विजयपुर और बुधनी में कांग्रेस की नई रणनीति आई काम… जीतू पटवारी ने किया था ये खेला !

Congress’s new strategy worked in Vijaypur and Budhni… Jitu Patwari played this! भोपाल। बुधनी सीट पर कभी ये हार का अंतर लाखों से होता था, लेकिन इस बार 2024 के उपचुनाव में कांग्रेस ने अपना अच्छा प्रदर्शन करते हुए उसे हजारों पर ला दिया है। इसी के साथ विजयपुर सीट पर कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज की है। हालांकि विजयपुर की जीत पर कांग्रेस की नीति को लेकर कई तरह के बयान सामने आए हैं। अनुमान लगाए जा रहे हैं इसमें सबसे ज्यादा कयास विजयपुर सीट को लेकर यह लगाए गए हैं कि यह कांग्रेस का गढ़ माना जाता है।आजादी के बाद से ही विजयपुर सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा है। यहां पर कांग्रेस केवल एक बार चुनाव हारी है, लेकिन फिर 2022 में 18 हजार मतों के अंतर से कांग्रेस ने अपने किले में वापसी कर ली थी। रामनिवास रावत पिछले 6 बार कांग्रेस की टिकिट से जीतते आ रहेथे। उन्होंने विजयपुर सीट को कांग्रेस का एक मजबूत किला बना दिया था, लेकिन इस बार उनकी हार का कारण कांग्रेस की बदली हुई रणनीति को भी माना जा रहा है।विजयपुर चुनाव में कांग्रेस ने अपनी रणनीति पूरी तरह से बदल दी थी। कांग्रेस ने घर-घर जाकर लोगों को रामनिवास रावत को वोट न देने के लिए प्रेरित किया था। इसके अलावा पार्टी के प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा लगातार लोगों के संपर्क में थे। उन्हें अपने बीच देखकर लोग भी काफी विश्वास से भरे हुए थे। इसी के साथ ही कांग्रेस पर आरोप लगते रहे हैं कि वो एकजुट होकर चुनाव नहीं लड़ती है, लेकिन विजयपुर का चुनाव कांग्रेस ने एकजुट होकर लड़ा है। पार्टी के हर बड़े नेता ने वहां पर कैम्पेन किया। मजबूत प्रत्याशी न होने के बाद भी कांग्रेस ने आत्मविश्वास नहीं खोया था। रामनिवास रावत के भाजपा में आते ही कांग्रेस के सामने सबसे बड़ा संकट प्रत्याशी को लेकर खड़ा हो गया था। इसके बाद पार्टी ने बहुत सोच समझकर मुकेश मल्होत्रा को टिकट दिया था। इसके बाद कांग्रेस ने प्रचार में टिकाऊ, विकास का मुद्दा जोरों शोरों से उठाया था। इतना हीनहीं अगर हम विजयपुर क्षेत्र के लोगों की बात करें तो यहां के लोगों को दल-बदल की राजनीति भी पसंद नहीं आती है। यह भी एक बड़ा मुद्दा जनता के सामने बड़ा था।विजयपुर सीट को कांग्रेस ने बचा लिया है। ऐसे में रामनिवास रावत की हार की भाजपा अब समीक्षा करने में जुटी है। recent visitors 285

नहीं मिला सुसाइड नोट, शूटिंग अकादमी में खिलाड़ी ने पिस्टल से खुद को मारी गोली

भोपाल। रातीबड़ थाना क्षेत्र के बिशन खेड़ी में स्थित मध्य प्रदेश शूटिंग अकादमी के रेस्ट रूम में रविवार शाम पांच बजे अशोक नगर निवासी 17 वर्षीय खिलाड़ी यर्थात रघुवंशी ने खुद को गोली मार ली। उसने किन कारणों से यह कदम उठाया। उसका विवरण सामने नहीं आ पाया है। पुलिस का कहना है कि उसके पास से किसी प्रकार का सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भिजवा कर उसके स्वजनों को सूचना दे दी है। रातीबड़ पुलिस के मुताबिक यर्थात रघुवंशी रोजाना की तरह से शाम को शूटिंग अकादमी अकादमी आया और थोड़ी देर बाद वह रेस्ट रूम में गया और खुद को गोली मार ली। गोली आवाज सुनकर अकादमी के कर्मचारी दौड़े तो यर्थात खून में लथपथ पड़ा था और उसकी गन पास ही थी। स्वजन और परिजनों के बयान होंगे अकादमी के अधिकारियों ने पूरे मामले की सूचना रातीबड़ थाने को दी। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की। यर्थात के पिता भी जिला खेल अधिकारी है। उसके गोली मारने के पीछे क्या कारण है, उसके बारे में स्वजनों और अकादमी के कर्मचारियों के बयान के बाद पता चलेगा। खेल विभाग की शूटिंग अकादमी में इस घटना के बाद पुलिस अधिकारी और खेल विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। पुलिस को मौके से कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है। आखिर खिलाड़ी ने ऐसा कदम क्यों उठाया, यह एक बड़ा सवाल बन गया है। recent visitors 60

