Saturday, July 4, 2026 5:31 am

बिजली बिल में मिलेगी प्रदेशवासियों को मिलेगी बड़ी राहत, 300 प्लस यूनिट के स्लैब को खत्म करने की तैयारी

भोपाल. मध्यप्रदेश में बिजली कंपनी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने वाली है। 300 से ज्यादा यूनिट के स्लैब को खत्म कर 151 यूनिट के स्लैब में जोड़ने की तैयारी है। ऐसा होने से प्रति यूनिट बिजली बिल 19 पैसे तक कम हो जाएगा जिससे उपभोक्ताओं को फायदा होगा। हालांकि 19 पैसे प्रति यूनिट तक की कमी का फायदा सिर्फ उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगा जिनके घर की बिजली की खपत हर महीने 300 यूनिट से ज्यादा हो रही है या फिर होती है। 300 प्लस यूनिट के स्लैब को खत्म करने की तैयारी मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी ने 300 प्लस के स्लैब को खत्म करने के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव दिया है। अब 300 प्लस के स्लैब को 151 से 300 यूनिट के स्लैब में ही जोड़ा जाएगा। इस स्लैब को खत्म करने से बिजली बिल में करीब 70 रुपए तक की कमी आएगी। बता दें कि अभी प्रदेश में 0 से 15 यूनिट पर 4.27 रुपए यूनिट से बिजली बिल आता है। इसके अलावा 51 से 150 यूनिट पर 5.32 रुपए, 151 से 300 यूनिट पर 6.61 यूनिट और 300 से ज्यादा यूनिट पर 6.80 रुपए यूनिट के हिसाब से उपभोक्ताओं से बिल आता है। 19 पैसे प्रति यूनिट की आएगी कमी 300 प्लस यूनिट स्लैब खत्म होने से उपभोक्ताओं को 19 पैसे प्रति यूनिट कम बिल की राशि देनी होगी। पावर मैनेजमेंट कंपनी के चीफ जनलर मैनेजर शैलेंन्द्र सक्सेना के मुताबिक इससे उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा और बिजली बिल में 70 रूपए तक की कमी आएगी। इसके पहले भी बिजली कंपनी 500 यूनिट से ज्यादा खपत वाले स्लैब को खत्म कर चुकी है। recent visitors 51

तकनीक की उड़ान से ड्रोन दीदी चंद्रकली वर्मा ने खरीफ और रबी सीजन में कमाये दो लाख रुपए

