Saturday, July 4, 2026 10:58 am

जसप्रीत बुमराह ने मुझसे कहा कि विकेट लेने के लिए आतुर नहीं रहो: मो. सिराज

कैनबरा. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ टेस्ट में भारत की शानदार जीत में पांच विकेट लेने वाले मोहम्मद सिराज ने न्यूजीलैंड के खिलाफ लचर प्रदर्शन के बाद फॉर्म में वापसी का श्रेय भारतीय तेज गेंदबाजी के अगुआ जसप्रीत बुमराह को दिया. यह 30 वर्षीय तेज गेंदबाज घरेलू सत्र में विकेट लेने के लिए जूझ रहा था. उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ जो दो मैच खेले उनमें वह केवल दो विकेट ले पाए थे लेकिन वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में वापसी करने में सफल रहे. सिराज ने कहा कि पहले टेस्ट में कार्यवाहक कप्तान और दुनिया के नंबर एक गेंदबाज बुमराह के साथ ऑस्ट्रेलिया के दौरे से पहले बात करने से उन्हें फायदा मिला. सिराज ने प्रधानमंत्री एकादश के खिलाफ अभ्यास मैच में भारत की छह विकेट से जीत के बाद कहा,‘‘मैं हमेशा जस्सी भाई (बुमराह) से बात करता रहता हूं. यहां तक की पहले टेस्ट मैच से पूर्व भी मैंने उनसे अपनी गेंदबाजी को लेकर बात की थी. उन्होंने मुझसे कहा कि विकेट लेने के लिए आतुर नहीं रहो तथा लगातार एक क्षेत्र में गेंदबाजी करते रहो और अपने खेल का आनंद लो. अगर तब भी विकेट नहीं मिले तो फिर मुझसे बात करना.’’ उन्होंने कहा,‘‘इसलिए मैंने अपनी गेंदबाजी का पूरा आनंद लिया और विकेट भी हासिल किए.’’ सिराज ने अपनी गेंदबाजी को लेकर भारत के पूर्व गेंदबाजी कोच भरत अरुण के साथ भी बात की. उन्होंने कहा,‘‘मैंने भरत सर से भी अपनी गेंदबाजी को लेकर बात की क्योंकि वह मुझे लंबे समय से जानते हैं. उन्होंने भी मुझे अपनी गेंदबाजी का आनंद लेने और विकेट हासिल करने के लिए आतुर नहीं रहने की सलाह दी.’’ सिराज ने कहा,‘‘ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर आने से पहले मैं हैदराबाद में (क्षेत्ररक्षण कोच) दिलीप सर से मिला और हमने साथ में अभ्यास भी किया. इसलिए, यह अच्छा लगा और अब मैं अपनी गेंदबाजी का भरपूरआनंद ले रहा हूं.’’ उन्होंने कहा,‘‘मोर्ने (मोर्कल, भारत के वर्तमान गेंदबाजी कोच) मुझसे कहते रहते हैं कि तुम एक योद्धा हो. तुम हमें विकेट दिलाओगे, लेकिन तुम बस अपनी गेंदबाजी का आनंद लेते रहो.’’ प्रधानमंत्री एकादश के खिलाफ अभ्यास मैच में सिराज अच्छी लय में दिख रहे थे, जो गुलाबी गेंद से उनका पहला मैच था. उन्हें पूर्व ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट बल्लेबाज मैथ्यू रेनशॉ का विकेट मिला. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरा टेस्ट मैच शुक्रवार से एडिलेड में खेला जाएगा. यह दिन रात्रि मैच होगा. यह पहला अवसर होगा जब सिराज दूधिया रोशनी में गुलाबी गेंद से गेंदबाजी करेंगे. सिराज ने कहा, ‘‘(गुलाबी) गेंद लाल गेंद से अलग है. इसकी सीम बहुत सख्त है. यह चमकदार है. इससे आप जितना अधिक अभ्यास करेंगे उतना बेहतर होगा. मुझे लगता है कि गुलाबी गेंद से बैक लेंथ से गेंदबाजी करना बेहतर होगा.’’ recent visitors 55