कोतवाली पुलिस द्वारा मारपीट के मामले में दो वर्षों से फरार वांरटी गिरफ्तार

अनूपपुर थाना कोतवाली अनूपपुर में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक सतानंद कोल  एवं आरक्षक पूर्णानंद मिश्रा ने सोमवार की सुबह  मारपीट के मामले में दो वर्षों से फरार गिरफ्तारी वांरटी पन्ने लाल राठौर राठौर पिता नत्थू लाल राठौर,  उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम खोलगढ़ी, खाड़ा अनूपपुर  को  गिरफ्तार किया। पन्ने लाल राठौर के खिलाफ माननीय न्यायालय श्रीमती पारूल जैन, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, अनूपपुर द्वारा प्रकरण क्रमांक 1075/19  धारा 294,323,34 भारतीय दंड विधान  में गिरफ्तारी वांरट जारी किया गया था। recent visitors 48

अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति की बैठक मंडला में संपन्न

 मंडला  मंडला में आयोजित अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति की बैठक आयोजित की गई इस बैठक में सदस्यता अभियान को लेकर समिति ने जोर दिया समिति का विस्तार को लेकर यह बैठक आयोजित की गई थी इस बैठक में मुख्य अतिथि निवास विधायक चैन सिंह बरकड़े   एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष राकेश तिवारी,एडवोकेट एवं पूर्व विधायक अशोक मैसकोले जी के साथ-साथ अधिमान्य पत्रकार ने तत्व समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डल्लू कुमार सोनी, एवं प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार राय वं प्रदेश सदस्यता प्रभारी ए ,के,  स्वर्णकार, टीकमगढ़ से राम सिंह यादव के साथ-साथ प्रदेश के पदाधिकारी गण इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे इस कार्यक्रम में संभागीय अध्यक्ष जबलपुर दुलीचंद मार्को ,मंडला जिला कार्यवाहक अध्यक्ष अनवर खान ने कार्यक्रम का संचालन कर कार्यक्रम को प्रशांत वर्मन ने करते हुए अतिथियों का स्वागत कर कार्यक्रम को आयोजित किया साथी बैठक में सदस्यता अभियान के साथ-साथ पत्रकारों की मूलभूत समस्याओं पर भी विचार विमर्श किया गया तथा उन पर वार्तालाप भी की गई समिति को मजबूत करने हेतु नए सदस्यता अभियान के साथ-साथ समिति को मजबूत करने की बात कही गई पूरे मध्य प्रदेश में सदस्यता अभियान के साथ-साथ पदाधिकारी का भी मनोनयन किया जा रहा है इस बैठक पर सदस्यता अभियान को जोर देते हुए समिति ने विस्तार हेतु निर्णय लिया तथा मंडला जिला अध्यक्ष को पुनः मनोनयन करने की अनुशंसकी साथी मंडला जिले के क्षेत्र के पत्रकार गणों ने भी अपनी-अपनी बात रखी कि पत्रकारों की बातों को सुनकर चैन सिंह बड़खड़ विधायक ने भी पत्रकारों की मूलभूत समस्याओं को लेकर विधानसभा में आवाज उठाने की बात कही कार्यक्रम में मंडला क्षेत्र के पत्रकार गण भी कार्यक्रम में भाग लिया तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष मां नर्मदा के उद्गम स्थल में पहुंचकर दीप प्रचलित की एवं मां नर्मदा के पावन तट पर नमन किया तथा इस कार्यक्रम में डिंडोरी मंडला जबलपुर टीकमगढ़ छतरपुर के साथ-साथ अन्य क्षेत्र के भी पत्रकार गण उपस्थित रहे। recent visitors 71

सब रजिस्ट्रार के मिलेंगे अधिकार, मध्य प्रदेश में अब बिल्डर खुद कर सकेंगे प्रोजेक्ट प्रापर्टी की रजिस्ट्री

