संभल में न तो किसी बाहरी की एंट्री होगी, न ही कोई सोशल एक्टिविस्ट, प्रवेश पर 10 दिसंबर तक रोक

संभल संभल में शाही जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर हुए पथराव और हिंसा के बाद प्रशासन ने 10 दिसंबर तक बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। संभल में न तो किसी बाहरी की एंट्री होगी, न ही कोई सोशल एक्टिविस्ट और नेता ही यहां जा सकेंगे। डीएम राजेंद्र पांडिया ने ऐलान किया है कि अब ये रोक 10 दिसंबर तक लागू रहेगी। डीएम राजेंद्र पांडिया ने आदेश दिया है कि कोई भी शख्स बिना किसी सक्षम अधिकारी को सूचित करे हुए संभल में प्रवेश नहीं कर सकेगा। संभल की जनपद सीमा में बाहरी लोगों की एंट्री पर पहले एक दिसंबर तक बैन लगाया गया था। लेकिन, हालात को देखते हुए इसे और बढ़ाने का फैसला किया गया है। शनिवार को समाजवादी पार्टी के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भी संभल जाने वाला था, जिन्हें उनके क्षेत्र और आवास पर ही रोक दिया गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी प्रतिबंध लगाने पर टिप्पणी की है और सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "प्रतिबंध लगाना भाजपा सरकार के शासन, प्रशासन और सरकारी प्रबंधन की नाकामी है। ऐसा प्रतिबंध अगर सरकार उन पर पहले ही लगा देती, जिन्होंने दंगा-फसाद करवाने का सपना देखा और उन्मादी नारे लगवाए, तो संभल में सौहार्द-शांति का वातावरण नहीं बिगड़ता।   recent visitors 67

अच्छी आवाज के धनी लोगो के लिए डबिंग आर्टिस्ट है अच्छा करियर विकल्प

डबिंग आर्टिस्ट बनने के लिए किसी खास योग्यता की जरूरी नही होती हैं. यदि आप दिलकश आवाज और शानदार भासः के धनी हैं तो आप आसानी से डबिंग आर्टिस्ट बन सकते हैं. डबिंग आर्टिस्ट बनने के लिए हाल ही में कुछ कोर्सेज भी शुरू किये गए हैं हैं जिनके लिए शैक्षणिक योग्यता न्यूनतम 10 वी पास रहेगी. योग्येता:- डबिंग आर्टिस्ट बनने के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज हैं आवाज. आपकी आवाज ब्राडकास्टिंग क्वालिटी की होनी चाहिए इससे आप भले ही किसी भी फिल्म या विज्ञापन में अपनी आवाज दे आपकी आवाज आपकी गुणवत्ता को दर्शाएगी. इसके अलावा आपकी भाषा में अच्छी पकड़ भी होनी चाहिए क्यूंकि भाषायी कौशल भी इसके लिए बेहद जरूरी हैं. आपका सही उच्चारण, आपको अलग अलग तरह से बोल पाने की योग्यता, लोगो के हाव भाव को समझ पाने का कौशल भी आपके अंदर होना जरूरी हैं. आपको डबिंग स्टार के रूप में लोगो के हाव भाव को भी समझ कर अपनाना होता हैं. अच्छे डबिंग स्टार के तोर पर आपको लोगो से कनेक्शन बना पाने की योग्यता भी आनी चाहिए. अवसर:- डबिंग आर्टिस्ट के तोर पर करियर के कई अवसर उपलब्ध होते हैं. डबिंग स्टार के लिए रेडियो तथा टीवी चैनलों, प्रोडक्शन हाउसेज, विज्ञापन उद्योग, डॉक्यूमेंटरी फिल्म्स, एनिमेशन जगत, ऑनलाइन एजुकेशन (ऑडियो बुक डबिंग) में करियर के अवसर उपलब्ध हैं.. इस क्षेत्र में काफी स्ट्रगल भी हैं पर एक बार आपका करियर शुरू हो जाता हैं तो आगे बढ़ने के कई अवसर आपको मिलेंगे. कोर्स:- इस क्षेत्र में डिग्री कोर्स या डिप्लोमा कोर्स नही होते हैं.पर कुछ संस्थाए ऐसी भी हैं जो सर्टिफिकेट कोर्स भी करवाती हैं.जिनकी अवधि एक महीने की होती हैं.   recent visitors 128

