछा. कर्मचारियों के व्यवहार के बारे में भी जानकारी ली. जब लोगों को पता चला कि यह कलेक्टर हैं, तो सभी चौंक गए. जानकारी के अनुसार, गुरुवार को कलेक्टर श्री विलास भोसकर और एसडीएम रवि राही ट्रैक्टर पर सवार होकर धान खरीदी केंद्र पर पहुंचे. यहां उन्होंने सबसे पहले किसान बनकर टोकन प्रक्रिया की जानकारी ली. कलेक्टर ने किसान के भेष में घंटों लाइन में खड़े होकर पूरी व्यवस्था का जायजा लिया. कलेक्टर सिर में गमछा बांधकर पहुंचे थे, लिहाजा किसी ने भी उन्हें नहीं पहचाना. वे केंद्र की गतिविधियों की जानकारी लेते रहे. कलेक्टर ने करीब एक घंटे तक खरीदी केंद्र का भ्रमण किया और कर्मचारियों व किसानों के बीच व्यवहार के बारे में जानकारी ली. उन्होंने किसानों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना. फड़ में धान की तुलाई करवाने के बाद उन्होंने तौल पत्रक की ऑनलाइन एंट्री भी करवाई. जब सबको पता चला कि यह कलेक्टर श्री विलास भोसकर हैं तो सभी चौंक गए. इस दौरान कलेक्टर ने समिति प्रबंधक को निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए. खरीदी प्रक्रिया के दौरान चौकस रहें और कोचियों-बिचौलियों पर निगरानी रखें. उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस निरीक्षण के बाद कलेक्टर सहकारी बैंक सीतापुर भी पहुंचे, जहां धान बेचने के बाद पैसे निकालने के लिए किसान लाइन में खड़े थे. कलेक्टर खुद भी लाइन में खड़े हो गए और पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया. उन्होंने एक किसान के खाते से पैसे निकलवाए और उन्हें गिना. इसके बाद उन्होंने नई पासबुक के लिए फार्म लिया और बैंक की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. कलेक्टर ने बैंक के कर्मचारियों से भी बातचीत की और फीडबैक लिया कि किसानों के पैसे ट्रांसफर होने में या अन्य बैंकिंग कार्यों में कोई दिक्कत तो नहीं है. उन्होंने शाखा प्रबंधक को निर्देश दिए कि किसानों के प्रति व्यवहार हमेशा अच्छा रहे.   recent visitors 48

आज तमिलनाडु-पुडुचेरी में टकरा सकता हैCyclone Fengal, स्कूल बंद, रेड अलर्ट जारी, कई उड़ान रद्द

तिरुवन्नामलई तमिलनाडु में चक्रवात के खतरे के बीच इंडिगो एयरलाइंस ने खराब मौसम की वजह से चेन्नई एयरपोर्ट पर सभी आगमन और प्रस्थान उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है. एयरलाइंस ने कहा कि यात्रियों और पायलट्स-केबिन क्रू की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मौसम में सुधार होने पर उड़ानों का संचालन फिर से शुरू किया जाएगा. हम यात्रियों को सलाह देते हैं कि वे वास्तविक समय के अपडेट के लिए अपनी संबंधित एयरलाइनों से संपर्क करें. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चक्रवात 'फेंगल' के कारण तमिलनाडु के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इस बीच, तिरुवन्नामलई जिले में भारी बारिश के चलते सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है. इसी तरह पुडुचेरी और कराईकल में भी सभी स्कूल और कॉलेज को अगले दो दिनों के लिए बंद रखने का फैसला किया गया है. तमिलनाडु सरकार ने चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और चेंगलपट्टू जिले में भी स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे. यह भी निर्देश दिया गया है कि छात्रों के लिए कोई विशेष कक्षाएं या परीक्षाएं आयोजित नहीं की जाएंगी. जिन अन्य जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहां के जिला कलेक्टर को मौजूदा स्थिति के अनुसार स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित करने का निर्णय लेने को कहा गया है. आवश्यक होने पर ही घर से निकलें! चेन्नई के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉक्टर एस बालाचंद्रन के अनुसार, फेंगल चक्रवात का असर तटीय इलाकों जैसे कराईकल और महाबलीपुरम के बीच के क्षेत्रों पर ज्यादा होगा. हवा की गति 90 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए, तमिलनाडु और पुडुचेरी की सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वह अत्यधिक आवश्यकता न हो तो घर के अंदर ही रहें. IT कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह तमिलनाडु राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी आम जनता को समुद्र किनारे जाना, मनोरंजन पार्कों का दौरा और अन्य मजेदार गतिविधियों में शामिल होने से बचने की सलाह दी है. तमिलनाडु में आईटी कंपनियों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने कर्मचारियों को कल आज घर से काम करने का निर्देश दें. इस बीच, पूर्वी तट सड़क (ECR) और ओल्ड महाबलीपुरम रोड (OMR) पर सार्वजनिक परिवहन सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी जाएंगी.   recent visitors 50