रायपुर. जो हाथ कुशलता से चूल्हा-चौका का काम करते हैं वे तकनीक के क्षेत्र में भी उतनी ही कुशलता का परिचय दे सकते हैं। देश भर की ड्रोन दीदियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस सोच को साकार कर दिया है। रायपुर जिले की ग्राम नगपुरा की ड्रोन दीदी चंद्रकली की सफलता की उड़ान ड्रोन की तरह है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तिकरण के कार्यक्रम के चलते वे भी ड्रोन दीदी बनीं। ड्रोन चलाना सीखा और बहुत थोड़े समय में इसमें कुशल हो गईं। चंद्रकली बताती हैं कि हुनरमंद होने से उनके काम का मूल्य भी कई गुना बढ़ गया। वे केवल 10 मिनटों में एक एकड़ खेत में कीटनाशक का छिड़काव कर देती हैं और इससे 300 रुपए कमा लेती हैं। गांव में खेतों में छिड़काव के बाद उनके ड्रोन चालन की कुशलता की जानकारी पड़ोसी गांवों में भी फैल गई। खूब काम मिला और पूरी लगन के साथ चंद्रकली ने लगभग 700 एकड़ खेतों में कीटनाशकों का छिड़काव कर दिया। सबसे बड़ी खूबी यह है कि तकनीक ने उन्हें समय की बाधा से पूरी तरह से मुक्त कर दिया। वे बच्चों को तैयार करती हैं। घर में चूल्हा-चौका कर लेती हैं फिर खेतों के लिए निकल पड़ती हैं। उनके हाथ में ड्रोन का रिमोट होता है। जैसे ही चंद्रकली ने ड्रोन कंट्रोल रिमोट आॅन करती हैं, धीरे-धीरे ड्रोन गति लेते हुए आसमान की ओर उड़ता है और खेत का चक्कर काटने लगता है। अब चंद्रकली अब अपने गांव सहित आसपास के क्षेत्र में ड्रोन दीदी के नाम से जानी जाती है। रायपुर जिले की आरंग विकासखंड की निवासी श्रीमती वर्मा कुछ महीनों पहले महिला समूह से जुडकर बहुत ही कम आमदनी प्राप्त कर रही थीं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नवंबर 2023 को नमो ड्रोन दीदी योजना की शुरूआत की थी। जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी रूप से सशक्त रूप के साथ साथ आत्मनिर्भर बनाते हुए आधुनिकता से जोडना है। इसी योजना के तहत छत्तीसगढ़ की महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों को चयन किया गया जिसमें रायपुर जिले की चन्द्रकली वर्मा भी शामिल थी। चन्द्रकली बताती हैं कि उनके समूह में अच्छे कार्य को देखते हुए इस योजना के लिए चयनित किया गया और आॅनलाइन इन्टरव्यू हुआ। जिसके लिए उन्हें ग्वालियर में 15 दिन की ट्रेनिंग दी गई और दिसंबर 2023 में इन्हें ड्रोन नि:शुल्क दिया गया, साथ ही परिवहन के लिए ड्रोन वाहन दिया गया। वे बताती हैं कि मुझे अन्य दीदियों के साथ उत्तर प्रदेश के फूलपुर में आमंत्रित किया गया, जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें नमो ड्रोन दीदी की उपाधि दी। इसके बाद चन्द्रकला के आने बाद किसानों को इसकी बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जो वे मैनुवल तरीके से कीटनाशक का छिड़काव करते हैं वह अब ड्रोन से मिनटों में ही हो जाता है। धीरे-धीरे उन्हें काम मिलने लगा। चंद्रकला को दो लाख रुपए से अधिक की आय कर चुकी है जिससे वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रहीं है उनकी बेटी आईटी में इंजीनियरिंग कर रही हैं। तकनीक का महत्व जब चंद्रकला ने समझा तो अपनी बिटिया को भी तकनीक की ओर मोड़ दिया, यह चमत्कार नमो ड्रोन दीदी योजना का है। चन्द्रकला कहती हैं कि मुझे गर्व है कि मै ड्रोन दीदी हूं। मै आज नई तकनीक का उपयोग कर रही हूं। अपने गांव के खेती किसानी में मदद कर रही हूं। जिससे उत्पादन में वृद्धि होगी और लागत भी कम आएगी। मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद देती हूं और अन्य महिलाओं से आग्रह करती हूं कि इस तकनीक से जुड़ें और छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ाएं।   recent visitors 63

खेल-खेल में की कहानी इतालवी फिल्म से रूपांतरित : अज़ीज़

मुंबई,  बहुप्रतीक्षित फिल्म खेल-खेल में सोनी मैक्स 30 नवंबर, 2024 को रात 08:00 बजे चैनल पर फिल्म की रिलीज से पहले निर्देशक मुदस्सर अज़ीज़ ने फिल्म के रूपांतरण और प्रेरणा के बारे में अपनी अंतर्दृष्टि साझा की। मुदस्सर अज़ीज़ ने कहा, कहानी एक इतालवी फिल्म से रूपांतरित की गई है फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम करते समय अजीज को भारतीय दर्शकों के साथ तालमेल बिठाने के लिए कहानी बुनने में मुश्किल हो रही थी। हालांकि, कहानी लिखने के दौरान जिस होटल में वे ठहरे थे, वहां एक शादी समारोह आयोजित हो रहा था। कहानी को एक साथ जोड़ने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कुंजी थी। ‘खेल खेल में’ दर्शकों को कई तरह की भावनाओं से रूबरू कराता है और इसमें कई ऐसे दृश्य हैं जो उनके दिल को छू जाते हैं। हालांकि, अपने पसंदीदा दृश्य के बारे में अजीज ने बताया, “तापसी पन्नू जब स्पर्म डोनर की मदद लेने के अपने फैसले के बारे में कबूलनामा करती है तो वह क्षण दिल दहला देने वाला है।” उन्होंने आगे कहा, “भारतीय महिलाएं अक्सर अपने परिवारों के लिए चुपचाप महत्वपूर्ण त्याग करती हैं। मेरी माँ ऐसी ही एक महिला थीं। मेरे लिए इस भावना को फिल्म में कैद करना महत्वपूर्ण था और तापसी पन्नू के अभिनय ने इसे जीवंत कर दिया। इस दृश्य का सुंदर चित्रण इसकी भावनात्मक तीव्रता को संतुलित करता है, जो इसे मेरा पसंदीदा दृश्य बनाता है। बता दें कि बहुप्रतीक्षित फिल्म खेल-खेल में की वर्ल्ड टीवी रिलीज़ के लिए पूरी तरह तैयार है। मुदस्सर अज़ीज़ द्वारा निर्देशित यह सस्पेंस ड्रामा एक रोमांचक मोड़ लेता है क्योंकि रहस्यों का एक खेल सामने आता है। फिल्म दोस्तों के एक समूह के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक दिलचस्प खेल में शामिल होते हैं। वहां उनके मोबाइल फोन पर प्राप्त किसी भी कॉल या संदेश का विवरण पूरे ग्रुप के साथ साझा करना होता है। जो कुछ शुरू में मजेदार लगता है, वह जल्द ही छिपी हुई सच्चाइयों का रहस्योद्घाटन बन जाता है। recent visitors 83