गोधरा और गुजरात दंगों पर बनी है फिल्म ‘द साबरमती रिपोर्ट’ संसद में देखेंगे पीएम मोदी

नई दिल्ली. संसद के शीत सत्र में अब तक एक भी दिन कार्यवाही ठीक तरीके से नहीं चल पाई। सोमवार को भी कार्यवाही शुरू होने के बाद ही विपक्षी सांसदों ने संभल और अडाणी के मुद्दे को लेकर हंगामा शुरू कर दिया और सदन फिर से स्थगित हो गया। इस बीच खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम को संसद भवन के ही बालयोगी ऑडिटोरियम में 'द साबरमती रिपोर्ट' फिल्म देखने वाले हैं। उनके साथ लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला और कैबिनेट के कई मंत्री भी मौजूद रहेंगे। बता दें कि गोधरा अग्निकांड पर आधारित एकता कपूर और विक्रांत मैसी की इस फिल्म को यूपी, उत्तराखंड समेत की राज्यों ने करमुक्त करने का आदेश दिया है। विक्रांत मैसी ने दिया संन्यास का संकेत अभिनेता विक्रांत मैसी ने कुछ समय के लिए अभिनय की दुनिया से दूरी बनाने के सोमवार को संकेत दिए और कहा कि अब पारिवारिक जिम्मेदारियां पूरी करने के लिए घर लौटने का समय आ गया है। मैसी की आखिरी फिल्म ‘द साबरमती रिपोर्ट’ 15 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। ‘12 वीं फेल’ तथा ‘सेक्टर 26’ जैसी फिल्मों के जरिये अपने अभिनय का लोहा मनवा चुके मैसी (37) ने सोशल मीडिया मंच ‘इंस्टाग्राम’ पर लिखा, ‘ मैं आप सभी को आपके समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं। हालांकि जिंदगी में आगे बढ़ते हुए मुझे एहसास हुआ है कि एक पति, एक पिता और एक बेटे के तौर पर जिम्मेदारी संभालने और घर वापस लौटने का समय आ गया है।’ पीएम मोदी इस फिल्म की पहले भी तारीफ कर चुके हैं। इस फिल्म में विक्रांत मैसी मुक्य किरदार में हैं। वह एक वकील के रोल में हैं जो कि न्याय के लिए संघर् करता है। यह फिल्म समर कुमार नाम के एक पत्रकार के इर्द-गिर्द घूमती है। अंग्रेजीदां लोग पत्रकार को नीची जनर से देखते हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि समर को गोधरा कांड के पुख्ता सबूत मिल जाते हैं और फिर वह झूठी खबरें दिखाने वाले मीडिया चैनल और भ्रष्टाचार को चुनौती दे देते हैं। recent visitors 60

