Saturday, July 4, 2026 1:13 pm

दबंग दिल्ली केसी अंक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंचा

नोएडा. दबंग दिल्ली केसी और तमिल थलाइवाज के बीच खेले गए प्रो कबड्डी लीग के 11वें सीजन के 87वें मैच में मामला फंसा हुआ था। अंतिम छह मिनट तक दोनों टीमें बराबरी पर चल रही थीं और विजेता की तस्वीर नहीं दिख रही थी लेकिन फिर नवीन कुमार ने चार अंक की रेड के साथ मैच की तस्वीर बदल दिल्ली को जीत दिलाने वाली लीड दिला दी। दिल्ली ने इस रोमांचक मैच में 32-21 के अंतर से जीत हासिल करते हुए अंक तालिका में छह स्थान की छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। दिल्ली की टीम लगातार पांच मैचों से अजेय है। उसके लिए नवीन ने 11 अंक लिए जबकि आशू ने पांच और डिफेंस से योगेश ने चार अंक लिए। थलाइवाज के लिए मोइन शफागी (8) ही चमक दिखा सके। थलाइवाज ने शुरुआती तीन मिनट में ही दिल्ली के दोनों रेडरों-आशू और नवीन को बाहर कर अपनी टीम को 4-2 की लीड दिला दी। इसके बाद हालांकि योगेश ने डू ओर डाई रेड पर विशाल को लपक स्कोर 3-4 कर दिया औऱ फिर बस्तामी ने डू ओर डाई आशू को लपक स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद अगले दो मिनट में भी दोनों टीमों के बीच बराबरी का मुकाबला चला। स्कोर 6-6 था लेकिन नवीन ने आशीष का शिकार कर 10 मिनट की समाप्ति तक दिल्ली को 7-6 से आगे कर दिया। ब्रेक के बाद भी दोनो टीमों के बीच जोरदार मुकाबला चला। 14वें मिनट तक स्कोर 9-9 था लेकिन इसके बाद थलाइवाज ने 11-9 की लीड ले ली। फिर शफागी ने नवीन को लपक दिल्ली को सुपर टैकल सिचुएशन में डाल दिया। दिल्ली ने इसका लाभ लिया। गौरव ने डू ओर डाई रेड पर शफागी को लपक स्कोर 11-12 कर दिया। फिर मोहित ने डू ओर डाई रेड पर सचिन का शिकार कर हाफटाइम तक स्कोर 12-12 कर दिया। हाफटाइम के बाद भी दोनों टीमों के बीच रस्साकसी जारी रही और चार मिनट बीतने के बाद भी स्कोर 13-13 से बराबर था। दोनो टीमें डू ओर डाई रेड पर खेल रही थीं। इसी बीच नितेश ने इसी तरह की एक रेड पर आशीष को लपका और फिर सचिन ने डू ओर डाई रेड पर आशीष का शिकार कर 15-13 के स्कोर पर दिल्ली के लिए सुपर टैकल आन कर दिया। दिल्ली ने फिर इसका लाभ लिया। योगेश ने डू ओर डाई रेड पर सचिन को सुपर टैकल कर दिल्ली को 16-15 से आगे कर दिया। फिर नवीन ने डू ओर डाई रेड पर रौनक को आउट कर दिल्ली को दो अंक की लीड दिला दी। इसके बाद नवीन ने चार अंक की रेड के साथ मैच की तस्वीर बदल दी। दिल्ली 22-16 से आगे थे और थलाइवाज आलआउट की कगार पर। नवीन ने सुपर-10 पूरा कर लिया था। फिर दिल्ली ने थलाइवाज को आलआउट कर 25-17 की लीड ले ली। आलइन के बाद दिल्ली ने जल्द ही अपनी लीड 11 की कर ली। अब थलाइवाज को किसी चमत्कार की जरूरत थी लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं और थलाइवाज लगातार दूसरी और 15 मैचो में कुल नौवीं हार को मजबूर हुए। recent visitors 63

जिलों के वनमंडल अधिकारी करेंगे देखरेख, अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस पर कूनो के जंगल में छोड़े जाएंगे अग्नि और वायु चीते