विवाह संबंधी बाधाएं दूर करने के लिए करें विवाह पंचमी पर दान

विवाह पंचमी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है जो भगवान राम और माता सीता के पवित्र विवाह के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. मान्यता है कि इसी दिन भगवान राम और माता सीता ने विवाह बंधन में बंधे थे. इसलिए इस दिन को विवाह के पावन बंधन का प्रतीक माना जाता है. भगवान राम और माता सीता के प्रेम और समर्पण का प्रतीक होने के कारण विवाह पंचमी का विशेष महत्व होता है. भगवान राम और माता सीता के आदर्श दांपत्य जीवन को देखते हुए विवाहित जोड़े इस दिन विशेष पूजा करते हैं. मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं और वैवाहिक जीवन सुखमय और सफल होता है. पंचांग के अनुसार, विवाह पंचमी की शुभ तिथि 5 दिसंबर को सुबह 12 बजकर 39 मिनट पर शुरू होगा, जिसका समापन 6 दिसंबर सुबह 12 बजकर 07 मिनट पर होगा. उदय तिथि के अनुसार, 6 दिसंबर 2024 को ही विवाह पंचमी मनाई जाएगी. ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, इस दिन ध्रुव योग का निर्माण हो रहा है. इसके अलावा, सर्वार्थ सिद्धि योग और शिववास योग का भी निर्माण होने वाला है. इसलिए यह दिन बेहद शुभ होने वाला है. शुभ योग विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर दो योग का निर्माण हो रहा है. जिनमें पहला सर्वार्थ सिद्ध योग है. तो वहीं दूसरा रवि योग जो की सुबह 7:00 से लेकर शाम 5:18 बजे तक रहेगा. वहीं, रवि योग 5:18 से शुरू होकर अगले दिन 7 दिसंबर को सुबह 7:01 तक रहेगा. इस दिन केले के पेड़ की पूजा करनी चाहिए. इससे जीवन में सुख और समृद्धि आता है. यह उन कन्याओं के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, जो विवाह के योग्य है. केले के पेड़ भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का प्रतीक माने जाते हैं. विवाह पंचमी के दिन ये चीजें करें दान     सुहागिन महिलाओं को सुहाग का सामान जैसे सिंदूर, बिंदी, चूड़ी, मांगलसूत्र आदि दान करने से वैवाहिक जीवन सुखमय होता है.     गरीबों को कपड़े दान करने से पुण्य मिलता है और विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं.     गरीबों को अनाज दान करने से घर में धन का आगमन होता है और सुख-शांति रहती है.     फल दान करने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है और मन प्रसन्न रहता है.     मिठाई दान करने से घर में खुशियां आती हैं.     गाय का दूध दान करने से माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है. दान करने से मिलते हैं ये लाभ     विवाह पंचमी के दिन दान करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और विवाह के योग बनते हैं.     इस मौके पर दान करने से वैवाहिक जीवन सुखमय और सफल होता है.     दान करने से पति-पत्नी के बीच प्रेम और विश्वास बढ़ता है और सौभाग्य में वृद्धि होती है. विवाह पंचमी पर दान का महत्व विवाह पंचमी के दिन भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी का पूजन करने से वैवाहिक जीवन सुखमय होता है. रामचरितमानस का पाठ करने से मन शांत होता है और विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और माता सीता को सुहाग का सामान अर्पित करने से विवाह के योग बनते हैं. बता दें कि दान करते समय मन में किसी प्रकार का लोभ या दिखावा नहीं होना चाहिए और शुद्ध मन से दान करना चाहिए. विवाह पंचमी के दिन दान करने से न केवल आपका पुण्य बढ़ेगा बल्कि आपका वैवाहिक जीवन भी सुखमय हो जाता है.   recent visitors 63