हथकरघा और हस्तशिल्प को प्रदर्शित करने वाला वस्त्रट मंत्रालय का कार्यक्रम एक से 15 दिसंबर तक दिल्ली हाट में

नई दिल्ली बेहतरीन हथकरघा और हस्तशिल्प को प्रदर्शित करने वाला वस्त्रट मंत्रालय का कार्यक्रम 'मास्टर क्रिएशन' एक से 15 दिसंबर तक दिल्ली हाट, आईएनए मार्केट, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य कारीगरों को उनके कौशल का प्रदर्शन करने और अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं को बेचने के लिए एक मंच प्रदान करके उन्हें बढ़ावा देना और उनका समर्थन करना है। यह भारत की हस्तशिल्प और हथकरघा परंपराओं को संरक्षित करने के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने का भी प्रयास है। मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार आगंतुकों को वस्त्र, मिट्टी के बर्तन, आभूषण, लकड़ी के काम और अन्य सहित हस्तनिर्मित उत्पादों की विविधतापूर्ण रेंज देखने का अवसर मिलेगा। प्रत्येक स्टॉल पर मास्टर कारीगरों द्वारा बनाई गई अनूठी कृतियां प्रदर्शित की जाएंगी जो भारत के पारंपरिक और समकालीन कला रूपों की झलक पेश करेंगी। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले 157 कारीगरों और बुनकरों में से 11 पद्म पुरस्कार विजेता, 18 शिल्प गुरु पुरस्कार विजेता, 22 संत कबीर पुरस्कार विजेता, 113 राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता और 3 राष्ट्रीय योग्यता प्रमाणपत्र धारक अपनी कृतियों का प्रदर्शन और बिक्री करेंगे। वस्त्र मंत्रालय हथकरघा और हस्तशिल्प के प्रति उत्साही लोगों को भारत के प्रतिभाशाली कारीगरों और बुनकरों की कलात्मकता और शिल्प कौशल का जश्न मनाने के लिए दिल्ली हाट में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता है ताकि हमारे देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में शामिल हो सकें।   recent visitors 116