सच्चर समिति की रिपोर्ट में कई राज्यों में वक्फ संपत्तियों पर कब्जे का उल्लेख किया गया था, राज्यों से मांगा ब्योरा

नई दिल्ली वक्फ (संशोधन) विधेयक की जांच कर रही संसदीय समिति ने राज्य सरकारों से अनधिकृत कब्जे वाली वक्फ संपत्तियों का ब्योरा मांगा है। सच्चर समिति की रिपोर्ट में कई राज्यों में वक्फ संपत्तियों पर कब्जे का उल्लेख किया गया था। समिति ने राज्यों से वक्फ अधिनियम की धारा 40 के तहत वक्फ बोर्डों द्वारा दावा की गई संपत्तियों का भी विवरण मांगा है। बता दें कि संसदीय समिति का कार्यकाल अब बजट सत्र के अंतिम दिन तक बढ़ा दिया गया है। धारा 40 पर छिड़ी बहस कांग्रेस सरकार ने 2013 में वक्फ अधिनियम में संशोधन किया था। इस कानून की धारा 40 पर सबसे अधिक विवाद है। दरअसल, यह धारा वक्फ बोर्डों को यह तय करने का अधिकार देता है कि कोई संपत्ति वक्फ की है या नहीं। अब मौजूदा संशोधन विधेयक में इस पर ही अंकुश लगाने की तैयारी है। हालांकि विपक्षी दलों समेत कई मुस्लिम संगठनों ने सरकार के कदम की आलोचना की। उन्होंने विधेयक को धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करार दिया। राज्यों से मांगा कब्जे वाली संपत्तियों का ब्योरा संसदीय समिति ने उन वक्फ संपत्तियों का भी ब्योरा मांगा है, जहां पर राज्य सरकार या उनकी आधिकारिक एजेंसियों का कब्जा है। 2005 में बनी सच्चर समिति को विभिन्न वक्फ बोर्डों ने अधानिकृत कब्जों की जानकारी दी थी। संसदीय समिति केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के माध्यम से राज्यों से जानकारी जुटा रही है। recent visitors 175

प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट बन सकते हैं आप, अच्छे है करियर स्कोप