ट्रेविस हेड बोले- महानतम तेज गेंदबाजों में से एक हैं जसप्रीत बुमराह

एडिलेड. ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज ट्रैविस हेड को लगता है कि जसप्रीत बुमराह इस खेल के महानतम तेज गेंदबाजों में से एक के रूप में जाने जाएंगे और उन्होंने कहा कि वह बड़े गर्व से अपने पोते-पोतियों को भारतीय तेज गेंदबाज का सामना करने की कठिन चुनौती के बारे में बताएंगे. बुमराह ने बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन किया जिससे भारत यह मैच 295 रन से जीतने में सफल रहा हेड ने सोमवार को यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘जसप्रीत को शायद इस खेल को खेलने वाले सबसे महान तेज गेंदबाजों में से एक के रूप में जाना जाएगा. अभी हम यह पता लग रहे हैं कि वह हमारे लिए कितना चुनौती पूर्ण हो सकता है. उसके खिलाफ खेलना अच्छा है.’’ उन्होंने कहा,‘‘जब मैं भविष्य में अपने करियर पर नजर डालूंगा तो बड़े गर्व से अपने पोते पोतियों को बताऊंगा कि मैंने उनका सामना किया था. इसलिए उनके खिलाफ खेलना बुरा नहीं है. उम्मीद है मुझे आगे भी उनके खिलाफ खेलने का मौका मिलेगा लेकिन उनका सामना करना चुनौती पूर्ण है.’’ हेड पर्थ में अर्धशतक बनाने वाले एकमात्र ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज थे। शीर्ष क्रम के बल्लेबाज स्टीव स्मिथ, उस्मान ख्वाजा और मार्नस लाबुशेन रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, लेकिन मध्यक्रम के इस विस्फोटक बल्लेबाज को यकीन है कि उनके साथी टिप्स के लिए उनसे संपर्क नहीं करेंगे. उन्होंने कहा,‘‘यह निश्चित है कि वे मुझसे बल्लेबाजी के टिप्स नहीं लेंगे. प्रत्येक खिलाड़ी का खेलने काअपना तरीका होता है.’’ दोनों टीमें अब शुक्रवार से एडिलेड में उसी स्थान पर गुलाबी गेंद का टेस्ट खेलेंगी जहां भारत 2020 में 36 रन पर आउट हो गया था. हेड ने उस मैच को याद करते हुए कहा, ‘‘मुझे याद है कि वह मैच जल्दी समाप्त हो गया था। हमने उस मैच का भरपूर आनंद लिया था. फिर से ऐसा करना अच्छा होगा लेकिन मुझे नहीं लगता कि अगले मैच में ऐसा होगा.’’ हेड ने इसके साथ ही कहा कि ऑस्ट्रेलिया की संघर्षरत बल्लेबाजी और गेंदबाजी इकाई के बीच किसी तरह का मतभेद नहीं है। पहले टेस्ट के दौरान जोश हेज़लवुड की एक टिप्पणी के बाद टीम के भीतर संभावित मतभेद की आशंका व्यक्त की जाने लगी थी. उन्होंने कहा,‘‘हमें दोनों विभाग (बल्लेबाजी और गेंदबाजी) से काफी उम्मीदें हैं और यह एक बहुत ही व्यक्तिगत खेल है. बल्लेबाजी में हम मजबूत पकड़ बनाना चाहते हैं और हम जानते हैं कि हमारे गेंदबाजों ने अतीत में कितना अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने हमें कई बार परेशानियों से बाहर निकाला है.’’ हेड को पूरा विश्वास है कि पहले टेस्ट में करारी हार के बावजूद उनकी टीम वापसी करने में सफल रहेगी. उन्होंने कहा,‘‘हमारी टीम प्रतिकूल परिस्थितियों से अच्छी तरह से निपटी है. पिछले तीन या चार वर्षों में हमने हर चुनौती का अच्छी तरह से सामना किया है. पिछले कुछ वर्षों में कई टीम ने पहला टेस्ट मैच हारने के बाद अच्छी वापसी की और वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया.’’ recent visitors 68

सरकारी वादों और जमीनी स्थिति में बहुत अंतर, भोपाल गैस त्रासदी के 40 वर्ष बाद भी धरती में दफन है जहरीला कचरा