ग्वालियर। कूनो नेशनल पार्क के बड़े बाड़े में बंद चीतों को खुले जंगल में छोड़ने का समय नजदीक आ गया है। अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस (चार दिसंबर) पर नर चीता अग्नि और वायु को बाहर छोड़ा जाएगा। इसकी तैयारी कर ली गई है। चीतों को छोड़ने के दौरान चीता स्टीयरिंग कमेटी के सदस्यों के साथ कूनो पालपुर के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। पहले चीतों को जोड़े में छोड़ने की योजना थी लेकिन फिलहाल नर चीतों को छोड़ा जाना तय किया गया है। इसके साथ ही अब पर्यटकों को चीते खुले जंगल में दिखाई देने की संभावना बढ़ जाएगी। मार्च 2023 में पहली बार खुले जंगल में छोड़े गए थे चीते वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार एक चीता के लिए करीब 100 वर्ग किमी क्षेत्र की जरूरत होती है। कूनो के जंगल का क्षेत्र करीब 1200 वर्ग किमी का है। इसमें 748 वर्ग किमी मुख्य जोन में और 487 किमी बफर जोन में है। एक मार्च, 2023 को पहली बार चीता पवन व आशा को खुले जंगल में छोड़ा गया था। इसके कुछ ही दिन बाद चीता गौरव (एल्टन) और शौर्य (फ्रेडी) को छोड़ा गया था। इस दौरान कई बार चीते राजस्थान और मध्य प्रदेश के दूसरे जिलों तक पहुंच गए। इन्हें ट्रैंकुलाइज करके वापस कूनो में लाया गया। चीतों विशेषज्ञों का कहना है कि चीतों को बार-बार ट्रैंकुलाइज नहीं किया जाना चाहिए। संक्रमण से हो गई थी एक चीते की मौत कॉलर आईडी की रगड़ से गर्दन में हुए संक्रमण से एक चीते की मौत के बाद बाहर घूम रहे सभी चीतों को बाड़े में बंद कर दिया गया। इन्हीं कुछ आशंकाओं की वजह से चीतों को खुले जंगल में छोड़ने पर निर्णय लंबे समय से टल रहा था। चीतों को खुले जंगल में छोड़ने से पहले तय किया गया कि चीतों का मूवमेंट जिस राज्य या जिले में होगा तो उसके भोजन और निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित वनमंडल की होगी। 29 नवंबर को राजस्थान के रणथंभौर में हुई बैठक में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) द्वारा बनाई गई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पर सहमति बनी और इन्हें खुले जंगल में छोड़ने की तिथि चार दिसंबर तय कर दी गई। बैठक में तीनों राज्यों में 1500 से 2000 वर्ग किमी का चीता कारिडोर बनाए जाने पर भी चर्चा हुई। कूनो में 12 में से सात नर और पांच मादा शावक कूनो के बड़े बाड़े में मौजूद कुल 12 शावकों के लिंग की पहचान हो गई है। इनमें सात चीता शावक नर हैं और पांच मादा। एक निश्चित उम्र के बाद ही चीता में लिंग निर्धारण हो पाता है। भारत की धरती पर चार मादा चीतों ने 19 शावकों को जन्म दिया। इसमें से अब तक सात की मौत हो गई। recent visitors 47