दुनिया में शायद ही ऐसी कोई महिला हो जो बिना मेकअप के घर से बाहर जाना पसंद करती हो, फिर चाहे बात ऑफिस की हो, गेट टू गेदर या फिर किसी पार्टी की। इतना ही नहीं, टेलीविजन से लेकर फिल्म इंडस्ट्री, एड वर्ल्ड व फैशन इंडस्ट्री में भी बिना मेकअप के आपको कोई चेहरा नजर नहीं आता। जहां पिछले कुछ समय तक सिर्फ महिलाएं ही मेकअप किया करती थीं, वहीं अब पुरूष भी मेकअप करने में पीछे नहीं हैं। इन सभी स्टार्स को खूबसूरत बनाने का काम करते हैं मेकअप आर्टिस्ट। मेकअप आर्टिस्ट ही वह व्यक्ति होता है जो किसी भी आर्टिस्ट को उसके किरदार में ढालने में एक अहम भूमिका निभाता है। अगर आप भी खुद को और दूसरों को खूबसूरत बनाने में रूचि रखते हैं तो बतौर मेकअप आर्टिस्ट अपना भविष्य देख सकते हैं… कार्यक्षेत्र एक मेकअप आर्टिस्ट का कार्यक्षेत्र काफी विस्तृत होता है। अगर आप समझते हैं कि मेकअप आर्टिस्ट का काम सिर्फ मेकअप करने तक सीमित है तो आप गलत हैं। एक मेकअप आर्टिस्ट के काम की शुरूआत सबसे पहले अपनी क्लाइंट की स्किन को समझने से शुरू होती है ताकि वह उसे सही और बेस्ट सर्विसेज दे सके। इसके बाद आपको क्लाइंट की डिमांड को ध्यान में रखकर उनकी खूबसूरती में इजाफा करना होता है। अगर आप टीवी या फिल्म इंडस्ट्री में किसी कलाकार का मेकअप कर रहे हैं तो आपको पहले किरदार को ध्यान में रखना होता है। इतना ही नहीं, एक मेकअप आर्टिस्ट को तय समय में अपना काम पूरा करना होता है। जो आर्टिस्ट डेडलाइन्स पूरी नहीं कर पाते, उनसे कोई भी सर्विस लेना पसंद नहीं करता।   स्किल्स इस क्षेत्र में आपका क्रिएटिव माइंड होना बेहद आवश्यक है ताकि आप अपने क्लाइंट की पर्सनैलिटी के अनुरूप मेकअप कर पाएं। हर चेहरा एक जैसा नहीं होता। इतना ही नहीं, जो व्यक्ति क्लाइंट की डिमांड और मौके के हिसाब से परफेक्ट मेकअप कर पाने में सक्षम होता है, उसे इस क्षेत्र में सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। साथ ही एक मेकअप आर्टिस्ट को हर स्टाइल और गेटअप के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए। इसके लिए आपको लेटेस्ट मेकअप ट्रेंड के बारे में हमेशा रिसर्च करती रहनी चाहिए। साथ ही मेकअप को लेकर हो रहे प्रयोगों पर भी आपको पैनी नजर रखनी चाहिए ताकि आप अपने काम में भी उसे शामिल कर सकें। इतना ही नहीं, उसे अपने टूल्स, प्रॉडक्टस व उन्हें इस्तेमाल करने के बारे में भी सही तरह से पता होना चाहिए। एक मेकअप आर्टिस्ट को पब्लिक डील भी करना होता है, इसलिए आपका कम्यूनिकेशन लेवल भी बढ़िया होना चाहिए। आपकी रचनात्मकता के साथ−साथ आपके कम्युनिकेशन स्किल आपको आगे ले जाने में अहम भूमिका निभाते हैं। वहीं आपको लंबे समय तक बिना थके काम करना, धैर्य व टीम के साथ काम करना भी आना चाहिए।   योग्यता इस क्षेत्र में कदम रखने के लिए आपको मेकअप की बारीकियों के बारे में पता होना चाहिए। जिसके लिए आप इस विषय में डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं। इस क्षेत्र में डिप्लोमा कोर्स करने के लिए आपका दसवीं या बारहवीं पास होना ही पर्याप्त है।   यहां मिलेंगे मौके एक मेकअप आर्टिस्ट के पास काम की कभी भी कमी नहीं होती। आप चाहें तो किसी मेकअप स्टूडियो में जॉब कर सकते हैं या फिर खुद का पार्लर भी चला सकते हैं। अगर आप खुद का बिजनेस शुरू नहीं कर सकते तो बतौर फ्रीलासंर भी विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे सकते है। इसके अतिरिक्त टीवी इंडस्ट्री से लेकर फिल्म, एड कंपनियों आदि में संपर्क करके वहां पर भी काम की तलाश कर सकते हैं। इस क्षेत्र में काम और कमाई की कोई सीमा नहीं है, बशर्ते आप अपने काम में माहिर हों।   मिलेगी इतनी आमदनी इस इंडस्ट्री में आपकी आमदनी आपके अनुभव और वर्कप्लेस पर निर्भर करती है। उदाहरण के तौर पर अगर आप किसी बड़े कलाकार के पर्सनल मेकअप आर्टिस्ट के रूप में काम करते हैं, तो फिर आपकी सैलरी लाखों में हो सकती है। वहीं जो लोग खुद का मेकअप स्टूडियो खोलते हैं, उनकी आमदनी भी उस स्टूडियो के चलने के ऊपर निर्भर करती है। फिर भी अनुभव और लोगों की तारीफ बटोरने के बाद आप इस क्षेत्र में काफी अच्छी कमाई कर सकते हैं।   प्रमुख संस्थान पर्ल अकादमी, विभिन्न केन्द्र लैक्मे ट्रेनिंग अकादमी, दिल्ली ओरेन ब्यूटी अकादमी, विभिन्न केन्द्र ऑरा ब्यूटी अकादमी, पंजाब हेजल इंटरनेशनल इंस्टीटयूट ऑफ ब्यूटी एंड वेलनेस, पंजाब   recent visitors 111