भोपाल। भोपाल गैस त्रासदी के 40 वर्ष इसी तीन दिसंबर को पूरे होने जा रहे हैं, पर गैस पीड़ितों को लेकर सरकारी वादों और जमीनी स्थिति में बहुत अंतर है। इतने वर्ष बाद भी जहरीला कचरा यूनियन कार्बाइड परिसर में दफन है। इस कारण भूजल प्रदूषित होने की बात सत्यापित हो चुकी है। वर्ष 2018 में इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टाक्सिकोलाजी रिसर्च लखनऊ की रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आ चुका है। रिपोर्ट के अनुसार यूनियन कार्बाइड परिसर के आसपास की 42 बस्तियों के भूजल में हेवी मेटल, आर्गनो क्लोरीन पाया गया था, जो कैंसर और किडनी की बीमारी के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। इसके बाद इस क्षेत्र में नर्मदा जल की आपूर्ति सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर की जा रही है। आशंका है इन कालोनियों के अतिरिक्त प्रदूषित भूजल आगे पहुंच गया हो पर वर्ष 2018 के बाद जांच ही नहीं कराई गई। गैस पीड़ित संगठन के कार्यकर्ताओं का दावा है कि रैपिड किट से उन्होंने इनके अतिरिक्त कारखाने की साढ़े तीन किमी की परिधि में आने वाली 29 अन्य कालोनियों में भी जांच की तो आर्गनो क्लोरीन मिला है, पर कितना मात्रा में है इसकी जांच बड़े स्तर पर सरकार द्वारा कराने की आवश्यकता है। गड़्ढे बनाकर जहरीला रासायनिक कचरा दबाया गैस पीड़ितों के लिए काम करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता रचना ढींगरा ने बताया कि त्रासदी के पहले परिसर में ही गड़्ढे बनाकर जहरीला रासायनिक कचरा दबा दिया जाता था। इसके अतिरिक्त परिसर में बनाए गए तीन छोटे तालाबों में भी पाइप लाइन के माध्यम जहरीला अपशिष्ट पहुंचाया जाता था। इस कचरे की कोई बात ही नहीं हो रही। कारखाने में रखे कचरे को नष्ट करने के लिए 126 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसे पीथमपुर में जलाया जाना है। पुनर्वास के लिए मिली राशि में 14 वर्ष बाद खर्च नहीं हो पाए 129 करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गैस पीड़ितों के पुनर्वास के लिए वर्ष 2010 में 272 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसमें 75 प्रतिशत राशि केंद्र व 25 प्रतिशत राज्य सरकार की थी। इसमें भी 129 करोड़ रुपये आज तक खर्च नहीं हो पाए हैं। गैस राहत एवं पुनर्वास विभाग आज तक इस राशि को खर्च करने की योजना ही नहीं बना पाया है। आर्थिक पुनर्वास के लिए 104 करोड़ रुपये मिले थे। इसमें 18 करोड़ रुपये स्वरोजगार प्रशिक्षण पर खर्च हुए बाकी राशि बची है। सामाजिक पुनर्वास के लिए 40 करोड़ रुपये मिले थे, जिसमें गैस पीड़ितों की विधवाओं के लिए पेंशन का भी प्रविधान है। 4399 महिलाओं को पेंशन मिल रही हैं। वर्ष 2011 से यह राशि एक हजार है जिसे बढ़ाया नहीं गया है। न ही किसी नए हितग्राही को शामिल किया गया है। recent visitors 91

बिलासपुर में छत्तीसगढ़ महरा जाति समाज उत्थान समिति की बैठक

बिलासपुर   रविवार को हर्ष भवन बंधवापारा सरकंडा बिलासपुर में छत्तीसगढ़ महरा जाति समाज उत्थान समिति पंजीयन क्रमांक 3284 का आवश्यक बैठक आयोजित किया गया। जिसमें समाजिक गतिविधियों के बारे में विचार विमर्श किया गया। समाज को संगठित होकर एक रहने पर जोर दिया गया। समाज को विस्तार करने पर चर्चा किया गया। समाज के  किसी भी प्रकार की समस्या को मिलकर जुलकर समाधान करने पर चर्चा किया गया। समाज के प्रगति और समृद्धि के लिए सुचारू रूप से संगठन को मजबूत करने पर चर्चा किया गया। सभी  बातों को सर्वसम्मति से अमल करने का निर्णय लिया गया। प्रदेश अध्यक्ष श्री गणेश राम महरा जी द्वारा उद्बोधन किया गया। प्रदेश महासचिव श्री रामकुमार वस्त्रकार जी द्वारा उद्बोधन किया गया।जिला अध्यक्ष श्री  रमेश वस्त्रकार जी द्वारा उद्बोधन दिया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री राजेश्वर प्रसाद वस्त्रकार ने किया। इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष श्री समारु लाल वस्त्रकार जी, प्रदेश सचिव श्री डहक राम वस्त्रकार जी, प्रदेश मिडिया प्रभारी श्री व्यास नारायण वस्त्रकार जी, श्री सत्यप्रकाश जी, श्री राजा वस्त्रकार जी, श्री पलकू वस्त्रकार जी,श्री खेमराज वस्त्रकार जी एवं समाज के सदस्यगण उपस्थित थे। recent visitors 82