टी-20 मैच में जिम्बाब्वे को पाकिस्तान ने 57 रनों से हराया

बुलावायो. दमदार बल्लेबाजी के बाद पाकिस्तान ने अपनी घातक गेंदबाजी से जिम्बाब्वे को पहले टी20 मैच में 57 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ ही पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने तीन टी20 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। जिम्बाब्वे के खिलाफ इस टी20 सीरीज में पाकिस्तान ने अपने सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया है। बाबर आजम, मोहम्मद रिजवान, शाहीन अफरीदी और नसीम शाह जैसे खिलाड़ी टी20 सीरीज का हिस्सा नहीं हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मैच में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर के खेल में 4 विकेट के नुकसान पर 165 रन का स्कोर खड़ा किया था। पाकिस्तान के लिए बल्लेबाजी में उस्मान खान और तैयब ताहिर ने तूफानी अंदाज में 39-39 रनों का योगदान दिया। इसके अलावा सैम अयूब और इरफान खान ने भी दमदार बल्लेबाजी की। दमदार बल्लेबाजी के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम के गेंदबाजों ने भी अपना खूब कमाल दिखाया। पाकिस्तान के लिए गेंदबाजी में अबरार अहमद और सुफियान मुकीम ने सबसे ज्यादा तीन-तीन विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा हारिस रऊफ ने भी बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए अपनी टीम के लिए दो विकेट हासिल किए। वहीं जहांदाद खान के नाम एक विकेट हरा। पाकिस्तानी गेंदबाजों के इस दमदार प्रदर्शन के कारण ही जिम्बाब्वे की टीम ने 166 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 15.3 ओवर में सिर्फ 108 रन बनाकर सिमट गए। जिम्बाब्वे के लिए बल्लेबाजी में सबसे ज्यादा कप्तान सिकंदर रजा ने 39 रनों की पारी खेली। अपनी इस पारी में सिकंदर 28 गेंद का सामना करते हुए 4 चौके भी लगाए। सिकंदर रजा के अलावा जिम्बाब्वे की तरफ विकेटकीपर बल्लेबाज तदिवानाशे मरुमणि ने जरूर 33 रनों की पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों के अलावा जिम्बाब्वे का और कोई भी खिलाड़ी क्रीज पर पैर नहीं जमा सके। recent visitors 81

यात्रीगण कृपया ध्यान दें, ये गाड़िया मार्च तक रहेंगी रद्द, रेलवे ने जारी की लिस्ट

नई दिल्ली भारत में रोजाना करोड़ों की संख्या में यात्री ट्रेन से सफर करते हैं. इन यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे की ओर से हजारों ट्रेन चलाई जाती है. भारत में अगर किसी को दूरी के सफर तय करना होता है. तो ज्यादातर यात्री ट्रेन के जरिए ही जाना पसंद करते हैं. ट्रेन का सफर काफी सुविधा युक्त और सहूलियत भरा होता है. इसीलिए ज्यादातर यात्रियों की पहली पसंद ट्रेन होती है. लेकिन अब सर्दियों के मौसम में भारतीय रेलवे का संचालन काफी मुश्किल हो रहा है. रेलवे को कोहरे के चलते कई ट्रेनों को डायवर्ट करना पड़ रहा है. तो वहीं कई ट्रेनों को कैंसिल करन पड़ा है. इन ट्रेनों को किया गया कैंसिल भारत में सर्दियों ने दस्तक दे दी है. खासतौर पर बात की जाए तो उत्तर भारत में लोगों ने गर्म कपड़े पहनना शुरू कर दिए हैं. सुबह अब कोहरे की चादर भी बिछने लगी है. और इसी वजह से भारतीय रेलवे का संचालन भी प्रभावित हो रहा है. खराब मौसम और घने कोहरे के चलते रेलवे ने कई ट्रेनों को कैंसिल किया है. अगर आप भी अगले कुछ समय में ट्रेन से सफर पर जाने की सोच रहे हैं. तो पहले कैंसिल ट्रेनों की लिस्ट चेक कर लें. ट्रेन नंबर 14617-18 बनमंखी-अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस 1दिसंबर 2024 से 2 मार्च 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 14606-05 योगनगरी ऋषिकेश-जम्मूतवी एक्सप्रेस 1दिसंबर 2024 से 24 फरवरी 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 14616-15 अमृतसर-लालकुआं एक्सप्रेस 7 दिसंबर 2024 से 22 मार्च 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 14524-23 अंबाला-बरौनी हरिहर एक्सप्रेस 2 दिसंबर 2024 से 27 फरवरी 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 18103-04 जलियांवाला बाग एक्सप्रेस 2 दिसंबर 2024 से 28 फरवरी 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 12210-09 काठगोदाम-कानपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस 1 दिसंबर 2024 से 25 फरवरी 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 14003-04 मालदा टाउन-दिल्ली एक्सप्रेस 1 दिसंबर 2024 से एक मार्च 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 14617-18 बनमंखी-अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस 1 दिसंबर 2024 से दो मार्च 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 14606-05 योगनगरी ऋषिकेश-जम्मूतवी एक्सप्रेस 1 दिसंबर 2024 से 24 फरवरी 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 14616-15 अमृतसर-लालकुआं एक्सप्रेस 2 दिसंबर 2024 से 22 मार्च 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 14524-23 अंबाला-बरौनी हरिहर एक्सप्रेस 2 दिसंबर 2024 से 27 फरवरी 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 18103-04 जलियांवाला बाग एक्सप्रेस 2 दिसंबर 2024 से 28 फरवरी 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 12210-09 काठगोदाम-कानपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस 2 दिसंबर 2024 से 25 फरवरी 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 14003-04 मालदा टाउन-दिल्ली एक्सप्रेस 1 दिसंबर 2024 से एक मार्च 2025 तक कैंसिल रहेगी. recent visitors 56