ट्रंप शासन में होगा भारतवंशियों का दबदबा, जानें कौन-कौन

नई दिल्ली. अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को संघीय जांच ब्यूरो (FBI) के डायरेक्टर पद के लिए अपने निकट सहयोगी एवं विश्वासपात्र काश पटेल को नामित किया। यह सेलेक्शन ट्रंप के इस दृष्टिकोण के अनुरूप है कि सरकार की कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता है। साथ ही ट्रंप ने अपने विरोधियों के विरुद्ध प्रतिशोध की इच्छा जताई है। ऐसे में इस पद के लिए पटेल का चयन मायने रखता है। इस तरह ट्रंप के नए प्रशासन एक और भारतवंशी को महत्वपूर्ण स्थान मिला है। जानते हैं ट्रंप प्रशासन में किन भारतीय-अमेरिकी को अहम जिम्मेदारी मिल चुकी है। काश पटेल काश पटेल की नियुक्ति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही। पटेल अमेरिका में कानून व्यवस्था और नेशनल सिक्योरिटी को मजबूत करने पर फोकस करेंगे। 44 वर्षीय पटेल 2017 में तत्कालीन ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के अंतिम कुछ हफ्तों में अमेरिका के कार्यवाहक रक्षा मंत्री के ‘चीफ ऑफ स्टाफ’ के रूप में भी काम कर चुके हैं। पेशे से वकील पटेल का संबंध गुजरात में वडोदरा से रहा है। पटेल भारत में अयोध्या में बने राम मंदिर को लेकर दिए बयान की वजह से भी चर्चा में रहे थे। विवेक रामास्वामी निर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप ने विवेक रामास्वामी को नए डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (डीओजीई) के लिए चुना है। बिजनेसमैन रामास्वामी का काम सरकार को सलाह देना होगा। भारतवंशी रामास्वामी करोड़पति शख्स हैं और एक दवा कंपनी के फाउंडर भी हैं। विवेक रामास्वामी राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी का उम्मीदवार बनने की दौड़ में शामिल थे लेकिन बाद में उन्होंने अपनी दावेदारी वापस ले ली। इसके बाद उन्होंने ट्रंप का समर्थन करने का फैसला किया था। भारतीय प्रवासी के 39 वर्षीय पुत्र रामास्वामी पहले भारतीय-अमेरिकी हैं जिन्हें ट्रंप ने अपने प्रशासन में शामिल किया है। उनके पिता वी गणपति रामास्वामी पेश से इंजीनियर हैं, जबकि उनकी माता गीता रामास्वामी मनोचिकित्सक हैं। उनके माता-पिता केरल से अमेरिका चले गए थे। सिनसिनाटी, ओहियो में जन्मे और पले-बढ़े, भारतीय मूल के बिजनेसमैन राष्ट्रीय स्तर के टेनिस खिलाड़ी थे। उन्होंने हार्वर्ड से बायोलॉजी में ग्रेजुएशन की। इसके बाद उन्होंने अपनी खुद की बायोटेक कंपनी, ‘रोइवेंट साइंसेज’ शुरू की। बायोटेक बिजनेसमैन की शादी अपूर्वा से हुई है, जो गले की सर्जन हैं। वे ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी वेक्सनर मेडिकल सेंटर में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। वे कोलंबस, ओहियो में रहते हैं और उनके दो बेटे हैं। तुलसी गबार्ड डेमोक्रेटिक पार्टी की पूर्व सदस्य तुलसी गबार्ड ‘डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस’ (डीएनआई) के रूप में सेवाएं देंगी। गबार्ड चार बार सांसद रह चुकी हैं। वह 2020 में वह राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए उम्मीदवार भी थीं। गबार्ड के पास पश्चिम एशिया और अफ्रीका के संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में तीन बार तैनाती का अनुभव है। वह हाल ही में डेमोक्रेटिक पार्टी को छोड़कर रिपब्लिकन पार्टी में शामिल हुई थीं। जय भट्टाचार्य ट्रंप ने भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक जय भट्टाचार्य को देश के टॉप हेल्थ रिसर्च एवं वित्त पोषण संस्थानों में से एक, 'नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ' (एनआईएच) के निदेशक के रूप में चुना है। इसके साथ ही भट्टाचार्य, ट्रंप द्वारा शीर्ष प्रशासनिक पद के लिए नामित होने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी बन गए हैं। डॉ. भट्टाचार्य रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर के साथ मिलकर राष्ट्र के मेडिकल रिसर्च की दिशा में मार्गदर्शन करेंगे। उषा वेंस भारतीय-अमेरिकी वकील उषा चिलुकुरी वेंस उस समय चर्चा में आईं, जब उनके पति जे डी वेंस को रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार नामित किया गया। ट्रंप-वेंस की जीत के साथ, 38 साल की उषा अमेरिका की सेकंड लेडी बनने वाली हैं। इस भूमिका में उषा पहली भारतीय-अमेरिकी होंगी। उषा, ओहियो के सीनेटर जे डी वेंस (39) के साथ खड़ी थीं, जब ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद समर्थकों को संबोधित किया। भारतीय प्रवासियों की बेटी उषा सैन डिएगो उपनगर में पली-बढ़ीं। उनके माता-पिता का पैतृक गांव आंध्र प्रदेश के पश्चिमी गोदावरी जिले में वडलुरु है। पढ़ाई में होनहार छात्रा रहीं और किताबों से लगाव रखने वाली उषा ने आगे चलकर नेतृत्व के गुण दिखाए। उषा का जुड़ाव कैम्ब्रिज, येल यूनिवर्सिटी से भी रहा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न सदस्यों के लिए भी काम किया। उनकी आखिरी नौकरी मुंगर, टोल्स एंड ओल्सन एलएलपी में दीवानी मुकदमे की वकील के रूप में थी। उषा और वेंस की मुलाकात येल लॉ स्कूल में पढ़ाई के दौरान हुई थी। बाद में 2014 में केंटकी में उनकी शादी हुई। वेंस के तीन बच्चे हैं। बेटे इवान और विवेक साथ ही एक बेटी जिसका नाम मिराबेल है। recent visitors 69