सोमवती अमावस्या पर भूल कर भी न करें ये गलतियां

हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या के दिन का बहुत अधिक महत्व होता है. यह दिन भगवान शिव और पितरों को समर्पित होता है. इस दिन पितरों का तर्पण किया जाता है और उनकी आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया जाता है. इस दिन पितरों का तर्पण करके उन्हें प्रसन्न किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि इससे पितरों को मोक्ष मिलता है और वे अपने वंशजों पर कृपा बरसाते हैं. सोमवार भगवान शिव को समर्पित दिन है. इस दिन शिव पूजा करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. इस दिन किए गए दान और पूजा से पापों का नाश होता है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि की शुरुआत 30 दिसंबर 2024 को सुबह 04 बजकर 01 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 31 दिसंबर 2024 को सुबह 03 बजकर 56 मिनट पर समाप्त होगी. ऐसे में अमावस्या 30 दिसंबर को मनाई जाएगी. सोमवती अमावस्या पर न करें ये काम     सोमवती अमावस्या के दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा-पाठ, पिंडदान किया जाता है. इसीलिए इस दिन भूलकर भी पितरों को बुरा भला नहीं कहना चाहिए और उनका तर्पण करना भी नहीं भूलना चाहिए.     सोमवती अमावस्या के दिन कुत्ता, गाय और कौवे को कष्ट नहीं देना चाहिए. इस दिन इन जीवों को पितरों का अंश मानकर खाना खिलाया जाता है. इसीलिए इनको नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए.     अमावस्या के दिन पितर पिंडदान, तर्पण और दान-पुण्य और श्राद्ध का इंतजार करते हैं. इसीलिए इस दिन ये सब काम करना नहीं भूलना चाहिए. अगर इन कामों को करना भूल जाते हैं तो पितर नाराज होकर श्राप देते हैं.     सोमवती अमावस्या के दिन की गई पूजा-पाठ का शुभ फल मिले इसके लिए पूरे दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.नियम न मामने से पूजा का शुल फल प्राप्त नहीं होता है.     सोमवती अमावस्या के दिन तामसिक चीजों को हाथ नहीं लगाना चाहिए. मांस, मदिरा को भूलकर भी नहीं खाना चाहिए, तभी इस दिन की गई पूजा का अच्छा फल मिलता है.     सोमवती अमावस्या के दिन घर की साफ-सफाई पर खास ध्यान देना चाहिए. घर या आसपास गंदगी नहीं फैलानी चाहिए, तभी पूजा शुभ फलदायी होती है.     सोमवती अमावस्या के दिन किसी से भी अपशब्द नहीं कहने चाहिए और न ही लड़ाई-झगड़ा करना चाहिए.इस दिन किसी का भी दिल दुखाने से बचना चाहिए. क्यों खास है सोमवती आमावस्या? सोमवती अमावस्या का दिन शनि, कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए सबसे खास होता है. शनि की साढ़े साती और ढैय्या के दुष्प्रभाव से बचने के लिए सोमवती अमावस्या के दिन सरसों का तेल शनि देव को अर्पित करें. इस दिन दांपत्य जीवन के लिए दोनों पति पत्नी को एक साथ पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाना चाहिए. साथ ही ‘ॐ पितृभ्य: नम:’ मंत्र का जाप कम से कम 108 बार अवश्य करें. मान्यता है इससे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. पति-पत्नी के बीच तालमेल बना रहता है.   recent visitors 68

राज्यपाल से स्वर्ण कला बोर्ड के गठन की मांग

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य में स्वर्ण कला बोर्ड के गठन की मांग को लेकर देवदत्त सोनी का एक प्रतिनिधि मंडल महामहिम राज्यपाल महोदय रमेन डेका जी से मुलाकात की माननीय महामहिम महोदय ने आसक्त किया की सरकार से बात कर गठित किया जाएगा recent visitors 47