सड़कों पर ब्लैक स्पॉट के सुधार कार्य में तेजी लाएं, निर्माणाधीन ट्रामा स्टेब्लाईजेशन यूनिट्स का कार्य जल्द पूर्ण करें : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में दिए निर्देश रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में प्रदेश के सड़क सुरक्षा परिदृश्य, सड़क दुर्घटना के नियंत्रण के उपायों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने बैठक में कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के नियंत्रण के लिए दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट और चार पहिया वाहन चालकों के लिए सीट बेल्ट के उपयोग तथा वाहन चलाते समय सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए जनजागरूकता अभियान को प्रभावी ढंग से चलाया जाए। मुख्यमंत्री साय ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़कों पर ब्लैक स्पॉट के सुधार कार्य में तेजी लाने, जिला सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें आयोजित करने, सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों के इलाज के लिए निर्माणाधीन ट्रामा स्टेब्लाईजेशन यूनिट्स का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में परिवहन विभाग द्वारा तैयार कराया गया ‘‘बस संगवारी एप’’ लांच किया और परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा पर प्रकाशित पोस्टर का विमोचन किया।     बैठक में जानकारी दी गई कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के स्कूलों में कक्षा पहली से लेकर दसवीं तक के राज्य शैक्षणिक अनुसंधान परिषद की पाठ्यपुस्तकों में सड़क यातायात नियमों से संबंधित अध्याय पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। बैठक में बताया गया कि यातायात व्यवस्था का इलेक्ट्रॉनिक सर्विलेंस रायपुर, बिलासपुर और नवा रायपुर में किया जा रहा है। भिलाई और दुर्ग में यह व्यवस्था आंशिक रूप से संचालित है। सितंबर 2023 से अक्टूबर 2024 तक 101 ब्लैक स्पॉट और 748 जंक्शन के सुधार कार्य पूर्ण किए गए हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने पर सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु की संभावना 40 प्रतिशत तक कम हो सकती है। अधिकारियों ने बताया कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर परिवहन विभाग द्वारा 6 लाख 70 हजार से अधिक तथा पुलिस विभाग द्वारा 4 लाख 87 हजार से अधिक चालानी कार्यवाही की गई है। 01 जनवरी 2023 से 31 अक्टूबर 2024 तक 7826 वाहन चालकों का लायसेंस निलंबित किया गया है। 8 दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों राजनांदगांव, धरसींवा अभनपुर, पाली, सिमगा, सुकमा, बेमेतरा और पत्थलगांव में ट्रामा स्टेब्लाईजेशन यूनिट निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की गई है। 14 हजार 261 वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस, 72 हजार से अधिक वाहनों में स्पीड गवर्नर तथा 2200 बसों में पेनिक बटन लगाए गए हैं। बैठक में ब्लैक स्पॉट की पहचान, सुधार की कार्यवाही, सड़कों में यातायात संकेतक, होर्डिंग्स हटाने, फुटपाथ, पार्किंग, सर्विस लेन से अतिक्रमण हटाने आदि कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, बसव राजू एस. और राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, आबकारी सचिव श्रीमती आर. संगीता, एडीजी ट्रेफिक प्रदीप गुप्ता, अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर उपस्थित थे। सभी संभागों के आयुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक वर्चुअली बैठक में शामिल हुए। अंतर्विभागीय लीड एजेंसी के अध्यक्ष एवं एआईजी ट्रेफिक संजय शर्मा ने बैठक में प्रेजेंटेशन दिया। recent visitors 56

संविदा चिकित्सा सेवा की बाध्यता से अनेक प्रतिभाशाली डॉक्टर पीजी करने दूसरे राज्यों का रुख करने को मजबूर