युवा कांग्रेस तहसील कार्यालय घेरेगा 3 से 9 दिसंबर तक

रायपुर. छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस द्वारा प्रदेश कार्यकारिणी की आॅनलाइन बैठक में तीन अहम निर्णय लिया गया कि प्रदेश युवा कांग्रेस आने वाले 3 से 9 दिसंबर तक तहसील आॅफिस का करेगा घेराव, इसके बाद 11 से 17 दिसंबर तक जिला कलेक्टर का घेराव करने जा रही है। बैठक के बाद वीडियो के माध्यम से प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने संदेश दिया कि पिछले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी जिन वादों के साथ सत्ता में आई थी आज वह भूल चुकी है। 3100 में धान खरीदी का वादा भाजपा द्वारा किया गया था,  आज किसानों को एक साथ पूरी राशि नहीं मिल रही है लगातार बारदाना की कमी एवं धान खरीदी में अर्थव्यवस्था देखी जा रही है। छत्तीसगढ़ में मर्डर,बलात्कार एवं चोरी जैसे मामले एक आम बात हो गई है एवं छत्तीसगढ़ के स्थानीय लोगों को बड़े एवं छोटे उद्योगों में रोजगार नहीं दिया जा रहा है। इन सभी मुद्दों को लेकर छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस आने वाले 3 दिसंबर से लेकर 17 दिसंबर तक पहले छत्तीसगढ़ के प्रत्येक तहसील का घेराव करेगी उसके बाद जिला कलेक्टर का घेराव प्रत्येक जिले में किया जाएगा। यह घेराव आने वाले समय में 17 दिसंबर के बाद एक प्रदेशव्यापी बड़ा आंदोलन भी छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस द्वारा किया जाएगा। recent visitors 57