अब संभल में गरजेगा योगी सरकार का बुलडोजर, DM-SP ने दी चेतावनी

चंदौसी. शहर में करीब 15 दिन तक अतिक्रमण पर बुलडोजर चलता रहा। खुद भी लोग नालों के ऊपर या पालिका की जमीन पर किए गए पक्के निर्माण को तोड़ते रहे, लेकिन जैसे ही डिप्टी कलेक्टर विनय मिश्रा का यहां से स्थानांतरण हुआ न सिर्फ बुलडोजर का पंजा रुक गया, बल्कि हथौड़ा और कुदाल भी शांत हो गए। करीब एक सप्ताह से संभल में मस्जिद में सर्वे के दौरान हिंसा होने के कारण अफसर उसमें व्यस्त रहे और अतिक्रमण की जद में आने वाले भी शांत होकर बैठ गए। रविवार की शाम अचानक डीएम व एसपी फव्वारा चौक पर पहुंच गए और उन लोगों को जल्द से जल्द दुकानेंं तोड़ने की हिदायत दी, जिन्होंने तोड़फोड़ के कार्य को रोक दिया था। नवंबर में जब यह अभियान शुरू हुआ था, तो इसके लिए डिप्टी कलेक्टर विनय मिश्रा को कमान सौंपी गई थी। उस समय हालत यह थी कि जिधर बुलडोजर का रुख हो रहा था उधर लोगों के कलेजे कांप उठते थे। नालों पर किया निर्माण स्वयं ही तुड़वाने में लोग रात दिन जुटे रहे। चंद दिनों में ही डेढ़ सौ से अधिक मकान व दुकानों को तोड़ दिया गया। कुछ लोगों को बड़ी इमारतें होने के कारण स्वयं ही तोड़ने के लिए समय दे दिया गया। इसमें गरीबों से लेकर अमीरों तक छोटी दुकानों से लेकर बड़े प्रतिष्ठान तक किसी को रियायत नहीं दी गई। सुबह आठ बजे से शुरू होने वाली तोड़फोड़ की कार्रवाई देर शाम तक चल रही थी। फव्वारा के आसपास नालों पर बनी बड़ी इमारतों को लेकर लगातार चर्चा होती रही। अभी भी लोग यही कयास लगा रहे हैं, कि इन इमारतों को प्रशासन नहीं तुड़वाएगा। तमाम तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। अधिकारियों की व्यस्तता के कारण अतिक्रमणकारियों ने भी चुप्पी साध ली थी। अब संभल में शांति व्यवस्था बहाल होने के बाद अफसरों को समय मिला तो शाम को जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया औ पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई यहां पहुंच गए। कुछ लोगों ने चि‍ह्नित स्थान से कम अतिक्रमण तोड़कर निर्माण शुरू करा दिया था, जिन्हें फिर से तोड़ने के आदेश दिए गए। इसके साथ ही अपनी दुकान को बचाने में शुरू से ही लगे एक मेडिकल मालिक को भी तत्काल दुकान तोड़ने को कहा गया। चेतावनी भी दी गई कि अगर स्वंय अतिकमण में बनी दुकानें व प्रतिष्ठानों को नहीं तोड़ा गया तो बुलडोजर चलवाने के साथ ही जुर्माने की कार्रवाई भी की जाएगी। इस दौरान मौके पर मौजूद पालिकाध्यक्ष के पति को भी शहर में पड़ा मलबा हटवाकर जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने को कहा गया।   recent visitors 57