रायपुर  छत्तीसगढ़ में प्रतिभा पालयन तेजी हो रहा, खासकर मेडिकल क्षेत्र में। राज्य में एक तरफ विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी बाध्यतायें ऐसी हैं कि प्रतिभाशाली युवा चिकित्सक उच्च शिक्षा प्राप्त करने दीगर राज्यों का रुख कर रहे हैं।          स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश के बाद प्रदेश और देशभर की मेडिकल कॉलेजों में ऑल इंडिया कोटा और राज्य कोटा के पीजी काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस निर्देश के बाद राज्य  मंत्रालय के स्वास्थ्य विभाग ने भी MBBS के बाद स्पेशलिस्ट डॉक्टर बनने के लिए पीजी में चयनित डॉक्टर की मेरिट लिस्ट जारी कर दी है।  लेकिन आलम ये है कि डॉक्टर चाहते हुए भी, राज्य के मेडिकल कॉलेजों  में पीजी  में एडमिशन नहीं ले रहे हैं। यही वजह है कि अनेक छात्र अच्छी पोजीशन लाने के बाद भी अन्य राज्यों का रुख कर रहे हैं। प्रदेश की मेरिट लिस्ट में, दूसरा स्थान बनाने वाले, डॉक्टर विनय अग्रवाल, इंदौर की एमजेएम मेडिकल में "मेडिसिन" ब्रांच में आल इंडिया कोटे से एडमिशन ले रहे हैं। वे  इसका कारण बताते है, प्रदेश में शासकीय कॉलेजों से पीजी करने के बाद 2 साल की शासकीय संविदा सेवा करने की अनिवार्यता। डॉ विनय ने शासन से मांग है की  इस अनिवार्यता को समाप्त किया जाना चाहिए,  ताकि  जो इस प्रदेश में चिकित्सा सेवा देना चाहते हैं, मजबूरी में पलायन ना करना पड़े । डॉक्टर विनय कहते हैं कि जब आंध्र प्रदेश में, तेलंगाना में, गुजरात में और भी अन्य प्रदेशों में , इस तरह का बंधन नहीं है  तो फिर छत्तीसगढ में ऐसी बाध्यता क्यों?  वे  इसे अप्रासंगिक बताते हुए कहते हैं कि सन 1997 में कि जब नियम बना था, तब देश में और प्रदेश में डॉक्टरों की कमी थी। आज माननीय प्रधानमंत्री जी हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने जा रहे हैं, आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड से  बङे से बङे अस्पतालों में, इलाज करने की सुविधा गरीब नागरिकों को भी प्राप्त है । ऐसे में छत्तीसगढ़ को इस बंधुआ मजदूरी से डॉक्टर को मुक्त करना चाहिए, इससे राज्य में प्रतिभान डाक्टरो का पलायन रूकेगा ।"      उल्लेखनीय है कि देशभर की मेडिकल कॉलेजों  से  MBBS कर चुके डॉक्टरों को  उच्च शिक्षा  अर्थात पीजी सीटों (स्पेशलिस्ट डॉक्टर ) के लिए देश की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षा  NEET PG   देनी होती है .ये परीक्षा NBE  ( नेशनल बोर्ड ऑफ़ एग्जामनेशंस ) द्वारा आयोजित की जाती है . वर्ष 2024 की NEET  PG के चयन में 6 माह की देरी  हुई हैं . पीजी की सीटे कम होने के कारण , मेरिट लिस्ट में रेडियोलॉजी , स्किन  और मेडिसिन में मेरिट लिस्ट बहुत हाई जाती है.          प्रदेश के एक छोटे से गांव खम्हारपाली ( सरायपाली ) जिला महासमुंद के डॉ विनय अग्रवाल  ने, अपने पहले ही प्रयास में  सफल हुईं , अपितु नीट पीजी 2024 की,  छत्तीसगढ़ राज्य की मेरिट लिस्ट में  दूसरा स्थान हासिल किया है .   डाॅ विनय ने  एमबीबीएस की पढाई अक्टूबर 2023 में  से पूरी की . वो नीट पीजी -2024 की परीक्षा में शामिल हुए . डॉक्टर विनय ने कई मुश्किलों के बीच अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की । छोटे से गांव खमारपाली पायमरी तक स्कूल से पढाई  कर, हाई स्कूल के लिए , उसे 10 किलोमीटर दूर सरायपाली टैक्सी या अन्य व्हीकल से रोज आना जाना पड़ता था।  यही नही, गांव में हमेशा बिजली कट के बीच, उसे लालटेन से पढाई करनी पड़ती थी  . स्कूली पढाई के बाद वो एक साल कोचिंग के लिए कोटा गए। वर्ष 2017 में पहले पहले एटीएम में 12वीं के बाद वह एमबीबीएस में सिलेक्ट हो गए और वह रायपुर मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर अब इंदौर में मेडिसिन में विशेषज्ञ डॉक्टर बनेंगे।       3 साल की मेडिकल की पीजी की पढाई के बाद डाक्टर विनय छत्तीसगढ़ में ही गरीब और गांव के लोगो को अपनी सेवाये देने की इच्छा रखते है। डाक्टर विनय को, इस बात का बेहद अफ़सोस है कि चाहते हुए भी, वो छत्तीसगढ़ से मेडिकल पीजी नहीं कर पाये । क्योंकि यहाँ 3साल पीजी की पढाई के बाद , 2 साल संविदा चिकित्सा के नाम पर , कैरियर बर्बाद करना पड़ता है . recent visitors 44