भोपाल। राज्य सरकार अब रीयल एस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी (रेरा) में पंजीकृत बिल्डरों (निजी निर्माणकर्ता) को भी सब रजिस्ट्रार का अधिकार देने जा रही है। इससे वह अपने प्रोजेक्ट में संपत्ति की रजिस्ट्री खुद कर सकेंगे। राज्य सरकार शुरुआत में मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड और भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) के एक-एक अधिकारी को सब रजिस्ट्रार के अधिकार देगी। इसका प्रस्ताव तैयार है। मुख्यमंत्री की हरी झंडी मिलते ही यह नई व्यवस्था प्रदेशभर में लागू हो जाएगी। इसके तहत हाउसिंग बोर्ड या विकास प्राधिकरण के किसी अधिकारी को सब रजिस्ट्रार का प्रभार दिया जाएगा। यह अधिकारी प्रदेश में हाउसिंग बोर्ड या विकास प्राधिकरण के प्रोजेक्ट में संपत्ति की रजिस्ट्री कर सकेगा। इस नई व्यवस्था से बड़ा फायदा यही होगा कि संपत्ति खरीदने वाले व्यक्ति को रजिस्ट्रार दफ्तर नहीं जाना होगा। वह हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में बनाए गए सब रजिस्ट्रार के माध्यम से भी रजिस्ट्री करवा सकेगा। बिल्डर रजिस्ट्री की प्रक्रिया की करेगा वीडियोग्राफी प्रस्ताव के अनुसार हाउसिंग बोर्ड, बीडीए सहित रेरा में पंजीकृत बिल्डर को सब रजिस्ट्रार का अधिकार देने से वे अपने प्रोजेक्ट में संपत्ति की एक साथ रजिस्ट्री करवा सकेंगे। इससे लाभ यह होगा कि प्रापर्टी खरीदने वालों को रजिस्ट्रार कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा और वे दलालों के चंगुल से भी बच सकेंगे। इस नई व्यवस्था को 'नान इंट्रेस्ट मोड' नाम दिया गया है। बिल्डर रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करेगा, इसे आधार से लिंक कर साफ्टवेयर में दस्तावेज का पंजीयन कर आनलाइन सबमिट किया जाएगा। सब रजिस्ट्रार इसका परीक्षण करके इसे स्वीकृति प्रदान करेगा। अभी यह है व्यवस्था अभी स्टांप वेंडर की मदद से क्रेता और विक्रेता अपने दो गवाह के साथ रजिस्ट्रार कार्यालय में उपस्थित होता है। संपत्ति के दस्तावेजों का आनलाइन वेरिफिकेशन किया जाता है। इसके बाद रजिस्ट्री कर दी जाती है। इसके पहले रजिस्ट्रार कार्यालय से स्लाट बुक होता है। स्लाट का नंबर आने पर ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया की जाती है। संपदा 2.0 के तहत भी रजिस्ट्री कराने की घर बैठे मिल रही सुविधा अक्टूबर, 2024 से प्रदेश में लागू किए गए रजिस्ट्री के नए साफ्टवेयर संपदा-2.0 के तहत अब लोग घर बैठे संपत्ति की रजिस्ट्री करवा रहे हैं यानी खरीद या बेच रहे हैं। इस प्रणाली से प्रदेश ही नहीं, बल्कि प्रदेश और देश के बाहर से भी ऑनलाइन रजिस्ट्रियां कराई जा सकती हैं। हालांकि इस व्यवस्था के शुरू होने के बाद भी गवाहों को कार्यालय तक आना पड़ रहा है। इसकी मुख्य वजह सेवा प्रदाताओं के पास थंब इंप्रेशन और वेब कैमरा नहीं होना हैं इसलिए रजिस्ट्री के पुराने साफ्टवेयर संपदा-1 पर भी काम जारी है। recent visitors 81

प्रधान आरक्षक की पत्नी और बेटी की हत्या में शामिल आरोपी की मदद करने वाला आरक्षक बर्खास्त