एक ओर झटका लग सकता है शरद पवार को, अजित पवार के साथ जा सकते हैं करीबी

मुंबई. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महज 10 सीटें हासिल करने वाली शरद पवार की पार्टी एनसीपी-एसपी को एक और करारा झटका लग सकता है। खबर है कि शरद पवार के करीबी नेता राहुल जगताप अब अजित पवार की एनसीपी में शामिल हो सकते हैं। एनसीपी में गुटबाजी के बीच राहुल जगताप ने शरद पवार की पार्टी में ही शामिल रहना सही समझा था। उन्होंने विधानसभा चुनाव में श्रीगोंदा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए दावेदारी की थी, लेकिन महाविकास अघाड़ी के समझौते में यह सीट उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना को मिल गई थी। इस पर जगताप ने बगावत कर दी थी। उनका कहना था कि उम्मीदवार का फैसला श्रीगोंदा में होना चाहिए। इसका निर्णय मुंबई से होना गलत है। इसके बाद वह निर्दलीय ही उतरे थे और यहां मुकाबला त्रिकोणीय हो गया था। इसके चलते भाजपा कैंडिडेट को जीत मिली और राहुल जगताप निर्दलीय ही दूसरे नंबर पर आए थे। इससे समझा जा सकता है कि राहुल जगताप का अपने इलाके में निजी तौर पर ही कितना जनाधार है। अब खबर है कि वह अजित पवार के साथ ही जाने की तैयारी में हैं। राहुल जगताप को शरद पवार के करीबी नेताओं में शुमार किया जाता रहा है। ऐसे में चुनाव में बागी होकर लड़ना और अब अजित पवार के खेमे में जाना मराठा छत्रप के लिए करारा झटका है। बता दें कि चुनाव नतीजों ने शरद पवार की पार्टी को बड़ा झटका दिया है। महज 10 सीटों पर शरद पवार के कैंडिडेट जीते हैं, जबकि महाविकास अघाड़ी की कुल सीटें भी 50 से कम ही हैं। वहीं अजित पवार की एनसीपी को अकेले ही 41 सीटों पर जीत मिली है। भाजपा ने तो 90 फीसदी के स्ट्राइक रेट के साथ 148 सीटों पर चुनाव लड़कर 132 पर जीत पाई है। इस लिहाज से देखें तो महाराष्ट्र चुनाव की सबसे बड़ी लूजर एनसीपी-शरद पवार ही रही है। इतनी कम सीटें महाराष्ट्र चुनाव के इतिहास में शरद पवार की पार्टी को कभी नहीं मिली हैं। recent visitors 60

दिल्ली की हवा ‘खराब’ श्रेणी में आई, लोगों ने ली राहत की सांस, जानें कितना हैं AQI

नई दिल्ली. हवा अब ‘खराब’ है दिल्लीवालों के लिए यह भी एक राहत की सांस है। जी हां, ऐसा इसलिए कि अब की गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया है और यह ‘बहुत खराब’ की श्रेणी से 'खराब' श्रेणी में आ गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार दूसरे दिन सोमवार को वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार हुआ है, हालांकि सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 273 के साथ 'खराब' श्रेणी में रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में रविवार को 24 घंटे का औसत एक्यूआई 285 रहा, जो 'खराब' श्रेणी में सुधार बताता है। यहां एक्यूआई लगातार 32 दिनों तक 'बहुत खराब' श्रेणी में रहा और 'गंभीर' वायु गुणवत्ता (एक्यूआई 400 से अधिक) की स्थिति भी आई। इसके बाद वायु गुणवत्ता में मामूली ही सही, सुधार राहत की बात है। सीपीसीबी के अनुसार, दिल्ली में इससे पहले आखिरी बार 29 अक्टूबर को वायु गुणवत्ता 268 एक्यूआई के साथ ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई थी। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाओं और पर्याप्त धूप से यह सुधार हुआ है क्योंकि इन हवाओं से प्रदूषक तत्वों को दूर करने में मदद मिली है। हालांकि दिल्ली की वायु गुणवत्ता सामान्य से बहुत दूर है। 201 से 300 के बीच एक्यूआई अब भी संवेदनशील लोगों के लिए हानिकारक माना जाता है। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 को ‘गंभीर’ माना जाता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जो इस मौसम के औसत तापमान से 0.9 डिग्री अधिक रहा। आईएमडी ने बताया कि अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने के आसार हैं और सुबह साढ़े आठ बजे आर्द्रता का स्तर 89 प्रतिशत दर्ज किया गया। recent visitors 52