बस यात्रियों, विशेष रूप से दूरस्थ अंचलों के यात्रियों के लिए काफी सुविधाजनक होगा एप का उपयोग : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर छत्तीसगढ़ में बस यात्रियों को अब बस की समय-सारणी और बस रूट की जानकारी घर बैठे मिल सकेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में सुशासन की अवधारणा पर अमल करते हुए यात्रियों की यात्रा को सुगम और सरल बनाने के लिए  ’बस संगवारी एप’ लॉन्च किया। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बस संगवारी एप बस यात्रियों, विशेष रूप से दूरस्थ अंचलों के यात्रियों के लिए काफी सुविधाजनक होगा। निकट भविष्य में इस एप के माध्यम से अंतर्राज्यीय बसों के परिवहन और बसों के रियल टाइम ट्रेकिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। अभी यात्रियों को बस की टाइमिंग पता करने के लिए बस स्टैण्ड या बस स्टॉप पर जाना पड़ता है। लोगों की इस परेशानी का समाधान इस एप के जरिए मिल सकेगा। परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश ने बस संगवारी एप के संचालन के बारे में मुख्यमंत्री साय को विस्तार से जानकारी दी। छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग द्वारा तैयार कराए गए इस एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकेगा। इस एप के माध्यम से यात्रियों के लिए सार्वजनिक परिवहन सुविधाजनक होगा। इस एप में वर्तमान में 5 हजार से अधिक बसों को शामिल किया गया है, जो विभिन्न रूट में संचालित हैं। जल्द ही अंतर्राज्यीय बसों के संचालन की जानकारी भी इस एप के माध्यम से मिल सकेगी। बसों में जीपीएस सिस्टम लगाया जा रहा है। बस संगवारी एप को जीपीएस के साथ एकीकृत किया जा रहा है, जिससे बसों की लाइव ट्रेकिंग भी की जा सकेगी। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, बसव राजू एस. और राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, आबकारी सचिव श्रीमती आर. संगीता, एडीजी ट्रेफिक प्रदीप गुप्ता, अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर उपस्थित थे। बैठक में सभी संभागों के आयुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक वर्चुअली शामिल हुए। अंतर्विभागीय लीड एजेंसी के अध्यक्ष एवं एआईजी ट्रेफिक संजय शर्मा ने बैठक में प्रेजेंटेशन दिया। recent visitors 61

कलेक्टर ने जिले में अच्छी किस्म के फ्रूट का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए

मछली पालन को प्रोत्साहित करें : कलेक्टर कलेक्टर  पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में खरीफ एवं रबी की तैयारी के संबंध में समीक्षा बैठक हुई सम्पन्न कलेक्टर ने जिले में अच्छी किस्म के फ्रूट का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए छतरपुर कलेक्टर  पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में खरीफ 2024 एवं रबी 2024-25 की तैयारी के संबंध में समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट छतरपुर में सम्पन्न हुई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती तपस्या परिहार, डी.डी. कृषि, जीएम कॉपरेटिव बैंक, उप संचालक पशु चिकित्सा श्री आर.एन. सेन, सहायक संचालक उद्यानिकी श्री जगदीश सिंह मुजाल्दा, सहायक संचालक मत्स्य विभाग श्री नितिन वर्मा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में रबी मौसम की उर्वरक मांग एवं उपलब्धता, विकास खण्डवार बुवाई की जानकारी, सोयाबीन उपार्जन की स्थिति, पंजीयन केन्द्रों की जानकारी, मिट्टी परीक्षण लैब की स्थिति, किसानों को दिए जाने वाले किसान क्रेडिट कार्ड, कस्टम हायरिंग केन्द्रों की जानकारी, नरवाई में आग लगने की घटना, जैविक खेती, बीज निगम आदि कि समीक्षा की गई। साथ ही प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना, राज्य पोषित योजना, एकीकृत बागवानी मिशन योजना, अटल भूजल योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्न्यन योजना, पशु चिकित्सा वाहन, मुर्गी पालन, बकरी पालन, सूकर पालन, चरी चारा विकास, आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना आदि की समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री जैसवाल ने जिले के किसानों में कितने डिफॉल्टर है कि जानकारी लेकर कॉपरेटिव बैंक के अधिकारियों को वसूली प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश दिए। बक्सवाहा में निम्न वसूली पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। एडी मत्स्य को दिसम्बर माह तक 50 तालाबों के पट्टे निर्धारित कर मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। कुल 916 में से मात्र 300 तालाबों में पट्टे वितरित किए जाने पर नाराजगी व्यक्त कि गई। कलेक्टर ने उद्यानिकी विभाग को निर्देश दिए कि जिले में किसानों का चयन करते हुए अच्छी किस्म के फ्रूट तरबूज, अमरूद आदि का उत्पादन कराएं। साथ ही किसानों को उत्पादन के संबंध में जरूरी सलाह भी दी जाए। इसके अलावा पशुओं के वैक्सीनेशन आदि कि समीक्षा की गईं। recent visitors 45