गरुड़ पुराण के अनुसार ऐसे लोग स्वर्ग नहीं नरक जाते है

हिंदू धर्म के ऐसे ग्रंथ भी है जिनमें ऐसी कथाएं दी है जिनमें स्वर्ग और नर्क के बारे में बताया गया है। इन्ही पुराणों में से है गरुड़ पुराण। जिसमें स्वर्ग और नरक के बारें में बहुत ही विस्तार से बताया गया है। गरुड़ पुराण को हिंदू धर्म के 18 पुराणों में से एक माना जाता है। गरुड़ पुराण में हमारें जीवन को लेकर कई गूढ बातें बताई गई है। जिनके बारें में व्यक्ति को जरुर जनना चाहिए। ऐसे ही कुछ बातें है जिनके बारें में न हमने सुना है न ही उनके बारें में जानते है। गरुड़ पुराण के अनुसार माना जाता है कि जो मनुष्य गलत काम करते है या फिर दुष्ट होते है वो नरक जाते है। और जो लोग अच्छा काम करते है वह स्वर्ग जाते है। स्वर्ग जिसे देवताओं का निवास स्थान माना जाता है। जो बुरे कर्म करते है उन्हें नरक में ले जाकर बहुत ही बुरी तरीके से दंडित किया जाता है। आज हम अपनी खबर में गरुड़ पुराण में दिए गए ऐसे लोगों के बारें में बता रहे है जो ऐसे काम करते है। उन्हें नरक में जाकर अपने पाप भोगने पडते है। जानिए ऐसे कौन से लोग है। ऐसे लोग जो सिर्फ अपने बारें में सोचते है किसी दूसरें का हित नहीं करते है। साथ ही जो लोग कुएं, तालाब, प्याऊ और मार्ग आदि को हानि पहुंचाते हैं, ऐसे दुष्ट लोगं को नरक में ले जाया जाता हैं। पढ़े और कौन से लोग जाते है नरक में…. -समाज में ऐसे कई से लोग होते है जो आपना पेट दूसरों से झूठ बोलकर भरते है या फिर कोई गलत काम करके। गरुड़ पुराण के अनुसार जो लोग किसी स्त्री की हत्या करते है, आत्महत्या, गर्भ हत्या, ब्रह्म हत्या, गौ हत्या करते है या फिर किसी कन्या को बेचें, अपने लाब के लिए झूठ बोले। ऐसे लोगों को नरक में ही जगह मिलती हैं। -जो लोग धर्म को नही मानते है। उसकी निंदा करते है, साथ ही ऋषि-मुनियों, वेद-पुराण की निंदा कर उसका मजाक उड़ाते है। वो नरक जाते है। -जो लोग किसी भी समय या फिर कभी किसी देवी-देवता ता चिंतन नही करते है वो नरक में जाते है। पुराने जमाने के लोग हमेशा एक बात कहते है कि प्रभु का चिंतन करते रहो तभी तुम्हें स्वर्ग की प्राप्ति होगी। -गरुड़ पुराण में कहा गया है कि हमें सी पर दया करनी चाहिए जिससे हमें ही पुण्य प्राप्त होता है। लेकिन कई ऐसे व्यक्ति होते है जो अनाथ, गरीब, बच्चों, बूढ़े आदी पर दया नहीं दिखतें। ऐसे लोग नरक में जाते है। -एक ब्राह्मण व्यक्ति अगर व्यसनों में फस कर मांस मंदिरा का सेवन वाला, दूसरें का धन हडपने वाला, झूठ बोलने वाला भी नरक में जाता है। -पुराणों में माना जाता हैं कि जब आप भोजन करें उससे पहले किसी को भोजन खिलाना चाहिए इससे आपको अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। जो लोग अपने घर में अपनी पत्नी, बच्चों, नौकरों या फिर घर आए मेहमानों को भोजन नही कराते है वह नरक का रास्ता अपने लिए खोल लेते है। -जो लोग दिनभर बुरें व्यसनों यानी कि शराब, मंदिरा और मांस आदि में लगे रहते है। वह भी नरक को ही जाते है। -जो लोग किसी की समस्या को नही समझते है। उसका अपमान करते है। जैसे कि घर में कोई गरीब व्यक्ति खानें के लिए मांगने आता है तो उसका अपमान कर उसे भगा देते है। ऐसे लोग नरक में जाते है। -जो लोग पूजा-पाठ और अपने पितरों का तर्पण नही करते है। वह नरक में जाते है। -जो लोग दूसरें के धन में अपनी नजर रखते है या फिर उसका धन हडप लेते है, या फिर जो लोग दूसरों से ईर्ष्या करते है, साथ ही दूसरें की हमेशा बुराई करने वाले नरक में जाते है। (गरुड़ पुराण में ऐसे लोगों को बुरा, दुष्ट मनुष्य माना गया है। जिसके कारण इन्हें नरक की प्राप्ति होती है।)   recent visitors 98

प्रदेश में छः नये वन स्टॉप सेंटर जल्द खोले जाएँगे: मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया

भोपाल महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने बताया कि प्रदेश में छः नये वन स्टॉप सेंटर जल्द खोले जाएँगे । केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्रालय द्वारा इसके लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि वन स्टॉप सेंटर झाबुआ जिले के पेटलावाद, इंदौर के रसूलिया, धार के पीथमपुर और मनावर सहित नए जिले पांढुर्ना, मऊगंज और मैहर में खोले जाएँगे । मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि इन जिलों में वन स्टॉप सेंटर खुलने से पीड़ित महिलाएं उनके साथ हुए अत्याचार अथवा घरेलू हिंसा के बारे में बता पाएंगी और व्यवस्था अनुसार अपने जीवन को एक नई दिशा दे सकेंगी। उन्होंने कहा कि यहां पर हिंसा से प्रभावित महिलाओं को तत्काल आपातकालीन प्रतिक्रिया और बचाव सेवाएं, चिकित्सा सहायता, प्राथमिकी दर्ज करने में महिलाओं की सहायता, मनोवैज्ञानिक या परामर्श सहायता, कानूनी सहायता, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा के साथ-साथ मुफ्त पुलिस और अदालती कार्यवाही के दौरान सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही इन केंद्रों पर सभी तरह की हिंसा से पीडि़त महिलाओं और बालिकाओं को अस्थाई रूप से रहने की सुविधा दी जाती है। मंत्री सुश्री भूरिया के अथक प्रयासों से झाबुआ के पेटलावद में नवीन वन स्टॉप सेंटर खुलने से इस क्षेत्र की महिलाओं को किसी भी प्रकार की हिंसा के पश्चात न्याय पाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। प्रदेश में अब तक 57 ओएससी सेंटर्स संचालित किये जा रहे थे। इन 7 नये वन स्टॉप सेंटर की स्वीकृति मिलने से अब इनकी संख्या 64 हो जाएगी।   recent visitors 79

दिसंबर में कितने दिन बंद रहेगा stock market, जानें NSE -BSE में कितने दिन नहीं होगा कारोबार

मुंबई नए महीने दिसंबर में शेयर बाजार के निवेशक 2024 में बचे हुए ट्रेड सेशन की संख्या का पता लगाने में व्यस्त हैं। ऐसे निवेशकों के लिए 2024 में बचे हुए शेयर बाजार की छुट्टियों की कुल संख्या महत्वपूर्ण है। शेयर बाजार की छुट्टियों की सूची 2024 के अनुसार , दिसंबर 2024 में सिर्फ एक शेयर बाजार की छुट्टी होगी। यह क्रिसमस के लिए 25 दिसंबर 2024 को है। दिसंबर 2024 में शेयर बाजार की छुट्टियाँ इसलिए, 25 दिसंबर 2024 को क्रिसमस के लिए ट्रेडिंग गतिविधि निलंबित रहेगी, जो दिसंबर 2024 में एकमात्र शेयर बाजार अवकाश है । इसके अलावा, भारतीय शेयर बाजार शनिवार और रविवार को बंद रहेगा। इसलिए, दिसंबर 2024 के कैलेंडर को देखें तो महीने की 7वीं, 14वीं, 21वीं और 28वीं तारीख को चार शनिवार पड़ेंगे और महीने की 1वीं, 8वीं, 15वीं, 22वीं और 29वीं तारीख को पांच रविवार पड़ेंगे। अगर हम दिसंबर 2024 में पड़ने वाले एक शेयर बाजार अवकाश को शामिल करते हैं, तो दिसंबर 2024 में 31 दिनों में से 10 दिन बीएसई और एनएसई पर ट्रेडिंग गतिविधि निलंबित रहेगी। इसका मतलब है कि 2024 में सिर्फ़ 21 प्रशिक्षण सत्र बचे हैं। शेयर बाज़ार की छुट्टियाँ 2024 2024 में शेयर बाजार की छुट्टियों की सूची के अनुसार, BSE और NSE ने कुल चौदह शेयर बाजार छुट्टियों की घोषणा की। हालाँकि, अयोध्या राम मंदिर में 'प्राण प्रतिष्ठा' के मद्देनजर, महाराष्ट्र राज्य सरकार ने सोमवार, 22 जनवरी 2024 को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया। इसलिए, महाराष्ट्र राज्य सरकार का अनुसरण करते हुए, BSE और NSE ने 22 जनवरी 2024 को शेयर बाजार की छुट्टी घोषित की। बाद में, 20 मई, 2024 को मुंबई में लोकसभा चुनाव और 20 नवंबर, 2024 को महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों की घोषणा के बाद, BSE और NSE ने संबंधित दिनों पर शेयर बाजार की छुट्टियों की घोषणा की। इसलिए, 2024 में 17 शेयर बाजार की छुट्टियां पड़ती हैं और दिसंबर में सिर्फ एक शेयर बाजार की छुट्टी बची है। recent visitors 58