सूरजपुर सूरजपुर थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक तालिक शेख की पत्नी और बेटी की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक आरक्षक को बर्खास्त कर दिया है। इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी और कुख्यात अपराधी जिलाबदर कुलदीप साहू के फरार रहने के दौरान, सूरजपुर में तैनात आरक्षक प्रदीप साहू पर आरोप लगा कि उसने आरोपी को मदद पहुंचाई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर सूरजपुर एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने आरक्षक को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया। जानिए क्या है पूरा मामला यह घटना 13 अक्टूबर की रात की है, जब प्रधान आरक्षक तालिक शेख की पत्नी और बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हत्या के मुख्य आरोपी, बाजारपारा निवासी जिलाबदर कुलदीप साहू, फरार हो गया था। अगले दिन 14 अक्टूबर को मां-बेटी का शव बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने कुलदीप साहू की तलाश शुरू की। आरक्षक पर गंभीर आरोप जांच में यह सामने आया कि 14 अक्टूबर को, जब गुस्साए लोगों ने कुलदीप साहू का घर जलाया, उस समय आरक्षक प्रदीप साहू ने कुलदीप के सहयोगी आरोपी सूरज साहू की मदद से कुलदीप की मां से घर में रखे 2 लाख रुपये निकलवाए। इस बारे में उसने अपने उच्चाधिकारियों को कोई जानकारी नहीं दी। पुलिस का मानना है कि ये पैसे कुलदीप साहू के फरारी के दौरान उपयोग किए जा सकते थे।  इसके अलावा, आरक्षक प्रदीप साहू ने हत्या के सह आरोपी सूरज साहू को कुलदीप के परिजनों से संपर्क कराया। जांच में पता चला कि आरक्षक ने संतोष साहू को 18 बार फोन किया था। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए आईजी ने मामले की जांच के लिए कोरिया एएसपी मोनिका ठाकुर और बलरामपुर एसडीओपी एम्मानुएल लकड़ा को नियुक्त किया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरक्षक प्रदीप साहू ने आरोपी कुलदीप साहू और उसके परिजनों की मदद की थी। सबूत मिलने के बाद सूरजपुर एसएसपी ने आरक्षक को बर्खास्त कर दिया। इस मामले में पुलिस पर आरोप लगे थे कि वह मुख्य आरोपी से साठगांठ कर रही है। इस वजह से पुलिस की काफी आलोचना हुई। आरक्षक की बर्खास्तगी से पुलिस ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह ऐसी लापरवाही और अपराधियों से सांठगांठ को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। recent visitors 45

थाना सिविल लाइन पुलिस ने सटई रोड एक मकान में अवैध हथियार कट्टा से छात्रा की मृत्यु कारित करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार, अवैध हथियार कट्टा जप्त

छतरपुर दिनांक 29 नवंबर की दोपहर थाना सिविल लाइन पुलिस को सटई रोड के एक मकान में फायरिंग की सूचना प्राप्त हुई, थाना सिविल लाइन पुलिस, एफएसएल, फिंगर प्रिंट, डॉग स्कॉट टीम मौके पर पहुंचे। पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री अगम जैन द्वारा घटना स्थल का सुपरविजन किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री अमन मिश्रा व पुलिस टीम द्वारा घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण कर भौतिक व तकनीकि साक्ष्य एकत्र किए गए । एकत्रित साक्ष्य, साक्षियों के कथन के आधार पर मकान के एक कमरे में रहने वाले आरोपी द्वारा कट्टे से छात्रा की हत्या करना पाया गया। थाना सिविल लाइन में भारतीय न्याय संहिता की हत्या व आयुध अधिनियम की धारा के तहत अपराध दर्ज किया गया। आरोपी घटना के बाद फरार हो गया था। पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से छतरपुर जिले एवं आसपास के क्षेत्र में फरार आरोपी के संबंध में सूचित किया गया। गठित पुलिस टीम द्वारा हत्या कर फरार आरोपी सचिन यादव पिता रणवीर यादव उम्र 24 वर्ष वार्ड नंबर 1 कस्बा हरपालपुर को महोबा जिला से गिरफ्तार कर अभिरक्षा में लिया गया। विधिवत कार्यवाही की जा रही है, विवेचना जारी है। उक्त कार्यवाही में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सिविल लाइन निरीक्षक वाल्मीकि चौबे, थाना प्रभारी हरपालपुर पुष्पक शर्मा, फिंगरप्रिंट प्रभारी उपनिरीक्षक अनुज बौद्ध, साइबर सेल प्रभारी किशोर पटेल, महिला पुलिस अधिकारी उप निरीक्षक नेहा सिंह गुर्जर, उपनिरीक्षक बलराम यादव, उपनिरीक्षक ओशो गुप्ता, प्रधान आरक्षक बुद्ध सिंह, एफएसएल से प्रधान आरक्षक मलखान सिंह, आबिद, आरक्षक अजय प्रताप सिंह, धर्मेंद्र चतुर्वेदी, रंधौर यादव, भूप सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, साइबर से धर्मराज, विजय, महिला आरक्षक उपासना यादव, प्रियंका पुलिस कंट्रोल रूम, एफएसएल, साइबर एवं डॉग स्क्वायड टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। recent visitors 45