मध्यप्रदेश में एनीमिया के उन्मूलन के लिये सभी सम्बद्ध विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक

भोपाल नीति आयोग की कार्यशाला में विशेषज्ञों ने कहा है कि मध्यप्रदेश में एनीमिया के उन्मूलन के लिये सभी सम्बद्ध विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। मध्यप्रदेश में एनीमिया और हिडन हंगर की स्थिति पर राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) से जानकारी साझा की गई। नीति आयोग द्वारा एनीमिया और हिडन हंगर पर विशेषज्ञों ने गत दिवस एक कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के संदर्भ में व्यापक चर्चा की। आयुक्त खाद्य, सिवि चक्रवर्ती ने राज्य के फोर्टिफाइड चावल कार्यक्रम और एनीमिया से जुड़े महिला कार्यबल की कम भागीदारी को एक बड़ी चुनौती के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कार्यबल पर एनीमिया के प्रभाव का आंकलन करने और डेटा का उपयोग करके प्रभावी रणनीतियाँ तैयार करने का सुझाव दिया। संयुक्त नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन श्रीमती माया अवस्थी ने हिडन हंगर और राज्य में फोर्टिफिकेशन प्रयासों, विशेष रूप से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से डबल-फोर्टिफाइड नमक के वितरण पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने एनीमिया को समाप्त करने के लिए विभागों के बीच समन्वय के महत्व को रेखांकित किया। एफएसएसएआई के डॉ. अमित शर्मा ने सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करने वाले नियामक ढांचे पर चर्चा की, जिसमें खाद्य सुरक्षा और फोर्टिफिकेशन मानकों के लिए अधिदेश पर ध्यान केंद्रित किया गया। मुदित कपूर ने मध्यप्रदेश में घरेलू आहार प्रवृत्तियों पर डेटा प्रस्तुत किया, जिसमें क्षेत्रीय विविधताओं, आहार विविधता में सुधार और अनाज की खपत में गिरावट को रेखांकित किया गया। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में बेहतर गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की ओर बदलाव की जानकारी दी। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की सुरुचिका चुघ सचदेवा ने कुपोषण को दूर करने के लिए वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा किया और फोलिक एसिड फोर्टिफिकेशन और आहार विविधता रणनीतियों पर जोर दिया। साथ ही न्यूट्रिशन इंटरनेशनल की सुसाक्षी जैन और फोर्टिफाई हेल्थ की डॉ. जोशिता लांबा ने राज्य में क्षमता निर्माण, तकनीकी सहायता और जन-जागरूकता अभियानों पर प्रकाश डाला। डॉ. अभिजीत पी. पाखरे और श्रीमती अमिता सिंह ने खाद्य फोर्टिफिकेशन कार्यक्रमों के त्वरित और साक्ष्य-आधारित कार्यान्वयन की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने एनीमिया उन्मूलन के लिए डेटा उत्पन्न करने और नीतियों को मजबूत करने पर जोर दिया। बैठक में नीति आयोग के डॉ. धापानी ने स्वागत उद्बोधन दिया, जिसमें उन्होंने मध्यप्रदेश में एनीमिया और हिडन हंगर की स्थिति पर जानकारियाँ साझा कीं। उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच के अंतर पर प्रकाश डाला और पोषण निगरानी और हस्तक्षेप को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। श्रीमती पूर्णिमा शर्मा ने सभी का आभार माना।   recent visitors 55